Crude Oil Price: US-ईरान युद्ध बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़ीं, ब्रेंट क्रूड $75 प्रति बैरल से ऊपर

Crude Oil Price:  होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में अमेरिका के ईरान पर नए हमले करने के बाद बुधवार को तेल की कीमतें बढ़ गई। अगस्त डिलीवरी के लिए US बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.1% बढ़कर $71.87 प्रति बैरल हो गया, जबकि सितंबर डिलीवरी के लिए ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.9% बढ़कर $75.53 प्रति बैरल हो गया।

आज कच्चे तेल की कीमतों में क्या तेज़ी है?

US सेंट्रल कमांड के अनुसार, US ने कमर्शियल शिपिंग पर हमलों के लिए बड़ी कीमत लगाने के मकसद से “ताकतवर हमले” किए। ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक द्वीप पर धमाकों की खबर है, जबकि डिप्टी विदेश मंत्री काज़म ग़रीबाबादी ने चेतावनी दी कि तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा।

एक अलग कदम में, US ट्रेजरी ने ईरान को तेल एक्सपोर्ट करने की इजाज़त देने वाले सेंक्शन में मिली छूट को रद्द कर दिया, जिससे तेहरान के साथ अंतरिम शांति समझौते का एक अहम नियम पलट गया। यह बढ़ोतरी स्ट्रेटेजिक वॉटरवे में तीन जहाजों पर हमलों के बाद हुई, जिसमें एक गैस कैरियर और एक सऊदी ऑयल टैंकर शामिल थे, जिससे पिछले महीने डील लागू होने के बाद से मंगलवार ऐसी घटनाओं के लिए सबसे बिज़ी दिन बन गया।

बढ़े हुए तनाव ने यूरोपियन नेचुरल गैस की कीमतों को भी बढ़ा दिया, फ्यूचर्स 4.9% तक बढ़ गए।

दूसरी तिमाही में गिरावट के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया, जब क्षेत्रीय तनाव कम होने से क्रूड पर असर पड़ा था। कमर्शियल जहाजों पर हुए नए हमलों और US मिलिट्री एक्शन से उम्मीद है कि शिपिंग कंपनियां और क्षेत्रीय तेल प्रोड्यूसर होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने से डिसकरेज होंगे, जो फारस की खाड़ी के एक्सपोर्टर्स को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने वाला एक ज़रूरी रास्ता है।

नए डेवलपमेंट से पहले, गोल्डमैन सैक्स जैसे बैंकों ने चेतावनी दी थी कि क्रूड मार्केट सरप्लस में वापस आ सकता है क्योंकि क्षेत्रीय प्रोड्यूसर प्रोडक्शन बढ़ा रहे हैं और स्ट्रेट के ज़रिए शिपिंग एक्टिविटी ठीक हो रही है। उसी समय, OPEC+ ने प्रोडक्शन में कटौती को वापस लेने की अपनी योजना जारी रखी।

होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल वॉशिंगटन और तेहरान के बीच झगड़े का एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। मंगलवार को, ईरान ने यूनाइटेड नेशंस की शिपिंग एजेंसी को बताया कि वह वॉटरवे के कुछ हिस्सों पर अधिकार रखता है, जो शांति के समय में दुनिया के रोज़ाना के तेल ट्रेड का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता था।

इस बीच, ब्रेंट क्रूड का प्रॉम्प्ट स्प्रेड वापस बैकवर्डेशन में चला गया—एक बुलिश मार्केट स्ट्रक्चर जहां कम समय के कॉन्ट्रैक्ट बाद के कॉन्ट्रैक्ट के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड होते हैं। बुधवार को स्प्रेड 23 सेंट प्रति बैरल था, जो हफ्ते की शुरुआत में देखे गए 25-सेंट के कॉन्टैंगो, जो कि उल्टा प्राइसिंग स्ट्रक्चर था, से उलटा था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shani Vakri 2026: इस तारीख से उल्टी होगी शनि की चाल, वृषभ और मिथुन सहित 4 राशियों को कर देगी मालामाल

Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि देव जातक को कर्मों के आधार पर फल देते हैं और न्याय करते हैं। जब भी शनि अपनी चाल बदलते हैं, तो माना जाता है कि इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इसलिए यह साल की सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं में से एक बन जाती है। इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे शनि इस साल 27 जुलाई, 2026 को वक्री हो जाएंगे। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जों कुछ राशियों के जातकों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। हालांकि, ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृषभ, मिथुन, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है, जिससे करियर में तरक्की, फाइनेंशियल ग्रोथ और पर्सनल सफलता के मौके मिलेंगे।

शनि वक्री क्या है?

जब कोई ग्रह पीछे या अपने मार्ग से विपरीत दिशा में चलने लगा है, तो उसे वक्री कहा जाता है। हालांकि ग्रह असल में अपनी दिशा नहीं बदलता है, लेकिन इस ऑप्टिकल घटना को ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि शनि के वक्री होने का समय उसके असर को बढ़ाता है। जब शनि किसी राशि में उल्टी चाल चलते हैं, तो वे व्यक्ति के पुराने कर्मों का हिसाब करते हैं।

इन 4 राशियों के लिए फायदेमंद होगी शनि की वक्री चाल

वृषभ राशि : शनि की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों के लिए वरदान साबित होगी। आपकी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के योग हैं। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम भाव में वक्री होंगे, जो कि कर्म का भाव है। नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है। पुराने निवेश से भी बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। इस दौरान पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि की यह उल्टी चाल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने वाली होगी। जो काम पिछले कई महीनों या सालों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या विदेशी कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

कुंभ राशि : चूंकि शनि देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मीन राशि में उनकी वक्री चाल आपके धन भाव को प्रभावित करेगी। इस अवधि में आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे। आप कार्यस्थल पर लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे।

वक्री शनि के असर को कम करने के उपाय

  • शनिवार शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं।
  • शनिवार को किसी जरूरतमंद को काले तिल, काली उड़द की दाल या छाता दान करें।
  • शनि देव की कृपा पाने के लिए रोजाना 108 बार “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।

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Rashifal Today: 1 से लेकर 9 मूलांक वालों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानें किन बातों का रखना होगा खास ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। यह न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन अंक ज्योतिष के अनुसार आज नए निवेश या बड़े खर्च से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। अपने बजट की समीक्षा करें और लंबी अवधि के आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान दें। संतुलित योजना आपको भविष्य में आर्थिक मजबूती देगी।

आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और भविष्य को ध्यान में रखते हुए वित्तीय योजना बनाएं। बजट का पालन करने और बचत पर ध्यान देने से आने वाले समय में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज धन संबंधी मामलों में समझदारी से काम लें। अनावश्यक खर्चों से बचें और अपने बजट के अनुसार चलें। अगर निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो सही अवसर का इंतजार करें। लंबी अवधि की योजनाएं भविष्य में लाभ दिला सकती हैं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। नए अवसरों पर नजर रखें और बाजार की जानकारी लेते रहें। समय के अनुसार अपनी वित्तीय योजनाओं में बदलाव करने के लिए तैयार रहें। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में फायदा देगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों में फर्क करें। भावनाओं में आकर पैसे खर्च करने से बचें। सही बजट और योजना से आर्थिक संतुलन बनाए रखना आसान होगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में अच्छी संभावनाएं बन रही हैं। व्यवस्थित बजट बनाकर चलें और अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करें। नए निवेश या आय के अवसर मिल सकते हैं। जल्दबाजी की बजाय सोच-समझकर फैसले लेना लाभदायक रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज खर्चों को व्यवस्थित करने का दिन है। केवल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें और फिजूलखर्ची से बचें। छोटी-छोटी वित्तीय बातों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। मेहनत और सही योजना से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। विलासिता की चीजों पर खर्च करने से बचें और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। खर्चों पर नियंत्रण रखने से भविष्य में आर्थिक लाभ मिलेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक रणनीति पर दोबारा विचार करें। बजट और निवेश योजनाओं की समीक्षा करें और जल्दबाजी में कोई खरीदारी न करें। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में बेहतर आर्थिक परिणाम देंगे।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए निवेश या बड़े खर्च से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। अपने बजट की समीक्षा करें और लंबी अवधि के आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान दें। संतुलित योजना आपको भविष्य में आर्थिक मजबूती देगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Trent Share Crash: टाटा का स्टॉक 13% क्रैश, अब खरीदें या बेचने में भलाई? जानिए एक्सपर्ट्स से

Trent Share Crash: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd के शेयर मंगलवार को करीब 13% टूट गए। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। जून तिमाही का बिजनेस अपडेट बाजार की उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

शेयर Nifty 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,356 करोड़ रुपये घट गया। कारोबार के अंत में Trent का शेयर 12.64% गिरकर 2,921 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 20% से ज्यादा टूट चुका है।

उम्मीद से कम रही रेवेन्यू ग्रोथ

Trent ने जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में 19% ज्यादा है। हालांकि, बाजार को 22% से 23% की ग्रोथ की उम्मीद थी। इसी वजह से कई ब्रोकरेज ने कंपनी को लेकर अपना नजरिया थोड़ा सतर्क कर लिया।

स्टोर बढ़े, कमाई की रफ्तार घटी

Share.Market by PhonePe के क्वांट रिसर्चर निश्चल जैन के मुताबिक, कंपनी ने अपने फैशन नेटवर्क का विस्तार जारी रखा। कुल स्टोर बढ़कर 1,312 हो गए। इनमें 982 Zudio और 301 Westside स्टोर शामिल हैं।

हालांकि, तेजी से नए स्टोर खोलने का असर पुराने स्टोरों पर भी पड़ा। कई इलाकों में नए और पुराने स्टोर एक-दूसरे की बिक्री को प्रभावित करने लगे। इसकी वजह से रेवेन्यू पर स्केवयर फुट में 12.2% की गिरावट आई।

गिरावट पर क्या बोले एक्सपर्ट?

निश्चल जैन का कहना है कि शेयर में तेज गिरावट की वजह कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ और संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली रही। इसके अलावा शेयर एक अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल के नीचे भी फिसल गया।

हालांकि, उनका मानना है कि यह कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं, बल्कि ऊंचे वैल्यूएशन का असर है। खासकर Zudio का विस्तार अब भी कंपनी के लिए लंबी अवधि का मजबूत ग्रोथ ड्राइवर बना हुआ है।

उन्होंने मौजूदा निवेशकों को ‘Hold’ या गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulate on Dips) की सलाह दी है। नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी गई है।

Zudio की ग्रोथ को लेकर बढ़ी चिंता

Trent ने FY26 में 250 नए स्टोर खोले थे। इनमें Westside और Zudio दोनों शामिल हैं। जून तिमाही में भी कंपनी ने 20 नए स्टोर जोड़े।

हालांकि, Fident Asset Management की एनालिस्ट ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि कंपनी पहले अगले कुछ वर्षों में रेवेन्यू को 2 से 2.5 गुना बढ़ाने की बात कर रही थी। इसमें सबसे बड़ा योगदान Zudio से आने की उम्मीद थी।

अब Zudio की ग्रोथ सामान्य होती दिख रही है। इससे निवेशकों को कंपनी की आगे की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है।

ब्रोकरेज भी हुए सतर्क

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ अब लो सिंगल डिजिट में आ गई है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि क्या कंपनी पहले जैसी तेज ग्रोथ जारी रख पाएगी।

ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि सिर्फ 20% ग्रोथ के मुकाबले शेयर का वैल्यूएशन 70 से 80 गुना तक पहुंच गया था। यानी ग्रोथ और वैल्यूएशन में संतुलन नहीं दिख रहा था।

वहीं, Goldman Sachs और Citi ने भी कहा कि जून तिमाही का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। Citi ने स्टोर प्रोडक्टिविटी में गिरावट, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से स्टोर विस्तार को लेकर भी चिंता जताई।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FII DII Data: विदेशी निवेशकों की लगातार तीसरे दिन खरीदारी, क्या अब आने वाली है बड़ी तेजी?

FII DII Data: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे।

सोमवार को भी FIIs ने 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उस दिन DIIs ने 3,791.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इससे पहले 3 जुलाई को FIIs ने चार दिन की लगातार बिकवाली के बाद वापसी करते हुए 1,355.33 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उसी दिन DIIs ने 1,953.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

बाजार में रही कमजोरी

हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बावजूद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 104 अंक टूटकर 78,181 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 32 अंक गिरकर 24,399 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 24,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

Nifty Bank 91 अंक गिरकर 58,201 पर बंद हुआ। वहीं Nifty Midcap 186 अंक टूटकर 62,285 पर आ गया। कारोबार के दौरान यह अपने ऊपरी स्तर से 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया।

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किन वजहों से गिरा बाजार?

बाजार पर हैवीवेट शेयरों में कमजोरी, मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली और डिफेंस व रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

इस बीच, वैश्विक जोखिम कम होने और Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से सप्लाई बाधित होने की चिंता घटी। इसका असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 48 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.95 के स्तर पर बंद हुआ।

क्या अब गिरावट का दौर खत्म?

मार्केट के जानकार FII की लगातार तीन दिनों की खरीदारी को पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं। Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है।

संदीप टंडन के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी और यह दूसरे वैश्विक बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनका मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां आने वाले समय में निवेश के लिए सबसे आकर्षक सेक्टर बने रहेंगे।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

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Stocks to Watch: 8 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार, 8 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर फोकस में रह सकते हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, FPO, OFS, निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान शामिल हैं। अगर आप ट्रेडिंग या निवेश की तैयारी कर रहे हैं, तो इन शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।

Rashtriya Chemicals and Fertilizers

सरकारी उर्वरक कंपनी Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd के बोर्ड ने 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) लाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों, डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स और DIPAM की मंजूरी अभी बाकी है।

Cochin Shipyard

सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd के ऑफर फॉर सेल (OFS) को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। यह इश्यू 3.52 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसकी जानकारी DIPAM सचिव ने दी।

Uno Minda

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Uno Minda Ltd ने पैसेंजर व्हीकल सीटिंग सिस्टम कारोबार में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इस पर करीब 320 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

Poonawalla Fincorp

NBFC कंपनी Poonawalla Fincorp Ltd ने 200 करोड़ रुपये तक के टियर-II नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड के 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट में L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने से जुड़ा है।

Silver Touch Technologies

आईटी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी Silver Touch Technologies Ltd को RITES Ltd से बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी PARAKH नाम का AI बेस्ड प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट्स की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की जांच में मदद करेगा।

Pondy Oxides and Chemicals

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Pondy Oxides and Chemicals ने शेयर स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट 21 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों को 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटेगी। इस प्रस्ताव को 2 जुलाई को पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ)

ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के हेड-इन्वेंट्री (गोल्ड) संजय बिलिमोरिया ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 8 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने दूसरे करियर अवसरों के लिए यह फैसला लिया है।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller ने कर्जमुक्त बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसने 14 बैंकों के कंसोर्टियम में शामिल 2 बैंकों का पूरा कर्ज चुका दिया है। यह भुगतान 30 सितंबर 2024 के सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत किया गया है।

Titan

ज्वेलरी और लाइफस्टाइल कंपनी Titan Company की AAA (Stable) लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग ICRA ने बरकरार रखी है। एजेंसी ने कंपनी के 3,000 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम, 14,750 करोड़ रुपये की वर्किंग कैपिटल सुविधाओं और 1,000 करोड़ रुपये के टर्म लोन की रेटिंग भी दोहराई है।

IndiGo

एयरलाइन कंपनी IndiGo के शेयरों पर नजर रहेगी। DGCA के मुताबिक, मई में घरेलू हवाई यात्री ट्रैफिक 9.5% बढ़कर 1.54 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 65% से घटकर 64.9% रह गई। इसके बावजूद कंपनी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

J.B. Chemicals & Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी J.B. Chemicals & Pharmaceuticals ने बताया कि NCLT की अहमदाबाद बेंच ने उसके Torrent Pharmaceuticals के साथ प्रस्तावित मर्जर को मंजूरी दे दी है। कंपनी को आदेश की प्रमाणित कॉपी भी मिल गई है। अब आगे की नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने कहा है कि वह इनोवेटिव और कॉम्प्लेक्स दवाओं पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी R&D, नए प्रोडक्ट, अधिग्रहण और लाइसेंसिंग के जरिए कारोबार का विस्तार करेगी। साथ ही लागत घटाने और प्रमुख बाजारों में मौजूदगी मजबूत करने पर भी काम जारी रहेगा।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho की जनरल मैनेजर (बिजनेस) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मेघा अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ा है। 7 जुलाई 2026 से उन्हें आधिकारिक तौर पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: शेयर बाजार में बुधवार, 8 जुलाई को दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी। एक कंपनी को पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा नया ऑर्डर मिला है। दूसरी कंपनी को 158 करोड़ रुपये से ज्यादा के सीवरेज प्रोजेक्ट में सबसे कम बोली लगाने वाला (L-1) घोषित किया गया है।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV 55mm² AAAC मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 15 महीने है। पिछले महीने कंपनी की सब्सिडियरी Advait BESS Bhesaan Pvt Ltd ने Gujarat Urja Vikas Nigam Ltd (GUVNL) के साथ 150 MW/300 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया था। यह प्रोजेक्ट गुजरात में बनेगा।

Advait Energy Transitions Ltd का शेयर मंगलवार को 1.59% की गिरावट के साथ 2,148 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक तकरीबन फ्लैट रहा। वहीं, 1 साल में इसने करीब 20.80% का रिटर्न दिया है।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड से करीब 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए L-1 घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने का है। कंपनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिलने के बाद ऑर्डर फाइनल होगा। इस प्रोजेक्ट को 15 महीने में पूरा किया जाएगा।

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी EMS को UP Jal Nigam (Urban) से वाराणसी के दो सीवरेज प्रोजेक्ट मिले थे। इनकी कुल अनुमानित कीमत 208.6 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) थी। इन प्रोजेक्ट्स में सीवर नेटवर्क, हाउस कनेक्शन, सर्वे, डिजाइन और टर्नकी आधार पर निर्माण का काम शामिल है।

EMS Ltd का शेयर मंगलवार को 3.84% गिरकर 402.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 24.87% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में इसमें करीब 34% की गिरावट आई है।

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कच्चे तेल में आएगी गिरावट, सोना और चांदी खरीदने के लिए करें इंतजार : Citi

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi के ग्लोबल हेड ऑफ कमोडिटीज मैक्स लेटन का मानना है कि अगले 6 से 12 महीनों तक कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बढ़ना है। वहीं, बैंक का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल सोने और चांदी में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दोनों की कीमतों में अभी और कमजोरी आ सकती है।

कच्चे तेल पर क्यों है दबाव?

मैक्स लेटन का कहना है कि पश्चिम एशिया में हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं। अगर ईरान से जुड़ा कोई समझौता होता है, तो बाजार में तेल की सप्लाई और बढ़ सकती है। दूसरी तरफ चीन से मांग कमजोर बनी हुई है। दूसरे देशों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। ऐसे में बाजार में जरूरत से ज्यादा कच्चा तेल उपलब्ध हो सकता है।

Citi का अनुमान है कि अगर मौजूदा बातचीत सफल रही, तो साल के आखिर तक Brent Crude की कीमत 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है। लेटन ने निवेशकों को सलाह दी है कि अगर तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो उसे मुनाफावसूली का मौका मानना चाहिए।

गोल्ड और सिल्वर पर क्या राय?

मैक्स लेटन का कहना है कि पिछले 18 से 24 महीनों में सोने की तेज रैली की सबसे बड़ी वजह निवेशकों की मजबूत खरीदारी थी। अब यह रफ्तार धीमी पड़ रही है। ऐसे में अगले कुछ हफ्तों तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

उनके मुताबिक, ऊंची रियल इंटरेस्ट रेट और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से फिलहाल सोने में कमजोरी रह सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि अगले दो महीनों में अगर कीमतें गिरती हैं, तो वही खरीदारी का बेहतर मौका हो सकता है। Citi को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में ब्याज दरों और महंगाई के नरम पड़ने से सोने को फिर सहारा मिल सकता है।

मैक्स लेटन का कहना है कि चांदी भी फिलहाल सोने की दिशा में ही चल सकती है। उनके मुताबिक, हालिया तेजी की बड़ी वजह निवेशकों की खरीदारी थी, न कि औद्योगिक मांग। हालांकि, सोलर जैसे सेक्टरों से लंबी अवधि की मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन मौजूदा ऊंची कीमतों की वजह से दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे शॉर्ट टर्म में चांदी की तेजी सीमित रह सकती है।

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बारिश से गिरा आंगन का पेड़ और 85 साल के बुजुर्ग एनजी केसरी को बना गया 28 लाख रुपये का मालिक! कैसे लगाएं चंदन का ये बेशकीमती पेड़?

अक्सर आपने सुना होगा कि एक ही रातों-रात किसी की किस्मत बदल गई, बेंगलुरु में ये कहावत सच होती नजर आई है। बेंगलुरु के रहने 85 वर्षीय एन. जी. केसरी की किस्मत रातों-रात बारिश ने बदल दी। बेंगलुरु में जब भी मॉनसून की तेज बारिश होती है, तो ज्यादातर लोग जलभराव, ट्रैफिक जाम और नुकसान की चिंता करने लगते हैं। एन. जी. केसरी के लिए एक तेज तूफान उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशकिस्मती बन गया।

एक बीज ने बदली किस्मत

यह कहानी करीब 40 साल पहले की है। एक दिन तेज हवा और बारिश के बाद एक अनजान बीज उनके घर के आंगन में आकर गिर गया। कुछ समय बाद वहां एक छोटा पौधा उग आया। केसरी ने उसे अपने बगीचे के बाकी पौधों की तरह ही संभाला और उसकी देखभाल की। बाद में उन्हें पता चला कि यह कोई साधारण पौधा नहीं, बल्कि कर्नाटक का बहुमूल्य चंदन का पेड़ है। समय के साथ पेड़ बड़ा और मजबूत होता गया और उसकी मनमोहक खुशबू पूरे इलाके में फैलने लगी।

मल्लेश्वरम के 17वें क्रॉस स्थित उनके घर के आंगन में लगा चंदन का पेड़ करीब 40 साल तक खामोशी से बढ़ता रहा। जब यह पूरी तरह तैयार हुआ, तो इसी एक पेड़ ने उन्हें करीब 28 लाख रुपये की कमाई कराई। यह दिखाता है कि धैर्य और सही देखभाल का फल कितना बड़ा हो सकता है। हालांकि, चंदन के पेड़ की खुशबू और उसकी कीमत ने सिर्फ लोगों का ही नहीं, बल्कि लकड़ी चोरों का भी ध्यान खींचा। बीते कई वर्षों में चोरों ने इस कीमती पेड़ को काटने की कई बार कोशिश की। पेड़ की सुरक्षा के लिए केसरी ने उसके चारों ओर मजबूत लोहे का जाल लगवा दिया और हमेशा उस पर नजर बनाए रखी।

बारिश से गिरा पेड़

इस साल जून के दूसरे सप्ताह में हुई तेज बारिश और आंधी ने चंदन के पेड़ को नुकसान पहुंचा दिया। तेज हवा के कारण पास का एक बड़ा पेड़ उखड़कर सीधे चंदन के पेड़ और उसके चारों ओर लगे लोहे के सुरक्षा जाल पर गिर गया। इससे चंदन का पेड़ भी गिर गया। शुरुआत में यह एक बड़ा नुकसान लगा, लेकिन बाद में यही घटना उनके लिए बड़ी खुशकिस्मती साबित हुई। केसरी ने कोई गलत रास्ता अपनाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ का निरीक्षण किया और उसे मैसूरु स्थित सरकारी चंदन डिपो ले जाने की अनुमति दे दी। जांच के बाद पता चला कि चंदन के पेड़ का वजन करीब एक मीट्रिक टन था।

बुजुर्ग के मिले 28 लाख

आखिरकार इस चंदन के पेड़ को कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) ने खरीद लिया। इससे एन. जी. केसरी को करीब 28 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। कई वर्षों तक चंदन के पेड़ की सुरक्षा और देखभाल करने के लिए सरकारी कंपनी ने उन्हें ‘चंदन शिरोमणि’ सम्मान से भी नवाजा। यह अनोखी घटना एक बार फिर बताती है कि कर्नाटक में चंदन की खेती कितनी फायदेमंद हो सकती है। चंदन के पेड़ की गुणवत्ता और उसमें मौजूद तेल की मात्रा के आधार पर उसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। एक छोटे से पौधे से शुरू हुई यह कहानी आज धैर्य, मेहनत और अच्छी किस्मत की मिसाल बन गई है।

कैसे लगाएं चंदन का बेशकीमती पेड़?

चंदन का पेड़ दुनिया के सबसे कीमती पेड़ों में गिना जाता है। इसकी लकड़ी और तेल का उपयोग इत्र, दवाइयों, पूजा-पाठ और सौंदर्य प्रसाधनों में होता है। अगर आप चंदन का पौधा लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाला पौधा किसी प्रमाणित नर्सरी से खरीदें। चंदन का पौधा अच्छी जल निकासी वाली दोमट या हल्की लाल मिट्टी में बेहतर बढ़ता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां भरपूर धूप आती हो। पौधा लगाने के लिए लगभग 2 से 3 फीट गहरा गड्ढा तैयार करें और उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाकर पौधा लगाएं।

चंदन एक अर्ध-परजीवी (Semi-Parasitic) पौधा है। इसका मतलब है कि इसकी अच्छी वृद्धि के लिए पास में कोई सहायक पौधा, जैसे अरहर, करंज, नीम, बबूल या अन्य उपयुक्त पेड़ होना जरूरी है। चंदन अपनी जड़ों के माध्यम से इन पौधों से कुछ पोषक तत्व प्राप्त करता है। शुरुआती दिनों में नियमित सिंचाई करें, लेकिन पानी का जमाव बिल्कुल न होने दें। समय-समय पर खरपतवार हटाएं और जैविक खाद का इस्तेमाल करें। उचित देखभाल के साथ चंदन का पेड़ धीरे-धीरे मजबूत होता है और कई वर्षों बाद अच्छी गुणवत्ता की लकड़ी देता है। अगर लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं, तो चंदन की खेती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे लगाने से पहले अपने राज्य के नियमों और चंदन के पेड़ों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी जरूर लें।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

AI Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयर मंगलवार को दबाव में रहे। Netweb Technologies, Aeroflex Industries, E2E Networks और Black Box जैसे शेयरों में 10% तक की गिरावट आई। इसकी बड़ी वजह दुनिया भर के टेक शेयरों में आई बिकवाली रही।

दुनिया भर में टेक शेयरों पर दबाव

एशियाई शेयर बाजार लगातार तीन दिन की तेजी के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों को अब चिंता है कि AI थीम वाली तेज रैली शायद जरूरत से ज्यादा आगे निकल गई है। MSCI Asia Pacific Index कारोबार के दौरान 2.2% तक गिर गया। बाद में निचले स्तर पर खरीदारी आने से गिरावट कुछ कम हुई और इंडेक्स करीब 1.5% नीचे बंद हुआ।

यूरोप के बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार रहा। फ्रांस का CAC 40 करीब 1% चढ़ा। वहीं, STOXX Europe 600 Technology Index शुरुआती कारोबार में करीब 2% टूट गया।

चिप कंपनियों में भारी गिरावट

सेमीकंडक्टर सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। ASML Holding, Infineon Technologies, Aixtron और STMicroelectronics के शेयर करीब 5% तक टूट गए। वहीं BE Semiconductor Industries में 4% से ज्यादा की गिरावट आई।

हालांकि, सभी टेक कंपनियों पर दबाव नहीं रहा। SAP का शेयर करीब 2.5% और Amadeus IT Group करीब 2% चढ़ा।

सैमसंग और SK Hynix भी टूटे

दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics के शेयर 10% तक गिर गए। जबकि कंपनी ने मुनाफे में 19 गुना बढ़ोतरी की जानकारी दी है।

वहीं SK Hynix के शेयर करीब 6% टूट गए। इसकी वजह से Kospi Index में 5.2% की गिरावट आई। कारोबार के दौरान 8% गिरावट आने पर कुछ समय के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी।

AI रैली पर क्यों बढ़ी चिंता?

एनालिस्टों का कहना है कि निवेशक अब टेक शेयरों से पैसा निकालकर दूसरे सेक्टरों में लगा रहे हैं। उन्हें डर है कि AI सेक्टर में बढ़ता निवेश, तेज प्रतिस्पर्धा और नई क्षमता (Capacity Expansion) भविष्य में कंपनियों की कमाई पर दबाव डाल सकते हैं।

बाजार अब यह देखना चाहता है कि AI पर हो रहा भारी खर्च वास्तव में कंपनियों के मुनाफे में बदलता है या नहीं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

माइकल बरी ने भी जताई चिंता

The Big Short नाम से मशहूर निवेशक माइकल बरी (Michael Burry) का भी मानना है कि मेमोरी चिप कंपनियों में आया उछाल ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता। उन्होंने बताया कि उन्होंने Micron Technology के शेयरों में शॉर्ट पोजिशन ली है। इसका मतलब कि बरी को भरोसा है कि मेमोरी चिप कंपनियों के स्टॉक गिरने वाले हैं।

उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया में चिप उत्पादन पर हो रहा भारी निवेश आने वाले समय में सप्लाई काफी बढ़ा देगा। इससे DRAM चिप्स की मौजूदा कमी अगले साल ही खत्म हो सकती है। फिलहाल Samsung, SK Hynix और Micron मिलकर दुनिया के करीब 90% DRAM बाजार पर कब्जा रखते हैं। लेकिन अगर सप्लाई तेजी से बढ़ी, तो कीमतों और कंपनियों की कमाई दोनों पर दबाव आ सकता है।

* ब्लूमबर्ग से इनपुट के साथ

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