मंगेतर को मारने के बाद सिया गोयल चली थी मातम वाला नाटक करने, इस शातिर लड़की से यहीं पर हो गई एक चूक!

महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ किले में हुए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसे शुरुआत में एक साधारण ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, वह असल में सोची-समझी हत्या की एक खौफनाक साजिश निकली। मंगेतर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने के बाद शातिर आरोपी लड़की सिया गोयल से जुड़ा एक और खुलासा हुआ है।

बताया जा रहा है कि इस क्राइम को अंजाम देने के बाद सिया अग्रवाल परिवार के सामने मातम मनाने पहुंची थी। इसी बीच केतन की बहन की सजगता और शक ने इस पूरे नाटक का भंडाफोड़ कर दिया। इस शातिर लड़की से मातम के इस ड्रामे के दौरान ही एक ऐसी चूक हो गई जिसके बाद उसकी पूरी साजिश ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आइए जानते हैं उस मुलाकात की पूरी इनसाइड स्टोरी जिसने कातिल मंगेतर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

घर पर सांत्वना देने पहुंची थी सिया, बहन ने पकड़ ली ये बड़ी चूक

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की एक गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद लोनावला रूरल पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था क्योंकि लड़के की मंगेतर सिया ने दावा किया था कि तस्वीरें लेते समय केतन का पैर फिसल गया था। लेकिन केतन की बहन इस हादसे की थ्योरी को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। केतन के अंतिम संस्कार के बाद भी उसकी बहन लगातार मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाती रही। उसे इस घटना के कई पहलू आपस में मेल खाते हुए नहीं दिख रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, घटना के चार दिन बाद सिया गोयल अग्रवाल परिवार के घर पर शोक व्यक्त करने और सांत्वना देने पहुंची थी। इसी मुलाकात के दौरान केतन की बहन ने उससे लोहगढ़ किले में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से और बेहद तीखे सवाल पूछे।

जब बहन ने सवाल दागना शुरू किया तो सिया के जवाबों में भारी विसंगतियां दिखने लगीं। परिवार को लगा कि सिया सीधे जवाब देने के बजाय बातों को टालने की कोशिश कर रही है। सिया की इसी घबराहट और टालमटोल ने परिवार के शक को पूरी तरह गहरा कर दिया। इसके तुरंत बाद परिवार ने दोबारा पुलिस से संपर्क किया और नए सिरे से जांच की मांग की।

जून में हुडी पहनने की गलती और सीसीटीवी का सुराग

परिवार के भारी दबाव और जिद के बाद जांचकर्ताओं ने मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, तकनीकी सबूतों और केस से जुड़े लोगों के बयानों की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच के कथित प्रेम प्रसंग का पता चला। इस पूरी मिस्ट्री को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। फुटेज में जांचकर्ताओं को जून की गर्मी के बावजूद एक शख्स हुडी पहने हुए दिखाई दिया। इस शख्स की हरकतें बेहद संदिग्ध थीं क्योंकि वह लोहगढ़ किले के आसपास लगातार केतन और सिया की गतिविधियों और मूवमेंट का पीछा कर रहा था। इस फुटेज की मदद से आखिरकार पुलिस को संदिग्ध शख्स की पहचान करने और चेतन चौधरी तक पहुंचने में बड़ी कामयाबी मिली।

परिवार का आरोप: सिया के घरवालों को सब पता था!

जांच के दौरान अग्रवाल परिवार ने सिया के परिवार पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अग्रवाल परिवार का आरोप है कि सिया के घरवाले उसके और चेतन चौधरी के अफेयर (रिश्ते) के बारे में पहले से अच्छी तरह जानते थे। इसके बावजूद उन्होंने इस बात को छुपाया और यह आश्वासन देते हुए शादी के रिश्ते को आगे बढ़ाया कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।

फेसटाइम, व्हाट्सएप और हजारों कॉल्स; ऐसे रची गई मर्डर की प्लानिंग

पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सिया का सच पूरी तरह उजागर हो गया। पुलिस ने जब सिया और चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी तरफ से मिले अस्पष्ट और विरोधाभासी जवाबों के बाद पुलिस ने शिकंजा और कस दिया। तकनीकी जांच से साफ हो गया कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी थी। पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन पिछले कई सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच ही दोनों ने फोन कॉल्स पर हजारों बार आपस में बात की थी। इसके अलावा पुलिस को उनके बीच फेसटाइम और वॉट्सऐप कॉल्स के जरिए भी लगातार और लगातार बातचीत करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

दोनों आरोपी गिरफ्तार, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी

शुरुआत में पुलिस को यह मनगढ़ंत कहानी सुनाने वाली सिया कि केतन फोटो खिंचवाने के लिए पोज देते समय खाई में गिर गया था, अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। पुलिस का साफ तौर पर आरोप है कि सिया और चेतन ने ही मिलकर केतन को पीछे से मौत के मुंह में धकेला था और बाद में इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। इस खौफनाक हत्याकांड और आपराधिक साजिश के आरोप में पुलिस ने 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस पूरी मर्डर प्लानिंग और साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

अभी महंगे नहीं होंगे होम लोन और कार लोन, RBI गवर्नर ने इंटरेस्ट रेट में वृद्धि से किया इनकार

अभी कार लोन और होम लोन महंगे होने नहीं जा रहे हैं। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने खुद इस बारे में बताया है। उन्होंने 24 जून को उन अटकलों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि इंटरेस्ट रेट बढ़ने जा रहा है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति में अभी सख्ती की बात करना बहुत जल्दबाजी होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इनफ्लेशन और ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इकोनॉमी से जुड़े डेटा के आधार पर फैसला लेगा आरबीआई

ईटी नाउ और ईटी नाउ स्वदेश से बातचीत में मल्होत्रा ने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने जून की अपनी पॉलिसी में अपना रुख न्यूट्रल बनाए रखने का फैसला किया था। इसकी वजह यह है कि अभी इकोनॉमी की तस्वीर साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक इनफ्लेशन और इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए रिस्क के आकलन के लिए आने वाले डेटा पर निर्भर करेगा।

इंटरेस्ट रेट बढ़ाने से पहले रुख में बदलाव करेगा केंद्रीय बैंक

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर केंद्रीय बैंक को यह लगेगा कि निकट भविष्य में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना जरूरी है तो वह अपने रुख में बदलाव करेगा। इसे न्यूट्रल से बदलकर रिस्ट्रक्टिव करेगा। इस महीने की शुरुआत में छह सदस्यीय एमपीसी ने रेपो रेट अपरिवर्तित रखने का फैसला किया था। कमेटी का कहना था कि जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेने की बाधा और मौसम से जुड़े रिस्क को देखते हुए रेपो रेट को 5.25 फीसदी बनाए रखने का फैसला लिया गया।

अप्रैल और मई में रिटेल इनफ्लेशन में तेज उछाल

इंटरेस्ट रेट बढ़ने की चर्चा रिटेल इनफ्लेशन में उछाल के बाद शुरू हुई। अप्रैल और मई के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा से यह साफ हो गया है कि जरूरी चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसे क्रूड की कीमतों में उछाल का नतीजा माना जा रहा है। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ाने को मजबूर होना पड़ा।

फ्यूल महंगा होने से महंगाई का खतरा बढ़ जाता है

पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। यही वजह है कि RBI ने इस महीने की शुरुआत में पेश अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रिटेल इनफ्लेशन का अनुमान बढ़ा दिया। उसने इस वित्त वर्ष के ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया। माना जा रहा है कि महंगाई बढ़ने की वजह से इकोनॉमी की ग्रोथ सुस्त पड़ सकती है।

इनफ्लेशन ज्यादा बढ़ने पर बढ़ सकात है रेपो रेट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही आरबीआई गवर्नर ने यह साफ कर दिया है कि अभी केंद्रीय बैंक का रेपो रेट बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है, लेकिन अगर महंगाई हाई लेवल पर बनी रहती है तो आगे रेपो रेट बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रेपो रेट बढ़ने पर होम लोन, कार लोन और दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।

Rishabh Pant: दिल्ली कैपिटल्स में हुई ऋषभ पंत की वापसी, क्रिकेटर ने LSG को तीन शब्दों में कहा अलविदा

Rishabh Pant: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और लखनऊ सुपर जायंट्स के रास्ते अब अलग हो गए हैं। ऋषभ पंत और लखनऊ सुपर जायंट्स का साथ सिर्फ दो सीजन तक ही चला। लखनऊ और दिल्ली कैपिटल्स ने एक बड़े ट्रेड समझौते के तहत अपने खिलाड़ियों की अदला-बदली कर ली है। इस डील के बाद ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट गए हैं, वहीं स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ गए है। इस फैसले को आईपीएल के सबसे चर्चित ट्रेड में से एक माना जा रहा है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने के बाद पंत ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी टीम के लिए एक तीन वर्ड का एक पोस्ट शेयर किया है।

आईपीएल के सबसे मंहगे खिलाड़ी थे पंत

ऋषभ पंत को आईपीएल 2025 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में अपनी टीम में शामिल किया था, जो टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी बोली मानी जाती है। अब खिलाड़ी अदला-बदली के तहत पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बन गए हैं, जहां उनकी नई फीस 15 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं, बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा रकम के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं। वहीं इस ट्रेड डील की वजह से पंत को काफी नुकसान हुआ। इस सौदे ने आईपीएल की टीमों के बीच खिलाड़ियों के बदलाव को लेकर काफी चर्चा बटोर ली है।

पंत ने किया पोस्ट

पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स को बेहद संक्षिप्त लेकिन भावुक अंदाज में अलविदा कहा। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिर्फ तीन शब्दों का संदेश, “थैंक यू टीम” शेयर किया। ये मैसेज उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की उस पोस्ट को रीशेयर करते हुए लिखा, जिसमें फ्रेंचाइजी ने अपने पूर्व कप्तान को टीम के लिए दिए गए योगदान और यादगार पलों के लिए धन्यवाद कहा था।

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दिल्ली से की थी शुरुआत

ऋषभ पंत ने अपने आईपीएल सफर की शुरुआत दिल्ली कैपिटल्स से की थी और करीब नौ साल तक टीम का अहम हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने टीम के लिए 111 मुकाबले खेले, जो दिल्ली की ओर से किसी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे अधिक मैचों का रिकॉर्ड है। शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ पंत ने नेतृत्व की जिम्मेदारी भी निभाई और 2021 से 2024 के बीच कई मैचों में टीम की कप्तानी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स का मार्गदर्शन किया।

कुलदीप के लिए दिल्ली ने किया पोस्ट

दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने कुलदीप यादव के लिए एक खास संदेश साझा करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने लिखा, “प्रिय कुलदीप, पिछले पांच वर्षों में दिल्ली कैपिटल्स के लिए आपके योगदान के लिए धन्यवाद। आप हमारी टीम के बेहद महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं और आपकी कमी हमें जरूर महसूस होगी। आप एक शानदार खिलाड़ी हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि अपने नए सफर में भी आप बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।”

पार्थ जिंदल ने आगे ऋषभ पंत की वापसी पर खुशी जताते हुए कहा, “ऋषभ, किरण और मैं दोनों आपको फिर से दिल्ली कैपिटल्स में देखकर बेहद खुश हैं। हमें उम्मीद है कि अपने पुराने घर लौटकर आप एक बार फिर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएंगे और नई ऊंचाइयों को छुएंगे।”

लखनऊ का प्रदर्शन

ऋषभ पंत का लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ सफर ज्यादा लंबा नहीं रहा। उनके टीम में रहने के दौरान लखनऊ एक भी बार प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकी। वहीं, आईपीएल 2026 का सीजन टीम के लिए बेहद निराशाजनक रहा, क्योंकि लखनऊ सुपर जायंट्स अंक तालिका में सबसे आखिरी स्थान पर रही। 2022 में आईपीएल में कदम रखने के बाद ये टीम का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।

नोएल टाटा छोड़ेंगे Trent के चेयरमैन का पद, AGM में कहा- कंपनी के सबसे अच्छे साल आना अभी बाकी

नोएल टाटा ने ट्रेंट लिमिटेड के चेयरमैन का पद छोड़ने की घोषणा की है। इसके साथ ही ट्रेंट के साथ उनका लगभग 30 साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। वह 70 साल के होने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएल टाटा ने 23 जून को ट्रेंट की 47वीं सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स से कहा कि चेयरमैन के तौर पर यह उनकी आखिरी सालाना आम बैठक है।

टाटा ग्रुप की गवर्नेंस पॉलिसी के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के रिटायरमेंट की उम्र 65 साल होती है, जबकि नॉन-इंडिपेंडेंट नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 70 साल में रिटायर होते हैं। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर 75 की उम्र में रिटायर होते हैं। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं।

1998 से Trent के साथ

नोएल टाटा साल 1998 में ट्रेंट के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। उस वक्त, जब उनकी मां सिमोन टाटा ने लैक्मे के डाइवेस्टमेंट के बाद कंपनी शुरू की थी। उन्होंने जून 1999 में ट्रेंट के पहले मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर चार्ज संभाला था। वित्त वर्ष 2026 में ट्रेंट का रेवेन्यू बढ़कर 19,701 करोड़ रुपये हो गया। नोएल टाटा ने सालाना आम बैठक में कहा, “एक वेस्टसाइड स्टोर से 1,200 से ज्यादा स्टोर के नेटवर्क तक, हमारा सफर लगातार आगे बढ़ा है। पिछले कुछ सालों में हमने अपने पोर्टफोलियो में पावरफुल ग्रोथ इंजन जोड़े हैं- खासकर जूडियो और स्टार, जो अब हमारे पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा हैं।”

नोएल टाटा का मानना है कि ट्रेंट के सबसे अच्छे साल अभी बाकी हैं। कंपनी अपनी विकास यात्रा के शुरुआती चरण में है। कंपनी के सामने मौके बहुत हैं और केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। आने वाले सालों में ट्रेंट अलग-अलग कैटेगरी में बढ़ेगी और नई जगहों पर भी पहुंचेगी।

नोएल टाटा ने कंपनी की 2023 की शेयरहोल्डर्स मीटिंग का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ट्रेंट को दस गुना बड़ा बनाने का सोचा था। तब से रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी रन रेट 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। टाटा ने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि हम जल्द ही उस माइलस्टोन तक पहुंच जाएंगे, जिसका मैंने जिक्र किया था।”

ट्रेंट का शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा उछला

24 जून को ट्रेंट के शेयर में 3.6 प्रतिशत की तेजी है। शेयर BSE पर 3255 रुपये पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। जून की शुरुआत में शेयर ने एक्स-बोनस ट्रेड किया था। ट्रेंट ने अपने शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर देने का ऐलान किया था। वहीं कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। रिकॉर्ड डेट 12 जून थी। ट्रेंट के शेयर के लिए मॉर्गन स्टेनली ने ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 3,151 रुपये प्रति शेयर दिया है।

LIC का फाइनल डिविडेंड पाना चाहते हैं तो आज, 24 जून को आखिरी मौका, 25 जून को शेयर करेगा एक्स-ट्रेड

HSBC ग्लोबल इनवेस्टमेंट रिसर्च ने ‘बाय’ रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर 3,460 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। मोतीलाल ओसवाल ने 3,500 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। दूसरी तरफ कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने ​’रिड्यूस’ रेटिंग दी है। लेकिन टारगेट बढ़ाकर 3,025 रुपये कर दिया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

24000 के पार Nifty बंद, Sensex में 790 प्वाइंट्स का उछाल, डेढ़ लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सीनेट में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव से झटका लगा जिससे अब ईरान पर हमला करने उनके लिए मुश्किल हो गया तो इसने मार्केट में काफी रौनक बढ़ा दी। ट्रंप को इस करंट से घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 भी 24100 के काफी करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रिकवरी आई और शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन हो गए।

सेक्टरवाइज मेटल शेयरों ने जोरदार वापसी की कोशिश की और निफ्टी मेटल करीब 1% की गिरावट से रिकवर करते हुए ग्रीन हुआ लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह फिर 0.40% की गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी सेक्टर और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मिलकर मार्केट में शानदार रौनक बिखेरी और इनके निफ्टी इंडेक्स करीब 2% मजबूत हुए। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद पीएसयू बैंक में भी रिकवरी हुई और अब इसके निफ्टी इंडेक्स करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 790.54 प्वाइंट्स यानी 1.04% के उछाल के साथ 76,991.22 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 197.55 प्वाइंट्स यानी 0.83% की बढ़त के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 989.69 प्वाइंट्स उछलकर 77,190.37 और निफ्टी 265.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,090.05 तक पहुंच गया था।

₹1.86 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,59,448.771 करोड़ था। आज यानी 23 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,45,817.53 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,86,368.759 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 23 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 23 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और टेक महिंद्रा में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एनटीपीसी, टाटा स्टील और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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147 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4430 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2215 शेयर आज मजबूत हुए तो 2034 में गिरावट रही जबकि 181 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 147 शेयर एक साल के हाई और 63 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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अब ईरान पर हमला नहीं कर पाएंगे ट्रंप! अमेरिकी सीनेट ने दिया बड़ा झटका, इस प्रस्ताव के बाद क्या पंगु हो गए राष्ट्रपति?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ईरान की ‘फटकार’ के बाद घुटनों पर आए शहबाज शरीफ! ‘बड़बोलेपन’ पर यू-टर्न लेकर अब ट्रंप को ही सिखा रहे पाठ

Pakistan PM Shehbaz Sharif: पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपनी ‘इंटरनेशनल बेइज्जती’ कराने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देते। इस बार उन्होंने कुछ ऐसा ही तीर हवा में चलाया, जो सीधा घूमकर उन्हीं को लग गया। हाल ही उन्होंने अपनी संसद में खड़े होकर सीना ठोकते हुए दावा कर दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के ‘बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम’ को लेकर बातचीत चल रही है।

बस फिर क्या था, ईरान को शहबाज शरीफ का यह ‘ज्ञान’ कतई रास नहीं आया। ईरान ने सरेआम पाकिस्तान को ऐसी फटकार लगाई कि शहबाज शरीफ को तुरंत ‘यू-टर्न’ लेना पड़ा। अब वह कल तक जिस मिसाइल प्रोग्राम पर अमेरिका-ईरान की पंचायत करा रहे थे, आज उसी मिसाइल प्रोग्राम के सबसे बड़े रक्षक बन गए हैं! आइए समझते हैं पाकिस्तान के इस नए कूटनीतिक ब्लंडर की पूरी कहानी।

जब ईरान के राष्ट्रपति के सामने ही खुल गई शहबाज की ‘ज्ञान की पोटली’

ये पूरा ड्रामा तब शुरू हुआ जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान खुद इस्लामाबाद के दौरे पर थे। मेहमान घर में बैठा था और शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी संसद में खड़े होकर अपनी कूटनीतिक समझ का ढिंढोरा पीट दिया। उन्होंने कह डाला कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच ईरान की मिसाइलों को लेकर गुपचुप चर्चा चल रही है।

ईरान का करारा जवाब

ईरान के वार्ताकारों और अधिकारियों को जैसे ही इस ‘अफवाह’ की भनक लगी, उन्होंने तुरंत शहबाज शरीफ के बयान को सरेआम खारिज कर दिया। ईरानी टीम ने दो टूक कहा, ‘पाकिस्तानी पीएम को चल रही राजनयिक प्रक्रियाओं के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है, उनका यह दावा पूरी तरह गलत है।’ ईरान ने साफ कर दिया कि उनकी मिसाइलें उनका संप्रभु रक्षा मामला हैं और यह किसी भी टेबल पर बातचीत का हिस्सा नहीं हैं।

फटकार पड़ते ही पलटे शहबाज

अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘नो-इंफॉर्मेशन’ का तमगा मिलने के बाद शहबाज शरीफ ने जो यू-टर्न लिया, उसे देखकर गिरगिट भी शरमा जाए। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक शहबाज शरीफ के सुर बदल गए। अब वह ईरान के मिसाइल कार्यक्रम का खुलकर बचाव करने लगे।

शहबाज शरीफ ने उलटे दुनिया से ही सवाल पूछ लिया कि आखिर सिर्फ तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल जखीरे की ही आलोचना क्यों की जा रही है? उन्होंने यह ज्ञान भी दे डाला कि इस मुद्दे को विवाद बनाना क्षेत्रीय तनाव को कम करने के प्रयासों को और उलझा सकता है।

एक तरफ ट्रंप, दूसरी तरफ ईरान; ‘सैंडविच’ बन गया पाकिस्तान!

इस पूरे वाकये ने इस्लामाबाद को सांप-छछूंदर वाली स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं, जो ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर लगातार आंखें लाल किए रहते हैं। दूसरी तरफ पड़ोसी देश ईरान है, जिससे पाकिस्तान को अपनी सीमाएं और संबंध बचाकर रखने हैं।

अब ईरान पर हमला नहीं कर पाएंगे ट्रंप! अमेरिकी सीनेट ने दिया बड़ा झटका, इस प्रस्ताव के बाद क्या पंगु हो गए राष्ट्रपति?

शहबाज शरीफ का यह यू-टर्न अब कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि तेहरान से मिली सीधी और तीखी सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बाद शहबाज शरीफ केवल अपनी गलती को सुधारने और ईरान के गुस्से को शांत करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।

ITR Filing 2026: विदेशी शेयर, बैंक अकाउंट या आय छिपाई तो लग सकता है ₹10 लाख तक का जुर्माना

कई लोगों को नौकरी के दौरान विदेश में काम करने का मौका मिलता है। कुछ समय बाद वे देश लौट आते हैं। लेकिन, विदेश में पोस्टिंग के दौरान वे वहां एसेट्स खरीद लेते हैं। इनकम टैक्स का नियम कहता है कि अगर किसी टैक्सपेयर का विदेश में एसेट्स है या किसी तरह की इनकम है तो उसे उसकी जानकारी इनकम टैक्स में रिटर्न में देनी होगी। अगर किसी व्यक्ति ने विदेशी कंपनी के शेयरों या म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है तो भी उसे अपने रिटर्न में इस बारे में बताना होगा।

अब विदेश में एसेट्स या इनकम छुपाना मुश्किल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स की विदेश में एसेट्स और किसी तरह की इनकम पर करीबी नजर रखता है। डिपार्टमेंट को सीधे दूसरे देशों की सरकार और वहां के वित्तीय संस्थानों से इस बारे में जानकारी मिलती है। इसलिए विदेश में एसेट्स या विदेशी एसेट्स से होने वाली इनकम को अब छुपाना मुश्किल हो गया है। ऐसा करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बड़ी कार्रवाई कर सकता है।

विदेशी कंपनी के ईसॉप्स या शेयरों की भी देनी होगी जानकारी

एसबीएचएस एंड एसोसिएट्स के फाउंडिंग पार्टनर हिमांग सिंगला ने कहा, “अगर एंप्लॉयीज के पास विदेशी कंपनी के ईसॉप्स, आरएसयू या शेयर हैं तो उसे इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होगी। साथ ही अगर इंडिया के बाहर से किसी तरह की इनकम होती है तो उसके बारे में भी रिटर्न में बताना होगा।” इनकम टैक्स के नियमों के तहत ऐसा करना अब अनिवार्य है।

विदेश में इनकम डिसक्लोज नहीं करने पर 10 लाख तक की पेनाल्टी

विदेश में एसेट्स और इनकम डिसक्लोज नहीं करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। वह टैक्सपेयर के खिलाप ब्लैक मनी से जुड़े कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है। टैक्सपेयर पर 10 लाख रुपये तक पेनाल्टी लगाई जा सकती है। कुछ गंभीर मामलों में कानूनी प्रक्रिया तक का सामना करना पड़ सकता है।

विदेश में बैंक अकाउंट है तो भी उसकी जानकारी रिटर्न में देनी होगी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के दौरान टैक्सपेयर्स के लिए विदेश में बैंक अकाउंट की डिटेल, रियल एस्टेट में निवेश, शेयर या म्यूचुअल फंड्स में निवेश या किसी दूसरे तरह के इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के बारे में बताना जरूरी है।

फॉरेन इनकम बताना भूल गए तो फाइल कर सकते हैं रिवाइज्ड रिटर्न

अगर टैक्सपेयर विदेश में अपने एसेट्स या इनकम की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में बताना भूल जाता है या वह गलत इनकम बता देता है तो उसके पास रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का विकल्प है। उसे अगले साल 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होगा। ऐसा करने पर वह इनकम टैक्स की कार्रवाई से बच सकता है।

Trading Strategy : यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें, चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके

Trading Strategy : बैंकिंग और IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 250 प्वाइंट उछलकर 24050 के पार निकल गया है। ICICI BANK, HDFC BANK, RIL और SBI ने बाजार में जोश भरा है। बैंक निफ्टी में भी 900 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया है। मिडकैप भी हरे निशान में आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसला है। IT और रियल्टी में जोरदार तेजी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़े हैं। टेक महिंद्रा 4% उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही TCS,परसिस्टेंट और कोफोर्ज में भी रौनक है। वहीं NBFCs में भी 1.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। लेकिन डिफेंस और कैपिटल गुड्स इंडेक्स में आज मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: शानदार बाउंसबैक

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में कल की गिरावट के बाद शानदार रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में तो आज की बढ़त कल की गिरावट से ज्यादा दिख रही है। निफ्टी ने भी कल की लगभग पूरी गिरावट रिकवर कर ली है। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से सपोर्ट मिला है। सुबह यही नजरिया था कि एक दिन से ट्रेंड नहीं बदलता। सुबह बाजार ने एक गिरावट दी और फिर नहीं रुका। अब आज की क्लोजिंग सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। बैंक निफ्टी में अब वापस बड़ा वाला मूव शुरू हुआ है।

बाजार: अब क्या?

बाजार में बड़ा ट्रेंड नहीं बदला है। कल की गिरावट में भी यही बात हुई थी। अब लग रहा है कल की गिरावट जरुरत से ज्यादा थी। अब बाजार ने फिर से लॉन्ग ट्रेड्स को रिवॉर्ड किया है। 23,800-23,850 अब किसी भी लॉन्ग के लिए SL है। यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें। चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके हैं। अच्छी खबरों पर बाजार शानदार रिस्पॉन्स दे रहा है। कल सुबह हमने 8:30 बजे JSW इंफ्रा पर पॉजिटिव नजरिया लिया था। लॉजिक के साथ बताया था कि JSW इंफ्रा 10-20% रैली के लिए तैयार है और 2 दिनों में करीब 12% की रैली आई और वो भी पूरी स्क्रीन पर।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,100-24,150 और फिर 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,500-59,000 का रास्ता वापस खुला है।

कल के लिए रणनीति

आज की क्लोजिंग बढ़िया है। बैंक निफ्टी में काफी मजबूती है। लेकिन अगर रिस्क लग रहा है तो पोजीशन हेज करें। बेहतर है चुनिंदा शेयरों में पोजीशन लेकर जाएं।

Stock Market view : आगे बाजार में अच्छी तेजी की उम्मीद, बैंक और फार्मा शेयर दिखाएंगे कमाल

अरुणाचल में भारी बारिश के बाद उफान पर ब्रह्मपुत्र! बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर, असम में हाई अलर्ट

Assam Flood Alert: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई राज्यों में हुई भारी बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कुछ इलाकों में यही बारिश परेशानी का कारण भी बन रही है। दरअसल, अरुणाचल प्रदेश के निचले सुबनसिरी जिले में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसके प्रभाव की आशंका असम के कई जिलों में भी जताई जा रही है। यही वजह है कि असम सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।

गुवाहाटी स्थित रीजनल मौसम केंद्र (RMC) और ईटानगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, निचले सुबनसिरी जिले के यजाली स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में लगभग 72.8mm बारिश दर्ज की गई, जिसमें से ज्यादातर बारिश 24 जून को सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे के बीच हुई। इसके अलावा, सैटेलाइट और रडार की तस्वीरों से पता चलता है कि सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे के बीच मूसलाधार बारिश हुई, जिसके कारण अचानक बाढ़ आ गई और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में नदियों का बहाव में बढ़ गया।

भारी बारिश के कारण पनयोर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी। यह परियोजना पहले रंगानदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के नाम से जानी जाती थी। अचानक पानी की आवक बढ़ने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संचालन से जुड़े कदम उठाए गए और अतिरिक्त पानी निकालने के लिए स्पिलवे का एक गेट खोला गया। याजाली से मिली रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के साथ आए मलबे के बहाव से कई घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

असम के कई जिलों में बाढ़ की संभावना

अरुणाचल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और नदियों में पानी का बहाव बढ़ने के कारण, असम के निचले इलाकों में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर और बहाव की गति में काफी बढ़ोतरी होने की आशंका है। माना जा रहा है कि बाढ़ की लहर सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ और सोनितपुर जैसे जिलों को प्रभावित करेगी। इसके बाद यह अन्य जिलों से होते हुए आगे बढ़ेगी और अगले एक-दो दिनों में धुबरी तक पहुंच जाएगी।

असम के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

राज्य में हालात पर सबसे ऊंचे स्तर पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर, असम के मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से बात की है और उन्हें पूरी तरह सतर्क रहने और सभी जरूरी तैयारी के उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि संभावित रूप से प्रभावित जिलों में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को कड़ी नज़र रखने और समय रहते बचाव व जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया है।

SDRF और NDRF की टीमें तैयार

अधिकारियों के मुताबिक, SDRF, NDRF और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों की टीमों को तैनाती के लिए तैयार रखा जा रहा है, और जमीनी स्तर के अधिकारियों को नदियों की स्थिति और संवेदनशील जगहों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

वहीं, निचले और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय अधिकारियों की सलाह के अनुसार सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है।

इस बीच, बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में 43 किलोमीटर के पास NEEPCO इलाके में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई, जिससे सड़क के बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा और आवागमन बाधित हो गया।

शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि मलबे, कीचड़ और पत्थरों के बड़े ढेर ने सड़क के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे रास्ता बंद हो गया और गाड़ियों की आवाजाही पर असर पड़ा।

18 घर बह गए, तीन लोग हुए लापता

डिप्टी कमिश्नर श्वेता नागरकोटी के अनुसार, तीन लोगों के लापता होने की खबर है और NEEPCO कॉलोनी में 18 घर बह गए हैं। हेलीपैड भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे सेना या IAF के हेलिकॉप्टरों के लिए खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए वहां उतरना मुश्किल हो गया है। हालांकि, प्रशासन ने SDRF और NDRF को काम पर लगा दिया है।

इसके अलावा, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण असम के डिब्रूगढ़ जिले में नेशनल हाईवे 315 (A) पर तीन अलग-अलग जगहों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ है।

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ITR Filing 2026: फॉर्म 16 नहीं मिला? फिर भी आसानी से भर सकते हैं ITR, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का समय आते ही ज्यादातर नौकरीपेशा लोग Form 16 का इंतजार करने लगते हैं। यह दस्तावेज ITR फाइल करने का काम काफी आसान बना देता है। लेकिन कई बार नौकरी बदलने, कंपनी बंद हो जाने, कम सैलरी होने या किसी दूसरी वजह से Form 16 नहीं मिल पाता। ऐसे में कई लोगों को लगता है कि अब ITR भरना मुश्किल हो जाएगा।

लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपके पास Form 16 नहीं है, तब भी आप आसानी से अपना ITR फाइल कर सकते हैं। बस आपको अपनी कमाई, टैक्स कटौती और निवेश से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां जुटानी होंगी।

Form 16 आखिर होता क्या है?

Form 16 एक टैक्स सर्टिफिकेट होता है, जिसे कंपनी अपने कर्मचारियों को देती है। इसमें सालभर की सैलरी, TDS, टैक्स छूट और दूसरी जरूरी जानकारियां दर्ज होती हैं।

हालांकि Form 16 ITR भरने में मदद करता है, लेकिन ITR दाखिल करने के लिए इसका होना जरूरी नहीं है। आयकर विभाग ने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है कि बिना Form 16 के रिटर्न नहीं भरा जा सकता।

बिना Form 16 के ITR कैसे भरें?

सबसे पहले सैलरी स्लिप जुटाएं

अगर Form 16 नहीं मिला है, तो सबसे पहले पूरे वित्त वर्ष की सैलरी स्लिप निकाल लें। इन स्लिप्स में आपकी बेसिक सैलरी, HRA, स्पेशल अलाउंस, बोनस और दूसरी भुगतान संबंधी जानकारी होती है।

अगर आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो दोनों कंपनियों की सैलरी स्लिप साथ रखें। इससे कुल आय निकालना आसान हो जाएगा।

AIS और TIS जरूर चेक करें

इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन करके एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) डाउनलोड करें।

AIS में आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयरों से हुई कमाई, TDS और कई दूसरे वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिल जाती है। इससे आपको अपनी कुल आय का सही हिसाब लगाने में मदद मिलेगी।

Form 26AS को नजरअंदाज न करें

ITR भरने से पहले Form 26AS जरूर देखें। इसमें आपके PAN पर कटे TDS और जमा किए गए टैक्स का पूरा रिकॉर्ड होता है।

अगर आपकी कंपनी या बैंक ने TDS काटा है, तो वह यहां दिखाई देगा। इससे यह भी पता चल जाएगा कि आपके नाम पर कितना टैक्स जमा किया गया है।

सिर्फ सैलरी नहीं, दूसरी आय भी जोड़ें

कई लोग ITR भरते समय सिर्फ सैलरी की जानकारी भरते हैं और बैंक ब्याज, FD का ब्याज, डिविडेंड या दूसरी आय को भूल जाते हैं।

ऐसी गलती बाद में नोटिस की वजह बन सकती है। इसलिए AIS, बैंक स्टेटमेंट और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड देखकर सभी आय को जोड़ना जरूरी है।

टैक्स छूट का फायदा लेना न भूलें

अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुन रहे हैं, तो 80C, 80D, NPS, होम लोन और दूसरी उपलब्ध कटौतियों को जरूर शामिल करें।

अपने निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें दिखाया जा सके।

नौकरी बदली है तो ये गलती न करें

अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान एक से ज्यादा कंपनियों में काम किया है, तो सभी कंपनियों से मिली सैलरी को जोड़कर कुल आय निकालें।

कई बार नया नियोक्ता पुरानी नौकरी की आय को अपने टैक्स कैलकुलेशन में शामिल नहीं करता। ऐसे में ITR भरते समय सही आंकड़ा खुद जोड़ना जरूरी होता है। वरना बाद में अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।

ITR भरने से पहले एक बार सब मिलान कर लें

रिटर्न फाइल करने से पहले AIS, Form 26AS, बैंक स्टेटमेंट और सैलरी रिकॉर्ड का मिलान जरूर करें। यह भी सुनिश्चित करें कि आपकी हर आय उसमें शामिल हो।

अगर आपकी कमाई के कई स्रोत हैं या मामला थोड़ा जटिल है, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।