साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों का नया अध्याय लिखेगी योगी सरकार, सेमिनार मंगलवार को

Yogi Government Education Reforms: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा सुधारों को योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, प्रभावी कक्षा-कक्षीय शिक्षण और सीखने के परिणामों में सतत सुधार को नई दिशा देने की रणनीति पर तेजी से कार्य कर रही है।

मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के संयुक्त तत्वावधान में 'टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) रिपोर्ट-2025, उत्तर प्रदेश' पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संवाद एवं सेमिनार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'नीति से व्यवहार तक संवाद' रखा गया है, जिसका उद्देश्य साक्ष्यों को क्रियान्वयन में बदलते हुए शिक्षा सुधारों को सीधे कक्षा-कक्ष तक पहुंचाना है। 

 

अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा करेंगे। इसमें शिक्षा नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शैक्षिक विशेषज्ञों, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, शिक्षकों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। राज्य स्तर पर प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, अधिगम सुधार और भविष्य की शैक्षणिक रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

टीएलपीएस रिपोर्ट-2025 का होगा विमोचन

सेमिनार का प्रमुख आकर्षण टीएलपीएस उत्तर प्रदेश राज्य रिपोर्ट-2025 का विमोचन होगा। एलएलएफ द्वारा प्रदेश में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) के अंतर्गत किए गए राज्यव्यापी अध्ययन के निष्कर्ष, प्रमुख अंतर्दृष्टियां और अनुशंसाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इन निष्कर्षों के आधार पर विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा तय की जाएगी।

प्रभावी शिक्षण और कैच-अप रणनीतियों पर होगा मंथन

सेमिनार में प्रभावी शिक्षण के 10 प्रमुख शिक्षण अभ्यासों पर संवाद होगा। साथ ही अधिगम अंतर (लर्निंग गैप) को कम करने के लिए कैच-अप रणनीतियों, परख के निष्कर्षों पर आधारित शैक्षणिक सुधारों तथा साक्ष्य आधारित निर्णय प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त निपुण उत्तर प्रदेश 2.0 की दिशा में भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा।

जमीनी अनुभवों से मिलेगा शिक्षा सुधारों को बल

राज्य स्तरीय सेमिनार में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अपने नवाचारी शिक्षण अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा एसआरजी, एआरपी, बीईओ तथा अन्य शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं के अनुभवों के साथ कक्षा-कक्ष से उभरती वास्तविक सफलता की कहानियों को भी मंच मिलेगा। इन अनुभवों के आधार पर शिक्षण की प्रभावी पद्धतियों को व्यापक स्तर पर लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी।

कक्षा-कक्ष तक पहुंचेगा शिक्षा सुधारों का लाभ

प्रदेश में निपुण भारत मिशन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों के उपयोग और विद्यालयी गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों के बीच यह राज्य स्तरीय संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साक्ष्य आधारित नीति, प्रभावी शिक्षण अभ्यास और जमीनी अनुभवों के समन्वय से तैयार होने वाली रणनीतियां शिक्षा सुधारों को नई गति देंगी तथा उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

शर्मनाक हार के बाद भी वैभव सूर्यवंशी को करना पड़ेगा इंग्लैंड में इंतजार

भारतीय T-20I टीम के सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिए शेष खिलाड़ियों की तरह ही तय प्रक्रिया से गुजरना और अपने समय का इंतजार करना होगा।

आयरलैंड के खिलाफ दूसरी टी-20 में मिली हार के बाद टेन डेशकाटे से सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर किये गये सवाल के जवाब में कहा, “वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन आप संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जिन्होंने तीन महीने पहले भारत की विश्व कप जीत में अहम योगदान दिया था। उनका आईपीएल भी बेहतरीन रहा था। सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए दो शतक लगाए थे।”

उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देना और उन्हें सही संदेश भेजना भी जरूरी है। हम खिलाड़ियों को टीम में लंबा अवसर देना चाहते हैं। इसलिए वैभव जितने भी तैयार हों और हम एवं आप उन्हें खेलते देखने के लिए जितने भी उत्साहित हों, उन्हें भी बाक़ी खिलाड़ियों की तरह प्रक्रिया से गुजरना होगा और अपने समय का इंतज़ार करना होगा। लेकिन उनकी प्रतिभा और तैयारी को लेकर कोई सवाल नहीं है।”

टीम प्रबंधन की बातों से यही संकेत मिलता है कि सूर्यवंशी का पदार्पण उनके अपने प्रदर्शन से अधिक मौजूदा शीर्ष क्रम के बल्लेबाजो के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। पहले मैच में सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी होने के बावजूद, भारत ने कोई अपवाद बनाने और बल्लेबाज़ी क्रम में सभी को एक स्थान नीचे खिसकाने पर विचार नहीं किया। पहले मैच में स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर खेले थे। दूसरे मैच में सूर्यांश शेडगे ने पदार्पण किया।

उल्लेखनीय है कि सूर्यवंशी केवल भारत की टी-20 टीम का हिस्सा हैं, वनडे टीम का नहीं। उन्हें इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए चुना गया है, जो बुधवार से शुरू होगी। इसके बाद वह एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

Bajaj Auto Share Buyback: ₹5633 करोड़ का ऑफर 1 जुलाई से, ₹12000 के भाव पर खरीद; किस रेशियो में मंजूर होंगे शेयर

टूव्हीलर और थ्रीव्हीलर मेकर Bajaj Auto Ltd शेयर बायबैक कर रही है। इसके लिए ​विंडो 1 जुलाई 2026 से खुलेगी और 7 जुलाई को बंद होगी। बायबैक का साइज ₹5,632.8 करोड़ है। कंपनी ने एनटाइटलमेंट रेशियो की घोषणा कर दी है। बायबैक में कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स से ₹10 प्रति शेयर फेस वैल्यू वाले 46.94 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदने वाली है। शेयरों की यह संख्या कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों का 1.68% है। Bajaj Auto के शेयर बायबैक की कीमत ₹12,000 प्रति शेयर तय की गई है।

इस तरह कंपनी इस बायबैक के लिए ₹5,633 करोड़ (₹5,632,80,00,000) खर्च करेगी। इस रकम में अन्य खर्च, ब्रोकरेज फीस और लागू टैक्स शामिल नहीं हैं। इस शेयर बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 24 जून थी। रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग टाइम तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र होंगे।

Bajaj Auto ने क्या रखा है बायबैक रेशियो?

बायबैक ऑफर के तहत छोटे शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व कैटेगरी में आने वाले पात्र शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट (24 जून) पर अपने पास मौजूद हर 61 इक्विटी शेयरों के लिए 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं, यानि कि बेचने के लिए पेश कर सकते हैं। जनरल कैटेगरी में आने वाले शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर 525 इक्विटी शेयरों पर 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं। कंपनी के प्रमोटर्स, प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों और कंपनी का कंट्रोल रखने वाले लोगों ने संकेत दिया है कि वे बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे। स्टॉक एक्सचेंजेस पर बिड्स के सेटलमेंट की लास्ट डेट 14 जुलाई है।

कंपनी ने इस बायबैक की घोषणा 6 मई को तिमाही और सालाना नतीजे जारी करने के साथ की थी। शेयरहोल्डर्स ने प्रपोजल को मंजूरी 14 मई को दी। इससे पहले बजाज ऑटो ने साल 2024 में शेयर बायबैक किया था। उस वक्त कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से कुल इक्विटी शेयरों का 1.41% हिस्सा ₹10,000 प्रति शेयर की कीमत पर वापस खरीदा था।

Omaxe Share Price: गिरते बाजार में रियल्टी स्टॉक को लगे पंख, भरी 20% तक की उड़ान

सोमवार को Bajaj Auto के शेयर में गिरावट

Bajaj Auto के शेयर में 29 जून को 2% की गिरावट रही। BSE पर कीमत ₹9628.15 पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप ₹2.69 लाख करोड़ से ज्यादा है। शेयर 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 55.01% हिस्सेदारी थी। बजाज ऑटो के अब लगभग 3 लाख खुदरा शेयरधारक हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ninth-gen Toyota Hilux India launch next month

2026 toyota hilux india launch

Toyota will launch the ninth-gen Hilux pickup in India next month, our dealer sources have confirmed. This will be just eight months after the new Hilux’s global debut in November 2025. Considering that this is a new-gen model with several mechanical and feature upgrades, expect it to command a significant premium over the outgoing Hilux, which is priced from Rs 28.52 lakh to Rs 36 lakh (ex-showroom).

  1. New Hilux has a sharper, more angular design language
  2. Interior is vastly more premium and feature-loaded than that of the old Hilux
  3. Expected to retain the current 2.8-litre diesel engine and add 48V mild hybrid tech

2026 Toyota Hilux exterior design

The ninth-gen Hilux introduces an all-new design but retains its predecessor’s rugged ethos. Up front, the pickup features slim high-set LED headlamps bridged by a black trim piece that houses the Toyota wordmark. Below that, there’s a honeycomb-patterned grille flanked by angular air intakes and a chunky bumper.

The side profile is characterised by clean panelling, 17-inch alloy wheels and squared-off body cladding, while the rear gets sizeable vertically oriented tail-lamps with C-shaped DRL signatures. There’s also a large Toyota wordmark on the tailgate and generous cladding on the bumper.

2026 Toyota Hilux interior and features

Global-spec Toyota Hilux interior. Image used for representative purposes only.

Inside, the new Hilux is markedly more modern than its predecessor, with dual 12.3-inch displays taking centre stage on the freshly designed dashboard, along with a new three-spoke steering wheel bearing the Toyota lettermark. A welcome sight in the Hilux’s cabin is the abundance of physical controls, spread across the steering wheel, centre console and transmission tunnel.

In terms of features, the new Hilux packs terrain and drive modes, dual-zone climate control, a wireless charging pad, a blind-spot monitor, connected car tech, powered and ventilated front seats, multi-terrain and 360-degree cameras, over-the-air (OTA) updates, an advanced driver assistance systems (ADAS) suite, driver drowsiness detection and more.

2026 Toyota Hilux engine and gearbox

The outgoing Hilux is available solely with a 2.8-litre diesel engine that develops 204hp and 500Nm, with gearbox options comprising a 6-speed manual and 6-speed torque converter automatic – 4×4 is fitted as standard. Since the new Hilux is based on the same IMV body-on-frame platform, Toyota is expected to retain the 2.8-litre diesel engine for the India-spec model, and could add the 48V ‘Neo Drive’ mild hybrid system that was introduced with the Fortuner last year.

Toyota Hilux EV

In overseas markets, the new Hilux is available in all-electric guise too, making it Toyota’s first body-on-frame EV. The Hilux EV gets a 59.2kWh battery pack powering front and rear motors, with the former outputting 205Nm and the latter producing 269Nm. WLTP-tested range for the Hilux EV is pegged at 240km. It remains to be seen if Toyota will offer the Hilux EV in India.

जयपुर के अरावली पैलेस में दीवार गिरी, 3 की मौत, ठेकेदार पर FIR दर्ज

Jaipur Aravali Palace Wall Collapse

Jaipur Aravali Palace Wall Collapse: जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित 'अरावली पैलेस' (तालामोड़) रिसॉर्ट में हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ने दो और मजदूरों के शव बरामद किए हैं। इसके साथ ही इस भीषण हादसे में आधिकारिक रूप से जान गंवाने वाले कुल मजदूरों की संख्या 3 हो गई है। जैसे-जैसे कंक्रीट और भारी पत्थरों को हटाया जा रहा है, हादसे की भयावहता और साफ होती जा रही है। बाद में निकाले गए दोनों मजदूरों को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कैसे हुआ हादसा?

तालामोड़ स्थित अरावली रिसॉर्ट के बेसमेंट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP Plant) के निर्माण का कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक भारी निर्माणाधीन दीवार भरभराकर धंस गई। दीवार गिरने की वजह से वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी 

इस हादसे में मलबे से सुरक्षित निकाले गए 4 अन्य घायल मजदूरों का जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल और स्थानीय ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से कुछ की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें सघन निगरानी में रखा गया है।

युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन, मौके पर डटा प्रशासन

हादसे के बाद से ही सिविल डिफेंस और पुलिस की टीमें लगातार भारी मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन के आला अधिकारी अभी भी घटना स्थल पर डटे हुए हैं। राहत एवं बचाव दल मलबे के कोने-कोने की गहनता से जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे अब कोई और व्यक्ति न फंसा हो। 3 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे आमेर क्षेत्र में शोक की लहर है।

प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज

इस मामले में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की बात सामने आई है। पुलिस ने इस घातक लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए निर्माण ठेकेदार और संबंधित रिसॉर्ट प्रबंधन के खिलाफ मामला (FIR) दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Trading Strategy: बाजार में रीबैलेंसिंग की बिकवाली की वजह से भी बना थोड़ा दबाव,आज और कल की चाल को ना समझें बड़ा ट्रेंड

 

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आयरलैंड की B टीम ने T20I में रोका भारत की 16 सीरीज का विजय रथ

बेलफास्ट में आयरलैंड ने भारत के सामने पेशेवर क्रिकेट खेलकर पहला टी-20 मैच 34 और दूसरा टी-20 मैच 1 रन से जीतकर इतिहास रच दिया। आयरलैंड खुद एक असोसिएट देश है और भारत 2 बार का विश्वचैंपियन। लेकिन जो बात इस सीरीज जीत को सबसे खास बनाती है वह यह कि आयरलैंड खुद यह सीरीज अपने नियमित खिलाड़ियों के बिना खेल रहा था। ध्यान रहे कि उनकी टीम में मार्क अडायर, कर्टिस कैम्फर, पॉल स्टर्लिंग और जोशुआ लिटिल जैसे कुछ नियमित खिलाड़ी भी नहीं थे, और फिर भी ऐसी जीत हासिल करना वाकई अविश्वसनीय है।

पॉल स्टर्लिंग का वजन इस खेल के हिसाब से काफी ज्यादा है लेकिन वह तेजी से रन बनाते हैं और सबसे अनुभवी सलामी बल्लेबाज है। हालांकि भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड खराब है। कैम्फर टीम के अनुभवी ऑलराउंडर है वह कई असोसिएट देशों के खिलाफ गेंद और बल्ले से मैच जिता चुके हैं। वहीं बालबर्नि इस आयरिश बल्लेबाजी क्रम में विश्वसनीयता लाते हैं, लेकिन इस बार वह भी बाहर थे।

सबसे बड़ा नाम तो जोश लिटिल का था जो इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेल चुके हैं।आयरलैंड के मुख्य खिलाड़ी खुद को कोस रहें होंगे कि काश वह भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन पाते लेकिन बदलाव के दौर से गुजर रही आयरलैंड के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि उनके युवा चेहरों ने विश्व विजेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।

गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी आयरलैंड ने मिलकर काम किया। उनके कप्तान लोरन टकर ने पहले मैच में अर्धशतक जड़ा तो हैरी टेक्टर ने दूसरे मैच में अर्धशतक जड़ा। पहले मैच में होलार्ड ने 3 और दूसरे मैच में भी 3 विकेट निकाले और सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज रहे। भारतीय मूल के जय मुंद्रा ने अंतिम टी-20 में 3 विकेट लेकर ना केवल मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार लिया बल्कि मैन ऑफ द सीरीज का भी अवार्ड अपने पास रखा।

आयरलैंड के कप्तान लोरकान टकर ने कहा ,‘‘ मुझे यकीन ही नहीं हो रहा। मैने खिलाड़ियों से कहा था कि हमें साबित करना है कि पहले मैच की जीत तुक्का नहीं थी और उन्होंने यह मैच भी जीतकर वही किया । हमने दिखा दिया कि क्रिकेट सरल भी हो सकता है, उसे पेचीदा बनाने की जरूरत नहीं है।’’

आयरलैंड के खिलाड़ी दर्शकों के पास जाकर उनका शुक्रिया अदा करते हैं और फिर सपोर्ट स्टाफ़ उन्हें बधाई देता है। 28 जून, 2026 का दिन उनके क्रिकेट सफ़र के सबसे यादगार दिनों में से एक रहेगा। उन्होंने न सिर्फ़ टी20 वर्ल्ड चैंपियन को हराया, बल्कि उनकी लगातार 16 सीरीज़ जीतने का सिलसिला भी तोड़ दिया। दोनों मैचों में वे बेहतर टीम साबित हुए। उन्हें हालात की बेहतर समझ थी और उन्होंने उसका पूरा फ़ायदा उठाया। बल्लेबाज़ों ने अच्छे रन बनाए और गेंदबाज़ों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। फ़ील्डिंग भी ज़बरदस्त रही और उन्होंने तीनों विभागों में भारत को पीछे छोड़ दिया।

10,200mAh बैटरी के साथ Motorola का नया टैबलेट लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Moto Pad 70 Pro: Motorola ने भारत में अपना नया फ्लैगशिप टैबलेट, Moto Pad 70 Pro लॉन्च किया है, जो भारत में अगले महीने बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने इस डिवाइस को खासतौर पर उन यूजर्स के लिए पेश किया है जो मल्टीटास्किंग, स्टडी, एंटरटेनमेंट और प्रोफेशनल काम के लिए एक दमदार टैबलेट ढूंढ रहे हैं। बता दें कि इस टैबलेट में octa-core Snapdragon प्रोसेसर, 13MP का बैक कैमरा, 800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस और 10,200mAh की बैटरी दी गई है। अब चलिए जानते हैं इसके स्पेसिफिकेशन्स और कीमते के बारे में।

Moto Pad 70 Pro: भारत में कीमत

Moto Pad 70 Pro के बेस वेरिएंट (8GB RAM और 128GB स्टोरेज) की शुरुआती कीमत ₹36,999 है। इसके टॉप-एंड वेरिएंट (256GB स्टोरेज) की कीमत ₹39,999 है। खास बात यह है कि इच्छुक खरीदार इस टैबलेट को कंपनी के स्नैप-ऑन कीबोर्ड के साथ ₹45,999 में भी खरीद सकते हैं, जबकि कीबोर्ड अलग से ₹5,999 में बेचा जाएगा। डिस्काउंट की बात करें तो ICICI बैंक कार्ड्स के साथ आपको ₹4,000 की इंस्टेंट छूट मिल सकती है।

यह टैबलेट 4 जुलाई को भारत में कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट और Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसे सिर्फ ‘Pantone Titan’ कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है।

Moto Pad 70 Pro: स्पेसिफिकेशन्स

Moto Pad 70 Pro में Android 16 पर आधारित Hello UI मिलता है। इस टैबलेट में Android 18 तक OS अपग्रेड और चार साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे। इसके अलावा, इसमें 13-इंच की LCD टचस्क्रीन (3,504×2,190 पिक्सल) है, जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट और 800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस देती है। इस टैबलेट में 319 ppi पिक्सल डेंसिटी, Dolby Vision और Moto Pen Pro का सपोर्ट भी मिलता है।

प्रोसेसर की बात करें तो इसमें Qualcomm का ऑक्टा-कोर Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट दिया गया है। इसमें एक एडवांस्ड NPU, 8GB RAM और 256GB तक की ऑनबोर्ड स्टोरेज भी है। कैमरे की बात करें तो टैबलेट में ऑटोफोकस के साथ 13MP का बैक कैमरा और वीडियो कॉलिंग व सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

इसके साथ ही Moto Pad 70 Pro में 10,200mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें Wi-Fi 7 और Bluetooth 6.0 का सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा USB 3.2 Gen 1 Type-C पोर्ट और gyroscope भी दिया गया है। इस टैबलेट का साइज 296.48 × 191.91 × 6.20mm है और इसका वजन लगभग 589gm है।

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Delhi New EV Policy Explainer: 1 जुलाई से दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी, टू-व्हीलर और बड़ी गाड़ियां खरीदने पर मिलेगी इतनी छूट, देखें लिस्ट

Delhi New EV Policy 2026 Subsidies: दिल्ली में रहने वालों और नई गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली कैबिनेट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में राज्य की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। यह नई पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रही है।

अगर आप टू-व्हीलर, ऑटो या कमर्शियल गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सरकार आपको भारी-भरकम छूट देने जा रही है। इस नीति को लागू करने के लिए सरकार करीब ₹7000 करोड़ खर्च करेगी और यह 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। आइए समझते हैं कि आपको किस गाड़ी पर कितनी छूट मिलेगी और कौन से नए नियम लागू होने जा रहे हैं।

गाड़ियों पर मिलने वाली सब्सिडी की पूरी लिस्ट

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर निहारिका के मुताबिक, नए नियमों के तहत अलग-अलग कैटेगरी की गाड़ियों पर मिलने वाली छूट और इंसेंटिव इस प्रकार हैं:

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (बाइक/स्कूटर): नया इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने पर अधिकतम ₹30000 तक की सीधी छूट यानी सब्सिडी मिलेगी।

इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा: तीन पहिया ऑटो खरीदने वाले ग्राहकों को ₹50000 तक का इंसेंटिव दिया जाएगा।

N1 इलेक्ट्रिक ट्रक्स (माल ढोने वाली गाड़ियां): बड़ी कमर्शियल गाड़ियों की खरीद पर सबसे ज्यादा ₹1 लाख तक की बड़ी छूट मिलेगी।

स्क्रैपिंग का एक्स्ट्रा फायदा: अगर आप अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को कबाड़ में देकर नई ईवी खरीदते हैं, तो आपको अलग से स्क्रैपिंग इंसेंटिव का लाभ भी दिया जाएगा।

टैक्स और रजिस्ट्रेशन में 100% की छूट, हाइब्रिड को झटका

अगर आप पूरी तरह से इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदते हैं, तो आपको दिल्ली सरकार की तरफ से रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की पूरी छूट मिलेगी। यानी सीधे तौर पर हजारों रुपये की एक्स्ट्रा बचत होगी।

हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि इस बार हाइब्रिड गाड़ियों पर किसी भी तरह की सब्सिडी या विशेष छूट का प्रावधान नहीं किया गया है। अच्छी बात यह है कि इस पॉलिसी में गाड़ियों की संख्या पर कोई लिमिट नहीं है, यानी एक खरीदार एक से ज्यादा ईवी खरीदने पर भी इन फायदों का लाभ उठा सकता है।

पेट्रोल-डीजल और CNG गाड़ियों पर कब से लगेगा बैन?

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गाड़ियों के नए रजिस्ट्रेशन को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है:

1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में सभी नए थ्री-व्हीलर्स (ऑटो) और N1 कैटेगरी के ट्रक्स का रजिस्ट्रेशन सिर्फ और सिर्फ EV के रूप में ही होगा।

1 अप्रैल 2028 से: दिल्ली में सभी नए टू-व्हीलर्स (बाइक और स्कूटर) का रजिस्ट्रेशन भी सिर्फ इलेक्ट्रिक वेरिएंट में ही किया जाएगा। यानी इसके बाद नए पेट्रोल स्कूटर नहीं खरीदे जा सकेंगे।

स्कूल बसों का इलेक्ट्रिफिकेशन: दिल्ली के स्कूलों में चलने वाली बसों के बेड़े को भी धीरे-धीरे चरणों में पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों में बदल दिया जाएगा।

23000 नए चार्जिंग पॉइंट्स और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर

पावर मिनिस्टर आशीष सूद के अनुसार, जैसे-जैसे दिल्ली में ईवी गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसी रफ्तार से बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रिड को भी मजबूत किया जाएगा ताकि पावर सप्लाई में कोई दिक्कत न आए। इस पूरी पॉलिसी की अवधि 2026 से 2030 के दौरान दिल्लीभर में 23000 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट्स लगाए जाएंगे ताकि लोगों को रेंज या चार्जिंग स्टेशन खोजने की चिंता न रहे।

कानपुर मंडल में अगले 24 घंटे बदलेगा मौसम, गरज-चमक और बारिश के आसार; भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

Kanpur Weather Forecast: भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे कानपुर मंडल के लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान कानपुर मंडल के सभी छह जिलों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को तेज धूप व लू से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।