फरियादियों से मिले CM योगी, कहा- समयसीमा में दिलाएं लोगों को न्याय

CM Yogi Adityanath Janata Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना। उनका प्रार्थना पत्र लिया और संबंधित अधिकारियों को देकर निर्देशित किया कि सभी लोगों की समस्याओं का समाधान तय समयसीमा के भीतर हो। इसके उपरांत पीड़ित पक्ष से बात कर उनकी संतुष्टि के बारे में जानकारी ली जाए। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप बेफिक्र होकर घर जाइए, हम हर मामले का उचित निस्तारण कराएंगे। 

आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी

बरेली से एक महिला ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने कैंसर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई और आर्थिक सहायता की मांग की। सीएम ने उनसे हॉस्पिटल का एस्टिमेट मांगा, जिसे वह तत्काल उपलब्ध न करा सकीं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट मंगवा लीजिए। आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने मरीज को एडमिट कराने और उनके समुचित इलाज के लिए भी निर्देशित किया। 

वादकारियों को समय से न्याय दिलाना सरकार की मंशा 

‘जनता दर्शन’ में राजस्व संबंधी मामले भी आए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इस पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। सीएम ने राजस्व मुकदमों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया। कहा कि इस पर जल्द निर्णय होने से वादकारियों को समय से राहत मिलती है। राजस्व से जुड़े अधिकारी समय से न्यायालय में बैठें। इस संबंध में निर्णय भी जल्द दें, क्योंकि ऐसा न होने से गरीब वादकारी अधिक प्रभावित होते हैं। वादकारियों को न्याय दिलाना सरकार की मंशा है। इसके अनुरूप राजस्व से जुड़े अधिकारी जरूरतमंदों को न्याय दिलाएं।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

अकाल तख्त का भगवंत मान सरकार को बड़ा अल्टीमेटम, 1 महीने में बेअदबी कानून बदलने का दिया आदेश

bhagwant mann

पंजाब की भगवंत मान सरकार के 9 मंत्री और 30 विधायक नंगे पांव श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे और बेअदबी कानून पर लिखित में अपना स्पष्‍टीकरण दिया। अकाल तख्त ने मान सरकार से एक माह में बेअदबी कानून में संशोधन करने को कहा। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की कार्यवाही का पहली बार सीधा प्रसारण भी किया गया। बताया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुरोध पर कार्यवाही का सीधा प्रसारण कराया गया। ALSO READ: कौन हैं रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा, जो हो सकते हैं राम मंदिर के CEO?

 

श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को पंजाब सरकार की ओर से पारित जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अकाल तख्त साहिब से पंजाब सरकार के सिख मंत्रियों, विधायकों तथा विधानसभा अध्यक्ष को एक माह का समय दिया गया है। इस अवधि के भीतर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दिए गए सुझावों के अनुरूप कानून में आवश्यक संशोधन करने के लिए कहा गया है।

 

अकाल तख्त के आदेश पर पंजाब सरकार के सभी सिख मंत्री और विधायक श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे थे। सभी अपने साथ लिखित स्पष्टीकरण भी लेकर आए, जिसे पांच सिंह साहिबानों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस दौरान कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और निर्दलीय विधायक भी मौजूद रहे। ALSO READ: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

 

निज्जर ने रखा सरकार का पक्ष

विधानसभा की सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब यह स्पष्ट करे कि अधिनियम में किन-किन प्रावधानों को शामिल किया जाना चाहिए। इस पर कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि कानून बनाना सरकार का अधिकार है, लेकिन धर्म से जुड़े किसी भी कानून में संशोधन या नया प्रावधान लाने से पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब से परामर्श करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में सिख संस्थाओं की राय को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

विपक्ष ने उठाए सवाल

विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जिस दिन यह विधेयक पारित हुआ था, उसी दिन उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया था कि पहले सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट सदन में रखी जानी चाहिए थी। उनका कहना था कि कमेटी कई महीनों से इस विषय पर काम कर रही थी, इसलिए उसकी सिफारिशों पर पहले चर्चा होनी चाहिए थी।

edited by : Nrapendra Gupta

‘मैं टूट चुका था’, बेन स्टोक्स ने संन्यास के कारण पर किया खुलासा

बेन स्टोक्स ने कहा है कि इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान के तौर पर बिताया गया उनका साढ़े चार साल का कार्यकाल उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान था, लेकिन इस जिम्मेदारी ने उन्हें भीतर तक थका दिया। पिछले ऐशेज दौरे में 4-1 की हार के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनके भीतर आगे लड़ते रहने की शक्ति नहीं बची है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक टेस्ट के चौथे दिन अपने संन्यास की घोषणा के बाद स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में स्टोक्स ने कहा कि यह एहसास उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट से पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक घटना का नतीजा नहीं था, बल्कि लंबे समय से जमा हो रही मानसिक और शारीरिक थकान का परिणाम था।

स्टोक्स ने कहा, “मैंने टीम की कप्तानी करते हुए मैदान पर बिताए हर पल का आनंद लिया। किसी खिलाड़ी के लिए अपने देश की कप्तानी करना सबसे बड़ा सम्मान होता है। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है जिसे लोग नहीं देख पाते। केवल आपके सबसे करीबी लोग ही समझ सकते हैं कि यह जिम्मेदारी आपको कितना थका देती है और कई बार नकारात्मक रूप से प्रभावित भी करती है। पिछले साढ़े चार सालों में मैंने हर पल का आनंद लिया, लेकिन कुछ पल दूसरों की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल थे।”

स्टोक्स ने स्वीकार किया कि इस पूरी गर्मियों में वह मानसिक रूप से संघर्ष कर रहे थे और लॉर्ड्स में मिली 115 रन की जीत के दौरान भी वह पूरी तरह सहज महसूस नहीं कर रहे थे।उन्होंने कहा, “लॉर्ड्स टेस्ट ने मेरे करियर से जुड़ी कई नकारात्मक यादें फिर से ताजा कर दीं।

ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने चीजों को सही करने के लिए बहुत मेहनत की। मुझे लगा कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं, लेकिन शायद मैंने खुद को ही थका दिया। जब मैं लॉर्ड्स टेस्ट के सप्ताह में पहुंचा तो मेरे भीतर एक अजीब सा एहसास था। मैंने स्वयं को पूरा मौका दिया कि शायद यह केवल एक अस्थायी दौर हो, लेकिन कुछ ठीक नहीं लग रहा था। कल जब मैं बल्लेबाजी के लिए पैड पहन रहा था, तभी मुझे महसूस हो गया कि यह आखिरी संकेत है।”

उन्होंने कहा, “मैंने कोशिश की लेकिन इस सप्ताह वैसा एहसास वापस नहीं आया। मैंने जीवन में कई कठिन दौर देखे हैं, लेकिन इस समय मुझे लगा कि मैं सिर्फ़ इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे खेलना चाहिए। यह फै़सला शायद थोड़ा स्वार्थी लगे, लेकिन इस समय मेरे लिए यही सबसे सही फै़सला है। मैं इस खेल से प्यार करता हूं और चाहता हूं कि वह प्यार बना रहे।”

अपने करियर में मैंने मैदान के भीतर और बाहर कई निराशाओं का सामना किया है और उनसे उबर भी गया हूं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में जो हुआ, उसके बाद भावनात्मक रूप से चीज़ें बदल गईं। मैंने अपनी पत्नी से कहा था कि मुझे नहीं लगता कि अब मेरे भीतर इससे उबरने की लड़ाई लड़ने की ताक़त बची है।”

35 वर्षीय स्टोक्स ने कहा , “यह खेल बहुत कठोर है, शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से। मैं 35 साल का हूं और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मुझे लगातार बहुत मेहनत करनी पड़ती है। सवाल यह था कि क्या मेरे भीतर वह लड़ाई अभी भी बची है? क्या मैं आगे भी उसी स्तर की मेहनत कर सकता हूं। भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक – हर पहलू ने मुझे इस फैसले की ओर धकेला।”

उन्होंने कहा, “अगर वह सीरीज का आखिरी मैच होता और हम ऐशेज जीत जाते तो वह और भी खास होता। फिर भी वह मेरी पसंदीदा पारियों में से एक रहेगी। मैं अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मैंने ऐशेज जीती है, वनडे विश्व कप और टी-20 विश्व कप जीता है, इंग्लैंड की कप्तानी की है और खेल के कुछ महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला है। शिकायत करने के लिए मेरे पास बहुत कुछ नहीं है।”

कौन हैं रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा, जो हो सकते हैं राम मंदिर के CEO?

who is IAS Yogeshwar Ram Mishra

who is IAS Yogeshwar Ram Mishra: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक फेरबदल और पारदर्शिता लाने की तैयारी चल रही है। एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट और संस्तुतियों के बाद तिरुपति बालाजी और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर राम मंदिर में भी एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि इस पद की दौड़ में कुछ और नाम भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और एक अन्य ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। 

 

इस रेस में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीनियर आईएएस (IAS) अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा का नाम सबसे आगे चल रहा है। आइए जानते हैं कि कौन हैं योगेश्वर राम मिश्रा और क्यों उन्हें इस बेहद जिम्मेदारी भरे पद के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। योगेश्वर राम मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर के 2005 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी रहे हैं। वे मूल रूप से प्रयागराज (इलाहाबाद) के रहने वाले हैं। वह प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (UP-PCS) से प्रमोट होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए थे और उन्हें उत्तर प्रदेश शासन में प्रशासनिक कार्यों का लंबा और गहरा अनुभव है। सबसे खास बात यह है कि उन्हें योगी सरकार का विश्वासपात्र अफसर माना जाता है। ALSO READ: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

अयोध्या से पुराना नाता

योगेश्वर राम मिश्रा अयोध्या के मिजाज और वहां की व्यवस्थाओं से भली-भांति वाकिफ हैं। वे जनवरी 2016 से मार्च 2016 के दौरान अयोध्या (तत्कालीन फैजाबाद) के जिलाधिकारी (DM) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे अपने सेवाकाल में वाराणसी (काशी), बाराबंकी और अयोध्या जैसे हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील जिलों में बतौर जिलाधिकारी (District Magistrate) तैनात रह चुके हैं। ALSO READ: अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने संवारा, आप पश्चाताप कर रामलला के दर्शन करिए : योगी आदित्यनाथ

 

वह विंध्याचल और देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) जैसे बड़े पदों पर भी काम कर चुके हैं और विंध्य कॉरिडोर के कामों को पूरा कराने का श्रेय भी उन्हें जाता है।  इसके अलावा वह 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग' (UPPSC) में सदस्य (प्रशासनिक) की भूमिका भी निभा चुके हैं। विंध्याचल मंडल के कमिश्नर रहे हैं 

क्यों हो रही है इनके नाम की चर्चा?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद मंदिर की वित्तीय व्यवस्था और आंतरिक प्रबंधन में पारदर्शिता लाना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में योगेश्वर राम मिश्रा का नाम सामने आने के पीछे मुख्य वजह यह है कि उन्हें धार्मिक नगरियों के प्रबंधन का पुराना अनुभव है। वाराणसी और अयोध्या जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में काम करने के कारण वे संतों, स्थानीय परंपराओं और श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को गहराई से समझते हैं। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर घोटाला, करोड़ों की चोरी से लेकर इस्तीफों और गिरफ्तारियों तक की पूरी टाइमलाइन

बेदाग और कड़क छवि

प्रशासनिक हलकों में उनकी छवि एक सुलझे हुए और नियमों के पाबंद अधिकारी की रही है। बड़े प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों को लागू करने में उन्हें माहिर माना जाता है। अयोध्या में पूर्व में डीएम रहने के कारण वहां के स्थानीय प्रशासन, पुलिस और काफी हद तक संत समाज में भी उनकी जान-पहचान और स्वीकार्यता है। हालांकि राम मंदिर के सीईओ के रूप में योगेश्वर राम मिश्रा के अलावा पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी और डॉ. अनिल पाठक जैसे कद्दावर नामों की भी चर्चा है।

क्या है चुनौतियां?

कानूनी जानकारों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वर्तमान नियमों में 'सीईओ' का कोई पद नहीं है। ऐसे में इस पद को सृजित करने के लिए पहले ट्रस्ट के बायलॉज (नियमों) में संशोधन करना होगा। यदि सरकार और ट्रस्ट किसी प्रशासनिक अधिकारी को कमान सौंपने का अंतिम फैसला लेते हैं, तो योगेश्वर राम मिश्रा अपनी वरिष्ठता और अनुभव के कारण इस पद के लिए सबसे मजबूत और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकते हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

New VinFast electric scooter patented in India

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We had earlier reported that VinFast is looking to enter the electric two-wheeler market in India with some e-scooters it sells in its home market of Vietnam. The company has now filed a design patent for a sporty-looking electric scooter in our market, which resembles the Viper it sells overseas, although there are some nuanced differences between the two.

  1. Design resembles that of the Viper, sold overseas
  2. This could also be an updated version of the Viper

Like the Viper, this new VinFast scooter shown in the patent image has angular styling and runs on chunky tyres shod on large rims, presumably 14-inchers. In fact, there are some elements on this scooter that are either remarkably close or in some cases even identical to the Viper such as the tapered handlebar, mirrors, flush mount pillion footpegs, the angular tail section, five-spoke alloy wheel design and some mechanical elements like the hub-mounted motor and front disc brake.

VinFast Viper front right side static in studio
VinFast Viper image used for representative purposes only.

However, there are some visual differences, notably to the front of the scooter. Where the Viper uses a single-piece angular headlight, this new scooter has a twin-pod headlight setup. While its overall silhouette is similar to the Viper, most body panels are now more rounded than the Viper’s rather angular ones. This overarching similarity between both scooters also presents the possibility that the one featured in the design patent could be a facelifted or updated version of the Viper, although that remains to be confirmed.

While specifications for this new model are under wraps, the current-gen Viper listed on VinFast’s Vietnamese website has a 4.8kWh battery capacity, which sends power to a 3kW motor.

The company has previously stated that it is working on new India-specific electric scooters and this could be one of them. However, when VinFast will make its first electric scooter launch in India India is still unknown.

 

भोपाल में HIV पॉजिटिव युवक ने 50 से ज्‍यादा लोगों को जाल में फंसाकर बांटा मौत का वायरस, चौंकाने वाला खुलासा

HIV positive bhopal

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक HIV पॉजिटिव युवक ने कथित तौर पर जानबूझकर 50 से ज्यादा लोगों को इस जानलेवा वायरस से संक्रमित कर दिया। जब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और युवक से ऐसा करने की वजह पूछी गई, तो पुलिस से लेकर डॉक्टर तक सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। युवक की इस हैरान कर देने वाली करतूत के पीछे जो 'वजह' सामने आई है, वह न सिर्फ चौंकाने वाली है बल्कि समाज के बदलते और डरावने चेहरे को भी बयां करती है..

भोपाल पुलिस ने Katara Hills Case में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच में आरोपी HIV Positive पाया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई लोगों को संक्रमित करने की कोशिश करने की बात कही है। इसके बाद पूरे भोपाल में हडकंप मचा है। जो लोग उससे मिले थे वो भी घबराए हुए हैं।

पुलिस के मुताबिकएक युवक की संदिग्ध मौत के मामले की जांच के दौरान आरोपी तक पहुंचा गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

बता दें कि भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार 28 वर्षीय आरोपी HIV पॉजिटिव पाया गया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह पिछले कुछ सालों में 50 से अधिक लोगों को जबरन शारीरिक संबंध बनाकर संक्रमित कर चुका था।

हत्‍या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी : पुलिस ने 24 मई को कटारा हिल्स में मिले एक फैक्ट्री वर्कर (मंडीदीप निवासी) के शव के मामले में आरोपी को पकड़ा था। पीड़ित द्वारा अप्राकृतिक संबंध बनाने से इनकार करने और पुलिस में शिकायत करने की धमकी देने पर आरोपी ने पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस हिरासत में मेडिकल जांच के दौरान आरोपी HIV पॉजिटिव निकला और 2022 से सरकारी अस्पताल में इसका इलाज (ART) चल रहा था। आरोपी ने कबूल किया कि वह लोगों को जानबूझकर संक्रमित करना चाहता था। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब उसके संपर्क में आए अन्य लोगों (contacts) की पहचान करने में जुटी है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Share Market Today: 3 दिनों की छुट्टी के बाद बाजार का बुरा हाल! निफ्टी 24,000 के नीचे

share market 19 march

Stock Market Update Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स में 400 से अधिक गिरावट आई है जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,000 अंक से नीचे आ गया। बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। 

 

3 दिन की छुट्‍टी के बाद आज सुबह भारतीय शेयर बाजार में उत्साह दिखाई दिया। मंगलवार को दोहा में अमेरिका ईरान वार्ता से पहले आज सुबह शुरुआती कारोबार में निफ्टी 24,000 के पार था। सुबह 11:05 बजे सेंसेक्स 59 अंक बढ़कर 77159 पर था। निफ्टी भी 26 अंक बढ़कर 24082 पर था। हालांकि मुनाफावसूली की वजह से शेयर बाजार में जमकर बिकवाली हुई। देखते ही देखते 2:30 सेंसेक्स 373 अंक गिरकर 76728 पर आ गया वहीं निफ्टी भी 107 अंकों की गिरावट के साथ 23949 पर पहुंच गया।

 

इन शेयरों में भारी उठा पटक

सन फार्मा, पावरग्रिड, ट्रेंट, इटरनल और एनटीपीसी के शेयरों में तेजी रही तो कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, रिलायंस और एसबीआई लाल निशान में दिखाई दिए।

 

इससे पहले गुरुवार, 25 जून को बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 34 अंक की बढ़त रही, ये 24,056 पर बंद हुआ।

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

edited by : Nrapendra Gupta

चंपावत में CSR के अंतर्गत MRI मशीन का लोकार्पण

Dhami

Uttarakhand Healthcare Upgrade: उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद चंपावत में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए CSR के अंतर्गत ICICI फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित अत्याधुनिक MRI मशीन का लोकार्पण किया। इससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुलभ और समय पर जांच की सुविधा मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि जनपद में लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा 11.71 करोड़ रुपए की लागत से डायग्नोस्टिक विंग, ऑपरेशन थिएटर एवं पार्किंग का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं और सशक्त होंगी।

इस दौरान माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, भाजपा के प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा समेत अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

टपकेश्वर महादेव एक पावन स्थल

एक अन्य पोस्ट में मुख्‍यमंत्री धामी ने कहा- देहरादून में स्थित भगवान शिव को समर्पित टपकेश्वर महादेव मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। प्राकृतिक गुफा में स्थापित शिवलिंग पर निरंतर टपकती जलधारा इस पावन स्थल की विशिष्ट पहचान है। देहरादून आगमन पर इस पावन मंदिर के दर्शन कर इसकी दिव्यता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव अवश्य करें।

Edited by: Vrijendra singh Jhala 

CM डॉ. मोहन यादव की राज्यपाल से मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, कई मंत्रियों की होगी छुट्टी !

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में मोहन कैबिनेट के विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अचानक लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने को भी कैबिनेट के संभावित विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी से जुड़े सूत्र बताते है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के बीच अंतिम दौर की चर्चा हो चुकी है। 

हलांकि राज्यपाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज लोक भवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल को प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर 9 लाख से अधिक प्राप्त सुझावों, व्यापक जनसमर्थन एवं आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्यपाल के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन, गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा में प्रस्तावित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, 4 कृषि उपजों को प्राप्त जीआई टैग से किसानों को मिलने वाले लाभ, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न प्रयासों एवं उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई।
 
कैबिनेट विस्तार की क्यों लग रही अटकलें?- मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के ढ़ाई साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अब पहले कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट विस्तार के संकेत दे चुके है। शनिवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिल स्टेशन बैतूल के कुकरु में पहुंचे तो इसके विस्तार से पहले मंथन से जोड़कर देखा गया। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ होने से इन संभावनाओं को और बल मिल गया है।
 
आधा दर्जन नए चेहरों को मिलेगी एंट्री!- वर्तमान में मोहन कैबिनेट में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 31 सदस्य हैं। चूंकि विधानसभा की सदस्य संख्या के मुताबिक राज्य में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए इस समय चार पद पूरी तरह खाली हैं। ऐसे में मोहन सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में इन खाली पदों को भरने के साथ नॉन परफॉर्मर मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। कैबिनेट विस्तार में  4 से 6 मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और 7 से 8 नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार का मुख्य आधार मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और उनका रिपोर्ट कार्ड होने वाला है।
 
क्षेत्रीय और जातिगण समीकरण साधने की कवायद-मोहन सरकार का यह कैबिनेट विस्तार ऐसे समय होने जा रहा है, जब सरकार के ढाई साल पूरे हो चुकी है और अब सरकार और पार्टी 2027 में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत और 2028 के  विधानसभा चुनाव की तैयारियों में  जुट गई है। कैबिनेट विस्तार में पूरा फोकस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने और आगामी नगरीय निकाय व 2028 के चुनावों के लिए जातिगत समीकरण साधने पर है।  
 
कैबिनेट विस्तार में कई सीनियर मंत्रियों के साथ विवादों में रहने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। पहली बाहर विधायक के साथ मंत्री बने चेहरों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। वहीं कैबिनेट महिला प्रतिनिधित्व को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। महिला वोट बैंक और क्षेत्रीय समीकरण को साधने के लिए अर्चना चिटनीस को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता  है। इसके साथ ही रीति पाठक भी दावेदार है। वहीं कैबिनेट में मौजूदा महिला चेहरे राज्यसभा मंत्री राधा सिंह और प्रतिमा बागरी की छुटटी हो सकती है।
 
इसके साथ  सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र की नाराजगी दूर करने के लिए सागर, दमोह या पन्ना क्षेत्र के वरिष्ठ विधायकों को जगह मिल सकती है। इसमें सागर के आने  वाले पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ पन्ना से आने वाले पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की दोबारा सरकार में एंट्री हो सकती है। इसके साथ जातिगत समीकरण साधने के लिए सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी की दोबारा सरकार में एंट्री हो सकती है।