Ranbir Kapoor: ‘संजू’ के लिए सुबह 3 बजे सेट पर पहुंचते थे रणबीर कपूर’, राजकुमार हिरानी ने किया खुलासा

संजय दत्त के जीवन पर आधारित फिल्म ‘संजू’ में उनका किरदार रणबीर कपूर ने निभाया था। फिल्म में संजय दत्त के जीवन के कई अहम पड़ाव दिखाए गए है। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं हाल ही में फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने रणबीर कपूर की मेहनत को एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म संजू की शूटिंग के दौरान रणबीर को संजय दत्त जैसा लुक देने में 4 से 5 घंटे का मेकअप लगता था। इसी वजह से रणबीर सुबह 7 बजे के कॉल टाइम के लिए सुबह 3 बजे सेट पर होते थे।

शिफ्ट को लेकर क्या कहा

IANS से ​​खास बातचीत में राजकुमार हिरानी से पूछा गया, “कुछ सीनियर एक्टर जरूरत पड़ने पर 24 से 36 घंटे तक लगातार काम करने के लिए भी तैयार रहते हैं, क्योंकि फिल्म निर्माण में काफी खर्च होता है। वहीं, कुछ कलाकार तय घंटों तक ही काम करना चाहते हैं। क्या इससे फिल्म बनाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है या फिर इसका बजट और खर्च पर कोई असर पड़ता है?” राजकुमार हिरानी ने जवाब देते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि आज की पीढ़ी के कलाकार ये कहते हैं कि वे सिर्फ तय घंटों तक ही काम करेंगे। जिन कलाकारों के साथ मैंने काम किया है, वे अच्छी तरह समझते हैं कि काम पूरा करना कितना जरूरी होता है। अगर कोई सीन पूरा करना है, तो वे उसे खत्म करके ही जाते हैं।”

शेयर किया संजू का किस्सा

राजकुमार हिरानी ने संजू की शूटिंग का एक किस्सा बताते हुए कहा, “रणबीर कपूर को फिल्म में संजय दत्त जैसा लुक देने के लिए हर दिन करीब 4 से 5 घंटे मेकअप करना पड़ता था। अगर शूटिंग सुबह 7 बजे शुरू होती थी, तो वह सुबह 3 बजे ही सेट पर पहुंच जाते थे। जब मैं करीब 6 बजे पहुंचता था, तब तक उनकी वैन में मेकअप चल रहा होता था। इसके बाद वह पूरे दिन करीब 12 घंटे शूटिंग करते थे। इतनी मेहनत के बावजूद उन्होंने कभी कोई शिकायत नहीं की और हमेशा पूरे समर्पण के साथ काम किया।”

संजय दत्त की लाइफ पर बनी संजू फिल्म

संजय दत्त की जिंदगी पर बनी फिल्म ‘संजू’ में उनका किरदार रणबीर कपूर ने निभाया था। इस फिल्म में संजय दत्त के जीवन के कई अहम पहलुओं को दिखाया गया है। इसमें उनकी नशे की लत, पर्सनल लाइफ में आई मुश्किलें और 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में नाम सामने आने के बाद उन्हें जिन कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, उसे भी दिखाया गया है।

Motorola Edge 70 Max HDR10+ सर्टिफिकेशन साइट पर दिखा, WPC लिस्टिंग से चार्जिंग डिटेल्स सामने आईं

Motorola Edge 70 Max: Motorola Edge 70 Max कंपनी की Edge 70 सीरीज का अगला स्मार्टफोन हो सकता है। हाल ही में इसके कुछ प्रमोशनल इमेज भी सामने आए थे, जिसे अब HDR10+ सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर भी देखा गया है। लिस्टिंग से पता चलता है कि यह फोन भारत के साथ-साथ दूसरे ग्लोबल मार्केट में भी लॉन्च होगा। यह स्मार्टफोन Wireless Power Consortium (WPC) डेटाबेस में भी दिखाई दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola Edge 70 Max में Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है। इसके अलावा, यह फोन तीन कलर ऑप्शन में लॉन्च हो सकता है और इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होने की उम्मीद है।

Motorola Edge 70 Max सर्टिफिकेशन वेबसाइट्स पर देखा गया

HDR10+ सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर Motorola Edge 70 Max की लिस्टिंग से फोन के नाम की पुष्टि होती है और यह संकेत मिलता है कि इसे भारत और अन्य एशियन-पैसिफिक और EMEA (यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका) बाजारों में लॉन्च किया जाएगा। लिस्टिंग में फोन की किसी भी स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया गया है।

इस बीच, Motorola Edge 70 Max भी Wireless Power Consortium (WPC) की साइट पर मॉडल नंबर XT2611 और MPP25 पावर प्रोफाइल के साथ दिखाई दिया है। इसे Qi वर्जन 2.2.1 के साथ लिस्ट किया गया है, जिससे पता चलता है कि इसमें 25W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट है।

पहले लीक हुए मार्केटिंग मटीरियल से पता चला था कि Motorola Edge 70 Max में होल-पंच डिस्प्ले डिजाइन, फ्लैट डिस्प्ले, फ्लैट रियर पैनल और चौकोर आकार का रियर कैमरा मॉड्यूल होगा। ऐसी चर्चा है कि इसे तीन कलर ऑप्शन – ग्लेशियर ब्लू, ओनिक्स ब्लैक और सेज ग्रीन – में लॉन्च किया जाएगा। इसमें Octa-Core Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट पर चलने की संभावना है।

कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम हो सकता है, जिसमें मेन कैमरा, टेलीफोटो लेंस और अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल होंगे। इसके अलावा, यह फोन MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आ सकता है, जो इसे ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाता है।

हालांकि, Motorola Edge 70 Max के लॉन्च की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसका सर्टिफिकेशन वेबसाइट्स पर दिखाई देना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसका लॉन्च जल्द ही हो सकता है।

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WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त! लॉन्च रोकने का आदेश, मेटा से 3 दिन में मांगा जवाब : सूत्र

भारत में लोकप्रिय सोशल मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा है। साथ ही साफ निर्देश दिया है कि जब तक इस मामले पर सरकार की सलाह-मशविरा प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए। सरकारी सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

तीन दिन में मांगा जवाब

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने Meta से इस फीचर को लेकर तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। कंपनी को बताना होगा कि यह फीचर कैसे काम करेगा। साथ ही, इससे जुड़े सुरक्षा और अन्य पहलुओं को कैसे संभाला जाएगा।

WhatsApp का यूजरनेम फीचर क्या है?

WhatsApp यूजर्स नए फीचर के आने के बाद अपना एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे। इसके जरिए लोग बिना मोबाइल नंबर साझा किए भी एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। WhatsApp ने पहले कहा था कि इस साल फीचर के बड़े रोलआउट से पहले यूजर्स को अपना यूनिक यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प मिलेगा। अभी WhatsApp पर सभी यूजर्स के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य रहता है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि Meta को साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक सरकार की परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

सरकार को किस बात की चिंता?

सरकार इस फीचर के असर की जांच कर रही है। खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि यूजरनेम के जरिए लोगों की पहचान की पुष्टि कैसे होगी और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा।

हाल की रिपोर्टों में भी कहा गया था कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस फीचर का इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने या दूसरे तरह के दुरुपयोग के लिए तो नहीं किया जा सकता।

WhatsApp में आ रहा है ये खास फीचर, अब बिना नंबर के होगी चैट

Viral Post: पार्टी और स्पा की लत ने बढ़ाई मुश्किलें, 23 हजार की सैलरी में 3 लाख के कर्ज से परेशान युवक

Viral Post: सोशल मीडिया पर एक युवक का खर्चों को लेकर किया गया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। युवक ने बताया कि गलत खर्चों की वजह से उस पर 3 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया है। 27 वर्षीय एक युवक ने मुताबिक बार-बार पार्टी करना, स्पा पर पैसे खर्च करना और क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से उस पर 3 लाख रुपये से अधिक का कर्ज हो गया। अब उसे अपने पुराने फैसलों पर पछतावा हो रहा है।

युवक ने बताया कि, उसकी कमाई घर का खर्च और कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए उसने सोशल मीडिया पर लोगों से आर्थिक स्थिति सुधारने और कर्ज से बाहर निकलने की सलाह मांगी। सोशल मीडिया पर युवक की ये कहानी तेजी से वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट

Reddit पर की गई पोस्ट में युवक ने अपनी फाइनेंस स्थिति का पूरा ब्यौरा शेयर किया। पोस्ट के टाइटल में उन्होंने लिखा, “अपनी बेवकूफी की वजह से कर्ज के जाल में फंस गया।” उसने अपनी पोस्ट के साथ लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाया की तस्वीर भी लगाई। उसके अनुसार, उस पर चार पर्सनल लोन और तीन क्रेडिट कार्ड का बकाया है। उसने बताया कि, “हर महीने उसके हाथ में 23,000 रुपये की सैलरी आती है, जिससे घर का खर्च चलाने के साथ कर्ज की किस्तें चुकाना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।”

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3 लाख का हो गया कर्ज

उन्होंने लिखा, “कृपया कोई सलाह दें। मैंने इन कर्जों को चुकाने के लिए 3 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने की कोशिश की, लेकिन मेरी सभी लोन एप्लिकेशन खारिज हो गईं। मेरी मौजूदा सैलरी 23,000 रुपये है। किराया और घर का खर्च निकालने के बाद हर महीने मुश्किल से 4,000 रुपये ही लोन की किस्त के लिए बचते हैं।” युवक ने बताया कि ज्यादा कर्ज और क्रेडिट कार्ड की सीमा का अधिकांश हिस्सा इस्तेमाल करने की वजह से उसका क्रेडिट स्कोर भी लगातार गिर रहा है।

गिर गया क्रेडिट स्कोर

उन्होंने आगे लिखा, “ज्यादा क्रेडिट लिमिट इस्तेमाल करने की वजह से मेरा CIBIL स्कोर 770 से घटकर 765 हो गया है। मैं 27 साल का हूं और मुझसे बड़ी गलती हो गई।” अपडेट में उसने बताया, “मैंने क्रेडिट कार्ड के करीब 80% बकाया को EMI में बदल दिया, लेकिन अब उसकी किस्तें भरना भी मुश्किल हो रहा है। मैं परिवार के साथ रहता हूं और घर में अकेला कमाने वाला हूं। मैंने सारा पैसा पार्टियों और स्पा (बेवकूफी) पर खर्च कर दिया है।”

लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट के सामने आने के बाद कई लोगों ने अपनी राय शेयर किए। कुछ यूजर्स ने खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी, वहीं कई लोगों ने कर्ज चुकाने की बेहतर योजना बनाने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए व्यावहारिक उपाय अपनाने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “अगर कोई आपको नया लोन नहीं दे रहा है, तो फिलहाल सभी EMI रोक दें। अपने बैंक खाते में पैसा न रखें, क्योंकि ऑटो-डेबिट के जरिए रकम कट सकती है। इसके बाद तीनों प्राइवेट लोन और दोनों क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक या कंपनी से सेटलमेंट की बात करें।”

एक यूजर ने लिखा, “ऐसा बिल्कुल मत करो। तुम अभी सिर्फ 27 साल के हो, अपनी क्रेडिट हिस्ट्री खराब मत होने दो। कर्ज की रकम बहुत बड़ी नहीं है। ये करीब 10 महीने की सैलरी के बराबर है। अगर समझदारी से खर्च करो और लगातार कोशिश करो, तो 12 से 36 महीनों में इसे चुका सकते हो।” एक और यूजर ने लिखा, “अच्छी बात है कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है। अब इसे सुधारने पर ध्यान दो। जहां तक हो सके बचत करो, घर का खाना खाओ और थोड़ा-थोड़ा करके भुगतान करते रहो। साथ ही, क्रेडिट कार्ड कंपनियों से बात करके बकाया रकम को EMI में बदलने की कोशिश करो।” एक अन्य यूजर ने सलाह दी कि हालात और बिगड़ने से पहले परिवार या दोस्तों से मदद लेनी चाहिए।

Lenovo ने भारत में लॉन्च किया Tab Plus Gen 2 और LOQ गेमिंग मॉनिटर्स, जानें कीमत और फीचर्स

Lenovo ने आज भारत में नया Lenovo Tab Plus Gen 2 और LOQ गेमिंग मॉनिटर्स की नई सीरीज लॉन्च की है। इस टेक कंपनी (जिसका हेडक्वार्टर बीजिंग में है) ने अपना नया Android टैबलेट MediaTek Dimensity 7400 चिपसेट के साथ पेश किया है। इसमें 12.1 इंच का बड़ा 2.5K डिस्प्ले और JBL ट्यून किए गए 9 स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम दिया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने गेमर्स के लिए तीन नए LOQ गेमिंग मॉनिटर भी लॉन्च किए हैं, जो तेज रिफ्रेश रेट और फास्ट रिस्पॉन्स टाइम के लिए बनाए गए हैं।

Lenovo Tab Plus Gen 2 के स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

Motorola की पैरेंट कंपनी ने Lenovo Tab Plus Gen 2 में 12.1-इंच की 2.5K IGZO LCD डिस्प्ले दी है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 800 निट्स तक की हाई ब्राइटनेस मोड और 16:10 आस्पेक्ट रेशियो को सपोर्ट करती है। टैबलेट में MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर है, साथ ही 12GB तक LPDDR5 RAM और 256GB तक UFS 3.1 स्टोरेज है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया जा सकता है। यह टैबलेट Android 16 पर चलता है और Lenovo का कहना है कि इसे 2030 तक दो बड़े Android OS अपग्रेड और चार साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे।

कैमरे की बात करें तो, इस डिवाइस में ऑटोफोकस के साथ 13MP का रियर कैमरा और वीडियो कॉल व सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसकी एक खास खूबी JBL-इंजीनियर्ड नौ-स्पीकर सेटअप है जिसमें Dolby Atmos की सुविधा है, साथ ही इसमें एक बिल्ट-इन रोटेटिंग किकस्टैंड भी है जो कई तरह के व्यूइंग मोड को सपोर्ट करता है, जैसे कि थिएटर, हैंगिंग, स्टैंड और लीन मोड।

कनेक्टिविटी के मामले इस फोन में Wi-Fi 6, Bluetooth 5.4, IP52-रेटेड प्रोटेक्शन, Bluetooth स्पीकर मॉड और Lenovo Tab Pen Plus व वायरलेस कीबोर्ड जैसे ऑप्शनल एक्सेसरीज का सपोर्ट शामिल है। इसके अलावा, टैबलेट में 45W फास्ट चार्जिंग वाली 10200mAh की बैटरी है, जो 15 घंटे तक YouTube स्ट्रीमिंग दे सकती है।

नए LOQ मॉनिटर के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

टैबलेट के साथ-साथ, Lenovo ने LOQ 24-10, LOQ 27-10 और LOQ 27Q-10 गेमिंग मॉनिटर भी पेश किए हैं। फ्लैगशिप LOQ 27Q-10 में 27-इंच का QHD IPS डिस्प्ले है, जिसमें 180Hz रिफ्रेश रेट, 0.5ms रिस्पॉन्स टाइम, HDR10 सपोर्ट और 99% sRGB कलर कवरेज मिलता है। इसमें स्मूद गेमप्ले के लिए AMD FreeSync और VESA Adaptive Sync का सपोर्ट भी दिया गया है।

लेनोवो का कहना है कि नए मॉनिटर लाइनअप PlayStation 5, Xbox और Nintendo Switch जैसे पॉपुलर गेमिंग प्लेटफॉर्म के साथ कम्पैटिबल हैं, जिससे ये PC और कंसोल, दोनों तरह के गेमर्स के लिए सही हैं।

भारत में Lenovo Tab Plus Gen 2 और LOQ मॉनिटर की कीमत और उपलब्धता

Lenovo Tab Plus Gen 2 के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की शुरुआती कीमत Rs. 35,999 है। जबकि, 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत Rs. 38,999 है। यह टैबलेट सिर्फ Celestial White कलर में उपलब्ध है और इसे Lenovo India की वेबसाइट, प्रमुख ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म और देश के ऑथराइज्ड रिटेल स्टोर से खरीदा जा सकता है।

वहीं दूसरी ओर, टैबलेट के साथ-साथ, भारत में Lenovo LOQ मॉनिटर सीरीज की शुरुआती कीमत Rs. 9,799 है और ये Amazon पर उपलब्ध होंगे। इस लाइनअप में अभी LOQ 24-10, LOQ 27-10 और LOQ 27Q-10 मॉडल शामिल हैं।

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Ketan Agarwal Murder Case: सिया गोयल का पब में पार्टी करते वीडियो वायरल, शराब पीते देखी गईं

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी और अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी सिया गोयल एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। उनका एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें वह एक नाइटक्लब में पार्टी करती और शराब पीती हुई दिख रही हैं। वीडियो में सिया गोयल भीड़-भाड़ वाले पब में फोन पर बात करते हुए और हाथ में एक बोतल जैसी चीज पकड़े हुए नजर आ रही हैं। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले की चल रही जांच पर फिर से लोगों का ध्यान गया है।

वहीं, वीडियो सामने आने के बाद, अग्रवाल परिवार ने आरोप लगाया है कि रिश्ते के आगे बढ़ने से पहले उन्हें जान-बूझकर सिया की जीवनशैली से जुड़ी यह बात और कई अन्य जानकारी नहीं बताई गई थी। उन्होंने एक बार फिर इस मामले की सभी पहलुओं से निष्पक्ष और पूरी जांच करने की मांग दोहराई है।

हालांकि, यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं है, लेकिन यह क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिससे जांच को लेकर बहस और तेज हो गई है। साथ ही यह मर्डर केस तब से ही देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जब से यह मामला सामने आया है।

बता दें कि पुणे के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को कथित तौर पर 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में एक चट्टान से धक्का देकर मार डाला गया था। बताया जाता है कि केतन और उनकी मंगेतर की सगाई हो चुकी थी और इस साल नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी।

वहीं, इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उनके कथित साथी चेतन चौधरी (22) को आरोपी बनाया गया है, और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

कथित हत्या के बाद, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और जांच जारी रहने तक उन्हें 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस कई पहलुओं से मामले की जांच कर रही है, जबकि यह मामला पूरे देश में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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‘जोहो का नाम लिया और 90% कम हो गई कीमत’ Zoho के को-फाउंडर ने शेयर किया किस्सा

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस लाइसेंस की कीमत को लेकर जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बू का एक दावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। जोहो के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बू ने दावा किया कि एक भारतीय कस्टमर को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस लाइसेंस रिन्यूअल की कीमत में 90 परसेंट की कमी मिली, जब उसने सॉफ्टवेयर की बड़ी कंपनी को बताया कि वह जोहो के ऑफिस-सूट प्रोडक्ट्स को देख रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई अपनी पोस्ट में श्रीधर वेम्बू ने बताया कि, संबंधित ग्राहक पहले से जोहो के कुछ प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कर रहा था। उनके अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने लाइसेंस रिन्यूअल साइकिल के दौरान कीमत में तेजी से बढ़ोतरी की थी। इसके बाद ग्राहक ने कंपनी को बताया कि वह जोहो के ऑफिस सॉफ्टवेयर को अपनाने पर विचार कर रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट

श्रीधर वेम्बू ने कस्टमर के हवाले से कहा, “माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का एक बड़ा लाइसेंस रिन्यूअल आया और उन्होंने कीमत में भारी बढ़ोतरी कर दी। हमने उन्हें बताया कि हम जोहो ऑफिस सूट देख रहे हैं और उन्होंने कीमत में 90 परसेंट की कमी कर दी।” उन्होंने आगे कहा कि कस्टमर ने बाद में कंपनी के पैसे बचाने में मदद करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया, “भले ही हमारा ऑफिस सूट खरीदा न हो।” श्रीधर वेम्बू ने अपनी पोस्ट में ग्राहक की पहचान, माइक्रोसॉफ्ट के अनुबंध का आकार या छूट किन शर्तों पर दी गई, इसकी कोई जानकारी शेयर नहीं की।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिन संस्थानों या कंपनियों का माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस लाइसेंस नवीनीकरण होने वाला है, वे बातचीत के दौरान जोहो को एक संभावित ऑप्शन के रूप में सामने रख सकते हैं। श्रीधर वेम्बू ने ये एग्जांपल तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर अपनी बात रखते हुए शेयर किया। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए मॉडलों को लेकर चर्चा कर रहे थे और उनका कहना था कि चीन के ओपन-सोर्स एआई मॉडल्स से बढ़ते मुकाबले के कारण बड़ी टेक कंपनियों को भी अपनी रणनीति और पेशकश में अधिक आक्रामक बदलाव करने पड़ रहे हैं।

श्रीधर वेम्बू ने कहा कि, सॉफ्टवेयर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को मिलता है। उनके अनुसार, जब बाजार में कई मजबूत विकल्प मौजूद होते हैं, तो बड़ी कंपनियां मनमाने तरीके से कीमतें तय नहीं कर पातीं और ग्राहकों को बेहतर दाम व विकल्प मिलते हैं। उसी पोस्ट में श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साल 2000 में एक संघीय अदालत ने कंपनी को मोनोपॉली से जुड़े मामले में दोषी माना था।

वेम्बू के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर और क्लाउड सेवाओं जैसे क्षेत्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहना जरूरी है, क्योंकि इससे बाजार संतुलित रहता है और ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलते हैं। श्रीधर वेम्बू ने दावा किया कि माइक्रोसॉफ्ट लंबे समय से अपने ग्राहकों से अधिक कीमत वसूलती रही है।

ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में नितिन नबीन और खड़गे को न्योता, भारत के कई नेताओं को भी मिला आमंत्रण

ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार से पहले भारत की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों से संपर्क किया है। CNN-News18 के सूत्रों के अनुसार, ईरान ने भारत के सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को निमंत्रण भेजा है।

सूत्रों ने बताया कि, यह निमंत्रण BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, जो वर्तमान में कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग प्रमुख हैं, को भेजा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, खड़गे ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे निमंत्रण स्वीकार करेंगे या नहीं। साथ ही, वे कांग्रेस के उस प्रतिनिधिमंडल के गठन पर भी फैसला लेंगे जो अंतिम संस्कार के लिए तेहरान जा सकता है।

इसके अलावा, ईरान ने BJP और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी इस राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारी

यह निमंत्रण भारत के सभी राजनीतिक दलों तक तेहरान की पहुंच को दर्शाता है। बता दें कि ईरान अपने इतिहास के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कारों में से एक की तैयारी कर रहा है, जो इस साल की शुरुआत में अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के दौरान खामेनेई की मौत के बाद आयोजित किया जा रहा है।

वहीं, भारत सरकार पहले ही तय कर चुकी है कि वह तेहरान में होने वाले अंतिम संस्कार समारोह में अपना आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) करेंगे। उम्मीद है कि वे कई दिनों तक चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी यह यात्रा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए निमंत्रण के बाद हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और कांग्रेस नेताओं को निमंत्रण देने के अलावा, ईरान ने शिया समुदाय के कई भारतीय सांसदों को भी अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिनमें रुहुल्लाह मेहदी, हाजी हनीफा, इमरान मसूद और अफजल अंसारी शामिल हैं।

बता दें कि ईरान ने इस हफ्ते के आखिर से कई अंतिम संस्कार समारोहों की योजना बनाई है। खमेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और उसके बाद दूसरे शहरों में भी समारोह आयोजित किए जाएंगे।

वहीं, ईरान के अधिकारियों का अनुमान है कि सार्वजनिक अंतिम संस्कार में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बन सकता है।

ईरान में अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां तेज

फिलहाल, ईरान की राजधानी में तैयारियां तेज हो गई हैं, समारोह से पहले ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स के आस-पास खामेनेई की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई गई हैं, सड़कों को कुछ हद तक बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सरकारी टेलीविजन ने अंतिम संस्कार में आने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की है और अंतिम संस्कार के दौरान तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

सार्वजनिक समारोहों के अलावा, तेहरान शुक्रवार को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक अलग कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इसमें लगभग 30 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

ईरान ने नहीं दिया यूरोपीय देशों को निमंत्रण 

हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि उसने यूरोपीय देशों को आधिकारिक तौर पर कोई निमंत्रण नहीं भेजा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हालिया संघर्ष के दौरान यूरोपीय सरकारों पर “इतिहास के गलत पक्ष” में खड़े होने का आरोप लगाया और अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान पर उनके रुख की आलोचना की।

गौरतलब है कि यह अंतिम संस्कार पहले युद्ध की वजह से टाल दिया गया था। अब यह ऐसे समय में हो रहा है, जब ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में संघर्ष रोकने के लिए एक शुरुआती समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding – MoU) पर सहमति बनी है। हालांकि, इस समझौते को लागू करने को लेकर दोनों देश अब भी एक-दूसरे को चेतावनी दे रहे हैं।

अधिकारियों ने अंतिम संस्कार के दौरान तेहरान के साथ-साथ पवित्र शहर कोम और मशहद में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। राजधानी में होने वाले कार्यक्रमों के बाद, खमेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाए जाने की उम्मीद है। इसके बाद, 9 जुलाई को मशहद में स्थित इमाम रजा के मकबरे में उन्हें दफनाया जाएगा, जो उनका जन्मस्थान भी है।

फिलहाल यह अभी स्पष्ट नहीं है कि खमेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी, मोजतबा खमेनेई, अंतिम संस्कार के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे या नहीं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कोई भी घोषणा ‘सर्वोच्च नेता’ के कार्यालय से की जाएगी।

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सरकारी कंपनी को मिला ₹2831 करोड़ का प्रोजेक्ट, यूपी में बनेगा बड़ा सोलर पावर प्लांट

Coal India Update: सरकारी कोयला कंपनी Coal India को उत्तर प्रदेश में 600 मेगावाट का बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट मिला है। इसके साथ ही कंपनी ने जून महीने के Single Window Mode Agnostic (SWMA) ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के आंकड़े भी जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि जून में इस प्लेटफॉर्म के जरिए 108.76 लाख टन कोयले का आवंटन किया गया। इस दौरान उसे नोटिफाइड कीमत के मुकाबले औसतन 42% ज्यादा कीमत मिली।

प्रोजेक्ट पर 2,831 करोड़ रुपये खर्च होंगे

Coal India ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे Bundelkhand Saur Urja Ltd. से लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिला है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के जालौन सोलर पार्क में 600 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 300-300 मेगावाट की दो यूनिट में बनेगा। इससे बनने वाली बिजली 2.73 रुपये प्रति यूनिट की दर से सप्लाई की जाएगी।

कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर करीब 2,831.11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन होने के बाद इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून में ई-ऑक्शन से कितना कोयला बिका?

जून के दौरान Coal India ने SWMA ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर 266.23 लाख टन कोयला बिक्री के लिए ऑफर किया था। इनमें से 108.76 लाख टन कोयले का आवंटन हुआ। यानी कंपनी करीब 41% कोयला आवंटित करने में सफल रही।

इन आवंटित मात्रा पर Coal India को अधिसूचित कीमत के मुकाबले औसतन 42% प्रीमियम मिला।

किस सहायक कंपनी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा?

Coal India की अलग-अलग सहायक कंपनियों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला।

  • Northern Coalfields Ltd. और North Eastern Coalfields ने ऑफर किए गए कोयले का 100% आवंटन किया।
  • South Eastern Coalfields Ltd. का आवंटन 75% रहा।
  • Western Coalfields Ltd. ने 52% कोयला आवंटित किया।
  • Central Coalfields Ltd. का आंकड़ा 42% रहा।
  • Mahanadi Coalfields Ltd. ने 30% आवंटन किया।
  • Eastern Coalfields Ltd. का आवंटन 25% रहा।
  • Bharat Coking Coal Ltd. (BCCL) सबसे पीछे रही और उसका आवंटन सिर्फ 9% रहा।

पहली तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में Coal India ने SWMA प्लेटफॉर्म के जरिए 829.15 लाख टन कोयला ऑफर किया। इनमें से 310.69 लाख टन का आवंटन हुआ। यानी तिमाही के दौरान आवंटन दर 37% रही।

इस दौरान कंपनी को अधिसूचित कीमत के मुकाबले औसतन 44% प्रीमियम मिला।

SWMA प्लेटफॉर्म क्या है?

SWMA एक ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए Coal India अलग-अलग सेक्टरों के खरीदारों को नॉन-लिंकेज कोयला एक ही प्लेटफॉर्म से बेचती है। पहले अलग-अलग सेक्टरों के लिए अलग ई-ऑक्शन व्यवस्था थी। SWMA आने के बाद पूरी प्रक्रिया आसान और ज्यादा पारदर्शी हो गई है।

Coal India का शेयर बुधवार को NSE पर 0.89% गिरकर 435.15 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक ने 11.65% का रिटर्न दिया है।

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