डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थकेयर शेयरों में बनेगा पैसा, मार्केट एक्सपर्ट मनीशी रायचौधरी ने बताई वजह

अगर आप शेयरों में निवेश को लेकर किसी तरह की दुविधा में हैं तो आपको एमर कैपिटल पार्टनर्स के सीईओ मनीषी रायचौधरी की बातें ध्यान से सुनने की जरूरत है। सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में उन्होंने शेयर मार्केट के बारे में कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि कंपनियों की अर्निंग्स अब बढ़ रही है। इसका मतलब है कि आगे शेयरों पर इसका असर दिखेगा।

डेढ़ महीने बाद बढ़ा अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान 

राय चौधरी ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहे हैं। लेकिन, अब कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि 2026 (कैलेंडर ईयर) के लिए अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान अब बढ़कर 9.5 फीसदी हो गया है। डेढ़ महीने पहले यह 7.8 फीसदी था। संभवत: 5 से 6 सेक्टर्स हैं, जिनकी वजह से यह अनुमान बढ़ा है।

बड़ा निवेश करने से पहले दो बातों का रखें ध्यान

मध्यपूर्व क्राइसिस को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अच्छी खबर के साथ खराब खबर भी आती है। उन्होंने कहा कि अभी खराब खबर का असर ज्यादा दिख रहा है। उन्होंने कहा, “इनवेस्टर्स को बड़ा ऐलोकेशन करने से पहले इनफ्लेशन का दबाव कम होने और मध्यपूर्व क्राइसिस का समाधान निकलने का इंतजार करना चाहिए।”

क्रूड ऑयल में उछाल चिंता का बड़ा कारण

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से शेयर बाजारों में बीते करीब एक महीने से गिरावट है। ज्यादा चिंता क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर है। ब्रेंट क्रूड के 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच जाने का अनुमान जताया गया है। अगर ऐसा होता है तो इसका भारत पर काफी असर पड़ेगा। भारत ऑयल की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल इंटरेस्ट रेट को लेकर अनिश्चितता की वजह से बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।

इन सेक्टर्स में दिख रहे निवेश के मौके 

रायचौधरी ने कहा कि शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान बढ़ने से कुछ सेक्टर्स में निवेश के मौके दिख रहे हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, कमर्शियल और डिस्ट्रिब्यूशन सर्विसेज, हॉस्पिटल्स और हेल्थ-टेक प्लेटफॉर्म्स शामिल है। काफी समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब कुछ प्राइवेट बैंकों की अर्निंग्स में भी अपग्रेड दिखा है।

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प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी निवेश के मौके 

उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंक में इनवेस्टर्स को सिर्फ एक बैंक को नहीं देखना चाहिए, जिसमें लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता है। उन्होने ICICI Bank का उदाहरण देते हुए बताया कि इस बैंक ने बेहतर प्रदर्शन से चौंकाया है। इसका इंटरेस्ट मार्जिन बेहतर है और फीस इनकम भी बढ़ी है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

Axis Bank ने सोमवार को बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने कहा कि वह अपने प्रोफेशनल करियर के अगले चरण में आगे बढ़ना चाहते हैं। फिलहाल बैंक ने उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।

पुनीत शर्मा ने 28 जून 2026 को इस्तीफा दिया था। वह 31 अगस्त 2026 को कारोबार खत्म होने के बाद बैंक छोड़ देंगे। पुनीत शर्मा 6 मार्च 2020 से Axis Bank के CFO हैं। उनके पास बैंकिंग, वित्तीय संस्थानों और कंसल्टिंग सेक्टर में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है।

HDFC Bank जा सकते हैं पुनीत

HDFC Bank अपने अगले चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर पुनीत की नियुक्ति कर सकता है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगर नियुक्ति होती है तो यह इस साल निजी बैंकिंग सेक्टर के बड़े लीडरशिप बदलावों में से एक होगा।

पुनीत शर्मा मौजूदा CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह ले सकते हैं। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा हो रहा है। CNBC-TV18 के मुताबिक, HDFC Bank की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी सोमवार को बैठक करेगी, जिसमें इस नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है।

HDFC Bank में पहले भी हुआ बड़ा बदलाव

अगर पुनीत शर्मा की नियुक्ति होती है, तो वह ऐसे समय में HDFC Bank की फाइनेंस टीम की कमान संभालेंगे, जब बैंक लीडरशिप बदलाव की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में भाविन लखपतवाला भी HDFC Bank छोड़कर RBL Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO बने हैं। उन्हें HDFC Bank में CFO पद का संभावित आंतरिक दावेदार माना जा रहा था।

Axis Bank में 6 साल का अनुभव

पुनीत शर्मा मार्च 2020 से Axis Bank में ग्रुप हेड और CFO हैं। फाइनेंस के अलावा वे लीगल, सेक्रेटेरियल, इन्वेस्टर रिलेशंस और प्रोक्योरमेंट की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। वह Axis Finance और Axis Securities के बोर्ड में भी नॉमिनी डायरेक्टर हैं।

उनके कार्यकाल में Axis Bank ने Citibank India के कंज्यूमर बिजनेस का अधिग्रहण और इंटीग्रेशन पूरा किया। बैंक ने सफलतापूर्वक पूंजी जुटाई और टेक्नोलॉजी-डिजिटल बैंकिंग में निवेश भी बढ़ाया।

Tata Capital में भी अहम भूमिका

Axis Bank से पहले पुनीत शर्मा 12 साल से ज्यादा समय तक Tata Capital में रहे। वहां वह ग्रुप CFO बने और फाइनेंस, ट्रेजरी, टैक्सेशन, इन्वेस्टर रिलेशंस और कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी संभाली।

अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने Citibank, Boston Consulting Group और Lovelock & Lewes (अब PwC India का हिस्सा) में भी काम किया। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं।

इस मामले पर पूछे गए सवालों पर पुनीत शर्मा ने कोई टिप्पणी नहीं की है। HDFC Bank और Axis Bank की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।