Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Waaree Energies Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 850 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 745 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी ने 773 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह मुनाफा सालाना आधार पर 14.09% और तिमाही आधार पर 9.96% बढ़ा।

रेवेन्यू में 79% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में वारी एनर्जीज का ऑपरेशन से रेवेन्यू 7,932 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 4,426 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में भी कंपनी का रेवेन्यू 4,426 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह रेवेन्यू में सालाना और तिमाही, दोनों आधार पर करीब 79% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में यह 997 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही आधार पर इसमें 44.4% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.2% रह गया। मार्च तिमाही में यह 22.5% था।

अमेरिका से मिला बड़ा फायदा

वारी एनर्जीज ने बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उसे बड़ा फायदा मिला है। कोर्ट ने एक्सपोर्टर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल ड्यूटी को गैरकानूनी करार दिया था।

इसके बाद अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने रिफंड क्लेम स्वीकार किए। इसी के आधार पर वारी एनर्जीज ने 349.18 करोड़ रुपये को अन्य ऑपरेटिंग रेवेन्यू के तौर पर दर्ज किया। इसके अलावा, कंपनी ने 25.13 करोड़ रुपये को एसेट्स और इन्वेंट्री की लागत में कमी के रूप में भी दर्ज किया।

वारी एनर्जीज के शेयरों का हाल

वारी एनर्जीज का शेयर बुधवार को 1.59% की बढ़त के साथ 2,738 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक लगभग फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 14.06% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.71 हजार करोड़ रुपये है।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Vedanta Oil & Gas Share: अंतिम घंटे में शेयरों में आई तेजी, 3 फीसदी से ज्यादा उछला

वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में बाजार बंद होने से ठीक पहले तेजी दिखी। शेयर 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर बंद हुआ। कंपनी ने 29 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी को 945 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ है। साथ ही कंपनी फायदे में आ गई है। मार्च तिमाही में कंपनी को लॉस हुआ था। एक साल पहले की जून तिमाही में भी कंपनी को लॉस हुआ था।

मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ लॉस

Vedanta Oil & Gas शेयर बाजार में हाल में लिस्ट हुई है। मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। FY26 की जून तिमाही में कंपनी को 103 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। वेदांता ऑयल एंड गैस वेदांता ग्रुप की कंपनी है। वेदांता ने अपने बिजनेस को डीमर्ज किया था। उसने बिजनेस को चार अलग-अलग कंपनियों में बांटा था।

EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7% घटा

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 2,507 करोड़ रुपये रहा। यह मार्च तिमाही में कंपनी के 2,584 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से 3 फीसदी कम है। हालांकि, FY26 के जून तमाही के 2,303 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। जून तिमाही में कंपनी का EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7 फीसदी घटकर 814 करोड़ रुपये रहा।

गैस डिस्कवरी की टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन जारी

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 32.5 फीसदी पर आ गया। मार्च तिमाही में यह 34.1 फीसदी था। कंपनी ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में गैस मिलने की जानकारी दी। उसने कहा कि इस गैस डिस्कवरी की डिटेल टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन का काम चल रहा है।

जून तिमाही में कंपनी के शयेर शेयर बाजार में लिस्ट हुए

Vedanta Oil & Gas के अंतरिम सीईओ एवं होल टाइम डायरेक्टर जिम जॉनी गास्ट ने कहा, “जून तिमाही कंपनी के लिए अहम है, क्योंकि इस दौरान कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए।” उन्होंने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन से कंपनी के बिजनेस की ताकत का पता चलता है।

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29 जुलाई को कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी रही

कंपनी ने कहा है कि उसके राजस्थान ब्लॉक में जून तिमाही में औसत रोजाना ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 63.1 kboepd रहा। 29 जुलाई को कंपनी का शेयर एनएसई पर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 6.45 फीसदी चढ़ा है। 29 जुलाई को शेयर बाजार में भी जबर्दस्त तेजी दिखी। निफ्टी 1.10 फीसदी यानी 264 अंक चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.16 फीसदी यानी 888 अंक के उछाल के साथ 77,654 पर बंद हुआ।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

Stock Of The Day : नतीजों के बाद L&T के शेयर में आई जोरदार तेजी, जानिए अब क्या है इस शेयर पर ब्रोकरज की राय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बने हुए हैं। Goldman Sachs, Jefferies, Citi, Motilal Oswal, JM Financial और CD Research ने 10 कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तर से 51% तक की तेजी की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

Cohance Lifesciences

Goldman Sachs ने Cohance Lifesciences पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 10% की तेजी की संभावना है। हालांकि, CDMO कारोबार की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने के चलते ब्रोकरेज ने FY27-29 के अनुमान घटाए हैं।

TCS

Motilal Oswal ने TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15% का संभावित रिटर्न दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही पहली से बेहतर रह सकती है, लेकिन मांग में बड़ी तेजी के संकेत अभी साफ नहीं हैं।

Vedanta Aluminium

Motilal Oswal ने पहली बार Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग और ₹540 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 20% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले एल्युमिनियम कंपनी बन गई है।

PN Gadgil Jewellers

Motilal Oswal ने PN Gadgil Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹700 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 22% की बढ़त का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़ा, जबकि रिटेल कारोबार 56% उछला।

PB Fintech

Jefferies ने PB Fintech पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,950 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 23% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर अपने मजबूत कमाई के अनुमान के मुकाबले सस्ता नजर आ रहा है।

Dr. Reddy’s Laboratories

JM Financial ने Dr. Reddy’s Laboratories पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,561 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% का संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में नए प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ को सहारा देंगे, हालांकि सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में देरी हुई है।

Piramal Pharma

Goldman Sachs ने Piramal Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹225 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 27% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का टर्नअराउंड जारी है और आने वाले वर्षों में मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

Eternal

Motilal Oswal ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹380 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹290 के मुकाबले इसमें करीब 31% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में रिकवरी, क्विक कॉमर्स की तेज ग्रोथ और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस के विस्तार से कंपनी की कमाई आने वाले समय में मजबूत रह सकती है।

Balaji Amines

CD Research ने Balaji Amines पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,327 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹2,409 के मुकाबले इसमें करीब 38% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने और बेहतर मार्जिन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Kalyan Jewellers

Citi ने Kalyan Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 51% का संभावित रिटर्न दिखाता है। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री 38% बढ़ी और नए स्टोर्स के विस्तार की रफ्तार भी बनी रही।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

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Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा मई महीने में की गई थी और रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे।

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1970 में हुई थी। कंपनी के 800 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड कास्टिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है। इसकी वैश्विक स्तर पर भी अच्छी-खासी मौजूदगी है। यह इंजीनियरिंग जरूरतों के लिए एक ही जगह पर सभी समाधान उपलब्ध कराती है, जैसे कि कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन, मशीनिंग, असेंबली और इक्विपमेंट बनाना। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का शेयर 9 जुलाई को बीएसई पर 518.75 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 425 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Simplex Castings का शेयर 2 साल में लगभग 150 प्रतिशत मजबूत

शेयर की कीमत एक साल में 33 प्रतिशत और 2 साल में 146 प्रतिशत उछली है। 3 साल में यह 980 प्रतिशत और 5 साल में लगभग 1200 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 623.50 रुपये और एडजस्टेड लो 356.60 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में Simplex Castings का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 54.76 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6.18 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 202.90 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 21.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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ये स्टॉक भी होने वाले हैं स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड और केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक भी स्प्लिट होने जा रहा है। मंगलम वर्ल्डवाइड का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

वहीं इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट रहा है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर ग्रीन शुरुआत! Vedanta, Infosys और Indigo समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिक एशियाई बाजारों में रौनक के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 23.977.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 08 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 1677.12 प्वाइंट्स यानी 2.15% की फिसलन के साथ 76,503.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 516.65 प्वाइंट्स यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882.04 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Infosys

इन्फोसिस ने नॉर्वे के सबसे बड़े बैंक डीएनबी बैंक एएसए के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके तहत यह नाइस एक्टिमाइज एक्स-साइट एंटरप्राइज (NICE Actimize X-Sight Enterprise) प्लेटफॉर्म के जरिए बैंक के फाइनेंशियल क्राइम (FinCrime) ऑपरेशन्स को नए जमाने के हिसाब से बनाएगी।

Vedanta

ईडी ने ने वेदांता और इसकी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक के कुछ ऑफिसों का दौरा किया।

Bliss GVS Pharma

महाराष्ट्र के पालघर में स्थित ब्लिस जीवीएस फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को डब्ल्यूएचओ से इंस्पेक्शन क्लोजर रिपोर्ट मिला है। इस यूनिट को डब्ल्यूएचओ ने GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) स्टैंडर्ड्स के पैमाने पर खरा पाया।

Dhanuka Agritech

धनुका एग्रीटेक का ₹70 करोड़ तक का शेयर बायबैक ऑफर 4 जून को खुलेगा। इस बायबैक ऑफर के तहत कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,400 के भाव पर 5 लाख तक शेयर खरीदने का लक्ष्य रखा है।

Advait Energy Transitions

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स की सब्सिडियरी अद्वैत बीईएसएस भेसान ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट (BESPA) किया है। यह एग्रीमेंट 150 MW/300 MWh की कुल क्षमता वाले स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए है।

John Cockerill India

जॉन कॉकरिल इंडिया को जेएसडब्ल्यू विजयनगर मेटालिक्स से एक सीआरएनओ प्रोजेक्ट के लिए ₹1,250-₹1,300 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Canara Bank

केनरा बैंक के बोर्ड ने अगले वित्त वर्ष 2027 के लिए बैंक को डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। बैंक की योजना बेसल III-कम्प्लायंट एडिशनल टियर-I बॉन्ड्स के जरिए ₹4,500 करोड़ और बेसल III-कम्प्लायंट टियर-II बॉन्ड्स के जरिए ₹4,000 करोड़ जुटाने की है।

Adani Ports and Special Economic Zone

अडानी पोर्ट्स ने मई 2026 में 48.3 MMT कार्गो वॉल्यूम हैंडल किया जो सालाना आधार पर 16% अधिक रहा इसे लिक्विड और कंटेनर्स से सपोर्ट मिला। मई 2026 में लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 48,170 TEUs रहा, जो सालाना आधार पर 19% कम रहा।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंटरनेशनल एयरस्पेस में लगातार रुकावटों और लागत से जुड़ी चुनौतियों के चलते इंडिगो ने 31 अगस्त 2026 से मैनचेस्टर आने-जाने वाली अपनी फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद इंडिगो ने डैम्प/वेट लीज पर लिए गए छह बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर जहाजों में से एक नोर्स अटलांटिक एयरवेज को वापस करने की योजना बना रही है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Alkem Laboratories

प्रमोटर ग्रुप की जयंती सिन्हा ने अल्केम लैबोरेटरीज में अपनी पूरी 1.04% हिस्सेदारी (12.38 लाख शेयर) ₹643.87 करोड़ में बेच दी। इसके अलावा संप्रदा एंड ननहमती सिंह फैमिली ट्रस्ट ने 5.5 लाख शेयर ₹286 करोड़ में बेचे। ये लेन-देन प्रति शेयर ₹5,200 के भाव पर हुए। दूसरी तरफ प्रमोटर्स की बेची हुई हिस्सेदारी को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, BNP पारिबा आर्बिट्राज, सोसिएट जेनरल, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने खरीदा।

Neogen Chemicals

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने नियोजेन केमिकल्स के 2.66 लाख शेयर ₹47.56 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,788.01 के भाव पर बेचे।एक्सिस म्यूचुअल फंड ट्रस्टी के पास एक्सिस स्मॉल कैप फंड के ज़रिए 18 अप्रैल 2026 तक नियोजेन केमिकल्स में पहले से ही 5.59% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आज अशोक लेलैंड, फोसेको इंडिया, मोनार्क सर्वेयर्स एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स, नवनीत एजुकेशन और रेम्सन्स इंडस्ट्रीज के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो आनंद राठी वेल्थ के बोनस और सर शादी लाल एंटरप्राइजेज के विलय की आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया और कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Metal Stocks : मेटल स्टॉक्स में गिरावट का डर, राकेश अरोड़ा बोले- अब तेजी आते ही करें मुनाफावसूली

Metal Stocks : अगर हाल के दिनों में मेटल शेयरों में तेजी देखकर आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाइए। GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का मानना है कि मेटल स्टॉक्स के अच्छे दिन खत्म होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि फिलहाल मेटल शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफा वसूलने पर विचार करना चाहिए।

उनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे मेटल कंपनियों के लिए अच्छे रह सकते हैं। लेकिन बाजार पहले ही इसकी उम्मीद लगा चुका है। यानी अच्छी खबर का असर काफी हद तक शेयरों की कीमतों में दिख चुका है। आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में कंपनियों की कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

Q1 नतीजों से पहले आ सकती है थोड़ी तेजी

राकेश अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयर 20% से 30% तक टूटे थे। इसलिए मजबूत जून तिमाही नतीजों से पहले इनमें थोड़ी तेजी या रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्हें नहीं लगता कि ये शेयर इतनी जल्दी अपने पुराने हाई पर पहुंच जाएंगे।

एल्युमिनियम कंपनियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता

राकेश अरोड़ा की सबसे बड़ी चिंता एल्युमिनियम सेक्टर को लेकर है। उनका कहना है कि कई ब्रोकरेज और एनालिस्ट अब भी अपने अनुमान में एल्युमिनियम का भाव करीब 3,200 डॉलर प्रति टन मान रहे हैं। लेकिन उनकी राय इससे अलग है।

उन्हें लगता है कि मिडिल ईस्ट और इंडोनेशिया से नई सप्लाई आने वाली है। इससे बाजार में एल्युमिनियम की उपलब्धता बढ़ेगी। ऐसे में कीमत घटकर करीब 2,600 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एल्युमिनियम कंपनियों की कमाई के अनुमान घटाने पड़ेंगे। इसका सीधा असर शेयरों पर भी दिख सकता है।

स्टील सेक्टर पर भी बहुत भरोसा नहीं

राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में स्टील कंपनियों के नतीजे अच्छे आ सकते हैं। Vedanta जैसी कंपनियां भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन स्टील की कीमतें अब अपना पीक देख चुकी हैं।

एक तरफ चीन से स्टील का निर्यात बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भारत की कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई ज्यादा हो सकती है। अगर सप्लाई बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।

इसी वजह से उनका मानना है कि स्टील शेयरों में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैल्यूएशन के लिहाज से ये एल्युमिनियम कंपनियों के मुकाबले सस्ते जरूर हैं।

वेदांता के आयरन और स्टील को लेकर क्या कहा?

हाल ही में Vedanta के डीमर्जर के बाद बने Vedanta Iron & Steel के कारोबार पर भी राकेश अरोड़ा ने अपनी राय रखी। उनका कहना है कि आयरन और स्टील कारोबार में होने वाले विस्तार का फायदा शेयर पहले ही कीमत में जोड़ चुका है। इसलिए यहां बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं बची है।

वहीं, ग्रुप के ऑयल एंड गैस कारोबार में उन्हें कुछ वैल्यू नजर आती है। लेकिन, रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से यह फिलहाल हाई-रिस्क निवेश है। यह वैल्यू ट्रैप भी साबित हो सकता है।

कॉपर सेक्टर पर भी दी चेतावनी

राकेश अरोड़ा मानते हैं कि लंबे समय में कॉपर की मांग अच्छी रह सकती है। लेकिन फिलहाल उन्हें कॉपर कंपनियों के शेयर महंगे लग रहे हैं।

उनका कहना है कि बाजार रिसाइकल्ड कॉपर की बढ़ती सप्लाई को गंभीरता से नहीं ले रहा। अगर रिसाइकल्ड कॉपर की उपलब्धता बढ़ती रही, तो कॉपर की कीमतों पर दबाव आ सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

राकेश अरोड़ा की सलाह है कि अगर मजबूत जून तिमाही नतीजों की वजह से मेटल शेयरों में तेजी आती है, तो उसे नई खरीदारी का संकेत मत मानिए। उनके मुताबिक, यह तेजी मुनाफावसूली का मौका हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने एक बात और कही। अगर अमेरिकी डॉलर लगातार कमजोर होता है, तो वैश्विक कमोडिटी कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में बेस मेटल्स का आउटलुक बेहतर हो सकता है। यही एक बड़ा फैक्टर है, जो उनके मौजूदा नजरिए को बदल सकता है।

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