Asian Markets: एशिया बाजारों में दबाव, कोस्पी 3% टूटा, निक्केई 1.5% नीचे, क्रूड ऑयल में नरमी

Asian Markets: सोमवार को एशिया बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है। कोस्पी 4 फीसदी तो निक्केई 3 फीसदी नीचे है। निक्केई करीब 1.42 फीसदी की गिरावट के साथ 63,545.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.03फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.02 फीसदी चढ़कर 43,558.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.09 फीसदी की बढ़त के साथ 25,909.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी 3.25 फीसदी टूटा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 3,807.37 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

रविवार शाम को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में बढ़त देखी गई क्योंकि निवेशक जुलाई की रोज़गार रिपोर्ट और अगस्त के पहले हफ़्ते में आने वाले कई कंपनियों के नतीजों (अर्निंग्स कैलेंडर) पर नज़र बनाए हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में लगभग 200 अंक या 0.4% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.5% ऊपर चढ़े। नैस्डैक-100 फ्यूचर्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.8% की बढ़त हासिल की।

वॉल स्ट्रीट ने शुक्रवार का सत्र सकारात्मक रुख के साथ समाप्त किया; डॉव जोन्स 276.97 अंक या 0.53% बढ़कर 52,485.03 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.7% की बढ़त के साथ यह 7,489.72 पर पहुंचा, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 1% चढ़कर 25,373.85 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स के रिकॉर्ड स्तर के करीब बंद होने के बाद, अब निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या हालिया तेज़ी को बढ़ावा देने वाले कारक बाज़ार में आगे भी बढ़त बनाए रखने में मदद करेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ़ नियोजित सैन्य हमले को रद्द करने और सोमवार से ईरान के साथ नई बातचीत शुरू करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई।

अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड शुरुआती एशियाई कारोबार में 7.3% तक गिर गया, जबकि जुलाई में इसमें लगभग 25% की तेजी आई थी , जो मार्च के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। इस बीच, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया।

अमेरिका-ईरान युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में कहा कि उन्होंने ईरान पर बड़े पैमाने पर होने वाले सैन्य हमले को रद्द कर दिया है। ऐसा उन्होंने सऊदी अरब समेत मध्य-पूर्व के प्रमुख सहयोगियों के कहने पर किया, जिन्होंने अमेरिका से कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन इस शर्त पर रद्द किया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौता करने की कोशिशें जारी रहेंगी, साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत में तेज़ी लाने को भी कहा।

आज सोने की कीमत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सोमवार को ईरान के साथ फिर से बातचीत शुरू होगी, सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। इससे उम्मीद जगी कि लंबे समय से चल रहे इस टकराव में कोई समाधान निकलने से ऊर्जा-जनित महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है।

जुलाई में 1% की बढ़त के बाद सोने का कारोबार $4,070 प्रति औंस के आसपास हुआ; फरवरी के बाद यह सोने में पहली मासिक बढ़त थी।

हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, पांच महीने से ज़्यादा समय पहले शुरू हुए अमेरिका-ईरान टकराव के बाद से सोने की कीमत में 20% से ज़्यादा की गिरावट आई है। ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं,जो सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों के लिए एक नकारात्मक बात है।

Stock Market Live Update: बाजार लगाएगा आज तेजी की छलांग, गिफ्ट निफ्टी दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत

वर्ल्ड अपडेट्स:रूस की राजधानी मास्को के रेस्टोरेंट में धमाका, 3 की मौत, 21 घायल; एंटी टेरेरिस्ट कमेटी का दावा- यह बम ब्लास्ट था

रूस की राजधानी मॉस्को में शनिवार को एक रेस्टोरेंट में प्राइवेट कार्यक्रम के दौरान जोरदार धमाका हुआ। नेशनल एंटी-टेररिज्म कमेटी ने सरकारी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती को बताया कि यह धमाका घर पर बने बम में हुआ। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में धमाका करने वाली महिला संदिग्ध भी शामिल थी। हादसे में घायलों की संख्या 15 से बढ़कर 21 हो गई है। कमेटी ने बताया कि एक अनजान महिला कुद्रिन्स्काया स्क्वायर पर बने ‘बाल्जी रॉसी’ रेस्टोरेंट में घुसने की कोशिश कर रही थी। उसके पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) था। यह डिवाइस समय से पहले रेस्टोरेंट के बाहर ही फट गया, जिससे उसे रोकने वाले सुरक्षा गार्ड और रेस्टोरेंट के एक ग्राहक की मौत हो गई। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्रेडर्स अब पैसे देकर पहले देख सकेंगे ट्रम्प के पोस्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सोशल मीडिया कंपनी ट्रुथ सोशल ने वॉल स्ट्रीट के हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स के लिए ट्रुथ एपीआई नाम की पेड सर्विस शुरू की है। इसके तहत कस्टमर मंथली फीस देकर ट्रम्प और दूसरे अकाउंट्स के पोस्ट तक तेज तकनीकी पहुंच हासिल कर सकेंगे, ताकि वे बाजार में तेजी से ट्रेड कर सकें। आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प के टैरिफ, युद्ध, ब्याज दर और दूसरे नीतिगत फैसलों से शेयर, बॉन्ड और मुद्रा बाजार प्रभावित होते हैं, ऐसे में यह व्यवस्था इनसाइडर ट्रेडिंग और सार्वजनिक पद के निजी लाभ के लिए इस्तेमाल जैसे गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं ट्रम्प मीडिया का कहना है कि पोस्ट सभी के लिए एक ही समय पर जारी किए जाएंगे और सर्विस में कोई अनुचित लाभ नहीं है।

वर्ल्ड अपडेट्स:रूस की राजधानी मास्को के रेस्टोरेंट में धमाका, 3 की मौत, 15 घायल; एंटी टेरेरिस्ट कमेटी का दावा- यह बम ब्लास्ट था

मास्को के एक रेस्टोरेंट में हुए धमाके में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना में 15 लोग घायल हुए हैं। रूसी सरकारी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना मास्को के कुद्रिन्सकाया स्क्वायर इलाके की है। धमाके के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट और इमरजेंसी सर्विस के लोग पहुंच गए और रेस्क्यू शुरू किया। धमाके के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई। जांच कर रही एंटी टेरेरिस्ट कमेटी का दावा है कि यह धमाका बम ब्लास्ट था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्रेडर्स अब पैसे देकर पहले देख सकेंगे ट्रम्प के पोस्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सोशल मीडिया कंपनी ट्रुथ सोशल ने वॉल स्ट्रीट के हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स के लिए ट्रुथ एपीआई नाम की पेड सर्विस शुरू की है। इसके तहत कस्टमर मंथली फीस देकर ट्रम्प और दूसरे अकाउंट्स के पोस्ट तक तेज तकनीकी पहुंच हासिल कर सकेंगे, ताकि वे बाजार में तेजी से ट्रेड कर सकें। आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प के टैरिफ, युद्ध, ब्याज दर और दूसरे नीतिगत फैसलों से शेयर, बॉन्ड और मुद्रा बाजार प्रभावित होते हैं, ऐसे में यह व्यवस्था इनसाइडर ट्रेडिंग और सार्वजनिक पद के निजी लाभ के लिए इस्तेमाल जैसे गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं ट्रम्प मीडिया का कहना है कि पोस्ट सभी के लिए एक ही समय पर जारी किए जाएंगे और सर्विस में कोई अनुचित लाभ नहीं है।

ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी? ट्रंप की खुली चेतावनी, बोले- बहुत जोरदार वार करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उस पर पहले से भी ज्यादा बड़े हमले किए जा सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत भी चल रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला इस सप्ताह के अंत में हो सकती है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना को ईरान पर नए हमले की तैयारी करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना है, ताकि वह युद्धविराम की शर्तों को स्वीकार करे।

ट्रंप ने किया ये ऐलान 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान पर पहले से भी ज्यादा बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब वे इसे और सहन नहीं कर सकते।” ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य जीत हासिल करना है। ट्रंप ने ईरान पर भरोसा न होने की बात भी कही। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारी कई बार अपने वादे तोड़ चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत की बात तो करता है, लेकिन बाद में अपनी बात से पीछे हट जाता है। उनके अनुसार, ईरान के अधिकारी सही जानकारी नहीं देते और बार-बार अपने बयान बदलते हैं।

अमेरिका और इजरायल करेंगे हमला

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल मिलकर एक ऐसे हमले की योजना बना रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े और सबसे भीषण बमबारी अभियानों में से एक माना जा रहा है। अगर इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो कई हफ्तों बाद ईरान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल पहली बार सीधे तौर पर शामिल होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि इस हमले का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाज़ारों पर पड़ सकता है। इसी वजह से बाजार खुलने से पहले हमले की योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही थी। बताया गया है कि इज़रायल को इस योजना की जानकारी दे दी गई है और वह अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमले को लेकर अंतिम मंजूरी नहीं दी है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला करते हैं, तो उसका जवाब देने के लिए तेहरान ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी है। अधिकारी ने दावा किया कि ईरान के पास ऐसे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए एक व्यापक योजना मौजूद है। ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया में संभावित हमलों को लेकर चल रही खबरों की भी आलोचना की। उन्होंने इन रिपोर्टों को “पागलपन” बताते हुए कहा कि इस तरह की खबरें तनाव बढ़ाने का काम कर रही हैं।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : आज बाजार के लिए ग्बोबल और घरेलू संकेत अच्छे हैं। गिफ्टी निफ्टी करीब 70 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। FIIs ने कैश और वायदा में मिलाकर करीब 4700 करोड़ की खरीदारी की है। इंडेक्स में दो दिनों में करीब 19000 नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए गए हैं। क्रूड में भी नरमी है। यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के बाद भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई तेजी का असर रियल्टी,कैपिटल गुड्स,हेल्थकेयर और कुछ बड़े शेयरों में आई कमजोरी से संतुलित हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन मुख्य इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

विदेशी निवेशकों के रुझान पर एक नजर

30 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,623 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। इससे घरेलू बाजार में उनका भरोसा बना रहने का संकेत मिलता है। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांच सेशन से चली आ रही खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए,क्योंकि उन्होंने ₹1,864 करोड़ के शेयर बेचे।

कमोडिटी न्यूज

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से कुछ जहाज निकलने की खबरों से क्रूड में थोड़ी नरमी आई है। ब्रेंट 89 डॉलर के पास पहुंच गया है। इधर US में दरें ना बढ़ने से सोना 4100 डॉलर के पार चला गया है। चांदी भी 2.5 फीसदी उछली है।

चिप शेयरों में दिखी जोरदार तेजी

अमेरिका में कल चिप शेयरों में जोरदार रिबाउंड दिखा। मैक्रॉन,वेस्टर्न डिजिटल,सैनडिस्क और SK HYNIX ADR में 15 से 26% तक का उछाल आया। वहीं सॉफ्टवेयर कंपनियों पर दबाव दिखा। Accenture और Cognizant पांच से छह परसेंट फिसले। इंफोसिस का ADR भी 5% नीचे आय।

Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

एशियाई बाजारों में रौनक

चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। निक्केई 5% तो कॉस्पी 16% दौड़ा है। कॉस्पी में सैमसंग 20% तो SK HYNIX 30% तक दौड़े हैं। उधर अमेरिकी बाजारों में भी कल शानदार तेजी दिखी। नैस्डैक करीब तीन परसेंट उछला। वहीं, डाओ जोंस भी तेजी के साथ बंद हुआ।

टाटा स्टील का Q1 मुनाफा 12% बढ़ा, 24% बढ़ा वेदांता का मुनाफा,मार्जिन में सुधार

पहली तिमाही में टाटा स्टील के नतीजे अनुमान के करीब रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 12 परसेंट तो आय में 14 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्जिन में भी एक फीसदी की बढ़त हुई है। करीब 33,900 करोड़ के कैपेक्स को बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। वहीं वेदांता का मुनाफा 24% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

10% बढ़ा LIC हाउसिंग का मुनाफा, टोरेंट फार्मा का मुनाफा बढ़ा

पहली तिमाही में LIC हाउसिंग फाइनेंस का मुनाफा 10% बढ़ा है। हालांकि इसकी ब्याज से होने वाली कमाई करीब एक परसेंट बढ़ी है। दूसरी ओर टोरेंट फार्मा का मुनाफा 3% बढ़ा है। इसके मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

अनुमान से कमजोर रहे स्विगी के नतीजे, फूड डिलिवरी,इंस्टामार्ट ग्रोथ कमजोर

स्विगी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी का घाटा कम हुआ है। इसकी आय में 37 फीसदी का उछाल दिखा है। लेकिन फूड डिलिवरी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू और इंस्टामार्ट का नेट ऑर्डर वैल्यू अनुमान से कम रहा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बेहद अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,ITC, MARUTI,सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के रिजल्ट आएंगे। ITC का मुनाफा 12% घट सकता है ,मार्जिन पर भी दबाव संभव है। सिगरेट की वॉल्यूम ग्रोथ निगेटिव हो सकती है। वहीं डिक्सन,गेल,ABB समेत वायदा की 9 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फोकस में NBCC, MTAR Tech, Eicher Motors

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर जाने पर ही आएगी तेजी, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Global Market Today: ग्लोबल बाजार में कोहराम, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा, निक्केई 4% से ज्यादा लुढ़का

Global Market Today: एशियाई बाजारों में 28 जुलाई को गिरावट देखने को मिली। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 फीसदी के लोअर सर्किट पर फिसल गया। निक्केई 4.40 फीसदी टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले है। बेंचमार्क कोस्पी (Kospi) 8.70 फीसदी गिरा। जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक (Kosdaq) में 3.63% की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 4.21% गिरा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में 0.38% नीचे आ गया।

वॉल स्ट्रीट

सोमवार को वॉल स्ट्रीट मिला-जुला बंद हुआ क्योंकि निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्क रहे। बाज़ार के प्रतिभागियों ने तेल की बढ़ी हुई कीमतों पर भी कड़ी नज़र रखी, क्योंकि चिंता थी कि लगातार महंगाई का दबाव फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों पर सख्त रुख बनाए रखने के लिए मजबूर कर सकता है।

S&P 500 मामूली रूप से 0.02% बढ़कर 7,413.18 पर बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर बंद हुआ।

टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, मेटा और एप्पल इस हफ़्ते अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाले हैं। निवेशक यह भी आकलन कर रहे हैं कि क्या पिछले कुछ वर्षों में बाज़ारों को आगे बढ़ाने वाली AI-संचालित तेज़ी अब अपनी रफ़्तार खो रही है।

अमेरिकी चिप शेयरों में बिकवाली

कई नकारात्मक घटनाक्रमों के बीच सोमवार को चिप शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट जारी रही। Nvidia और AMD के शेयरों में 5-5% की गिरावट आई, जबकि Seagate के शेयर कंपनी की तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले 4% गिर गए।

इस बीच, SK Hynix के US-लिस्टेड शेयरों (ADRs) में रातों-रात 7.5% की गिरावट आई और वे अपने $149 के IPO प्राइस से नीचे बंद हुए। Micron और Western Digital के शेयर भी क्रमशः 2% और 4% गिरकर बंद हुए।

US-ईरान युद्ध

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Axios की एक खबर में बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को एक और मौका देने के लिए ईरान पर सैन्य हमले टालने का फैसला किया है। इस कदम के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस बातचीत हुई है या नहीं।

साथ ही, खबर है कि ईरान और ओमान के अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है। सामान्य समय में, इस जलमार्ग से दुनिया की दैनिक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

क्रूड में नरमी

मंगलवार, 28 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट जारी रही। यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान मध्य पूर्व के संघर्ष को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

पिछले सत्र में 7% से ज़्यादा गिरने के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $82 प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड में तीन महीने से ज़्यादा समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह $88 प्रति बैरल के करीब बंद हुआ।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ऊंची बनी रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि वाशिंगटन और ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, युद्ध से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाएं कम हुईं।

सोमवार को 0.6% की बढ़त के बाद, शुरुआती कारोबार में यह कीमती धातु $4,075 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। जून के आखिर से सोना $4,000 प्रति औंस के स्तर के करीब बना हुआ है। इसे ‘बार्गेन बाइंग’ (कम कीमत पर खरीदारी) का सहारा मिला है, जिससे यह ट्रेडर्स द्वारा बारीकी से देखे जाने वाले अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है।

हालांकि, पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों में 20% से अधिक की गिरावट आई है। इससे उस कई साल की तेजी का अंत हो गया है, जिसने जनवरी के आखिर में कीमतों को लगभग $5,600 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा दिया था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी आज जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

Gift Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ है। निवेशक सेंट्रल बैंक की मीटिंग, कॉर्पोरेट अर्निंग और गल्फ में डेवलपमेंट से भरे इस हफ्ते पर भी नजर रखेंगे। यहीं वजह है कि सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के ऊपर खुलने की संभावना है, GIFT निफ्टी के साथ एक मजबूत शुरुआत का संकेत है।

गिफ्ट निफ्टी 23,947 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 140.5 पॉइंट्स का प्रीमियम है। शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाज़ार लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए थे। बेंचमार्क निफ्टी 50 23,800 के लेवल से नीचे चला गया। सेंसेक्स 331.62 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 102.15 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में बढ़त

US और ईरान के बीच दुश्मनी में ठहराव के बाद सोमवार को एशियाई इक्विटी में तेजी आई, जिससे संघर्ष के डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आईं और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। बाजारों ने उन रिपोर्टों का स्वागत किया कि जब तक अमेरिका आगे हमले नहीं करता, ईरान हमले रोक देगा।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.3 परसेंट बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.4 परसेंट और साउथ कोरिया का कोस्पी 0.6 परसेंट बढ़ा। US फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत की, S&P 500 फ्यूचर्स 0.8 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.3 परसेंट बढ़े। यूरोपियन फ्यूचर्स भी ज़्यादा थे।

क्रूड 5% गिरा

लड़ाई में साफ रुकावट के बाद सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 5.2 परसेंट गिरकर $91.73 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5.4 परसेंट गिरकर $84.45 पर आ गया। हाल ही में लड़ाई बढ़ने के दौरान ब्रेंट के कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद दोनों बेंचमार्क लगभग एक हफ़्ते में अपने सबसे निचले लेवल पर आ गए।

फेड और बिग टेक की कमाई से पहले वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला रुख रहा। शुक्रवार को US मार्केट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, क्योंकि इन्वेस्टर्स इस हफ़्ते की फेडरल रिज़र्व पॉलिसी मीटिंग और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर नज़र रखे हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.46 परसेंट बढ़ा, जबकि S&P 500 0.05 परसेंट बढ़ा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी खर्च की चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर स्टॉक दबाव में रहने से नैस्डैक कंपोजिट 0.64 परसेंट गिर गया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताओं को कम करने और सेंट्रल बैंकों पर मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट मार्केट सेंटिमेंट और कमोडिटी की कीमतों के मुख्य ड्राइवर बने रहेंगे।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में शॉर्ट-टर्म में मंदी का रुझान बना हुआ है। 23,800-24,000 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर लगातार मूव करने से सेंटिमेंट में सुधार होगा और 24,200 की ओर रास्ता खुलेगा। नीचे की तरफ, 23,700-23,600 मुख्य सपोर्ट एरिया है, और 23,600 से नीचे जाने पर गिरावट 23,500-23,300 ज़ोन तक बढ़ सकती है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी 50 इंडेक्स ने निचले लेवल के पास एक मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक बनाया, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। उन्होंने बताया कि निफ्टी 50 अभी 23,600 के आसपास एक ज़रूरी सपोर्ट ज़ोन के पास है, जो 15 जून के अपसाइड गैप और एक बढ़ती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म पुलबैक की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नेगेटिव हो गया है, शेट्टी का मानना ​​है कि मीडियम से लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा कमजोरी के फिर से शुरू होने से पहले, आने वाले हफ्ते में इंडेक्स 24,200 पर तुरंत रेजिस्टेंस की ओर थोड़ा उछाल देखेगा। उन्होंने आगे कहा कि 23,600 का लेवल देखने के लिए मुख्य सपोर्ट बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

साइन होते ही अटक गई अमेरिका-सऊदी की न्यूक्लियर डील:ट्रम्प ने 24 घंटे में नई शर्त जोड़ी, बोले- इजराइल से रिश्ते सामान्य करे सऊदी

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच करीब दो दशक से अटके परमाणु समझौते पर बुधवार को हस्ताक्षर हुए, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही यह डील अटक गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समझौते में नई शर्त जोड़ दी है। उन्होंने कहा कि डील तभी आगे बढ़ेगी, जब सऊदी अरब अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होकर इजराइल से राजनयिक रिश्ते सामान्य करेगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की अनुमति नहीं मिलेगी। बिना बताए डील की घोषणा से ट्रम्प नाराज वॉशिंगटन में हुए हस्ताक्षर समारोह में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट शामिल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस बात से नाराज थे कि राइट ने उनकी मंजूरी के बिना समझौते की घोषणा कर दी। इसके बाद फॉक्स न्यूज और वॉल स्ट्रीट जर्नल में हुई आलोचना से उनकी नाराजगी और बढ़ गई। रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने ऊर्जा विभाग से समझौते की घोषणा टालने को कहा था, लेकिन विभाग ने हस्ताक्षर समारोह भी किया और मीडिया में इसकी जानकारी भी दी। हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि अब्राहम अकॉर्ड्स की शर्त शुरू से ही ट्रम्प की नीति का हिस्सा थी। वहीं ऊर्जा विभाग ने किसी भी मतभेद से इनकार किया। ट्रम्प की नई शर्त ने सऊदी को भी चौंकाया CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प की घोषणा से सऊदी अरब भी हैरान रह गया। समझौते के मसौदे में कुछ शर्तें पूरी होने पर सऊदी अरब को अपनी जमीन पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने की बात थी, लेकिन ट्रम्प ने इसे सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया। दोनों देशों ने करीब दो दशक पहले परमाणु ऊर्जा सहयोग की पहल की थी। पिछले साल अक्टूबर में प्रारंभिक सहमति बनी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान युद्ध और कांग्रेस की संभावित आपत्तियों के कारण समझौता महीनों तक अटका रहा। पिछले सप्ताह ऊर्जा विभाग को लगा कि ट्रम्प की मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद इसकी घोषणा कर दी गई। परमाणु एक्सपर्ट्स ने यूरेनियम संवर्धन की अनुमति और IAEA के अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल की गैरमौजूदगी पर चिंता जताई। वहीं समर्थकों का तर्क था कि अगर अमेरिका पीछे हटता है तो चीन या रूस सऊदी अरब में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत कर सकते हैं। आखिर अब्राहम अकॉर्ड्स है क्या, जिसे लेकर डील अटक गई? दरअसल, अब्राहम अकॉर्ड्स 2020 में अमेरिका की पहल पर हुआ ऐसा समझौता है, जिसके तहत कुछ अरब देशों ने पहली बार इजराइल के साथ अपने रिश्ते सामान्य किए। यूएई, बहरीन, मोरक्को और सूडान इसके तहत इजराइल से जुड़ चुके हैं। अब अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब भी इसी समझौते का हिस्सा बने। ट्रम्प का मानना है कि अगर सऊदी इजराइल से रिश्ते सामान्य करता है, तो पश्चिम एशिया में अमेरिका का रणनीतिक गठजोड़ और मजबूत होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाइडेन प्रशासन भी सऊदी परमाणु समझौते को इजराइल से रिश्ते सामान्य करने से जोड़कर आगे बढ़ा रहा था। हालांकि 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले और गाजा युद्ध के बाद यह प्रक्रिया रुक गई। सऊदी का कहना है कि फिलिस्तीन के लिए अलग राज्य का रास्ता साफ हुए बिना वह इजराइल से आधिकारिक रिश्ते नहीं बनाएगा। यही वजह है कि अब न्यूक्लियर डील भी इस शर्त पर अटक गई है। ट्रम्प ने यूरेनियम एनरिचमेंट पर इनकार क्यों किया परमाणु बिजलीघर चलाने के लिए यूरेनियम को एक खास स्तर तक एनरिच (संवर्धित) किया जाता है। लेकिन यही तकनीक अगर बहुत अधिक स्तर तक पहुंच जाए, तो उसी यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में भी किया जा सकता है। इसलिए यूरेनियम एनरिचमेंट को दुनिया की सबसे संवेदनशील परमाणु तकनीकों में माना जाता है। यही वजह है कि अमेरिका आमतौर पर किसी भी देश को अपनी जमीन पर यूरेनियम एनरिचमेंट की अनुमति देने से बचता है। उसे आशंका रहती है कि भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल सैन्य कार्यक्रम के लिए भी हो सकता है। सऊदी अरब को लेकर भी यही चिंता है, इसलिए ट्रम्प ने साफ कर दिया कि न्यूक्लियर डील होगी, लेकिन यूरेनियम एनरिचमेंट की इजाजत नहीं मिलेगी। ——————— अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग के बीच अमेरिका का सऊदी से परमाणु समझौता:इजराइल के विरोध के बावजूद ट्रम्प की मंजूरी; एक्सपर्ट बोले- परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ेगा सऊदी अरब ने बुधवार को अमेरिका के साथ एक अहम परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत अमेरिका, सऊदी अरब को असैन्य (बिजली बनाने के लिए) परमाणु तकनीक देगा। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव का माहौल है। पूरी खबर यहां पढ़ें…