Indian Army Recruitment 2026: भारतीय सेना में शामिल हो कर देश की सेवा करने का सपना अगर आपकी भी आंखों में पल रहा है या आर्मी की यूनिफॉर्म पहनना आपका पैशन है, तो आप इस शानदार मौके का फायदा उठा सकती हैं। खास बात यह है कि भारतीय सेना की यह भर्ती प्रक्रिया सिर्फ महिला इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए और इसके लिए उन्हें कोई लिखित परीक्षा भी नहीं देनी होगी।
इंडियन आर्मी ने शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) वुमन-68 कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकीं या अंतिम वर्ष में पढ़ रही योग्य महिला अभ्यर्थी अब सेना में अधिकारी बनने के लिए आवेदन कर सकती हैं। इस भर्ती के जरिए देश की बेटियों को सेना के तकनीकी विभाग में अधिकारी बनने और देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। यह महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सेना में उनके मजबूत होते योगदान का भी बड़ा उदाहरण है।
6 अगस्त तक करें आवेदन
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए 8 जुलाई 2026 से 6 अगस्त 2026 के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए यह शर्तें पूरी होनी जरूरी
इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी : सेना के आधिकारिक नोटिफिकेशन में भर्ती के लिए निर्धारित इंजीनियरिंग स्ट्रीम की जानकारी दी है। सेना केवल उन्हीं इंजीनियरिंग स्ट्रीम के उम्मीदवारों को मौका देगी, जिनका उल्लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन में किया गया है। उम्मीदवार के पास संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच में बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए।
उम्र सीमा : इस भर्ती के लिए केवल अविवाहित महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकती हैं। 1 अप्रैल 2027 तक उम्मीदवार की आयु 20 वर्ष से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षा के आधार पर होगा चयन
उम्मीदवारों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। एसएसबी इंटरव्यू पास करने वाले अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा। मेडिकल टेस्ट में सफल उम्मीदवारों की अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी जिसके आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।
गया अकादमी में होगी 49 सप्ताह की ट्रेनिंग
चयनित महिला उम्मीदवारों को बिहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां 49 सप्ताह तक उनका कठिन सैन्य प्रशिक्षण होगा। यह प्रशिक्षण भारतीय सेना के अधिकारियों को तैयार करने के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

