आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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कल भारी बारिश का अलर्ट: 7 अगस्त को राजस्थान, MP में ऑरेंज कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी-बिहार तक इन 25 राज्यों में मूसलाधार की चेतावनी

India Weather Update: मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का व्यापक अलर्ट जारी किया है। देश के तटीय, मैदानी और पर्वतीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से जोर पकड़ रही हैं। IMD की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 7 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और केरल समेत देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश और खराब मौसम रहने की आशंका है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 7 अगस्त को देश के छह प्रमुख राज्यों व क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन राज्यों में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल और माहे, ओडिशा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। इन इलाकों में भारी बौछारों के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने का जोखिम बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की बुलेटिन के मुताबिक 7 अगस्त को देश के 19 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बिहार, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पश्चिमी और दक्षिणी भारत के इलाकों जैसे मध्य महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

गरज-चमक और 50 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके साथ ही बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है।

इन राज्यों में आकाशीय बिजली और तेज सतह हवाओं की आशंका

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

तटीय और प्रायद्वीपीय भारत के क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क किया है कि कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने की पूरी संभावना है। खराब मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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खराब मौसम की चेतावनी: इन राज्यों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश का खतरा, IMD ने दिल्ली-यूपी से बिहार तक दिया हैवी रेन का अलर्ट

India Weather Weekly Update: देशभर में मानसूनी हवाओं और कई मजबूत वायुमंडलीय प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से कई इलाकों में धुंआधार बारिश हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का पू्र्वानुमान दिया है। मौसम विभाग ने केरल में 6 अगस्त को एक्सट्रीमली हैवी भारी बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप और मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, असम और दिल्ली में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

देश में सक्रिय मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के मुताबिक अभी में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। इस समय मानसून ट्रफ रेखा का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा मध्य समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के पास बना हुआ है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में करीब 73° पूर्व देशांतर और 29° उत्तर अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है।

निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है जबकि दूसरा निचले व मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर मौजूद है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व गंगातटीय पश्चिम बंगाल के तटों के पास निचले क्षोभमंडल में एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पहाड़ों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 और 7 अगस्त को कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अगस्त और 9 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 9 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गति में तेजी देखी जा रही है। मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 7 से 11 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त और 8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश होगी जबकि 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अगस्त और 11 और 12 अगस्त को व्यापक बारिश और 6-7 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 6 से 10 अगस्त तक बारिश होगी। मौसम विभाग ने विदर्भ में 6 अगस्त को तथा छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में बिजली गिरने का खतरा

पूर्वी भारत में साइक्लोनिक एक्टिविटी के असर से बारिश का जोर रहेगा। बिहार में 6 से 9 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 6 से 8 अगस्त और 10 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के साथ 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 और 9 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जिसके बाद 8 से 12 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 तथा 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 6 अगस्त को झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत बनी हुई हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 से 12 अगस्त के दौरान भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 6 से 12 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें 6-7 अगस्त और 12 अगस्त को व्यापक वर्षा का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश में 7-8 अगस्त और 11-12 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के इलाकों में 6 से 10 अगस्त के दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट दिया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में झमाझम बरसेंगे बादल

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में मानसूनी असर दिख रहा है। कोंकण और गोवा में 6 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा के साथ 6 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 7 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 अगस्त को तथा सौराष्ट्र व कच्छ में 9 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 से 8 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (60 किमी/घंटे तक की झोंके) चलने और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं मराठवाड़ा में 6, 8 और 9 अगस्त को 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

दक्षिण भारत में मानसून अत्यधिक आक्रामक रूप दिखा रहा है। केरल और माहे में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय कर्नाटक में 6 से 12 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी और 8-9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में 6 और 7 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में हवा की गति भी तेज रहेगी। तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में 6 से 8 अगस्त के दौरान तथा उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 से 9 अगस्त के दौरान तेज सतह हवाएं चलने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

कल बेहद भारी बारिश का अलर्ट: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बरसेंगे बादल! IMD ने इन 25+ राज्यों के लिए जारी की चेतावनी

Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अगस्त के लिए देशभर के मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देश के उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक मानसूनी गतिविधियों के चलते मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। आईएमडी ने देश के 25 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

इन राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 6 अगस्त को देश के कई इलाकों में अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है। मैदानी और तटीय इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भारी जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से गंगातटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार समेत मैदानी राज्यों का हाल

उत्तर और मध्य भारत के मैदानी भागों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बादलों की आवाजाही के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।

IMD Weather

अंडमान-निकोबार में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल का खतरा

तटीय और द्वीप क्षेत्रों में समुद्री मौसम काफी आक्रामक रहने वाला है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने द्वीप क्षेत्र में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समुद्र तटों और खुले इलाकों से दूर रहने तथा विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कई राज्यों में 30 से 40 किमी/घंटे की हवाओं के साथ बिजली चमकने का अलर्ट

देश के मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिम के कई अन्य हिस्सों में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिलेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

इन पहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्यों में वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों में केवल आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। आईएमडी ने इन सभी राज्यों के नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

ग्लो झील ने रचा इतिहास! अरुणाचल प्रदेश को मिली पहली रामसर साइट

अरुणाचल प्रदेश के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के लोहित जिले में ग्लो झील को भारत की 101वीं रामसर साइट का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि राज्य के लिए बेहद खास मानी जा रही है और इससे अरुणाचल प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

ग्लो झील (Glow Lake)

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अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित ग्लो झील को रामसर साइट घोषित किया गया है। यह राज्य की पहली वेटलैंड है, जिसे रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। यह उपलब्धि अरुणाचल प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रामसर साइट बनने का मतलब है कि यह झील पर्यावरण और जैव-विविधता के लिहाज से बेहद खास है। अब इस प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा और संरक्षण पर पहले से ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इससे आने वाले समय में झील को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

 

रामसर साइट (Ramsar Site)

Glow Lake - A Unique Destination With Friendly Atmosphere

रामसर साइट उन वेटलैंड यानी आर्द्रभूमियों को कहा जाता है, जिनका पर्यावरण और बायोडाइवर्सिटी के लिए विशेष महत्व होता है। इन जगहों को इंटरनेशनल लेवल पर संरक्षण के लिए चुना जाता है। ऐसी जगहों पर कई दुर्लभ पौधे, पक्षी और वन्यजीव रहते हैं। साथ ही ये जल संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए इनकी सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए जरूरी मानी जाती है।

 

मीठे पानी की झील (Freshwater lake)

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ग्लो झील ऊंचाई पर मीठे पानी की झील है। इसमें पहाड़ों से निकलने वाली बारहमासी जलधाराओं का साफ पानी आता है। झील चारों ओर से घने जंगलों और प्राकृतिक हरियाली से घिरी हुई है, जिससे यहां का वातावरण बेहद शांत और सुंदर दिखाई देता है। इस इलाके में 150 से ज्यादा तरह के पेड़ और 49 प्रकार के ऑर्किड पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे पूर्वी हिमालय का एक बायोडाइवर्सिटी हॉटस्पॉट माना जाता है।

 

पर्यावरण के लिए जरूरी (Importance for Environment)

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ग्लो झील केवल एक खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी जरुरी है। यह झील पानी को सुरक्षित रखने, आसपास की नदियों में जल प्रवाह बनाए रखने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। इसके अलावा यह कार्बन को संग्रहित करने में भी भूमिका निभाती है, जिससे जलवायु परिवर्तन के इफेक्ट को कम करने में मदद मिलती है। साइंटिस्ट भी इस झील को महत्वपूर्ण मानते हैं।

 

लोगों और टूरिस्म को फायदा (Benefits for Local Communities and Tourism)

रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद इस एरिया में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे देश-विदेश से ज्यादा टूरिस्ट यहां आ सकते हैं, जिससे यहां के लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे। लोकल आदिवासी समुदाय अपनी संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए टूरिस्म से जुड़ सकेंगे। इससे इलाके का डेवेलप भी होगा और लोगों की आजीविका भी बेहतर होगी।

संरक्षण और रिसर्च (Conservation and Research)

रामसर साइट बनने के बाद ग्लो झील के संरक्षण के लिए विशेष प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही इस क्षेत्र को बेहतर कानूनी सुरक्षा और इंटरनेशनल एक्सपर्ट की टेक्निकल सलाह भी मिल सकेगी। भविष्य में यहां साइंटिस्ट रिसर्च, पर्यावरण अध्ययन और बायोडाइवर्सिटी पर निगरानी के लिए फंड मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी।

 

प्राकृतिक धरोहर की रक्षा (Protection of natural heritage)

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (Pema Khandu) ने ग्लो झील को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है और इससे बायोडाइवर्सिटी कंजर्वेशन को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस उपलब्धि से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आने वाली जनरेशन भी राज्य की इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए प्रेरित होंगी।