Stock Market Rally: सेंसेक्स 846 अंक तक उछला, निफ्टी फिर 24200 के पार; 6 कारणों से लगातार दूसरे दिन तेजी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 10 जुलाई को लगातार दूसरे दिन तेजी का आलम है। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 846 अंक तक चढ़ गया। इसके पीछे IT शेयरों में खरीदारी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, एशियाई बाजारों की तेजी जैसे कई फैक्टर हैं। सेंसेक्स की ओपनिंग हरे निशान में 77,395.63 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से 846.26 अंक से ज्यादा चढ़कर 77,588.08 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी बढ़त के साथ 24,124.70 पर खुला और फिर 263.25 अंक उछलकर 24,226.05 के हाई तक गया।

गुरुवार को सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं शुक्रवार की तेजी के अहम कारण…

US-ईरान युद्ध के समाधान की उम्मीद

गुरुवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ मसलों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है और हालिया तनाव के बावजूद तकनीकी बातचीत जारी है। इस खबर से भू-राजनीतिक मोर्चे पर तनाव बढ़ने की चिंता कम हुई है, जिससे बाजार को सहारा मिला है।

IT शेयरों में खरीदारी

TCS के शेयरों में 3% से ज्यादा की बढ़त के बाद निफ्टी IT इंडेक्स में जबरदस्त तेजी है। यह 3% तक चढ़ गया। TCS के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है।

TCS का जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.61% की बढ़ोतरी के साथ ₹13,349 करोड़ रहा। कंपनी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित मांग में मौजूदा तिमाही में सुधार की उम्मीद है।

एशियाई बाजारों की तेजी

एशियाई बाजार बढ़त में हैं। इसका असर भी देश के शेयर बाजार पर है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 4% से ज्यादा चढ़ा है, जापान का निक्केई 225 1.91% बढ़ा है। इसी तरह शंघाई का SSE कंपोजिट 0.76% और हांगकांग का हैंग सेंग 1.73% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 76.19 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद, तेल की कीमतों में नरमी है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए इसलिए अच्छी हैं क्योंकि देश अपनी तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। सस्ते तेल से आयात लागत कम होती है, महंगाई का दबाव घटता है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट मजबूत होता है।

रुपये की मजबूती

रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 15 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.32 पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को एक पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.47 पर बंद हुआ था।

इंडिया VIX में गिरावट

बाजार में अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX, लगभग 6 प्रतिशत तक गिरकर 12.63 पर आ गया। इंडिया VIX में गिरावट का मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीदें कम हो रही हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

ITR Filing 2026: फॉर्म चुनने में की ये चूक तो टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस, फाइलिंग से पहले देख लें ये 10 नियम

ITR-1 vs ITR-2: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन आते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे ITR-1 (सहज फॉर्म) चुन लेते हैं। माना कि यह सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में सरल है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने सालभर में शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 भरने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म चुनना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग आपको ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ का नोटिस भेज सकता है। आइए जानते हैं वे 10 मामले, जिनमें आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इन 10 मामलों में ITR-1 फॉर्म भरना है मना, चुनना होगा ITR-2 या ITR-3

1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल से पहले बेचा है और उस पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इसके लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)

अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर आपको धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता बंद हो जाता है।

3. जमीन, मकान या सोना बेचना

अगर आपने कोई प्रॉपर्टी (जमीन या बिल्डिंग), ज्वेलरी या डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कमाई को ‘कैपिटल गेन्स शेड्यूल’ में दिखाना होता है, जो ITR-1 में उपलब्ध नहीं होता। इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आमदनी

अगर आपकी फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी तरह के प्रोफेशन या खुद के बिजनेस से कोई कमाई होती है, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में ITR-3 भरना पड़ता है। जब तक कि आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन के तहत ITR-4 के योग्य न हों।

5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को बिजनेस इनकम माना जाता है। इसे भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।

सैलरी के अलावा इन स्थितियों में भी बदल जाएगा फॉर्म

6. अनलिस्टेड शेयरों में निवेश

अगर आपने किसी ऐसी कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे साल में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते।

7. किसी कंपनी में डायरेक्टर होना

अगर आप किसी भी छोटी या बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म भरना होगा।

8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता

अगर आपके पास भारत के बाहर कोई प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स जैसे- अमेरिकी स्टॉक हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में विस्तृत ‘Schedule FA’ भरना होगा।

9. विदेश से होने वाली कोई भी कमाई

यदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज या किराए के रूप में कोई आमदनी हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ Schedule FSI और Schedule TR भरना पड़ता है।

10. ₹50 लाख से ज्यादा की कमाई या पुराना घाटा

अगर आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम ₹50 लाख से अधिक है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना नुकसान है जिसे आप इस साल एडजस्ट करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से कमाई हुई है, तो भी ITR-1 मान्य नहीं होगा।

एक्सपर्ट की सलाह: गलत फॉर्म चुनने पर क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म चुनना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप गलती से गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव यानी दोषपूर्ण माना जाएगा, जिससे रिफंड आने में देरी होगी और आपको दोबारा ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइलिंग से पहले अपने सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा जरूर कर लें।

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Lock Upp 2: ‘दस साल खेल गई मेरे साथ…’, तलाक के खुलासे के बीच गौरव खन्ना ने आकांक्षा चमोला पर कसा तंज

Lock Upp 2: टीवी एक्टर गौरव खन्ना हाल ही में अपनी पत्नी आकांक्षा चमोला को सपोर्ट करने के लिए ‘लॉक अप- सच या सज़ा’ में गेस्ट के तौर पर शामिल हुए। शो के दौरान एक्टर ने साफ किया कि अलग होने के बावजूद, वे अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उन्होंने अभी तक तलाक के लिए अर्जी नहीं दी है। हालांकि, आकांक्षा के बारे में कही गई उनकी एक बात ने सबका ध्यान खींचा।

जब आकांक्षा ने एक कंटेस्टेंट के तौर पर ‘लॉक अप’ में एंट्री की, तो उन्होंने एक बड़ा राज खोला कि वह और गौरव तलाक लेने वाले थे। इस बात से फैंस हैरान रह गए। बाद में उन्होंने शो पर यह भी बताया कि वह बायसेक्शुअल हैं और शादी से पहले महिलाओं के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। जब गौरव ‘लॉक अप’ सीजन 2 में आए, तो फराह खान ने इस कपल को अपने रिश्ते के बारे में बात करने और चर्चा करने के लिए कुछ प्राइवेट समय दिया।

बातचीत के दौरान, गौरव ने आकांक्षा के खुलासे के बारे में बात की और कहा, “अभी यह सबसे बड़ी खबर है। हमने मई में तलाक के बारे में बात की थी। लेकिन लोगों को लगता है कि हमारा तलाक एक साल पहले ही हो चुका है। वे कह रहे हैं कि वह बिग बॉस के लिए ऑडिशन दे रही थी और मैं सहानुभूति पाने के लिए ऐसा कर रहा था। हर कोई इस मामले का फायदा उठाना चाहता है। लोगों के रिएक्शन से मुझे बहुत हैरानी हुई। उन्हें पार्टी करने का खुला मौका मिल गया। कानूनी तौर पर, तुम अभी भी मेरी पत्नी हो।”

इसके बाद, गौरव आकांक्षा को दिलासा देते हुए दिखे, क्योंकि वह रो पड़ी थी। उन्होंने आकांक्षा से कहा कि वह रोए नहीं और उन्हें हिम्मत बनाए रखने और रियलिटी शो जीतने पर ध्यान देने के लिए चियर किया। बाद में, जब आकांक्षा ने पूछा कि क्या उनके जीतने की कोई संभावना है, तो फराह ने बातचीत में दखल देते हुए कहा कि आकांक्षा को गेम के बारे में किसी सलाह की जरूरत नहीं है।

इस पर गौरव ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “क्या तुम्हें लगता है कि मुझे यह पता नहीं है? जो 10 साल से मेरे साथ खेल गई, वो कोई भी शो जीत सकती है।”गौरव की इस कमेंट पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। गौरव के एक प्रशंसक ने कमेंट किया, “जीके के लिए बुरा लग रहा है, इतना प्यार देने के बाद भी उसे यही मिला।” एक अन्य ने लिखा, “तुम्हें और शक्ति मिले, तुम सारी खुशियां और सफलता के हकदार हो।”

गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला ने कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद 2016 में शादी की थी। इस कपल ने 24 नवंबर 2016 को गौरव के गृहनगर कानपुर में तीन दिन का इवेंट रखा था। हाल ही में, ‘लॉक अप’ शो में आकांक्षा ने बताया कि वह और गौरव पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं और उन्होंने तलाक लेने का फैसला किया है। इस बात ने कई फैंस को हैरान कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि गौरव हमेशा से बच्चे चाहते थे, लेकिन उनमें “मां बनने की भावना” नहीं है और वह मां नहीं बनना चाहतीं; इससे संकेत मिलता है कि शायद यही उनके अलग होने की एक वजह रही हो।

पिछले हफ्ते, शो की एक और कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने आकांक्षा का यह राज खोला कि वह बायसेक्शुअल हैं। बाद में आकांक्षा ने खुद इस बात की पुष्टि की और बताया कि गौरव से शादी करने से पहले वह महिलाओं की ओर आकर्षित होती थीं और उनके महिलाओं के साथ रिश्ते भी रहे थे।

Market View : निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों में हैं तेजी ट्रिगर्स, लेकिन ज्यादा बेहतर मौके अभी भी मिडकैप और स्मॉलकैप्स में

Market View : अच्छे ग्लोबल और घरेलू संकेतों के दम पर बाजार में लगातार दूसरे दिन बुल्स का दबदबा देखने को मिल रहा है। निफ्टी 24200 के पार कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी ने भी 58000 की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी मोमेंटम है। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 6 फीसदी नीचे आ गया है। TCS के नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश भर दिया है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़ा है। HCL TECH 2 फीसदी के उछाल के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है। साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल,तेल-गैस और NBFCs में फीसदी से ज्यादा की तेजी है। वहीं फार्मा में आज हल्का दबाव है।

बाजार: हरियाली लौटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज बाजार में फिर हरियाली देखने को मिल रही है। बुधवार का सेशन अब बुरे सपने जैसा लग रहा है। कल पूरे दिन बाजार में शानदार तेजी रही। क्लोजिंग निचले स्तरों के पास हुई इसलिए पोजीशन लेकर जाने का भरोसा नहीं था। बुधवार की रेड कैंडल काफी बड़ी थी और सेंटिमेंट खराब हुआ था। मगर कल मिडकैप और स्मॉलकैप एकदम दिन के हाई पर बंद हुए और Adv/Dec पूरे दिन काफी शानदार रहा।

कल भी हमने बात की थी कि इस बार घबराना नहीं है। सबसे बढ़िया बात यह है कि कच्चा तेल वापस अब $76 पर आ गया है। एक बात साफ है,कच्चे तेल के फंडामेंटल्स काफी कमजोर हैं। इसके वापस $70 के नीचे जाने के चांस काफी हाई हैं। आज ग्लोबल बाजारों में ताबड़तोड़ रिस्क-ऑन रैली है। डॉलर इंडेक्स 101 के नीचे है और कमोडिटीज में बड़ी रैली है।

बाजार: क्या हो रणनीति

कल हमने 24,100 के पास लॉन्ग पोजीशन बुक करने का नजरिया लिया था और कल एक नजरिया था कि कुछ दिन इंट्राडे रहेंगे। आज खुलते ही निफ्टी वापस रजिस्टेंस जोन में खुला। ऐसे में 24,150 का पार करना और टिकना जरूरी है। आज अगर क्लोजिंग दिन के हाई पर हुई तो बहुत बड़ा पॉजिटिव होगा। आज निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों के चलने के ट्रिगर्स हैं। मगर ज्यादा बेहतर मौके अभी भी मिडकैप और स्मॉलकैप्स में हैं। चाहें तो 1-2 दिन और इंडेक्स में इंट्राडे ही रहें। आज मिडकैप IT में मजबूत शेयरों पर फोकस कर सकते हैं। इसके अलावा हिंद जिंक जैसे प्योर मेटल शेयर भी रडार पर रखें।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,050-24,150 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,200-24,300 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,900-23,950 पर और बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 पर है। पोजीशन जोड़ने का जोन 23,950-24,000 है। लॉन्ग्स के लिए SL 23,900 पर रखें। बिकवाली तभी करें जब 24,050-24,100 रिजेक्ट हो। इसके लिए SL 24,175 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी ने कल 200 DMA को फिर पार किया है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,450-57,600 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,200-57,300 पर और बड़ा सपोर्ट 56,800-57,000 पर है। गैपअप के बाद गिरावट का इंतजार करें,फिर खरीदारी करें। SL 57,200 पर रखें। 57,800-58,000 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें।

 

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IC Electricals की जबरदस्त शुरुआत, 68% बढ़त में लिस्ट; फिर 5% तेजी के साथ अपर सर्किट

IC Electricals की शुक्रवार, 10 जुलाई को NSE SME पर लिस्टिंग जबरदस्त रही। शेयर 67.67 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 166 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 99 रुपये था। लिस्टिंग के बाद शेयर में 5 प्रतिशत की तेजी आई और 174.30 रुपये पर अपर सर्किट लगा। कंपनी का इश्यू 3 जुलाई को खुला और 7 जुलाई को बंद हुआ। इसे 295.08 गुना का धांसू सब्सक्रिप्शन मिला।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 241.75 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 764.38 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 372.51 गुना भरा। पब्लिक इश्यू का साइज 47.91 करोड़ रुपये था। इसमें 48 लाख नए शेयर जारी हुए।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सिंगापुर में गाड़ी खरीदने में लोगों के छूट रहे पसीने, ओनरशिप सर्टिफिकेट की कीमत जान उड़ जाएंगे होश

सिंगापुर में कार खरीदने वालों को अब छोटी कार का मालिकाना हक पाने के लिए लगभग 100,000 डॉलर खर्च करने पड़ेंगे। शहर-राज्य की वाहन कोटा प्रणाली में छोटी कारों की लागत बुधवार को अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

सिंगापुर नियमित रूप से एक निश्चित संख्या में “ओनरशिप सर्टिफिकेट” की नीलामी करता है, जो 10 वर्षों के लिए कार रखने की अनुमति देता है। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या लगभग 10 लाख तक सीमित रखने में मदद मिलती है। सिंगापुर की आबादी 61 लाख है और शहर को कार से एक घंटे से भी कम समय में घूमा जा सकता है।

नीलामी के चलते सिंगापुर कार खरीदने के लिए दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है। छोटे वाहनों, यानी 1.6 लीटर से कम इंजन क्षमता वाले वाहनों के लिए सर्टिफिकेट की कीमतें कोविड से पहले के स्तर से चार गुना बढ़ गई हैं और इनमें कमी आने के कोई संकेत नहीं हैं।

मई में संसद में बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री जेफरी सिओ ने कहा कि प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों के कारण मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि नीलामी में छोटे वाहनों के सर्टिफिकेट की उपलब्धता घट रही है।

अब सिर्फ एक सर्टिफिकेट की कीमत उतनी है, जितनी अमेरिका में चार टोयोटा कोरोला कारें खरीदने में लगती है। सिंगापुर में सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन फीस और टैक्स मिलाकर उसी गाड़ी की कीमत S$179,888 ($139,000) होगी। इसकी तुलना में, इस शहर-देश में परिवार की सालाना औसत कमाई S$149,352 है, जबकि सरकार की सब्सिडी वाले छोटे फ्लैट की कीमत S$139,000 से ज्यादा है। अक्टूबर 2023 में, जब बड़ी कारों के सर्टिफिकेट की कीमत $100,000 के पार चली गई, तब छोटी कारों के सर्टिफिकेट की कीमत लगभग $77,500 थी। इस साल की पहली नीलामी में कीमत $78,844 (S$102,009) थी, जो तब से लगातार बढ़ रही है।

कई कार बनाने वाली कंपनियां सिंगापुर मार्केट के लिए अपने लोकप्रिय मॉडल के इंजन की पावर कम कर देती हैं ताकि उनकी कारें सस्ते सर्टिफिकेट के लिए योग्य हो सकें।

Gold silver Outlook: MCX पर सोने की कीमतें गिरी, क्या अब ये हैं पैसे लगाने का सही समय या करना चाहिए और इंतजार

Gold and silver price today: कमजोर ग्लोबल संकेतों और कमजोर स्पॉट मार्केट डिमांड के बीच शुक्रवार, 10 जुलाई को MCX पर शुरुआती डील में सोने और चांदी के रेट मिले-जुले रहे। MCX गोल्ड अगस्त डिलीवरी सुबह 9:15 बजे 0.27% गिरकर ₹1,44,913 प्रति 10 ग्राम पर थी, जबकि MCX सिल्वर सितंबर कॉन्ट्रैक्ट सुबह 0.08% बढ़कर ₹2,26,555 प्रति किलोग्राम पर थे।

इंटरनेशनल गोल्ड की कीमतों में हर हफ्ते गिरावट आने की उम्मीद है क्योंकि इस बात की चिंता बढ़ रही है कि US-ईरान के बीच नए तनाव से महंगाई बढ़ सकती है और यूएस फेडरल रिजर्व इस साल रेट बढ़ा सकता है।

फेड की जून मीटिंग के हाल ही में जारी मिनट्स में पॉलिसी बनाने वालों की मिडिल ईस्ट विवाद और बढ़ी हुई महंगाई को लेकर चिंता दिखाई दी। रॉयटर्स के मुताबिक, CME के ​​फेडवॉच टूल से पता चलता है कि ट्रेडर्स को सितंबर में रेट बढ़ने की 64% संभावना दिख रही है, जो एक हफ़्ते पहले लगभग 54% थी।

हालांकि सोने को महंगाई से बचाने वाला माना जाता है, लेकिन मॉनेटरी सख्ती के समय इसमें गिरावट आती है क्योंकि यह एक नॉन-यील्डिंग एसेट है। वेस्ट एशिया में एयरस्ट्राइक तेज हो गए हैं, जबकि US ने कहा है कि ईरान के साथ टेक्निकल बातचीत जारी रहेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, US ने गुरुवार सुबह ईरान को टारगेट करते हुए नए हमले किए और तेहरान ने जवाब में वॉशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों को टारगेट किया। जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने में मदद करने वाली अंतरिम डील को खतरा पैदा हो गया।

किन लेवल्स पर मिलेगा मुनाफा

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि जब तक सोने की कीमतें ₹1,40,500 से ऊपर बनी रहेगी, तब तक कुल मिलाकर स्ट्रक्चर गिरावट पर खरीदने के नजरिए का  है। सिंह ने कहा, “तुरंत रेजिस्टेंस 21-दिन के EMA के पास ₹1,47,000– ₹1,48,000 के आसपास है, और इस ज़ोन से ऊपर लगातार बढ़त आने वाले सेशन में तेजी को मजबूत कर सकती है।”

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि आज के सेशन में सोने को $4,110 और $4,074 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,165 और $4,200 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $59.80 और $58.50 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $61.40 और $63 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन के अनुसार, MCX सोने को ₹1,44,400 और ₹1,43,650 पर सपोर्ट है, और रेजिस्टेंस ₹1,46,150 और ₹1,47,000 पर है, जबकि चांदी को ₹2,24,000 और ₹2,21,000 पर सपोर्ट है और रेजिस्टेंस ₹2,29,100 और ₹2,32,000 पर है। जैन ने कहा, “हम वीकेंड से पहले हर बढ़त और U.S. और ईरान शांति समझौते पर अनिश्चितता पर सोने और चांदी की लॉन्ग पोजीशन में प्रॉफिट बुक करने का सुझाव देते हैं।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GDA Plot Auction: दिल्ली-NCR में प्लॉट खरीदने का सुनहरा मौका! गाजियाबाद में 17 जुलाई को होगी महा-नीलामी, अप्लाई करने की ये है लास्ट डेट

GDA Mega Property Auction 2026: दिल्ली-एनसीआर में अपना घर बनाने, दुकान खोलने या नया कारोबार शुरू करने की चाहत रखने वालों के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) एक बेहद शानदार मौका लेकर आया है। जीडीए आगामी 17 जुलाई को एक बड़ी प्रॉपर्टी नीलामी आयोजित करने जा रहा है। इस महा-नीलामी में प्राधिकरण की 19 अलग-अलग योजनाओं के तहत आने वाले रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल भूखंडों की बोली लगाई जाएगी।

जीडीए की ओएसडी कनिका कौशिक के मुताबिक, इस नीलामी में छोटे खरीदारों से लेकर बड़े निवेशकों तक, सभी के लिए बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। नीलामी में शामिल होने के लिए 13 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।

आवासीय से लेकर अस्पताल तक के प्लॉट उपलब्ध

इस मेगा ऑक्शन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर तरह की जरूरत के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। खरीदार और बड़े निवेशक एक ही मंच पर अपनी पसंद की प्रॉपर्टी चुन सकते हैं। नीलामी में निम्नलिखित श्रेणियों के भूखंड शामिल होंगे:

आवासीय और ग्रुप हाउसिंग: मकान या बड़े फ्लैट्स प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए।

व्यावसायिक और औद्योगिक: दुकान, होटल और इंडस्ट्री सेटअप करने के लिए।

संस्थागत: स्कूल, अस्पताल और कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए।

आवेदन की अंतिम तारीख 13 जुलाई, जानें कैसे करें अप्लाई?

जीडीए ने साफ किया है कि केवल वही लोग 17 जुलाई की नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे, जिनका आवेदन समय पर जमा होगा। इच्छुक खरीदार 13 जुलाई तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अप्लाई कर सकते हैं:

ऑनलाइन माध्यम: आवेदक सीधे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

ऑफलाइन माध्यम: ऑफलाइन आवेदन करने के लिए खरीदारों को एचडीएफसी बैंक की आरडीसी, राजनगर (गाजियाबाद) शाखा में जाना होगा। वहीं से आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं और भरे हुए फॉर्म को दस्तावेज व जरूरी फीस के साथ उसी शाखा में जमा करना होगा।

जीडीए को भारी राजस्व की उम्मीद

जीडीए प्रशासन इस महा-नीलामी को लेकर बेहद उत्साहित है और सभी जरूरी तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई प्लॉटों की नीलामी से प्राधिकरण को करीब 213 करोड़ रुपये की मोटी कमाई हुई थी। इस बार प्रॉपर्टीज की लंबी चौड़ी लिस्ट और निवेशकों के भारी उत्साह को देखते हुए पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर के प्राइम लोकेशन पर जमीन के मालिक बनना चाहते हैं, तो 13 जुलाई से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें।

Silver Price Today: आज चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर! खरीदारी से पहले जानें 10 जुलाई का रेट

Silver Price Today: देशभर में आज 10 जुलाई 2026 को चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब ₹234.90 से ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,34,900 से ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में आई गिरावट के बाद आज बाजार में कीमतें लगभग स्थिर रहीं। स्पॉट चांदी 0.8% बढ़कर $60.46 प्रति औंस हो गई है।

रिकवरी के बावजूद, मेटल हफ्ते में गिरावट के रास्ते पर बना रहा क्योंकि निवेशक बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों के असर का अंदाजा लगाते रहे। चांदी खरीदने से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर या बुलियन डीलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

आज के राष्ट्रीय चांदी के रेट

1 ग्राम: ₹234.90–₹235

10 ग्राम: ₹2,349–₹2,350

100 ग्राम: ₹23,490–₹23,500

1 किलोग्राम: ₹2,34,900–₹2,35,000

बाजार का रुख

बुलियन बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में मुनाफावसूली (Profit Booking) और घरेलू बाजार में मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई थी। हालांकि, आज कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट के संकेत और एमसीएक्स (MCX) में होने वाली गतिविधियां आगे कीमतों की दिशा तय करेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग में बदलाव और भारतीय रुपये की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में हल्की नरमी देखने को मिली है। वहीं, वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से कीमतों को कुछ समर्थन मिला है। थोक बाजार और वायदा कारोबार (MCX) में चांदी की कीमतों पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

खरीदारों के लिए सलाह

अगर आप चांदी के आभूषण, सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार या अधिकृत ज्वेलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें। स्थानीय टैक्स, GST और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बात की आशंका भी बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, इसलिए सोने की ट्रेडिंग सावधानी के साथ हो रही है।

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हालांकि, इंटरनेशनल राजनीतिक तनाव आमतौर पर सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) को बढ़ावा देते हैं। लेकिन सख्त मौद्रिक नीति और मजबूत अमेरिकी डॉलर की संभावनाओं ने सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखा है।

8th Pay Commission से रेलवे इंजीनियरों ने सैलरी रिवीजन के साथ कर दी ये बड़ी डिमांड, जानें क्या-क्या बदलेगा

8th Pay Commission Railway: 8वें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों ने अपनी मांगें रख दी हैं। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान रेलवे इंजीनियरों ने वेतन विसंगति, प्रमोशन और करियर ग्रोथ से जुड़ी अपनी कई पुरानी और बड़ी शिकायतें आयोग के सामने उठाई हैं।

‘ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन’ (AIREF) और ‘ईस्ट कोस्ट रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन’ (ECoREA) के प्रतिनिधियों ने ये मांगें 8वें वेतन आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन के सामने पेश कीं। आइए जानते हैं कि रेलवे इंजीनियरों की मुख्य मांगें क्या हैं और इससे उनके करियर पर क्या असर पड़ेगा।

‘5वें वेतन आयोग जैसा ढांचा हो बहाल’- वेतन में सुधार की मांग

AIREF के महासचिव बीपी दास के मुताबिक, रेलवे इंजीनियरों का मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर मौजूदा आर्थिक चुनौतियों और महंगाई से निपटने के लिए नाकाफी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद से इंजीनियरों के वेतन ढांचे में लगातार गिरावट आई है।

गैर-तकनीकी काडरों को ज्यादा वेतन: रेलवे इंजीनियरों पर बेहद संवेदनशील सुरक्षा और तकनीकी जिम्मेदारियां होती हैं। इसके बावजूद, कई गैर-तकनीकी और गैर-सुरक्षा काडरों को इस समय उनसे ज्यादा वेतन मिल रहा है।

समानता बहाल करने की मांग: फेडरेशन ने मांग की है कि 8वां वेतन आयोग उस वेतन पदानुक्रम को दोबारा बहाल करे जो 5वें वेतन आयोग तक लागू था।

रेलवे इंजीनियरों को मिले ‘ग्रुप-B’ का दर्जा

फेडरेशन की एक और प्रमुख मांग यह है कि रेलवे इंजीनियरों को अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों की तरह ग्रुप-B का दर्जा दिया जाए।

ग्रुप-B पदों की भारी कमी: रेलवे में इस समय ग्रुप-B पदों का प्रतिनिधित्व बेहद कम है। भारतीय रेलवे में वर्तमान में केवल 0.29% पद ही ग्रुप-B के हैं।

प्रमोशन के मौके बढ़ाने की अपील: AIREF ने मांग की है कि रेलवे में ग्रुप-B पदों की हिस्सेदारी को बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत 7.5% के बराबर किया जाए। पद कम होने की वजह से इंजीनियरों के सामने करियर में आगे बढ़ने और प्रमोशन के मौके बेहद सीमित हो जाते हैं। संगठन के सचिव शिवकांत सिंह ने भी इंजीनियरों में बढ़ते ठहराव और मोटिवेशन की कमी का मुद्दा उठाया।

रेलवे कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर एक नजर

मुख्य मुद्दा मौजूदा स्थिति AIREF की मांग
वेतन ढांचाकई गैर-तकनीकी काडरों से कम वेतन  5वें वेतन आयोग की तरह समानता बहाल हो
ग्रुप-B पदरेलवे में मात्र 0.29% हिस्सेदारी  राष्ट्रीय औसत के तहत इसे 7.5% किया जाए
करियर ग्रोथप्रमोशन के बेहद सीमित अवसरठहराव को दूर कर प्रमोशन के नए रास्ते खुलें
सर्विस स्टेटसमौजूदा सब-ऑर्डिनेट ढांचाअन्य केंद्रीय मंत्रालयों की तरह ग्रुप-B का दर्जा

देशभर में चल रहा है बैठकों का दौर

8वें वेतन आयोग की यह बैठक 6 और 7 जुलाई को आयोजित की गई थी, जो कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों के साथ देशव्यापी विचार-विमर्श का हिस्सा थी। आयोग आज यानी 10 जुलाई को कोलकाता में अपना यह परामर्श दौरा पूरा कर रहा है। इससे पहले दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी ऐसी बैठकें हो चुकी हैं।

रेलवे के अलावा, देशभर के अन्य कर्मचारी संगठन भी हायर फिटमेंट फैक्टर, भत्तों में सुधार, पेंशन सुधार, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में संशोधन और एमएसीपी (MACP) योजना में सुधार के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।

आगे क्या होगा?

हालांकि इन बैठकों से तुरंत वेतन में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन यह कर्मचारी संगठनों को अपने दावों के पक्ष में सबूत और जमीनी अनुभव पेश करने का मौका देता है। 3 नवंबर 2025 को गठित किए गए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर 1.1 करोड़ से अधिक सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है।