‘कृष्णावतारम’ से दिल जीतने के बाद रोहित शेट्टी की फिल्म में नजर आ सकते हैं सिद्धार्थ गुप्ता

सिद्धार्थ गुप्ता इन दिनों अपने करियर के बेहद रोमांचक दौर से गुजर रहे हैं। कृष्णावतारम् पार्ट 1 द हार्ट की सफलता के बाद, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की प्रभावशाली भूमिका निभाकर दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया, अब वह एक और बड़ी फिल्म को लेकर चर्चा में हैं।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक करीबी सूत्र के अनुसार, “सिद्धार्थ गुप्ता अपनी अगली फिल्म को लेकर बातचीत कर रहे हैं, जिसे रोहित शेट्टी प्रजेंट करेंगे और अभिषेक व्यास इसका प्रोड्यूस करेंगे।” हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती बातचीत के चरण में है और इससे जुड़ी जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है।

लेकिन इससे जुड़े नामों ने पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी है। प्रस्तुतकर्ता के रूप में रोहित शेट्टी और निर्माता के तौर पर अभिषेक व्यास की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि फिल्म का निर्माण बड़े स्तर पर किए जाने की योजना है। कृष्णावतारम् पार्ट 1: द हार्ट में सिद्धार्थ गुप्ता के अभिनय को सभी वर्गों के दर्शकों ने खूब सराहा। भगवान श्रीकृष्ण के रूप में उनके संतुलित और प्रभावशाली अभिनय की प्रशंसा समीक्षकों के साथ-साथ दर्शकों ने भी की।

यदि यह बातचीत सफल होती है, तो यह बिना शीर्षक वाली फिल्म सिद्धार्थ गुप्ता के बढ़ते फिल्मी सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।

Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।

कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?

दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:

पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।

दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।

ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका

सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बड़ा हादसा! 32 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 15 की मौत

Indian tourists capsizes in Vietnam: वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार (11 जुलाई) को कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। भारतीय दूतावास ने कहा कि तलाश और बचाव अभियान जारी है। उसने इस घटना के सिलसिले में कंट्रोल रूम बनाए किए हैं। दूतावास ने कहा कि स्थानीय अधिकारी घटना की पूरी जानकारी का पता लगा रहे हैं। इस हादसे में कुछ लोगों के मारे जाने की आशंका है। फिलहाल, सर्च ऑपरेशन जारी है।

भारतीय दूतावास ने X पर पोस्ट किया, “एक दुखद घटना में वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई।” उन्होंने कहा कि जानकारी और मदद मुहैया कराने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास और हनोई स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। भारतीय दूतावास भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, नाव पर कुल 32 भारतीय पर्यटक सवार थे।

15 लोगों की मौत

न्यूज 18 के मुताबिक, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया है। इस बोट में 32 भारतीय पर्यटक और चार क्रू मेंबर सवार थे। नाव फू क्वोक के पास होन मे रुट न्गोई द्वीप के पास उथल-पुथल भरे पानी में यह पलट गई। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया।

भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह हादसा शनिवार को कुछ घंटे पहले हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नाव में 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। हालांकि, अभी तक सभी यात्रियों की स्थिति और हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है और घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। दूतावास ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिया है।

दो कंट्रोल रूम बनाए गए

परिजनों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। दोनों शहरों से अधिकारी लगातार राहत और समन्वय का काम कर रहे हैं।

मौके पर पहुंच रही भारतीय टीम

भारतीय दूतावास की दो टीमें हादसे वाली जगह के लिए रवाना कर दी गई हैं। पहली टीम शनिवार शाम तक और दूसरी टीम देर रात तक मौके पर पहुंचने की उम्मीद है। भारत के राजदूत भी वियतनाम सरकार के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और स्वयं भी घटनास्थल का दौरा करेंगे।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

फिलहाल वियतनाम की बचाव एजेंसियां सभी यात्रियों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन नाव पलटने के कारणों की भी जांच कर रहा है। हादसे से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार है। दूतावास ने कहा कि वह सवालों के जवाब देने और घटना से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध है।

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हेल्पलाइन नंबर जारी

प्रभावित परिवारों की मदद के लिए वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में खास कंट्रोल रूम बनाए हैं। जानकारी या मदद चाहने वाले परिवार के सदस्य हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास से +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14, या +84 33 452 0414 पर संपर्क कर सकते हैं। हनोई कंट्रोल रूम से +84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है।

32 भारतीयों की लिस्ट आई सामने

भारतीय दूतावास ने बताया कि आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास कुछ घंटे पहले पलटी नाव पर ये 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। दूतावास ने कहा कि हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं। जल्द ही अपडेट देंगे।

Bank Holiday: 13 जुलाई, सोमवार को बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on 13th July 2026: अगर आपको अगले हफ्ते के पहले ही दिन यानी सोमवार, 13 जुलाई को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए है। अक्सर लोग बिना छुट्टी चेक किए बैंक चले जाते हैं और वहां ताला लटका मिलने पर परेशान होना पड़ता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 13 जुलाई को देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में बैंकों में छुट्टी रहने वाली है। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में नहीं होगी। आइए जानते हैं कि सोमवार को किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से कामकाज होगा।

13 जुलाई को कहां बंद रहेंगे बैंक?

13 जुलाई को देश के कुछ राज्यों में विशेष स्थानीय त्योहारों और ऐतिहासिक दिवसों के कारण सरकारी और निजी दोनों तरह के बैंकों में अवकाश रहेगा:

भानु जयंती (Bhanu Jayanti): नेपाली भाषा के महान कवि भानुभक्त आचार्य की जयंती के अवसर पर सिक्किम में 13 जुलाई को बैंकों में आधिकारिक छुट्टी रहेगी।

शहीद दिवस (Martyrs’ Day): इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्थानीय अवकाश के कारण जम्मू और कश्मीर में भी इस दिन बैंक बंद रह सकते हैं।

ध्यान दें: सिक्किम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में 13 जुलाई, सोमवार को बैंक पूरी तरह से खुले रहेंगे और कामकाज सामान्य दिनों की तरह होगा।

इंटरनेट बैंकिंग और ATM रहेंगे चालू

भले ही इन चुनिंदा राज्यों में सोमवार को बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सब्सक्राइबर्स और ग्राहक अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए इन ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

  • नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी।
  • UPI जैसे- गूगल पे, फोन पे, पेटीएम के जरिए पैसों का लेन-देन हमेशा की तरह चालू रहेगा।
  • कैश निकालने के लिए एटीएम (ATM) की सेवाएं पूरी तरह खुली रहेंगी।

NSE दुनिया के 30 से ज्यादा इनवेस्टर्स को इस महीने अपने आईपीओ के बारे में बताएगा

एनएसई इस महीने दुनिया के 30 से ज्यादा बड़े इनवेस्टर्स को अपने आईपीओ के बारे में जानकारी देगी। एक्सचेंज ने पिछले महीने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। इस साल दो बड़े मेगा आईपीओ बाजार में आने वाले हैं। एनएसई के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स का भी आईपीओ आने वाला है। ये दोनों ही बड़े आईपीओ होंगे।

एनएसई के आईपीओ के बारे में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि अगले हफ्ते इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग अक्तूबर में हो जाने की उम्मीद है। इस बारे में पूछने पर एनएसई के प्रवक्ता ने कहा कि एक्सचेंज ने रेगुलेटर के पास पेपर फाइल कर दिए हैं। इस वक्त इस बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।

रायटर्स ने पिछले महीने अपने सूत्रों और प्राइवेट मार्केट ट्रेड्स के हवाले से बताया था कि एनएसई का आईपीओ 3.3 अरब डॉलर का हो सकता है। एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। भारत के दूसरे बड़े एक्सचेंज BSE का आईपीओ 2017 में आया था। लिस्टिंग के बाद से बीएसई के शेयर की कीमत 30 गुना से ज्यादा हो गई है।

बीएसई का मुकाबला एनएसई से है। बीते कुछ सालों में बीएसई के प्रदर्शन में सुधार दिखा है। FY26 में इसकी रेवेन्यू ग्रोथ 88 फीसदी रही। एनएसई के रेवेन्यू में इस दौरान 3 फीसदी की गिरावट आई। इसमें डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के सेबी के सख्त नियमों का ब़ड़ा हाथ है। हालांकि, एनएसई का रेवेन्यू बीएसई का करीब छह गुना है।

NSE इनवेस्टर्स को अपने संभावित प्रदर्शन के बारे में बताएगा। वह इनवेस्टर्स को बताएगा कि अगले पांच सालों में कैश इक्विटीज और इक्विटीज फ्यूचर्स की सालाना टर्नओवर ग्रोथ 12 फीसदी रह सकती है। इक्विटी ऑप्शंस की ग्रोथ अगले पांच सालों में सालाना 10 फीसदी रह सकती है। अभी इक्विटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में एनएसई की हिस्सेदारी 100 फीसदी है। कैश मार्केट में हिस्सेदारी 93 फीसदी है और इक्विटी ऑप्शंस में 75 फीसदी है।

एनएसई ने कहा है कि भारत में शेयर बाजार तक लोगों की पहुंच अभी विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए शेयर ट्रेडिंग का वॉल्यूम बढ़ने की काफी ज्यादा संभावना है। एनएसई को करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट में भी अपनी ग्रोथ 15 फीसदी रहने की उम्मीद है। एनएसई का सीनियर मैनेजमेंट अगले हफ्ते से संस्थागत निवेशकों से मुलाकात का सिलसिला शुरू करेगा। मैनेजमेंट सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग इस महीने के अंत तक रोडशो कर सकता है।

World Rum Day: जिसने खुद कभी शराब को नहीं लगाया हाथ, जानें कैसे भारत में खड़ी कर दी ‘ओल्ड मंक’ की विरासत

World Rum Day: भारत में ऐसी बहुत कम बोतलें हैं जो ‘ओल्ड मोंक’ जैसी वफादारी और लगाव पैदा करती हैं। इसने पीने की बदलती आदतों, विदेशी ब्रांड्स के आकर्षक लेबल और कई पीढ़ियों के ग्राहकों के बीच भी अपनी जगह बनाए रखी है और यह सब बिना किसी सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट या चमकदार विज्ञापन कैंपेन के हुआ है। आप किसी भी बार, मिलिट्री कैंटीन या आस-पास की शराब की दुकान में चले जाइए, पूरी संभावना है कि आपको शेल्फ पर वह जानी-पहचानी, छोटी और चौड़ी बोतल दिख ही जाएगी। ‘वर्ल्ड रम डे’ पर इसकी कहानी का जश्न मनाना बनता है—खासकर इसलिए क्योंकि इसने मार्केटिंग के लगभग हर नियम को तोड़ा है।

ओल्ड मंक की सबसे बड़ी खूबी हमेशा से इसकी एक जैसी क्वालिटी रही है। 1950 के दशक में जब यह पहली बार आया था, तब से इसकी खास डार्क रम का स्वाद और अंदाज लगभग वैसा ही बना हुआ है। इसमें मौजूद कैरमल का भरपूर स्वाद, वनीला और चॉकलेट की हल्की महक और इसका बेहतरीन स्मूद फिनिश इसे लाखों लोगों की पसंदीदा ड्रिंक बनाता है। जहां दूसरे ब्रांड्स समय के साथ खुद को बदलते रहते हैं, वहीं ओल्ड मंक चुपचाप वैसा ही बना रहा—और शायद यही उसका सबसे बड़ा इनोवेशन था।

शायद ‘ओल्ड मंक’ की कहानी का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा वह व्यक्ति है जिसने इसे मशहूर बनाया। मोहन मीकिन के पूर्व चेयरमैन कपिल मोहन ने कभी शराब नहीं पी। सेना के रिटायर्ड अफसर और चाय के शौकीन कपिल मोहन ने अपने बड़े भाई वेद रतन मोहन की मौत के बाद परिवार का बिजनेस संभाला। वेद रतन मोहन ने ही यह रम बनाई थी। 1970 के दशक की शुरुआत से कपिल मोहन की लीडरशिप में, ‘ओल्ड मंक’ एक लोकप्रिय भारतीय शराब से बदलकर साल 2000 तक दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली डार्क रम बन गई।

ओल्ड मॉन्क से जुड़ा रहस्य इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाता है। किसी को पक्के तौर पर नहीं पता कि इसका नाम कैसे पड़ा। कुछ लोगों का मानना ​​है कि यह नाम मठों में पारंपरिक रूप से रखे जाने वाले लकड़ी के पीपों (बैरल) की वजह से पड़ा, जबकि दूसरों का कहना है कि इसके परिपक्व और बिटर स्ट्रॉंग स्वाद ने इसे बनाने वालों को एक बूढ़े साधु (मॉन्क) की समझदारी की याद दिलाई। यहां तक कि इसकी खास बोतल भी दशकों से लगभग वैसी ही रही है। इसे भारत की कई पीढ़ियां तुरंत पहचान लेती हैं और इसे सर्दियों की शामों, पुरानी दोस्ती और पारिवारिक समारोहों से जोड़कर देखती हैं।

इस ब्रांड के बढ़ने का तरीका और भी अनोखा था। ओल्ड मंक ने कभी भी विज्ञापन का सहारा नहीं लिया। असल में, कपिल मोहन ने जान-बूझकर इसका प्रचार-प्रसार करना बंद कर दिया था। उनका मानना ​​था कि रम को मार्केटिंग के बजाय अपनी क्वालिटी के दम पर पहचान बनानी चाहिए। यह तरीका काम भी आया। लोगों की बातें, दूसरों की सलाह और पुरानी यादों ने ही इसे मशहूर बनाने में अहम भूमिका निभाई। कुछ साल पहले तो ओल्ड मंक के बंद होने की अफवाहों से इसके चाहने वालों में घबराहट भी फैल गई थी, जिसके बाद कंपनी को सार्वजनिक रूप से यह साफ करना पड़ा कि इसका प्रोडक्शन बंद नहीं हो रहा है।

ओल्ड मंक की शुरुआत औपनिवेशिक भारत में हुई थी। मोहन मीकिन के अनुसार, इसका इतिहास 1885 में स्थापित एक ब्रुअरी से जुड़ा है। आजादी के बाद यह भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी बन गई। समय के साथ, इस रम को UK, US, जापान, जर्मनी, कनाडा और UAE समेत 50 से ज्यादा देशों में पसंद किया जाने लगा। अपने सबसे सफल दौर में, यह दुनिया की सबसे कामयाब डार्क रम में से एक बन गई, जिससे यह साबित हुआ कि कोई भारतीय स्पिरिट अपनी पहचान बदले बिना वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सकती है।

आज के दौर में जब ब्रांड्स ट्रेंड्स, इन्फ्लुएंसर्स और वायरल कैंपेन्स के पीछे भागते हैं, तब ‘ओल्ड मंक’ (Old Monk) आज भी पुराने अंदाज को बनाए हुए है। इसकी रेसिपी वैसी ही बनी हुई है, इसकी बोतल आज भी पुरानी यादें ताजा कर देती है और इसकी शोहरत हमेशा की तरह एक संतुष्ट पीने वाले से दूसरे तक फैलती रही है। ‘वर्ल्ड रम डे’ (World Rum Day) पर शायद सबसे बड़ी सीख यही है। कभी-कभी, सबसे मजबूत ब्रांड स्टोरी वह होती है, जिसे कभी बेचने की जरूरत ही नहीं पड़ी।

IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

Swiggy Instamart से खराब दूध, एक्सपायर हो चुके प्रोडक्ट की हो रही डिलीवरी! FSSAI ने जारी किए 9 नोटिस

फूड रेगुलेटर FSSAI ने क्विक कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट को 9 नोटिस जारी किए हैं। प्लेटफॉर्म पर सड़े-गले और एक्सपायर हो चुके फूड प्रोडक्ट की सप्लाई के आरोप लगे हैं। FSSAI ने यह कदम कई ग्राहकों की शिकायतों के बाद उठाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इस बारे में जानकारी दी। रेगुलेटर ने कहा कि उसने FSS एक्ट 2006 के तहत नियमों के उल्लंघन को देखते हुए Instamart को 9 नोटिस जारी किए हैं।

FSSAI के मुताबिक, ग्राहकों की शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि Swiggy Instamart के जरिए एक्सपायर हो चुके, खराब, सड़े-गले, दूषित और असुरक्षित फूड प्रोडक्ट की सप्लाई की गई। रेगुलेटर ने प्लेटफॉर्म को डिटेल में स्पष्टीकरण देने और कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर इंस्टामार्ट के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

रिटर्न करने के बाद फिर से खराब प्रोडक्ट की सप्लाई

ग्राहकों की शिकायतों के बारे में विस्तार से बताते हुए FSSAI ने कहा कि एक शिशु आहार (infant food formulation) बहुत खराब और असुरक्षित स्थिति में पाया गया। इसके दूषित होने और गलत तरीके से स्टोरेज व हैंडलिंग के संकेत मिले। प्रोडक्ट को वापस करने के बाद भी, कथित तौर पर उसे दोबारा सप्लाई किया गया। शिकायतों में Swiggy Instamart के जरिए दूषित अंडे और दूध, खराब पैकेज्ड फूड आइटम्स की डिलीवरी के आरोप भी लगाए गए। FSSAI ने गलत, अमान्य या ऐसे लाइसेंस नंबर भी देखे, जो मौजूद ही नहीं हैं। फूड बिजनेस करने वाली कंपनियों को कथित तौर पर उनके FSSAI रजिस्ट्रेशन में दर्ज नामों से अलग नामों से लिस्ट किया जा रहा था।

सुधार के नाम पर कुछ नहीं, बस रिफंड

FSSAI का कहना है, “कुछ शिकायतों में आरोप लगाया गया कि शिकायतें आगे बढ़ाए जाने या उच्च स्तर पर ले जाए जाने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, शिकायत का समाधान नहीं हुआ, सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। एक शिकायत में कहा गया कि फूड सेफ्टी से जुड़ी बताई गई चिंताओं का समाधान किए बिना केवल रिफंड की पेशकश की गई।”

रेगुलेटर ने कहा कि नोटिसों में कई गंभीर चिंताओं को उठाया गया है। इनमें सेलर को प्लेटफॉर्म पर एड करना, नियमों का पालन होने की जांच, ट्रेसेबिलिटी, फूड क्वालिटी की निगरानी, ​​ग्राहकों की शिकायतों का समाधान, फूड बिजनेस गतिविधियों की निगरानी और खाद्य सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करने को चिंताएं शामिल हैं। हाल ही में FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कई कंपनियों, शराब बनाने वाली कंपनियों, फूड कंपनियों और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए थे।

स्विट्जरलैंड वेकेशन पर गया भारत का ये कपल हुआ लापता! बेटी ने कराई शिकायत तो सामने आया 50 करोड़ वाला ये खेल

Hyderabad Couple Missing: स्विट्जरलैंड में छुट्टियां मनाने गए हैदराबाद के एक बिजनेसमैन और उनकी पत्नी करीब तीन हफ्तों बाद लापता हो गए। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर क्यों दंपति ने दर्जनों निवेशकों से लगभग 50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

लापता दंपति की पहचान 51 वर्षीय पब्बा चंद्रशेखर और उनकी 42 वर्षीय पत्नी स्वप्ना के रूप में हुई है। उनकी बेटी श्रेया के मुताबिक, दोनों 22 जून को स्विट्जरलैंड घूमने गए थे। यात्रा की शुरुआत में वे परिवार के संपर्क में थे, लेकिन 8 जुलाई के बाद अचानक उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकी। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन या तो बंद थे या नेटवर्क कवरेज एरिया से बाहर थे।

माता-पिता से संपर्क टूटने पर बेटी पुलिस के पास पहुंची

जब कई दिनों तक माता-पिता की कोई खबर नहीं मिली, तो उस कपल की 23 साल की बेटी, जो एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल है, पुलिस के पास गई और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

फिलहाल, पुलिस अब दंपति का पता लगाने के लिए ट्रैवल प्लान, इमिग्रेशन की जानकारी और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। इसके अलावा, जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं किय क्या कपल सच में स्विट्जरलैंड गया था, जैसा कि दावा किया गया है।

50 करोड़ रुपये के निवेश के आरोपों की भी जांच

वहीं, जांच के दौरान यह मामला भी सामने आया है कि चंद्रशेखर और उनकी पत्नी ने पिछले कुछ वर्षों में 60 से ज्यादा लोगों से करीब 50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

आरोपों है कि, यह पैसा अच्छे रिटर्न का वादा करके और अलग-अलग पर्सनल और बिजनेस जरूरतों का हवाला देकर इकट्ठा किया गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल लापता लोगों का मामला अभी भी जांच के दायरे में है और कई संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या कपल अपनी मर्जी से गायब हुआ है, या फिर इस मामले का संबंधि किसी वित्तीय धोखाधडी से संबंधित है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर किसी के पास दंपति की गतिविधियों या उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे सामने आएं।

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