12वीं के वेदांत के आरोपों पर CBSE का बड़ा जवाब, फिजिक्स में 9 अंक बढ़ने का बताया पूरा कारण

ये मामला तब सामने आया जब छात्र वेदांत ने आरोप लगाया कि Central Board of Secondary Education (CBSE) की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान उन्हें उनकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका के बजाय किसी अन्य छात्र की कॉपी दिखाई गई। इस दावे के बाद परीक्षा प्रणाली और विशेष रूप से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे। वेदांत का कहना था कि जब उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका देखी, तो उसमें दी गई हैंडराइटिंग और उत्तर उनके अपने नहीं थे, जिससे पूरे मूल्यांकन पर संदेह पैदा हुआ। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया और छात्रों ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

बाद में बोर्ड की ओर से प्रक्रिया की समीक्षा और सुधार की बात सामने आई। यह घटना डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में संभावित तकनीकी या प्रक्रियागत खामियों को उजागर करती है, जिस पर अब व्यापक बहस चल रही है।

बोर्ड ने मानी गलती, फिर बदली कॉपी

मामला बढ़ने पर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। इसके बाद CBSE ने माना कि पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया में गलती से उत्तर पुस्तिकाएं बदल गई थीं। बोर्ड ने सुधार करते हुए वेदांत को उनकी असली फिजिक्स आंसर शीट उपलब्ध कराई।

नंबरों में हुआ बदलाव, लेकिन उम्मीद अधूरी

सही कॉपी मिलने के बाद वेदांत के फिजिक्स में 65 से 74 अंक कर दिए गए। लेकिन उनका मानना था कि कुछ और जवाबों में भी अंक बढ़ने चाहिए थे। उन्होंने फिर से रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिले।

सोशल मीडिया पर वेदांत की सफाई

वेदांत ने X पर साफ किया कि जो अतिरिक्त अंक मिले, वे कॉपी बदलने के कारण नहीं थे। उनके अनुसार मैथ्स में 1 अंक और कंप्यूटर साइंस में 1 अंक बढ़ा, जबकि फिजिक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ।

CBSE की डिजिटल प्रणाली पर सवाल

यह घटना CBSE की डिजिटल एग्जामिनेशन और OSM सिस्टम को लेकर सबसे चर्चित मामलों में से एक बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल लगभग 1.6 लाख छात्रों ने वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया, जिसमें लाखों कॉपियों की जांच हुई।

छात्रों की शिकायतें और बढ़ती चिंता

कई छात्रों ने धुंधली कॉपियों, गायब पेज और गलत मिलान जैसी समस्याएं बताईं। कुछ छात्रों के नंबर रिवैल्यूएशन के बाद काफी बढ़ भी गए। वहीं, कई अभी भी अपने अपडेटेड रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे एडमिशन प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कहा कि उनके साथ भी ऐसी ही समस्या हुई, जबकि कुछ ने रिवैल्यूएशन प्रक्रिया की स्पीड और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं, वेदांत ने कहा कि रिजल्ट आ जाने से उन्हें राहत जरूर मिली है।

1 जुलाई 2026 से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर! फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट

New Financial Rules From 1 July: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आती है। ठीक इसी तरह 1 जुलाई 2026 से भी देश में पैसों से जुड़े कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड यूजर्स और पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा।

एक तरफ जहां पासपोर्ट बनवाना अब काफी महंगा होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक (RBI) बैंकों की मनमानी और गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने पर सख्त एक्शन की तैयारी में है। आइए समझते हैं कि 1 जुलाई से कौन से 6 बड़े वित्तीय बदलाव होने जा रहे हैं।

1. ITR Filing: आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन नजदीक

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आप इस डेडलाइन को मिस करते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस और पेनाल्टी भरनी होगी, बल्कि आप अपनी पसंद का टैक्स रिजीम चुनने और पुराने नुकसान को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका भी गंवा बैठेंगे।

2. Aadhaar Update: आधार में ईमेल अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। 1 जुलाई से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए रजिस्टर्ड ईमेल आईडी अपडेट करने की ₹75 की फीस को पूरी तरह माफ कर दिया है। यह विशेष सुविधा अगले 6 महीनों के लिए यानी 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, डिजिटल अपडेट को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

3. Credit Card Rules: एसबीआई और एचडीएफसी कार्ड यूजर्स को झटका

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 1 जुलाई से दो बड़े बदलाव हो रहे हैं:

SBI Card: एसबीआई कार्ड अपने कुछ चुनिंदा ‘PhonePe SBI Credit Cards’ जैसे- PURPLE और SELECT BLACK के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम में संशोधन कर रहा है। नए नियमों के तहत रिवॉर्ड पॉइंट अर्निंग की सीमा तय की जा रही है और कुछ ट्रांजैक्शंस को इस लिस्ट से बाहर किया जा रहा है।

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को अब हर तिमाही में 3 मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस तभी मिलेंगे, जब उन्होंने पिछली तिमाही में कम से कम ₹60000 खर्च किए हों। उदाहरण के लिए, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में लाउंज का फायदा लेने के लिए आपको अप्रैल-जून 2026 के बीच ₹60000 खर्च करना जरूरी था।

4. Passport Fees: अब जेब करनी होगी ज्यादा ढीली, बढ़ गए दाम

अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो 1 जुलाई से आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत फीस में बढ़ोतरी कर दी है:

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज): इसकी फीस ₹1500 से बढ़कर अब ₹2500 हो गई है।

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज): तत्काल पॉलिसी के तहत अब आपको ₹3500 की जगह ₹5000 देने होंगे।

60 पेज का पासपोर्ट: साधारण के लिए फीस ₹3500 और तत्काल के लिए ₹6000 तय की गई है।

5. RBI New Rules: बैंकों की मनमानी खत्म, ‘मिस-सेलिंग’ पर मिलेगा पूरा रिफंड

बैंक ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 1 जुलाई 2026 से ‘रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट’ के तहत नया सख्त ढांचा लागू कर रहा है। अक्सर बैंक कर्मचारी या एजेंट ग्राहकों को बिना बताए या गुमराह करके इंश्योरेंस पॉलिसी या अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेच देते थे।

नए नियम के मुताबिक, अगर मिस-सेलिंग साबित होती है, तो बैंक को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा और साथ ही नुकसान के लिए मुआवजा भी देना होगा। इस नियम के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों को झांसा देने वाले ‘डार्क पैटर्न्स’ पर भी रोक लगेगी।

मौत के सेल्फी पॉइंट! इंदौर के वॉटरफॉल्स पर 5 साल में 66 मौतें, ‘डेथ जोन’ में नो एंट्री पर रोक नहीं लगा पा रही पुलिस

Picnic water fall death

इंदौर। मानसून की दस्तक के साथ ही इंदौर और उसके आसपास के खूबसूरत वॉटरफॉल्स पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है, लेकिन यह रोमांच जरा सी लापरवाही के चलते काल के गाल में समाने का सबब बन रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों में इंदौर के आसपास के पिकनिक स्पॉट्स पर कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें मरने वालों में सबसे ज्यादा तादाद नौजवानों की है। पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही तमाम कोशिशों और सख्ती के बावजूद हादसों के इस सिलसिले पर लगाम नहीं लग पा रही है।

चोरल फॉल में टला बड़ा हादसा : हालिया मामला इसी रविवार का है, जहां चोरल फॉल के झरने में नहाने गए तीन युवक अचानक डूबने लगे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और सूझबूझ से तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

युवाओं में बढ़ता जानलेवा क्रेज : खतरनाक रास्तों और गहरे पानी के बावजूद युवा वर्ग इन वॉटरफॉल्स पर जोखिम उठाने से बाज नहीं आ रहा है। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी बोर्ड लगाने और पुलिस बल तैनात करने के बाद भी लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में उतर रहे हैं, जो सीधे तौर पर हादसों को आमंत्रण दे रहा है।

ये आंकड़े डरावने हैं : इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 से लेकर 23 जून 2026 के बीच ग्रामीण इलाकों में स्थित पिकनिक स्पॉट्स पर हादसों के चलते कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है। इन डराने वाले आंकड़ों के सामने आने के कुछ ही दिन पहले जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई अत्यधिक जोखिम वाले और सुनसान पर्यटन स्थलों पर आम जनता के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

Picnic water fall death

पिकनिक स्‍पॉट पर 5 साल में 66 मौतें

  • 2022 में 9 लोगों की मौत
  • 2023 में 17 लोगों ने गंवाई जान
  • 2024 में 14 नौजवनों की मौत
  • 2025 में भी 14 लोग हादसे का शिकार
  • 2026 में अब तक 12 लोगों की मौत

ऐसे साल दर साल हो रही मौतें : आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इन पिकनिक स्थलों पर होने वाली मौतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। साल 2022 में जहां हादसों में 9 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2023 में यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 17 पर पहुंच गया। इसके बाद साल 2024 और 2025 में भी स्थिति गंभीर बनी रही और दोनों सालों में 14-14 लोगों ने अपनी जान गंवाई। चालू वर्ष 2026 में भी केवल 23 जून तक ही 12 लोगों की मौत पानी में डूबने या अन्य हादसों के कारण हो चुकी है।

कौन कौन से इलाके हैं खतरनाक : पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ग्रामीण इंदौर के बड़गोंदा और सिमरोल थाना क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरनाक है, यहां कुल मौतों के आधे से अधिक मामले दर्ज किए गए। वहीं, बड़गोंदा का बामनिया कुंड सबसे खतरनाक माना जा रहा है, जहां सबसे ज्‍यादा मौतें हुईं। इसके बाद सिमरोल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जैसे टिंचा फॉल्स, जूनापानी, लोधिया कुंड, चोरल और रोशियाबाबा दरगाह कुंड में सबसे ज्यादा हादसे दर्ज किए गए हैं।

पिकनिक स्‍पॉट पर सुरक्षा के क्‍या साधन होना चाहिए /
वॉटरफॉल्स और नदी-झरनों जैसे पिकनिक स्पॉट्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि लोग एडवेंचर का आनंद भी ले सकें और किसी की जान भी जोखिम में न पड़े। ऐसे स्थानों पर मुख्य रूप से निम्नलिखित सुरक्षा साधन और व्यवस्थाएं होनी चाहिए:

1. प्राथमिक और तात्कालिक सुरक्षा उपकरण (Immediate Rescue Gear)
लाइफ बॉय रिंग्स (Lifebuoy Rings) और ट्यूब्स: पानी के किनारे निश्चित दूरी पर हवा भरे हुए लाइफ बॉय तैरते होने चाहिए, जिन्हें डूबते हुए व्यक्ति की तरफ तुरंत फेंका जा सके।

लाइफ जैकेट्स (Life Jackets): गहरे पानी या बोटिंग वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होनी चाहिए।

लंबी और मजबूत रस्सियाँ (Rescue Ropes): तेज बहाव में किसी को खींचने के लिए घाटों और किनारों पर भारी-भरकम रस्सियों की उपलब्धता जरूरी है।

2. मानव संसाधन और निगरानी (Human Resource & Surveillance)
सर्टिफाइड लाइफगार्ड्स (Lifeguards): पानी के संवेदनशील और गहरे पॉइंट्स पर कुशल गोताखोरों और लाइफगार्ड्स की तैनाती 24 घंटे (विशेषकर मानसून में) होनी चाहिए।

सुरक्षा गार्ड और पुलिस चौकी: हुड़दंग मचाने वाले, शराब पीकर पानी में उतरने वाले या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को रोकने के लिए पुलिस या निजी गार्ड्स की गश्त जरूरी है।

CCTV कैमरे: पूरे पिकनिक स्पॉट और मुख्य झरनों की निगरानी के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे होने चाहिए ताकि कंट्रोल रूम से नजर रखी जा सके।

3. चेतावनी और सूचना तंत्र (Warning & Communication System)
डेंजर साइन बोर्ड (Danger/Caution Boards): गहरे पानी, फिसलन भरी चट्टानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों (No Go Zones) के पास स्पष्ट अक्षरों और स्थानीय भाषा में 'खतरा' दर्शाने वाले बोर्ड होने चाहिए।

लाउडस्पीकर/पब्लिक एड्रेस सिस्टम: अचानक पानी बढ़ने (फ्लैश फ्लड) या मौसम खराब होने पर पर्यटकों को तुरंत सतर्क करने के लिए अनाउंसमेंट सिस्टम होना चाहिए।

रेड फ्लैग्स (लाल झंडे): जो हिस्से सबसे ज्यादा खतरनाक या गहरे हैं, उन्हें लाल झंडे या फ्लोटिंग बैरिकेड्स (रस्सी और ड्रम की मदद से) लगाकर अलग किया जाना चाहिए।

4. मेडिकल और आपातकालीन सुविधाएं (Medical & Emergency Support)
फर्स्ट-एड किट (First-Aid Station): डूबने से बचे व्यक्ति को तुरंत सीपीआर (CPR) देने, ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार के लिए एक मेडिकल बूथ होना चाहिए।

इमरजेंसी एम्बुलेंस: किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के लिए मौके पर या बहुत पास में एक एम्बुलेंस तैनात होनी चाहिए।

5. बुनियादी ढांचागत सुरक्षा (Infrastructure Safety)
रेलिंग और बैरिकेडिंग: झरनों के व्यू-पॉइंट्स और ऊंचे पहाड़ी रास्तों पर मजबूत लोहे की रेलिंग होनी चाहिए ताकि कोई पैर फिसलने से सीधे नीचे न गिरे।

एंटी-स्लिप वॉकवे: पानी के पास जाने वाले रास्तों पर ऐसी टाइल्स या खुरदरी सतह होनी चाहिए जिससे काई (Algae) जमने पर भी पैर न फिसले।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

Uttarakhand Fish: उत्तराखंड की ट्राउट मछलियों की 5 टन की खेप पहली बार पहुंची नेपाल, किसान हुए मालामाल

Uttarakhand Fish: उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखते हुए नया इतिहास रच दिया है। राज्य गठन के बाद पहली बार पिथौरागढ़ जिले की तीन मत्स्य सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित 5 मीट्रिक टन मछली का नेपाल को निर्यात किया गया है। इस पहल से 33 मत्स्य पालकों को सीधे आर्थिक लाभ मिला है। सरकार अब 30 मीट्रिक टन मछली के अन्य देशों में निर्यात की तैयारी कर रही है।

यह उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे राज्य के मछली पालकों की आय बढ़ेगी, निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मत्स्य पालन क्षेत्र को बड़ी सफलता

उत्तराखंड सरकार की पहल से राज्य के मत्स्य पालन क्षेत्र को बड़ी सफलता मिली है। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य सहकारी समितियों द्वारा तैयार की गई 5 मीट्रिक टन मछली को पहली बार इंटरनेशनल मार्केट में भेजा गया। इस खेप को कोल्ड-चेन व्यवस्था के तहत गुजरात के वेरावल ले जाया गया, जहां प्रोसेसिंग के बाद इसे नेपाल निर्यात किया गया।

23.50 लाख रुपये की हुई कमाई

मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इसे राज्य के मत्स्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्यात से जुड़े 33 मत्स्य पालकों को करीब 23.50 लाख रुपये की आय हुई है। एक्सपोर्ट प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए मत्स्य विभाग ने मछली की कटाई, पैकेजिंग और परिवहन पर 5.40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई।

30 मीट्रिक टन मछली के निर्यात की तैयारी

मंत्री ने बताया कि दुबई में आयोजित ‘गल्फ फूड एक्सपो’ के दौरान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से बने संपर्कों का परिणाम अब सामने आने लगा है। विभाग यूरोप, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में भी उत्तराखंड की मछली के निर्यात की संभावनाएं तलाश रहा है। जल्द ही लगभग 30 मीट्रिक टन मछली के निर्यात की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव मत्स्य क्षेत्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन रोजगार का नया माध्यम बनकर उभरा है। साल 2024 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (Indo-Tibetan Border Police) के साथ ट्राउट मछली की आपूर्ति के लिए हुए समझौते के तहत अब तक 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है। , इसकी कीमत लगभग 2.10 करोड़ रुपये है।

मत्स्य पालकों की संख्या में भारी इजाफा

उत्तराखंड में मत्स्य पालकों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2022 में जहां मत्स्य पालकों की संख्या 10,011 थी। वहीं अब यह बढ़कर 15,657 हो गई है। इनमें 3,584 महिला मत्स्य पालक भी शामिल हैं। मछली उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर 2012-17 के दौरान 2 प्रतिशत थी, जो 2022-26 के दौरान बढ़कर 11 फीसदी हो गई है।

11,805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन

वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड में 11,805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 165 करोड़ रुपये रहा। वहीं, मत्स्य विभाग का बजट भी 2021-22 के 55.76 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 261.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

लोगों को मिला रोजगार

पिछले चार वर्षों में मत्स्य क्षेत्र में 5,646 लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। जबकि मत्स्य विभाग में 33 नियमित नियुक्तियां भी की गई हैं। सरकार का मानना है कि न्यू ट्राउट प्रमोशन स्कीम और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी योजनाएं मत्स्य क्षेत्र में बदलाव की बड़ी वजह बनी हैं। इन योजनाओं के चलते मत्स्य पालन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बन गया है। यह ग्रामीण आजीविका और रोजगार को नई मजबूती दे रहा है।

ऐतिहासिक उपलब्धि की बड़ी बातें

  • यूपी से अलग होकर राज्य बनने के बाद पहली बार उत्तराखंड में उत्पादित मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात हुआ।
  • नेपाल को 5 मीट्रिक टन मछली निर्यात की गई।
  • यह निर्यात उत्तराखंड के पिथोरागढ़ जिले की तीन मत्स्य सहकारी समितियों द्वारा किया गया।

किसानों को हुआ बंपर लाभ

  • इस निर्यात से 33 मछली पालकों को सीधा लाभ मिला।
  • उन्हें लगभग ₹23.5 लाख की आय हुई।
  • राज्य सरकार ने कटाई, पैकेजिंग और परिवहन के लिए ₹5.40 लाख की सहायता (Gap Funding) दी।

निर्यात की प्रक्रिया

  • मछली को कोल्ड-चेन के माध्यम से वेरावल ले जाया गया।
  • वहां प्रोसेसिंग के बाद इसे नेपाल के बाजार में निर्यात किया गया।

आगे की योजना

  • उत्तराखंड सरकार जल्द ही लगभग 30 मीट्रिक टन मछली का निर्यात अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करने की तैयारी कर रही है।
  • यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी निर्यात के अवसर तलाशे जा रहे हैं।

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2026 MotoGP: Ogura scores maiden win in Assen as Martin now leads championship

Ai Ogura after his win at the Assen MotoGP race in 2026

The 2026 MotoGP race at the Assen circuit was a momentous one for several reasons. Some of the noteworthy reasons were that Ai Ogura became the first Japanese racer in 22 years to score a win, Jorge Martin now leads the championship after his teammate, Marco Bezzecchi’s, fast crash in the opening laps and both Pedro Acosta as well as Francesco Bagnaia were forced to retire from inside the top six for different issues.

  1. Bezzecchi loses title lead to Martin after fast crash
  2. Ogura now just 25 points behind championship leader Martin
  3. Alex Marquez finishes a strong P5 despite not being fully fit yet

Ogura’s recent strong form puts him fourth in the standings

Ai Ogura’s maiden win was looming large of late, with a string of strong results in the buildup to the Assen MotoGP round. While Ogura didn’t have a strong start and was trailing the Aprilia trio and a couple of Ducatis in the opening stages, the usually stronger-as-the-race-wears-on Japanese rider started dispensing every one of the racers ahead of him.

Ogura had a near 3-second gap to Raul Fernandez and Jorge Martin ahead of him once he dispensed with the Ducatis of Marc Marquez and Fabio Di Giannantonio but he put his head down and chased down the Aprilia duo. Not only did he overtake both Martin and Fernandez quickly once he was on their tail, he finished the race over 2s ahead of his teammate.

With his recent run of strong performances, Ogura has now climbed to fourth position in the standings and is just 25 points behind leader Martin. With how close the gap is to the top, don’t count him out of the title fight.

Bezzecchi’s crash gives his teammate the championship lead

Marco Bezzecchi’s title lead was already cut drastically last time around after he had to sit out the Czech MotoGP race after an altercation with a trackside official. He was looking to recoup some lost points in Assen but in the opening rounds, he found himself behind all his fellow Aprilia racers as well as Marc Marquez. At T15, Bezzecchi tucked the front while trailing Marquez and this was the third Sunday in a row where he would score zero points. If Bezzecchi is to remount a serious title bid, his consistency will need some serious improvement.

Acosta and Bagnaia suffer DNFs

Pedro Acosta was once again top KTM rider and was hot on the heels of the factory Ducati duo of Marc Marquez and Francesco Bagnaia but suddenly he ran wide and his right hand seemed to be waving in the air. Post-race the Spaniard confirmed that it was not a technical issue with his KTM (as it usually has been of late) but was a problem he described as Carpal Tunnel Syndrome, which causes him to lose sensation in a few fingers of his right hand. Acosta is slated to undergo surgery for this before the next round at the Sachsenring in Germany in two weeks’ time.

Bagnaia, on the other hand, did suffer a technical issue on his Ducati and was forced to retire from a top six position. The Italian has been demonstrating strong form of late and were it not for this problem, he could have finished in the top five, if not higher.

Diggia and Marquez duel it out in the closing stages

While the podium places were already spoken for by the three remaining Aprilias, the battle for fourth position was still very much on between Marc Marquez and Fabio Di Giannantonio. In his first attempt, ‘Diggia’ lunged on the inside of Marquez at the final chicane forcing the latter into the gravel trap and also running off-track in the process. He was swiftly handed a long lap penalty for this manoeuvre and served his punishment dropping down to P6 post that. However, he had a strong pace with a few laps to go and he again managed to close down the gap to Marquez. In his second attempt at the very same corner, the VR46 Ducati rider managed to make it a clean move and secured a P4 finish.

Marc himself had to drop a position post race because in the closing stages, his tussle with Tech3 KTM rider, Enea Bastianini, saw him exceed track limits, handing P6 to the latter.

Finishing a super fifth in the main race was a still recovering Alex Marquez who is still not fully fit after his crash just a few weeks ago, which saw him fracture one of his vertebrae!

2026 MotoGP standings

A factory Aprilia rider still leads the championship, but it is now Jorge Martin that’s at the top of that pile. However, he is just 7 points ahead of teammate Bezzecchi. In third place overall is the dark horse in this championship – VR46 Ducati’s consistent Fabio Di Giannantonio. With his maiden win and string of good performances of late, Ai Ogura is now fourth in the standings, ahead of Marc Marquez. The next race will be held at a Marquez stronghold, the Sachsenring in Germany, on July 12.

2026 Assen MotoGP results

Position

Rider

Team

1

Ai Ogura

Trackhouse Aprilia

2

Raul Fernandez

Trackhouse Aprilia

3

Jorge Martin

Aprilia

4

Fabio Di Giannantonio

VR46 Ducati

5

Alex Marquez

Gresini Ducati

6

Enea Bastianini

Tech3 KTM

7

Marc Marquez

Ducati

8

Fabio Quartararo

Yamaha

9

Alex Rins

Yamaha

10

Luca Marini

Honda

11

Brad Binder

KTM

12

Jack Miller

Pramac Yamaha

13

Maverick Vinales

Tech3 KTM

14

Diogo Moreira

LCR Honda

15

Augusto Fernandez

Yamaha

16

Cal Crutchlow

LCR Honda

NC

Pedro Acosta

KTM

NC

Francesco Bagnaia

Ducati

NC

Marco Bezzecchi

Aprilia

NC

Joan Mir

Honda

NC

Franco Morbidelli

VR46 Ducati

NC

Toprak Razgatlioglu

Pramac Yamaha

पुणे कोर्ट का बड़ा फैसला: मासूम से दरिंदगी और हत्या के दोषी भीमराव कांबले को फांसी

fansi

नसरापुर में साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुणे की विशेष अदालत ने आरोपी भीमराव कांबले को भारतीय न्याय संहिता (BJS) और पॉक्सो (POCSO) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

 

पुलिस द्वारा तेजी से जांच पूरी करने के बाद अदालत ने रिकॉर्ड समय के भीतर अपना निर्णय दिया। मामले में दोषसिद्धि के लिए सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ ही गवाहों के बयानों का उपयोग किया गया था। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को फांसी की सजा दी।

 

दुर्लभ से दुर्लभतम मामला

विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने इस अपराध को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) श्रेणी का बताया। सरकारी वकील ने दावा किया कि आरोपी में भविष्य में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत मासूम बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।

 

इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हुआ है कि बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और आरोपी ने अत्यंत क्रूरता से बच्ची को मौत के घाट उतारा। सरकारी वकील ने बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत की तुलना में 'निर्भया मामले' का उदाहरण भी दिया।

 

पुख्ता सबूतों के आधार पर सजा

अदालत ने आरोपी के खिलाफ सभी सबूतों को बेहद ठोस और मजबूत माना। जांच के दौरान पुलिस द्वारा जुटाए गए निम्नलिखित सबूतों के कारण आरोपी का अपराध साबित हुआ, जिसके बाद अदालत ने उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई।

edited by : Nrapendra Gupta

स्मृति और जेमीमा की धीमी पारी से कप्तान और फैंस नाराज, हारने की बड़ी वजह

स्मृति मंधाना और जेमीमा रॉड्रिगेस बहुत अच्छी सहेलियां है लेकिन इन दो सहलियों की धीमी पारी ने भारत को टी-20 विश्वकप से बाहर का रास्ता दिखाने में अहम भूमिका निभाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्मृति मंधाना ने 6 चौकों की मदद से 37 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं जेमीमा ने 28 गेंदों में एक चौका और छक्का लगाकर 34 रन बनाए। इसमें से एक चौका शुरुआत में और छक्का पारी के अंत में आया। इनकी धीमी बल्लेबाजी से ना केवल फैंस बल्कि कप्तान हरमनप्रीत कौर नाराज है जिन्होंने प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया।

कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद महिला टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद रविवार को कहा कि भारतीय टीम अपने स्तर की क्रिकेट नहीं खेल सकी और अब पुनर्विचार का समय आ गया है।हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा ,‘‘ हम कुछ समय तक मैच में थे लेकिन अपने स्तर का खेल नहीं दिखा सके। एक ईकाई के रूप में हमें कई चीजों पर विचार करना होगा।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा स्कोर ठीक ठाक था। एक समय हमें लगा कि हम कुछ पीछे रह गए हैं लेकिन आखिरी ओवर में मैने भरपाई की। लेकिन हम अच्छा नहीं खेले। आस्ट्रेलिया ने उम्दा गेंदबाजी की। पूरे टूर्नामेंट में अच्छी टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा।’’

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए।ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग ने भी भारत का सहयोग किया वर्ना स्कोर 170 की जगह 155 के करीब रह सकता था।भारत ने आखिरी दो ओवरों में 36 रन ठोके और 170 रन का स्कोर खड़ा किया।हालांकि हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ।

‘हमें Gautam Gambhir को कोच नहीं बना रहे!’ Ireland से हार पर Iceland Cricket का जहरीला तंज

Ireland के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद Team India की जमकर आलोचना हो रही है। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Iceland Cricket के उस पोस्ट की हो रही है, जिसमें उसने भारत के हेड कोच Gautam Gambhir पर तंज कस उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया।

 

Iceland Cricket ने Gambhir पर कसा करारा तंज

 

Ireland के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के कुछ ही घंटों बाद Iceland Cricket ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया।

 

पोस्ट में लिखा गया कि,

 

“हम पुष्टि करते हैं कि हम Gautam Gambhir को अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल नहीं करना चाहते। इतनी मजबूत भारतीय टीम के साथ Ireland में ऐसे नतीजे हासिल करना सचमुच एक 'असाधारण प्रतिभा' का काम है।” (We can confirm that we do not wish to add Gautam Gambhir to our coaching staff. He clearly has talent, though. To take those Indian players and deliver those results in Ireland takes truly remarkable gifts,” )

यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गया और हजारों क्रिकेट फैंस ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। Iceland Cricket पहले भी अपने मजाकिया और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स के लिए दुनियाभर में चर्चा बटोर चुका है।

 

तीन साल बाद टूटा Team India का विजयी सिलसिला

 

Gautam Gambhir के कोच बनने के बाद Team India ने लगातार कई टी20 सीरीज अपने नाम की थीं। श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था।

 

लेकिन Ireland दौरा भारतीय टीम के लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ। कप्तान Shreyas Iyer की अगुआई में भारत दोनों मुकाबले हार गया और Ireland ने इतिहास रचते हुए पहली बार Team India के खिलाफ टी20 सीरीज जीत ली।

 

पहले मुकाबले में Ireland ने 34 रन से जीत दर्ज की, जबकि दूसरा मैच बेहद रोमांचक रहा, जहां मेजबान टीम ने एक रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

बल्लेबाजों का फ्लॉप शो बना हार की सबसे बड़ी वजह

 

इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। कप्तान Shreyas Iyer, Sanju Samson, Ishan Kishan और Abhishek Sharma जैसे बड़े नाम लगातार रन बनाने में नाकाम रहे।

 

गेंदबाजों ने दोनों मैचों में संघर्ष जरूर किया, लेकिन बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करने और बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रहे। यही वजह रही कि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम सीरीज बचाने में भी नाकाम रही।

 

Sanjay Manjrekar ने भी उठाए टीम चयन पर सवाल

 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने भी टीम कॉम्बिनेशन पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि Team India को जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडर्स खिलाने के बजाय मिडिल ऑर्डर में एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को मौका देना चाहिए।

 

उन्होंने युवा बल्लेबाज Shubman Gill का नाम लेते हुए कहा कि विदेशी परिस्थितियों में उनकी तकनीक भारतीय टीम के काफी काम आ सकती है और भविष्य में उन्हें फिर से टी20 टीम में अहम भूमिका मिल सकती है।

 

अब England दौरे पर होगी अग्निपरीक्षा

 

Ireland में मिली हार के बाद अब Team India की नजर England के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर होगी। यह सीरीज 1 जुलाई से शुरू होगी और भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका होगी।

 

साथ ही, 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को भी इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। Ireland सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था, लेकिन लगातार हार के बाद टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा सकता है।

 

अब देखना दिलचस्प होगा कि Team India England के खिलाफ वापसी कर पाती है या आलोचनाओं का दौर और लंबा चलता है।

₹10000 की मंथली SIP से बने ₹1.78 करोड़! टाटा के इस फंड ने 22 साल में बदल दी निवेशकों की किस्मत

Tata Value Fund 22 Years Completion: अगर आप म्यूचुअल फंड में लॉन्ग-टर्म निवेश की ताकत को समझना चाहते हैं, तो टाटा एसेट मैनेजमेंट का ‘टाटा वैल्यू फंड’ इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। 29 जून 2026 को इस ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम ने अपनी लॉन्चिंग के शानदार 22 साल पूरे कर लिए हैं। इस फंड को 29 जून 2004 को लॉन्च किया गया था।

फंड के जून 2026 के प्रोडक्ट नोट के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस स्कीम की शुरुआत से ही इसमें भरोसा जताया, वे आज करोड़पति बन चुके हैं। आइए समझते हैं कि इस वैल्यू फंड ने निवेशकों को कैसा रिटर्न दिया है और इसका मौजूदा पोर्टफोलियो कैसा है।

SIP रिटर्न का जादू: ₹26.3 लाख का निवेश बना ₹1.78 करोड़

टाटा वैल्यू फंड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, स्कीम की शुरुआत से लेकर अब तक के रिटर्न इस प्रकार हैं:

मंथली SIP का कमाल: अगर किसी निवेशक ने जून 2004 में ₹10000 प्रति महीने की SIP शुरू की होती, तो 31 मई 2026 तक उसका कुल निवेश ₹26.3 लाख होता। आज इसकी वैल्यू बढ़कर करीब ₹1.78 करोड़ हो चुकी है। इस लिहाज से फंड ने शुरुआत से अब तक 15.07% का सालाना एसआईपी रिटर्न दिया है।

लंप सम निवेश की ताकत: अगर किसी निवेशक ने लॉन्चिंग के समय इस फंड में सिर्फ ₹10000 एकमुश्त डाले होते, तो आज वह रकम बढ़कर करीब ₹3.39 लाख हो चुकी होती। यह 17.44% का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्शाता है।

बेंचमार्क के मुकाबले कैसा रहा प्रदर्शन?

पिछले 22 सालों में इस फंड ने देश के प्रमुख इंडेक्स को कड़ी टक्कर दी है:

  • Tata Value Fund (लम्प-सम): 17.44% CAGR
  • Nifty 500 TRI: 15.50% CAGR
  • Nifty 50 TRI: 14.74% CAGR

फंड साइज और कहां हो रहा है आपका पैसा निवेश?

31 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, टाटा वैल्यू फंड कुल ₹8345.8 करोड़ के एसेट्स (AUM) का प्रबंधन कर रहा है और इसके पोर्टफोलियो में 44 स्टॉक्स शामिल हैं। फंड का झुकाव बड़े शेयरों यानी Large-Caps की तरफ ज्यादा है:

  • लार्ज-कैप: 62% एलोकेशन
  • मिड-कैप: 26% एलोकेशन
  • स्मॉल-कैप: 10% एलोकेशन

फंड इस समय बेंचमार्क के मुकाबले फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑयल एंड गैस, पावर और FMCG सेक्टर पर ज्यादा भरोसा जता रहा है। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाई जा रही है।

पोर्टफोलियो में नए शेयरों की एंट्री और किसकी हुई छुट्टी?

मार्च से मई 2026 के बीच फंड मैनेजर ने अपने पोर्टफोलियो में कई बड़े बदलाव किए हैं:

इन शेयरों की हुई एंट्री: प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, अडाणी पावर, अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स।

इन शेयरों से बनाया फासला: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, विप्रो और एसीसी।

फंड मैनेजर: इस फंड की कमान सोनम उदासी के हाथों में है, जो अप्रैल 2016 से लगातार इस स्कीम को मैनेज कर रहे हैं।

शॉर्ट-टर्म पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर

लंबी अवधि के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद, हालिया मार्केट वोलेटिलिटी के कारण इसका शॉर्ट-टर्म रिटर्न मिला-जुला रहा है। 31 मई 2026 को समाप्त हुए एक साल की अवधि में इस स्कीम ने 0.05% का मामूली निगेटिव रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी-500 TRI ने 0.28% का रिटर्न दिया है।

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फंड हाउस का मानना है कि मौजूदा बाजार उन कंपनियों को पसंद कर रहा है जहां अर्निंग विजिबिलिटी साफ है। ऐसे में पोर्टफोलियो का फोकस ‘क्वालिटी और कंसिस्टेंट कंपाउंडिंग’ पर है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और इसमें कोई गारंटीड रिटर्न नहीं मिलता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming Triumph Bonneville 400 seen testing

Triumph Bonneville 400 rear tracking shot

The Triumph Bonneville 400 has been spotted testing on our roads once again. The latest images show what appears to be a near-production-ready test mule, offering the clearest look yet at the motorcycle’s styling and key hardware ahead of its expected launch.

  1. Will use Triumph’s 349cc engine shared with the rest of the ‘400’ range
  2. Gets wire-spoke wheels and twin rear shock absorbers
  3. Noticeably larger and bulkier than the Speed 400

Triumph Bonneville 400: What we know so far

The Bonneville 400 appears to be much more than a retro-styled Speed 400

When the Triumph Bonneville 400 was first spotted testing earlier this year, it was clear this wouldn’t simply be a Speed 400 with a few retro styling cues. Subsequent sightings confirmed that the bike rides on a revised chassis with a new swingarm and redesigned rear subframe to accommodate its flat, bench-style seat. Together, these changes give the bike a more authentic Bonneville silhouette and proportions closer to rivals like the Royal Enfield Classic 350.

The bike is noticeably larger and bulkier than the Speed 400, with a bigger fuel tank, longer and more rounded side panels, and chunkier front and rear fenders that give it greater road presence. Earlier test mules featured chrome-finished engine covers, grab rails and exhaust, while this latest example wears a blacked-out finish for all three. This suggests Triumph is evaluating multiple variants, much like the larger Bonneville T120, which is offered in both standard and T120 Black guises.

Mechanically, the Bonneville 400 is expected to use the same 349cc liquid-cooled single-cylinder engine as the rest of Triumph’s India-built 400 range, albeit likely in a more relaxed state of tune to suit its laid-back modern-classic character. Triumph has also stayed true to the Bonneville formula by equipping the bike with a conventional telescopic fork, twin rear shock absorbers and wire-spoke wheels – a notable departure from the USD fork and alloy wheels found on the Speed 400.

While Triumph is yet to announce an official launch date, the company had earlier indicated that the Bonneville 400 would arrive in the second half of the year.