दिल्ली की इस महिला के साथ उसके किराएदारों ने कर दिया ₹18 करोड़ का फ्रॉड! किराए पर देते हैं घर तो हो जाएं सावधान

Delhi Fraud News: अगर आप भी अपना घर या फ्लैट किराए पर देते हैं तो यह घटना आपके लिए एक बड़ा सबक साबित हो सकती है। देश की राजधानी दिल्ली से धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां किराएदारों ने मिलकर मकान मालकिन के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की रहने वाली एक महिला के साथ उसके किराएदारों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ₹18 करोड़ का लोन ले लिया और महिला को एक बड़े आइडेंटिटी फ्रॉड का शिकार बना दिया।

11 शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाए ₹18 करोड़

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने मकान मालकिन के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके कई अलग-अलग कंपनियों के नाम पर बैंकों या वित्तीय संस्थानों से लोन के रूप में फंड हासिल किया। इसके बाद इस रकम को चालाकी से छुपाने के लिए 11 शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया और बाद में इस भारी-भरकम राशि को निकाल लिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।

साल 2012 में किराएदार बनकर आए थे दो शख्स

इस पूरे फ्रॉड की शुरुआत जून 2012 में हुई थी। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार की रहने वाली 55 वर्षीय उषा रानी सेठी ने विवेक विहार के ब्लॉक-डी में दो नए फ्लैट खरीदे थे। वह इन दोनों फ्लैट्स को किराए पर देने के लिए किरायेदारों की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान सचिन और संजय नाम के दो व्यक्ति उषा रानी के पास आए और फ्लैट किराए पर लेने की इच्छा जताई। इनमें से मुख्य आरोपी सचिन ने खुद को एक बिजनेसमैन बताया और दावा किया कि वह जगदंबा मेटल्स नाम की एक मेटल ट्रेडिंग फर्म का मालिक है। संजय ने खुद को सचिन का बिजनेस एसोसिएट बताया।

सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में बकायदा रजिस्टर्ड हुआ था रेंट एग्रीमेंट

पीड़ित महिला उषा रानी सेठी ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि मैंने अपने दूसरे फ्लोर का फ्लैट सचिन को करीब 47000 रुपये प्रति महीने के किराए पर दिया था। तीसरे फ्लोर का छोटा फ्लैट संजय को 17000 रुपये प्रति महीने के किराए पर दिया था।

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महिला ने आगे बताया कि दोनों फ्लैटों के रेंट डीड बाकायदा सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में रजिस्टर्ड कराए गए थे। इसके बाद दोनों आरोपी कुछ समय तक वहां किराए पर रहे और फिर फ्लैट खाली करके वहां से चले गए। बाद में महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर इस ₹18 करोड़ के बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया।

PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 78000 रुपये की सब्सिडी लेकर सोलर से AC, फ्रीज, कूलर, वॉशिंग मशीन सब चला रहे धर्मपाल शर्मा, फुल स्कीम जानिए

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Case Study: राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी डॉ. धर्मपाल शर्मा की यह कहानी आज देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक मिसाल बन चुकी है। धर्मपाल जी ने केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर पर 5 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाया। इस पर उन्हें सरकार की तरफ से ₹78000 की मोटी सब्सिडी मिली और अब उनके घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो चुका है। आइए जानते हैं धर्मपाल शर्मा की बिजली बिल जीरो करने के पीछे की पूरी कहानी।

सोलर पैनल से चल रहा है पूरा घर

डॉ. धर्मपाल शर्मा के मुताबिक, उनके घर में भारी लोड वाले उपकरण जैसे एयर कंडीशनर (AC), गीजर, वॉशिंग मशीन, फ्रिज और कूलर लगातार चलते थे, जिसकी वजह से हर महीने बिजली का मोटा बिल आता था। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवेदन किया।

5 किलोवाट का सिस्टम: उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवाया।

₹78000 की डायरेक्ट सब्सिडी: इस प्लांट को लगवाने पर उन्हें सरकार के नियमों के मुताबिक ₹78000 की बैंक सब्सिडी सीधे उनके खाते में मिल गई।

शून्य बिजली बिल का सुख: सौर ऊर्जा के कारण अब उनके घर में दिनभर धूप से ही बिजली बनती है और सारे उपकरण मुफ्त में चलते हैं। जो अतिरिक्त बिजली बनती है, वह ग्रिड में चली जाती है। नतीजा यह है कि अब उनका बिजली बिल न के बराबर आता है।

क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य देश के 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है। इसके तहत लाभार्थियों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है। योजना की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार बहुत तगड़ी सब्सिडी देती है, जिससे आम आदमी पर शुरुआती खर्च का बोझ बेहद कम हो जाता है।

सब्सिडी का पूरा गणित: किस सिस्टम पर कितनी मिलेगी छूट?

सरकार ने इस योजना के तहत सब्सिडी के नियम बेहद साफ और पारदर्शी रखे हैं, जो इस प्रकार हैं:

1 किलोवाट (1 kW) सिस्टम के लिए: ₹30000 की सब्सिडी। यह छोटे घरों के लिए उपयुक्त है जहां केवल पंखे, लाइट और टीवी चलते हैं।

2 किलोवाट (2 kW) सिस्टम के लिए: ₹60000 की सब्सिडी।

3 किलोवाट या उससे अधिक (3 kW+) के लिए: अधिकतम ₹78000 की सब्सिडी मिलती है।

सब्सिडी का पूरा गणित: किस सिस्टम पर कितनी मिलेगी छूट?

डॉ. धर्मपाल शर्मा ने 5 किलोवाट का सिस्टम लगाया था, लेकिन नियमानुसार इस योजना के तहत अधिकतम सब्सिडी की सीमा ₹78000 ही तय की गई है, जो उन्हें पूरी मिल गई।

लोन की भी है सुविधा, जेब से नहीं लगाना होगा मोटा पैसा

अगर आपके पास सोलर पैनल लगवाने के लिए शुरुआती फंड नहीं है, तो भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए बैंकों के साथ मिलकर बेहद आसान और सस्ते कोलैटरल-फ्री लोन की व्यवस्था की है। इस लोन की ब्याज दरें बेहद कम जो करीब 7% के आसपास रखी गई हैं, और इसकी किस्त भी आपके द्वारा बचाई गई बिजली के खर्च से आसानी से पूरी हो जाती है।

आवेदन कैसे करें?

अगर आप भी धर्मपाल शर्मा की तरह अपने घर का बिजली बिल जीरो करना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

रजिस्ट्रेशन: योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाएं। अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी का नाम और अपना बिजली उपभोक्ता नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करें।

आवेदन: लॉग इन करने के बाद ‘रूफटॉप सोलर’ के लिए अप्लाई करें।

डिस्कॉम से मंजूरी: आपकी बिजली कंपनी आपके आवेदन की व्यवहार्यता की जांच कर मंजूरी देगी।

इंस्टॉलेशन: मंजूरी मिलने के बाद, डिस्कॉम के साथ रजिस्टर्ड किसी भी वेंडर से अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम लगवाएं।

नेट मीटरिंग और सब्सिडी: काम पूरा होने पर नेट मीटरिंग के लिए अप्लाई करें। डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण के बाद जब नेट मीटर सर्टिफिकेट जारी होगा, तो आपको पोर्टल पर अपने बैंक खाते की डिटेल भरनी होगी। इसके 30 दिनों के भीतर सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगी।

BlackRock ने कहा-इस वजह से जल्द भारतीय बाजार में लौटेंगे विदेशी निवेशक

विदेशी निवेशक जल्द भारतीय बाजार में लौट सकते हैं। यह अनुमान ब्लैकरॉक इनवेस्टमेंट इंस्टीट्यूट ने जताया है। इंस्टीट्यूट के चीफ एपीएसी एंड मिडिल ईस्ट इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट बेन पॉवेल ने कहा कि एनर्जी की कीमतों में नरमी और जियोपॉलिटिकल स्थितियां बेहतर होने से ग्लोबल इनवेस्टर के ऐलोकेशन में बदलाव आ रहा है। भारत को इसका फायदा मिल सकता है।

जल्द भारत का रुख कर सकते हैं विदेशी निवेश

पॉवेल ने कहा कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया में नया विदेशी निवेश आ सकता है। इसकी वजह यह है कि ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे AI से जुड़े शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी के बाद ग्लोबल इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग कर रहे हैं। आर्टफिशियिल इंटेलिजेंस को लेकर ब्लैकरॉक अभी भी पॉजिटिव है। लेकिन, दूसरी जगह मौके तलाशने में वह वैल्यूएशंस को लेकर वह सेलेक्टिव एप्रोच अपना रही है।

भारत को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा

उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया को इसका फायदा मिलेगा।” उनका मानना है कि बीते कुछ महीनों में इंडिया को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा है। इनमें पहला हाई वैल्यूएशन है। दूसरा, पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से एनर्जी की कीमतों में उछाल है। तीसरा, यह धारणा है कि इंडियन बाजार एआई में निवेश के लिहाज से प्राइमरी मार्केट नहीं है।

ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में जबर्दस्त तेजी

पॉवेल ने कहा कि एआई का सुपर बूम वास्तविक है। यह आगे बढ़ रहा है। लेकिन, हम निवेश के मामले में सेलेक्टिव और केयरफुल रहना चाहते हैं। इस वजह से हमने इमर्जिंग मार्केट के शेयरों को डाउनग्रेड कर न्यूट्रल रेटिंग दी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेयरिश हैं। हमने अपने पूरे पैसे का निवेश किया है। लेकिन, हमारी स्ट्रेटेजी बदलने की वजह बीते कुछ महीनों में ताइवान और कोरिया के बाजारों में आई जबर्दस्त तेजी है।

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भारत में एआई कंपनियां नहीं होने से निवेश पर पड़ा असर

उन्होंने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि क्या हम कुछ पैसा दूसरे बाजारों में लगा सकते हैं। इसका फायदा इंडिया को मिलेगा। अगले कुछ हफ्तों और महीनों में भारत में विदेशी निवेश आ सकता है। भारत से विदेशी निवेशकों के दूरी बनाने की एक बड़ी वजह यहां सीधे एआई से जुड़ी कंपनियों की गैर-मौजूदगी रही है। उधर, ताइवान और दक्षिण कोरिया की एआई और चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों को बड़े मौके दिखे हैं।

Aastha Spintex IPO: तीन दिनों में 3 गुना भरा आईपीओ, पैसे लगाने से पहले चेक करें पूरी डिटेल्स

Aastha Spintex IPO: आईपीओ खुलने के तीसरे और आखिरी दिन आस्था स्पिटेंक्स तीन गुने से अधिक भर गया। इसके ₹170 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों की स्थिति प्रीमियम दिख रही है। फिलहाल यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹6 यानी 4.41% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई एंट्री होगी।

सब्सक्रिप्शन डिटेल्स

QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स)- 1.04 गुना

NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स)- 5.41 गुना

रिटेल इंवेस्टर्स- 1.73 गुना

टोटल- 3.06 गुना

(सोर्स: बीएसई, 01 Jul 2026 | 01:18:00 PM )

Aastha Spintex IPO: खास बातें

आस्था स्पिेंटक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून को खुला था और आज 1 जुलाई तक के लिए मौका खुला। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹125-₹126 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 110 शेयरों का है यानी कि खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,960 में बोली लगानी है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इन नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

कंपनी के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RRB Group D Result 2026: रेलवे बोर्ड ने ग्रुप डी परीक्षा 2024 का रिजल्ट आधिकारिक पोर्टल पर जारी किया, 32,000 से ज्यादा पदों के लिए हुई थी परीक्षा

RRB Group D Result 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा 2024 देने वाले परीक्षार्थियों के लिए यह जरूरी और अहम अपडेट है। रिजल्ट घोषित होने का इंतजार कर रहे परीक्षा में शामिल 01 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आरआरबी ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जारी कर दिया है। यह परीक्षा 32,438 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसमें शामिल उम्मीदवार अपने क्षेत्रीय आधिकारिक पोर्टल पर जरूरी क्रेडेंशियल की मदद से रिजल्ट देख सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस परीक्षा में 1.08 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे।

आरआरबी ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब उम्मीदवारों को पीईटी, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। बोर्ड जल्द ही इसका शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घोषित करेगा। इससे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में लेने वाले उन अप्रेंटिप्रें स अभ्यर्थियों से अपने अंक और डॉक्यूमेंट अपडेट करने के लिए 23 जून तक का समय दिया था।

कैसे और कहां से डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट

आरआरबी ग्रुप-डी परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया गया है। उम्मीदवार यहां दिए स्टेप्स को फॉलो करके ग्रुप-डी परीक्षा का रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे

  • ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर विजिट करना होगा।
  • अब वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट सेक्शन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद RRB Group D Result 2026 लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।
  • अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।

रिजल्ट जारी होने के बाद

सीबीटी परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा PET, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। लिखित परीक्षा में पास होने के लिए जनरल एवं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत अंक, ओबीसी, एससी और एसटी उम्मीदवारों को 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है।

पीईटी के लिए नियम

लिखित परीक्षा पास करने के बाद चयन प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट का प्रावधान है। इसमें पुरुषों को एक बार में 35 किलोग्राम वजन के साथ 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में कवर करनी होगी। साथ ही 4 मिनट 15 सेकेंड में 1000 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। महिलाओं को एक बार में 20 किलोग्राम वजन के साथ 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में कवर करनी होगी। 5 मिनट 40 सेकेंड में 1000 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। लेकिन अप्रेंटाइसशिप ट्रेनिंग प्राप्त युवाओं को इस दौड़ से छूट होगी।

इस दिन हुई थी परीक्षा

आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के लिए सीबीटी परीक्षा का आयोजन 08, 09 जनवरी, 02, 03, 04, 05, 06, 09 और 10 फरवरी, 2026 को किया गया था। परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में संचालित की गई थी। इस परीक्षा के जरिये कुल 32,438 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

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सुकन्या समृद्धि योजना के नए इंट्रेस्ट रेट का हुआ ऐलान, बेटी के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक फंड बनाने के लिए करना होगा इतना निवेश

Sukanya Samriddhi Investment Calculator: सरकार ने छोटी बचत योजनाओं के नए ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। नए ऐलान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर मिलने वाले शानदार 8.2% के ब्याज को बरकरार रखा गया है। लगातार बढ़ती पढ़ाई की लागत और सुरक्षित भविष्य को देखते हुए माता-पिता के बीच इस सरकारी गारंटीड स्कीम का क्रेज तेजी से बढ़ा है।

अक्सर माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि बेटी की उच्च शिक्षा या शादी के लिए एक निश्चित टारगेट फंड जैसे- ₹10 लाख, ₹25 लाख या ₹50 लाख रुपये बनाने के लिए उन्हें हर महीने कितना पैसा बचाना होगा। आइए डेटा और सटीक कैलकुलेशन के जरिए इसका पूरा गणित समझते हैं।

टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित

वर्तमान 8.2% की सालाना ब्याज दर के आधार पर अलग-अलग फंड बनाने के लिए आपको हर महीने और सालाना इतना निवेश करना होगा:

टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित

नोट: इस स्कीम में आपको खाता खोलने के बाद केवल 15 वर्षों तक निवेश करना होता है, जबकि खाता 21 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर होता है। तब तक बिना निवेश किए भी आपके बैलेंस पर कंपाउंडिंग ब्याज जुड़ता रहता है।

ब्याज दरों का बड़ा खेल: 0.3% के बदलाव से बदल जाते हैं लाखों रुपये

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें सरकार द्वारा हर तिमाही रिव्यू की जाती हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि आधे या एक फीसदी के अंतर से क्या फर्क पड़ता है, लेकिन 21 साल के लंबे निवेश में यह मामूली बदलाव आपके फाइनल कॉर्पस को लाखों रुपये ऊपर-नीचे कर देता है।

अगर आप सालाना अधिकतम सीमा यानी ₹1.50 लाख का निवेश करते हैं, तो ब्याज दरों में बदलाव से आपके कुल फंड पर क्या असर पड़ता है:

7.7% ब्याज दर होने पर: 21 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी राशि ₹66.88 लाख होगी।

8.2% होने पर: मैच्योरिटी पर कुल फंड बढ़कर लगभग ₹72 लाख हो जाता है।

8.5% ब्याज दर होने पर: यही फंड और ज्यादा रफ्तार पकड़कर करीब ₹75 लाख तक पहुंच जाता है।

इस प्रकार सिर्फ 0.3% से 0.5% का अंतर आपके फाइनल फंड में ₹3 लाख से ₹8 लाख तक का बड़ा अंतर पैदा कर देता है।

सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की सबसे सही उम्र क्या है?

वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, बेटी के जन्म के तुरंत बाद या 1 वर्ष की उम्र के भीतर ही SSY खाता खुलवा लेना चाहिए। कानूनन आप बेटी के 10 वर्ष के होने से पहले कभी भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन जितनी देरी से आप शुरुआत करेंगे, आपके निवेश को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए उतना ही कम समय मिलेगा, जिससे मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली रकम काफी घट जाएगी।

क्या SSY अकेले बना सकती है ₹1 करोड़ का फंड?

अक्सर इंटरनेट पर लोग सर्च करते हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना से ₹1 करोड़ या उससे ज्यादा का फंड कैसे बनाएं। तकनीकी रूप से, सिर्फ सुकन्या योजना के भरोसे ₹1 करोड़ का कॉर्पस बनाना नामुमकिन है। इसका कारण यह है कि सरकार ने इस योजना में एक वित्तीय वर्ष के भीतर अधिकतम निवेश की सीमा ₹1.5 लाख तय कर रखी है। वर्तमान 8.2% की ब्याज दर पर भी अधिकतम निवेश करने के बाद फाइनल मैच्योरिटी वैल्यू ₹72 लाख से ₹75 लाख के बीच ही सिमट जाती है।

क्या है एक्सपर्ट्स की एडवाइस

अगर आपका टारगेट ₹1 करोड़ या उससे बड़ा है, तो आपको सुकन्या समृद्धि योजना के सुरक्षित और टैक्स-फ्री लाभ के साथ-साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड में भी थोड़ा निवेश करना चाहिए। यह हाइब्रिड मॉडल आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षा भी देगा और तगड़ा रिटर्न भी।

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SBI Apprentice Admit Card 2026: एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से करें डाउनलोड, 7000 से ज्यादा पदों के लिए 11 जुलाई को है परीक्षा

SBI Apprentice Admit Card 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में एप्रेंटिस के 7150 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवार अपने प्रवेश पत्र का इंतजार कर रहे हैं। बैंक इन उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर हॉल टिकट जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स अब अपने रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि का इस्तेमाल करके ऑफिशियल एसबीआई करियर पोर्टल से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

ऑफिशियल शेड्यूल के अनुसार, एसबीआई अप्रेंटिस ऑनलाइन परीक्षा 11 जुलाई, 2026 को होगी। एडमिट कार्ड में एग्जाम की तारीख, रिपोर्टिंग टाइम, शिफ्ट टाइमिंग, एग्जाम सेंटर का पता और एग्जाम के दिन के इंस्ट्रक्शन जैसी जरूरी डिटेल्स हैं। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दी गई सभी डिटेल्स को पहले ही डाउनलोड करके वेरिफाई कर लें।

एसबीआई अप्रेंटिस एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें?

कैंडिडेट्स अपना एसबीआई अप्रेंटिस 2026 हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • ऑफिशियल एसबीआई करियर वेबसाइट ibpsreg.ibps.in पर जाएं।
  • एसबीआई अप्रेंटिस एडमिट कार्ड 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि डालें।
  • सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।
  • आगे के लिए डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।

एसबीआई अप्रेंटिस एडमिट कार्ड 2026 पर दी गई जानकारी

उम्मीदवारों को एसबीआई अप्रेंटिस 2026 एडमिट कार्ड पर छपी ये जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए:

  • उम्मीदवार का नाम
  • रोल नंबर
  • रजिस्ट्रेशन नंबर
  • परीक्षा की तारीख
  • परीक्षा का समय और रिपोर्टिंग टाइम
  • परीक्षा केंद्र का नाम और पूरा पता
  • उम्मीदवार की फोटो और हस्ताक्षर

यदि एडमिट कार्ड में किसी भी प्रकार की गलती दिखाई दे, तो उम्मीदवार को तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।

एग्जाम के दिन के लिए जरूरी निर्देश

एसबीआई अप्रेंटिस 2026 एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवार जल्द से जल्द अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें। 11 जुलाई को होने वाली परीक्षा में सभी उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी परीक्षा केंद्र ले जाना होगा। यह एक जरूरी दस्तावेज है, जिसके बिना परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन लिखित परीक्षा और स्थानीय भाषा परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। अंतिम चयन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।

कितना मिलेगा स्टाइपेंड

एसबीआई अप्रेंटिस भर्ती के तहत देशभर में कुल 7150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग एसबीआई शाखाओं में एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह भर्ती अप्रेंटिस अधिनियम 1961 के तहत आयोजित की जा रही है। साथ ही चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 15,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

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Trump Crypto Income: डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो से कितनी कमाई की? फाइलिंग के बाद सामने आया एक साल का ये आंकड़ा होश उड़ा देगा

Donald Trump Income news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सालाना वित्तीय जानकारी सामने आई है। आंकड़े ऐसे हैं जो आपको चौंकने पर मजबूर कर सकते हैं। बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही साल में ट्रंप ने क्रिप्टो और मीमकॉइन से जुड़े बिजनेस के जरिए कम से कम $1.4 बिलियन (1.4 अरब डॉलर) की बंपर कमाई की है। ‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स’ के अनुसार, क्रिप्टो से हुई यह कमाई राष्ट्रपति ट्रंप की आय का अब तक का सबसे बड़ा जरिया बनकर उभरी है। इसके बाद उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर $7.6 बिलियन (7.6 अरब डॉलर) पर पहुंच गई है।

927 पन्नों के दस्तावेज में क्रिप्टो से बंपर कमाई का खुलासा

हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘सीएनबीसी टीवी 18’ की एक रिपोर्ट में एजेंसियों के इनपुट के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप की वित्तीय जानकारी के 927 पन्नों के आधिकारिक दस्तावेज सामने आए हैं। इससे पता चलता है कि डॉनल्ड ट्रंप की इस अरबों डॉलर की कमाई के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े क्रिप्टो सोर्स रहे हैं।

1- वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल: इस क्रिप्टो फर्म की सेल्स से ट्रंप ने $594 मिलियन (59.4 करोड़ डॉलर) से अधिक की कमाई की है। इस फर्म के को-फाउंडर्स में ट्रंप के बेटे और उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। विटकॉफ के बेटे जैक इस फर्म के सीईओ हैं।

2- मीमकॉइन बिजनेस और रॉयल्टी: ट्रंप के मीमकॉइन बिजनेस सीआईसी डिजिटल एलएलसी (CIC Digital LLC) ने $636 मिलियन (63.6 करोड़ डॉलर) की भारी इनकम की है। यह पूरी कमाई सेलिब्रेशन कॉइन्स के साथ हुए एक लाइसेंस समझौते से मिली रॉयल्टी के जरिए हुई है। सीआईसी ने डिजिटल वॉलेट में कम से कम $60 मिलियन (6 करोड़ डॉलर) मूल्य की विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी रखने का भी खुलासा किया है।

3- स्टेबलकॉइन होल्डको: इस कंपनी की हिस्सेदारी बेचने से अमेरिकी राष्ट्रपति को $197 मिलियन (19.7 करोड़ डॉलर) की मोटी रकम हासिल हुई है।

गोल्फ क्लब और मार-ए-लागो रिसॉर्ट से भी करोड़ों की आय

क्रिप्टो के अलावा डोनाल्ड ट्रंप के पारंपरिक बिजनेस और संपत्तियों से भी अच्छी खासी कमाई हुई है। ट्रंप के प्रसिद्ध ‘मार-ए-लागो’ रिसॉर्ट से उन्हें $77 मिलियन (7.7 करोड़ डॉलर) की आय हुई है। उनके नॉर्दर्न वर्जीनिया गोल्फ क्लब से $25 मिलियन (2.5 करोड़ डॉलर) की कमाई दर्ज की गई है।

एक साल में दोगुने हुए व्यक्तिगत निवेश, आलोचकों ने उठाए सवाल

वित्तीय फाइलिंग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 के अंत तक ट्रंप द्वारा किए गए व्यक्तिगत निवेशों की संख्या बढ़कर 6181 हो गई है। साल 2024 के अंत में यह संख्या 3314 थी। यानी निवेश की संख्या करीब दोगुनी हो चुकी है। निवेशों में आए इस भारी उछाल के बाद आलोचकों और विरोधियों ने एक बार फिर चिंता जताना शुरू कर दिया है। आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप राष्ट्रपति पद का फायदा उठाकर मुनाफा कमा रहे हैं और अपने राष्ट्रपति पद के दायित्वों तथा वित्तीय हितों को आपस में मिला रहे हैं।

ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन की सफाई: थर्ड-पार्टी संभाल रही है सारा काम

आलोचनाओं के बीच ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से इस पर सफाई दी गई है। कंपनी का कहना है कि ट्रंप की होल्डिंग्स और निवेश का प्रबंधन अब पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से थर्ड-पार्टी वित्तीय संस्थानों द्वारा किया जा रहा है। सभी निवेश संबंधी फैसले उन्हीं संस्थानों के पास सुरक्षित हैं। ट्रेडिंग पूरी तरह से एक ऑटोमेटेड प्रक्रिया के तहत की जा रही है। ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने दावा किया है कि इन लेन-देन में न तो खुद डॉनल्ड ट्रंप न उनके परिवार का कोई सदस्य और न ही उनकी कंपनी की कोई भूमिका है।

ट्रंप पर करोड़ों डॉलर का कर्ज और अदालती हर्जाना भी बकाया

इस बंपर कमाई और अरबों की नेटवर्थ के बीच ट्रंप की फाइलिंग में कई बड़े बकाए कर्ज भी सूचीबद्ध किए गए हैं। इसमें लेखिका ई जीन कैरोल द्वारा उनके खिलाफ जीते गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े दो अदालती फैसले शामिल हैं। इनका भुगतान होना बाकी है।

ट्रंप पर रियल एस्टेट से जुड़े तीन बड़े लोन भी बकाया हैं। इनमें ट्रंप टॉवर और ट्रंप नेशनल डोरल पर $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) से अधिक की रकम के मॉर्टगेज शामिल हैं। ट्रंप ने साल 2025 में ऐसे तीन मॉर्टगेज लोन पूरी तरह चुका दिए हैं, जिनकी वैल्यू कभी $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) से अधिक हुआ करती थी।

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HUDCO Shares: Q1 में दोगुना लोन अप्रूव, धमाकेदार बिजनेस अपडेट पर चमके शेयर

HUDCO Shares: हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के शेयर जून 2026 तिमाही के कारोबारी अपडेट पर रॉकेट बन गए। लोन सैंक्शन के करीब दोगुना होने औ डिस्बर्समेंट्स में 28% के उछाल ने इसके शेयरों की चमक बढ़ा दी और यह 3% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे शेयरों की चमक कुछ फीकी पड़ी लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने भाव टूटने नहीं दिया और अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 1.85% की बढ़त के साथ ₹208.90 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.17% के उछाल के साथ ₹211.60 तक चढ़ गया था।

HUDCO के बिजनेस अपडेट की खास बातें

एक्सचेंज फाइलिंग में दिए गए हुडको के बिजनेस अपडेट के मुताबिक जून 2026 तिमाही में कंपनी का लोन सैंक्शन्ड सालाना आधार पर ₹33,904 करोड़ से उछलकर ₹65,485 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान लोन डिस्बर्समेंट्स भी ₹12,812 करोड़ से 28% बढ़कर ₹16,377 करोड़ पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल ₹1.64 लाख करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹51,194 करोड़ के लोन बांटे। कंपनी का फोकस अर्बन इंफ्रा फाइनेंसिंग पर तेजी से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इसकी कंपनी के कुल लोन बुक में करीब 74% हिस्सेदारी रही। पिछले वित्त वर्ष में कोई नया एनपीए नहीं जुड़ा, जबकि ₹403 करोड़ की रिकवरी हुई। साथ ही कंपनी की उधारी लागत भी सालाना आधार पर 7.44% से घटकर 6.56% रह गई।

हुडको ने किया मालामाल

करीब छह साल पहले कोरोना महामारी के समय हुडको के शेयर फर्श पर थे और 24 मार्च 2020 को यह महज ₹18.05 में मिल रहा था। इसके बाद शेयरों ने रफ्तार पकड़ी और 4 ही साल में यह 1860.94% उछलकर 15 जुलाई 2024 को ₹353.95 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई है। इस प्रकार महज चार साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 20 गुना बढ़ा दिया।

पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 18 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹246.90 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 4 महीने में यह 35.62% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹158.95 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को लगे पंख, AI में एंट्री के ऐलान का असर

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को 1 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। शुरुआती कारोबार में शेयर 18 फीसदी तक चढ़ गया। 12 बजे शेयर का भाव 15.90 फीसदी उछाल के साथ 28.79 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में उछाल की वजह कंपनी का एक ऐलान है। कंपनी ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और न्यू एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का ऐलान किया है।

बाजार खुलते ही 18 फीसदी चढ़ गया शेयर

1 जुलाई को बाजार खुलते ही Reliance Power का शेयर 18.35 फीसदी चढ़कर 29.40 रुपये पर पहुंच गया। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसने तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलॉयड न्यू-एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज के जरिए कुछ खास कदम उठाए हैं।

एआई में कंपनी की बड़ी एंट्री

रिलायंस पावर के मुताबिक, इस कदम का मकसद अपने बिजनेस फ्रेमवर्क के तहत एआई और इससे संबंधित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के ऑब्जेक्ट में संशोधन किया है। रिलायंस पावर ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के नामों में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इनमें Reliance AI Green Power Private Limited, Reliance AI Power Private Limited, Reliance AI Data Control private और Reliance AI Data C Private Limited शामिल हैं।

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तीन महीनों में 30 फीसदी चढ़ा शेयर 

रिलांयस पावर के शेयरों में बीते तीन महीनों में करीब 30 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान सेंसेक्स सिर्फ 5 फीसदी चढ़ा है। 1 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। 12 बजे निफ्टी 0.66 फीसदी यानी 158 अंक चढ़कर 24,022 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.72 फीसदी यानी 552 अंक के उछाल के साथ 77,025 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.73 फीसदी की तेजी दिखी।

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