Silver Rate Today July 11: चांदी के दाम में फिर हलचल, जानें- 11 जुलाई को 10 ग्राम और 1 किलो सिल्वर का रेट

Silver Price Today: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। इसका असर चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान दोनों कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। हालांकि घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के खुदरा भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। सीजफायर समाप्त होने के बाद चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।

घरेलू और वैश्विक बाजारों में बदलते रुझानों के बीच आज यानी 11 जुलाई को भारत में चांदी का खुदरा भाव 240.10 रुपये प्रति ग्राम और 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। निवेशकों और आभूषण खरीदारों की नजरें फिलहाल चांदी के भाव पर बनी हुई हैं।

MCX पर कैसी रही चांदी की चाल?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 4 सितंबर डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स 2,30,015 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। कारोबार के दौरान इसमें गिरावट देखने को मिली और यह 2,28,925 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच गई। बाद में चांदी 2,29,401 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,456 रुपये (0.63%) कम थी।

आज का चांदी का रेट

चांदी (प्रति ग्राम): ₹240.10

चांदी (10 ग्राम): ₹2,401

चांदी (100 ग्राम): ₹24,010

चांदी (1 किलोग्राम): ₹2,40,100

क्यों बदल रही है चांदी की कीमत?

बागलकोट में चांदी की ताजा कीमतें इस प्रकार हैं:-

10 ग्राम के लिए ₹2,400, 100 ग्राम के लिए ₹24,000 और 1 किलोग्राम के लिए ₹2,40,000 देना होगा। जुलाई के ट्रेंड्स को देखें तो चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। 100 ग्राम के लिए सबसे ज्यादा कीमत ₹25,000 दर्ज की गई। जबकि सबसे कम कीमत ₹0 तक पहुंच गई। 1 किलोग्राम के मामले में, चांदी की कीमतें ₹2,50,000 और ₹0 के बीच रहीं।

चांदी में बिकवाली

4 सितंबर डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स 2,30,015 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। जबकि पिछले सत्र में इसका बंद भाव 2,30,857 रुपये था। कारोबार के दौरान चांदी 2,28,925 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गई। बाद में यह 2,29,401 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी, जो पिछले बंद भाव से 1,456 रुपये (0.63%) कम है।

चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों, डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में बढ़ती मांग भी चांदी की कीमतों को प्रभावित करती है। चांदी के खुदरा दाम शहर, ज्वेलर और टैक्स के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं। खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार से ताजा कीमत की पुष्टि करना उचित रहेगा।

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Mahalaxmi Rajyog: कर्क राशि में सूर्य-गुरु बनाएंगे नवपंचम और महालक्ष्मी राजयोग, 3 राशि वालों की लगेगी लॉटरी

Mahalaxmi Rajyog: सूर्य और गुरु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में शुभ और पावरफुल ग्रह के रूप में जाना जाता है। ये दोनों ग्रह जातक के जीवन में प्रतिष्ठा, पद, यश और सम्मान का कारक होते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह की 16 जुलाई को यह दोनों ग्रह कर्क राशि में साथ आने वाले हैं। देवगुरु बृहस्पति पहले से ही कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि सूर्य देव 16 जुलाई को मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करने वाले हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो शुभ राजयोग का निर्माण होता है। कर्क राशि में इन दोनों ग्रहों के संयोग से नवपंचम योग और महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। यह योग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी साबित होगा। इनके जीवन में धन लाभ के साथ-साथ हर कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि : सूर्य और गुरु का यह संयोग मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और हर क्षेत्र में सफलता के योग बनेंगे। अचानक धन लाभ के हो सकता है। कार्यक्षेत्र में तरक्की और प्रमोशन के संकेत हैं। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के आसार हैं।

मिथुन राशि : महालक्ष्मी राजयोग के प्रभाव से मिथुन राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मां लक्ष्मी की कृपा से आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए यह राजयोग जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। निवेश के लिए यह समय अनुकूल है और इससे अच्छा लाभ मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Price Today: आज कितनी है घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत? जानें दिल्ली समेत अन्य शहरों के नए रेट

LPG Price Today: अगर आप आज एलपीजी सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं तो पहले अपने शहर का नया रेट जान लेना जरूरी है। सरकारी तेल कंपनियों (OMC) की ओर से जारी ताजा दरों के अनुसार फरीदाबाद में 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 943.50 रुपये है। वहीं, दिल्ली में यही सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है। दरअसल, जून में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद जुलाई में घरेलू सिलेंडर का रेट 942 से 943.50 रुपये पर बना हुआ है।

तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर महीने के बीच में भी घरेलू और कमर्शियल दोनों ही गैस सिलेंडर के रेट बदले जा सकते हैं। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले ताजा कीमत जरूर चेक कर लें।

हरियाणा में आज 14 किलो घरेलू सिलेंडर कीमत

घरेलू LPG (14.2 किलोग्राम): ₹943.50

कमर्शियल LPG (19 किलोग्राम): लगभग ₹2,932

दिल्ली में आज का LPG रेट

घरेलू LPG (14.2 किलोग्राम): ₹942

क्यों बदलती हैं LPG की कीमतें?

अन्य राज्यों के हाल

नोएडा- 939.50

मुंबई- 941.50

कोलकाता- 968

पटना- 1031.50

लखनऊ- 979.50

चेन्नई- 957.50

चंडीगढ़- 951.50

जयपुर- 945.50

हरियाणा- 943.50

असम- 991

19 KG कमर्शियल सिलेंडर की कीमत इस प्रकार है:-

दिल्ली- 2930

नोएडा- 2930

मुंबई- 2885.50

कोलकाता- 3081.50

पटना- 3227

लखनऊ- 3052.50

चेन्नई- 3106

चंडीगढ़- 2954.50

जयपुर- 2957.50

हरियाणा- 2932

असम- 3173.50

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें हर महीने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों, डॉलर-रुपये की कीमत, परिवहन लागत और राज्यों के स्थानीय टैक्स के आधार पर तय की जाती हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में गैस सिलेंडर की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। बता दें कि सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी देती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

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Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज कर रहे हैं योगिनी एकादशी का व्रत, जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत करने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य फल मिलता है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन किया जा रहा है, 10 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को। 10 जुलाई को आषाढ़ माह की एकादशी तिथि सूर्योदय के समय व्यप्त नहीं थी, जबकि आज यानी 11 जुलाई को सूर्योदय एकादशी तिथि में हुआ है। इसलिए, उदयातिथि के अनुसार आज भी योगिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। कल जहां भगवान विष्णु के गृहस्थ भक्तों ने व्रत किया था, वहीं आज श्री हरि के वैष्णव भक्त यह उपवास कर रहे हैं। आज के दिन पूजा करते समय राहुकाल का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें आज राहुकाल का समय क्या है?

11 जुलाई राहुकाल का समय

11 जुलाई दिन शनिवार को राहुकाल सुबह 8 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

राहु जल्दबाजी में लिए फैसलों का प्रतीक

राहु भ्रम, माया, अचानक इच्छा, प्रलोभन और जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का प्रतीक है। राहुकाल के दौरान, मन स्पष्ट नहीं होता है। इसलिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने, महत्वपूर्ण निर्णय लेने या बड़ी मात्रा में धन खर्च करने के लिए एक अशुभ समय माना गया है।

राहुकाल के दौरान बड़े खर्चों से बचें

ज्योतिष में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है जब नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वैदिक ज्योतिष में राहु को भ्रम, अनिश्चितता, लालच और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक माना जाता है। इसलिए इस समय किए गए बड़े आर्थिक निर्णयों में बाधा या पछतावे की आशंका की स्थिति बन सकती है। ज्योतिष के अनुसार, महत्वपूर्ण कार्य ऐसे समय में शुरू हों जब ग्रहों का प्रभाव अनुकूल माना जाए। इसलिए घर, वाहन, सोना, जमीन, या किसी बड़े निवेश की शुरुआत राहुकाल में अशुभ मानी जाती है। वित्तीय निर्णयों के लिए एक स्पष्ट और शांत दिमाग की जरूरत होती है। राहुकाल एक ऐसा समय हो सकता है जब लोग डर, लालच, दबाव या उत्तेजना से प्रभावित हो सकते हैं।

राहुकाल में न लें ये अहम वित्तीय फैसले

इस अवधि के दौरान कार, फोन, लैपटॉप, सोना, संपत्ति, महंगे कपड़े, उपकरण या लक्जरी उत्पाद ना खरीदें। इसी तरह, कोई भी फाइनेंस से संबंधित डॉक्यूमेंट्स पर साइन ना करें, पैसा उधार ना दें, संदिग्ध योजनाओं में निवेश ना करें, आपातकाल को छोड़कर किसी भी तरह के बड़े भुगतान करने से बचें, लिखित डॉक्यूमेंट्स के बिना कोई अग्रिम भुगतान ना करें।

राहुकाल के दौरान सरल उपाय

राहुकाल के दौरान ॐ राहवे नमः का 108 बार जप करें या कुछ मिनटों के लिए शांत रहें। किसी से भी बहस ना करें, झूठ ना बोलें, शॉर्टकट ना अपनाएं, लालची ना बनें। साथ ही, शनिवार को आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, काले तिल या कंबल दान करना चुन सकते हैं।

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सांप काटने के तुरंत बाद पड़ सकती है ये गलती भारी, जानिए क्या नहीं करें सांप के काटने पर!

बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गांव के इलाकों में स्नेकबाइट के मामले भी तेजी से सामने आते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि सांप काटने के बाद घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। आइए जानते हैं स्नेकबाइट से बचाव और फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी बातें:

बारिश में बढ़ जाते हैं स्नेकबाइट के केस

Snake Facts: बारिश में दिखने वाले ये 5 सांप नहीं होते जहरीले, काट भी लें तो नहीं होगी मौत, जानें कैसे करें पहचान - News18 हिंदी

बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सेफ और सूखी जगह की तलाश में घरों, खेतों, खलिहानों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से इस मौसम में लोगों का सांपों से सामना ज्यादा होता है और स्नेकबाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

हर सांप जहरीला नहीं होता

बारिश का साइड इफेक्ट! घरों और दफ्तरों में घुस रहे बिन बुलाए मेहमान, मानसून में बढ़ा स्नेकबाइट का खतरा! - jungle news monsoon brings snakes closer to homes as flooded ...

एक्सपर्ट कहते है ज्यादातर सांप में जहरीले नहीं होते हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते। हालांकि, यदि यह पता न हो कि काटने वाला सांप जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर मरीज को शांत रखें

सांप काटने पर यह दें प्राथमिक उपचार, भूलकर भी न लगाएं चीरा, जानें एक्सपर्ट की राय

स्नेकबाइट के बाद मरीज को घबराने न दें और उसे आराम से लिटाकर रखें। बिना कारण चलने-फिरने से बचाएं, क्योंकि इससे यदि जहर मौजूद हो तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है।

चीरा लगाना और कसकर बांधना है खतरनाक

Snake:इन चीजों से सांपों की कांपती है रूह, गंध से भागते हैं दूर, जानिए इनमें आखिर क्या है ऐसा - Effective And Safe Methods To Repel Snakes Without Harming Them - Amar

एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी धारदार चीज से चीरा नहीं लगाना चाहिए। इसी तरह रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है और इन्फेक्शन या कम्प्लीकेशन का रिस्क बढ़ सकता है।

बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाएं

Madhepura Sadar Hospital OPD: बुधवार को सदर अस्पताल मधेपुरा में मिलेगी विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवा, जानिए कौन से डॉक्टर रहेंगे उपलब्ध

स्नेकबाइट की कंडीशन में मरीज को तुरंत पास के किसी सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

झाड़-फूंक नहीं, डॉक्टर का इलाज जरूरी

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एक्सपर्ट का कहना है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेनी चाहिए। हॉस्पिटल में अवेलेबल एंटी-स्नेक वेनम से समय पर ट्रीटमेंट मिलने पर ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं।

इस तरह स्नेकबाइट की कंडीशन में सही जानकारी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर साबित हो सकती है, इसलिए हर सिचुएशन में डॉक्टर की एडवाइस और हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट ही अपनाएं।

Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने का संकेत देता है। आज जल्दबाजी में खर्च करने या बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। बचत, सही बजट और भविष्य की योजना बनाने पर ध्यान देने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आज का दिन आर्थिक मामलों को व्यवस्थित करने के लिए अच्छा रहेगा। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें और देखें कि वे आपके भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार हैं या नहीं। बिना जरूरत खर्च करने से बचें। सोच-समझकर उठाया गया कदम भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से संतोषजनक दिन रहेगा। नई तकनीक या नए काम से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। लंबी अवधि के निवेश और बचत की योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। धैर्य बनाए रखें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा साबित हो सकता है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें। आकर्षक ऑफर या जल्द लाभ देने वाले प्रस्तावों के झांसे में न आएं। सुरक्षित और संतुलित आर्थिक योजना अपनाने से भविष्य में अच्छा फायदा मिल सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। यह समय अपनी योजनाओं पर विचार करने और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट करने का है। यदि किसी निवेश का विचार है तो फिलहाल उसे टालना बेहतर रहेगा। पहले पूरी जानकारी जुटाएं और फिर निर्णय लें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय सोचने और योजना बनाने का दिन है। अपने भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान दें और उन्हें स्पष्ट करें। अभी तुरंत लाभ के बजाय लंबी अवधि की योजना पर काम करना आपके लिए अधिक फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं, खासकर नई तकनीक या नए कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में। लेकिन किसी भी फैसले से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। सही योजना से लाभ मिलने की संभावना है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आज आर्थिक मामलों में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर सुधार करें। फिजूल खर्च से बचें और बचत पर ध्यान दें। आपकी समझदारी भविष्य में आर्थिक स्थिरता लाने में मदद करेगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करें। अपने भविष्य के लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत हो तो वित्तीय योजना में बदलाव करें। नए निवेश या बड़ी खरीदारी करने से पहले पूरी तैयारी करें। धैर्य और सही रणनीति आपको आगे सफलता दिलाएगी।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर सामने आ सकते हैं, खासकर तकनीक और नए विचारों से जुड़े क्षेत्रों में। निवेश करने से पहले उसके फायदे और जोखिम दोनों को अच्छी तरह समझ लें। भरोसेमंद लोगों की सलाह लेना आपके लिए लाभदायक रहेगा। सही योजना भविष्य में अच्छा लाभ दे सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

अमेरिका-रूस के बाद भारत की वायु सेना सबसे ताकतवर, IAF ने 5वीं बार चीन को छोड़ा पीछे

WDMMA Global Airpower Ranking: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने ‘वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ़ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ़्ट’ (WDMMA) की 2026 की ग्लोबल एयरपावर रैंकिंग में एक बार फिर तीसरा स्थान हासिल किया है। 2022 के बाद से यह 5वीं बार है जब IAF ने चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स’ (PLAAF) से आगे अपनी जगह बनाए रखी है।

ताजा रैंकिंग में IAF सिर्फ अमेरिका और रूस से पीछे है। WDMMA के आकलन में यह छठी बार है जब IAF को US एयर फोर्स, US नेवी, रूसी एयर फोर्स, US आर्मी और US मरीन कॉर्प्स के बाद रखा गया है।

बता दें कि WDMMA कुल 103 देशों की 129 एयर सेवाओं का मूल्यांकन करता है और 48,000 से ज्यादा विमानों को अपनी रैंकिंग में शामिल करता है। इसकी ‘ट्रू वैल्यू रेटिंग’ (TVR) प्रणाली के जरिए किसी भी वायु सेना की ताकत का आकलन किया जाता है। इसमें बेड़े (Fleet) का आकार, विमानों की क्षमता, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक सपोर्ट और कुल सैन्य क्षमता को देखा जाता है।

इस रैंकिंग में सिर्फ फाइटर जेट की संख्या के बजाय फ्लीट मिक्स और खास एसेट्स – जैसे एरियल रिफ्यूलर, स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट, क्लोज-एयर-सपोर्ट प्लेटफॉर्म, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और ट्रेनर – को ज्यादा अहमियत दी जाती है। इसमें एयर फोर्स के ऑर्डर बुक और देश में ही एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता को भी ध्यान में रखा जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, IAF अभी 1,716 एयरक्राफ्ट ऑपरेट करती है, जिनमें सात तरह के 542 फाइटर जेट शामिल हैं। इस संख्या में MiG-21 भी शामिल है, भले ही इसे सितंबर 2025 में रिटायर किया जाना है।

इस बेड़े में 498 हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं, जिनमें 222 Mi-17 और 111 HAL ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर हैं। इसके अलावा, 282 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 374 ट्रेनर (जिनमें से 325 खास तौर पर ट्रेनिंग के लिए हैं) और 20 स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट (जैसे एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग, इंटेलिजेंस और एरियल रीफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म) भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में IAF की तुलना यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (USAF) से भी की गई है। USAF के बेड़े में फाइटर जेट्स की हिस्सेदारी 32% है, और अगर बॉम्बर और क्लोज-एयर-सपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी इसमें शामिल किया जाए, तो यह आंकड़ा 41% तक पहुंच जाता है। वहीं, अमेरिकी वायु सेना में हेलीकॉप्टरों की हिस्सेदारी करीब 4%, ट्रांसपोर्ट विमानों की 14% और स्पेशल मिशन विमानों की हिस्सेदारी लगभग 14% है।

हालांकि, अच्छी रैंकिंग के बावजूद, रिपोर्ट में भारतीय वायु सेना की कुछ कमियों का भी जिक्र किया गया है। फिलहाल IAF के पास अभी 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि मंजूर की गई संख्या 42 है। हर स्क्वाड्रन में 18 एयरक्राफ्ट के हिसाब से, कुल 750 फाइटर एयरक्राफ्ट का लक्ष्य रखा गया है।

IAF को अभी हवा में ईंधन भरने वाले विमान (Mid-air Refuellers), एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&C), इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और ISTAR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन और टोही) विमानों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

इन कमियों को दूर करने के लिए भारतीय वायु सेना ने 180 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है। इसमें 83 और 97 विमानों की दो खेप शामिल हैं। पहले विमानों को अंतिम सिस्टम इंटीग्रेशन के बाद वायु सेना में शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा, 114 राफेल फाइटर जेट्स की प्रस्तावित खरीद से बेड़े में 294 एयरक्राफ्ट जुड़ सकते हैं, हालांकि 2030 के दशक में 200 से ज्यादा जगुआर, मिराज 2000 और MiG-29 एयरक्राफ्ट रिटायर होने वाले हैं। इसके साथ ही नए एयरबोर्न वॉर्निंग सिस्टम, टैंकर विमान और ISTAR प्लेटफॉर्म भी बेड़े में शामिल किए जा रहे हैं।

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Ferrari 849 Testarossa Review: 1,050 PS पावर वाली इस सुपरकार में क्या है खास? जानें कीमत से परफॉर्मेंस तक सब कुछ

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी और Lamborghini Revuelto को टक्कर देगी। अब चलिए इस कार के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Testarossa नाम की कहानी करीब 70 साल पुरानी है। साल 1956 में Ferrari ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी रेसिंग कारों के लिए किया था। उन कारों में लाल रंग के कैम कवर होते थे। बता दें कि इटैलियन भाषा में “Testarossa” का मतलब “रेड हेड” (लाल सिर) होता है। वहीं, Ferrari ने अब इतने लंबे समय बाद इस नाम को फिर से इस्तेमाल किया है।

Ferrari 849 Testarossa के नाम में “849” का मतलब इसके इंजन से जुड़ा है। इसमें 8 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है और हर सिलेंडर की क्षमता करीब 490cc है। Ferrari का कहना है कि यह अब तक की उनकी सबसे पावरफुल प्रोडक्शन कार है।

SF90 के डिजाइन से अलग एक नया लुक

डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट SF90 की स्टाइलिंग से अलग है। Ferrari ने इसके लिए 1970 के दशक की एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 के दशक की टेस्टारोसा (Testarossa) से प्रेरणा ली है। कार में पतली LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक काले रंग की पट्टी के अंदर लगी हैं। और इसके नीचे दिया गया एक ब्रिज जैसा डिजाइन एरोडायनामिक स्पॉइलर का काम करता है।

इसके अलवा, कार के बड़े निचले एयर वेंट्स कूलिंग में मदद करते हैं, और इसके फ्रंट डिफ्यूजर में कार्बन-फाइबर इंसर्ट्स लगे हैं। नए डिजाइन किए गए फ्रंट अंडरफ्लोर से कार का कुल 35% डाउनफोर्स मिलता है।

कार के साइड में, 20-इंच के पहियों के साथ सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और अलग-अलग साइज के टायर (staggered tyres) दिए गए हैं। पिछले पहिये के आर्च के आगे स्कुडेरिया फेरारी (Scuderia Ferrari) का बैज लगा है। इसके दरवाजे एयर इनटेक का भी काम करते हैं, जो इंटरकूलर और पिछले ब्रेक तक हवा पहुंचाते हैं। इसमें कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें साइड स्कर्ट, व्हील आर्च और एरोडायनामिक डक्ट्स शामिल हैं।

1970 के दशक की रेसिंग ट्रिक

इसके पिछले हिस्से में ट्विन-टेल डिजाइन दिया गया है, जिसे कंपनी ने 1970 के दशक की 512S रेसिंग कार से लिया है। इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर मिलता है, जो एक सेकंड से भी कम समय में अपनी स्थिति बदल सकता है। यह जरूरत के हिसाब से कार को कम हवा का दबाव (लो-ड्रैग) या ज्यादा पकड़ (हाई-डाउनफोर्स) देने में मदद करता है। यह स्पॉइलर कार में 100 किलोग्राम तक अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है।

250 km/h की रफ्तार पर, कुल डाउनफोर्स 415 kg तक पहुंच जाता है, जो SF90 Stradale के डाउनफोर्स से ज्यादा है। पिछले हिस्से में कार्बन-फाइबर डिफ्यूजर और बीच में लगे ट्विन एग्जॉस्ट हैं, जो इसके अंदर लगे V8 इंजन की ओर इशारा करते हैं।

1,050 PS:  Ferrari की अब तक की सबसे दमदार रोड कार

इंजन देखें तो, 849 Testarossa में 3.9-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर देता है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जुड़ी हैं: इनमें से दो मोटर आगे के पहियों पर लगी हैं, जो ऑल-व्हील ड्राइव और टॉर्क वेक्टरिंग में मदद करती हैं, जबकि तीसरी मोटर पीछे की तरफ दी गई है, जिसमें Ferrari की फॉर्मूला-1 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर यह 1,050 PS की पावर देती है। इसमें 7.45 kWh की बैटरी दी गई है, जिसेसे सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 25 km तक चलाया जा सकता है।

इसके अलावा, इस कार में आठ-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स है, जिसे साइड स्लिप कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल, ABS Evo और Ferrari के 5 व्हीकल डायनामिक्स एस्टिमेटर जैसे सिस्टम का सपोर्ट मिलता है।

Ferrari के अनुसार, यह कार 0-100 km/h की रफ्तार 2.3 सेकंड से भी कम समय में और 0-200 km/h की रफ्तार लगभग 6.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 km/h से ज्यादा है।

रेस कार जैसा कॉकपिट

इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, इसमें एक फ्लोटिंग डैशबोर्ड और पैसेंजर के लिए परफॉर्मेंस डेटा दिखाने वाला डिस्प्ले भी है। ड्राइवर को वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के साथ 16-इंच का डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है। इसके अलावा, इसके अंदर ऊंचे सेंटर कंसोल पर गियर सेलेक्टर लगा है, जिस पर ब्रश किए हुए एल्युमीनियम की फिनिशिंग है।

स्टेयरिंग व्हील में फेरारी के पुराने हैप्टिक कंट्रोल्स के बजाय फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। सीटें कार्बन-फाइबर रेसिंग बकेट स्टाइल की हैं और उन पर अल्कांतारा की ट्रिमिंग है। साथ ही, इन्हें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है।

बता दें कि Ferrari भारत में मुंबई और नई दिल्ली की डीलरशिप के जरिए यह कार बेचती है और बेंगलुरु से सर्विस सपोर्ट देती है।

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“किसी भी बच्चे को…” TCS धर्मांतरण केस में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने क्यों किया भगवान कृष्ण का जिक्र?

Nida Khan Bail: पुणे के TCS धर्मांतरण केस में अब एक नया मोड़ सामने आया है। नासिक की एक अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 6 जुलाई को कंपनी की पूर्व कर्मचारी निदा खान को जमानत दे दी। सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि किसी भी बच्चे को जेल में पैदा होने के दर्द और समाज की बदनामी का सामना नहीं करना चाहिए। जज ने इसकी तुलना भगवान कृष्ण के जेल में जन्म लेने से की।

सुनवाई के दौरान क्या हुआ? News18 ने इस मामले की जानकारी दी।

कोर्ट का फैसला और भगवान कृष्ण का जिक्र

जमानत देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केदार जोशी ने मानवीय आधारों पर जोर दिया:

  • खान अभी पांच महीने की गर्भवती हैं।
  • कोर्ट ने माना कि जेल के अंदर बच्चे को जन्म देने का दर्द और सामाजिक बदनामी किसी भी महिला के लिए असहनीय होती है।
  • जज ने साफ तौर पर कहा, “किसी को भी उस सदमे या सामाजिक बदनामी को नहीं झेलना चाहिए जो जेल में बच्चे के जन्म से जुड़ी होती है, जैसा कि भगवान कृष्ण के मामले में हुआ था।” उन्होंने अजन्मे बच्चे की भलाई के लिए अपने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल करते हुए यह बात कही।

क्या है मामला?

बता दें कि नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक BPO यूनिट से जुड़े आरोपों के बाद, 7 मई 2026 को निदा खान को गिरफ्तार किया गया था।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि निदा खान और अन्य लोगों ने एक महिला सहकर्मी को निशाना बनाया। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें कहीं, उसे बुर्का दिया और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की कोशिश के तहत उसे इस्लामी रीति-रिवाजों की ट्रेनिंग दी।

इस सार्वजनिक विवाद के बाद, TCS ने जबरदस्ती और उत्पीड़न के मामलों में जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी का हवाला देते हुए निदा खान को नौकरी से निकाल दिया।

निदा खान: जमानत की शर्तें

नासिक कोर्ट ने शुरू में उन्हें ₹75,000 के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था, जिसे बाद में बदलकर ₹50,000 की प्रोविजनल कैश सिक्योरिटी कर दिया गया। हालांकि, इस राहत के साथ कुछ सख्त कानूनी शर्तें भी जुड़ी हैं, जैसे:

  • शिकायतकर्ता या गवाहों से संपर्क करने पर पूरी तरह रोक।
  • पीड़ित के काम करने की जगह या घर के आस-पास के इलाके में जाने पर रोक।
  • कोर्ट की साफ मंजूरी के बिना देश छोड़ने पर रोक।

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