Delhi EV Policy : ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स-रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ, ई-ऑटो होंगे अनिवार्य, क्या है दिल्ली ईवी पॉलिसी

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दिल्ली सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2.0 को मंजूरी दे दी। नई नीति के तहत 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक दिल्ली में 95 प्रतिशत नए वाहन पंजीकरण इलेक्ट्रिक (EV) करना है। एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि यह नीति केवल सब्सिडी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर चरणबद्ध बदलाव का रोडमैप तैयार किया गया है।

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₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर बड़ी राहत

नई EV पॉलिसी के तहत दिल्ली में 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों के पंजीकरण पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ रहेगी। इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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ई-टू-व्हीलर खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी

सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर तीन वर्षों तक चरणबद्ध सब्सिडी देने का फैसला किया है।

 

  • पहले वर्ष: 30,000 रुपये
  • दूसरे वर्ष: 20,000 रुपये
  • तीसरे वर्ष: 10,000 रुपये
  • ई-थ्री-व्हीलर पर भी मिलेगा प्रोत्साहन

इलेक्ट्रिक ऑटो और अन्य ई-थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को भी आर्थिक सहायता मिलेगी।

 

  • पहले वर्ष: 50,000 रुपये
  • दूसरे वर्ष: 40,000 रुपये
  • तीसरे वर्ष: 30,000 रुपये
  • कब से बंद होंगे पेट्रोल और CNG ऑटो?

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नई नीति के अनुसार 

  • 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया पंजीकरण होगा।
  • 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही पंजीकृत किए जाएंगे।
  • इलेक्ट्रिक ट्रक और स्क्रैपिंग पर भी मिलेगा लाभ
  • N1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
  • BS-IV या उससे पुराने चारपहिया वाहन स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को 1 लाख रुपये की स्क्रैपिंग इंसेंटिव दी जाएगी।

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हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाइब्रिड वाहनों पर किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी।

 

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगले चार वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये खर्च कर राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जाएगा और वाहन प्रदूषण को कम किया जाएगा। नई नीति के तहत शहर में EV चार्जिंग स्टेशन, वाहन स्क्रैपिंग सेंटर और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जाएगा। सरकार एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित करेगी, जहां नागरिक EV से जुड़ी सभी सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। Edited by : Sudhir Sharma

Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

Axis Bank ने सोमवार को बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने कहा कि वह अपने प्रोफेशनल करियर के अगले चरण में आगे बढ़ना चाहते हैं। फिलहाल बैंक ने उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।

पुनीत शर्मा ने 28 जून 2026 को इस्तीफा दिया था। वह 31 अगस्त 2026 को कारोबार खत्म होने के बाद बैंक छोड़ देंगे। पुनीत शर्मा 6 मार्च 2020 से Axis Bank के CFO हैं। उनके पास बैंकिंग, वित्तीय संस्थानों और कंसल्टिंग सेक्टर में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है।

HDFC Bank जा सकते हैं पुनीत

HDFC Bank अपने अगले चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर पुनीत की नियुक्ति कर सकता है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगर नियुक्ति होती है तो यह इस साल निजी बैंकिंग सेक्टर के बड़े लीडरशिप बदलावों में से एक होगा।

पुनीत शर्मा मौजूदा CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह ले सकते हैं। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा हो रहा है। CNBC-TV18 के मुताबिक, HDFC Bank की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी सोमवार को बैठक करेगी, जिसमें इस नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है।

HDFC Bank में पहले भी हुआ बड़ा बदलाव

अगर पुनीत शर्मा की नियुक्ति होती है, तो वह ऐसे समय में HDFC Bank की फाइनेंस टीम की कमान संभालेंगे, जब बैंक लीडरशिप बदलाव की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में भाविन लखपतवाला भी HDFC Bank छोड़कर RBL Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO बने हैं। उन्हें HDFC Bank में CFO पद का संभावित आंतरिक दावेदार माना जा रहा था।

Axis Bank में 6 साल का अनुभव

पुनीत शर्मा मार्च 2020 से Axis Bank में ग्रुप हेड और CFO हैं। फाइनेंस के अलावा वे लीगल, सेक्रेटेरियल, इन्वेस्टर रिलेशंस और प्रोक्योरमेंट की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। वह Axis Finance और Axis Securities के बोर्ड में भी नॉमिनी डायरेक्टर हैं।

उनके कार्यकाल में Axis Bank ने Citibank India के कंज्यूमर बिजनेस का अधिग्रहण और इंटीग्रेशन पूरा किया। बैंक ने सफलतापूर्वक पूंजी जुटाई और टेक्नोलॉजी-डिजिटल बैंकिंग में निवेश भी बढ़ाया।

Tata Capital में भी अहम भूमिका

Axis Bank से पहले पुनीत शर्मा 12 साल से ज्यादा समय तक Tata Capital में रहे। वहां वह ग्रुप CFO बने और फाइनेंस, ट्रेजरी, टैक्सेशन, इन्वेस्टर रिलेशंस और कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी संभाली।

अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने Citibank, Boston Consulting Group और Lovelock & Lewes (अब PwC India का हिस्सा) में भी काम किया। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं।

इस मामले पर पूछे गए सवालों पर पुनीत शर्मा ने कोई टिप्पणी नहीं की है। HDFC Bank और Axis Bank की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

China’s Footprint in Bangladesh Explainer: मोंगला से चटगांव तक, बांग्लादेश में ऐसा क्या कर रहा चीन कि भारत को करनी चाहिए चिंता

बांग्लादेश में चीन की बढ़ती गतिविधियां भारत के लिए एक बड़ी रणनीतिक चिंता बनती जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक, चीन की मौजूदगी अब केवल व्यापार और आर्थिक परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ऐसे क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, जिनका भविष्य में सैन्य महत्व हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों का मानना है कि बांग्लादेश में हो रहे हालात इस बात का संकेत हैं कि चीन की लंबे समय से चली आ रही रणनीति अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। इसका असर भारत की पूर्वी सीमा और बंगाल की खाड़ी की सुरक्षा पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बांग्लादेश के बंदरगाहों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और रक्षा सहयोग में चीन का बढ़ता प्रभाव भारत की चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निगरानी, सैन्य गतिविधियों और क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।

मोंगला बंदरगाह को लेकर बढ़ी चिंता

खुफिया सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश का मोंगला बंदरगाह अब रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बांग्लादेश सरकार ने मोंगला बंदरगाह के पास 110 एकड़ जमीन का आर्थिक क्षेत्र चीन की एक सरकारी कंपनी को आवंटित किया है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि यह वही जमीन है, जिसे वर्ष 2015 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए एक द्विपक्षीय समझौते के तहत भारत के लिए तय किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि मोंगला बंदरगाह की रणनीतिक स्थिति और समुद्री गतिविधियों में इसकी अहम भूमिका को देखते हुए यह घटनाक्रम भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बंदरगाहों में चीन के निवेश से बढ़ी चिंता

एक्सपर्ट्स की माने तो चिंता सिर्फ बंदरगाहों के विकास तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोंगला और चटगांव बंदरगाहों में चीन की बढ़ती भागीदारी से उसे इस इलाके की समुद्री गतिविधियों पर पहले से ज्यादा नजर रखने का अवसर मिल सकता है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इन बंदरगाहों में तैयार किए गए आधुनिक ढांचे और उपकरण भविष्य में रणनीतिक रूप से अहम साबित हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बंदरगाहों पर इस्तेमाल होने वाली कई आधुनिक क्रेन और अन्य सुविधाएं चीन की कंपनी शंघाई झेनहुआ हेवी इंडस्ट्रीज (ZPMC) ने तैयार की हैं। इसी वजह से भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए हैं।

यदि इन बंदरगाह प्रणालियों को चीन समर्थित LOGINK लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ा जाता है, तो इससे जहाजों की आवाजाही, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स से जुड़े डेटा पर नजर रखना आसान हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ऐसी व्यवस्था चीन को बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों की ज्यादा जानकारी जुटाने में मदद कर सकती है।

भारतीय सैन्य गतिविधियों की निगरानी को लेकर बढ़ी चिंता

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, एक बड़ी चिंता यह भी है कि भविष्य में चीन बांग्लादेश में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से जुड़े सिस्टम तैनात कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऐसे सिस्टम रेडियो, माइक्रोवेव और रडार सिग्नलों को पकड़ने और उनका विश्लेषण करने में सक्षम हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो इन प्रणालियों का इस्तेमाल भारतीय सेना की कुछ संचार गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सुकना स्थित भारतीय सेना की 33 कोर से जुड़े सिग्नलों की निगरानी की आशंका जताई गई है।

जांच एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, मोंगला और चटगांव बंदरगाह के आसपास चीन से जुड़े बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल भविष्य में निगरानी के लिए किया जा सकता है। हालांकि, ये सभी बातें खुफिया सूत्रों के आकलन और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यदि इस तरह का निगरानी नेटवर्क तैयार होता है तो इससे बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना की गतिविधियों की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि नौसेना के जहाजों की आवाजाही पर पहले की तुलना में ज्यादा नजर रखी जा सकती है।

आकलन में यह भी कहा गया है कि विशाखापत्तनम और कोलकाता से निकलने वाले भारतीय नौसैनिक जहाजों को इस क्षेत्र से गुजरते समय अधिक निगरानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ये दावे खुफिया सूत्रों के आकलन और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

तीस्ता परियोजना को लेकर भी बढ़ी रणनीतिक चिंता

खुफिया सूत्रों के अनुसार, चिंता केवल बंदरगाहों तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बांग्लादेश ने तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना में चीन की भागीदारी को भी मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना में काम करने वाले चीनी इंजीनियर, जल विशेषज्ञ और तकनीकी कर्मचारी भारत के रणनीतिक रूप से अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा सकते हैं।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर, देश के मुख्य हिस्से को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण संकरा रास्ता है। खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि इस इलाके के आसपास चीन की बढ़ती मौजूदगी भविष्य में भारत की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन सकती है। हालांकि, ये दावे खुफिया सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चीन की बड़ी क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा 

खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन सभी घटनाक्रमों को चीन की एक व्यापक क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चीन प्रस्तावित चीन-म्यांमार-बांग्लादेश आर्थिक गलियारे के जरिए इस क्षेत्र की प्रमुख समुद्री परियोजनाओं और बंदरगाहों को आपस में जोड़ने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य अलग-अलग देशों के बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एक-दूसरे से जोड़ना है। इसमें पाकिस्तान का ग्वादर बंदरगाह, म्यांमार का क्यौकफ्यू बंदरगाह और बांग्लादेश का मोंगला बंदरगाह शामिल बताए जा रहे हैं।

खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि यदि यह नेटवर्क तैयार होता है, तो भारत के समुद्री क्षेत्र के आसपास एक मजबूत और आपस में जुड़ा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित हो सकता है। हालांकि, ये दावे खुफिया सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहले शराब पी, फिर खूनी संघर्ष और दोस्‍त को चाकुओं से गोद कर उतार दिया मौत के घाट

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इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में पार्टी के दौरान तीन दोस्तों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो युवकों ने हेमू जाट पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश जारी है।

रविवार की सुबह तीन दोस्तों के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद दो युवकों ने अपने ही दोस्त पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार घटना सिद्धार्थ नगर की है। यहां रहने वाला हेमू जाट अपने दोस्त राजू और एक अन्य युवक के साथ क्षेत्र के एक खुले मैदान में बैठकर पार्टी कर रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर तीनों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि राजू और उसके साथी ने हेमू पर चाकू से कई वार कर दिए। हमले में हेमू गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा, जबकि दोनों आरोपी फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में हेमू को तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर गए। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या आपसी विवाद के चलते की गई। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

ये 5 सरकारी ऐप आपकी जिंदगी बना देंगे आसान, नो पेपरवर्क सिर्फ घर बैठे निपटाएं गाड़ी, टैक्स और PF के ये सारे काम

सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अब फॉर्म भरने या लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। पहले जिन कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे वे अब आपके स्मार्टफोन के जरिए चुटकियों में हो सकते हैं। चाहे आपको पेमेंट करनी हो, जरूरी डॉक्युमेंट्स देखने हों, पीएफ खाते की जांच करनी हो या फिर अपने हेल्थ रिकॉर्ड को संभालना हो, सरकारी सिस्टम में मौजूद कुछ ऐप ऐसे हैं जो समय और मेहनत दोनों की बचत कर सकते हैं। यहां ऐसे ही 5 सरकारी ऐप्स के बारे में जानकारी दी गई है जिन्हें आपको अपने स्मार्टफोन में जरूर रखना चाहिए।

1- DigiLocker: सारे जरूरी डॉक्युमेंट रहेंगे एक जगह सुरक्षित

डिजीलॉकर आपको अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), शैक्षणिक प्रमाणपत्र (Academic Certificates) और बीमा के कागजात के डिजिटल वर्जन को स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा देता है। डिजीलॉकर के जरिए जारी किए गए दस्तावेज कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं। ऐसे में आपको कई तरह के डॉक्युमेंट्स की फिजिकल कॉपी ले जाने की जरूरत नहीं होती है। ये ऐप खासकर छात्रों, नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और अक्सर यात्रा करने वालों के लिए बेहद उपयोगी है।

2- BHIM: UPI भुगतान करने का सबसे आसान तरीका

अगर आप एक बेहद सरल और सीधा UPI ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं तो भीम ऐप आपके लिए ही है। यह ऐप आपको पैसे भेजने और पेमेंट लेने, क्यूआर कोड स्कैन करने, मर्चेंट्स को भुगतान करने और एक साथ कई बैंक खातों को मैनेज करने की सुविधा देता है। यह पूरी तरह से यूपीआई नेटवर्क पर काम करता है इसलिए इसके जरिए किसी भी समय पेमेंट किया जा सकता है।

3- UMANG: सैकड़ों सरकारी सेवाएं एक ऐप पर

अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए अलग-अलग ऐप्स डाउनलोड करने के बजाय उमंग ऐप आपको कई सारी सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है। इस सिंगल ऐप के जरिए आप ईपीएफओ सेवाओं, पेंशन से जुड़ी जानकारी, यूटिलिटी बिलों के भुगतान, गैस बुकिंग और पासपोर्ट सेवाओं सहित बहुत कुछ एक्सेस कर सकते हैं। अगर आपको नियमित रूप से सरकारी विभागों से जुड़े काम रहते हैं तो यह ऐप आपका काफी समय बचा सकता है।

4- ABHA: आपके हेल्थ रिकॉर्ड्स को मैनेज करना हुआ आसान

आभा ऐप आपको सरकार के डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत एक यूनीक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने की अनुमति देता है। इसके जरिए आपकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को एक्सेस करना काफी आसान हो जाएगा क्योंकि इस ऐप से जुड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच आपकी मेडिकल जानकारी डिजिटल रूप से शेयर की जा सकेगी। यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिनका लगातार इलाज चल रहा है और वे कई अस्पतालों में जाते हैं।

5- mAadhaar: आधार सेवाओं तक तुरंत पहुंच

एमआधार ऐप आपको अपने फोन में अपने आधार कार्ड का डिजिटल वर्जन रखने की सुविधा देता है। इस ऐप के माध्यम से आप आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, अपनी कुछ जानकारियों को अपडेट कर सकते हैं और एनरोलमेंट सेंटर्स का पता लगा सकते हैं। जहां कहीं भी पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है, आप अपने इस डिजिटल आधार का उपयोग कर सकते हैं।

ये सभी ऐप्स अलग-अलग उद्देश्यों को पूरा करते हैं लेकिन कुल मिलाकर ये उन सभी सेवाओं को कवर करते हैं जिनकी लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इन्हें डाउनलोड करके आप अपना समय, कागजी कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्करों से बच सकते हैं।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1- क्या डिजीलॉकर में स्टोर किए गए दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं?

उत्तर: हां, डिजीलॉकर के माध्यम से जारी या सत्यापित किए गए दस्तावेज सरकारी नियमों के तहत कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं और कई संगठनों द्वारा स्वीकार किए जाते हैं।

Q2- क्या भीम ऐप अन्य UPI ऐप्स से अलग है?

उत्तर: भीम ऐप भी अन्य पेमेंट ऐप्स की तरह ही UPI नेटवर्क का उपयोग करता है। इसका प्राइम फोकस सिर्फ पैसे भेजने और पेमेंट रिसीव करने पर है।

Q3- क्या उमंग ऐप सरकारी दफ्तरों के चक्करों को पूरी तरह खत्म कर सकता है?

उत्तर: कई सेवाओं के लिए इसका उत्तर हां है। हालांकि, कुछ प्रक्रियाओं में अभी भी भौतिक सत्यापन या मूल दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता हो सकती है।

Delhi EV 2.0 policy brings no incentives for hybrid cars

Curvv EV

The Delhi EV 2.0 policy will be implemented from July 1, 2026, and remain in effect till March 31, 2030, Chief Minister Rekha Gupta announced. Over this period, the government plans to invest around Rs 15,000 crore to curb vehicular pollution and accelerate the transition towards electric vehicles in the national capital, however, no incentives will be on offer for strong hybrid vehicles. In fact, 50 percent exemption from both road tax and registration fees for hybrid vehicles priced up to Rs 30 lakh was a major sticking point in the April 2026 draft policy.

  1. 100 percent exemption from road tax and registration charges for EVs up to Rs 30 lakh
  2. Only electric two-wheelers to be registered in Delhi from April 1, 2028

Delhi EV 2.0 policy key highlights

The Delhi EV 2.0 policy comprises a 100 percent exemption on road tax and registration charges for electric cars priced up to Rs 30 lakh, something that was proposed earlier in April. It also offers purchase incentives of up to Rs 30,000 for electric two-wheelers, Rs 50,000 for electric three-wheelers and Rs 1 lakh for electric goods vehicles (N1 category). Owners replacing older vehicles will also be eligible for scrapping incentives ranging from Rs 5,000 to Rs 1 lakh.

The policy also aims to expand Delhi’s EV charging network with more than 30,000 charging points across the city. From January 1, 2027, only new electric auto-rickshaws and N1 goods carriers will be registered, while from April 1, 2028, only new electric two-wheelers will be eligible for registration. Notably, all eligible incentives will be transferred directly to beneficiaries’ bank accounts through the direct benefit transfer.

Investments in charging infrastructure, public transport electrification and supporting infrastructure will be made, Delhi CM said. Detailed allocations for charging infrastructure, incentives and other programmes are expected to be announced in the detailed notification.

Bank Holidays July: जुलाई में कुल 12 दिन बंद रहेंगे बैंक! चेक कर लें RBI के छुट्टियों की ये पूरी लिस्ट

Bank Holidays List July 2026: अगर आपको जुलाई 2026 के महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, जुलाई महीने में अलग-अलग राज्यों के त्योहारों, सांस्कृतिक आयोजनों और वीकेंड्स को मिलाकर कई दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

चूंकि देश में बैंक छुट्टियां अलग-अलग राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय होती हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले अपने राज्य की छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें। आइए जानते हैं कि जुलाई 2026 में बैंक कब-कब और कहां बंद रहने वाले हैं।

जुलाई 2026 में त्योहारों के कारण इन तारीखों पर रहेगी छुट्टी

जुलाई के महीने में देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय त्योहारों के कारण इन-इन दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:

6 जुलाई 2026 (मिजोरम): ‘मिज़ो ह्मेइछहे इन्सुइहखावम पावल’ (MHIP) डे के अवसर पर मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे।

9 जुलाई 2026 (मेघालय): मेघालय के प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव ‘बेहदेइंखलम’ (Beh Deinkhlam) के कारण बैंकों में छुट्टी रहेगी।

16 जुलाई 2026 (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर): इन राज्यों में ‘रथ यात्रा’ और ‘हरेला’ उत्सव के कारण बैंक बंद रहेंगे।

17 जुलाई 2026 (मेघालय): स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंह’ की पुण्यतिथि के सम्मान में मेघालय में बैंकों का अवकाश रहेगा।

18 जुलाई 2026 (सिक्किम): प्रसिद्ध बौद्ध त्योहार ‘द्रुकपा त्शे-जी’ (Drukpa Tshe-zi) के मौके पर सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।

22 जुलाई 2026 (त्रिपुरा): त्रिपुरा के पारंपरिक उत्सव ‘खारची पूजा’ (Kharchi Puja) के कारण राज्य के बैंकों में छुट्टी रहेगी।

जुलाई 2026 में वीकेंड की छुट्टियां

आरबीआई के नियमों के अनुसार, देश के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक हर रविवार के साथ-साथ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। जुलाई 2026 में वीकेंड की छुट्टियां इस प्रकार हैं:

5 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

11 जुलाई 2026: दूसरा शनिवार (बैंक अवकाश)

12 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

19 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

25 –जुलाई 2026: चौथा शनिवार (बैंक अवकाश)

26 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही तय तारीखों पर बैंक की फिजिकल ब्रांच बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश भर में सभी जरूरी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं 24×7 चालू रहेंगी:

  • UPI और नेट बैंकिंग: पैसे के लेनदेन के लिए आप गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या अपने बैंक के मोबाइल ऐप (UPI) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • ATM सेवाएं: कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम हमेशा की तरह काम करते रहेंगे।
  • NEFT/RTGS: ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधाएं भी बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेंगी।

वैसे कभी-कभी बैंकों के रूटीन मेंटेनेंस के कारण कुछ घंटों के लिए डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जानकारी बैंक पहले ही नोटिफिकेशन के जरिए दे देते हैं।

India Weather Tomorrow 30 June: इन 15 से ज्यादा राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज रफ्तार आंधी-तूफान का अलर्ट है। जहां एक तरफ उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को 30 जून को भी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जून को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और बिहार।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और माहे।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

30 जून को देश के कई अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इन इलाकों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कल बहुत तेज सतही हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। गंगा नदी के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं (झोंके 50 किमी/घंटे तक)

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान और रायलसीमा।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली की चेतावनी

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कल अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए अगले 5 दिनों का विशेष पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव आएगा-

दिल्ली-एनसीआर (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली): 30 जून को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। यहां 1 जुलाई तक बारिश छिटपुट रहेगी, लेकिन 2 से 4 जुलाई के बीच काफी व्यापक से लेकर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। 1 से 3 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई के बीच और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश का दौर शुरू होगा। दोनों ही हिस्सों में 29 जून से 5 जुलाई के बीच आंधी, बिजली और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 जून को आंधी-बिजली के साथ 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी और 1-2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ़्तार से तीव्र आंधी चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी की गतिविधि देखने को मिलेगी।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: इन पहाड़ी क्षेत्रों में 1 से 5 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश का भी अलर्ट है।

Jai Moondra: भारत को हराने वाला खिलाड़ी ढूंढ रहा फुल-टाइम नौकरी! जय मूंदड़ा की कहानी हुई वायरल

आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने भारत के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में शानदार गेंदबाजी कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दोनों मुकाबलों में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 5 विकेट चटका कर प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी अपने नाम किया। उनकी सटीक और कसी हुई गेंदबाजी ने पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं इसी बीच जय मूंदड़ा अपनी शानदार गेंदबाजी के अलाला किसी और वजह से भी चर्चा में हैं। जय मूंदड़ा आईटी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

भारत के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करने वाले जय मूंदड़ा सिर्फ क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि आईटी सेक्टर से भी जुड़े हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह अभी भी फुल-टाइम नौकरी की तलाश में हैं।

2025 में छोड़ दी नौकरी

राजस्थान के टोंक के रहने वाले जय मूंदड़ा साल 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए आयरलैंड गए थे। आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलने के बावजूद उनके पास अब भी भारतीय पासपोर्ट है। आयरलैंड जाने के बाद जय मूंदड़ा ने सितंबर 2022 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की। पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने इंटेल में प्रोडक्ट डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। लेकिन, जून 2025 में उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, इसके बाद से उन्होंने किसी नई कंपनी में काम शुरू नहीं किया है।

Jai Moondra (2)

नए नौकरी की तलाश में जय मूंदड़ा

29 वर्षीय जय मूंदड़ा फिलहाल इंजीनियरिंग क्षेत्र में नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर आयरलैंड और यूरोप में अवसरों के लिए OpenToWork का बैज भी दिखाई देता है। करीब छह महीने पहले जय मूंदड़ा ने लिंक्डइन पर आयरलैंड और यूरोप में टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों की एक पोस्ट में रुचि दिखाई थी। वहीं लगभग एक महीने पहले उन्होंने एक अन्य पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए खुद को इंटेल का पूर्व कर्मचारी बताया और कहा कि वह नए नौकरी के अवसर की तलाश में हैं।

लोगों ने किया कमेंट

भारत को हराने के बाद आयरलैंड के गेंदबाज जय मूंदड़ा की लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा OpenToWork बैज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इस बात पर हैरानी जताई कि एक तरफ वह नई नौकरी की तलाश में हैं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये एक कॉर्पोरेट नौकरी है जिसने उन्हें दूसरा मौका दिया। मेहनत करने वाले की इज्जत करनी चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “वह भारत नहीं, बल्कि आयरलैंड के लिए खेल रहे हैं। इसलिए गुजारा चलाने के लिए उन्हें नौकरी भी करनी पड़ती है।”

SS Rajamouli: पेरिस में एसएस राजामौली ने रचा इतिहास, ऑस्कर विनर ग्रीक-फ्रेंच फिल्ममेकर कोस्टा-गावरास से की मुलाकात

SS Rajamouli: भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मेकर्स में से एक, एस.एस. राजामौली ने ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी और ‘आरआरआर’ (RRR) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ भारतीय फिल्मों को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाई है। अपनी भव्य सोच, बड़े पैमाने पर कहानी कहने के अंदाज और भारतीय संस्कृति के गहरे जश्न के लिए मशहूर, राजामौली ने दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म मेकर्स से अपार सम्मान कमाया है। हर एक मील के पत्थर के साथ, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को लगातार एक नए मुकाम पर पहुँचाया है।

​अब, इस मशहूर फिल्म मेकर ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। एस.एस. राजामौली को पेरिस के ‘सिनेमाथेक फ्रैंकेस’ (Cinémathèque Française) में एक परमानेंट जगह देकर सम्मानित किया गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्म संस्थानों में से एक है। महान हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान को सिनेमा के इतिहास को सुरक्षित रखने और उसका जश्न मनाने के लिए एक बेहद प्योर जगह माना जाता है, जो इस सम्मान को राजामौली और भारतीय सिनेमा दोनों के लिए एक ऐतिहासिक पल बनाता है।

​इस मौके को और भी खास बनाते हुए, राजामौली ने ऑस्कर जीतने वाले दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म मेकर कोस्टा-गावरास के साथ भी एक यादगार पल साझा किया। राजामौली के काम के प्रति अपने गहरे सम्मान को दिखाते हुए, कोस्टा-गावरास ने उनकी मास्टरक्लास में शामिल होने और वहाँ पूरे समय रुकने से पहले, लगभग आठ घंटे तक राजामौली की फिल्में देखीं, जो इस भारतीय फिल्म मेकर के काम के गहरे प्रभाव को दिखाता है।

इन तस्वीरों को शेयर करते हुए एस.एस. राजामौली ने लिखा, “मुझे यहाँ पेरिस में बुलाना और मेरी फिल्मों की स्क्रीनिंग करना ही मेरे लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है। लेकिन यह एक ऐसा प्यारा सरप्राइज है, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। यह एक ऐसा अहसास है जिसे मैं पूरी तरह से शब्दों में बयां नहीं कर सकता। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम पर बने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह पाना, कुछ ऐसा है जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ संजोकर रखूँगा।

​इस सम्मान के लिए और भारतीय सिनेमा को इतने प्यार व गर्मजोशी के साथ अपनाने के लिए मैं दिग्गज मिस्टर कोस्टा-गावरास और पूरी सिनेमाथेक फ्रैंकेस फैमिली का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए हर्षा चुंदूरु ने लिखा, “सिनेमाथेक फ्रैंकेस (The Cinémathèque Française) ने पिछले कुछ सालों में मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसे दिग्गजों का सम्मान किया है…

​इस तरह के सम्मानों की खास बात यह होती है कि ये किसी एक ब्लॉकबस्टर या एक हिट फिल्म बनाने से नहीं मिलते। ये सालों तक ऐसी फिल्में बनाने से मिलते हैं जो लोगों के दिलों में बस जाती हैं, फिल्म मेकर्स को इंस्पायर (प्रेरित) करती हैं और वर्ल्ड सिनेमा पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाती हैं…

​यह कैसा अहसास है, इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन ही नहीं है। एसएसआर (SSR) को ऐसे बड़े नामों के साथ देखना सच में एक अलग ही लेवल की खुशी देता है…” यह विजनरी फिल्म मेकर अब अगले साल रिलीज होने वाली अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ एक बार फिर से कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी यह फिल्म एक और ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव होने की उम्मीद जगाती है, जो ग्लोबल स्टेज पर भारतीय कहानी कहने के तरीके की सीमाओं को आगे बढ़ाने की एस.एस. राजामौली की इस असाधारण विरासत को और ज्यादा मजबूत करेगी।