LPG Rules Change: रसोई गैस के लिए बदले 4 बड़े नियम! OTP वेरिफिकेशन से लेकर सब्सिडी और सेफ्टी चेक पर ये नए बदलाव जानें

जुलाई शुरू होते ही रसोई गैस (LPG) के नियमों में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों के तहत अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी और डीएसी वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही ई-केवाईसी के नियमों को सख्त किया गया है, सब्सिडी की पात्रता में संशोधन किया गया है और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े कुछ नए नियम भी पेश किए गए हैं। आइए जानते हैं इन सभी महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तार से।

1- सिलेंडर डिलीवरी के लिए OTP वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य

हमारे सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी वेरिफिकेशन पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। जैसे ही कोई ग्राहक सिलेंडर बुक करेगा, उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। सिलेंडर की डिलीवरी के समय यह ओटीपी डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के साथ शेयर करना अनिवार्य होगा। अगर सफल ओटीपी वेरिफिकेशन नहीं होता है तो ग्राहक को सिलेंडर नहीं सौंपा जाएगा, भले ही उसके पास बुकिंग रसीद क्यों न हो। सरकार का यह कदम गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

2- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC बेहद जरूरी

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अब अपनी एलपीजी सब्सिडी जारी रखने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य हो गया है। जिन लाभार्थियों ने 30 जून 2026 की समय सीमा तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, उन्हें अब सब्सिडी का भुगतान नहीं मिल सकेगा। यह सब्सिडी सीधे उनके लिंक किए गए बैंक खाते में जमा की जाती है। पहले सरकार द्वारा सालाना अधिकतम 9 एलपीजी सिलेंडरों पर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाती थी। मध्य पूर्व में चल रही अस्थिरता का हवाला देते हुए जून 2026 से इस सब्सिडी को सीमित कर दिया गया है। अब लाभार्थियों को साल में केवल 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी।

3- अनिवार्य हुआ DAC वेरिफिकेशन, मिलेगा डिजिटल कैश मेमो

एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी के दौरान अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) भी अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहकों को डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को यह डीएसी कोड देना होगा। सफल वेरिफिकेशन के बाद ही डिलीवरी की प्रक्रिया को पूरा माना जाएगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे इस कोड को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। जैसे ही डिलीवरी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक डिजिटल कैश मेमो भेजा जाएगा। इस डिजिटल मेमो में सिलेंडर की कीमत, भुगतान का विवरण, डिलीवरी की तारीख और अन्य आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी।

4- PNG और LPG दोनों इस्तेमाल करने वालों के लिए नए नियम

ऐसे परिवार जिनके पास एक्टिव पीएनजी (PNG) कनेक्शन है और वे साथ में एलपीजी सिलेंडर का भी उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना पीएनजी कनेक्शन एक्टिव रखना होगा और 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर (वापस) करना होगा। सिलेंडर सरेंडर करने के बदले उपभोक्ताओं को एक ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। इस वाउचर का उपयोग वे भविष्य में दोबारा एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए कर सकेंगे। अगर वे किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होते हैं जहां पीएनजी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।

पीएनजी बिल भुगतान न करने पर कटेगा कनेक्शन, लगेगा जुर्माना

इसके साथ ही साथ पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं। अगर कोई उपभोक्ता लगातार दो महीनों तक अपने पीएनजी बिल का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसका कनेक्शन काट दिया जा सकता है। सभी बकाया राशि का भुगतान करने के बाद ही सेवा को दोबारा बहाल किया जाएगा। अगर जांच में यह पाया जाता है कि किसी उपभोक्ता ने जानबूझकर पीएनजी पाइपलाइन या उसके वॉल्व को नुकसान पहुंचाया है तो मरम्मत का पूरा खर्च खुद उपभोक्ता को ही उठाना होगा।

रूस खुद बन गया भारतीय तेल का खरीदार! यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने ऐसा क्या कर दिया वहां की रिफाइनरियों के साथ?

यूक्रेन के भीषण ड्रोन हमलों ने रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे वहां की तेल रिफाइनरियों का कामकाज ठप पड़ गया है। इस संकट के कारण रूस को अपने इतिहास में पहली बार ईंधन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच खबर आ रही है कि इस कमी को दूर करने के लिए अब रूस ने समुद्र के रास्ते भारत से गैसोलीन का आयात करना शुरू कर दिया है।

11 टाइम जोन वाले रूस में ईंधन की राशनिंग, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें

यूक्रेन के हमलों के बाद रूस के सभी 11 टाइम जोन में ईंधन का संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि देश में ईंधन की राशनिंग करनी पड़ रही है, पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और वहां गैसोलीन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस संकट पर क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) ने बयान जारी कर कहा है कि रूस स्वीकार्य कीमतों पर ईंधन आयात करने के लिए अन्य देशों के संपर्क में है और लगातार चर्चा कर रहा है। वैसे इस मामले पर रूस के ऊर्जा मंत्रालय और भारत के तेल मंत्रालय ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।

भारत से भेजी जा चुकी है 60000 टन से अधिक गैसोलीन

उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों की मानें तो भारत से कम से कम 60000 मीट्रिक टन गैसोलीन रूस के लिए रवाना की जा चुकी है। एक अन्य सूत्र ने पुष्टि की है कि दो तेल टैंकर रूस भेजे गए हैं। इनमें से हर में 30000 से 40000 टन गैसोलीन लोड है। वैसे अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भारत की कौन सी रिफाइनरी कंपनी रूस को इस गैसोलीन की सप्लाई कर रही है।

आपको बता दें कि रूस अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए हर महीने विभिन्न देशों से कुल 400000 टन गैसोलीन आयात करने की योजना बना रहा है। इसमें उसका पड़ोसी देश बेलारूस भी शामिल है। बेलारूस ने पहले ही रूस को ईंधन का निर्यात करना शुरू कर दिया है। रूस में गर्मियों के मौसम में ईंधन की मांग काफी बढ़ जाती है और इस दौरान वहां रोजाना कम से कम 110000 टन गैसोलीन की खपत होती है।

पुतिन ने माना – ड्रोन हमलों से रिफाइनरियों को पहुंचा नुकसान

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सरकारी मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में खुद यह स्वीकार किया है कि तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी हुई है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि रूस इस संकट से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक बेलारूस ने जून के पहले पखवाड़े में मई के पहले पखवाड़े की तुलना में रूस को रेलवे के जरिए की जाने वाली गैसोलीन की आपूर्ति को लगभग तीन गुना बढ़ाकर 70000 टन से अधिक कर दिया है।

रूस की संसद ने टैक्स कोड में किया बदलाव, मिलेगी सब्सिडी

यूक्रेनी ड्रोन हमलों से पैदा हुए इस ईंधन संकट से निपटने के लिए रूसी संसद ने पिछले हफ्ते अपने टैक्स कोड में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इन नए संशोधनों के तहत ईंधन आयात पर सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इस सब्सिडी को भारतीय डिलीवरी लागत और कीमतों के आधार पर तय किया गया है।

भारत में रूसी कच्चे तेल के आयात ने तोड़ा रिकॉर्ड

एक तरफ जहां रूस भारत से तैयार ईंधन खरीद रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल का आयात जून के महीने में सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। एलएसईजी और केपलर के शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों से ये जानकारी सामने आई है। असल में ईरान और अमेरिका-इजरायाल के बीच युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से अन्य देशों से होने वाली तेल सप्लाई पर बुरा असर पड़ा था। इस प्रभाव को कम करने के लिए भारतीय रिफाइनरियों ने तेजी से रूसी कच्चे तेल के बैरल खरीदे। केपलर के आंकड़ों के अनुसार, जून में भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी आधे से अधिक (50% से ज्यादा) हो गई। ये मई के महीने में 36.5% थी। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश भारत ने जून में रूस से लगभग 2.70 मिलियन बैरल प्रति दिन कच्चे तेल की खेप प्राप्त की है।

Annapurna Yojana: अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने महिलाओं को मिलेंगे ₹3,000! जानें कौन होगा पात्र और कैसे चेक करें स्टेटस

Annapurna Yojana: पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ को बुधवार, 1 जुलाई से लागू कर दिया है। इसके तहत 25 से 60 साल की उम्र की लगभग 1.2 करोड़ महिलाओं को उनके बैंक खाते में हर महीने ₹3,000 भेजे जाएंगे। इस योजना का मकसद राज्य भर की महिलाओं को आर्थिक मदद देना और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है।

इस दौरान बुधवार को एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई जिलों से आई सैकड़ों लाभार्थी महिलाओं की मौजूदगी में इस योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत पैसे सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे इसका औपचारिक रूप से शुभारंभ हुआ।

इससे पहले, सरकार ने बताया था कि उसे इस योजना के लिए अब तक लगभग 1.5 करोड़ आवेदन मिले हैं। जांच-पड़ताल के बाद, कुल 1.2 करोड़ आवेदन सही पाए गए। इनमें लगभग 5 लाख आदिवासी महिलाएं शामिल थीं।

अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी कौन हैं?

इस योजना के लाभार्थी वे महिलाएं हैं जो सरकार द्वारा तय किए गए मानदंडों को पूरा करती हैं। इसमें मुख्य रूप से 25 से 60 वर्ष की आयु की लगभग 1.2 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें हर महीने ₹3,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।

‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का नया रूप है अन्नपूर्णा योजना 

सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के लिए कुल ₹36,000 करोड़ का बजट तय किया है। यह पहले से चल रही ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का ही नया रूप है, जिसके तहत लगभग 2.4 करोड़ लोग लाभ उठा रहे थे।

इस बदलाव के कारण महिलाओं में अपनी पात्रता (eligibility) को लेकर कुछ भ्रम हो सकता है कि उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। सरकार ने बताया है कि लक्ष्मी भंडार योजना के योग्य पुराने लाभार्थियों को नई अन्नपूर्णा योजना में शामिल कर दिया गया है। वहीं, मई से नए आवेदन जमा किए गए थे।

स्टेटस चेक करने के स्टेप्स

अगर आपने अन्नपूर्णा योजना के लिए आवेदन किया है और अपना लाभार्थी स्टेटस देखना चाहते हैं, तो ये आसान स्टेप्स फॉलो करें:

  1. सबसे पहले पश्चिम बंगाल सोशल सिक्योरिटी पोर्टल पर जाएं:

    https://socialregistry.wb.gov.in/

  2. फिर Citizen Access सेक्शन पर क्लिक करें, जो आपको इस लिंक पर ले जाएगा:

    https://socialregistry.wb.gov.in/citizen/

  3. अब अपने जिले (District) का चयन करें और मोबाइल नंबर डालकर लॉगिन डिटेल्स भरें।
  4. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा।
  5. OTP और कैप्चा (Captcha) भरकर लॉगिन करें।
  6. लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड में जाकर “Application Status” पर क्लिक करें।
  7. यहां आपको आपकी आवेदन स्थिति और लाभार्थी जानकारी दिख जाएगी।

कौन पात्र नहीं है

मुख्यमंत्री ने पहले ही साफ किया था कि लक्ष्मी भंडार योजना नई अन्नपूर्णा योजना में पूरी तरह शामिल होने तक जारी रहेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनकम टैक्स भरने वाले, सरकारी कर्मचारी, नियमित वेतन पाने वाले कर्मचारी और पेंशन पाने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। हालांकि, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) प्रक्रिया के तहत आने वाले आवेदक या SIR प्रक्रिया में न्यायिक समीक्षा का सामना कर रहे लोग इस योजना के लाभ के पात्र बने रहेंगे।

सरकार ने बताया कि जून महीने में भी लाखों लाभार्थियों के खातों में पैसे भेजे गए थे, लेकिन आने वाले चरणों में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू होकर 90 दिनों तक चलेगी। इस दौरान हर नगर पालिका (Municipality) में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन और सत्यापन का काम किया जाएगा, ताकि सभी पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।

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विराट कोहली के निवेश वाली एजिलिटास Sports365 का कर सकती है अधिग्रहण, दोनों में चल रही बातचीत

एजिलिटास स्पोर्ट्स जल्द स्पोर्ट्स365 का अधिग्रहण कर सकती है। इस बारे में बातचीत अंतिम चरण में है। एजिलिटास एक स्टार्टअप है, जो स्पोर्ट्स गुड्स बनाती है। स्पोर्ट्स365 स्पोर्ट्स एक्सेसरीज की रिटेलिंग में मदद करती है। एजिलिटास अपने प्रोडक्ट्स ज्यादातर कस्टमर्स तक ले जाना चाहती है। इस काम में स्पोर्ट्स365 उसकी मदद कर सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया।

स्पोर्ट्स365 की शुरुआत 2012 में हुई थी

स्पोर्ट्स365 की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसे शेखर गारिसा और विशाल गुप्ता ने शुरू किया था। यह स्पोर्ट्स गुड्स पर फोकस करने वाली देश के शुरुआती स्टार्टअप्स में से एक थी। शुरुआत में इसे इंडियन टेनिस स्टार महेश भूपति का भी सपोर्ट हासिल था। बाद में कई हाई प्रोफाइल क्रिकेटर्स और दूसरे खिलाड़ी भी इस कंपनी से जुड़ गए। इनमें युवराज सिंह, एक्टर लारा दत्त और इंटरनेशनल स्कवैश प्लेयर दीपिका पल्लीकल शामिल थी।

पहले साल स्पोर्ट्स365 का रेवेन्यू 7 करोड़

स्पोर्ट्स365 का रेवेन्यू इसके पहले साल यानी FY14 में करीब 7 करोड़ रुपये था। FY21 में रेवेन्यू बढ़कर 46 करोड़ हो गया। लेकिन, कोविड की महामारी शुरू होने पर कंपनी के कारोबार पर तगड़ी चोट लगी। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर करीब 2 करोड़ रुपये रह गया था। यह जानकारी Tracxn के डेटा पर आधारित है।

अधिग्रहण की शर्तों के बारे में जानकारी नहीं

दोनों कंपनियों के बीच अधिग्रहण की शर्तों के बारे में अभी पता नहीं चला है। लेकिन, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि अधिग्रहण के लिए स्पोर्ट्स365 की वैल्यूएशन इसके रिकॉर्ड 46 करोड़ रुपये के रेवेन्यू के मुकाबले काफी कम रह सकती है। स्पोर्ट्स365 ने पावरहाउस वेंचर्स और कुछ इनवेस्टर्स से 15 करोड़ रुपये से कम जुटाए थे। इसे YouWeCan का भी सपोर्ट हासिल था, जो क्रिकेटर युवराज सिंह का नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है।

पहले कर चुकी है Mochiko Shoes का अधिग्रहण 

Agilitas और Sports365 ने इस बारे में मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए। एजिलिटास के लिए स्पोर्ट्स365 नया अधिग्रहण होगा। कंपनी पहले Mochiko Shoes का अधिग्रहण कर चुकी है। इस कंपनी के पास काफी समय से Lotto का लाइसेंसिंग राइट्स रहा है। एजिलिटास ने बाद में क्रिकेटर विराट कोहली के स्पोर्टिंग ब्रांड One8 को भी दोबारा शुरू किया था।

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अभिषेक गांगुली ने की थी एजिलिटास की शुरुआत

एजिलिटास की शुरुआत अभिषेक गांगुली ने की थी। वह पहले Puma India और इसके साऊथईस्ट एशिया बिजनेस के एमडी थे। उन्होंने अतुल बजाज और अमित प्रभु के साथ मिलकर एजिलिटास की शुरुआत की थी। तब से कंपनी अब तक 850 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड जुटा चुकी है। कंपनी ने यह पैसा विराट कोहली, एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा, रेनमैटर, युवराज सिंह, कनवर्जेंट सहित कई इनवेस्टर्स से जुटाए हैं।

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मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या इन दिनों काफी चर्चा में हैं। खबर है कि हार्दिक पांड्या आईपीएल के आने वाले सीजन से पहले मुंबई इंडियंस का साथ छोड़ सकते हैं। हार्दिक ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत 2015 में मुंबई इंडियंस से की थी और कई साल तक टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद वह गुजरात टाइटंस में गए, जहां उन्होंने कप्तान के तौर पर एक टीम को एक ट्रॉफी भी जिताई। वहीं फिर बाद में मुंबई इंडियंस में बतौर कप्तान उनकी वापसी हुई। लेकिन हार्दिक के कप्तान बनने के बाद टीम का प्रदर्शन पिछले तीन सीजन में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

हार्दिक को टीम में लेना चाहती है ये टीमें

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल की ट्रेड विंडो के दौरान हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करने में सात फ्रेंचाइजी रुचि दिखा रही हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद को छोड़कर बाकी सभी टीमें इस स्टार ऑलराउंडर को अपने साथ जोड़ने की संभावनाएं तलाश रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, “हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करने की दौड़ में चेन्नई सुपर किंग्स सबसे आगे बताई जा रही है, वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स भी उन्हें हासिल करने की कोशिश में है। राजस्थान रॉयल्स का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है।”

बेंगलुरु में हुए शिफ्ट

दूसरी ओर PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, “हार्दिक ने अपने भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) को अपना स्थायी ट्रेनिंग सेंटर बना लिया है।” रिपोर्ट के मुताबिक, “हार्दिक पांड्या का यह फैसला काफी अलग माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) का इस्तेमाल सिर्फ चोट से उबरने, फिटनेस टेस्ट या राष्ट्रीय टीम के कैंप के दौरान ही करते हैं। हार्दिक मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से वह मुंबई में रह रहे थे और अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के घनसोली स्थित ट्रेनिंग सेंटर में प्रैक्टिस करते रहे हैं।”

32 वर्षीय हार्दिक पांड्या इस समय क्वाड्रिसेप्स की चोट से उबर रहे हैं, जिसके कारण वह इंग्लैंड दौरे की मौजूदा सीमित ओवरों की सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब छह महीनों में उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम करने के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में काफी समय बिताया है।

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

Market Outlook: पिछले करीब तीन महीने से भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट, लेकिन कोई बड़ा मूव देखने को नहीं मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या जुलाई का महीना बाजार के लिए कुछ नया लेकर आएगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए अक्सर अच्छा साबित हुआ है। वहीं, मौजूदा आर्थिक हालात भी बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?

SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े जुलाई के पक्ष में इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘साल 2001 से 2025 के बीच 25 साल में निफ्टी 50 ने जुलाई में 18 बार बढ़त दर्ज की है। यानी करीब 72% बार बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान औसत रिटर्न 2.19% रहा। दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई निफ्टी के लिए तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना रहा है।’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुराने ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। लेकिन जुलाई में हर साल कुछ ऐसे फैक्टर देखने को मिलते हैं, जो बाजार को सपोर्ट देते हैं। इनमें सामान्य मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी शामिल हैं।

मौजूदा हालात भी बाजार के लिए अच्छे

जहोल प्रजापति का कहना है कि इस समय कई ऐसे फैक्टर हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर हो सकते हैं।

  • भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है।
  • कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
  • इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।
  • साल की शुरुआत में कमजोर पड़ा रुपया अब संभलता दिख रहा है।
  • विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो ये सभी बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।

चार्ट क्या बता रहे हैं?

SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि 1 जुलाई को निफ्टी ने अच्छी मजबूती दिखाई और बुलिश कैंडल बनाई। इंडेक्स ने 23,850-23,900 के सपोर्ट जोन को बचाए रखा। यही इलाका हालिया ब्रेकआउट एरिया और 50-DEMA के आसपास भी है। हालांकि, 24,000 के ऊपर पहुंचने के बावजूद निफ्टी को 100-DEMA के पास मजबूत रुकावट मिल रही है। यही वजह है कि बाजार अभी भी एक छोटी रेंज में फंसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि RSI अब धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और फिलहाल 55.13 पर है। जब तक RSI 50 से ऊपर रहेगा, तब तक बाजार का रुख पॉजिटिव माना जाएगा। हालांकि, असली तेजी का संकेत तभी मिलेगा, जब निफ्टी मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर निकल जाएगा। धामेजा ने यह भी कहा कि India VIX 2.63% गिरकर 13.24 पर आ गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशक फिलहाल ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं।

क्या 24,200 तक जा सकता है निफ्टी?

LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि 1 जुलाई को भी निफ्टी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स 24,000 के आसपास ही घूम रहा है, जिससे साफ है कि बाजार को अभी नई दिशा नहीं मिली है।

हालांकि, उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह सपोर्ट नहीं टूटता है, तो आने वाले दिनों में निफ्टी धीरे-धीरे 24,200 और उससे ऊपर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 1 जुलाई को निफ्टी 50 में 0.59% की तेजी आई और यह 24,005.85 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 0.58% चढ़कर 76,922.64 के स्तर पर पहुंच गया।

Vedanta Oil & Gas का शेयर 20% भागा, समूह की बाकी तीन कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

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इन 5 iPhones पर मिल रहा शानदार ऑफर, कीमत बढ़ने से पहले चेक करें डील

अगर आप नया iPhone खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे सही समय हो सकता है। जही हां, दरअसल कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple जल्द ही iPhone की कीमतें बढ़ा सकता है, और इसकी सबसे बड़ी वजह AI-बेस्ड मेमोरी चिप की कमी है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ रही है। हालांकि, Cupertino की इस टेक कंपनी ने कीमतों में बदलाव की जानकारी तो नहीं दी है, लेकिन हालिया लीक्स से संकेत मिलता है कि आने वाली iPhone 17 लाइनअप काफी महंगी हो सकती है। अब चलिए कीमतों की बढ़ोतरी से पहले, iPhone की बेहतरीन डील्स के बारे में सब कुछ जानते हैं।

iPhone की कीमतें क्यों बढ़ सकती हैं

टिपस्टर संजू चौधरी की ओर से सामने आई हालिया जानकारी से पता चलता है कि Apple के अगले iPhone लाइनअप की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। इस जानकारी के अनुसार, iPhone 17 Pro Max की कीमत ₹1,49,900 से बढ़कर लगभग ₹1,99,900 हो सकती है, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 17 की कीमत ₹82,990 से बढ़कर ₹94,900 हो सकती है। हाल ही में पेश किए गए iPhone 17e की कीमत भी ₹64,900 से बढ़कर ₹74,900 होने की उम्मीद है। हालांकि, Apple ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है, इसलिए फिलहाल इन्हें सिर्फ अटकलें ही माना जाना चाहिए। लेकिन, यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब DRAM और NAND मेमोरी की बढ़ती लागत के बीच iPhone बनाने वाली कंपनी ने कई बाजारों में MacBook, iPad और HomePod के कई मॉडल्स की कीमतें बढ़ाई हैं। इंडस्ट्री के जानकारों ने इन कीमतों में बढ़ोतरी को AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से जोड़ा है, जिसकी वजह से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में सप्लाई की दिक्कतें पैदा हुई हैं।

अभी देखने लायक पांच iPhone डील्स

अगर खबरों के मुताबिक कीमतें बढ़ती हैं, तो अभी मिल रहे इन ऑफर्स से ग्राहकों के काफी पैसे बच सकते हैं।

  1. iPhone 17 Pro Max

Flipkart ने कन्फर्म किया है कि 4 जुलाई से शुरू होने वाली Flipkart Goat Sale 2026 के दौरान, फ्लैगशिप iPhone 17 Pro Max 1,27,900 रुपये की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध होगा। इस फोन को कंपनी ने 1,49,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया था, यानी इस हैंडसेट पर सीधे 22,000 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है।

  1. iPhone 17 Pro और iPhone 17

iPhone 17 Pro असल में ₹1,12,900 में मिलेगा, जिस पर ₹22,000 की छूट भी मिल रही है। वहीं, स्टैंडर्ड iPhone 17 को ₹70,900 में खरीदा जा सकता है, जबकि लॉन्च के समय इसकी कीमत ₹82,900 थी।

  1. iPhone Air

Apple का सबसे पतला स्मार्टफोन, iPhone Air, अभी ₹95,900 में मिल रहा है, जो इसकी लॉन्च कीमत ₹1,19,900 से काफी कम है।

  1. iPhone 17e

जो लोग कम कीमत वाला ऑप्शन ढूंढ रहे हैं, वे iPhone 17e को ₹60,900 में खरीद सकते हैं, जो इसकी रिटेल कीमत से ₹4,000 कम है।

  1. iPhone 16

पिछले साल लॉन्च हुआ iPhone 16, जिसकी कीमत ₹79,990 थी, अभी Croma पर ₹66,490 में लिस्टेड है। यानी इस पर लगभग ₹13,500 की छूट मिल रही है।

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Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में 1 जुलाई को सोने में गिरावट आई। डॉलर में मजबूती और विदेशी बाजारों के ट्रेंड का असर भारत में सोने की कीमतों पर पड़ा। यह 1,300 रुपये गिरकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। उधर, चांदी की चमक बढ़ी। यह 5000 रुपये चढ़कर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश में लगातार तीसरे दिन सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.54 फीसदी गिरकर 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 1 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर रही। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “बुधवार को भारत में सोने पर दबाव दिखा। इसकी वजह डॉलर में मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। इसका असर कीमती मेटल की डिमांड पर पड़ा। “

डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने पर बनाया दबाव

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। यह 0.15 फीसदी चढ़कर 101.34 पर पहुंच गया।” डॉलर में मजबूती से विदेशी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

भारत में एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी

इधर, कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.46 फीसदी यानी 659 रुपये चढ़कर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.64 फीसदी यानी 1,461 रुपये की कमजोरी के साथ 2,25,582 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 30 फीसदी गिर चुका है सोना

इस साल गोल्ड की कीमतें जनवरी के आखिर में करीब 5600 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। इस लेवल से गोल्ड करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून तिमाही में गोल्ड में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ जून में यह 11 फीसदी गिरा। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने बुलियन पर दबाव बढ़ा दिया।

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अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से भी गिरा सोना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल में गोल्ड में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। बढ़ते इंटरेस्ट रेट के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है।

Sawan 2026: सावन में पानी है भगवान शिव की कृपा, तो पहले जान लें सावन में शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं

Sawan 2026: आषाढ़ का महीने लगने के साथ ही लोग सावन के महीने की तैयारियां शुरू कर देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने जो भक्त सच्चे मन से मां पार्वती और भगवान शिव की आराधना करता है, उन पर महादेव प्रसन्न होते हैं। उन्हें सारी दुख-तकलीफों से मुक्त करते हैं। सावन के पावन महीने में भगवान शिव की आराधना में शिवलिंग का जलाभिषेक और उस पर कुछ चीजें अर्पित की जाती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं, वहीं कुछ चीजों को चढ़ाना शास्त्रों में पूरी तरह वर्जित माना गया है। सावन में आपको शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं, इसकी पूरी सूची नीचे दी गई है:

शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?

शिवलिंग पर इन पवित्र चीजों को चढ़ाने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है :

जल या गंगाजल : भोलेनाथ को सबसे प्रिय जल है। तांबे या पीतल के लोटे से शिवलिंग पर जल चढ़ाना सबसे उत्तम माना जाता है।

बेलपत्र : सावन में भगवान शिव को तीन पत्तियों वाला साफ, हरा और बिना कटा-फटा बेलपत्र उल्टा (चिकना हिस्सा नीचे की तरफ) करके चढ़ाएं।

दूध, दही और घी : गाय के कच्चे दूध, दही और शुद्ध देसी घी से शिवलिंग का अभिषेक करने से सुख-समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है।

शहद और शक्कर : शिवलिंग पर शहद और मिश्री/शक्कर चढ़ाने से जीवन में मिठास आती है और वाणी में मधुरता बढ़ती है।

धतूरा और भांग : शिव जी को धतूरा, भांग और आक (मदार) के फूल बेहद प्रिय हैं। इन्हें चढ़ाने से जीवन की कठिन बाधाएं दूर होती हैं।

सफेद चंदन और भस्म : शिव जी वैरागी हैं, इसलिए उन्हें चंदन का तिलक लगाना और भस्म (विभूति) अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

अक्षत : शिवलिंग पर चावल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि चावल का कोई भी दाना टूटा हुआ (खंडित) न हो।

शिवलिंग पर ये चीजें भूलकर भी नहीं चढ़ाएं

शास्त्रों के अनुसार, कुछ चीजों को शिवलिंग से दूर रखना चाहिए, क्योंकि इन्हें चढ़ाने से पूजा खंडित हो सकती है :

तुलसी के पत्ते : पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने तुलसी जी के पति (असुर जालंधर) का वध किया था, इसलिए शिव पूजा में तुलसी पूरी तरह वर्जित है।

हल्दी और कुमकुम/सिंदूर : हल्दी और कुमकुम को स्त्री तत्व और सौंदर्य प्रसाधन से जोड़ा जाता है। चूंकि शिवलिंग पुरुष तत्व और वैराग्य का प्रतीक है, इसलिए इस पर हल्दी, रोली या सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता।

केतकी का फूल : भगवान शिव ने केतकी के फूल को झूठ बोलने के कारण श्राप दिया था, तब से शिव पूजा में केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

शंख से जल : शिव पुराण के अनुसार, महादेव ने शंखचूड़ नाम के दैत्य का वध किया था, जिसके कारण शिव जी की पूजा में न तो शंख बजाया जाता है और न ही शंख से जल चढ़ाया जाता है।

नारियल पानी : शिवलिंग पर चढ़ाई गई चीजें ग्रहण करना वर्जित होता है, और नारियल पानी देवताओं को चढ़ाने के बाद प्रसाद रूप में पिया जाता है। इसलिए शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाया जाता। हालांकि साबुत नारियल माता पार्वती के आगे अर्पित किया जा सकता है।

लाल रंग के फूल : शिव जी को सफेद रंग के फूल प्रिय हैं। चमेली या लाल रंग के अन्य फूल आमतौर पर देवी पूजन में उपयोग होते हैं, इन्हें शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।

सावन में करें चंद्राकार परिक्रमा : सावन में जब भी आप शिवलिंग की परिक्रमा करें, तो ध्यान रखें कि ‘जलाधारी’ (सोमसूत्र यानी जहां से जल बहता है) को कभी लांघें नहीं। हमेशा चंद्राकार (आधी परिक्रमा) ही करनी चाहिए।

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