कल का मौसम 11 अक्टूबर: झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में आंधी का अलर्ट, मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी

Mausam Update: देश के अलग अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के लगातार सक्रिय रहने से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिलक रविवार 11 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी राजस्थान समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी-तूफान चलने की चेतावनी जारी की है।

झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी राजस्थान में तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइनों का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 11 अक्टूबर को झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। इन राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी हल्की हवाओं और बादलों की लुकाछिपी का दौर बना रहेगा।

दक्षिण भारत के राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और तटीय क्षेत्रों में मौसमी हलचल के कारण झमाझम गतिविधियों का असर जारी है। कल 11 अक्टूबर को दक्षिण भारत के प्रमुख तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम काफी सक्रिय रहेगा। केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका

पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक कल 11 अक्टूबर को पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का अहसास

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक कल कोंकण व गोवा क्षेत्र तथा तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। समुद्री और तटीय इलाकों में चल रही हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल और नियंत्रण में हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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IMD Rain Forecast: मानसून की विदाई के बीच दिल्ली-NCR से बिहार तक भारी बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में गरज-चमक के आसार

IMD Rain Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से वापसी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 8 अक्टूबर को मानसून महाराष्ट्र के शेष हिस्सों के साथ गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ और हिस्सों से भी पीछे हट गया है। इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक 8 अक्टूबर को बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 9 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जबकि 8 से 10 अक्टूबर के बीच केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश

पिछले 24 घंटे में भी कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 8 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक बिहार के सहरसा में 11 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो सबसे अधिक रही। मौसम विभाग ने एक बार फिर से बिहार के कुछ जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के शारदानगर में 9 सेंटीमीटर, उत्तराखंड के बेरीनाग में 8 सेंटीमीटर तथा ओडिशा के कोरापुट, झारखंड के मधुपुर और तमिलनाडु के कोयंबटूर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पश्चिम में 14 अक्टूबर तक बारिश के आसार

उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 8 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 11 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का वेदर फोरकास्ट

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 8 और 10 अक्टूबर को व्यापक बारिश की संभावना है। 8 अक्टूबर को राजधानी में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। बिहार में 8 से 11 अक्टूबर, ओडिशा में 8 से 14 अक्टूबर और झारखंड में 9-10 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 8 अक्टूबर को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की संभावना है।

इस दौरान बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार में 8 और 9 अक्टूबर को भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर

दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। केरल और माहे में 8 से 10 अक्टूबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु में 8 से 12 अक्टूबर तक गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में भी 8 से 10 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर, असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 14 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

गोवा-कोंकण में उमस भरी गर्मी

मानसून की वापसी के बावजूद कोंकण और गोवा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। यानी यहां बारिश की गतिविधि कम रहने पर भी लोगों को उमस और गर्मी परेशान कर सकती है।

मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी बिहार के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। बिहार से तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है। दक्षिण केरल तट और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के आसपास बने सिस्टम भी दक्षिण भारत में बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

कल का मौसम: इन राज्यों में 5 अक्टूबर को भारी बारिश-तूफान का अलर्ट; 20-22 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Weather forecast for October 5: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी पांच अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कई इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की संभावना है।

दिल्ली में कल मौसम रहेगा साफ और शुष्क

राजधानी दिल्ली में 5 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण बारिश होने की संभावना नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक सूखा मौसम जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 6 से 7 अक्टूबर के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिल्ली में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है।

यूपी में फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। 5 से 9 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए IMD के नवीनतम बुलेटिन में आंधी, भारी बारिश या खराब मौसम का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।

इन राज्यों में बारिश और गरज-चमक

उत्तर भारत के मुकाबले देश के दूसरे हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है:- 

  • केरल: गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधि कम होने की संभावना है।
  • ओडिशा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
  • बिहार और झारखंड: 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश की शुरुआत हो सकती है।
  • पूर्वोत्तर भारत: कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है।

हिमाचल-उत्तराखंड में भी बारिश के आसार

  • 5 से 7 अक्टूबर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है।
  • 6 और 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
  • हिमाचल प्रदेश के लिए 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान

  • दक्षिण भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।
  • 5 और 6 अक्टूबर को केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
  • आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम तथा रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की विदाई जारी

  • देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, मानसून उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से विदा हो चुका है।
  • अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
  • महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। IMD के अनुसार राज्य के 36 में से 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

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IMD Weather Update October 4: मौसम का आज बदलेगा मिजाज! इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

IMD Weather Update October 4: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के भी कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने वाला है। IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

दिल्ली-NCR में अभी सूखा मौसम, 6-7 अक्टूबर को बारिश के आसार

दिल्ली में आज मौसम मुख्य रूप से शुष्क और धूप वाला रहने की संभावना है। राजधानी में फिलहाल कोई बड़ी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। यानी दिल्ली-NCR के लोगों को सप्ताह के मध्य में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

यूपी में फिलहाल बारिश का अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश में भी फिलहाल मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। IMD के ताजा चेतावनी बुलेटिन के अनुसार, 4 से 9 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य में शनिवार को भी गरज-चमक, भारी बारिश या किसी अन्य गंभीर मौसम की स्थिति का अलर्ट नहीं है।

ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिश

उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में जहां मौसम शुष्क रहने वाला है। वहीं, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ओडिशा में 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। वहीं, बिहार और झारखंड में 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश शुरू हो सकती है।

पूर्वोत्तर में गरज-चमक और भारी बारिश के आसार

पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इस क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां 7 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

केरल में तेज हवाओं के साथ बारिश

केरल में मौजूदा बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, अगले दो-तीन दिनों में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने 4 से 6 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश

IMD ने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश के नए दौर का अनुमान जताया है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 6 और 7 अक्टूबर को कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हालांकि, 3 से 5 अक्टूबर के बीच पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 2 से 5 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की वापसी का दौर जारी

देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी हो सकती है। हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद दक्षिण, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

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Monsoon Withdraws: उत्तर भारत से मानसून विदा, लेकिन इन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट!

Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेट

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट

इस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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कल का मौसम: 3 अक्टूबर को इन राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अरुणाचल में भारी बारिश, तमिलनाडु में 50 kmph तक हवाएं

IMD Weather Update: देश के बड़े हिस्से से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर के लिए जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और उमस भरा मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। राज्य में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण के असर से तूफानी हवाओं और आंधी की गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्थानीय निवासियों को तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

Weather alerts

आंध्र प्रदेश, केरल और बंगाल में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

देश के अन्य तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश के मैदानी और तटीय इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

मछुआरों के लिए राहत, समुद्र में स्थिति नियंत्रित

तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर को समुद्र में किसी बड़े चक्रवाती दबाव या तूफान का खतरा नहीं है। इसी वजह से मौसम विभाग द्वारा मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, और समुद्री गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।

1 अक्टूबर का मौसम: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने जारी किया अपडेट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई की प्रक्रियाओं के बीच दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसमी हलचल तेज बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आज यानी 1 अक्टूबर के लिए जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत के राज्यों और पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक आज 1 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय व आंतरिक इलाकों और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों में बारिश का असर सबसे अधिक रहेगा। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग अलग जिलों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल, तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की गति से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म देखने को मिलेंगे। केरल व माहे, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल में आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में थंडरस्टॉर्म का अनुमान

देश के अन्य दक्षिणी-तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी व दक्षिणी) और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ तटीय कर्नाटक में भी बिजली कड़कने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

मछुआरों के लिए राहत: समुद्र में स्थिति रहेगी सामान्य

तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर मौसमी परिस्थितियां नियंत्रित रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज 1 अक्टूबर को मछुआरों के लिए किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है, यानी तटीय गतिविधियों पर समुद्री उथल-पुथल का बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

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