UGC NET June 2026 re-exam: तकनीकी दिक्कत की वजह से रद्द हुआ एग्जाम 5 जुलाई को होगा, जानें किन उम्मीदवारों को मिलेगी सुविधा

UGC NET June 2026 re-exam: जालंधर के सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस परीक्षा केंद्र में 22 जून 2026 को यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस संस्थान में शिफ्ट I के दौरान तकनीकी दिक्कतों की वजह से यहां परीक्षा रद्द कर दी गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। री-एग्जामिनेशन 5 जुलाई, 2026 को दोपहर 3:00 बजे तय किया गया है। यह जालंधर के उसी एग्जामिनेशन सेंटर पर होगा जहां दिक्कत हुई थी।

एनटीए के इस फैसले से प्रभावित परीक्षार्थियों के उस वर्ग को राहत मिलेगी, जो शिफ्ट I के दौरान परीक्षा नहीं दे पाए थे। एनटीए द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस में, एजेंसी ने कहा कि इस दिक्कत की रिपोर्ट टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने की थी, जिसे एग्जाम कराने के लिए अधीकृत किया गया था। एजेंसी ने साफ किया कि यह परेशानी सिर्फ प्रभावित केंद्र के उन परीक्षार्थियों तक ही सीमित थी, जो मौजूद होने के बावजूद टेक्निकल दिक्कतों की वजह से परीक्षा नहीं दे पाए या उसे पूरा नहीं कर पाए।

शिफ्ट I से प्रभावित कैंडिडेट्स के लिए दोबारा एग्जाम कराने की घोषणा

नोटिस के मुताबिक, सिर्फ वही कैंडिडेट्स दोबारा टेस्ट के लिए पात्र होंगे जो सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस एग्जामिनेशन सेंटर, जालंधर में मौजूद थे, और परीक्षा नहीं दे पाए या उसे पूरा नहीं कर पाए। एनटीए ने उम्मीदवारों को हुई परेशानी पर अफसोस जताया और प्रभावित कैंडिडेट्स को परीक्षा देने का एक और मौका देने की पुष्टि की।

पूरे देश में रद्द नहीं हुई परीक्षा : एनटीए

एजेंसी ने साफ किया है कि यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा पूरे देश में रद्द नहीं की गई है। तकनीकी दिक्कत सिर्फ जालंधर परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट की गई थी, और री-एग्जामिनेशन का फैसला सिर्फ उस जगह के शिफ्ट I के प्रभावित कैंडिडेट्स पर लागू होता है। एनटीए ने कहा कि यह कदम उन उम्मीदवारों को अपनी परीक्षा पूरी करने का मौका देने के लिए उठाया जा रहा है, जो अपने कंट्रोल से बाहर के कारणों की वजह से टेस्ट पूरा नहीं कर पाए।

प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए जारी होंगे संशोधित एडमिट कार्ड

एनटीए ने बताया है कि री-एग्जामिनेशन के बारे में और जानकारी संशोधित प्रवेश पत्र के जरिए दी जाएगी। इन एडमिट कार्ड में एग्जाम शेड्यूल, रिपोर्टिंग टाइम और एलिजिबल कैंडिडेट्स के लिए दूसरे इंस्ट्रक्शन से जुड़ी जानकारी होगी। जिन उम्मीदवारों पर इस रुकावट का असर पड़ा है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे बदले हुए एडमिट कार्ड और परीक्षा से जुड़ी दूसरी घोषणाओं के अपडेट के लिए एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

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भगोड़े नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट में झटका, फंस गए खुद के ही ई-मेल ने, बैंक ऑफ इंडिया को मिलेंगे ₹100 करोड़

Nirav Modi News: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। लंदन हाईकोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को $1.07 करोड़ यानी करीब ₹100 करोड़ भरने को कहा है। यह मामला उनके कारोबारी एंपायर से जुड़े कर्ज वसूली के एक पुराने विवाद से जुड़ा है। बैंक ऑफ इंडिया के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि यह देश के हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधियों में से एक से बकाया वसूलने की कोशिश कर रहा है। इस फैसले के बाद बैंक ब्रिटेन में उपलब्ध कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से राशि की वसूली कर सकता है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दुबई की फिरेस्टर डायमंड एफजेडई (Firestar Diamond FZE) को दिए गए बैंक ऑफ इंडिया के लोन से जुड़ा है। बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2012 में नीरव मोदी के फायरस्टार ग्रुप की दुबई में स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड एफजेडई को एक बड़ा लोन दिया था। इसके बाद अगस्त 2013 में नीरव मोदी ने एक पर्सनल गारंटी डॉक्यूमेंट पर साइन किए थे। इसमें उन्होंने वादा किया था कि अगर उनकी कंपनी कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट करती है तो पर्सनल गारंटर के तौर पर वह इस लोन को चुकाएंगे। साल की शुरुआत में जब पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ, तब बैंक ऑफ इंडिया ने तुरंत अपने कर्ज वापस मांगते हुए मार्च और अप्रैल 2018 में नीरव मोदी और उनकी दुबई की कंपनी को नोटिस जारी किए थे। हालांकि दोनों ने ही इसका कोई जवाब नहीं दिया।

बैंक ऑफ इंडिया ने दावा किया कि नीरव मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इस लोन की गारंटी दी थी तो बकाया पैसा चुकाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। वहीं नीरव मोदी ने ब्रिटेन की अदालत में इस दावे को चुनौती दी थी। इस साल की शुरुआत में वह खुद लंदन की अदालत में पेश हुए थे और मामले का विरोध किया था। हालांकि अदालत ने आखिरकार बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाया और माना कि बैंक का दावा सही है और कानूनी रूप से लागू किया जा सकता है।

कैसे फंसे Nirav Modi?

अब सवाल उठता है कि आखिर लंदन की कोर्ट ने बैंक की बात कैसे मान ली। इसे लेकर नीरव मोदी एक ईमेल के चलते फंस गए। नीरव मोदी ने कोर्ट में दलील दी थी कि उन पर बैंक की पर्सनल गारंटी लागू नहीं की जा सकती क्योंकि उन्हें इस संबंध में कोई उचित नोटिस या जानकारी नहीं थी। हालांकि नीरव मोदी के 17 फरवरी 2018 के एक ईमेल के से कोर्ट ने उनकी चालाकी पकड़ ली। इस ईमेल में नीरव मोदी ने खुद माना था कि पीएनबी घोटाले के बाद उनके बिजनेस को तगड़ा झटका लगा और मीडिया के भारी दबाव के कारण उनकी कंपनियों में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई हुई है। मेल में उन्होंने जिक्र किया ति फायरस्टार इंटरनेशनल और फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल का काम लगभग ठप हो गया जिससे बैंकों लोन भी नहीं भरा जा पा रहा है। इसी ईमेल के आधार पर कोर्ट ने माना कि नीरव मोदी को पूरी स्थिति का अच्छे से अंदाजा था।

3 बार फेल हुई और चौथी बार में मार ही डाला! मंगेतर को मारने के लिए सिया गोयल की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी अब पता चली

Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

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3 बार फेल हुई और चौथी बार में मार ही डाला! मंगेतर को मारने के लिए सिया गोयल की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी अब पता चली

पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के केस ने देश में इस वक्त सुर्खियां बंटोर रखी हैं। इस हत्या का आरोप केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर लगा है। इस हत्याकांड की एक से एक खौफनाक कहानी सामने आ रही है जो बता रही है कि सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए कितनी शातिर चालें चलीं। अबतक इस पूरे मामले में गहरी प्लानिंग और कई बार नाकाम हुए मर्डर प्लैन्स की एक बेहद खौफनाक कहानी के रूप में सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार कोशिशें की थीं। अंततः 18 जून को वे लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में केतन को धकेलकर मार डालने में कामयाब रहे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में टीओआई के हवाले से बताया गया है कि सिया और चेतन की यह जोड़ी लगातार सही परिस्थितियों और सही जगह की तलाश में थी। जब भी योजना के मुताबिक चीजें नहीं होती थीं तो वे अपने कदम पीछे खींच लेते थे। आइए जानते हैं 3 बार फेल हुई उस साजिश की पूरी कहानी जिसका अंत चौथी बार में केतन की मौत के साथ हुआ।

पहली कोशिश (31 मई): सांप का बहाना बनाकर बची आरोपी

पुलिस और केतन के परिवार द्वारा दिए गए बयानों के मुताबिक हत्या की पहली कोशिश 31 मई को लोहगढ़ किले की एक पिछली यात्रा के दौरान की गई थी। सिया ने कथित तौर पर केतन को एक पहाड़ी के किनारे के पास धक्का दे दिया था। यह प्लान फेल हो गया क्योंकि केतन ने पास की ही एक झाड़ी को पकड़ लिया और खुद को नीचे गिरने से बचा लिया। इस जुर्म पर पर्दा डालने के लिए सिया ने तुरंत एक कहानी गढ़ी। उसने केतन से कहा कि उसने उसे एक सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। केतन ने इसको सच मान लिया और उसे किसी साजिश का शक नहीं हुआ।

दूसरी कोशिश (4 जून): मां के डर ने फेरा पानी

पुलिस के मुताबिक, हत्या की दूसरी कोशिश 4 जून को पूरी तरह असफल साबित हुई। 31 मई की घटना के सदमे और डर से केतन की मां अभी भी उबर नहीं पाई थीं। इसी वजह से उन्होंने केतन को दोबारा उस किले पर जाने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया जिससे आरोपियों का प्लान धरा का धरा रह गया।

बाली ट्रिप का सस्पेंस: गायब कर दिया पासपोर्ट

इस जोड़ी द्वारा केतन को रास्ते से हटाने की कोशिशों के बीच एक ऐसी घटना भी हुई जिसने परिवार के मन में संदेह पैदा कर दिया। केतन और सिया को प्री-वेडिंग फोटो शूट के लिए 6 जून को बाली रवाना होना था। इस बीच केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो जाने के कारण यह ट्रिप अचानक रद्द करनी पड़ी। सिया ने दावा किया कि पासपोर्ट उससे कहीं गुम हो गया है। इसके चलते केतन, सिया और सिया के भाई-बहनों को इस यात्रा का विचार छोड़ना पड़ा। जांच के दौरान पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट को छिपाया या नष्ट किया था ताकि वे इस ट्रिप पर न जा सकें।

तीसरी कोशिश (14 जून): रविवार की भारी भीड़ बनी रुकावट

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी 14 जून को एक बार फिर केतन को जान से मारने के इरादे से लोहगढ़ किला पहुंचे थे। उस दिन रविवार था, इसलिए इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर भारी भीड़ मौजूद थी। इतनी भीड़ के बीच पकड़े जाने के डर से उन्हें अपना प्लान एक बार फिर छोड़ना पड़ा।

चौथी कोशिश (18 जून): गर्मियों में हुडी पहने घूम रहा था कातिल और…

तीन नाकाम कोशिशों के ठीक चार दिन बाद, सिया और उसके पार्टनर चेतन ने तय किया कि अब सही समय आ गया है। सिया ने केतन को अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने दोबारा लोहगढ़ किला चलने के लिए मना लिया। रिपोर्ट के मुताबिक केतन के पिता ने बताया कि केतन ने असल में एक रिसॉर्ट में सेलिब्रेशन का प्लान बनाया था लेकिन सिया किले पर जाने की जिद पर अड़ी रही और उसने केतन को मनाने के लिए उसके परिवार की भी मदद ली।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया का प्रेमी चेतन चौधरी अलग से ट्रेवल करके किले पर पहुंचा और इस कपल का पीछा करने लगा। बाद में सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स गर्मियों की तेज धूप के बावजूद हुडी पहने उनका पीछा करते हुए कैद हो गया। इसी सुराग ने पुलिस को इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में मदद की। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही ये तीनों एक अपेक्षाकृत सुनसान और एकांत रास्ते पर पहुंचे, केतन पर हमला किया गया और उसे सैकड़ों फीट गहरी खाई में नीचे धकेल दिया गया।

हादसे की कहानी पर परिवार को क्यों हुआ शक?

घटना के तुरंत बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तस्वीरें लेने के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद इसे दुर्घटना से हुई मौत के रूप में दर्ज किया गया था। लेकिन केतन का परिवार इस थ्योरी को स्वीकार करने के लिए कतई तैयार नहीं था। उन्होंने पुलिस के सामने पॉइंट आउट किया कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और वह इस तरह छोटी सी लापरवाही से नहीं गिर सकता। परिवार की इसी जिद और दबाव के कारण पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो अंततः सिया और चेतन के कथित रिश्ते का सच और केतन की मौत के पीछे की यह खौफनाक क्रोनोलॉजी सामने आ गई।

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मंगेतर के अंतिम संस्कार के 4 दिन बाद उसके घर पहुंची थी सिया गोयल और वहां उसकी बहन के सामने कर बैठी ये गलती! फिर नहीं बच पाई

पुणे के लोहगढ़ किले में 18 जून को हुई 26 साल के केतन विशाल अग्रवाल की मौत को पहले एक हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही मामला पूरी तरह बदल गया। पुलिस को मिले डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों ने इस घटना को एक साजिश की ओर मोड़ दिया है। अब इसे महज दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की योजना बताया जा रहा है। जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।

जैसे-जैसे पुलिस परत-दर-परत सच खंगाल रही है, वैसे-वैसे इस केस के नए पहलू सामने आ रहे हैं। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और लोग अब सच्चाई जानने को बेताब हैं।

बहन के एक सवाल से शुरू हुआ शक का खेल

न्यूज 18 के रिपोर्ट के मुताबिक, मामले का टर्निंग पॉइंट तब आया जब केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल घर पहुंची। बातचीत के दौरान केतन की बहन को उसके जवाबों में कुछ अजीब लगा और यहीं से परिवार को शक हुआ, जिसने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी।

2000 से ज्यादा कॉल्स, 238 घंटे की बातचीत ने खोला राज

पुलिस जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 1 जनवरी से जून के बीच 2004 कॉल्स का खुलासा हुआ। दोनों के बीच करीब 238 घंटे तक लगातार बातचीत हुई, जिससे शक और गहरा गया।

घटना वाले दिन ‘गायब’ हुआ इंटरनेट और लोकेशन ट्रिक

18 जून को चेतन चौधरी का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद रहा। पुलिस को शक है कि लोकेशन छिपाने के लिए उसने अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया और कर्मचारी का फोन लेकर लोहगढ़ पहुंचा।

16-17 जून की ‘प्लानिंग मीटिंग’ और अगला दिन खौफनाक वारदात

जांच में सामने आया कि 16 और 17 जून को हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। दोनों ने कॉल और वीडियो कॉल के जरिए पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की।

लोहगढ़ फोर्ट पर कैसे दिया गया वारदात को अंजाम

18 जून को सिया केतन को किले पर लेकर पहुंची, जहां पहले से चेतन मौजूद था। एकांत जगह पर केतन को खड़ा कर उस पर हमला किया गया और उसे खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतारने का आरोप है।

पुलिस का दावा

डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस का कहना है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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Silver Price Today: आज कितना सस्ता हुआ चांदी? देखें 1 ग्राम से 1 किलो तक का नया भाव

Silver Price Today: अगर आप भी चांदी खरीदने या उसमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी हो सकता है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी भाव तेजी से बढ़ रहे हैं तो कभी अचानक गिरावट दर्ज हो रही है, जिससे खरीदार और निवेशक दोनों असमंजस में हैं। आज 1 किलो चांदी का भाव करीब 2.45 लाख रुपये के आसपास बना हुआ है, जबकि कई शहरों में इसकी कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट भी देखने को मिली है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि भारतीय सर्राफा बाजार में भी चांदी के भाव लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में खरीदारी या निवेश करने से पहले ताजा रेट जरूर चेक करें।

आज का चांदी का भाव (भारतीय बाजार)

वजनआज का भावकल का भावबदलाव
1 ग्राम₹244.90₹245.00-₹0.10
8 ग्राम₹1,959.20₹1,960.00-₹0.80
10 ग्राम₹2,449.00₹2,450.00-₹1.00
100 ग्राम₹24,490.00₹24,500.00-₹10.00
1 किलोग्राम₹2,44,900.00₹2,45,000.00-₹100.00

आज प्रमुख शहरों में चांदी का भाव

शहर10 ग्राम100 ग्राम1 किलोग्राम
चेन्नई₹2,499₹24,990₹2,49,900
मुंबई₹2,449₹24,490₹2,44,900
दिल्ली₹2,449₹24,490₹2,44,900
कोलकाता₹2,449₹24,490₹2,44,900
बेंगलुरु₹2,449₹24,490₹2,44,900
हैदराबाद₹2,499₹24,990₹2,49,900
केरल₹2,499₹24,990₹2,49,900
पुणे₹2,449₹24,490₹2,44,900
वडोदरा₹2,449₹24,490₹2,44,900
अहमदाबाद₹2,449₹24,490₹2,44,900
जयपुर₹2,449₹24,490₹2,44,900
लखनऊ₹2,449₹24,490₹2,44,900
कोयंबटूर₹2,499₹24,990₹2,49,900
मदुरै₹2,499₹24,990₹2,49,900
विजयवाड़ा₹2,499₹24,990₹2,49,900
पटना₹2,449₹24,490₹2,44,900
नागपुर₹2,449₹24,490₹2,44,900
चंडीगढ़₹2,449₹24,490₹2,44,900
सूरत₹2,449₹24,490₹2,44,900
भुवनेश्वर₹2,499₹24,990₹2,49,900

कौन-सी चांदी होती है सबसे ज्यादा शुद्ध?

अगर चांदी की शुद्धता की बात करें, तो सबसे ज्यादा प्योर चांदी 999.9 ग्रेड की मानी जाती है, जिसे कई बार 9999 सिल्वर भी कहा जाता है। इसमें 99.99% शुद्ध चांदी होती है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से चांदी के सिक्के, बुलियन बार, मेडिकल उपकरण और वैज्ञानिक उपकरण बनाने में किया जाता है।

वहीं, बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाला ग्रेड 999 सिल्वर है, जिसे फाइन सिल्वर भी कहा जाता है। इसमें 99.9% चांदी होती है, जबकि केवल 0.1% अन्य धातुएं जैसे कॉपर, आयरन या लेड मिलाई जाती हैं। यह काफी मुलायम होती है, इसलिए इससे सिक्के, सिल्वर बार, बिस्किट और कुछ तरह की ज्वैलरी आसानी से बनाई जाती है। अगर आप निवेश या गिफ्ट देने के लिए चांदी खरीदना चाहते हैं, तो 999 सिल्वर एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

इसके अलावा बाजार में 990 और 970 ग्रेड की चांदी भी मिलती है, जिनकी शुद्धता क्रमशः 99% और 97% होती है। इनका इस्तेमाल ज्वैलरी के अलावा कटलरी और सजावटी सामान बनाने में किया जाता है।

925 सिल्वर, जिसे स्टर्लिंग सिल्वर भी कहा जाता है, दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय ज्वैलरी ग्रेड है। इसमें 92.5% शुद्ध चांदी और 7.5% दूसरी धातुएं होती हैं, जिससे इसकी मजबूती बढ़ जाती है। यही कारण है कि इससे अंगूठियां, चेन, कंगन, गिफ्ट आइटम, पेन और कई तरह के आर्टिफैक्ट तैयार किए जाते हैं।

इसके नीचे 900, 835 और 800 ग्रेड की चांदी आती है, जिनमें क्रमशः 90%, 83.5% और 80% चांदी होती है। इनमें दूसरी धातुओं की मात्रा ज्यादा होने से ये अधिक मजबूत होती हैं, इसलिए रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, सजावटी सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं बनाने के लिए इनका व्यापक इस्तेमाल किया जाता है।

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Viral Video: तेजस एक्सप्रेस में खाना या लापरवाही? पैकेट खोलते ही दिखा कीड़ा, यात्री ने उठाए गंभीर सवाल

मुंबई जा रही तेजस एक्सप्रेस (Train No. 82902, अहमदाबाद–मुंबई सेंट्रल) में एक यात्री को परोसे गए खाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। यात्रा के दौरान जब यात्री ने भोजन का पैकेट खोला, तो उसमें कीड़ा मिलने का दावा किया गया, जिससे वह बेहद परेशान हो गया। इस घटना के बाद यात्री ने भारतीय रेलवे और IRCTC की फूड क्वालिटी पर गंभीर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। मामला सामने आते ही यह ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने ट्रेन में मिलने वाले खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता पर फिर से बहस शुरू कर दी।

प्रीमियम ट्रेन होने के बावजूद इस तरह की शिकायत ने यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब इस पूरे मामले पर IRCTC की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

यात्री सुमित मेहता ने X (Twitter) पर खाना और पैकेट की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि यह “प्रीमियम ट्रेन” में मिलने वाला खाना है, लेकिन इसमें कीड़ा मिला, जो बेहद खराब और अस्वीकार्य है।

“थैंक यू IRCTC… ये कैसी सर्विस?”

गुस्से में यात्री ने IRCTC पर तंज कसते हुए कहा कि इतनी ऊंची कीमत वाली ट्रेन में भी ऐसी लापरवाही शर्मनाक है। उनका कहना था कि यह अनुभव बेहद निराशाजनक और घटिया सेवा को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर दो फाड़ राय

पोस्ट वायरल होते ही लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने रेलवे की स्वच्छता पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे सामान्य शिकायत बताते हुए मजाकिया टिप्पणियां भी कीं।

“रेलवे का खाना मत लो” बनाम “कभी-कभी ठीक भी होता है”

कई यात्रियों ने कहा कि वे रेलवे का खाना लेने से बचते हैं क्योंकि गुणवत्ता भरोसेमंद नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने तर्क दिया कि हर सर्विस में कभी-कभी शिकायतें आ जाती हैं और यह बड़ा मुद्दा नहीं है।

IRCTC का जवाब

घटना के बाद IRCTC ने प्रतिक्रिया देते हुए यात्री से PNR और मोबाइल नंबर DM करने को कहा ताकि मामले की जांच की जा सके। हालांकि, आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

फिर उठा बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर ट्रेन में मिलने वाले खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर गई है, खासकर प्रीमियम ट्रेनों में जहां यात्री बेहतर सेवा की उम्मीद रखते हैं।

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Gold price today: MCX पर सोने का भाव 1% से ज्यादा टूटा, अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold price today: बुधवार, 24 जून को MCX पर सोने का रेट 1% से ज़्यादा गिर गया, जिसकी वजह मज़बूत US डॉलर था। US फ़ेडरल रिज़र्व के मॉनेटरी सख्ती की उम्मीदों से डॉलर इंडेक्स 1 साल से ज़्यादा के हाई पर पहुंच गया।

MCX गोल्ड अगस्त फ़्यूचर्स सुबह 10.40 बजे के आस-पास 1.39% गिरकर ₹1, 44,499 प्रति 10 ग्राम पर थे, जबकि MCX सिल्वर जुलाई फ़्यूचर्स 0.71% गिरकर ₹2,24,227 प्रति kg पर थे।

डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.52 पर पहुंच गया, जो एक साल से ज़्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा लेवल है, जिससे विदेशी करेंसी में खरीदारों के लिए डॉलर वाला सोना महंगा हो गया। डॉलर इंडेक्स 17 जून से 100 के निशान से ऊपर है क्योंकि बाज़ार को उम्मीद है कि US फ़ेडरल रिज़र्व इस साल के आखिर तक महंगाई की वजह से रेट बढ़ाएगा।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, CME FedWatch Tool इस साल US Fed के रेट बढ़ने की उम्मीदें बढ़ा रहा है। ट्रेडर्स को अब इस साल तीन बार इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद दिख रही है।अब, Fed का पसंदीदा इन्फ्लेशन गेज, U.S. पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा, जो गुरुवार को आने वाला है, US Fed मॉनेटरी पॉलिसी पर आगे के संकेतों के लिए फोकस में है।

US-ईरान शांति बातचीत में प्रगति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बीच, इन्फ्लेशन का खतरा कम होने के बावजूद मार्केट US Fed रेट बढ़ोतरी को डिस्काउंट कर रहा है।

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि अभी, पीली धातु एक टेंशन वाले माहौल में ट्रेड कर रही है, और लगभग पूरे H1 में आर्थिक उथल-पुथल और USD टर्म्स में ~15% के करेक्शन के बाद, सोने का परफॉर्मेंस H2 में धीरे-धीरे पटरी पर आने की उम्मीद है, बशर्ते कोई पक्का शांति समझौता हो।

पारंपरिक रूप से, अगस्त से अक्टूबर के दौरान सोने की कीमतों में बढ़त देखी जाती है, क्योंकि त्योहारों का मौसम होता है, साथ ही पश्चिम में छुट्टियों का मौसम भी होता है। हालांकि, इस उम्मीद के बीच, यह देखना और इंतज़ार करना ज़रूरी है कि स्थिति कैसे बदलती है।

भारतीय ज्वेलरी एक्सपोर्ट के सावधानी से आशावादी रहने की उम्मीद है। हालांकि इस सेक्टर पर सोने की ऊंची कीमतों का दबाव पड़ सकता है, जिससे इंटरनेशनल और घरेलू दोनों मार्केट में डिमांड में कुछ कमी आ सकती है, भारत की ताकत नए FTA के ज़रिए मार्केट के डायवर्सिफिकेशन में दिखेगी जो मेनस्ट्रीम एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में डिमांड रिवाइवल के साथ-साथ रिकवरी मोमेंटम को सपोर्ट करेगी। ग्राहकों के कंजर्वेटिव लेकिन उत्साहित खरीदारी व्यवहार को देखते हुए, हम हल्के स्टडेड ज्वेलरी की डिमांड में बढ़ोतरी देखेंगे।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “सोना सात महीने के निचले स्तर की ओर गिर गया क्योंकि सख्त Fed पॉलिसी की उम्मीदें अंतरिम US-ईरान शांति समझौते से मिले सपोर्ट से ज़्यादा थीं, जिससे इन्फ्लेशन की चिंताओं को कम करने में मदद मिली। US टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में भारी गिरावट के कारण भी पीली धातु पर दबाव पड़ा, जिससे इन्वेस्टर्स ने अपने पोर्टफोलियो में कहीं और हुए नुकसान की भरपाई के लिए बुलियन पोजीशन कम कर दीं।”

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि आज के सेशन में सोने को $4,089 और $4,040 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,185 और $4,220 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $60 और $58.40 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $63.60 और $65.20 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन ने कहा कि MCX पर सोने को ₹1,45,200 और ₹1,44,000 पर सपोर्ट और ₹1,47,200 और ₹1,48,100 पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी को ₹2,21,000 और ₹2,16,600 पर सपोर्ट और ₹2,28,800 और ₹2,31,200 पर रेजिस्टेंस है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

Market Trend : 24 जून को शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 23900 के आसपास दिख रहा है। 10.15 बजे के आसपास सेंसेक्स 250.75 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 76,451.43 पर और निफ्टी 46.75 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,870.85 पर दिख रहा था। निफ्टी पर टेक महिंद्रा,अदाणी एंटरप्राइजेज,ट्रेंट,डॉ.रेड्डीज लैब्स और ICICI बैंक में सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। जबकि, बजाज ऑटो,हिंडाल्को,HDFC लाइफ,SBI और मारुति सुजुकी में गिरावट आई है। सेक्टर के हिसाब से देखें तो पावर,ऑटो,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और मेटल सेक्टर में गिरावट है। जबकि IT,बैंक, FMCG और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहे हैं।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि चार पांच दिनों की एक अच्छी रैली और अच्छे ट्रेंड के बाद कल के सत्र में फाइनली एक गिरावट देखी। यह काफी स्ट्रांग गिरावट थी। निफ्टी कल 278 अंक डाउन था। अब निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट लेवल लगभग 23700 के आसपास आता है। यहीं पर हमारा कॉन्फिडेंस और मूविंग एवरेजेज दोनों है। वहीं, ऊपर की तरफ इसके लिए 24200 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर आज 23750 का लेवल टूटता है तो फिर निफ्टी में शॉर्ट करने की सलाह होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

अगर हम निफ्टी बैंक की बात करें तो यह निफ्टी की तुलना में ज्यादा बेहतर दिख रहा है। चार्ट देखें तो पता चलता है कि निफ्टी बैंक 200 डेमा के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह एक अच्छी बात है। बैंक निफ्टी में बाय ऑन डिप की रणनीति काफी अच्छी रहेगी। अगर इसमें आज को अच्छी डिप मिले तो 56800 के सपोर्ट के साथ हम लॉन्ग जा सकते हैं। जब तक यह लेवल्स इंटैक्ट है, तब तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति बेहतर रहेगी।

Market View : सुस्ती भरे बाजार में भी करना चाहते हैं अच्छी कमाई तो इन दो शेयरों से न चूके नजर

अमित सेठ की टॉप पिक

अमित सेठ ने कहा कि यह स्टॉक स्पेसिफिक मार्केट है। निफ्टी जब अच्छा नहीं कर रहा था, तब भी ब्रॉडर मार्केट अच्छा कर रहे थे। ऐसे बाजार में एवेन्यू सुपरमार्केट (AVENUE SUPERMARTS) का स्ट्रक्चर अच्छा लग रहा है। यह स्टॉक 20 और 200 डेमा के ऊपर अच्छा बेस बना कर इससे बाहर आ रहा है। पिछले तीन चार दिनों में इसने अपने मूविंग एवरेजेस के ऊपर कंसोलिडेशन दिखाया। कल के सत्र में इसमें हमें एक स्विंग ब्रेकआउट दिखा। स्टॉक में काफी अच्छी रिलेटिव स्ट्रेंथ है। इस स्टॉक को 4392 रुपए के आसपास, 4340 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 4500 रुपए के टारगेट के लिए खरीदने की सलाह होगी।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Clay Craft India की धीमी शुरुआत, शेयर 4% बढ़त के साथ लिस्ट

Clay Craft India की 24 जून को लिस्टिंग ठीकठाक रही। शेयर NSE SME पर लगभग 4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 211 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 203 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का पब्लिक इश्यू 17-19 जून के दौरान खुला था। 110.11 करोड़ रुपये के IPO को 103.06 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। पब्लिक इश्यू में 54 लाख नए शेयर जारी हुए। ऑफर फॉर सेल नहीं था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 119.19 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 153.95 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 71.76 गुना सब्सक्राइब हुआ।

क्ले क्राफ्ट इंडिया बोन चाइना क्रॉकरी और सिरेमिक टेबलवेयर बनाती है। कंपनी बेहतरीन क्वालिटी वाले डाइनिंग प्रोडक्ट्स बनाती है, जैसे कि प्लेट, कप, सॉसर, मग और किचन का दूसरा सामान। इनका इस्तेमाल घरों, होटलों और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी के प्रमोटर राजेश नारायण अग्रवाल, विकास अग्रवाल, भारत अग्रवाल और दीपक अग्रवाल हैं।

IPO के पैसों का कैसे होने वाला है इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हासिल पैसों में से 97 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के लिए करेगी। बाकी पैसे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे। IPO से पहले क्ले क्राफ्ट इंडिया ने एंकर निवेशकों से 31.34 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Clay Craft India की वित्तीय सेहत

क्ले क्राफ्ट इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 184.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 154.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 27.01 करोड़ रुपये रहा, जो कि वित्त वर्ष 2025 में 20.76 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.98 करोड़ रुपये की उधारी थी।