Stock to Buy: यह शेयर आपको कर देगा मालामाल, UBS ने दी है खरीदने की सलाह

आप किसी दमदार शेयर की तलाश में हैं तो आप कोल इंडिया के शेयर में निवेश कर सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने इस शेयर के लिए 550 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है।

HSBC ने शेयर पर दी है होल्ड रेटिंग

एचएसबीसी ने भी कोल इंडिया के शेयरों पर ‘होल्ड’ की रेटिंग दी है। उसने इस शेयर के लिए 440 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि पावर की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। उधर, हाइड्रो पावर जेनरेशन कमजोर है। कोयले की इनवेंट्री घटकर तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है। कोयले की कीमतें चढ़ रही हैं। इसका मतलब है कि आगे कोयले की मांग स्ट्रॉन्ग रहेगी।

25 एनालिस्ट्स में से 14 की खरीदने की सलाह

मॉर्गन स्टेनली ने इस शेयर पर ‘इक्वलवेट’ रेटिंग दी है। कोल इंडिया के शेयरों को कवर करने वाले 25 एनालिस्ट्स में से 14 ने इसे खरीदने की सलाह दी है। 6 ने इसे होल्ड करने की सलाह दी है। 5 ने इसे बेचने की सलाह दी है। कोल इंडिया देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी है। इसे शेयरों में 2 सितंबर को तेजी दिखी। कारोबार के अंत में शेयर 3.66 फीसदी चढ़कर 416 रुपये पर बंद हुआ।

2 सितंबर को शेयरों में जोरदार तेजी 

कोल इंडिया के शेयरों में ऐसे दिन तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव था। 2 सितंबर को निफ्टी 50 कारोबार खत्म होने पर 0.59 फीसदी यानी 141 अंक गिरकर 23,914 पर आ गया। कई हफ्ते बाद यह 24,000 के नीचे आया है। सेंसेक्स 0.49 फीसदी यानी 373 अंक गिरकर 76,570 पर रहा।

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81.5 करोड़ टन प्रोडक्शन का टारगेट

अप्रैल से अगस्त के दौरान कोल इंडिया का प्रोडक्शन साल दर साल आधार पर 4.5 फीसदी घटकर 26.75 करोड़ टन रहा। कंपनी ने FY27 के लिए 81.5 करोड़ टन उत्पादन का टारगेट रखा है। बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.52 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न निगेटिव रहा है।

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Urban Company Share: BofA ने रेटिंग घटाई, शेयर में तीन दिन की तेजी पर भी ब्रेक लगा

Urban Company Share: टेक्नोलॉजी से जुड़े होम-सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company के शेयर में बुधवार को गिरावट आई। इसके साथ लगातार तीन दिन से चल रही तेजी भी थम गई। इसकी वजह है ग्लोबल ब्रोकरेज Bank of America यानी BofA की नई रिपोर्ट।

BofA ने Urban Company की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से घटाकर ‘अंडरपरफॉर्म’ कर दी है। ब्रोकरेज को शेयर की मौजूदा कीमत ज्यादा लग रही है। कंपनी को घाटा भी हो रहा है। ऊपर से Instant Help कारोबार में मुकाबला बढ़ रहा है।

शेयर 0.69% गिरा

बुधवार को NSE पर Urban Company का शेयर 0.69% गिरकर ₹168.12 पर बंद हुआ। हालांकि, इससे पहले तीन कारोबारी दिनों में शेयर करीब 16% चढ़ चुका था।

जून तिमाही के नतीजों के बाद शेयर करीब 30% ऊपर जा चुका था। इसी तेजी के बाद BofA ने अपना रुख बदला है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹155 रखा है। यानी मौजूदा भाव से करीब 8% नीचे जाने का अनुमान है।

Instant Help कारोबार चिंता बढ़ा रहा

BofA की सबसे बड़ी चिंता Urban Company का Instant Help कारोबार है। कंपनी इस सेगमेंट में तेजी से पैसा लगा रही है। लेकिन अभी यहां घाटा काफी बढ़ गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस कारोबार में मुकाबला और बढ़ेगा। इससे कंपनी की कमाई पर दबाव आ सकता है। Urban Company को Snabbit और Pronto जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है। दोनों ने हाल में पैसा भी जुटाया है। इसका मतलब है कि मुकाबला आगे और तेज हो सकता है।

InstaHelp का घाटा 13 गुना बढ़ा

InstaHelp का EBITDA घाटा तेजी से बढ़ा है। FY26 की पहली तिमाही में यह करीब ₹10 करोड़ था। FY27 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर करीब ₹130 करोड़ हो गया। यानी कंपनी इस कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए पैसा लगा रही है। लेकिन फिलहाल इसका असर मुनाफे पर नहीं दिख रहा है।

BofA ने इसी वजह से Urban Company के कमाई अनुमान भी घटाए हैं। FY28 के लिए अब उसे प्रति शेयर ₹0.73 का घाटा होने का अनुमान है। पहले यह अनुमान ₹0.59 के घाटे का था। FY29 के लिए EPS अनुमान भी ₹2.27 से घटाकर ₹1.41 कर दिया गया है।

UBS और Emkay की राय अलग

Urban Company पर सभी ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। इससे पहले UBS ने शेयर पर कवरेज शुरू की थी। उसने इसे ‘Buy’ रेटिंग दी थी। UBS का मानना है कि भारत का ऑनलाइन होम सर्विस बाजार तेजी से बढ़ सकता है। UBS ने इस बदलाव को भारत के क्विक कॉमर्स में आए ‘Blinkit मोमेंट’ जैसा बताया था।

इसके बाद Emkay ने भी शेयर पर कवरेज शुरू की। उसने ‘Buy’ रेटिंग दी और ₹190 का टारगेट दिया। Emkay को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के बीच भारत का कंज्यूमर सर्विस मार्केट करीब 19.8% CAGR से बढ़ सकता है।

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IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

UPL Share Price: $5 बिलियन के मार्केट कैप वाली इस केमिकल कंपनी के शेयर में 25% का उछाल संभव, जेफरीज बुलिश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Urban Company Share Price: केंट RO हटाएगी Native वॉटर प्योरिफायर की बुराई वाले विज्ञापन, शेयर 7% तक उछला

होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 24 अगस्त को अच्छी तेजी है। BSE पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 6.8 प्रतिशत तक उछलकर 169.45 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 25900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इस उछाल की अहम वजह है- कंपनी और केंट RO सिस्टम के बीच हुए विवाद का नतीजा और UBS की ओर से ‘बाय’ रेटिंग के साथ शुरू किया गया कवरेज। दरअसल अर्बन कंपनी ने केंट RO सिस्टम के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और अपमानजनक प्रचार का केस दायर किया था।

कंपनी का आरोप था कि Kent RO के विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट में उसके ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर्स के बारे में गलत और गुमराह करने वाले दावे किए गए। मुकदमेबाजी के बाद केंट ने कहा है कि वह ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर के बारे में अपमानजनक विज्ञापन हटा लेगी।

Urban Company ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने 11 अगस्त को यह केस दायर किया था। आरोप लगाया कि Kent RO का विज्ञापन कैंपेन उसके ‘Native’ M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्योरिफायर की दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल की सर्विस लाइफ वाली खूबियों को निशाना बना रहा है। Kent RO के विज्ञापनों में इन खूबियों को “मार्केटिंग का हथकंडा” बताया गया और दावा किया गया कि ग्राहकों के लिए ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर का इस्तेमाल असुरक्षित और जोखिम भरा है।

12 अगस्त को हुई हाई कोर्ट में सुनवाई

इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को हाई कोर्ट में हुई। Kent RO से कहा गया कि वह 15 दिनों के अंदर विवादास्पद विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट हटा ले। इसके बाद Kent RO ने कहा कि वह केस से जुड़े विज्ञापनों को हटा लेगी और ऐसे ही या मिलते-जुलते दावे करने वाले दूसरे विज्ञापन या प्रमोशनल कंटेंट नहीं चलाएगी।

अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

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UBS ने Urban Company पर दी ‘बाय’ रेटिंग

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ब्रोकरेज फर्म UBS ने इस शेयर पर कवरेज शुरू किया है और इसे “बाय” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 180 रुपये प्रति शेयर रखा है। मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। जून 2026 तिमाही में ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा।

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Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट

Apollo Tyres Share Price : टायर बनाने वाली कंपनी अपोलो टायर (Apollo Tyres) के शेयरों में 24 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। शेयर में आज 5 फीसदी का उछाल देखने को मिला। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस द्वारा रेटिंग को अपग्रेड करने के बाद आई। ब्रोकरेज फर्म UBS ने स्टॉक की रेटिंग को ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया और इसका टारगेट प्राइस ₹590 प्रति शेयर तय किया। इस नए टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस ₹439.95 से इसमें लगभग 34% की बढ़त हो सकती है।

UBS का कहना है कि Apollo Tyres का वैल्यूएशन अभी भी अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम है, जबकि पिछले चार सालों में इस स्टॉक का प्रदर्शन टायर सेक्टर के मुकाबले कमजोर रहा है।

हालांकि, ब्रोकरेज का मानना ​​है कि हालात बेहतर हो रहे हैं क्योंकि मैनेजमेंट भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। इनमें ब्रांड बनाने के लिए निवेश शामिल है, जैसे कि भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी को स्पॉन्सर करना। UBS को कंपनी के यूरोप बिजनेस के भी बेहतर होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि निवेशक कम समय में कमोडिटी की लागत के दबाव और हाल की चुनौतियों पर बहुत ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि वे Apollo Tyres की कमाई में होने वाले बड़े सुधार की संभावना को नजरअंदाज़ कर रहे हैं, जो कमोडिटी की कीमतों का दबाव कम होने पर हो सकता है।

हालांकि Q2FY27 में और दबाव दिख सकता है, क्योंकि Q1FY27 में नेचुरल रबर की कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 22% बढ़ी थीं, लेकिन UBS को इसके बाद कमाई में काफी सुधार की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28E में EBITDA सालाना आधार पर 21% बढ़ेगा, क्योंकि कमोडिटी का दबाव कम होगा और बिजनेस की स्थिति बेहतर होगी।हालांकि Q2FY27 में और दबाव दिख सकता है, क्योंकि Q1FY27 में नेचुरल रबर की कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 22% बढ़ी थीं, लेकिन UBS को इसके बाद कमाई में काफी सुधार की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28E में EBITDA सालाना आधार पर 21% बढ़ेगा, क्योंकि कमोडिटी का दबाव कम होगा और बिजनेस की स्थिति बेहतर होगी। मांग मजबूत बनी हुई है और रणनीतिक पहल जोर पकड़ रही हैं, इसलिए UBS का मानना ​​है कि बाजार Apollo Tyres की मध्यम अवधि में कमाई में सुधार की क्षमता को कम आंक रहा है।

 

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Yamaha Fascino 125 Fi Price and Variants explained

Yamaha Fascino 125 Fi Price and Variants explained
Yamaha Fascino Green front right side static in studio

The Yamaha Fascino has been a functional, yet good-looking scooter from the beginning. Yamaha has just given it new features like a TFT display and refreshed colour options. Unlike its sibling, the RayZR, the Fascino keeps things simpler with a three variant spread and though they all (mostly) look the same, there are features to be gained by stepping up to a higher variant, but should you?

To keep the comparison easier to follow, here are all the things that are common. All three variants share the same 125cc single-cylinder engine with 8.2hp of power and 10.3Nm of torque. All three are also equipped with Yamaha’s mild hybrid system to deliver slightly more torque, a starter motor generator, and a stop-start system. They all also have a unified braking system (UBS), same tyre and rim sizes, a rear drum brake, 21L underseat storage, and there’s no change in seat height and kerb weight either.

All prices mentioned are ex-showroom, Delhi.

Yamaha Fascino 125 Fi variant breakdown

Drum

The base variant gets a front drum brake and an LCD instrument cluster. There’s no connectivity features of any kind and it comes in two colours, Yellow Cocktail and Metallic Black. It costs Rs 78,980.

Yamaha Fascino Yellow base front right side static in studio

Disc

The disc variant gets a front disc brake and adds Y-Connect capabilities to the instrument cluster which adds basic features like phone alerts, battery level, and data points like fuel consumption, maintenance recommendations, last parked location through the app. This variant gets four completely different colour options, Cool Blue Metallic, Dark Matte Blue, Matte Black, and Metallic Light Green and costs Rs 91,070 (Rs 12,090 over the Drum variant).

Yamaha Fascino Blue mid front right side static in studio

Special

This is currently the fully loaded variant of the Fascino. It swaps out the LCD instrument cluster for a TFT instrument cluster which adds turn-by-turn navigation and music alerts to the existing Y-Connect feature set. This variant also supports Yamaha Scooter Answer Back, giving owners the ability to identify it quickly with the app’s help. The SPL variant once again gets completely different colour options, Matte Black (different one!) and Metallic Orangish Gray. It commands a price of Rs 99,030, comfortably lower than the one lakh rupee mark.

Yamaha Fascino Gray front right side static in studio

 

Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid Price and Variants explained

Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid Price and Variants explained
Yamaha RayZR front right side static in studio

Yamaha had just updated its 125cc scooter, the RayZR 125 Fi Hybrid with additional features and new colours. It’s now offered in a total of four different variants in a span of roughly Rs 22,000. What exactly are the different variants and what do you gain by stepping up? Let’s see.

Let’s first get what is shared between all four out of the way. They have the same 125cc single-cylinder engine that makes 8.2hp of power and 10.3Nm of torque. Like the model name implies, all four also get Yamaha’s mild hybrid system that increases the torque by a very small amount. There’s a starter motor generator that enables a silent start, and a stop-start system. They all also have a unified braking system (UBS), same tyre and rim sizes, a rear drum brake, 21L underseat storage, and there’s no change in any of the dimensions (like seat height) either. And finally, despite the additional features on the higher variants, they all weigh the same 99kg.

All prices mentioned are ex-showroom, Delhi.

Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid variant breakdown

Drum

In case the name hasn’t given it away, the base variant comes with a 130mm drum brake at the front. It has an LCD instrument cluster that shows all the basic information like speed and a fuel gauge, but it does not get any connectivity features. It’s available in a single Metallic Black colour and costs Rs 79,880.

Yamaha RayZR drum front right side static in studio

Disc

This variant swaps the drum brake for a 190mm disc brake at the front. This variant also adds Y-Connect, Yamaha’s connectivity suite, that adds basic features like phone battery level, call, email, and SMS alerts, and reporting of things like fuel consumption, maintenance recommendations, last parked location on the app. This variant costs Rs 87,680 (Rs 7,800 extra) and is available in three colours, Dark Metallic Blue, Ice Fluo Vermillion, and Metallic Black.

Street Rally LCD

The next step up is via the Street Rally version of the RayZR that’s mechanically identical to the regular RayZR. However, it gets hand guards, and additional side reinforcements to the front apron for a more muscular look. The colours and decals look slightly different on it, and for these extras, Street Rally LCD adds Rs 6,250, coming in at Rs 93,930.

Yamaha RayZR Street Rally front right side static in studio

Street Rally TFT

Finally, the most feature loaded RayZR of them all. This received most of the recent updates, with a TFT instrument cluster that supports turn-by-turn navigation and music control to the existing Y-Connect feature suite. In addition to that, this variant also gets ‘Yamaha Scooter Answer Back’ that helps you locate your scooter via the app in a crowded parking garage, for example. The Street Rally TFT gets two colours, Matte Titan (exclusive to this variant) and Matte Black. The top variant will set you back by Rs 1,00,440 squeezing just past the one lakh rupee mark.

Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल! कमजोर डॉलर और US Fed के फैसले से रॉकेट बने दाम, देखें नया भाव!

Gold Price Today: कमजोर डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद घटने से सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी आई। स्पॉट गोल्ड 0.5% चढ़कर 4,398.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर 4,455.50 डॉलर प्रति औंस हो गया।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.2% गिरावट आई। इससे दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया। Saxo Bank के कमोडिटी स्ट्रैटेजी हेड ओले हैनसेन का कहना है कि अमेरिका में महंगाई, रोजगार और उपभोक्ता खर्च के नरम आंकड़ों से फेड की अगली बड़ी चाल अब ब्याज दर बढ़ाने की बजाय कटौती की तरफ झुकती दिख रही है।

सितंबर में रेट बढ़ने की उम्मीद घटी

हाल में आए कमजोर पेरोल डेटा और नियंत्रित महंगाई के बाद बाजार की धारणा बदली है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, सितंबर में फेड के ब्याज दर बढ़ाने की संभावना अब 31% रह गई है। एक महीने पहले यह 51% थी।

UBS के विश्लेषक जियोवानी स्टाउनोवो ने कहा कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें अब भी 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर हैं। इससे अगले महंगाई आंकड़ों पर कुछ दबाव बना रह सकता है।

इस हफ्ते किन स्तरों पर रहेगी नजर?

LKP Securities में VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, COMEX पर सोना 4,395 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके लिए 4,410-4,415 डॉलर का दायरा नजदीकी रेजिस्टेंस है। 4,375 डॉलर के आसपास मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। वहीं MCX Gold में ₹1,54,750 का स्तर अहम सपोर्ट और ₹1,55,500 का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

दूसरे कीमती धातुओं का हाल

दूसरी कीमती धातुओं में भी तेजी दिखी। चांदी 1.5% बढ़कर 65.61 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम 0.7% चढ़कर 1,759.72 डॉलर और पैलेडियम 1.6% बढ़कर 1,333.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

निवेशक अब बुधवार को आने वाली फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। इससे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)

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LEAP India IPO: 7 अगस्त से खुलेगा ₹2480 करोड़ का IPO, जानिए पूरी डिटेल

LEAP India IPO: सप्लाई चेन मैनेजमेंट और एसेट पूलिंग सर्विस देने वाली LEAP India का ₹2,480 करोड़ का IPO 7 अगस्त से निवेशकों के लिए खुलेगा। KKR के निवेश वाली इस कंपनी का एंकर बुक 6 अगस्त को ओपन होगी।

निवेशक IPO में 11 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे।। शेयरों का अलॉटमेंट 12 अगस्त तक होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 14 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। IPO का प्राइस बैंड 3 अगस्त को घोषित होगा।

फ्रेश इश्यू और OFS

इस IPO में ₹480 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹2,000 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। OFS के तहत प्रमोटर Vertical Holdings II करीब ₹1,998.62 करोड़ और KIA EBT Scheme 3 करीब ₹1.37 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

पहले कंपनी ₹400 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने वाली थी। अब इसे बढ़ाकर ₹480 करोड़ कर दिया गया है। OFS का आकार पहले जैसा ही रखा गया है।

कर्मचारियों के लिए भी रिजर्व शेयर

LEAP India ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए ₹1.25 करोड़ तक के शेयर रिजर्व रखे हैं।

ग्लोबल निवेश कंपनी KKR की इकाई Vertical Holdings II और Sunu Mathew कंपनी के प्रमोटर हैं। इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 73.78% और 21.07% है।

LEAP India क्या करती है?

LEAP India देशभर में सप्लाई चेन और एसेट पूलिंग सर्विस देती है। कंपनी के पास 1.47 करोड़ से ज्यादा एसेट्स और 10,100 से ज्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स हैं।

यह FMCG, फूड एंड बेवरेज, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंपनियों को अपनी सेवाएं देती है।

IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल

LEAP India के IPO का बड़ा हिस्सा OFS के जरिए मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए है।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹360 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,023.2 करोड़ का कंसोलिडेटेड कर्ज था।

LEAP India का वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में LEAP India का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹62.3 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹37.6 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 56.4% बढ़कर ₹729.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में यह ₹466.5 करोड़ था।

इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर JM Financial, Avendus Capital, IIFL Capital Services और UBS Securities India हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

Bosch Ltd वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 270 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह में 4 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। इसका मतलब है कि अगर पहले से शेयरहोल्डर नहीं हैं तो पात्र बनने के लिए बॉश के शेयर की खरीद 3 अगस्त को मार्केट क्लोज होने से पहले करनी होगी।

Bosch Ltd, जर्मनी की मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Robert Bosch GmbH की इंडिया यूनिट है। भारत में बॉश, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स और एनर्जी एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की सप्लाई करती है। जर्मनी की बॉश रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव सप्लायर है। यह स्पार्क प्लग से लेकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग सॉफ्टवेयर तक सब कुछ बनाती है।

बॉश के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। फाइनल डिविडेंड पर 11 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 14 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 512 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Bosch का शेयर 3 महीनों में 14 प्रतिशत मजबूत

बॉश के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 41088.75 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 14 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल से भी ज्यादा हो चुका है। जून महीने में ब्रोकरेज फर्म UBS ने शेयर को डबल अपग्रेड किया था। रेटिंग ‘सेल’ से बढ़ाकर सीधा ‘बाय’ कर दी। टारगेट प्राइस 27920 रुपये से बढ़ाकर 45530 रुपये प्रति शेयर कर दिया।

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मार्च तिमाही में मुनाफा रहा 568 करोड़ रुपये

कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बॉश लिमिटेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,565.70 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 568.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 20,034.70 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,770.30 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।