ICICI Bank Share Price:Q2 नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म बुलिश, बढ़ाया टारगेट, मिल सकता है 45% का रिटर्न

ICICI BANK SHARE PRICE: ICICI बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिसके बाद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक को लेकर काफी बुलिश हैं। जेपी मॉर्गन और नोमुरा ने बैंक के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है, जबकि कई अन्य फर्मों ने ‘Buy’ या इसी तरह की रेटिंग बरकरार रखी है। जिन ब्रोकरेज फर्मों ने इस पर अपनी राय दी है, उनमें गोल्डमैन सैक्स सबसे ज्यादा तेजी की उम्मीद जता रहा है। गोल्डमैन सैक्स ने 2,025 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो शुक्रवार के 1,397 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 45 फीसदी की तेजी दिखाता है।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज फर्मों की राय

Bernstein

इस इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म ने ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है और प्रति शेयर ₹1,800 का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि पिछले क्लोजिंग प्राइस से इसमें 28.8% तक की तेजी आ सकती है।फर्म ने कहा कि ICICI बैंक ने एक और शानदार तिमाही पेश की है, जिससे सबसे तेजी से बढ़ने वाले बड़े प्राइवेट बैंक के रूप में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है।

बैंक के लोन और डिपॉजिट ग्रोथ में काफी तेजी आई है। लोन ग्रोथ में कॉर्पोरेट, बिजनेस बैंकिंग और रिटेल सेगमेंट – सभी क्षेत्रों का मजबूत योगदान रहा है। बर्नस्टीन के अनुसार, हालांकि इस तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी कमी आई है, लेकिन यह गिरावट अन्य बैंकों के अनुरूप ही है। साथ ही, मजबूत बैलेंस शीट ग्रोथ के कारण नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी अच्छी बनी रही। फर्म ने आगे कहा कि मजबूत फीस इनकम और बेहतर होती एसेट क्वालिटी के चलते, बैंक अपनी बेहतरीन ऑपरेटिंग और अर्निंग्स ग्रोथ को बनाए रखने में कामयाब रहा है।

JPMorgan

जेपी मॉर्गन ने ICICI बैंक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,800 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बैंक ने दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹25,340 करोड़ रही, जो जेपी मॉर्गन के अनुमान से 2% ज्यादा है। प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) ₹20,580 करोड़ रहा, जो अनुमान से 7% अधिक है, और टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) ₹14,840 करोड़ रहा, जो अनुमान से 11% ज्यादा है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म ने बताया कि IT रिफंड पर मिलने वाले ब्याज को छोड़कर, कोर NII में पिछली तिमाही के मुकाबले 6% और पिछले साल के मुकाबले 18% की बढ़ोतरी हुई है। इसे पिछली तिमाही के मुकाबले 12.3% की लोन ग्रोथ से सपोर्ट मिला, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतर है।

ICICI बैंक का कोर NIM (IT रिफंड पर मिलने वाले ब्याज को छोड़कर) पिछली तिमाही के मुकाबले 4 बेसिस पॉइंट्स कम हो गया है, जिसका मुख्य कारण FCNR (B) का असर है।

फर्म ने आगे कहा कि हालांकि FCNR (B) का पूरा असर तीसरी तिमाही में देखने को मिलेगा, जिससे NIM पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन JP मॉर्गन को चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 2028 में NIM बढ़ने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि बैंक का 57% लोन बुक रेपो रेट से जुड़ा है। साथ ही, अब अनुमानों में 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी (जिसमें दिसंबर 2026 की एक बढ़ोतरी भी शामिल है) को भी जोड़ लिया गया है।

Nomura

नोमुरा ने ICICI बैंक को “Buy” (खरीदने) की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,700 से बढ़ाकर ₹1,740 प्रति शेयर कर दिया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 24.6% की संभावित बढ़त को दर्शाता है।

नोमुरा के अनुसार, ICICI बैंक ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2029 के लिए अपने ‘अर्निंग पर शेयर’ (EPS) के अनुमानों को क्रमशः 3% और 7% बढ़ा दिया है।

फर्म ने बताया कि वन-ऑफ (असाधारण) आइटम्स को एडजस्ट करने के बाद NII में पिछले साल के मुकाबले 18% की बढ़ोतरी हुई है। यह नोमुरा के अनुमान से 2% अधिक है, जिसमें लोन और डिपॉजिट ग्रोथ क्रमशः 30% और 27% रही।

कोर PPOP ₹20,800 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 22% अधिक है। नोमुरा ने बताया कि बैंक ने ₹1.6 लाख करोड़ के FCNR (B) डिपॉजिट जुटाए (जो कुल डिपॉजिट का 8% है)। इसमें से 50% हिस्सा इन्हीं डिपॉजिट्स के बदले दिए गए लोन से आया है। बैंक के मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले दो तिमाहियों में इस लिक्विडिटी का इस्तेमाल कर लिया जाएगा।

Goldman Sachs

गोल्डमैन सैक्स ने Buy” रेटिंग दी है और प्रति शेयर 2,025 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस से 44.9% की बढ़त की संभावना दिखाता है। बैंक का दूसरा तिमाही प्रदर्शन हर मोर्चे पर उम्मीदों से बेहतर रहा। लोन ग्रोथ 24% रही, जो अनुमान से 2% ज्यादा है, और कोर रेवेन्यू ग्रोथ 18% रही, जो गोल्डमैन सैक्स के अनुमान से 2% अधिक है।

बैंक का NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) अनुमान से 5 बेसिस पॉइंट ज्यादा रहा और PPoP (प्रोविजन से पहले का मुनाफा) भी उम्मीद से बेहतर रहा, जबकि प्रोविजन (संभावित नुकसान के लिए रखी गई रकम) कम रहे। NIM का प्रदर्शन खास तौर पर उल्लेखनीय रहा; सिस्टम में सबसे मजबूत FCNR (B) डिपॉजिट बेस होने के बावजूद, इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले केवल 10 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई।

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, बैंक ने ब्याज दर चक्र के निचले स्तर पर भी लिक्विडिटी (नकदी) को बनाए रखा है। इसका लिक्विडिटी डिपॉजिट रेशियो (LDR) 95% है। इससे मध्यम अवधि में कमाई बढ़ाने के लिए काफी गुंजाइश मिलती है, क्योंकि इस लिक्विडिटी का इस्तेमाल आगे किया जा सकता है।

UBS

UBS ने ICICI बैंक के लिए “Buy” रेटिंग दी है और 1,800 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। इस इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म का कहना है कि बैंक का दूसरा तिमाही प्रदर्शन हर लिहाज से शानदार रहा, जिसे मजबूत लोन और डिपॉजिट ग्रोथ का सहारा मिला।

बैंक की लोन ग्रोथ पिछली तिमाही के मुकाबले 12.3% और पिछले साल के मुकाबले 30% रही, जो उम्मीदों और अन्य बैंकों के प्रदर्शन से काफी बेहतर है। इसमें बिजनेस बैंकिंग की लगातार मजबूती के अलावा, कॉर्पोरेट लोन में भी काफी तेजी देखी गई।

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में मार्जिन अपने निचले स्तर पर आ जाएंगे, जिसके बाद चौथी तिमाही में इनमें सुधार देखने को मिलेगा।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CarTrade Share Price : ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद करीब 9% भागा शेयर, जानिए UBS का टारगेट प्राइस

CarTrade Share Price : सोमवार, 12 अक्टूबर को CarTrade Tech के शेयरों में लगभग 8% की बढ़त देखने को मिली है। UBS ने इस स्टॉक पर अपना नजरिया बनाए रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹4,000 तय किया गया है। ब्रोकरेज ने OLX India बिज़नेस की ग्रोथ की संभावनाओं पर फोकस करते हुए क है कि CarTrade Tech के शेयरों में लगभग 36% की बढ़त की संभावना है। UBS ने इस स्टॉक को “Buy” रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि बाज़ार OLX के ग्रोथ के मौकों और उसके संभावित मार्केट के साइज़ को कम करके आंक रहा है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि OLX इंडिया को पिछली ओनरशिप के दौरान लागत से जुड़ी असफलता,खराब इन्वेंट्री मॉडल,फर्जी खरीदारों और गैर-भरोसेमंद विक्रेताओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। UBS ने कहा कि इस बिज़नेस को खरीदने के बाद से CarTrade के मैनेजमेंट ने इनमें से ज़्यादातर समस्याओं को हल किया है, यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाया है और मुनाफो में बढ़त हासिल की है। ब्रोकरेज ने इस सुधार के सबूत के तौर पर OLX के 30% से ज्यादा के ऑपरेटिंग मार्जिन का हवाला दिया है।

OLX की ग्रोथ से हो सकती है इसकी री-रेटिंग

UBS का मानना ​​है कि OLX के पास अपने कोर बिज़नेस के अलावा कमाई के कई और स्रोत हैं। इसमें सेलर और बॉयर सब्सक्रिप्शन, डीलर पार्टनरशिप, फाइनेंसिंग, एस्क्रो सर्विस, लॉजिस्टिक्स और एडवरटाइजिंग शामिल हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगर सब कुछ अच्छा रहा तो OLX अगले पांच सालों में अपनी कमाई पांच गुना बढ़ा सकती है,जबकि बेस केस में इसी अवधि में 3.8 गुना ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।

UBS का मानना ​​है कि अगर इस मौके का सही तरीके से इस्तेमाल किया गया तो यह CarTrade के लिए ‘री-रेटिंग’ का एक बड़ा कारण बन सकता है,क्योंकि मार्केट OLX बिजनेस की ग्रोथ की क्षमता को पहचानने लगा है। ब्रोकरेज का यह पॉजिटिव नज़रिया OLX के प्लेटफ़ॉर्म से और ज़्यादा कमाई करने की संभावना और CarTrade के मालिकाना हक में हुए ऑपरेशनल सुधारों पर आधारित है।

स्टॉक पर मार्केट की राय

बता दें की यह स्टॉक 10 एनालिस्ट के कवरेज में शामिल है। इनमें से आठ ने स्टॉक के लिए buy रेटिंग दी है और दो ने sell की सलाह दी है। प्राइस टारगेट का आम अनुमान बताता है कि शुक्रवार की क्लोजिंग के मुकाबले इसमें 8.9% की बढ़त की गुंजाइश है। पिछले 12 महीनों में इस स्टॉक ने 25.9% का रिटर्न दिया है। UBS का ₹4,000 का टारगेट प्राइस आम अनुमान से काफी ज़्यादा है,जो CarTrade की ग्रोथ की संभावनाओं पर ज़्यादा पॉजिटिव नज़रिए को दिखाता है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: 73% तक रिटर्न दे सकते हैं ये 5 शेयर, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: लगातार आठ हफ्तों तक बिकवाली के दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी हफ्ते तेजी लौटी। Nifty 50 में 0.44% और Sensex में 0.78% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों और RBI के ब्याज दर बढ़ाने से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

इस बीच, ब्रोकरेज फर्मों ने कई शेयरों पर खरीदने की सलाह दी है। इनमें मेटल, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और एंटरटेनमेंट सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस और दिए गए मौजूदा भाव के आधार पर इन पांच शेयरों में करीब 46% से 73% तक तेजी की संभावना है।

इन 5 शेयरों में कितनी तेजी की संभावना?

कंपनीमौजूदा शेयर भावटारगेट प्राइससंभावित तेजी
Shyam Metalics₹1,062.80₹1,55045.84%
Mahindra & Mahindra₹2,792₹4,26052.58%
PVR Inox₹1,331₹2,13560.41%
TCI Express₹467₹77064.88%
HDFC Bank₹708.20₹1,22572.97%

Shyam Metalics

मेटल कंपनी Shyam Metalics पर UBS ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 24% बढ़ाकर 1,550 रुपये कर दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,062.80 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 45.84% तेजी की संभावना है।

UBS को कंपनी की विस्तार योजनाओं और ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर बढ़ते फोकस से ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपनी परियोजनाओं को इंडस्ट्री के औसत से कम लागत और कम समय में पूरा कर सकती है। इससे क्षमता बढ़ाने और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद मिल सकती है।

Mahindra & Mahindra

ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra के शेयर पर Citi ने खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने 4,260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 2,792 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 52.58% तेजी की संभावना है।

Citi को कंपनी के पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर कारोबार में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल गाड़ियों की बिक्री सालाना आधार पर 15.7% बढ़ सकती है। पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26%, कमर्शियल व्हीकल में 17.8% और थ्री-व्हीलर में 38.7% बढ़ोतरी का अनुमान है।

हालांकि, ट्रैक्टर की बिक्री में 5.6% गिरावट की आशंका है। बढ़ती कमोडिटी लागत और प्रोडक्ट मिक्स से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। Citi को रेवेन्यू में 26.7% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि EBITDA में 1.8% गिरावट का अनुमान है।

PVR Inox

एंटरटेनमेंट कंपनी PVR Inox पर CLSA ने ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 2,135 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,331 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 60.41% तेजी की संभावना है।

CLSA को हिंदी, क्षेत्रीय भाषाओं और हॉलीवुड फिल्मों की बेहतर रिलीज से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार कंटेंट देखने से दर्शकों में थकान बढ़ रही है। ऐसे में लोग फिर से सिनेमाघरों में फिल्म देखने का रुख कर सकते हैं।

PVR Inox के पास करीब 1,800 स्क्रीन हैं। कंपनी ने छोटे शहरों में स्मार्ट स्क्रीन के विस्तार के लिए 300 जगहों की पहचान की है। CLSA को उम्मीद है कि इस विस्तार से कंपनी को ग्रोथ मिलेगी। बेहतर कैश जनरेशन और हाल में किए गए शेयर बायबैक को भी ब्रोकरेज ने अपने आकलन में शामिल किया है।

TCI Express

लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI Express पर Jefferies ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 770 रुपये रखा है। शेयर का मौजूदा भाव 467 रुपये है। इसके आधार पर इसमें करीब 64.88% तेजी की संभावना है।

Jefferies को कंपनी के शिपमेंट वॉल्यूम में सुधार की उम्मीद है। इससे ट्रकों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और कमाई बढ़ सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% और EBITDA 8% बढ़ सकता है।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव से कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ने का जोखिम है। Jefferies के मुताबिक, शिपमेंट वॉल्यूम में रिकवरी जारी रहने पर कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कमाई को फायदा मिल सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank पर Emkay ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,225 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 708.20 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 72.97% तेजी की संभावना है।

Emkay का मानना है कि लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के कारण बैंक का वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर आ गया है। शेयर में रिकवरी के लिए बैंक को अपने मुख्य कारोबार में सुधार दिखाना होगा। डिपॉजिट जुटाने और लोन ग्रोथ में प्रगति से निवेशकों का भरोसा लौट सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होने या उनका रुख बदलने से भी शेयर को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, वैल्यूएशन में दोबारा बढ़ोतरी बैंक के कारोबारी प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jio Platforms IPO: ₹1065-₹1119 रह सकता है प्राइस बैंड, 21 अक्टूबर से ओपनिंग; 10 पॉइंट में जानें अहम डिटेल

रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। और हो भी क्यों न, लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। Jio Platforms IPO पर ताजा अपडेट इसके प्राइस बैंड को लेकर है। यह कितना रहने वाला है, इस बारे में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं जियो IPO को लेकर अब तक सामने आईं खास बातें…

संभावित प्राइस बैंड और साइज

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Jio Platforms Ltd. के प्रस्तावित IPO के लिए प्राइस बैंड 1065-1119 रुपये प्रति शेयर रहने वाला है। ब्लूमबर्ग की कैलकुलेशन के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर Jio के IPO से लगभग 30200 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

वैल्यूएशन

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 10.3 लाख करोड़ रुपये तक की मार्केट वैल्यू का लक्ष्य रख रही है। लेकिन बातचीत अभी जारी है और प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और टाइमिंग सहित अन्य डिटेल अभी भी बदल सकती हैं। IPO का ड्राफ्ट कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास इस साल जून में जमा किया गया था। मंजूरी अगस्त में मिली।

IPO कब खुलेगा और कब लिस्ट होगा

यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुल सकता है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।

Jio IPO में कितने नए शेयर

19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

बुक रनिंग लीड मैनेजर

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने IPO के लिए 19 इनवेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

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कैसे बन सकता है देश का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो का IPO 30000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने वाला है।

रिजर्व हिस्से पर क्या अपडेट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पता चला है कि IPO में जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरीज के स्थायी कर्मचारियों के लिए शेयर रिजर्व होंगे। इसके बाद नेट इश्यू का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। QIB के हिस्से में से 60 प्रतिशत तक हिस्सा एंकर निवेशकों को अलॉट किया जा सकता है। इसमें से कुछ हिस्सा विशेष रूप से म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए रिजर्व होगा।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय रोड शो कंप्लीट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में अपने अंतरराष्ट्रीय रोडशो पूरे कर लिए हैं। अब वह 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सेबी के पास IPO का फाइनल ड्राफ्ट जमा कर सकती है। कंपनी भारत में भी IPO रोडशो आयोजित कर सकती है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 30,000 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 18.8 प्रतिशत बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में Jio के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही। जियो 5G के सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.8 करोड़ है।

Jio Platforms में किसके पास कितनी हिस्सेदारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Outlook: रिकॉर्ड ऊंचाई से 45% फिसली चांदी, क्या अगले साल इसमें फिर आएगी तूफानी तेजी?

Silver Price Outlook: चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 45 फीसदी गिर चुकी हैं। इस साल जनवरी के अंत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर का प्राइस 120 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया था। अब यह गिरकर 60-61 डॉलर प्रति औंस रह गया है। भारत में एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स 4.28 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। अब यह गिरकर 2.39-2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है। सवाल है कि क्या चांदी की कीमतें फिर से 2027 में नई ऊंचाई पर पहुंच जाएंगी?

इस साल जनवरी में चांदी की कीमत 121 डॉलर प्रति औंस थी

अगले साल चांदी की सप्लाई डिमांड से ज्यादा रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इस वजह से रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाने की जगह चांदी की कीमतों में कंसॉलिडेशन दिख सकता है। चांदी की कीमतों में पिछले करीब दो साल में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 1 जनवरी, 2025 को चांदी का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 डॉलर प्रति औंस था। जनवरी 2026 में भाव 121 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

इस साल जून में 57 डॉलर प्रति औंस तक आ गई थी कीमत 

इस साल जून तक कीमत करीब 65 फीसदी गिरकर 57 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थीं। अभी यह 60-61 डॉलर प्रति औंस पर चल रही हैं। भारत में भी इस साल जनवरी में चांदी का भाव 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। अभी यह गिरकर 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा है। पिछले महीने चांदी 8 फीसदी से ज्यादा गिरी। इस साल यह करीब 14 फीसदी गिरी है।

अगले साल डिमांड  से ज्यादा रह सकती है सप्लाई

पिछले कुछ सालों में चांदी की सप्लाई उसकी डिमांड से कम थी। 2021 में चांदी की सप्लाई करीब 8 से 10 करोड़ औंस कम थी। 2025 में यह 4 करोड़ औंस रही। इस साल यह 4.6 करोड़ औंस कम रह सकती है। लेकिन, अगले साल चांदी की सप्लाई डिमांड से ज्यादा रहने की उम्मीद है। इसकी वजह चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी है।

चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड घटने के संकेत

एक तरफ चांदी की डिमांड सुस्त पड़ने के संकेत हैं तो दूसरी तरफ इसकी सप्लाई बढ़ रही है। चीन में सोलर पावर सेक्टर की चांदी की डिमांड 30 फीसदी कम रह सकती है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि कॉस्ट घटाने के लिए मैन्युफैक्चरर्स अब पतले इलेक्ट्रिकल कॉन्टैक्ट्स, सिल्वर पेस्ट और कॉपर पर सिल्वर प्लेटिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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ब्रोकरेज फर्मों ने दिए कीमत के अनुमान 

जेपी मॉर्गन का मानना है कि अगले साल चांदी की कीमत 63.90 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। UBS ने चांदी की कीमतें 80 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। Citi का मानना है कि अगले साल चांदी 65-75 डॉलर प्रति औंस के बीच रह सकती है। HSBC ने इसकी कीमत 68 डॉलर प्रति औंस और डोएचे बैंक ने 70 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है।

Kalyan Jewellers Share Price: कमजोर बाजार में उछला शेयर, ब्रोकरेज बुलिश, मिलेगा 60% का रिटर्न

Kalyan Jewellers India Share Price: ज्वेलरी मेकिंग कंपनी कल्याण ज्वैलर्स इंडिया (Kalyan Jewellers India) के शेयरों में 2 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह मिडकैप सेगमेंट में सबसे ज़्यादा बढ़त वाली कंपनी बन गई। ऐसा UBS की ओर से इस ज्वैलरी रिटेलर के लिए सकारात्मक नजरिए को दोहराने के बाद हुआ। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में पिछले साल के हाई बेस के बावजूद मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

शुरुआती कारोबार में यह स्टॉक 2.5 फीसदी बढ़कर 578 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे इस साल अब तक इसमें लगभग 19 फीसदी की बढ़त हो चुकी है। इसकी तुलना में, निफ्टी 50 में इस साल अब तक 13.3 फीसदी की गिरावट आई है। कल्याण ज्वैलर्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 59,600 करोड़ रुपये था। बाजार में कमज़ोरी के बावजूद यह बढ़त देखने को मिली। हालांकि इसमें बाद में मुनाफावसूली देखने को मिली।

स्टॉक पर क्या है UBS की राय

UBS ने कल्याण ज्वैलर्स के लिए ‘बाय’ (खरीदने) की रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 900 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस टारगेट का मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना है।

कंपनी के मैनेजमेंट के साथ बातचीत के आधार पर, UBS ने कहा कि कल्याण ज्वैलर्स के लिए फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में ग्रोथ की संभावना मजबूत है, भले ही कंपनी को ऊंचे बेस (high base) का सामना करना पड़ रहा हो। ब्रोकरेज के अनुसार, सोने की बढ़ी हुई कीमतों का डिमांड और औसत टिकट साइज़ (खरीद मूल्य) पर असर अलग-अलग कस्टमर सेगमेंट में अलग-अलग होता है। इस बीच, कल्याण ज्वैलर्स अपने स्टोर और नेटवर्क का तेजी से विस्तार जारी रखने की योजना बना रही है।

UBS ने कंपनी की गोल्ड सेविंग्स स्कीम पर भी ज़ोर दिया, जो ‘सेम-स्टोर ग्रोथ’ (मौजूदा स्टोर से होने वाली बिक्री में बढ़ोतरी) के बारे में बेहतर जानकारी देती हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज एक्टिविटी के ऊंचे बने रहने की उम्मीद है, जबकि कंपनी इससे मार्जिन पर पड़ने वाले असर को मैनेज करने की योजना बना रही है।

नेटवर्क का विस्तार ग्रोथ का मुख्य कारण है

ताज़ा कमेंटरी UBS के इस महीने की शुरुआत वाले इन्वेस्टमेंट थीसिस को और मजबूत करती है, जब ब्रोकरेज ने कल्याण ज्वैलर्स पर ‘buy’ रेटिंग और 900 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया था।

UBS ने ज्वैलर के पैन-इंडिया रिटेलर के तौर पर उभरने और तेज़ी से विस्तार में मदद करने वाले इसके ‘कैपिटल-लाइट’ फ्रैंचाइज़ी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड (FOCO) मॉडल को मुख्य वजह बताया था। ब्रोकरेज के अनुसार, कल्याण ज्वैलर्स टाइटन की तुलना में लगभग दोगुनी रफ़्तार से स्टोर जोड़ रही है।

UBS के अनुसार, कंपनी के रेवेन्यू में FY22 और FY26 के बीच लगभग 35 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की गई। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि नेटवर्क विस्तार जारी रहने से अगले पांच वर्षों में रेवेन्यू और कमाई में सालाना लगभग 23 प्रतिशत की कंपाउंड ग्रोथ होगी।

UBS ने यह भी तर्क दिया था कि FY22 और FY26 के बीच स्टॉक में छह गुना बढ़ोतरी के बावजूद इसमें और री-रेटिंग की गुंजाइश है। कवरेज शुरू करते समय, ब्रोकरेज का अनुमान था कि कल्याण ज्वैलर्स FY28 की कमाई के लगभग 30 गुना पर ट्रेड कर रही थी, जो टाइटन की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत कम (डिस्काउंट) था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Cartrade Tech के शेयर पर ब्रोकरेज हुआ फिदा, 33% का रिटर्न संभव

Cartrade Tech Share Price: मल्टी-चैनल ऑटोमोटिव मार्केटप्लेस कंपनी Cartrade Tech के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म बुलिश नजर आए। ब्रोकरेज फर्म Nomura और UBS स्टॉक पर Buy रेटिंग दी है और उनका मानना है कि शेयर 33 फीसदी की अपसाइड मूव दिखा सकता है।

स्टॉक पर नोमुरा की क्या है राय

इस ब्रोकरेज ने “buy” रेटिंग और ₹3,340 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 11% की बढ़त का संकेत देता है।

CarTrade Tech के मैनेजमेंट ने एनालिस्ट मीट में कहा कि वे अपने यूज्ड-कार इकोसिस्टम को बढ़ाने पर ध्यान देना जारी रखेंगे और साथ ही OLX का विस्तार ऑटो क्लासिफाइड से आगे भी करेंगे।

फिलहाल यूज्ड-कार लिस्टिंग की संख्या 3.4 मिलियन से अधिक है और मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मध्यम अवधि में यह संख्या 10 मिलियन तक पहुंच जाएगी।

कंपनी के अनुसार, OLX पर व्यवसायों के लिए ‘एलीट बायर प्रोग्राम’ शुरू किया गया है और इसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

Nomura ने कहा कि कंपनी अपने नॉन-ऑटो यूज्ड-प्रोडक्ट्स बिजनेस के लिए कॉमर्स शुरू करने की योजना बना रही है। शुरुआत में एस्क्रो और लॉजिस्टिक्स सेवाएं थर्ड-पार्टी पार्टनर्स के जरिए दी जाएंगी, जिससे वॉल्यूम बढ़ने पर कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं।

UBS

UBS ने इस स्टॉक के लिए “buy” रेटिंग देते हुए इसके लिए ₹4,000 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 33% की तेजी दिखा सकता है। यूबीएस ने कहा कि Cartrade Tech का मैनेजमेंट AI-आधारित प्रोडक्ट्स और कई साझेदारियों के माध्यम से यूज्ड-कार वैल्यू चेन में कमाई के स्रोतों को बढ़ाने पर काफी ध्यान दे रहा है।

इस सप्ताह की शुरुआत में, कंपनी ने रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर भारत के प्रमुख कार डीलर ‘Landmark Cars’ के साथ साझेदारी की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि इससे Cartrade Tech को अधिक ASP (औसत बिक्री मूल्य) वाली यूज्ड कारों तक पहुंच मिलेगी।

कंपनी ने अपने एंटरप्राइज टेक प्लेटफॉर्म ‘VAYA AI’ के बारे में भी बताया, जो एक डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है और डीलर्स तथा ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को काम की जानकारी (एक्शनेबल इनसाइट्स) दे सकता है। UBS ने कहा कि इससे यूज्ड कार खरीदने की प्रक्रिया के डिजिटाइजेशन में मदद मिलनी चाहिए।

ब्रोकरेज ने कहा कि मौजूदा लॉन्च के मामले में, OLX के ‘एलीट बायर प्रोग्राम’ को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और आने वाली तिमाहियों में इसके इस्तेमाल में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसमें यह भी कहा गया है कि मौजूदा प्रोडक्ट्स से कमाई बढ़ने और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर लगातार ध्यान देने की वजह से, कंपनी को उम्मीद है कि CarTrade Tech की ज़बरदस्त कमाई की ग्रोथ जारी रहेगी।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

कुल 10 एनालिस्ट CarTrade Tech के स्टॉक पर नजर रखते हैं। इनमें से 8 ने buy की सलाह दी है, जबकि 2 ने sell की रेटिंग दी है।

शुक्रवार को CarTrade Tech के शेयर 0.5% गिरकर ₹2,988 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 5% गिरा है, लेकिन साल की शुरुआत से अब तक इसमें 6% की बढ़त बनी हुई है।

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Personal Loan: बैंकों के पास पैसा बढ़ा, क्या अब आसानी से मिलेगा पर्सनल लोन? जानिए ब्याज दर पर क्या असर होगा

Personal Loan: अगर आप आने वाले त्योहारी महीनों में पर्सनल लोन लेने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म UBS के मुताबिक, भारत में पर्सनल लोन की ग्रोथ फिर तेज हो सकती है। बैंकों के पास पर्याप्त लिक्विडिटी यानी नकदी है और वे आने वाले महीनों में इस पैसे को लोन के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

पर्सनल लोन की ग्रोथ बढ़ने के संकेत

UBS के मुताबिक, भारत में अनसिक्योर्ड क्रेडिट का एक मजबूत दौर शुरू हो सकता है। इसमें पर्सनल लोन बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सितंबर की CIRF रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल लोन का कुल बकाया पोर्टफोलियो करीब ₹17 लाख करोड़ है। इसमें सालाना आधार पर 13.8% की बढ़ोतरी हुई है।

देश के पांच बड़े बैंकों में पर्सनल लोन पोर्टफोलियो की ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औसतन 10% रही। SBI की ग्रोथ 15%, ICICI Bank की 12.9%, Axis Bank की 6% और Kotak Mahindra Bank की 5% रही।

क्या अब पर्सनल लोन मिलना आसान होगा?

बैंकों के पास अतिरिक्त पैसा होने से लोन बांटने की क्षमता जरूर बढ़ सकती है। UBS का मानना है कि आने वाले महीनों में बैंक इस अतिरिक्त रकम को खास तौर पर पर्सनल लोन जैसे सेगमेंट में लगा सकते हैं।

इसका फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जिनकी प्रोफाइल मजबूत है। यानी अच्छा क्रेडिट स्कोर, स्थिर आय और पहले से कम कर्ज वाले लोगों के लिए लोन अप्रूवल का माहौल बेहतर हो सकता है।

क्या पर्सनल लोन सस्ता भी होगा?

यहां तस्वीर थोड़ी अलग है। UBS की रिपोर्ट बैंकों में बढ़ी नकदी और पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ की बात करती है। ज्यादा पैसा उपलब्ध होने से बैंक ज्यादा लोन देने के लिए तैयार हो सकते हैं। मगर इसका सीधा मतलब ब्याज दर में कटौती नहीं है।

अगर बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हैं, तो कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर या ऑफर मिल सकते हैं। लेकिन यह बैंक और ग्राहक की प्रोफाइल पर निर्भर करेगा।

FCNR-B से बैंकों के पास आया ज्यादा पैसा

पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ के पीछे एक बड़ी वजह FCNR-B डिपॉजिट स्कीम से आई लिक्विडिटी है। 31 अगस्त को स्कीम बंद होने तक इस रास्ते से करीब $133 अरब का इनफ्लो आया। FCNR-B (Foreign Currency Non-Resident Bank Deposit) NRI लोगों के लिए बैंक में विदेशी मुद्रा में पैसा जमा करने की सुविधा है। इसमें जमा रकम और ब्याज उसी विदेशी मुद्रा में होता है, इसलिए रुपये की कीमत में बदलाव का असर सीधे नहीं पड़ता।

UBS के मुताबिक, इससे बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹12-13 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी बन सकती है। बैंक इस पैसे का इस्तेमाल आने वाले महीनों में लोन देने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, बैंकिंग अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त पैसे को लोन में बदलने में 3-4 महीने लग सकते हैं।

आपके लिए क्या मतलब?

अगर आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है, तो आने वाले महीनों में पर्सनल लोन के विकल्प बढ़ सकते हैं। बैंक ज्यादा आक्रामक तरीके से लोन ऑफर कर सकते हैं और कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर भी मिल सकती है।

लेकिन ‘लोन आसानी से मिलेगा’ और ‘लोन सस्ता होगा’ दोनों एक ही बात नहीं हैं। फिलहाल संकेत पर्सनल लोन की उपलब्धता और ग्रोथ बढ़ने के हैं। ब्याज दर में कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि RBI की पॉलिसी, बैंकों की फंडिंग कॉस्ट और ग्राहकों के क्रेडिट रिस्क में क्या बदलाव आता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Shaily Engineering Share Price : सैंडोज को कनाडा में मिली जेनेरिक सेमाग्लूटाइट लॉन्च करने की मंजूरी, 6% भागा शेयर

Shaily Engineering Share Price : शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स में आज जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। फिलहाल एनएसई पर यह शेयर 170.20 रुपए यानी 5.40 फीसदी की तेजी के साथ 3321 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका इंट्राडे हाई 3,400 रुपए है। इसका 52 वीक हाई 3,615.20 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 699,637 शेयर के आसपास है। वहीं, इसका मार्केट कैप 15,255 रुपए है। इस स्टॉक में आज ओपनिंग से लेकर अब तक बहुत अच्छी तेजी बनी है।

इस शेयर में आई तेजी की वजह पर नजर डालें तो ग्लोबल फार्मा कंपनी सैंडोज को कनाडा में जेनेरिक सेमाग्लूटाइट के लिए मंजूरी मिल चुकी है। यह ऐसी पहली कंपनियों में एक है जिसको कनाडा में सेमाग्लोटाइट के लिए मंजूरी मिली है। सैंडोज ने कहा है कि वह पेन फॉर्मेट में थ्री स्ट्रेंन डोजेज के साथ अपना ये सेमाग्लूटाइट कनाडा में लॉन्च करेगी। यह शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स के लिए भी एक बहुत बड़ी खबर हो सकती है। क्योंकि इसके लिए उसे बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। क्योंकि सैंडस के साथ शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स पहले से ही पार्टनरशिप है। शैली इंजीनियरिंग पहले से ही पेन फॉर्मेट्स बनाती है। ऐसे में इसके लिए काफी पॉजिटिव खबर हो सकती है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 3.67 करोड़ पेन इंजेक्टर्स वॉल्यूम का गाइडेंस दिया था।

कनाडा में कंपनी का पहले से ही बड़ा मार्केट शेयर है। इसके अलावा कंपनी लगातार अपनी क्षमता विस्तार पर फोकस कर रही है। कंपनी का नियर टर्म गाइडेंस प्रति वर्ष 7.5 करोड़ पेन इंजेक्टर्स बनाने का गाइडेंस है। इस साल के अंत तक ही कंपनी ये हासिल कर सकती है। कंपनी का जो हेल्थ केयर वर्टिकल इसके लिए काफी अहम ट्रिगर है। फिलहाल कंपनी के रेवेन्यू में सेगमेंट का हिस्सा करीब 40% है। पेन इंजेक्टर्स के लिए कंपनी लगातार बड़ी ग्लोबल और इंडियन फार्मा कंपनीज़ के साथ पार्टनरशिप कर रही है।

शैली इंजीनियरिंग पर UBS की राय

इन बातों के ध्यान में रखते हुए शैली इंजीनियरिंग पर UBS का नजरिया भी बुलिश है। UBS में इस स्टॉक पर Buy रेटिंग बनाए रखते हुए 4,500 रुपए का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सैंडेज (Sandoz) को कनाडा में जेनेरिक सेमाग्लूटाइड लॉन्च करने की मंजूरी मिली है। 3 अलग डोज में पेन के जरिए दवा लॉन्च होगी। पेन यानी दवा लगाने वाला इंजेक्शन डिवाइस। कनाडा के पेन मार्केट में कंपनी की मजबूत पकड़ है। इस नई मंजूरी से कंपनी के कारोबार को फायदा होगा। FY27 गाइडेंस से ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद है। UBS को 4 करोड़ पेन की बिक्री की उम्मीद है। वहीं, कंपनी का लक्ष्य 3.6 करोड़ पेन की बिक्री का है। यानी कंपनी की गाइडेंस से 40 लाख ज्यादा पेन बिकने का अनुमान है।

 

OFSS Share Price : कर्ज को लेकर पेरेंट कंपनी ओरेकल कॉर्प की दिक्कतें बढ़ीं, 7% टूटा शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock to Buy: यह शेयर आपको कर देगा मालामाल, UBS ने दी है खरीदने की सलाह

आप किसी दमदार शेयर की तलाश में हैं तो आप कोल इंडिया के शेयर में निवेश कर सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने इस शेयर के लिए 550 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है।

HSBC ने शेयर पर दी है होल्ड रेटिंग

एचएसबीसी ने भी कोल इंडिया के शेयरों पर ‘होल्ड’ की रेटिंग दी है। उसने इस शेयर के लिए 440 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि पावर की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। उधर, हाइड्रो पावर जेनरेशन कमजोर है। कोयले की इनवेंट्री घटकर तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है। कोयले की कीमतें चढ़ रही हैं। इसका मतलब है कि आगे कोयले की मांग स्ट्रॉन्ग रहेगी।

25 एनालिस्ट्स में से 14 की खरीदने की सलाह

मॉर्गन स्टेनली ने इस शेयर पर ‘इक्वलवेट’ रेटिंग दी है। कोल इंडिया के शेयरों को कवर करने वाले 25 एनालिस्ट्स में से 14 ने इसे खरीदने की सलाह दी है। 6 ने इसे होल्ड करने की सलाह दी है। 5 ने इसे बेचने की सलाह दी है। कोल इंडिया देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी है। इसे शेयरों में 2 सितंबर को तेजी दिखी। कारोबार के अंत में शेयर 3.66 फीसदी चढ़कर 416 रुपये पर बंद हुआ।

2 सितंबर को शेयरों में जोरदार तेजी 

कोल इंडिया के शेयरों में ऐसे दिन तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव था। 2 सितंबर को निफ्टी 50 कारोबार खत्म होने पर 0.59 फीसदी यानी 141 अंक गिरकर 23,914 पर आ गया। कई हफ्ते बाद यह 24,000 के नीचे आया है। सेंसेक्स 0.49 फीसदी यानी 373 अंक गिरकर 76,570 पर रहा।

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81.5 करोड़ टन प्रोडक्शन का टारगेट

अप्रैल से अगस्त के दौरान कोल इंडिया का प्रोडक्शन साल दर साल आधार पर 4.5 फीसदी घटकर 26.75 करोड़ टन रहा। कंपनी ने FY27 के लिए 81.5 करोड़ टन उत्पादन का टारगेट रखा है। बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.52 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न निगेटिव रहा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।