अमरनाथ यात्रा 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में हुई प्रथम पूजा, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सबसे पहले किए दर्शन

amarnath first puja

Amarnath Yatra 2026 : जयेष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा को इस बार भी पवित्र गुफा में आयोजित किया गया। 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से पहले सोमवार को पवित्र में प्रथम पूजा की गई। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने सबसे पहले अमरनाथ गुफा के दर्शन किए और विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की। ALSO READ: गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है। लेकिन परंपरा के अनुसार यात्रा शुरू होने से पहले अमरनाथ गुफा में एक विशेष पूजा अर्चना की गई। इस पूजा में जम्मू कश्मीर के उपराजपाल मनोज सिन्हा और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सभी बड़े अधिकारी मौजूद थे। सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य, प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई।

 

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को पवित्र अमरनाथ गुफा में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रथम पूजा कर वार्षिक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा बर्फानी से देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना की। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा में आतंक के साथ मौसम भी चुनौती, यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हाईटेक डॉप्लर रडार
 

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षाबल, स्थानीय लोग, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी समन्वय भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। सभी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और यादगार यात्रा का अनुभव कराना है।

 

उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा के लिए आधारभूत ढांचे और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों के सहयोग से प्रशासन पूरी तरह तैयार है और बाबा अमरनाथ के भक्तों के स्वागत के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

 

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने पर जोर देते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और सुरक्षा प्रदान करने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। प्रथम पूजा के बाद एलजी ने कहा कि मैं बाबा बर्फानी के सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि वे पवित्र यात्रा के लिए बड़ी संख्या में आएं और महादेव से जम्मू-कश्मीर और देश की प्रगति के लिए प्रार्थना करें।

 

एसएएसबी और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार किया है। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, सीएपीएफ ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वर्ष 2019 में इसे जम्मू में संपन्न किया गया था पर जबकि वर्ष 2022 से इसे पवित्र गुफा में ही संपन्न किया जा रहा था।
 

अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, अमरनाथ गुफा में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा हुई। साधु-संत व विद्वानों ने हवन और आरती कर पवित्र हिमलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की। हालांकि वर्ष 2024 में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम पूजा की थी।

 

कोरोना काल से पहले प्रथम पूजा चंदनबाड़ी में की जाती थी लेकिन कोरोना के कारण उपजे हालात में वर्ष 2019 में इसे जम्मू में संपन्न करवाया गया था तो वर्ष 2020 में यात्रा रद्द होने के बावजूद गुफा में। पवित्र गुफा से सुबह व शाम को आरती का सीधा प्रसारण भी करवाने का फैसला किया गया है।

 

इस अवसर पर उप राज्यपाल ने कहा कि दुनिया भर के लाखों भक्तों के लिए बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की तीर्थ यात्रा जीवन भर का सपना होती है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के सफल संचालन के लिए स्थानीय निवासियों का अत्यधिक योगदान है।

 

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शिवभक्तों को बेधड़क होकर अमरनाथ की यात्रा में शामिल होने का न्यौता देते हुए कहा कि सुरक्षा का त्रिस्तरीय प्रबंध हैं। यह यात्रा कश्मीरियत का प्रतीक है। यह कश्मीर के लिए सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व नहीं रखती, बल्कि यह स्थानीय अर्थ व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।

तीन लाख परिवार इससे प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से आजीविका कमाते हैं। कश्मीर में सुधरते हालात कुछ लोगों को रास नहीं आते और वह यहां हालात बिगाड़ने की हरकते करते हैं, लेकिन किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। यह बाबा भोले की यात्रा है और बाबा भोले की कृपा से सुरक्षित, शांत और विश्वासपूर्ण वातावरण में ही संपन्न होगी।

edited by : Nrapendra Gupta

Hero Xoom 125 Adventure design patented

Xoom 125 design patent sketch

Hero MotoCorp has filed a design patent in India for what appears to be the Xoom 125 Adventure – the adventure-styled derivative of the Xoom 125 scooter that the company first showcased as a concept at EICMA 2024.

  1. First shown at EICMA 2024 alongside the Xoom 160 Adventure concept
  2. Concept featured knobby tyres and crash protection
  3. Expected to be mechanically identical to the standard Xoom 125

Hero Xoom 125 Adventure details

Its overall silhouette closely follows that of the EICMA 2024 concept

The patent drawings closely mirror the Xoom 125 Adventure concept unveiled at EICMA 2024. The most notable visual changes over the standard Xoom 125 include a raised front fender, crash protection around the sides of the front apron, a small flyscreen and knuckle guards. The concept also featured knobby tyres wrapped around the same 14-inch alloy wheels as the standard Xoom 125. Together, these additions give the scooter a more purposeful, adventure-inspired appearance.

The seat profile also appears slightly more aggressive, with a more pronounced distinction between the rider and pillion sections. However, we’ll have to wait until the production model is revealed to confirm whether this design makes it to the final version.

Mechanically, the Xoom 125 Adventure is expected to carry over the standard Xoom 125’s 124cc air-cooled engine producing 9.9hp and 10.4Nm, along with its fully digital instrument cluster with Bluetooth connectivity and navigation.

While filing a design patent does not necessarily confirm an imminent launch, the relatively minor nature of the changes over the already established standard Xoom 125 means a production version cannot be ruled out.

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी का स्टॉक 10% टूटा, जानिए किस वजह से आई इतनी बड़ी गिरावट

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies India के शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 10% तक टूट गए। इसकी वजह कंपनी का फंड जुटाने की योजना रही।

शेयर कारोबार के दौरान 4,450 रुपये तक गिर गया। आखिर में यह 9.34% की गिरावट के साथ 4,482 रुपये पर बंद हुआ।

1 जुलाई को होगी बोर्ड बैठक

Netweb Technologies ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 1 जुलाई को बोर्ड की बैठक होगी। इस बैठक में एक या एक से ज्यादा फंड जुटाने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने पर बोर्ड इन्हें आगे बढ़ा सकता है।

कैसे जुटाया जा सकता है फंड?

Netweb Technologies इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, कन्वर्टिबल या नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर, वारंट या दूसरे इक्विटी लिंक्ड सिक्योरिटीज जारी कर फंड जुटा सकती है। जरूरत के हिसाब से इनमें से एक या एक से ज्यादा विकल्प अपनाए जा सकते हैं।

कई रास्तों पर विचार

Netweb Technologies ने कहा कि फंड जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), प्राइवेट प्लेसमेंट, फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO), राइट्स इश्यू या कानून के तहत उपलब्ध किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी, तो इस प्रस्ताव में ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल किया जा सकता है।

Netweb के शेयरों का हाल

Netweb का शेयर सोमवार 9.34% की गिरकर 4,482 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 45.58% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 142% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.52 हजार करोड़ रुपये है।

Netweb का बिजनेस

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और AI सर्वर बनाने वाली कंपनी है। यह डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस भी देती है। कंपनी सरकारी संस्थानों, रिसर्च संगठनों और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए सुपरकंप्यूटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

राम मंदिर चंदा मामले के आरोपी का पक्ष रखने वाले वकील पर ₹5 लाख का लगेगा जुर्माना! चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ने की मांग

Ram Temple Donation Row: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में वकीलों ने सोमवार (29 जून) को राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अदालत में पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। यह ऐलान बार एसोसिएशन फैजाबाद की एक बैठक के बाद किया गया। सोमवार को बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने यह भी तय किया कि अगर उसका कोई सदस्य राम मंदिर मामले के आरोपियों का मामला अदालत में लड़ने की कोशिश करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने जोरदार मांग की है कि मंदिर मैनेजमेंट से जुड़े रहे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ये तीनों तीन दिन के भीतर शहर से बाहर नहीं गए, तो पूरे अयोध्या शहर की घेराबंदी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी अयोध्या के अंदर आने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा, “कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। अगर कोई वकील उनका पक्ष रखता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे।”

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ने की मांग

उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से आगे कहा, “चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए CrPC की धारा 173 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। CBI जांच की मांग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी।”

अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में गिरफ़्तार आरोपियों का मुकदमा न लड़ने के अपने एक ऐतिहासिक फैसले को दोहराया। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने 2005 में भी ऐसा ही फैसला लिया था, जब राम जन्मभूमि परिसर पर आतंकवादी हमले के आरोपियों को फैज़ाबाद कोर्ट में पेश किया गया था।

‘सभी की भावनाएं आहत हुई हैं’

बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “मंदिर के चढ़ावे की चोरी से हम सभी की भावनाएं आहत हुई हैं। फैजाबाद के वकील गिरफ्तार आरोपियों की ओर से मुकदमा नहीं लड़ने पर सहमत हो गए हैं। इस मामले में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और बार की आम सभा ने फैसला लिया है। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।”

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वहीं, कालिका मिश्रा ने रविवार को कहा था कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले के आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का अंतिम निर्णय सोमवार को प्रस्तावित संगठन की आम बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने बताया था कि साल 2005 में भी अयोध्या के वकीलों ने ऐसा ही निर्णय लिया था जब राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकवादी हमले के आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला किया गया था।

8 आरोपी गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रविवार को पुलिस टीमों ने सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ तलाशी भी ली।

आरोपियों ने मीडिया से बनाई दूरी

पीटीआई ने बार-बार चंपत राय और अनिल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। हालांकि, अनिल मिश्रा के बेटे रवि मिश्रा ने पीटीआई से कहा कि उनके पिता दोषी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच चल रही है और इससे सच सामने आएगा।

रवि ने कहा, “मेरे पिता को मंदिर की जिम्मेदारी दी गई है और वह वहां दिन-रात काम कर रहे हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या परिवार में राम मंदिर में फंड के गबन के बारे में कोई चर्चा हुई, तो रवि ने कहा, “हम घर पर मंदिर के मामलों पर चर्चा नहीं करते, हम सिर्फ़ परिवार के मामलों पर बात करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने पिता को अच्छी तरह जानता हूं, वह कभी ऐसी चीजों में शामिल नहीं होंगे। अगर कोई उन पर आरोप लगा रहा है, तो लगाने दें, हम क्या कर सकते हैं, हम हर किसी के मुंह पर ताला तो नहीं लगा सकते।”

मीडिया कवरेज पर रोक

इस बीच, सोमवार सुबह राम मंदिर के मुख्य एंट्री गेट के बाहर मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी गई। मंदिर परिसर के बाहर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राम मंदिर के एंट्री गेट पर तैनात पुलिस बल को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से आदेश दिया गया था कि किसी भी मीडियाकर्मी को राम मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं फिल्मिंग करने या उनसे बातचीत करने की अनुमति नहीं है।

Aluminium Prices: स्क्रैप सप्लाई बढ़ने से गिरेगी एल्युमिनियम की कीमतें, InCred का अनुमान $2,400–2,700 तक जा सकता है भाव

Aluminium Prices: ज्यादातर एनालिस्ट को उम्मीद है कि लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमिनियम की कीमतें लगभग $3,200–3,300 प्रति टन रहेगी। लेकिन InCred रिसर्च सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड सतीश कुमार को उम्मीद है कि कीमतें गिरकर $2,400–2,700 प्रति टन पर आ जाएंगी।

CNBC TV18 से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हाल की तेजी ज्यादातर प्राइमरी एल्युमिनियम मार्केट की वजह से आई है, लेकिन रीसायकल किए गए मेटल या स्क्रैप की बढ़ती उपलब्धता से कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि “कुल एल्युमिनियम सप्लाई में स्क्रैप का हिस्सा लगभग 32 से 33% होता है और इसलिए यह बहुत जरूरी भूमिका निभाता है।” “जब भी एल्युमिनियम की कीमतें बढ़ेंगी, तो आप देखेंगे कि 6 महीने बाद मार्केट में स्क्रैप की बाढ़ आ जाएगी, और यह असल में एक बैलेंस बनाने वाले फैक्टर का काम करता है।”

उन्हें उम्मीद है कि रिसाइकल किया गया एल्युमीनियम, नवीन फ्लोरीन का एक बड़ा हिस्सा पूरा करेगा, जिससे नई कैपेसिटी की जरूरत कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि चीन ने पहले ही अपनी प्राइमरी एल्युमीनियम कैपेसिटी 45 ​​मिलियन टन पर लिमिट कर दी है, जबकि वह घरेलू रीसाइक्लिंग और इंपोर्ट के जरिए स्क्रैप का इस्तेमाल बढ़ा रहा है।

उनका अनुमान है कि अकेले प्राइमरी एल्युमीनियम का मार्केट थोड़ा कमजोर रहेगा, जिसकी डिमांड लगभग 75 मिलियन टन सप्लाई से ज्यादा होगी। लेकिन एक बार रीसायकल किया गया स्क्रैप जुड़ने के बाद दुनिया भर में एल्युमीनियम की कुल डिमांड और सप्लाई बढ़कर लगभग 105–107 मिलियन टन हो जाती है, जिससे पूरा मार्केट मेटल की कमी के बजाय मोटे तौर पर बैलेंस्ड हो जाता है।

कुमार ने कहा, “प्राइमरी मेटल ठीक लग रहा है। मार्केट में कमी है, लेकिन अगर हम स्क्रैप को भी ध्यान में रखें तो मुझे यह एक बैलेंस्ड सिनेरियो जैसा लग रहा है।”

एल्युमीनियम की कीमतों में तेज करेक्शन से प्रोड्यूसर्स की कमाई पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनियों की वैल्यूएशन अभी इस उम्मीद में की जा रही है कि एल्युमीनियम की कीमतें $3,500 प्रति टन के आसपास रहेंगी। अगर कीमतें उनके टारगेट के करीब आती हैं तो कमाई का अनुमान और वैल्यूएशन दबाव में आ सकते हैं, हालांकि उन्होंने अपनी ऑफिशियल कवरेज वाली कंपनियों पर कोई कमेंट नहीं किया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

पर्यावरण संरक्षण को नई गति, योगी सरकार ने इको क्लब्स के लिए जारी की 65.64 करोड़ की लिमिट

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Yogi Government Eco Clubs: योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को नई गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में समग्र शिक्षा अंतर्गत 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' की गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु लगभग ₹65.64 करोड़ (₹6563.95 लाख) की लिमिट जारी कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों को ₹5,000 प्रति विद्यालय की दर से लिमिट उपलब्ध कराई जाएगी।

 

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, सहायक लेखा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिला समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि जारी की गई लिमिट का तीन दिन के भीतर विद्यालयों को हस्तांतरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही इको क्लब्स के उद्देश्य, गठन, अधिसूचना, कार्य एवं दायित्व, मासिक गतिविधि कैलेंडर तथा सुझावात्मक गतिविधियों के अनुरूप समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए। 

निर्धारित मदों में होगा लिमिट का उपयोग

प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराई गई ₹5,000 की लिमिट का उपयोग निर्धारित मदों में किया जाएगा। इसमें इको क्लब की गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण, कम्पोस्ट निर्माण, आवश्यक शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अन्य गतिविधियां शामिल हैं। विद्यालयों को निर्धारित वित्तीय मानकों का पालन करते हुए व्यय करना होगा तथा सभी खर्च के अभिलेख सुरक्षित रखना होगा।

अभिभावकों, स्थानीय निकायों तथा समुदाय की भागीदारी पर विशेष बल

योगी सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावकों, स्थानीय निकायों तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को विद्यालय परिसर से बाहर समाज तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। सभी विद्यालयों को इको क्लब गठन, गतिविधियों, फोटो, वीडियो तथा प्रगति रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला स्तर के अधिकारी नियमित समीक्षा करेंगे।

प्रत्येक विद्यालय में गठित होगा इको क्लब

निर्देशों के अनुसार सभी पात्र प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ का गठन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक क्लब के संरक्षक होंगे, जबकि एक शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को क्लब से जोड़कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। क्लब की अधिसूचना जारी होगी, उसका पंजीकरण निर्धारित पोर्टल पर कराया जाएगा तथा विद्यालय स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक गतिविधि का अभिलेखीकरण और समय-समय पर उसकी समीक्षा भी की जाएगी।

मिशन लाइफ के सात विषयों पर होगा विशेष फोकस

इको क्लब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (मिशन लाइफ) के सात प्रमुख विषयों से जोड़ा जाएगा। इनमें स्वस्थ एवं सतत जीवनशैली अपनाना, टिकाऊ खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देना, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कचरा कम करना एवं पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना शामिल है। उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देना है।

मासिक कैलेंडर के अनुसार चलेंगी गतिविधियां

आदेश के साथ जुलाई से मार्च तक का विस्तृत गतिविधि कैलेंडर भी साझा किया गया है। जुलाई में पौधरोपण एवं हरित परिसर, अगस्त में किचन गार्डन और कम्पोस्ट निर्माण, सितंबर में ई-वेस्ट प्रबंधन, अक्टूबर में कचरा पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण, नवंबर में ऊर्जा संरक्षण, दिसंबर में जल संरक्षण, जनवरी में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा फरवरी और मार्च में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण एवं विश्व जल दिवस से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त पोस्टर, निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, रैली, शपथ, प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों तथा समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त गतिविधियां भी आयोजित कर सकेंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

62 की उम्र में भी गजब की फिटनेस! न जिम, न भारी वर्कआउट, फिर भी सबको चौंका रही है इस शख्स की लाइफस्टाइल

फिट रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना या महंगे सप्लीमेंट लेना ही जरूरी हो, ऐसा नहीं है। कई बार छोटी-छोटी रोजमर्रा की आदतें भी उम्र बढ़ने के बावजूद शरीर को चुस्त और स्वस्थ बनाए रख सकती हैं। इसका उदाहरण चेन्नई के 62 वर्षीय एक शख्स हैं, जिन्होंने अपनी सादगी भरी लाइफस्टाइल और आसान फिटनेस रूटीन से लोगों का ध्यान खींचा है। उनकी फिट बॉडी देखकर कई लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन उनकी दिनचर्या किसी प्रोफेशनल एथलीट जैसी नहीं है। न वह भारी वर्कआउट करते हैं और न ही किसी फैंसी डाइट को फॉलो करते हैं।

उनका मानना है कि नियमित व्यायाम, घर का साधारण खाना और अनुशासित दिनचर्या ही लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे आसान तरीका है। उनकी यही सोच अब सोशल मीडिया पर लोगों को फिटनेस का नया नजरिया दे रही है।

न वेट ट्रेनिंग, न घंटों जिम… फिर भी कमाल की फिटनेस

जब उनसे उनकी फिटनेस का राज पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह जिम जाकर भारी वजन नहीं उठाते। उनकी सुबह हल्की स्ट्रेचिंग से शुरू होती है, जबकि शाम को वह बैडमिंटन खेलते हैं। उनका कहना है कि शरीर को रोज एक्टिव रखना सबसे जरूरी है। दिलचस्प बात यह रही कि जब उनकी फिट बॉडी की तारीफ की गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें खुद नहीं पता था कि लोग उन्हें इतना फिट मानते हैं।

घर का खाना ही है सबसे बड़ा सुपरफूड

उनकी डाइट बेहद साधारण है। सुबह नाश्ते में 3 इडली, अंडे का सफेद हिस्सा और सलाद खाते हैं। बीच में भूना चना लेते हैं। दोपहर में चपाती, दही-चावल और सब्जियां खाते हैं। रात के खाने में चपाती, सब्जियां, चना और काली दाल शामिल होती है। खास बात यह है कि उन्होंने चावल और रोटी जैसे कार्बोहाइड्रेट को अपनी डाइट से बाहर नहीं किया है।

कम नींद, लेकिन पक्की दिनचर्या

वह रोज करीब 6 घंटे की नींद लेते हैं। हालांकि आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है, लेकिन उनका कहना है कि नियमित दिनचर्या और एक्टिव लाइफस्टाइल उन्हें पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखती है।

फिट रहने का आसान मंत्र

उनका मानना है कि रोज थोड़ा पसीना बहाना जरूरी है। इसके लिए दौड़ना, तेज चलना, बैडमिंटन या कोई भी पसंदीदा खेल खेला जा सकता है। साथ ही उन्होंने जंक फूड से दूरी बनाने और घर का ताजा खाना खाने की सलाह दी। उनके अनुसार अच्छी दिनचर्या, संतुलित भोजन और नियमित गतिविधियां कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती हैं।

डिस्क्लेमर : यह जानकारी एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है। स्वास्थ्य, व्यायाम या आहार से जुड़ा कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

वीडियो बनाने का बहुत शौक है, भोले सिंह को नहीं जानते… कानपुर में फॉर्च्युनर सवार युवकों ने पुलिस को धमकाया

कानपुर के ग्रीनपार्क चौराहे पर फार्च्युनर सवार युवकों ने बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद उसकी पिटाई की और कार में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। लोगों और यातायात पुलिस ने युवक को बचाया। वीडियो बना रहे पुलिसकर्मी को भी धमकी दी गई। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान कर रही है।

CBSE Class 9 three language formula: 10वीं के छात्रों को 3 भाषा व्यवस्था से इस साल मिली छूट, 9वीं के छात्र पढ़ सकते हैं दो विदेशी भाषाएं

CBSE 3 language policy: सीबीएसई बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से 9वीं और 10वीं कक्षा में 3 भाषा व्यवस्था लागू करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके तहत इस साल 10वीं कक्षा के छात्रों को 3 भाषा पढ़ने के नियम में छूट देने का फैसला किया गया है। वहीं, 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बार की राहत देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कहा है कि इन्हें 3 भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन ये छात्र दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा पढ़ सकते हैं।

बता दें, 15 मई को सीबीएसई बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 1 जुलाई से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाओं समेत तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। बोर्ड के इस आदेश के खिलाफ कई छात्रों और अभिभावकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अब बोर्ड ने अपनी 3 भाषा नीति में राहत देने का फैसला करते हुए नया दिशा-निर्देश जारी किया है।

सीबीएसई बोर्ड के अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने कहा, “10वीं कक्षा के मौजूदा बैच को 3 भाषा नीति नहीं माननी होगी। कक्षा 7-9 के मौजूदा बैच को 10वीं कक्षा में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी।” उन्होंने कहा, “एक बार की छूट के तौर पर, जो स्टूडेंट्स 2026-27 के दौरान पहले से ही 9वीं कक्षा में हैं, वे दो विदेशी (नॉन-नेटिव) भाषाए जारी रख सकते हैं और उन्हें तीसरी भाषा के तौर पर एक भारतीय भाषा जोड़नी होगी।”

इससे पहले सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को 27 मई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और चेन्नई के 19 अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा दायर की गई लीड पिटीशन में तर्क दिया गया था कि 15 मई के सर्कुलर ने सीबीएसई की बताई गई बात को अचानक बदल दिया, जिससे एकेडमिक प्लानिंग में रुकावट आई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने पॉलिसी को चुनौती देने वाली पिटीशन की जांच करने पर सहमति जताई। बेंच ने सवाल किया कि क्या स्कूलों के पास काफी किताबें, टीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर है, और कहा कि ऐसा लगता है कि “मुश्किल, असुविधा और लॉजिस्टिक सपोर्ट के मुद्दे” हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। मामले की सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी।

अप्रैल में, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से 3-भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और 9वीं कक्षा के लिए गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की थी। इसके तहत गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों स्टैंडर्ड और एडवांस्ड स्तर में पढ़ाया जाएगा।

इसके तहत सभी छात्र 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे। हालांकि, जो छात्र अधिक दक्षता हासिल करना चाहते हैं, वे एडवांस्ड स्तर की परीक्षा भी दे सकेंगे। सीबीएसई ने कहा था कि नयी व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा वर्ष 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए होगी।

हालांकि, 15 मई को बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थी ऐसा तभी कर सकेंगे, जब वे कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर चुके हों। ऐसे में विदेशी भाषा या तो तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकेगी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ी जा सकेगी।

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बहन और दृष्टिहीन भाई से धोखाधड़ी: सौतेले भाई पर पुश्तैनी जमीन बेचने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस

FIR Jjyoti

इंदौर। शहर के खुड़ैल थाना क्षेत्र से पारिवारिक विवाद और कथित धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने दृष्टिहीन सौतेले भाई और बहन को बिना जानकारी दिए उनकी हिस्सेदारी वाली पुश्तैनी जमीन बेच दी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्या है मामला : राजेंद्र नगर निवासी राजेश व्यास, जो दृष्टिहीन हैं, और उनकी बहन ज्योति शर्मा (55) का ग्राम बावल्या खुर्द स्थित पुश्तैनी कृषि भूमि में कानूनी हिस्सा है। यह भूमि खसरा नंबर 41/2 और 42/2 में दर्ज है, जिसका कुल रकबा 1.306 हेक्टेयर बताया गया है।

शिकायत के अनुसार, उनके सौतेले भाई अरविंद व्यास, निवासी अमृत पैलेस, निपानिया, ने अन्य परिजनों के साथ मिलकर कथित रूप से दोनों को बिना जानकारी दिए पूरी जमीन विद्या सिंह के नाम विक्रय कर दी। आरोप है कि इस सौदे में राजेश व्यास और ज्योति शर्मा की सहमति नहीं ली गई और उन्हें उनके हिस्से से वंचित कर दिया गया।

परिवार की पृष्ठभूमि : जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय पुरुषोत्तम व्यास की पहली पत्नी पुष्पा व्यास से तीन संतानें थीं—संतोष व्यास (दिवंगत), राजेश व्यास और ज्योति शर्मा। पहली पत्नी के निधन के बाद पुरुषोत्तम व्यास ने दूसरी शादी की, जिससे अरविंद व्यास और अलका का जन्म हुआ। परिजनों का कहना है कि पुश्तैनी संपत्ति पर पहली और दूसरी पत्नी से हुई सभी संतानों का समान अधिकार है। इसके बावजूद कथित रूप से जमीन की बिक्री बिना सभी उत्तराधिकारियों की सहमति के कर दी गई।

शिकायत के बाद खुला मामला : ज्योति शर्मा और राजेश व्यास को जब जमीन की बिक्री की जानकारी मिली, तो उन्होंने खुड़ैल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी अरविंद व्यास के खिलाफ धोखाधड़ी (BNS की संबंधित धारा/पूर्व आईपीसी धारा 420 के समकक्ष प्रावधान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।