Farm Loan Waiver: महाराष्ट्र में बदले किसानों की कर्जमाफी के नियम, 2 लाख की लिमिट खत्म, जानें अब किसे मिलेगा फायदा

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बहुत बड़ी राहत देते हुए अपनी कृषि कर्जमाफी योजना के नियमों में बदलाव करने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में घोषणा की कि सरकार की नई कर्जमाफी योजना से उस शर्त को पूरी तरह हटा दिया गया है जिसके तहत बकाया कर्ज की सीमा 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए थी। विपक्ष द्वारा लाए गए अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री (जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है) ने बताया कि 2 लाख रुपये की इस ऊपरी सीमा के हटने से उन हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा जो पहले इस शर्त के कारण योजना से बाहर हो गए थे।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नई योजना का नाम पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि कर्जमाफी योजना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इस फैसले से अब किन-किन किसानों को लाभ मिलेगा और योजना के नए नियम क्या हैं।

अब 2026-27 तक का बकाया कर्ज होगा माफ

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्जमाफी के दायरे को बढ़ाते हुए एक और बड़ी राहत की घोषणा की है। पहले यह योजना सिर्फ वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के बकाया कर्ज पर लागू होने वाली थी। अब इस समयसीमा को बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 तक के बकाया लोन के लिए विस्तारित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य में किसी भी सरकार द्वारा लिया गया यह ऐसा पहला फैसला है।

56 लाख किसानों को मिलेगा 36000 करोड़ रुपये का फायदा

इस योजना की आलोचनाओं को खारिज करते हुए वित्त मंत्री फडणवीस ने आंकड़े सदन के सामने रखे। विपक्ष के इस आरोप को उन्होंने खारिज कर दिया कि सिर्फ 12000-13000 करोड़ रुपये ही बांटे जाएंगे और 36 लाख किसान छूट जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक योजना के तहत राज्य के करीब 56 लाख किसानों को 36000 करोड़ रुपये की कर्जमाफी सहायता का लाभ मिलेगा। इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से सलाह ली गई थी। राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अपनी समग्र सहायता के हिस्से के रूप में पहले वर्ष में ₹20000 करोड़, दूसरे वर्ष में ₹22000 करोड़ और उसके बाद ₹25000 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव रखती है।

पुरानी कर्जमाफी योजनाओं से कैसे अलग है यह नियम?

मुख्यमंत्री ने साल 2019 की पुरानी ‘महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमाफी योजना’ का उदाहरण देते हुए मौजूदा बदलाव को समझाया। महात्मा फुले योजना में पात्रता की सीमा 2 लाख रुपये के ओवरड्यू लोन तक ही सीमित थी। अगर किसी किसान का बकाया इस सीमा से महज 1 रुपये भी ज्यादा होता था तो उसे योजना से पूरी तरह बाहर कर दिया जाता था। उस योजना से लगभग 32 लाख किसानों को लाभ मिला था।

सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने ₹50000 के पुनर्भुगतान से जुड़ी शर्त को हटाने से इनकार कर दिया क्योंकि इससे खजाने पर ₹4000-5000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ता। हालांकि उन्होंने बड़ी घोषणा की कि महात्मा फुले कर्जमाफी योजना के तहत आने वाले किसानों को भी अब 2 लाख रुपये तक का कर्जमाफी लाभ मिलेगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने 2017, 2020 और अब 2026 में बड़े पैमाने पर कृषि कर्जमाफी को लागू किया है।

कुछ लाभार्थियों को योजना से बाहर रखने पर क्या बोले CM?

नियमित कर्जमाफी से कर्जदारों में पुनर्भुगतान में देरी करने की प्रवृत्ति बढ़ने और सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने की बात मुख्यमंत्री ने स्वीकार की। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्जमाफी के लाभार्थियों को भविष्य की योजनाओं से बाहर रखने के सुझाव पर विचार किया था लेकिन अंततः किसानों की मदद करने और बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा के बीच एक संतुलन बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को बाहर रखने का फैसला कोई ऐसा नहीं है कि पहली बार लिया जा रहा हो। साल 2017 की कर्जमाफी के लाभार्थियों को 2019 की महात्मा फुले योजना से बाहर रखा गया था। ठीक इसी तरह साल 2008 की राष्ट्रीय कृषि कर्जमाफी योजना के दायरे में आए किसानों को महाराष्ट्र सरकार की 2009 की योजना से बाहर रखा गया था।

किसानों को संकट और साहूकारों से बचाना है मकसद: फडणवीस

योजना का बचाव करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संकटग्रस्त किसानों को फिर से संस्थागत ऋण (बैंकों से लोन) प्राप्त करने में मदद करने के लिए यह योजना बेहद जरूरी थी। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के कारण आज तक कोई भी किसान अमीर नहीं बना है लेकिन किसानों को निजी साहूकारों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए ऐसे कदम उठाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चाहती तो इस फैसले को टाल सकती थी क्योंकि राज्य में साल 2029 तक कोई चुनाव नहीं हैं लेकिन किसानों के वित्तीय संकट को देखते हुए सरकार ने चुनाव की परवाह किए बिना इस योजना की घोषणा की।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही किसानों को सालाना करीब ₹25000 करोड़ की बिजली सब्सिडी दे रही है। इसके साथ ही कृषि विभाग की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं का कुल परिव्यय लगभग ₹95000 करोड़ रुपये है।

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Gold Silver Rates Today: दिल्ली में सोना चढ़ा, चांदी एक दिन में 5000 रुपये उछली

Gold Silver Rates Today:  सोने और चांदी की कीमतें में 10 जुलाई को दिल्ली में तेजी रही। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 400 रुपये तक चढ़कर 1,48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी में 5000 रुपये की तेजी आई। डॉलर में कमजोरी से बुलियन में ट्रेडर्स ने अच्छी खरीदारी की। इससे पहले डॉलर में मजबूती ने सोने और चांदी पर दबाव बनाया था।

चांदी में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक

चांदी में बीते तीन दिनों से जारी गिरावट पर आज ब्रेक लग गया। यह 5000 रुपये के उछाल के साथ 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 9 जुलाई को चांदी 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जबकि सोना 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

डॉलर इंडक्स में कमजोरी का असर

ट्रेडर्स ने बताया कि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी आई। डॉलर इंडेक्स लगातार तीसरे दिन कमजोर हुआ। इससे कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी। इस हफ्ते की शुरुआत में सोना एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया था। इससे ट्रेडर्स ने कम कीमतों पर खरीदारी के मौके का फायदा उठाया।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि शुक्रवार को गोल्ड में मजबूती दिखी। इसमें गोल्ड इंडेक्स में कमजोरी का हाथ है। हालांकि, इंटरनेशनल मार्केट में सोने में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हफ्ते सोने में कमजोरी आई। पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में मजबूती आई थी।

इस हफ्ते विदेश में सोने की कीमतों में नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.43 फीसदी गिरकर 4,106.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर भी 1 फीसदी गिरकर 59.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि स्पॉट गोल्ड में मजबूती की वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की चल रही कोशिश है।

मार्केट की नजरें इनफ्लेशन डेटा पर

इस बीच मार्केट की नजरें अगले हफ्ते अमेरिका में जारी होने वाले सीपीआई इनफ्लेशन के डेटा पर हैं। अगर इनफ्लेशन हाई बना रहता है तो फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ जाएगी। ऐसे होने पर सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। अमेरिका और ईरान में फिर से टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान, वहां क्या-क्या हो सकता है उनके साथ?

Sheikh Hasina: साल 2024 में छात्र आंदोलन के बाद अपना देश छोड़कर भारत में शरण लेने वाली बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। शेख हसीना ने कहा है कि वह और उनके सहयोगी संभवतः इसी साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगे। रॉयटर्स को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने यह सनसनीखेज जानकारी सार्वजिनिक की है। शेख हसीना ने इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी हत्या भी की जा सकती है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें अभी भी जाना होगा और वह खुद सरेंडर करेंगी।

आइए समझते हैं कि अगर शेख हसीना दिसंबर में बांग्लादेश लौटती हैं तो वहां उनके साथ कानूनी रूप से क्या-क्या हो सकता है और उनकी सुरक्षा को लेकर क्या बड़े खतरे हैं।

बांग्लादेश में एंट्री करते ही तुरंत होंगी गिरफ्तार

शेख हसीना जैसे ही बांग्लादेश की धरती पर कदम रखेंगी उनका सामना बेहद सख्त कानूनी प्रक्रिया से होगा। हवाई, जमीनी या समुद्री मार्ग किसी भी जरिए से बांग्लादेश में एंट्री की की कोशिश करते ही उन्हें वहां के इमिग्रेशन या सीमा अधिकारियों द्वारा तुरंत हिरासत में ले लिया जाएगा। हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद उन्हें संबंधित अदालतों के समक्ष पेश किया जाएगा। एक बार गिरफ्तार होने के बाद शेख हसीना को हिरासत में ही रहना होगा। वे जेल में रहकर ही अपने खिलाफ लंबित कई आपराधिक मामलों और अपीलों का सामना करेंगी।

कोर्ट सुना चुका है मौत की सजा, अपील की समयसीमा भी खत्म

बांग्लादेश लौटने पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भविष्य बेहद अंधकारमय नजर आ रहा है क्योंकि उनके खिलाफ पहले ही देश की एक बड़ी अदालत का फैसला आ चुका है। बांग्लादेश की युद्ध अपराध अदालत ने उनकी गैर-मौजूदगी में पिछले साल नवंबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। उन पर छात्र आंदोलन के दौरान जानलेवा कार्रवाई का आदेश देने का आरोप है। बांग्लादेशी कानून के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को उसकी गैर-मौजूदगी में दोषी ठहराया जाता है तो उसे फैसले के 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करना होता है और अपील दायर करनी होती है। शेख हसीना के मामले में यह 30 दिनों की समयसीमा पहले ही खत्म हो चुकी है। इस सजा को अदालत में चुनौती देना कानूनी रूप से अब और अधिक जटिल हो गया है।

अगर यह सजा बरकरार रहती है और अदालत द्वारा उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाता है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें या तो लंबी जेल काटनी होगी या फिर फांसी दी जा सकती है बशर्ते न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सजा को पलटा या बदला न जाए। इस फैसले से अलग शेख हसीना के खिलाफ देश में जमीन से जुड़े अपराधों और अन्य आरोपों सहित कई अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट भी एक्टिव हैं। हालांकि शेख हसीना ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।

जान का खतरा और राजनीतिक अस्थिरता

कानूनी पेचीदगियों से इतर शेख हसीना के बांग्लादेश लौटने पर उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। बांग्लादेश के भारी पोलराइज्ड राजनीतिक माहौल के बीच उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भारी चिंताएं हैं। उनपर हमले का भी खतरे का मंडरा रहा है। शेख हसीना ने रॉयटर्स से कहा है कि मेरे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जबरदस्त अत्याचार किया जा रहा है। अगर मौत आती है तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मातृभूमि पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।

‘अदालत को तमाशा साबित करना चाहती हूं’

इन तमाम जानलेवा जोखिमों के बावजूद शेख हसीना ने कहा कि वह निर्वासन में रहने के बजाय बांग्लादेश में मामलों का सामना करना चाहती हैं। उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि ‘मैं न्याय में विश्वास करती हूं और मुझे लगता है कि एक बार कार्यवाही शुरू होने के बाद लोगों को स्पष्ट हो जाएगा कि यह अदालत कितनी बकवास है। मैं यही साबित करना चाहती हूं।’ उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि उन्होंने मुझे दोषी ठहरा दिया हो और मैं शायद चुनाव न लड़ पाऊं। लेकिन वे अवामी लीग को क्यों निलंबित कर रहे हैं? अगर हमने बुरा किया है तो जनता को फैसला करने दें।

गौरतलब है कि कई कार्यकालों में दो दशकों तक बांग्लादेश पर राज करने वाली शेख हसीना को साल 2024 में हुए भारी जन-आंदोलन के बाद देश छोड़कर भागना पड़ा था। वर्तमान में ढाका प्रशासन लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। इसपर भारत ने कहा है रि वह मौजूदा न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस अनुरोध की जांच कर रहा है। हालांकि अब हसीना ने कहा है कि वह प्रत्यर्पण का इंतजार करने के बजाय खुद स्वेच्छा से वापस जाकर सरेंडर करेंगी।

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प्राइवेट जेट…लग्जरी स्टे, सेंट बार्ट्स से कोस्टा रिका की हनीमून ट्रिप पर कपल ने खर्च किए 1.5 करोड़

हनीमून अक्सर शादी के बाद कपल की पहली बड़ी ट्रिप होती है। कुछ लोगों के लिए, इसका मतलब है बीच पर शांति से समय बिताना। दूसरों के लिए, यह सपनों की जगहों पर घूमने का मौका होता है। लेकिन जब पैसे की कोई कमी न हो, तो हनीमून कितना शानदार हो सकता है? एक कपल के लिए, इसका मतलब था लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च करके एक ऐसी यात्रा करना जिसमें प्राइवेट जेट, कैरेबियन द्वीप, रेनफॉरेस्ट रिट्रीट और तीन देशों में फैले लग्ज़री रिसॉर्ट शामिल थे।

इस शानदार ट्रिप की जानकारी हाल ही में ‘अ ट्रैवल डुएट’ (A Travel Duet) की सीनियर लीड – बिजनेस एक्सीलेंस, अनेरी शाह ने दी। यह कंपनी लग्जरी एक्सपीरियंस-बेस्ड ट्रैवल और हनीमून प्लानिंग का काम करती है। ‘वेडमीगुड’ (WedMeGood) से बात करते हुए, शाह ने उस यात्रा का पूरा प्लान बताया, जिसे उन्होंने अपनी टीम द्वारा अब तक प्लान किया गया सबसे महंगा हनीमून कहा।

कपल की यात्रा सेंट बार्ट्स से शुरू हुई, जो कैरेबियन का एक ऐसा द्वीप है, जो अपने लग्ज़री रिसॉर्ट, बीच, यॉट और सेलिब्रिटी मेहमानों के लिए जाना जाता है। हनीमून के लिए सिर्फ़ एक जगह चुनने के बजाय, कपल के लिए ऐसा प्लान बनाया गया था जिसमें कई तरह के अनुभव मिलें – जैसे कि द्वीप का जीवंत माहौल और साथ ही शांतिपूर्ण जगहें।

ट्रिप की जानकारी देते हुए शाह ने कहा, “सबसे महंगे हनीमून का खर्च लगभग $150,000 था, जो भारतीय रुपयों में करीब 1.5 करोड़ रुपये है। यह कपल कैरिबियन के बेहद शानदार और खास पार्टी आइलैंड, सेंट बार्ट्स गया था। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत मशहूर ‘ईडन रॉक’ में रुककर की, जहां अक्सर एक साल पहले ही बुकिंग करानी पड़ती है।”

भले ही सेंट बार्ट्स एक छोटा सा आइलैंड हो, लेकिन इसने कैरिबियन की सबसे खास जगहों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। यह आइलैंड अपने लग्ज़री बुटीक, बेहतरीन डाइनिंग रेस्टोरेंट, बीच क्लब और सुपर-यॉट से भरे मरीना के लिए जाना जाता है।

इस आइलैंड पर आने वाले लोगों के बारे में बताते हुए शाह ने कहा, “सोचिए, मैक्स वेरस्टैपेन (डच F1 ड्राइवर) की यॉट (बड़ी नाव) वहां खड़ी है। यहां ऐसे ही लोग आते हैं। सर्दियों में यह जगह कैरिबियन का ‘सेंट ट्रोपेज़’ बन जाती है।”

सेंट बार्ट्स में समय बिताने के बाद, यह कपल अपनी अगली डेस्टिनेशन, टर्क्स एंड कैकोस के लिए रवाना हुआ। यह बदलाव एक अलग अनुभव के लिए किया गया था। जहां सेंट बार्ट्स में ज़्यादा लोगों से मिलने-जुलने वाला और जोश भरा माहौल था, वहीं टर्क्स एंड कैकोस में शांति, बीच, आराम और प्राइवेसी वाला माहौल मिला।

शाह ने बताया, “इसके बाद, कपल प्राइवेट जेट से टर्क्स एंड कैकोस गया। यानी, आप पहले पार्टी वाले आइलैंड पर जाते हैं, फिर एक आरामदायक और शांत आइलैंड पर जाते हैं, जहां वे ‘अमान्यारा’ में रुके। उसके बाद, वे प्राइवेट जेट से कोस्टा रिका गए।”

यह कपल एक लग्ज़री रिज़ॉर्ट में रुका जो अपने प्राइवेट विला, प्राकृतिक माहौल और खास अनुभवों के लिए जाना जाता है। इस स्टे ने हनीमून की रफ़्तार को थोड़ा धीमा कर दिया, जिससे कपल को अपनी जर्नी के अगले हिस्से पर जाने से पहले आराम करने का मौका मिला।

हनीमून के अगले पड़ाव में कपल कैरिबियन से दूर कोस्टा रिका के जंगलों और पहाड़ों के बीच पहुंचा। अलग-अलग आइलैंड घूमने के बाद, कपल ने बिल्कुल अलग तरह के नज़ारों का अनुभव करने के लिए प्राइवेट जेट से यात्रा की। वे ‘हसिंडा अल्टाग्रेसिया’ में रुके, जो प्रकृति से घिरा एक लग्ज़री रिट्रीट है।

भव्यता और दिखावे पर केंद्रित पारंपरिक लक्जरी होटलों के विपरीत, हैसिएंडा अल्टाग्रासिया वह है जिसे आजकल कई यात्री “शांत विलासिता” कहते हैं। शाह के अनुसार, यह एक विशिष्ट लक्जरी ब्रांड है जो व्यापक दर्शकों के बीच अपेक्षाकृत अज्ञात है, लेकिन भीड़-भाड़ वाले स्थलों से दूर विशेष अनुभवों की तलाश करने वाले यात्रियों के बीच लोकप्रिय है।

द्वीपों और वर्षावनों की सैर के बाद, कपल का अंतिम स्टे मियामी था। मियामी में रुकने के साथ ही उनकी यात्रा पूरी हुई, जिसमें तीन अलग-अलग प्रकार की यात्राएं शामिल थीं – कैरेबियन समुद्र तट और लक्जरी रिसॉर्ट से लेकर वर्षावन व्यू और सिटी लाइफ तक।

15 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने वाली सहारनपुर की हर्षिता ने बना दी 7000 करोड़ रुपये की कंपनी

यूपी के सहारनपुर जैसे शहरों में आम तौर पर परिवार अपने बच्चों को इंजीनियर, डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। इसके लिए पूरे परिवार का फोकस बच्चे की पढ़ाई पर होता है। ऐसे में अगर कोई 15 साल की लड़की स्कूल छोड़ने का प्लान बना ले तो परिवार पर क्या बीतेगी? हम बात कर रहे हैं हर्षिता अरोड़ा की। स्कूल छोड़ने के उसके फैसले ने न सिर्फ परिवार बल्कि टीचर्स को भी हैरान कर दिया था।

16 साल की उम्र में क्रिप्टो पोर्टफोलियो ट्रैकिंग ऐप बनाया

हर्षिता की दिलचस्पी कोडिंग में इस कदर बढ़ गई थी कि वह इसके सिवाय दूसरा कुछ करने के बारे में सोच ही नहीं सकती थी। 16 साल की उम्र में उसने क्रिप्टो पोर्टफोलियो ट्रैकिंग ऐप बनाया। एपल जैसी कंपनी को यह ऐप बहुत पसंद आया। जल्द एक कंपनी ने इसे खरीद लिया। फिर यह अमेरिका और कनाडा में यह दूसरा सबसे लोकप्रिय फाइनेंस ऐप बन गया।

पीएम मोदी से 2020 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला

सरकार ने 2020 में हर्षिता की उपलब्धियों का सम्मान किया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया। उसी साल उसने अमेरिका जाने के लिए O-1 वीजा के लिए अप्लाई किया। यह वीजा उन लोगों को इश्यू होता है, जिन्होंने अपने फील्ड में असाधारण टैलेंट का प्रदर्शन किया होता है। एक साल पहले हर्षिता ने विगनान वेलिवेला और तुषार मिश्रा के साथ मिलकर AtoB नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया था। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को पहुंचने पर उनके स्टार्टअप को पहचान मिली।

कोविड ने पूरे प्लान पर फेर दिया था पानी

इस स्टार्टअप को Y Combinator के समर 2020 बैच में जगह मिल गई थी। लेकिन, कोविड की महामारी आने के बाद पूरे प्लान पर पानी फिर गया। लेकिन, हर्षिता और उसकी टीम के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने ट्रक ड्राइवर्स से उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत शुरू की। उनके पेमेंट्स के बारे में पूछा। फिर अमेरिकी ट्रक इंडस्ट्री के लिए फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर फोकस किया।

कंपनी की वैल्यू करीब 7600 करोड़ रुपये पहुंची

उन्होंने नए सिरे से AtoB को बनाया। फिर ट्रक इंडस्ट्री के लिए एक मॉडर्न टूल पेश किया। आज अमेरिका में 30,000 से ज्यादा ट्रक एटूबी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी की वैल्यू करीब 80 करोड़ डॉलर पहुंच गई है। यह 7,600 करोड़ रुपये के बराबर है। हर्षिता के टैलेंट को देख 2026 में Y Combinator ने उन्हें प्रमोट कर जनरल पार्टनर बना दिया। आज वह दुनिया के कुछ सबसे टैलेंटेड लोगों के साथ काम कर रही हैं।

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आज दूसरे स्टार्टअप की मदद कर रहीं हर्षिता

हर्षिता ने यह साबित किया है कि टैलेंट के बल पर कोई व्यक्ति छोटे शहर में होने के बावजूद अपने सपने को पंख दे सकता है। आज वह वाय कंबिनेटर ने यह तय करती हैं कि किस स्टार्टअप को कितनी वित्तीय मदद दी जा सकती है। आज वह सफलता के बड़े मुकाम पर हैं, जबकि उनकी उम्र के लोग अपना करियर शुरू करने की कोशिशों में लगे हैं।

Lt Kashish Methwani: मॉडलिंग और ग्लैमर की दुनिया छोड़ कशिश मेथवानी ने चुना देश सेवा का रास्ता, सीडीएस में हासिल की थी एआईआर 2

Lt Kashish Methwani: कुछ लोग इतने प्रतिभावान होते हैं, वो जहां कदम रखते हैं सफलता उनके कदम चूमती है। ऐसा ही एक नाम है लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी का है। मुंबई में जन्मीं और पुणे में पली बढ़ीं कशिश के लिए मॉडलिंग की चकाचौंध भरी दुनिया शिखर पर बैठाने के लिए तैयार थी। लेकिन उनके मन में देश सेवा के सपने ने जन्म ले लिया था। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पेजेंट्री हमेशा से उनका पैशन रहा, लेकिन यह उनका लॉन्ग-टर्म करियर कभी नहीं था। उन्होंने बताया कि नेशनल कैडेट कोर में शामिल होना वह टर्निंग पॉइंट था जिसने उनके सपनों को पूरी तरह से बदल दिया।

साल था 2023 का, और मंच मिस इंटरनेशनल इंडिया था। उस पैजेंट में उन्होंने विजेता का ताज अपने सिर पर सजाया। लेकिन कशिश के लिए, मॉडलिंग वो सफर नहीं था, जिस पर चलने के लिए उनके मन में बरसों पहले आस जगी थी। ये बस एक शौक था, जो अब पूरा हो चुका था। अब अगले सफर पर निकलने का समय था। उन्होंने 2024 में कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा पास करने पर ध्यान देने का फैसला किया, और वहां भी वह विजेता बनीं। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2 मिली।

उन्होंने मॉडलिंग छोड़ने का फैसला किया और यूनिफॉर्म में सेना जॉइन कर ली। चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में ग्यारह महीने की मुश्किल मिलिट्री ट्रेनिंग लेने के बाद, उन्हें 6 सितंबर को हुई पासिंग आउट परेड में इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन मिला। मेथवानी का यह कदम कई लोगों के लिए एक शॉक जैसा था ।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के हवाले से उन्होंने कहा, “रिपब्लिक डे परेड में मार्च करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेस्ट कैडेट की ट्रॉफी लेना, इससे मुझे एक मकसद मिला। यह तय था कि आर्मी ही वह जगह है जहां मैं सच में होना चाहती हूं।” आर्मी एयर डिफेंस रेजिमेंट में उनकी पोस्टिंग बहुत अहम है क्योंकि यह रेजिमेंट भारत के ऑपरेशन सिंदूर में अहम काम कर रही थी।

लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी कौन हैं?

9 जनवरी 2001 को मुंबई के पास उल्हासनगर में जन्मी मेथवानी एक सिंधी परिवार से हैं। बाद में वह पुणे के वाकड में बस गईं, जहा उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और साथ ही कई एक्स्ट्रा करिकुलर इंटरेस्ट भी किए। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री पूरी की और फिर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से न्यूरोसाइंस थीसिस की। उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का भी ऑफर मिला, जो उनके शानदार एकेडमिक रिकॉर्ड को और दिखाता है।

परिवार का रोल काफी अहम रहा

लेफ्टिनेंट कशिश के पिता, डॉ. गुरमुख दास, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस में सीनियर पोस्ट संभालने से पहले एक साइंटिस्ट के तौर पर काम करते थे। उनकी मां आर्मी पब्लिक स्कूल, घोरपडी में टीचर थीं। मेथवानी की भरतनाट्यम, डिबेट, एकेडमिक्स, बास्केटबॉल और नेशनल लेवल पिस्टल शूटिंग जैसी अलग-अलग चीजों में दिलचस्पी रही है। सेना में शामिल होने से पहले, मेथवानी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए डेडिकेशन क्रिटिकल कॉज नाम का एक एनजीओ भी शुरू किया था। इसका मकसद लोगों को अपना खून, प्लाज्मा और ऑर्गन डोनेट करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

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Kriti Sanon: कृति सेनन ने बताया एक्टर और प्रोड्यूसर के काम में कितना होता है फर्क, खुलकर रखी अपनी राय

Kriti Sanon: कॉकटेल 2 में एली के रोल के लिए मिले ज़बरदस्त प्यार के बाद, नेशनल अवॉर्ड-विनिंग एक्ट्रेस कृति सेनन अपनी वर्सेटिलिटी और बदलती फिल्मोग्राफी से दिल जीत रही हैं। जहां ऑडियंस ने स्क्रीन पर उनकी परफॉर्मेंस को पसंद किया है, वहीं कृति कैमरे के पीछे एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं, और कहानी कहने के एक बिल्कुल नए तरीके को अपना रही हैं।

एक एक्टर और एक प्रोड्यूसर होने के बीच के अंतर के बारे में बात करते हुए, कृति ने हाल ही में बताया कि दोनों रोल में बहुत अलग-अलग ज़िम्मेदारियां होती हैं। उन्होंने कहा, “एक एक्टर के तौर पर, मुझ पर कम ज़िम्मेदारी होती है क्योंकि मेरा फोकस अपनी परफॉर्मेंस पर होता है। मुझे अपना काम अच्छे से करना होता है, लेकिन फिल्म की सफलता या असफलता सिर्फ मुझ पर निर्भर नहीं करती है।”

एक प्रोड्यूसर के तौर पर अपने सफ़र के बारे में बताते हुए, कृति ने कहा, “एक प्रोड्यूसर के तौर पर, ज़िम्मेदारी बहुत बड़ी होती है। यह एक ऐसे आइडिया से शुरू होती है जिसके बारे में आपको लगता है कि उसमें एक बेहतरीन कहानी बनने का पोटेंशियल है। स्क्रिप्ट डेवलप करने और कास्टिंग से लेकर शूटिंग, म्यूज़िक और फ़ाइनल एडिट तक, आप कहानी को सबसे अच्छे तरीके से बताने के लिए फ़िल्ममेकिंग प्रोसेस के हर स्टेज में शामिल होते हैं।

जब फ़िल्म आख़िरकार रिलीज़ होती है, तो इस बात को लेकर बहुत घबराहट होती है कि ऑडियंस इसे कैसे रिसीव करेगी। लेकिन यह कहीं ज़्यादा संतोषजनक भी होता है क्योंकि आपने सफ़र के हर हिस्से में कंट्रीब्यूट किया है।”

जैसे-जैसे कृति एक्टिंग और प्रोड्यूसिंग में बैलेंस बना रही हैं, उनका बढ़ता करियर कैमरे के सामने और पीछे, दोनों जगह मीनिंगफ़ुल स्टोरीटेलिंग के उनके पैशन को दिखाता है। कॉकटेल 2 के आने और क्रिएटिव तरीके से कहानियों को शेप देने में बढ़ती दिलचस्पी के साथ, एक्ट्रेस धीरे-धीरे इंडियन सिनेमा में अपने लिए एक मल्टीफ़ैसेटेड जगह बना रही हैं।

कल का मौसम 11 जुलाई: IMD ने इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, बिहार-पूर्वी यूपी समेत पूर्वोत्तर में बरसेंगे बादल, यहां आंधी-तूफान

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के इवनिंग वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस समय मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर ऊपर तक फैल गया है। मानसून की अक्षीय रेखा इस समय गंगानगर, रोहतक, मध्य उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मिजोरम तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के सक्रिय होने के चलते 11 जुलाई को देश के 12 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और कई हिस्सों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 11 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

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इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 11 जुलाई को देश के 7 राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं-

  • बिहार
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन सभी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

IMD ने 11 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है:

  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख
  • अरुणाचल प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने 11 जुलाई देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक 11 जुलाई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की पूरी संभावना है। बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ सिर्फ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 11 जुलाई को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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MRF देने वाली है ₹229 का बंपर डिविडेंड, शेयर नए सप्ताह में इस तारीख पर करेगा एक्स-डिविडेंड ट्रेड

टायर कंपनी MRF Ltd वित्त वर्ष 2026 के लिए 229 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई 2026 है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

इस डिविडेंड का ऐलान मई महीने में हुआ था। इस पर 6 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 17 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। इससे पहले MRF वित्त वर्ष 2026 के लिए दो बार में 3-3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने दो बार 3-3 रुपये का अंतरिम और 229 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

MRF के शेयर का क्या है भाव

MRF के शेयर की कीमत 10 जुलाई को BSE पर 134082.80 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 56800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 27.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक महीने में 9 प्रतिशत चढ़ी है। बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,63,500 रुपये और एडजस्टेड लो 1,22,000 रुपये है। MRF के शेयर के लिए अपर सर्किट 1,60,703.85 रुपये पर और लोअर सर्किट 1,07,135.95 रुपये पर है। सर्किट लिमिट 20 प्रतिशत है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में MRF का स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 680.44 करोड़ रुपये रहा। इस बीच रेवेन्यू 7,908.43 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 2,355.40 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 30,652 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।