UP Assistant Professor Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज और अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में बड़ी संख्या में प्रोफेसर के पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती का सपना देख रहे युवाओं के लिए ये एक अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों में खाली पड़े पदों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके घटनाक्रम से समझा जा रहा है कि सरकार अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न कॉलेजों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाकर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में कई कॉलेजों ने रिक्तियों की संख्या भेज दी है, जिसके बाद 1600 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का कयास लगाया जा रहा है। अब इन सभी रिक्तियों का अंतिम सत्यापन कर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बढ़ सकता है अंतिम आंकड़ा
उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों को खाली पदों की सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कई संस्थानों ने नई रिक्तियों की सूचना भेजी है। अधिकारियों का मानना है कि अंतिम आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कुछ कॉलेजों से रिपोर्ट आना बाकी है।
प्राचार्य पदों पर भी बढ़ सकती हैं भर्तियां
सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्राचार्य के पदों पर भी भर्ती की संभावना बढ़ गई है। फिलहाल 111 रिक्त पदों की जानकारी चयन आयोग को भेजी जा चुकी है। कई कॉलेजों से अभी वेरिफिकेशन रिपोर्ट मिलनी बाकी है, जिसके बाद रिक्त पदों की संख्या और बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में भी बनेंगे नए पद
आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। यह स्कूल प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं तक होंगे। इसके लिए शिक्षकों के नए पद सृजित करने की तैयारी चल रही है। शासन ने संबंधित अधिकारियों से यह रिपोर्ट मांगी है कि इन स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से चलाने के लिए कितने शिक्षकों की जरूरत होगी।
युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्य और नए मॉडल स्कूलों में बनने वाले शिक्षकों के पदों से प्रदेश के हजारों शिक्षित युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

