CBSE Free online Courses 2026: 8वीं और 12वीं के छात्रों को सीबीएसई ने दिया फ्री कोर्स का तोहफा, ऑनलाइन सीख सकेंगे एआई और पाइथन

CBSE Free online Courses 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 8वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की गई है। बोर्ड ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ मिलकर 19 फ्री ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं।

इन कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, जेनरेटिव AI, AWS DevSecOps, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और VLSI डिजाइन जैसे हाई-डिमांड सब्जेक्ट्स की एक बड़ी रेंज शामिल है। कई कार्यक्रम इंग्लिश और हिंदी दोनों में उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई की सामग्री ज्यादा छात्रों तक आसानी से पहुंच पाते हैं। बोर्ड के अनुसार, कोर्स का समय अलग-अलग होगा। कुछ शुरुआती मॉड्यूल लगभग 90 मिनट में पूरे किए जा सकते हैं, जबकि एडवांस्ड प्रोग्राम 100 घंटे से ज्यादा लंबे होते हैं, जिससे छात्र अपनी पसंद, सीखने के लक्ष्यों और उपलब्ध समय के आधार पर कोर्स चुन सकते हैं।

यह पहल छात्रों को बिना किसी खर्च के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी कोर्स कराएगी, जिससे वे किसी भी जगह से अपनी स्पीड से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को भी इस कार्यक्रम और ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। छात्र बिना किसी रजिस्ट्रेशन या कोर्स फीस के सीधे एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी पोर्टल के जरिए इन पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। लचीले ऑनलाइन फॉर्मेट की मदद से छात्र अपने स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ कोर्स भी पूरा कर सकते हैं।

बोर्ड की यह पहल उसके डिजिटल लिटरेसी, कोडिंग और नई टेक्नोलॉजी को स्कूली शिक्षा में शामिल करने पर बढ़ते फोकस को दिखाती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्री से जुड़ी टेक्नोलॉजी से जल्दी परिचित होने से छात्रों को प्रैक्टिकल प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और इनोवेशन स्किल डेवलप करने में मदद मिल सकती है, साथ ही हायर एजुकेशन और इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डेटा एनालिटिक्स और दूसरे डिजिटल डोमेन में करियर के लिए उनकी तैयारी भी मजबूत हो सकती है।

इन फ्री ऑनलाइन कोर्स को शुरू करके, सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा को डिजिटल इकॉनमी और भारत के बढ़ते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की स्किल जरूरतों के साथ जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठाया है।

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India-UK FTA : 15 जुलाई से लागू होगा भारत-UK के बीच FTA, ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली कारों पर नोटिफिकेशन जारी

India-UK FTA : भारत-UK के बीच FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट )15 जुलाई से लागू होगा। इस बीच विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade) ने ब्रिटेन से इंपोर्ट वाली कारों पर लागू होने होने वाले टैरिफ रेट कोटा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस खबर पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी -आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने बताया कि ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली कारों पर नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। DGFT ने टैरिफ रेट कोटा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 15 जुलाई से भारत-UK के बीच FTA लागू होगा। इसके तहत पहले साल 20,000 कारें कम ड्यूटी पर इंपोर्ट हो पाएंगी। 3000cc+ से 2500cc+ की 10,000 कारें इंपोर्ट हो सकेंगी। इन कारों पर कस्टम ड्यूटी 110% से घटकर 30% होगी।

1500cc से 3000cc तक की 5,000 कारें इंपोर्ट हो सकेंगी। इन कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी 66% से घटकर 50% होगी। 1500cc इंजन वाली 5,000 कारों पर 50% ड्यूटी लगेगी। 5 साल तक इंपोर्ट कोटा बढ़ेगा फिर 15 साल बाद कम होगा। 15 साल बाद कारों पर 10% कस्टम ड्यूटी लगेगी। पहले साल 2,500 कारें और कमर्शियल व्हीकल इंपोर्ट होंगे। EV हाइब्रिड और हाइड्रोजन कारों पर कोटा 6वें साल से लागू होगा।

लक्ष्मण रॉय ने आगे बताया कि भारत से यूके को होने वाले 99% एक्सपोर्ट पर अलग-अलग चरणों में आगे चलकर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। उल्टा जब यूके का सामान यहां पर आएगा तो हम उसके 91% प्रोडक्ट पर ड्यूटी में रियायत देंगे। भारत से यूके जाने वाले सामानों में कई सारे आइटम बहुत महत्वपूर्ण है। मिसाल के तौर पर टेक्सटाइल गारमेंट पर यूके में 12% की ड्यूटी लगती है। यूके में केमिकल पर 8% की ड्यूटी लगती है। बेस मेटल पर 10% की ड्यूटी लगती है। अब इस एफटीए के लागू होने के बाद इन सारे प्रोडक्ट पर यूके में कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। इसी तरह भारत से जाने वाले प्रोसेस्ड फ़ूड पर यूके में 70% की ड्यूटी लगती है। वह भी जीरो हो जाएगी। मरीन प्रोडक्ट पर यूके में 20% की ड्यूटी लगती है। वह भी ज़ीरो हो जाएगी। ऐसे में भारत के इन सारे सेक्टरों को बहुत ज्यादा राहत मिलेगी।

यूके से जो सामान भारत आएगा उसमें दो आइटम काफी अहम हैं। इनमें से एक है स्कॉच व्हिस्की। इस पर भारत में अभी 150% की ड्यूटी लगती है। वो किस्तों में घट करके आपको 40% पे आ जाएगा। यूके मेड इन इंग्लैंड जो कारें वहां से इंपोर्ट होती है उस पर 100% की ड्यूटी लगती है। FTA लागू होने के बाद यह किस्तों में घट कर 10% हो जाएगी।

 

 

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ONGC का महा-प्लान: मंगलुरु में जमा होगा 17.5 लाख टन कच्चा तेल, दुनिया में संकट आने पर भी नहीं रुकेगा भारत

ONGC Strategic Petroleum Reserve: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। समुद्री रास्तों पर ब्लॉकबेड के खतरों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बेहद बड़ा फैसला लिया है। देश की सबसे बड़ी तेल और गैस खोजकर्ता कंपनी ओएनजीसी (ONGC) दक्षिण भारत के मंगलुरु में 17.5 लाख टन क्षमता का एक नया ‘नेशनल स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) यानी रणनीतिक कच्चा तेल भंडार बनाएगी।

कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी है। आइए समझते हैं कि स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व क्या होता है और संकट के समय यह भारत के लिए कितना जरूरी साबित होगा।

क्यों पड़ी नए ऑयल रिजर्व की जरूरत?

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश होने के कारण भारत अपनी जरूरतों का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। हाल ही में ईरान पर इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद जब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया, तो भारत को कच्चे तेल की सप्लाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

दुनिया की कुल ऊर्जा सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज के सकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। युद्ध या किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय मुसीबत के समय जब विदेशों से तेल आना बंद हो जाए, तब देश के कामकाज को बिना रुकावट चलाने के लिए इन ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ में जमा तेल का इस्तेमाल किया जाता है।

कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सरकार से मांगी जाएगी मंजूरी

ONGC ने अपनी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि वह ‘राष्ट्रहित’ में बनाए जाने वाले इस विशालकाय स्टोरेज का एक हिस्सा व्यावसायिक यानी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए उपयोग करने की खातिर केंद्र सरकार से अनुमति मांगेगी।

मौजूदा समय में केंद्र सरकार पहले से ही दक्षिण भारत के तीन स्थानों मंगलुरु, पादुर और विशाखापट्टनम में बने रणनीतिक भंडारों के एक हिस्से को व्यावसायिक उपयोग के लिए मंजूरी देती है। इन तीनों जगहों पर कुल मिलाकर 5.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल स्टोर करने की क्षमता है, जिसका प्रबंधन सरकारी कंपनी ‘इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड’ (ISPRL) करती है।

UAE और जापान के साथ बढ़ रहा है सहयोग

भारत एमर्जेंसी स्टॉक को मजबूत करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात और जापान जैसे मित्र देशों के साथ लगातार अपनी एनर्जी पार्टनरशिप बढ़ा रहा है। मंगलुरु में ओएनजीसी की सहायक कंपनी ‘मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड’ (MRPL) 3 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली रिफाइनरी चलाती है। यहां पहले से मौजूद 1.5 मिलियन टन के स्टोरेज का आधा हिस्सा MRPL और बाकी आधा हिस्सा यूएई की सरकारी तेल कंपनी ADNOC ने लीज पर ले रखा है।

इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के समय, ADNOC ने भारत में अपने कच्चे तेल के स्टोरेज को बढ़ाकर 3 करोड़ बैरल करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही यूएई भारत के रणनीतिक रिजर्व के हिस्से के रूप में फुजैराह में भी तेल भंडारण की संभावनाएं तलाश रहा है।

ओडिशा और पादुर में भी बनेंगे रिजर्व

मंगलुरु में ओएनजीसी के इस नए प्रोजेक्ट के अलावा, भारत सरकार देश के अन्य हिस्सों में भी तेल भंडारण क्षमता को कई गुना बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है:

ओडिशा (पूर्वी भारत): चंडीखोल में 4 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता वाला एक नया रणनीतिक तेल भंडार बनाया जाएगा।

पादुर (दक्षिण भारत): कर्नाटक के पादुर में 2.5 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाली एक नई अतिरिक्त फैसिलिटी तैयार की जाएगी।

कुल मिलाकर ओएनजीसी का यह कदम वैश्विक तनाव के बीच भारत की तेल आत्मनिर्भरता और संकट प्रबंधन क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएगा, ताकि ग्लोबल मार्केट में मंदी या युद्ध होने पर भी देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की किल्लत न हो।

Govinda: ‘एक बुलेट लेकर आया हूं अब मार ले’, पत्नी सुनीता आहूजा के ‘मैं उसकी छाती में गोली मार दूंगी’ वाले बयान पर गोविंदा का पलटवार

Govinda: ‘लॉक अप सच या सजा’ में सुनीता आहूजा के लिए यह हफ्ता काफी इमोशनल रहा है। घर के अंदर मुश्किल हालात से जूझते हुए उन्होंने अपने साथी कंटेस्टेंट्स से यह तक कह दिया था कि वे उन्हें एलिमिनेशन के लिए “एट रिस्क” रखें। अब, उनके पति और एक्टर गोविंदा उन्हें सपोर्ट करने के लिए शो में आने वाले हैं। हाल ही में जारी हुए एक प्रोमो में बॉलीवुड स्टार गोविंदा की स्टेज पर जबरदस्त एंट्री दिखाई गई है, जिसमें उन्हें “हीरो नंबर 1” के तौर पर पेश किया गया है।

प्रोमो में, मेजबान फराह खान और रितेश देशमुख ने गोविंदा का स्वागत किया, जिन्होंने उन्हें गले लगाने से पहले एक स्टाइलिश एंट्री की। शो के बारे में बात करते हुए, गोविंदा ने कमेंट किया “ये वो लॉक अप है जो दिखाता है, जो नहीं दिखाये देता वो कई लॉक-अप है, मैं वहां से आ रहा हूं”

फिर फराह ने मजाक में पूछा, “तूने ऐसी सुपारी क्यों दी थी कि इसे मारो गोली?” इस पर गोविंदा ने चुटकी लेते हुए कहा, “अरे, मैं जेब में गोली लेकर आया हूं। मैं बोला सीने में मारना चाह रही थी, अब मार ले।” ‘लॉक अप’ के प्रीमियर पर सुनीता ने गोविंदा से अपनी शादी के बारे में खुलकर बोलने पर हो रही आलोचनाओं का जवाब दिया।

उन्होंने माना कि गोविंदा के कई अफेयर थे, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने प्यार की खातिर सब कुछ सहन किया। उन्होंने गोविंदा की उस आकस्मिक गोलीबारी की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने खुद को घुटने में गोली मार ली थी, और चुटकी लेते हुए कहा, “जब कोई तीसरा आता है तो आंखों से नहीं, घुटनों पर गोली मार दी जाती है।” जब फराह ने उन्हें उनके उस कमेंट की याद दिलाई कि अगर अफवाहों के मुताबिक उन्होंने गोविंदा को गोली मारी होती, तो वह उनकी छाती पर निशाना लगातीं, तो सुनीता हंस पड़ीं और जवाब दिया, “निशाना चूकता नहीं मेरा।”

गोविंदा और सुनीता ने 1987 में शादी की थी और उनके दो बच्चे हैं – टीना आहूजा और यशवर्धन आहूजा। समय-समय पर सुनीता ने अपनी शादी के बारे में खुलकर बातें की हैं और कभी-कभी यह भी इशारा किया है कि बेवफाई की वजह से उन्हें दुख पहुंचा है। अपने करियर के दौरान गोविंदा का नाम कई अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा गया है, जिनमें सबसे ज़्यादा चर्चा 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में अभिनेत्री नीलम के साथ उनकी करीबी दोस्ती की रही है। हाल ही में, अभिनेता का नाम एक युवा मराठी अभिनेत्री के साथ जोड़े जाने की अफवाहें भी सामने आई हैं।

फराह खान और रितेश देशमुख द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ में 15 सेलिब्रिटीज़ एक हाई-प्रेशर जेल में रहते हैं, जहां उन्हें रोज़ाना के टास्क जीतकर और एलिमिनेशन से बचकर टिके रहना होता है। जहाँ पिछले हफ़्ते श्रेष्ठा अय्यर बाहर हो गई थीं, वहीं इस हफ़्ते शो में डबल एलिमिनेशन देखने को मिलेगा। ‘लॉक अप’ शनिवार से गुरुवार रात 8 बजे नेटफ़्लिक्स पर स्ट्रीम होता है।

TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।

सफेद बालों को छिपाने की नहीं पड़ेगी जरूरत, सिर्फ एक हफ्ते में इन पत्तों के तेल करेगा जड़ से काले बाल!

घने, मजबूत और चमकदार बाल हर किसी की चाहत होते हैं, इसलिए लोग बालों की देखभाल के लिए नेचुरल तरीकों को अपना सकते हैं। करी पत्ता का उपयोग लंबे समय से बालों की देखभाल में किया जाता रहा है। आइए जानते हैं कि करी पत्ते में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं, यह बालों के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है और इसका सही उपयोग क्या है:

करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व और बालों के लिए फायदे

Curry Leaves: Unlocking the Secrets - Tradition, & Health Benefits

करी पत्ते में विटामिन A, B, C, E, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये स्कैल्प को पोषण देने, बालों की जड़ों को मजबूत बनाने, रूखापन कम करने और बालों की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। करी पत्ते सफेद बालों को पूरी तरह काला कर देते हैं

करी पत्ते का तेल बनाने की आसान मेथड

करी पत्ते का तेल प्राइस, निर्माता, आपूर्तिकर्ता और डीलर

एक कप ताजे करी पत्तों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। 200–250 मिली नारियल के तेल को धीमी आंच पर गर्म करें और उसमें करी पत्ते डालकर 10–15 मिनट तक पकाएं। जब पत्ते काले और कुरकुरे हो जाएं, तब गैस बंद कर दें। तेल को ठंडा करके छान लें और कांच की बोतल में भरकर सेफ रख लें।

तेल लगाने का सही तरीका

Hair Care:क्या आप बालों में सही समय पर तेल लगा रहे हैं? एक छोटी सी गलती बना सकती है आपको गंजा! - Right Time To Apply Hair Oil For Massage In Hindi Baalon Me Tel Kab Lagana Chahiye - Amar Ujala Hindi News Live

तैयार तेल को हल्का गुनगुना करें और उंगलियों की मदद से 5–10 मिनट तक स्कैल्प की मसाज करें। इसके बाद पूरे बालों में अच्छी तरह लगा लें। इसे 1–2 घंटे या पूरी रात के लिए छोड़ सकते हैं। फिर हल्के शैम्पू से बाल धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2–3 बार इसका यूज करें।

करी पत्ते का हेयर मास्क

how to make curry leaves oil for hair.- जानिए बालों के लिए कैसे तैयार करना है कड़ी पत्ते का तेल। | HealthShots Hindi

20–25 करी पत्तों को पीसकर उसमें 2–3 चम्मच दही मिलाएं और मुलायम पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर 30–40 मिनट तक लगाकर रखें, फिर साफ पानी और हल्के शैम्पू से धो लें। इससे बाल मुलायम, चमकदार और हेल्दी दिख सकते हैं।

क्या सच में सफेद बाल काले हो जाते हैं?

Hair Care Tips:सफेद बालों को जड़ से काला कर देगा ये देसी नुस्खा ! खर्च होंगे सिर्फ 50 रुपये - Hair Coloring Tips Ghar Par Kam Paise Me Baal Kale Kaise Kare -

साइंटिफिक रीसर्च में ऐसा कोई पक्का प्रमाण नहीं है कि करी पत्ते पहले से सफेद हो चुके बालों को फिर से टटूरल तरीके से काला बना देते हैं। यदि बाल उम्र या जेनेटिक कारणों से सफेद हो चुके हैं, तो केवल घरेलू नुस्खों से उन्हें हमेशा के लिए काला करना संभव नहीं माना जाता।

सफेद बालों के कारण

कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? रोज की ये 6 आदतें बचा सकती हैं समय से पहले होने वाली सफेदी, जानिए आसान टिप्स - News18 हिंदी

बढ़ती उम्र, जेनेटिक कारण, विटामिन B12, आयरन या कॉपर की कमी, थायरॉयड की समस्या, धूम्रपान और कुछ मामलों में लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस बालों के समय से पहले सफेद होने में योगदान दे सकते हैं। यदि कम उम्र में तेजी से बाल सफेद हो रहे हों, तो डॉक्टर से चेकअप कराना सही है।

बेहतर बालों के लिए जरूरी देखभाल

पत्तागोभी की 10 क्षेत्रीय रेसिपी जिन्हें आपको ज़रूर आज़माना चाहिए

करी पत्तों के साथ बैलेंस डाइट, सही प्रोटीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मेवे, आंवला, दूध, दही और सही पानी का सेवन भी जरूरी है। ये उपाय बालों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यदि आपका गोल पार्लर जैसा गहरा काला रंग पाना है, तो केवल करी पत्तों से ऐसा रिजल्ट मिलने का साइंटिफिक एविडेंस नहीं है।

SBI के इस IPO ने खुलने से पहले ही मचाई हलचल! ग्रे मार्केट से आए चौंकाने वाले संकेत, जानें सभी जरूरी डिटेल्स

SBI Funds Management IPO GMP Today: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मेगा आईपीओ 14 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के इस सबसे बड़े खिलाड़ी के आईपीओ को लेकर बाजार में भारी उत्साह है। अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों की खूब डिमांड देखने को मिल रही है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह पब्लिक इश्यू ₹11,692.91 करोड़ का है। आइए जानते हैं इस बड़े आईपीओ की पूरी डिटेल, प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें और कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल।

IPO प्राइस बैंड और मार्केट वैल्यूएशन

  • प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
  • एंकर इनवेस्टर बिडिंग: 13 जुलाई, 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 14 जुलाई, 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 16 जुलाई, 2026
  • अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 17 जुलाई, 2026
  • रिफंड और डिमैट क्रेडिट: 20 जुलाई, 2026
  • शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई, 2026 BSE और NSE पर

पूरी तरह ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है यह इश्यू

यह ₹11,692.91 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आ रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रहे हैं और इससे मिलने वाला पूरा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को अपने काम के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।

SBI बेचेगा: 12.83 करोड़ शेयर (6.3% हिस्सेदारी)

Amundi India Holding बेचेगी: 7.56 करोड़ शेयर (3.7% हिस्सेदारी)

इस बड़े इश्यू को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स जैसी दिग्गज संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभा रही हैं।

कैसा है कंपनी का बिजनेस?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है, जो एसबीआई म्यूचुअल फंड के निवेश को मैनेज करती है। 31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 15.4 फीसदी है।

Kusumgar IPO: पैसा लगाने का आखिरी दिन, 38% प्रीमियम पर पहुंचा इस IPO का भाव; दांव लगाएं या नहीं? एक्सपर्ट्स से जानें

कंपनी का तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) ₹12,49,970 करोड़ रहा है। अगर इसमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अन्य एडवाइजरी फंड्स को भी जोड़ दिया जाए, तो कंपनी का कुल QAAUM ₹29,04,026 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच जाता है।

लगातार बढ़ रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम

10 जुलाई की सुबह ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के अनऑफिशियल शेयरों में मजबूती देखी जा रही है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इसका जीएमपी फिलहाल ₹85 प्रति शेयर चल रहा है, जो करीब 14.81% के लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। वहीं इनवेस्टरगेन के अनुसार इसका जीएमपी ₹86 के आस-पास है, जो लगभग 15% का मुनाफा दिखाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

45000 की नौकरी छोड़ दिल्ली की स्नेहा ने सीखी स्पेनिश, एक लैंग्वेज ने ऐसी बदली जिंदगी कि अब बिना जॉब भी स्विट्जरलैंड में बिता रहीं लाइफ!

बहुत से लोग मानते हैं कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी पाने का एकमात्र तरीका एक स्टेबल नौकरी है। लेकिन एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर का कहना है कि वह बिना किसी रेगुलर कॉर्पोरेट नौकरी के, दुनिया के सबसे महंगे देशों में से एक, स्विट्जरलैंड में छह महीने बिता पाईं।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में, स्नेह गौर ने बताया कि कैसे उन्होंने फिक्स्ड सैलरी वाली नौकरी छोड़कर कमाई के अलग-अलग जरीये बनाए, जिससे उन्हें अपनी शर्तों पर जीने और काम करने की आजादी मिली। उनकी कहानी ने अब ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी है।

गौर ने बताया कि उनके सफर की शुरुआत तब हुई जब वह एक कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं और महीने के लगभग 45,000 रुपये कमा रही थीं। उस समय, उनका मानना ​​था कि सफलता का मतलब है डिग्री हासिल करना, अच्छी नौकरी पाना और प्रमोशन पाना।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि सफलता का मतलब यही है – डिग्री लेना, सैलरी पाना, नौकरी करना और अगला प्रमोशन पाना।” लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वह कुछ अलग करना चाहती थीं। अपनी मर्जी से रहने की जगह चुनने, घूमने-फिरने और उन चीजों पर काम करने की आजादी जो मुझे सच में पसंद थीं।” एक ही रास्ते पर चलने के बजाय, उन्होंने स्पैनिश सीखने का फैसला किया।

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गौर के मुताबिक, उस एक स्किल ने नए मौके खोले। इससे उन्हें स्पेन जाने, अलग-अलग देशों के लोगों से मिलने और इंटरनेशनल अनुभव पाने में मदद मिली। बाद में, उन्होंने उस जानकारी को एक बिजनेस में बदल दिया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने स्पैनिश सिखाना शुरू किया, और फिर स्पेन ट्रैवल गाइड, डिजिटल प्रोडक्ट्स, ऑनलाइन एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए मेंटरशिप प्रोग्राम और ब्रांड कोलैबोरेशन जैसे काम शुरू किए।

गौर ने बताया कि कमाई के कई जरिया होने का मतलब था कि अब उन्हें कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, “जब मैं स्विट्ज़रलैंड गई, तो मैं कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं थी क्योंकि मेरा लैपटॉप और मेरी रिमोट टीम ही काफी थी।”

स्नेहा ने बताया कि “कभी-कभी आपकी जिंदगी बदलने वाली चीज सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि कोई स्किल होती है।” अपनी पोस्ट के कैप्शन में गौर ने लिखा, “कोई नौकरी नहीं। कंपनी से कोई सैलरी नहीं। फिर भी हर सुबह स्विट्जरलैंड में आंख खुली। सच तो यह है कि स्पेन में रहते हुए ही मैंने कुछ ऐसा बनाया जिससे मुझे जहां चाहूं वहां रहने की आजादी मिली। न कोई ऑफिस, न कोई बॉस, न किसी की इजाजत की जरूरत। आजादी का यही वो रूप है जिसे पाने की कोशिश करना सही है।”

इस पोस्ट पर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी और कई यूजर्स उनकी यात्रा के बारे में और जानना चाहते थे। एक यूजर ने लिखा, “कृपया मुझे बताएं।” एक और ने पूछा, “एक सीधा सा सवाल है कि आप किस वीजा पर 6 महीने तक रहीं? स्पेन का सामान्य रेजिडेंट परमिट तो सिर्फ 3 महीने की इजाजत देता है, या फिर आपने स्पेन की नागरिकता ले ली थी?” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “इसके लिए कैसे अप्लाई करें?” वहीं कई अन्य लोगों ने हार्ट और फायर इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।

Hydrogen Trials Routes: दिल्ली-आगरा से मुंबई-पुणे तक… देश के उन 10 रूटों की फुल लिस्ट जहां शुरू हुआ हाइड्रोजन ट्रायल, जानिए क्या है पूरी तैयारी

Hydrogen Trials Routes: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने परिवहन उद्योग के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवास अवार्ड्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की है कि हाइड्रोजन ही परिवहन उद्योग का भविष्य है। उन्होंने इस दौरान बताया कि सरकार देश भर के 10 महत्वपूर्ण रूटों पर ईंधन के रूप में इसके इस्तेमाल का ट्रायल कर रही है।

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल के क्षेत्र में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बहुत शानदार काम कर रही है। आने वाले समय में भारत अपनी बेहतरीन तकनीक और किफायती लागत के दम पर इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।

देश के वे 10 रूट जहां चल रहा है हाइड्रोजन का ट्रायल

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय जिन 10 रूटों पर हाइड्रोजन ईंधन का पायलट प्रोजेक्ट चला रहा है, उनकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखिए-

ग्रेटर नोएडा – दिल्ली – आगरा

पुणे – मुंबई

साहिबाबाद – फरीदाबाद – दिल्ली

अहमदाबाद – वडोदरा – सूरत

जामनगर – अहमदाबाद

भुवनेश्वर – कोणार्क – पुरी

जमशेदपुर – कलिंगा नगर

तिरुवनंतपुरम – कोच्चि

कोच्चि – एडपल्ली

नेशनल हाईवे-16 विशाखापट्टनम – बय्यावराम

नंबर 1 बनने की ओर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, 4.5 करोड़ नौकरियां

नितिन गडकरी ने देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अभूतपूर्व तरक्की के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला था तब देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था और यह वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर थी। आज यह 22 लाख करोड़ रुपये के आकार के साथ दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचना है।

यह इंडस्ट्री केंद्र और राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व देती है और इसके जरिए देश में 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं। भारत के टू-व्हीलर निर्माता आज अपनी सुरक्षा और तकनीक के दम पर 50 प्रतिशत उत्पाद विदेशों में बेच रहे हैं।

सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, हर साल 1.80 लाख मौतें

सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री ने गंभीर आंकड़े पेश किए और ट्रांसपोर्टर्स व निर्माताओं से मदद की अपील की। देश में हर साल 5 लाख सड़क हादसे होते हैं जिनमें 1.80 लाख लोगों की जान चली जाती है। इन हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में से 66 प्रतिशत लोग 18 से 36 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। इन दुर्घटनाओं के कारण देश को 3 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बस निर्माताओं को बड़ी राहत, टेस्टिंग चार्ज 50% घटेगा

नितिन गडकरी ने बसों की संख्या बढ़ाने उनकी सुरक्षा और निर्माताओं को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। देश में सालाना 3 लाख बसों की जरूरत है लेकिन हमारे निर्माता सिर्फ 70000 से 80000 बसें ही बना पा रहे हैं। उत्पादकता को तीन गुना बढ़ाना होगा। निर्माताओं का कर्तव्य है कि वे विश्व स्तरीय तकनीक के साथ उचित आर्थिक मूल्य पर अधिक आराम प्रदान करें। पिछले साल सितंबर में संशोधित बस बॉडी कोड लागू किया गया था।

अब सरकार ने 600 से अधिक बस बॉडी निर्माता इकाइयों (जिसमें 75000 कर्मचारी कार्यरत हैं) को राहत देते हुए टेस्टिंग चार्ज को 50 प्रतिशत कम करने और प्रोसेसिंग की समयसीमा को 16 सप्ताह से घटाकर 6 सप्ताह करने का निर्णय लिया है। गडकरी ने इलेक्ट्रिक बस निर्माताओं से अपील की कि वे लिथियम-आयन बैटरी की घटी हुई कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में चार्जिंग के लिए 20 रुपये की बिजली दर अधिक है। उनका मंत्रालय बसों, ट्रकों व कारों के लिए इसे कम करने पर काम कर रहा है। मंत्रालय देश में प्राइवेट बसपोर्ट बनाने पर काम कर रहा है। इसके अलावा ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण से यात्रा का समय कम होगा जिससे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री का टर्नओवर और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

Kalyan Jewellers Share Price: लगातार तीसरे दिन कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लगे पंख, सिर्फ तीन दिन में 35% उछला

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में लगातार तीसरे दिन बड़ी तेजी दिखी। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 7 फीसदी तक चढ़ गया था। बीते तीन सत्रों में यह शेयर करीब 35 फीसदी चढ़ चुका है। खास बात यह है कि शेयरों में उछाल के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा है।

दोपहर तक शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 4 करोड़ शेयरों तक पहुंच गया। 20 दिनों का इसका का एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम 22 लाख शेयरों का है। करीब 13 फीसदी ट्रेडेड शेयर डिलीवरी वाले हैं। 9 जुलाई को यह शेयर अपने 100-दिन और 200-दिन मूविंग एवरेजेज के ऊपर बंद हुआ। यह गुरुवार को निफ्टी 500 का सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाला स्टॉक बन गया।

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही का इसका बिजनेस अपडेट है। इसके अलावा विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने फिर से इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसकी वजह कंपनी का शानदार प्रदर्शन है। जून तिमाही में कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही। इसमें सेम-सेल्स में 28 फीसदी ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा।

कल्याण ने जून तिमाही में नए 12 कल्याण स्टोर्स ओपन किए। सिटी ने कहा है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने की जानकारी दी है। अधिक मास के बावजूद कंपनी की सेल्स अच्छी रही। जून में कुल सेल्स में पुराने ज्वेलरी एक एक्सचेंज सेल की हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी से ज्यादा हो गई। कपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।

सिटी ने कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लेकर कुछ रिस्क भी बताए हैं। उसने कहा है कि इंडिया में कल्याण के ज्वेलरी बिजनेस का प्रदर्शन टाइटन के मुकाबले कमजोर रहा। बीती 13 तिमाहियों में पहली बार ऐसा हुआ है। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर ने काफी ज्यादा शेयर गिरवी रखे हैं। अगर आगे कंज्यूमर डिमांड में सुस्ती आती है तो इसका असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ सकता है।

10 जुलाई को कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 11:30 बजे 6.90 फीसदी चढ़कर 473.75 रुपये पर चल रहा था। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भी तेजी थी। निफ्टी 0.85 फीसदी यानी 204 अंक चढ़कर 24,168 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.90 फीसदी यानी 682 अंक के उछाल के साथ 77,429 पर था। बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर था। मिडकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी थी।