Gift Nifty Indicator: ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच क्या हरे निशान में खुलेंगे भारतीय बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator:  कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, US-ईरान शांति समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीदें और घरेलू कंपनियों की अच्छी कमाई का माहौल भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकता है। हालांकि एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। यहीं कारण है कि 6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद GIFT निफ्टी पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है।

सुबह लगभग 7:45 बजे GIFT निफ्टी 58.5 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 24,693 पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि निफ्टी 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग लेवल से ऊपर खुल सकता है। यह पॉजिटिव संकेत भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के बुधवार के सेशन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 फीसदी बढ़कर 78,581.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर पहुंचा और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद 24,600 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार की जोरदार तेजी के बाद एशियाई इक्विटी में सुस्ती देखी गई, जिसमें वॉल स्ट्रीट में रात भर की कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 1.57 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.64 फीसदी नीचे आया क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों पर दबाव था। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 2.44 फीसदी की गिरावट आई, जबकि SK हाइनिक्स लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया।

US बाजार रात भर मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में प्रगति को लेकर उम्मीद टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी पर भारी पड़ी। डाउ में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि तिमाही नतीजों के बाद स्पेसएक्स और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

तेल की कीमतों में नरमी

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान बातचीत में हुई प्रगति से अंततः अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.35 प्रतिशत गिरकर 74.96 डॉलर पर आ गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिसी फैसले के बाद, अब निवेशकों का ध्यान अप्रैल-जून तिमाही के जारी अर्निंग्स सीजन (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर लौटने की उम्मीद है। कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल के मुख्य कारण बने रहेंगे, जबकि मध्य पूर्व से जुड़ी वैश्विक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव व्यापक बाजार धारणा को प्रभावित करते रहेंगे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को लगातार छह सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर (शुद्ध विक्रेता) बन गए, तथा 943 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक बेकाबू रॉकेट चांद की सतह से टकरा गया है। 4 हजार किलो वजनी और करीब 5 मंजिला इमारत जितना बड़ा यह रॉकेट करीब 8,690 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया। नासा ने कहा कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। हालांकि इस टक्कर की पुष्टि तस्वीरों के आने के बाद होगी। यह बेकाबू टुकड़ा स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा है। इसे जनवरी 2025 में फ्लोरिडा से अमेरिका और जापान के दो लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में भेजने के लिए लॉन्च किया गया था। मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट का यह हिस्सा अंतरिक्ष में तैरता रह गया। पिछले 18 महीनों के दौरान पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसका रास्ता धीरे-धीरे बदल गया। खगोलविदों ने डेटा का अध्ययन करके पहले ही अनुमान लगा लिया था कि यह रॉकेट भटककर सीधे चांद की ओर जा रहा है और उससे टकराएगा। आइंस्टीन क्रेटर के पास टक्कर हुई, दूरबीन से भी देखना मुश्किल यह टक्कर चांद के ‘आइंस्टीन क्रेटर’ के पास हुई। यह क्षेत्र चांद के उस हिस्से में है जहां दिन का उजाला रहता है और जो पृथ्वी से दिखाई देता है। हालांकि, वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे आम टेलिस्कोप से देखना नामुमकिन था, क्योंकि टक्कर के वक्त बनी रोशनी बेहद हल्की थी। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के खगोलविद डॉ. मैट बोथवेल का कहना है कि टक्कर के कारण चांद की धूल का एक बड़ा गुबार उठा होगा, जो 100 किलोमीटर तक ऊपर गया होगा और कई मिनटों तक रहा होगा। तस्वीरों के लिए इंतजार करना होगा, ऑर्बिटर जारी करेंगे डेटा फिलहाल जब यह हादसा हुआ, तब चांद का चक्कर लगा रहा कोई भी स्पेसक्राफ्ट सही पोजिशन में नहीं था, इसलिए लाइव तस्वीरें नहीं मिल पाई हैं। दक्षिण कोरिया का ‘दानुरी’ ऑर्बिटर और नासा का ‘लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर’ (LRO) आने वाले दिनों में टक्कर वाली जगह के ऊपर से गुजरेंगे और तस्वीरें लेंगे। वैज्ञानिक पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करके चांद की सतह पर बने नए निशान की पहचान करेंगे। चांद पर पहले से मौजूद है 190 टन कचरा इस टक्कर के बाद चांद पर इंसानों की छोड़ी गई या दुर्घटनाग्रस्त हुई चीजों की संख्या बढ़कर लगभग 3,000 हो गई है। इनका कुल वजन करीब 190 टन हो चुका है। सितंबर 1959 में सोवियत संघ का ‘लूना 2’ चांद की सतह पर पहुंचने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट था। इसके अलावा नासा के अकेले अपोलो प्रोग्राम से जुड़ी 796 चीजें चांद पर मौजूद हैं। चांद पर कोई वायुमंडल या पर्यावरण नहीं है, इसलिए इस कचरे से वहां किसी ईकोसिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि, वैज्ञानिक चिंतित हैं कि भविष्य में बढ़ते लूनर ट्रैफिक के कारण ऐतिहासिक अपोलो लैंडिंग साइट्स को नुकसान न पहुंचे और नए स्पेसक्राफ्ट्स के टकराने का जोखिम न बढ़े। NASA और वैज्ञानिकों को इस टक्कर से क्या फायदा होगा? साइंस म्यूजियम की स्पेस हेड लिब्बी जैक्सन के अनुसार, यह वैज्ञानिकों के लिए काफी रोमांचक प्रयोग है क्योंकि रॉकेट की स्पीड, वजन और आकार का डेटा पहले से मौजूद था। आमतौर पर जब कोई प्राकृतिक उल्कापिंड चांद से टकराता है, तो वैज्ञानिकों के पास उसका शुरुआती डेटा नहीं होता। इस टक्कर से बने नए गड्ढे और उड़ी हुई धूल की परत का अध्ययन करके वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि अरबों साल पहले चांद और हमारे सौर मंडल का निर्माण कैसे हुआ था। इधर ऊपरी हिस्सा टकराया, उधर 18वीं बार उड़ने को तैयार बूस्टर स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का निचला हिस्सा रीयूजेबल होता है। इसे बूस्टर कहते हैं और लैंडिंग करके धरती पर वापस आ जाता है। जिस जनवरी 2025 वाले मिशन का ऊपरी हिस्सा भटककर चांद से टकराया, उसी रॉकेट के निचले बूस्टर को 10 अगस्त को 18वीं बार लॉन्च किया जाएगा। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है स्पेस डैब्रिस और आइंस्टीन क्रेटर… इंसान द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए रॉकेट्स के छूटे हुए टुकड़े, निष्क्रिय सैटेलाइट्स और मलबे को स्पेस डैब्रिस कहा जाता है। वहीं चंद्रमा के पश्चिमी किनारे पर स्थित एक बड़ा गड्ढा है, जिसका व्यास करीब 170 किलोमीटर है। इसे आइंस्टीन क्रेटर नाम दिया गया है। —————————————- ये खबर भी पढ़े… हजारों वॉट्सएप अकाउंट अचानक बंद, मैसेज आया- अंडर रीव्यू:बिना वार्निंग सभी फीचर्स ब्लॉक, कंपनी बोली- कभी-कभी गलती हो जाती है मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में हजारों यूजर्स के अकाउंट 24 घंटे के लिए रीव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़े…

SpaceX आया रिकॉर्ड हाई से 50% नीचे, इस कारण कमजोर हो रहा Elon Musk का शेयर

Elon Musk’s SpaceX Big Fall: एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री की। इसने निवेशकों को मालामाल कर दिया और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क और अमीर हो गए और वह दुनिया के इकलौते ट्रिलेनियनर यानी कि एक ट्रिलियन डॉलर यानी $1 लाख करोड़ की दौलत वाले शख्स बन गए। हालांकि अब स्पेसएक्स के शेयरों की भारी गिरावट ने मस्क की दौलत गिरा दी और अब वह ट्रिलेनियनर नहीं रह गए। 24 जुलाई को एलॉन मस्क ने X (पूर्व नाम Twitter) पर मजाकिया अंदाज में लिखा, पूर्व ट्रिलेनियर।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को $135 के भाव पर जारी हुए थे। 12 जून को मार्केट में इसकी $150 के भाव पर एंट्री हुई थी और पहले ही कारोबारी दिन $176.52 के हाई पर पहुंचने के बाद $160.95 के भाव पर बंद हुआ। इसके दो ही दिन बाद 16 जून को यह $225.64 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था लेकिन अब नास्डाक पर यह $113.50 पर यानी कि हाई लेवल से यह 49.70% नीचे आ चुका है। वैसे इसका रिकॉर्ड निचला स्तर $108.66 है जो इसने 27 जुलाई को इंट्रा-डे में छुआ।

क्यों टूट रहा SpaceX का शेयर?

स्पेसएक्स के आईपीओ फाइलिंग में सामने आया था कि कंपनी कितना खर्च कर रही है और इसका टारगेट क्या है। अब जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे से लेटेस्ट तस्वीर सामने आई है जैसे कि कंपनी को जून तिमाही में करीब $430 करोड़ का नेट लॉस हुआ, $470 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ, कैपिटल एक्सपेंडिचर $1010 करोड़ रहा जिसमें से $772 करोड़ सिर्फ एआई पर खर्च हुए। जब शेयर चढ़ रहे थे तो निवेशकों ने इन खर्चों पर ध्यान नहीं दिया और इसे एलॉन मस्क के उस अनुमान से भी सपोर्ट मिला जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2030 के आखिरी तक स्पेसएक्स सालाना $1 ट्रिलियन रेवेन्यू हासिल कर सकती है जोकि साल 2025 के $1870 करोड़ के रेवेन्यू से 50 गुना से भी अधिक है।

हालांकि निवेशक अब इसके खर्चों पर ध्यान दे रहे हैं जिसके चलते शेयरों पर दबाव दिखा। इसके अलावा स्टारशिप की 13वीं टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से इसके मार्केट कैप में करीब $10 हजार करोड़ की गिरावट आई। स्पेसएक्स के लिए स्टारशिप काफी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, क्योंकि इसी से कंपनी की भविष्य की एआई और मंगल ग्रह से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अब आगे कैसी रहेगी चाल?

निवेशकों की नजरें अब 4 अगस्त को आने वाले स्पेसएक्स के कारोबारी नतीजे पर हैं। यह पहली बार होगा, जब एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी के तौर पर यह अपना रिजल्ट पेश करेगी। इसके अवावा 6 अगस्त को लॉक-अप एक्सपायरी होने को लेकर भी निवेशकों की नजर है। लॉक-अप एक्सपायरी से लाखों शेयर मार्केट में आ सकते हैं तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

ट्रेडिंगकी की रिपोर्ट के मुताबिक इसे कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स ने 12 महीने के लिए इसका औसत टारगेट प्राइस $235.18 तय किया है। एनालिस्ट्स के मुताबिक हाइएस्ट टारगेट प्राइस $800 और लोएस्ट टारगेट $115 का है। स्पेसएक्स में शुरुआती दौर में निवेश करने वाले और Atreides Management के सीआईओ गैविन बेकर ने सीएनबीसी पर कहा कि उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि आईपीओ के बाद शुरुआती दौर में गिरावट सामान्य बात है।

SpaceX Shares: तीन दिनों में ₹56 लाख करोड़ स्वाहा, Elon Musk की स्पेसएक्स तीसरे दिन धड़ाम, 16% की भारी गिरावट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट का 13वां टेस्ट कामयाब:पहली बार पानी में सुरक्षित लैंड कराया, अंतरिक्ष में 20 स्टारलिंक सैटेलाइट भी तैनात किए

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान कामयाब रही। पिछले हफ्ते इंजन इग्निशन में खराबी के कारण टले लॉन्च के बाद इस मिशन में स्टारशिप के अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ से स्टारशिप ने भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे उड़ान भरी थी। ये टेस्ट 1 घंटे 3 मिनट का था। इस टेस्ट की सफलता स्पेसएक्स और नासा दोनों के लिए बेहद जरूरी थी। अगले साल नासा की मून लैंडिंग इसी पर निर्भर है। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इस रॉकेट को बनाया है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ये पूरी तरह से रीयूजेबल है। पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने लाइव स्ट्रीम के दौरान कहा कि “यह पहली बार है जब हमने पूरे स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी ‘बेली-फ्लॉप’ स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा। पहली बार असली स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स की तैनाती इस मिशन में स्टारशिप ने पहली बार नए वर्जन के 20 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में तैनात किया। स्पेसएक्स ने पुष्टि की कि उसने सभी 20 टेस्ट सैटेलाइट्स से संपर्क स्थापित कर लिया है। ये सैटेलाइट्स सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर थे और इन्हें स्थायी रूप से अंतरिक्ष में रहने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। तैनात होने के लगभग 20 मिनट बाद ये पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो गए। सुपर हैवी बूस्टर और ‘हॉट स्टेजिंग’ में सुधार लॉन्च के समय सुपर हैवी बूस्टर के सभी 33 रैप्टर इंजनों ने उड़ान भरी, जिससे 1.8 करोड़ पाउंड का थ्रस्ट पैदा हुआ। स्पेसएक्स के स्टारशिप लॉन्च के सीनियर डायरेक्टर जस्टिन स्टेयर के मुताबिक, “यह दुनिया की सबसे बड़ी मशीन गन की तरह है जो गोलियों की जगह हर सेकंड 11 पिकअप ट्रक फायर कर रही हो।” उड़ान के 2 मिनट बाद मेन इंजन कटऑफ (MECO) के बाद ‘हॉट स्टेजिंग’ के जरिए स्टारशिप बूस्टर से अलग हुआ। मई में हुई पिछली उड़ान में सभी 6 इंजन एक साथ चालू न होने से बूस्टर उल्टा घूम गया था, जिसे इस बार सुधार लिया गया था। अलग होने के बाद बूस्टर ने 13 इंजनों का इस्तेमाल करके बूस्टबैक बर्न किया। लैंडिंग के समय इसकी स्पीड थोड़ी ज्यादा थी और सभी 13 इंजन चालू नहीं हो पाए, फिर भी इसने खाड़ी में एक नियंत्रित लैंडिंग की। अब स्टारशिप के पहले हुए 11 टेस्ट के बारे में जानें…. 12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग ‘स्टारशिप’ का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया।
11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया था, लेकिन शिप (ऊपरी हिस्सा) में ऑक्सीजन लीक से ब्लास्ट हो गया था। छठा टेस्ट: लॉन्चपैड पर उतरने में दिक्कत दिखी तो पानी पर लैंड कराया, ट्रम्प भी मौजूद रहे स्टारशिप का छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 03:30 बजे किया गया था। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुंचे थे। इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया। स्टारशिप के इंजन को स्पेस में फिर से चालू किया गया। इसके बाद हिंद महासागर में लैंडिंग हुई। पांचवां टेस्ट: पहली बार बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच किया था स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस टेस्ट में पृथ्वी से 96 Km ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस लाया गया, जिसे मैकेजिला ने पकड़ा। मैकेजिला दो मेटल आर्म हैं जो चॉपस्टिक्स की तरह दिखाई देती हैं। वहीं स्टारशिप की पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराकर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई गई। स्टारशिप ने जब पृथ्वी के वातावरण में एंट्री की तब उसकी रफ्तार 26,000 किलोमीटर प्रति घंटे थी और तापमान 1,430°C तक पहुंच गया था। चौथा टेस्ट: स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पानी में लैंडिंग हुई स्टारशिप का चौथा टेस्ट 6 जून 2024 को हुआ था, जो सक्सेसफुल रहा था। 1.05 घंटे के इस मिशन को बोका चिका से शाम 6.20 बजे लॉन्च किया गया था। इसमें स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पृथ्वी पर वापस लाकर पानी पर लैंड कराया गया। टेस्ट का मेन गोल यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में एंट्री के दौरान सर्वाइव कर पाता है या नहीं। टेस्ट के बाद कंपनी के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था, ‘कई टाइल्स के नुकसान और एक डैमेज्ड फ्लैप के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।’ तीसरा टेस्ट: रीएंट्री के बाद स्टारशिप से संपर्क टूटा था ये टेस्ट 14 मार्च 2024 को हुआ था। स्पेसएक्स ने बताया था कि स्टारशिप रीएंट्री के दौरान सर्वाइव नहीं कर पाया, लेकिन उसने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं इलॉन मस्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल आधा दर्जन स्टारशिप उड़ान भरेंगे। दूसरा टेस्ट: स्टेज सेपरेशन के बाद खराबी आ गई थी स्टारशिप का दूसरा टेस्ट 18 नवंबर 2023 को शाम करीब 6:30 बजे किया गया था। लॉन्चिंग के करीब 2.4 मिनट बाद सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप का सेपरेशन हुआ। बूस्टर को वापस पृथ्वी पर लैंड होना था, लेकिन 3.2 मिनट बाद 90 Km ऊपर यह फट गया। वहीं स्टारशिप तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ गया। करीब 8 मिनट बाद पृथ्वी से 148 Km ऊपर स्टारशिप में भी खराबी आ गई, जिस कारण उसे नष्ट करना पड़ा। फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम के जरिए इसे नष्ट किया गया था। दूसरे टेस्ट में रॉकेट और स्टारशिप को अलग करने के लिए पहली बार हॉट स्टैगिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया था, जो पूरी तरह सक्सेसफुल रही थी। सभी 33 रैप्टर इंजनों ने भी लॉन्च से सेपरेशन तक ठीक से फायर किया था। पहला टेस्ट: लॉन्चिंग के 4 मिनट बाद विस्फोट हो गया था 20 अप्रैल 2023 को स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट में बूस्टर 7 और शिप 24 को लॉन्च किया गया था। उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी के पास 30 किलोमीटर ऊपर स्टारशिप में विस्फोट हो गया था। स्टारशिप के फेल होने के बाद भी इलॉनमस्क और एम्प्लॉइज खुशी मना रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉकेट का लॉन्च पैड से उड़ना ही बड़ी सफलता थी। मस्क ने लॉन्चिंग से दो दिन पहले कहा था- सफलता शायद मिले, लेकिन एक्साइटमेंट की गारंटी है। स्पेसएक्स ने कहा था- सेपरेशन स्टेज से पहले ही इसका एक हिस्सा अचानक अलग हो गया, जबकि यह तय नहीं था। इस तरह के एक टेस्ट के साथ हम जो सीखते हैं, उससे सफलता मिलती है। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की रिलायबिलिटी में सुधार करने में मदद करेगा। टीमें डेटा को रिव्यू करना जारी रखेंगीं और अगले फ्लाइट टेस्ट की दिशा में काम करेंगीं।

Asian Markets Today: एशिया बाजार में उछाल, सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी से कोस्पी 4% उछला

Asian Markets Today: एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है । निक्केई 1 फीसदी तो कोस्पी में 4% का उछाल आया। वहीं अमेरिकी INDICES में ऊपरी स्तरों से दबाव दिखा। नैस्डैक में करीब आधे परसेंट की गिरावट रही। डाओ जोंस और S&P फ्लैट बंद हुए ।

सुबह 8.10 बजे के आसपास निक्केई करीब 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 66,395.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.51 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.14 फीसदी गिरकर 44,794.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.20 फीसदी की बढ़त के साथ 25,192.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 1.62 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट फ्लैट कारोबार कर रहा।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि इन्वेस्टर्स ज़रूरी अर्निंग्स रिपोर्ट्स का इंतज़ार कर रहे थे, जबकि मिडिल ईस्ट में हाल की दुश्मनी ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी थी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 6.06 पॉइंट्स या 0.01% गिरकर 52,218.58 पर आ गया, जबकि S&P 500 10.24 पॉइंट्स या 0.14% गिरकर 7,498.96 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 146.30 पॉइंट्स या 0.57% गिरकर 25,690.90 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक प्राइस में 2.30% की बढ़ोतरी हुई, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.24% गिरे, मेटा प्लेटफॉर्म्स 2.58% गिरा, एप्पल के स्टॉक प्राइस में 0.56% की कमी आई, सुपर माइक्रो कंप्यूटर के स्टॉक प्राइस में 19.84% की बढ़ोतरी हुई, डेल टेक्नोलॉजीज के शेयर प्राइस में 9.3% की बढ़ोतरी हुई, टेस्ला के स्टॉक प्राइस में 1.30% की गिरावट आई और स्पेसएक्स के शेयर प्राइस में 6.70% की गिरावट आई।

US-ईरान युद्ध

US मिलिट्री ने ईरान की मिलिट्री सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स को निशाना बनाकर एक और रात हमले किए, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान युद्ध खत्म करने के लिए एक डील करना चाहता है, लेकिन उन्हें लगता है कि इस्लामिक रिपब्लिक अभी इसके लिए ‘तैयार’ नहीं है। इस बीच, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ब्लॉक करना और उन्हें टारगेट करना जारी रखे हुए है।

टेस्ला Q1 अर्निंग्स

टेस्ला इंक. ऑटो सेल्स के अच्छे क्वार्टर के बावजूद वॉल स्ट्रीट के प्रॉफिट एस्टीमेट से चूक गई। एलन मस्क की इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने दूसरी तिमाही में $1.1 बिलियन का प्रॉफिट बताया, जो पिछले साल के लेवल से लगभग 5% कम है। यह एनालिस्ट के 53 सेंट प्रति शेयर के एस्टीमेट की तुलना में 33 सेंट प्रति शेयर रहा। कंपनी का रेवेन्यू YoY 26% बढ़कर $28.2 बिलियन हो गया।

टेस्ला ने दो साल से ज़्यादा समय में अपने पहले नेगेटिव फ्री कैश फ्लो की भी रिपोर्ट दी, जिसमें $1.09 बिलियन खर्च हुए।

क्रूड ऑयल प्राइसेस

क्रूड ऑयल प्राइसेस छह हफ़्तों से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गए। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.58% बढ़कर $95.56 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड बुधवार को लगभग 3% बढ़ने के बाद 1.30% बढ़कर $87.96 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

गिरावट में खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में बढ़त बनी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $4,133.82 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें $59.75 प्रति औंस पर स्थिर रहीं।

डॉलर

सेफ-हेवन डिमांड के कारण डॉलर काफी हद तक स्थिर रहा, जबकि येन 40 साल के निचले स्तर के पास रहा। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले ग्रीनबैक को मापता है, 101.11 पर फ्लैट रहा। यूरो 0.02% बढ़कर $1.1412 पर था। ब्रिटिश स्टर्लिंग का आखिरी ट्रेड $1.3373 पर हुआ।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी से कोस्पी 5% से ज्यादा उछला, जानें एशिया मार्केट में और कहां है आज हलचल

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में तेजी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में लगातार बढ़त की वजह से बुधवार को एशियाई मार्केट लगातार दूसरे सेशन में आगे बढ़े। यह तेजी तब आई जब US और ईरान के बीच लड़ाई में हालिया बढ़ोतरी के बाद वेस्ट एशिया में नए टेंशन के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं।

जापान का निक्केई 225 1.81% बढ़ा। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.45 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.85 फीसदी चढ़कर 45,050.66 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.86 फीसदी की गिरावट के साथ 24,901.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.24 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 3,880.99 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें नैस्डैक सबसे ज़्यादा बढ़त पर रहा, जिसे सेमीकंडक्टर शेयरों में तेजी से बढ़ावा मिला। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 पॉइंट्स या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 65.92 पॉइंट्स या 0.89% बढ़कर 7,509.20 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 329.13 पॉइंट्स या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक प्राइस में 1.97% की बढ़ोतरी हुई, AMD के शेयर 8.11% बढ़े, इंटेल के शेयर 8.64% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 12.17% बढ़े, ब्रॉडकॉम 2.21% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.13% गिरे, टेस्ला के स्टॉक प्राइस में 2.53% की बढ़ोतरी हुई और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% बढ़े।

US-ईरान युद्ध

US मिलिट्री ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 11वें दिन हमला किया है, जिसमें ईरानी मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताएं, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। इससे पहले, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि US जल्द ही पिकैक्स माउंटेन के पास के इलाके को निशाना बनाएगा।

ट्रंप टैरिफ

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2028 से इम्पोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि 1 अगस्त से, US दो साल तक देश में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर 0% टैरिफ लगाए रखेगा, जिसके बाद इसे एक साल के लिए 100% और उसके बाद 200% कर दिया जाएगा।

जापान ट्रेड डेफिसिट

कमजोर येन के बीच जून में जापान का ट्रेड डेफिसिट बढ़ गया। जून में वैल्यू के हिसाब से कुल एक्सपोर्ट में YoY 19.3% की बढ़ोतरी हुई। जून में इम्पोर्ट में एक साल पहले के मुकाबले 25.4% की बढ़ोतरी हुई। इस वजह से, जून में जापान का ट्रेड डेफिसिट 406.9 बिलियन येन ($2.49 बिलियन) रहा, जबकि डेफिसिट का अनुमान 120 बिलियन येन था।

जापानी बॉन्ड यील्ड

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सबसे लंबे समय के कर्ज की बिक्री से पहले महंगाई की चिंता बढ़ने से जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड बढ़ी। बेंचमार्क 10-साल की JGB यील्ड 2.5 bps बढ़कर 2.745% हो गई। पांच-साल की यील्ड 2 bps बढ़कर 1.960% हो गई और दो-साल की यील्ड 1.435% पर स्थिर रही। 40-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.89% पर बिना बदले रही।

क्रूड में उछाल

US के ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमले तेज करने के बाद सप्लाई में और रुकावट की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.22% बढ़कर $92.12 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.09% बढ़कर $85.26 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

पिछले सेशन में लगभग 2% की तेज़ी के बाद सोने की कीमतों में बढ़त जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $4,080.79 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमत $58.83 प्रति औंस पर स्थिर रही।

डॉलर

डॉलर एक हफ़्ते के हाई के पास रहा। US डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 101.20 पर था। येन के मुकाबले डॉलर 0.1% गिरकर 163.06 येन पर आ गया। यूरो आखिरी बार $1.1401 पर था, और स्टर्लिंग $1.3385 पर आ गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: चिप शेयरों में फिर तेज हुई बिकवाली, एशियाई बाजार कमजोर, निक्केई करीब 4% टूटा

Asian Market Today: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे है। निक्केई में 3.93 फीसदी तो ताइवान में 3.77 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। वहीं कॉस्पी में आज CONSTITUTION DAY की छुट्टी है। डाओ फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट से ज्यादा नीचे है। उधर कल अमेरिका में चिप शेयरों में फिर तेज बिकवाली दिखी। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट फिसला है। डाओ और S&P में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.06 फीसदी नीचे था। जबकि टॉपिक्स 1.66 फीसदी गिरा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 0.97 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। शंघाई का बाजार 0.78 फीगसदी गिरा है। दक्षिण कोरिया के बाज़ार छुट्टी के कारण बंद हैं।

गिफ्ट निफ्टी 24,113 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 17 पॉइंट्स का प्रीमियम है, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए एक स्थिर शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

अमेरिकी स्टॉक मार्केट गुरुवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुआ।डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 105.32 पॉइंट्स या 0.20% गिरकर 52,553.32 पर आ गया, जबकि S&P 500 38.63 पॉइंट्स या 0.51% गिरकर 7,533.77 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 387.28 पॉइंट्स या 1.47% गिरकर 25,881.95 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 2.40% गिरा, AMD, ब्रॉडकॉम, इंटेल, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 5% से ज़्यादा गिरे, जबकि सैनडिस्क, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट टेक्नोलॉजी के शेयर 12.6% तक गिर गए। एप्पल का स्टॉक प्राइस 1.76% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट का शेयर प्राइस 1.38% बढ़ा, टेस्ला का स्टॉक प्राइस 0.86% गिरा, और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% गिरे।

US-ईरान युद्ध

अमेरिका ने शुक्रवार सुबह ईरान के खिलाफ अपने एयरस्ट्राइक कैंपेन को और बढ़ाया और पुलों पर तेज़ी से हमला किया। दूसरी तरफ, ईरान ने मिडिल ईस्ट में US के साथी देशों पर नए मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले और बढ़ेंगे।

US रिटेल सेल्स

जून में US रिटेल सेल्स में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। मई में 1.0% की बढ़ोतरी के बाद पिछले महीने रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी हुई। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने मई में पहले बताई गई 0.9% की बढ़त के बाद रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

US बेरोज़गारी क्लेम

पिछले हफ़्ते बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए क्लेम करने वाले अमेरिकियों की संख्या में कमी आई। 11 जुलाई को खत्म हुए हफ़्ते में स्टेट बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए शुरुआती क्लेम 8,000 घटकर सीज़नली एडजस्टेड 208,000 हो गए। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने पिछले हफ़्ते 217,000 क्लेम का अनुमान लगाया था।

कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और अप्रैल के बाद सबसे ज़्यादा बढ़त के लिए तैयार थीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.27% बढ़कर $85.30 प्रति बैरल हो गया, जबकि US WTI क्रूड 1.23% बढ़कर $79.92 प्रति बैरल हो गया। इस हफ़्ते, ब्रेंट और US क्रूड फ्यूचर्स में 11% से ज़्यादा की बढ़त होने की उम्मीद थी।

आज सोने का रेट

US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बढ़ते डर से सोने की कीमतें जून की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ रही थीं। पिछले सेशन में 2% गिरने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $3,980.17 प्रति औंस हो गई। सिल्वर की कीमतें थोड़ी कम होकर $55.50 प्रति औंस पर थीं।

डॉलर

डॉलर स्थिर रहा लेकिन वीकली गिरावट के लिए तैयार था। डॉलर इंडेक्स, जो US करेंसी को छह दूसरी यूनिट्स के मुकाबले मापता है, 100.72 पर था, जिसमें वीकली 0.24% की गिरावट की उम्मीद थी। यूरो $1.1445 पर था, जिसमें इस हफ्ते 0.29% की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टर्लिंग $1.3476 पर पहुंचा, जो इस हफ्ते 0.56% की बढ़त की ओर था। जापानी येन 40 साल के सबसे निचले स्तर के पास था और आखिरी बार 162.38 प्रति डॉलर पर था।

Asian Market Today : चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7% गिरा, निक्केई 2% से ज्यादा टूटा, जानें ग्लोबल मार्केट में कहां है हलचल

Asian Market : टेक्नोलॉजी शेयरों के ओवरवैल्यूएशन और मिडिल ईस्ट में चल रहे US-ईरान युद्ध की चिंताओं के बीच गुरुवार को एशियाई मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है । निक्केई करीब 2.69 फीसदी की गिरावट के साथ 66,903.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

ताइवान का बाजार 1.12फीसदी गिरकर 45,160.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.76 फीसदी की बढ़त के साथ 25,116.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 6.14 फीसदी की गिरावट के साथ 6,825.53 के स्तर पर कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 3,936.40 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार को US स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि महंगाई के नरम आंकड़ों ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को बेहतर बनाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 पॉइंट्स या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.83 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,572.42 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 162.22 पॉइंट्स या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 0.33% बढ़ी, AMD के शेयर 3.46% गिरे, इंटेल के शेयर 4.43% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 8.02% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.78% बढ़े, अमेज़न के शेयर 3.02% बढ़े, एप्पल के शेयर 4.01% बढ़े, मेटा के शेयर 3.07% बढ़े, पेपाल के शेयर 16.87% उछले, जबकि टेस्ला के शेयर 0.43% गिरे, और स्पेसएक्स के शेयर 0.60% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US ने हमलों की दो नई लहर शुरू की, जिसमें ईरानी मिलिट्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आज़ादी से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया गया था। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक US अपने “आक्रामक कामों” को खत्म नहीं कर देता, साथ ही चेतावनी दी कि दूसरे क्षेत्रीय तेल एक्सपोर्ट रूट भी निशाना बन सकते हैं।

US प्रोड्यूसर प्राइस

US प्रोड्यूसर प्राइस जून में अचानक गिर गए, जो 14 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट थी। फ़ाइनल डिमांड के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पिछले महीने 0.3% गिरा, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी, मई में 0.6% की कमी के बाद। रॉयटर्स द्वारा पोल किए गए अर्थशास्त्रियों ने मई में पहले बताई गई 1.1% की बढ़त के बाद PPI में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया था।

बैंक ऑफ़ कोरिया पॉलिसी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के सेंट्रल बैंक ने साढ़े तीन साल में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 2.75% कर दी। बैंक ऑफ़ कोरिया के सात सदस्यों वाले मॉनेटरी पॉलिसी बोर्ड ने सात दिन के रीपरचेज रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के लिए वोट किया।

कच्चे तेल की कीमतें

ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर US के नए हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई में रुकावट की आशंका के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $85.28 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.5% बढ़कर $80.02 प्रति बैरल हो गया।

आज सोने का रेट

हाल के US डेटा से पता चला कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है, इसलिए सोने की कीमतें स्थिर रहीं। स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,056.59 प्रति औंस पर थोड़ी बदली, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,062.50 हो गया। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.3% गिरकर $57.61 प्रति औंस हो गई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Elon Musk अब नहीं रहे ट्रिलेनियर, Tesla-SpaceX की बिकवाली से लगा करंट, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर यानी $1 लाख करोड़ से अधिक दौलत वाले शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों की गिरावट से तगड़ा शॉक लगा। इनकी गिरावट से मस्क की दौलत से हजारों करोड़ डॉलर साफ हो गए। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या फिर एआई और स्पेस से जुड़ी हाई-ग्रोथ कंपनियों को लेकर मार्केट की सोच में बड़े बदलाव का संकेत। टेस्ला का शेयर दिसंबर 2025 में एक साल के हाई $498.83 से करीब 21% टूटकर करीब $393 पर है। वहीं अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ लाने के बाद 12 जून को नास्डाक पर लिस्ट हुई स्पेसएक्स $225.64 के रिकॉर्ड हाई से करीब 30% टूटकर अब $157-158 के करीब आ चुका है। इस गिरावट के कारण एलन मस्क की नेटवर्थ स्पेसएक्स की लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने $1.45 ट्रिलियन के रिकॉर्ड हाई से घटकर $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई है।

प्रॉफिट बुकिंग है या गहरी गिरावट?

वेस्टेड फाइनेंस के सीईओ और फाउंडर विक्रम शाह का मानना है कि टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट की दोनों वजहें हैं- प्रॉफिट बुकिंग और गहरी गिरावट। शेयरों की तेज रैली के बाद निवेशकों ने पैसा निकाला शुरू किया तो इस पर दबाव पड़ा। इसके अलावा मार्केट ने अब एआई और स्पेस इकॉनमी से जुड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन फिर से करना शुरू किया है। ऐसे में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वैल्यूएशन आखिर कहां स्थिर होंगे।

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स के सिर्फ शेयर ही टूटे हैं, बिजनेस के स्तर पर अभी भी ज्यादा कुछ नहीं टूटा है। उन्होंने जिक्र किया कि टेस्ला ने अभी हाल में अपना सबसे मजबूत तिमाही डिलीवरी आंकड़ा पेश किया है, फिर भी शेयर टूटे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि निवेशक अभी कंपनी के इलेक्ट्रिक वेईकल बिजनेस की बजाय उसके लंबे समय के ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रोबोटैक्सी विजन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। स्पेसएक्स की स्थिति भी ऐसी ही है। स्टारलिंक लगातार प्रॉफिटेबल तरीके से बढ़ रहा है और कंपनी का लॉन्च बिजनेस भी विस्तार कर रहा है, लेकिन पोस्ट-लिस्टिंग शुरुआती तेजी के बाद शेयरों पर दबाव आया है।

क्या करना चाहिए भारतीय निवेशकों को?

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट खरीदें या बेचें, फैसले जितना साधारण नहीं है बल्कि उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो एलोकेशन और निवेश के लॉन्ग-टर्म गोल्स पर फोकस करना चाहिए। उनका कहना है कि एआई और स्पेस में 5–10 साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो कुछ हफ्तों की गिरावट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को यह भी देखने की सलाह दी है कि कहीं इन शेयरों में उनका एक्सपोजर पहले की तेजी के कारण जरूरत से ज्यादा तो नहीं हो गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय निवेशकों को बिना सोचे-समझे नई लिस्ट हुई हाई-वैल्यू अमेरिकी कंपनियों में निवेश करने से सावधान किया। उनका मानना है कि अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश इतना छोटा होना चाहिए कि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से पूरा पोर्टफोलियो प्रभावित न हो।

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