Income Tax Return: रिटर्न फाइल करने में नहीं करें देर, PhonePe और जियो फाइनेंस 24 रुपये में दे रही सुविधा

इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की डेडलाइन करीब आ रही है। 31 जुलाई तक आईटीआर फाइल नहीं करने के कई नुकसान हैं। आपको पेनाल्टी देकर रिटर्न फाइल करना होगा। साथ ही कई बेनेफिट्स भी आपको नहीं मिलेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटर्न फाइल करने के लिए अंतिम तारीख का इंतजार करना ठीक नहीं है। अगर आपने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है और किसी तरह की दिक्कत आ रही है तो आप फिनटेक प्लेटफॉर्म्स की टैक्स फाइलिंग सर्विसेज का इस्तेमाल कर सकते हैं।

खुद फाइल कर सकते हैं या एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं

PhonePe और JioFinance जैसे फिनटेक प्लेटफॉर्म्स ने इन-ऐप टैक्स फाइलिंग सर्विसेज शुरू की हैं। इसके लिए उन्हें TaxBuddy से समझौता किया है। इससे फिनटेक के प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध फाइनेंशियल सेवाओं का दायरा बढ़ गया है। दोनों कंपनियां डू-इट-योरसेल्फ (DIY) और एक्सपर्ट एसिस्टेड आईटीआर फाइलिंग ऑप्शंस ऑफर कर रही हैं। खास बात यह है कि सेल्फ-फाइलिंग प्लान मात्र 24 रुपये की फीस से शुरू हो रहे हैं।

इनकम के कई स्रोत वाले टैक्सपेयर्स के लिए भी सुविधा

फिनटेक की यह सेवाएं सैलरीड इंडिविजुअल्स और ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनकी इनकम के कई स्रोत हैं। इनमें बिनजेस इनकम, कैपिटल गेंस, क्रिप्टो करेंसी ट्रांजेक्शंस, फॉरेन इनकम और नॉन-रेजिडेंट (NRI) रिटर्न फाइलिंग शामिल हैं। टैक्स फाइलिंग सॉल्यूशंस टैक्सबडी की तरफ से दी जा रही हैं। यह एक रजिस्टर्ड ई-रिटर्न इंटरमीडियरी (ERI) है। इसकी सर्विसेज फिनटेक के ऐप पर उपलब्ध हैं। टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने के लिए किसी दूसरे पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

ऐप पर टैक्स फाइलिंग से जुड़े कई फीचर्स उपलब्ध

JioFinance ने कहा है कि उसके टैक्स फाइलिंग मॉड्यूल में कई फीचर्स हैं। इनमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पोर्टल से ऑटोमेटेड डेटा रिट्राइवल, टैक्स प्लानिंग टूल्स, टैक्स रीजीम कंपैरिजन, डिडक्शन एस्टिमेशन और रिफंड ट्रैकिंग शामिल हैं। कंपनी ने बताया है कि टैक्सपेयर्स के डेटा की प्रोसेसिंग टैक्सबडी के रेगुलेटेड फ्रेमवर्क के तहत होगा। इसका मकसद सिर्फ रिटर्न फाइल करना होगा।

टैक्स-फालिंग प्लान बहुत कम फीस पर हो रहे शुरू

फोनपे ने कहा कि उसका नया फीचर यूजर्स को आईटीआर फाइल करने की सुविधा के साथ ही मंथली जीएसटी कंप्लायंस को मैनेज करने की सुविधा देता है। यह सब फिनटेक के ऐप पर उपलब्ध है। सेल्फ-फाइलिंग के अलावा एक्सपर्ट-एसिस्टेड फाइलिंग का ऑप्शन भी उपलब्ध है। दोनों फिनटेक के सेल्फ फाइलिंग प्लान 24 रुपये से शुरू हो रहे हैं। लेकिन जियोफाइनेंस ने डिटेल प्राइसिंग स्ट्रक्चर पेश किया है।

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एनआरआई के रिटर्न फाइलिंग वाले प्लान भी उपलब्ध

सैलरीड टैक्सपेयर्स 24 रुपये से 499 रुपये की फीस चुकाकर खुद रिटर्न फाइल कर सकते हैं। कैपिटल गेंस, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, क्रिप्टोकरेंसीज ट्रांजेक्शंस वाले टैक्सपेयर्स के लिए शुरुआती प्लान 99 रुपये का है। एक्सपर्ट एसिस्टेड प्लान की शुरुआत सैलरीड क्लास के लिए 649 रुपये से हो रही है। बिजनेस इनकम सहित एनआरआई जैसे टैक्सपेयर्स के लिए 2,924 रुपये तक का प्लान उपलब्ध है।

नौकरी से पहले ही रख दीं सारी शर्तें, कैंडिडेट का WhatsApp मैसेज देख HR भी हैरान

आज के समय में नौकरी पाना जितना चुनौतीपूर्ण हो गया है, उतना ही बदल गया है नौकरी तलाशने का तरीका भी। अब उम्मीदवार सिर्फ अपनी योग्यता ही नहीं, बल्कि अपनी अपेक्षाओं को भी खुलकर सामने रखने लगे हैं। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जहां एक जॉब सीकर का WhatsApp मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज ने लोगों को हैरान भी किया और हंसने पर भी मजबूर कर दिया। किसी ने इसे जबरदस्त आत्मविश्वास बताया, तो किसी ने इसे जरूरत से ज्यादा कॉन्फिडेंस करार दिया।

वहीं कई यूजर्स ने कहा कि उम्मीदवार ने अपनी शर्तें पहले ही साफ कर दीं, जिससे बाद में किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रहती। इस वायरल चैट ने एक बार फिर नौकरी, सैलरी और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

डिजिटल मार्केटिंग की नौकरी के लिए किया संपर्क

मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट और फाउंडर नैंसी श्रीवास्तव ने लिंक्डइन पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। उनके मुताबिक, एक उम्मीदवार ने डिजिटल मार्केटिंग/कंटेंट राइटर की नौकरी के लिए WhatsApp पर संपर्क किया।

उम्मीदवार ने अपने पोर्टफोलियो के साथ लिखा कि उसे सोशल मीडिया पोस्ट बनाने का अनुभव है और वह एडवांस प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की मदद से AI आधारित कंटेंट राइटिंग में भी अच्छी पकड़ रखता है।

मैसेज में रखीं साफ-साफ शर्तें

नौकरी के लिए आवेदन करते हुए उम्मीदवार ने अपनी अपेक्षाएं भी बिना किसी झिझक के बता दीं। उसने लिखा कि उसे ₹40,000 से ₹50,000 तक की सैलरी चाहिए और इससे कम पर वह काम नहीं करेगा। यही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसे शनिवार और रविवार की फिक्स छुट्टी चाहिए। साथ ही उसने अनुरोध किया कि उससे फोन कॉल नहीं, सिर्फ WhatsApp पर ही संपर्क किया जाए।

फाउंडर ने कहा- समझ नहीं आया भर्ती कौन कर रहा था

इस बातचीत का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए नैंसी श्रीवास्तव ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि मैसेज पढ़ने के बाद उन्हें ही समझ नहीं आया कि नौकरी कौन दे रहा है और कौन ले रहा है। उन्होंने लिखा कि उम्मीदवार ने सैलरी, वीकेंड ऑफ और कम्युनिकेशन का तरीका पहले ही तय कर दिया। बस ऑफर लेटर और जॉइनिंग डेट पूछना बाकी रह गया था।

सोशल मीडिया पर आई मजेदार प्रतिक्रियाएं

पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह के कमेंट किए।

  • एक यूजर ने लिखा, “इतना कॉन्फिडेंस चाहिए, कृपया इसका कोचिंग सेंटर बता दीजिए।”
  • दूसरे ने कहा, “कम से कम उम्मीदवार को पता तो है कि उसे क्या चाहिए।”
  • एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा, “मैं भी इसी उम्मीदवार के साथ जॉइन करना चाहता हूं।”
  • वहीं किसी ने इसे Gen Z का नया अंदाज बताया।

कुछ लोगों ने उम्मीदवार का किया समर्थन

जहां कई लोगों ने इस मैसेज पर हंसी-मजाक किया, वहीं कुछ यूजर्स ने उम्मीदवार की साफगोई की तारीफ भी की।

उनका कहना था कि अपनी उम्मीदें पहले ही बता देना गलत नहीं है। इससे उम्मीदवार और कंपनी दोनों का समय बच सकता है।

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वायरल पोस्ट पर उठे सवाल भी

हालांकि, हर कोई इस वायरल पोस्ट पर भरोसा करने को तैयार नहीं था। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि यह बातचीत नकली भी हो सकती है। उनका कहना था कि इतने कम समय में इतने सारे मैसेज टाइप होना थोड़ा अजीब लगता है। इसलिए कुछ लोगों ने स्क्रीनशॉट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।

कॉन्फिडेंस या ओवरकॉन्फिडेंस?

यह वायरल WhatsApp चैट अब सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गई है। कुछ लोग इसे आत्मविश्वास की मिसाल मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि नौकरी मांगते समय पेशेवर व्यवहार और बातचीत का तरीका भी उतना ही जरूरी होता है।

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Shah Rukh Khan: शाहरुख खान 37 करोड़ में दिल्ली वाले घर के बने सोलो मालिक, शादी के बाद गौरी संग यहीं गुराजे थे कुछ साल

Shah Rukh Khan: शाहरुख खान ने दुनियाभर में कई प्रॉपर्टीज में निवेश किया है, लेकिन दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में हाल ही में खरीदी गई प्रॉपर्टी उनका एक बहुत ही निजी फैसला लगता है। शाहरुख ने हाल ही में साउथ दिल्ली के पॉश पंचशील पार्क इलाके में एक रिहायशी प्रॉपर्टी की दूसरी और तीसरी मंजिल खरीदी है।

शाहरुख ने ये दो फ्लोर लगभग 37 करोड़ में खरीदे हैं। इस बिल्डिंग का बेसमेंट और पहला फ्लोर पहले से ही एक्टर के पास है, और बाकी दो फ्लोर खरीदने के बाद, वे पूरी प्रॉपर्टी के अकेले मालिक बन गए हैं। शाहरुख और गौरी खान के लिए इस बिल्डिंग की बहुत ज़्यादा भावनात्मक अहमियत है, क्योंकि मुंबई जाने से पहले इस कपल ने 1991 में अपनी शादीशुदा जिंदगी यहीं शुरू की थी। जानकारी के लिए बता दें कि शाहरुख और गौरी दोनों दिल्ली में ही पैदा हुए और पले-बढ़े थे, और बाद में एक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए मुंबई चले गए, और आखिरकार मुंबई को ही अपना स्थायी घर बना लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रॉपर्टी 1,200 स्क्वायर यार्ड (लगभग 10,800 स्क्वायर फ़ीट या लगभग एक चौथाई एकड़) के बड़े प्लॉट पर फैली हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस डील की कीमत लगभग ₹37 करोड़ थी, जबकि ज़मीन की कीमत लगभग ₹34,260 प्रति स्क्वायर फ़ीट आंकी गई है।

iDiva के साथ एक पुराने इंटरव्यू में, गौरी खान ने दिल्ली वाले अपने घर के बारे में बात की और बताया कि कैसे उसमें उनकी ज़िंदगी की सारी यादें बसी हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली वाला हमारा घर लगभग 20 साल पुराना है। जैसा कि बहुत से लोग जानते हैं, मैं दिल्ली से हूं और मैंने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा यहीं बिताया है, इसलिए मुझे लगा कि अपनी मां के घर के पास एक घर खरीदना और उसे डिज़ाइन करना एक अच्छा विचार होगा। मकसद यह था कि हमारी सारी यादें एक ही छत के नीचे हों। इतने सालों में, हमने बहुत यात्राएं कीं और बहुत सारी चीजें और यादें जमा कीं—बच्चों के साथ, शाहरुख़ और मेरे साथ—और मैं चाहती थी कि ये सब एक साथ रहें। दिल्ली वाला मेरा घर ठीक वैसा ही बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं उस घर में जाती हूं, तो हर कोने में यादें बसी हैं—बच्चों के बड़े होने के दिनों से लेकर उनके टीनएज और अब उनके बड़े हो जाने तक की यादें। हमारे घर में एक ‘नॉस्टेल्जिया वॉल’ (पुरानी यादों वाली दीवार) भी है, जहां उनके बचपन की यादगार चीज़ें रखी हैं। इस दीवार पर सुहाना के मेकअप ब्रश, आर्यन का बैडमिंटन रैकेट, अबराम के पहले जन्मदिन का तोहफ़ा, शाहरुख़ की बनाई कलाकृतियां, पोस्टकार्ड और कुछ खूबसूरत एंटीक चीज़ें हैं जो शाहरुख़ ने मुझे समय-समय पर तोहफे में दी थीं। मैंने उन सभी को फ़्रेम करवाकर दीवार पर लगाया है। वह घर का मेरा सबसे पसंदीदा कोना है।”

Indian Army Recruitment 2026: भारतीय सेना में बिना लिखित परीक्षा अधिकारी बनने का मौका, महिला इंजीनियर के लिए निकली भर्ती

Indian Army Recruitment 2026: भारतीय सेना में शामिल हो कर देश की सेवा करने का सपना अगर आपकी भी आंखों में पल रहा है या आर्मी की यूनिफॉर्म पहनना आपका पैशन है, तो आप इस शानदार मौके का फायदा उठा सकती हैं। खास बात यह है कि भारतीय सेना की यह भर्ती प्रक्रिया सिर्फ महिला इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए और इसके लिए उन्हें कोई लिखित परीक्षा भी नहीं देनी होगी।

इंडियन आर्मी ने शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) वुमन-68 कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकीं या अंतिम वर्ष में पढ़ रही योग्य महिला अभ्यर्थी अब सेना में अधिकारी बनने के लिए आवेदन कर सकती हैं। इस भर्ती के जरिए देश की बेटियों को सेना के तकनीकी विभाग में अधिकारी बनने और देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। यह महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सेना में उनके मजबूत होते योगदान का भी बड़ा उदाहरण है।

6 अगस्त तक करें आवेदन

इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए 8 जुलाई 2026 से 6 अगस्त 2026 के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए यह शर्तें पूरी होनी जरूरी

इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी : सेना के आधिकारिक नोटिफिकेशन में भर्ती के लिए निर्धारित इंजीनियरिंग स्ट्रीम की जानकारी दी है। सेना केवल उन्हीं इंजीनियरिंग स्ट्रीम के उम्मीदवारों को मौका देगी, जिनका उल्लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन में किया गया है। उम्मीदवार के पास संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच में बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए।

उम्र सीमा : इस भर्ती के लिए केवल अविवाहित महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकती हैं। 1 अप्रैल 2027 तक उम्मीदवार की आयु 20 वर्ष से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षा के आधार पर होगा चयन

उम्मीदवारों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। एसएसबी इंटरव्यू पास करने वाले अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा। मेडिकल टेस्ट में सफल उम्मीदवारों की अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी जिसके आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।

गया अकादमी में होगी 49 सप्ताह की ट्रेनिंग

चयनित महिला उम्मीदवारों को बिहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां 49 सप्ताह तक उनका कठिन सैन्य प्रशिक्षण होगा। यह प्रशिक्षण भारतीय सेना के अधिकारियों को तैयार करने के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

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Ayurveda’s Garbhadana Samskara: क्या है आयुर्वेद का गर्भाधान संस्कार जो दे रहा इनफर्टिलिटी को मात?

आज के दौर में इनफर्टिलिटी, हार्मोनल असंतुलन और प्रेग्नेंसी से जुड़ी परेशानियां तेजी से सामने आ रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता बनने की तैयारी सिर्फ गर्भधारण के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले भी शुरू होनी चाहिए। इसी सोच को प्री-कन्सेप्शन केयर कहा जाता है, जिसमें गर्भधारण से पहले महिला और पुरुष दोनों के स्वास्थ्य, खानपान और मानसिक स्थिति पर ध्यान दिया जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि आधुनिक चिकित्सा में जिस सोच पर अब जोर दिया जा रहा है, आयुर्वेद में इसकी चर्चा सदियों पहले ‘गर्भाधान संस्कार’ के रूप में की गई थी। इसमें स्वस्थ संतान के लिए माता-पिता को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार करने की बात कही गई है।

सिर्फ बच्चा पैदा करना नहीं, स्वस्थ शुरुआत पर जोर

कर्नाटक के उडुपी स्थित SDM College of Ayurveda and Hospital में कई वर्षों से गर्भाधान संस्कार को आयुर्वेदिक प्री-कन्सेप्शन केयर के तौर पर अपनाया जा रहा है। यहां कई दंपती गर्भधारण से पहले सलाह लेने पहुंचते हैं। संस्थान की प्रिंसिपल और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता केवी के मुताबिक, इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल गर्भधारण में मदद करना नहीं, बल्कि भावी माता-पिता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। इसमें खानपान में सुधार, जीवनशैली में बदलाव, व्यक्तिगत आयुर्वेदिक उपचार और मानसिक परामर्श जैसी चीजों पर ध्यान दिया जाता है।

आयुर्वेद में गर्भधारण को माना गया एक जिम्मेदार फैसला

डॉ. ममता के अनुसार, ‘गर्भ’ का मतलब भ्रूण और ‘आदान’ का अर्थ स्थापना होता है। गर्भाधान संस्कार का उद्देश्य है कि संतान के आने से पहले माता-पिता अपने शरीर और मन को बेहतर तरीके से तैयार करें। आयुर्वेद के अनुसार, गर्भधारण केवल एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

स्वस्थ संतान के लिए चार चीजों को माना गया अहम

आयुर्वेद में स्वस्थ गर्भधारण के लिए चार प्रमुख आधार बताए गए हैं

  • ऋतु – गर्भधारण का सही समय
  • क्षेत्र – महिला का स्वस्थ प्रजनन तंत्र
  • अंबु – पर्याप्त पोषण
  • बीज – स्वस्थ अंडाणु और शुक्राणु

आयुर्वेद इसे खेती से जोड़कर समझाता है। जैसे अच्छी फसल के लिए सही मौसम, उपजाऊ जमीन, पर्याप्त पानी और अच्छे बीज जरूरी होते हैं, वैसे ही स्वस्थ संतान के लिए भी सही तैयारी जरूरी मानी जाती है।

बदलती जीवनशैली से बढ़ रही प्री-कन्सेप्शन केयर की जरूरत

आज की जीवनशैली में तनाव, खराब खानपान और कई स्वास्थ्य समस्याएं प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया में बड़ी संख्या में लोग अपने जीवनकाल में कभी न कभी इनफर्टिलिटी की समस्या का सामना करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि PCOD, मोटापा, डायबिटीज और थायरॉइड जैसी समस्याएं गर्भावस्था के दौरान कई जोखिम बढ़ा सकती हैं, जिनमें मिसकैरेज, प्रेग्नेंसी डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और समय से पहले डिलीवरी शामिल हैं।

PCOD और थायरॉइड के बाद भी स्वस्थ मां बनीं अनन्या

डॉक्टरों ने बेंगलुरु की 33 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल अनन्या (बदला हुआ नाम) का उदाहरण साझा किया। अनन्या PCOD, हाइपोथायरॉइडिज्म, गर्भाशय में फाइब्रॉइड और पहले हुए मिसकैरेज जैसी समस्याओं से जूझ चुकी थीं। उन्होंने तुरंत गर्भधारण की कोशिश करने के बजाय पहले अपनी सेहत सुधारने का फैसला किया। आयुर्वेदिक मार्गदर्शन में उन्होंने गर्भाधान संस्कार के तीन उपचार चक्र पूरे किए। कुछ समय बाद उन्होंने प्राकृतिक रूप से गर्भधारण किया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी पूरी प्रेग्नेंसी सामान्य रही और अगस्त 2025 में उन्होंने 3.2 किलोग्राम वजन वाले स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है और कोई भी चिकित्सा पद्धति निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं दे सकती। हालांकि, गर्भधारण से पहले स्वास्थ्य पर ध्यान देना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

 

एक साल में ₹1 लाख को बना दिया ₹10 लाख! AI या डिफेंस नहीं, कंडोम बनाने वाली इस कंपनी ने किया कमाल

Cupid Share Price Multibagger Return: शेयर बाजार में पिछले एक साल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिफेंस सेक्टर के शेयरों की धूम है। लेकिन इन सबके बीच मार्केट का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर एक ऐसे बिजनेस से निकलकर आया है जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।

मेल और फीमेल कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नोस्टिक उत्पाद बनाने वाली स्मॉलकैप कंपनी क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Ltd) के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। पिछले एक साल में इस शेयर ने 866% से ज्यादा की तूफानी तेजी दिखाई है। आइए जानते हैं कि कैसे इस स्मॉलकैप शेयर ने बाजार में गदर मचाया है और इसके पीछे की वजह क्या है।

1 साल का जादुई रिटर्न: ₹1 लाख बन गए ₹9.7 लाख

क्यूपिड लिमिटेड के शेयरों की रफ्तार पिछले कुछ महीनों से लगातार तेज है:

1 साल का रिटर्न: एक साल पहले जिन निवेशकों ने इस शेयर में ₹1 लाख लगाए थे, उनकी वैल्यू आज बढ़कर करीब ₹9.7 लाख हो चुकी है।

शॉर्ट टर्म का रिटर्न: पिछले 6 महीने में यह शेयर 145%, पिछले 3 महीने में 128% और महज पिछले एक महीने में 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

मार्केट कैप: 10 जुलाई को क्यूपिड के शेयर ₹212.24 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹28,500 करोड़ पर पहुंच गया है।

क्यों भाग रहा है शेयर? मुनाफे में आया बंपर उछाल

बाजार में कई स्मॉलकैप शेयर बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ हवा में भागते हैं, लेकिन क्यूपिड के साथ ऐसा नहीं है। इस शेयर की तेजी को कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों का पूरा सपोर्ट मिला है:

सालाना प्रदर्शन (FY26): वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू दोगुने से अधिक बढ़कर ₹391 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल ₹183 करोड़ था।

नेट प्रॉफिट में उछाल: कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹41 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹108 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 38% हो गया।

मार्च तिमाही के नतीजे: मार्च तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू 116% बढ़कर ₹132 करोड़ और नेट प्रॉफिट 214% बढ़कर ₹36 करोड़ से ज्यादा रहा, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बेहतरीन तिमाहियों में से एक है।

मैनेजमेंट का भरोसा: रेवेन्यू गाइडेंस में बड़ी बढ़ोतरी

जून तिमाही के लिए कंपनी द्वारा जारी किए गए मजबूत बिजनेस अपडेट ने इस शेयर में रॉकेट जैसी तेजी ला दी है:

Q1 FY27 का अनुमान: मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार निकल जाएगा।

पूरे साल का टारगेट बढ़ाया: कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को ₹600 करोड़ से बढ़ाकर ₹660 करोड़ से अधिक कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग, घरेलू प्राइवेट सेक्टर की डिमांड, सरकारी खरीद और PFSCM के साथ हुई रणनीतिक साझेदारी के दम पर कंपनी को आने वाले दिनों में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है।

सिर्फ कंडोम नहीं, डायग्नोस्टिक्स में भी जलवा

क्यूपिड को भले ही लोग कंडोम बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं, लेकिन अब इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। कंपनी कंडोम और वाटर-बेस्ड ल्यूब्रिकेंट्स के अलावा पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) किट्स भी बनाती है।

क्यूपिड दुनिया की पहली ऐसी कंपनी है जिसे पुरुष और महिला दोनों कंडोम की सप्लाई के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) से प्री-क्वालिफिकेशन मिला हुआ है। इसी वजह से यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बड़े-बड़े हेल्थकेयर टेंडर्स में आसानी से हिस्सा ले पाती है।

रिटेल निवेशकों की भीड़, लेकिन वैल्यूएशन बहुत महंगा

कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखकर रिटेल निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के शेयरधारकों की संख्या बढ़कर 2.09 लाख के पार पहुंच गई है, जो तीन साल पहले महज 26,000 थी। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 46% है।

एक्सपर्ट नोट- दे रही छप्परफाड़ रिटर्न लेकिन सावधानी है जरूरी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्यूपिड कंपनी के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं, लेकिन इस भारी तेजी के कारण शेयर का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है। क्यूपिड का शेयर फिलहाल अपनी कमाई के मुकाबले 264 के पीई मल्टीपल और बुक वैल्यू के 63 गुना से अधिक पर ट्रेड कर रहा है, जो एफएमसीजी सेक्टर की अन्य कंपनियों से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि निवेशकों ने भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले से ही इस कीमत में शामिल कर लिया है, इसलिए नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gurugram-Rewari highway: गुरुग्राम से रेवाड़ी के लिए खुल रहा है नया चमचमाता एक्सप्रेसवे, इसी महीने शुरू होगा पहला फेज! इन इलाकों की बदलेगी किस्मत

Gurugram-Rewari highway: हरियाणा और एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही शुरू होने वाला 46 किलोमीटर लंबा गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और आसान बना देगा। हाईवे के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी का सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा इस परियोजना से क्षेत्र में रियल एस्टेट, उद्योग और निवेश को भी नई रफ्तार देने की उम्मीद है।

जानकारों का कहना है कि गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे से सिर्फ़ सफर का समय ही कम नहीं होगा। बल्कि और भी कई फायदे होंगे। इस नई सड़क से प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने, बिजनेस को बढ़ावा मिलने और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के दक्षिणी हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

दो चरणों में खुलेगा हाईवे

पहला चरण: 10 किलोमीटर का हिस्सा जुलाई 2026 में चालू होने की संभावना है।

दूसरा चरण: शेष मार्ग सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

पहला चरण शुरू होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP एक्सप्रेसवे तक का सफर, जो अभी पीक ट्रैफिक में करीब 45 मिनट लेता है, घटकर 10 मिनट से भी कम रह जाएगा।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नया हाईवे सेक्टर-88B (द्वारका एक्सप्रेसवे) से शुरू होकर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे इन प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी:-

द्वारका एक्सप्रेसवे

न्यू गुरुग्राम

मानेसर

IMT मानेसर

रेवाड़ी

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

यह हाईवे मौजूदा सड़कों का विकल्प बनेगा, जिससे मानेसर और गुरुग्राम के केंद्रीय हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले लोगों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी काफी राहत मिलेगी।

रेवाड़ी बनेगा नया निवेश और औद्योगिक हब

बेहतर सड़क संपर्क के बाद रेवाड़ी में उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। आसान परिवहन व्यवस्था के कारण कंपनियों का निवेश बढ़ सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

रियल एस्टेट को मिलेगा बूस्ट

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे के किनारे स्थित इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। गुरुग्राम के बिजनेस हब तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलने से इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल आने की संभावना है।

RRTS से भी जुड़ेगा हाईवे

यह परियोजना दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से भी जुड़ेगी। इससे एनसीआर और हरियाणा के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा रेवाड़ी को एक उभरते हुए ग्रोथ सेंटर के रूप में नई पहचान मिलेगी।

बेहतर कनेक्टिविटी

यह हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 88B के पास से शुरू होगा और सीधे केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे न्यू गुरुग्राम, मानेसर और आईएमटी (IMT) मानेसर जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा, यह दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) सहित बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से भी जुड़ेगा।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास

बेहतर रोड कनेक्टिविटी से रेवाड़ी के एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में बदलने की उम्मीद है। इससे माल की आवाजाही आसान होगी, जिससे यह क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, गोदामों (warehouses) और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए अधिक आकर्षक बन जाएगा।

रियल एस्टेट में उछाल

रियल एस्टेट सलाहकारों को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर के साथ आने वाले आवासीय (residential) और वाणिज्यिक (commercial) प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी, क्योंकि गुरुग्राम के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स तक आना-जाना तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

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AIIMS Paramedical Result 2026: एम्स के रिजल्ट पोर्टल पर जारी हुआ नतीजों का पीडीएफ, यहां बताए स्टेप्स की मदद से चेक करें अपना रोल नंबर

AIIMS Paramedical Result 2026: नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ने एम्स पैरामेडिकल रिजल्ट 2026 की घोषणा कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने 4 जुलाई, 2026 को हुई बीएससी पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब ऑफिशियल एग्जामिनेशन पोर्टल पर रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट एक पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध कराया गया, जिसमें सफल कैंडिडेट्स के नाम शामिल होंगे। जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर मेरिट लिस्ट में शामिल है, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, ऑनलाइन काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल होना होगा। इन चरणों में शामिल होने के लिए इन्हें सभी जरूरी योग्यता मानदंडों को पूरा करना होगा।

एम्स पैरामेडिकल रिजल्ट 2026: स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें

  • होमपेज aiimsexams.ac.in पर ‘Results’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  • एकेडमिक कोर्स के तहत ‘Explore Now’ पर क्लिक करें।
  • अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स पर क्लिक करें या यहां दिए गए लिंक -> अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स पर जाएं।
  • B.Sc.(Allied & Health Care) लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें या यहां दिए गए लिंक पर जाएं – B.Sc.(Allied & Health Care)
  • ‘View Details’ पर क्लिक करें और फिर ‘Result’ पर क्लिक करें।
  • मेरिट लिस्ट PDF डाउनलोड करें और अपना रोल नंबर देखें।
  • अपना स्कोरकार्ड प्राप्त करने और सुरक्षित करने के लिए अपनी पंजीकरण डिटेल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • भविष्य में एडमिशन और काउंसलिंग के लिए एक कॉपी रखें।

कटऑफ मार्क्स और रिजल्ट के बाद के स्टेप्स

जनरल और EWS उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ 50%, या कुल 90 में से 45 मार्क्स रहने की संभावना है। OBC-NCL परीक्षार्थियों को कम से कम 45%, या 40.5 अंक लाने की जरूरत होगी, जबकि SC और ST कैंडिडेट्स को 40% का क्वालिफाइंग अंक हासिल करने होंगे, जो 36 अंकों के बराबर है।

मेरिट लिस्ट में शामिल उम्मीदवार एम्स पैरामेडिकल काउंसलिंग प्रोसेस के लिए क्वालिफाई करेंगे। एम्स पाठ्यक्रम में प्रवेश कैंडिडेट की रैंक, कैटेगरी, सीट की उपलब्धता और सफल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर होगा। एम्स रिजल्ट घोषित होने के बाद काउंसलिंग का समय, चॉइस फिलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा अलग से जारी करेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग और प्रवेश से जुड़े ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक एम्स परीक्षा पोर्टल को लगातार चेक करते रहें।

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एक महीने में भेजे 500 रिज्यूमे, नहीं आया एक भी कॉल, फ्रेशर्स की मुश्किलें आईं सामने

भारत में इंजीनियरिंग करने के बाद अच्छी नौकरी पाना आज कई युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी परेशानी को दिखाती है बेंगलुरु के एक बीटेक ग्रेजुएट की कहानी, जिसने नौकरी की तलाश में एक महीने के भीतर 500 से ज्यादा आवेदन भेजे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उसे एक भी इंटरव्यू कॉल नहीं मिला। इस युवा इंजीनियर ने लिंक्डइन, अलग-अलग जॉब पोर्टल और कंपनियों की करियर वेबसाइटों पर लगातार प्रयास किया, लेकिन हर जगह से निराशा हाथ लगी।

उसका कहना है कि वो किसी बड़ी सैलरी या नामी कंपनी की तलाश में नहीं है, बल्कि सिर्फ एक ऐसा मौका चाहता है जहां वह काम सीख सके और अपने करियर की शुरुआत कर सके। उसकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर हजारों फ्रेशर्स की परेशानियों को उजागर कर दिया है।

बड़ी सैलरी नहीं, बस शुरुआत का एक मौका चाहिए

युवा इंजीनियर ने कहा कि उसका लक्ष्य किसी बड़ी कंपनी में भारी पैकेज हासिल करना नहीं है। वह सिर्फ ऐसा अवसर चाहता है जहां वह काम सीख सके, इंडस्ट्री का अनुभव हासिल कर सके और अपने करियर की मजबूत शुरुआत कर सके।

उसने लिखा कि वह किसी भी अच्छे टेक रोल, यहां तक कि शुरुआती दौर के स्टार्टअप में भी काम करने के लिए तैयार है, जहां उसे सीखने और योगदान देने का मौका मिले।

जब ऑनलाइन आवेदन भी बेअसर हुए तो रेडिट से मांगी मदद

लगातार कोशिशों के बाद जब कोई रास्ता नजर नहीं आया, तो इंजीनियर ने रेडिट पर अपनी परेशानी साझा की। उसने नौकरी देने वालों, स्टार्टअप फाउंडर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से मदद की अपील की।

उसकी पोस्ट का शीर्षक था  “एक महीने में 500+ नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन एक भी इंटरव्यू नहीं मिला।”

पोस्ट वायरल होते ही कई फ्रेशर्स ने अपनी-अपनी परेशानियां साझा करनी शुरू कर दीं।

फ्रेशर्स की सबसे बड़ी चुनौती

कई यूजर्स ने कहा कि आज के समय में सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करना काफी नहीं रह गया है। एक यूजर ने सलाह दी कि उम्मीदवारों को सीधे कंपनी के फाउंडर्स, एचआर या कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए।

हालांकि, कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने भी ऐसा करके देखा, लेकिन 100 से ज्यादा एचआर को मैसेज करने के बाद भी उन्हें इंटरव्यू का मौका नहीं मिला।

स्किल्स हैं, फिर भी दरवाजे बंद हैं

एक कमेंट में एक टेक उम्मीदवार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसके पास इंटर्नशिप अनुभव और कई आधुनिक टेक्नोलॉजी की जानकारी होने के बावजूद नौकरी पाना मुश्किल हो रहा है। उसने बताया कि वो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन, ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर, लैंगचेन और लैंगग्राफ जैसी तकनीकों पर काम कर चुका है, फिर भी कंपनियों तक पहुंच बनाना चुनौती बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस पोस्ट के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि मौजूदा जॉब मार्केट में फ्रेशर्स के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद बढ़ गई है, जबकि कुछ ने उम्मीदवारों को नेटवर्किंग और सीधे संपर्क जैसे तरीकों पर ध्यान देने की सलाह दी।

वहीं कुछ लोगों ने उम्मीद भी दिखाई। एक यूजर ने बताया कि उसे एक जॉब प्लेटफॉर्म के जरिए इंटरव्यू मिला और पूरी प्रक्रिया में करीब एक महीना लगा।

नौकरी बाजार की नई हकीकत

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ डिग्री और तकनीकी ज्ञान आज के जॉब मार्केट में पर्याप्त हैं? बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट नौकरी की तलाश में हैं, लेकिन कंपनियां अनुभव, प्रोजेक्ट्स और नेटवर्किंग को भी तेजी से महत्व दे रही हैं।

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