Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 349% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी बायोकॉन ने 5 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा बढ़कर 141 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का प्रॉफिट करीब 349% उछला है।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,942 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 766.1 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी मामूली बढ़कर 19.54% हो गया, जो एक साल पहले 19.43% था।

ग्रॉस EBITDA 902 करोड़ रुपये रहा। इसका मार्जिन 21% रहा। कंपनी ने कहा कि बायोफार्मा कारोबार में बेहतर मुनाफे की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

बायोफार्मा कारोबार ने कमाल किया

बायोकॉन का बायोफार्मा कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन रहा। इस कारोबार की रेवेन्यू 17% बढ़कर 3,615 करोड़ रुपये पहुंच गई। बायोसिमिलर कारोबार की रेवेन्यू 16% बढ़कर 2,855 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, जेनेरिक दवाओं की रेवेन्यू 21% बढ़कर 760 करोड़ रुपये रही।

कंपनी ने कहा कि नए बायोसिमिलर और जेनेरिक प्रोडक्ट लॉन्च होने से यह बढ़त मिली। हालांकि, सर्विसेज कारोबार दबाव में रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू 16% घटकर 736 करोड़ रुपये रह गई।

फाइनेंस कॉस्ट घटी, R&D खर्च बढ़ा

बैलेंस शीट मजबूत करने की रणनीति के चलते कंपनी का ब्याज खर्च 23% घटकर 213 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च 17% बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गया।

अमेरिका और यूरोप में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च

बायोकॉन के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीहास तांबे ने कहा कि कंपनी ने तिमाही के दौरान अमेरिका और यूरोप समेत विकसित बाजारों में कई प्रो़डक्ट लॉन्च किए। साथ ही उभरते बाजारों में नए प्रोडक्ट और साझेदारियों के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कि कंपनी को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगी। इसका असर दूसरी छमाही के नतीजों में साफ दिखाई देगा।

बायोकॉन की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि कंपनी अब रणनीतिक निवेश को टिकाऊ ग्रोथ में बदलने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि बायोसिमिलर के लिए बेहतर नीति माहौल और अमेरिका में बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

बायोकॉन के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को बायोकॉन का शेयर 0.76% की बढ़त के साथ 425.20 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक यह करीब 10% चढ़ चुका है। वहीं, पिछले एक साल में इसने 14% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

Berger Paints Q1 Results: प्रॉफिट 21 फीसदी बढ़कर 404 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Berger Paints Q1 Results: प्रॉफिट 21 फीसदी बढ़कर 404 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़ा

Berger Paints Q1 Results: बर्जर पेंट्स ने 5 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों में अच्छी ग्रोथ दिखी। इसमें डेकोरेटिव और ऑटोमोटिव बिजनेसेज के अच्छे प्रदर्शन का हाथ है। इससे रॉ मैटेरियल की कॉस्ट में इजाफा का ज्यादा असर प्रॉफिट पर नहीं पड़ा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में Berger Paints का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 404.3 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़कर 3,583.7 करोड़ रुपये रहा। इससे सभी मुख्य सेगमेंट्स में स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है। कंपनी के शेयरों में 5 अगस्त को अच्छी तेजी दिखी।

एबिड्टा 15 फीसदी बढ़कर 607 करोड़ रुपये

बर्जर पेंट्स का EBITDA जून तिमाही में 15 फीसदी बढ़कर 607.4 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन इस दौरान 17 फीसदी पर बना रहा। खास बात यह है कि क्रूड ऑयल और दूसरे रॉ मैटेरियल की कीमतों में उछाल की वजह से इनफ्लेशनरी प्रेशर के बावजूद ऑपरेटिंग मार्जिन में कमी नहीं आई।

कीमतों में इजाफा का पूरा असर आगे दिखेगा

कंपनी के एमडी और सीईओ अभिजीत रॉय ने कहा कि मार्च तिमाही में डिमांड में जो रिकवरी दिखी थी, वह जून तिमाही में भी जारी रही। इससे कंपनी की स्टैंडएलोन वैल्यू ग्रोथ 12.7 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि प्राइसिंग में इजाफा का पॉजिटिव असर जून तिमाही में प्रदर्शन पर पड़ा। हालांकि, कीमतों में इजाफा का पूरा असर आने वाले महीनों में दिखेगा।

अच्छे प्रदर्शन में डेकोरेटिव पेंट्स का बड़ा हाथ

कंपनी ने कहा है कि ग्रोथ में डेकोरेटिव पेंट्स और ऑटोमोटिव कोटिंग्स का बड़ा हाथ रहा। हालांकि, वाटरप्रूफिंग, कंस्ट्रक्शन केमिकल्स और वुड कोटिंग्स की ग्रोथ भी अच्छी रही। कंपनी ने कहा कि हाल में लॉन्च प्रीमियम प्रोडक्ट्स का भी प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी का फोकस नए मार्केट्स में नेटवर्क का विस्तार करने पर है।

पश्चिम एशिया में टेंशन से रॉ मैटेरियल की कीमतों में इजाफा

बर्जर पेंट्स के मैनेजमेंट ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन का असर क्रूड की सप्लाई पर पड़ा। इससे पेट्रोलियम आधारित रॉ मैटेरियल की कीमतें बढ़ गईं। इससे मार्जिन पर दबाव बना। लेकिन, खर्च को नियंत्रण में रखने और ऑपरेशनल एफिशियंसी से कंपनी अच्छा मुनाफा कमाने में सफल रही। कंपनी को घरेलू डिमांड आगे भी स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते शेयरों में 5 फीसदी की तेजी

बर्जर पेंट्स देश की दूसरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी है। इसका पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है, जिसमें डेकोरेटिव पेंट्स, इंडस्ट्रियल कोटिंग्स, वाटरप्रूफिंग सॉल्यूशंस, कंस्ट्रक्शंस केमिकल्स और ऑटोमोटिव फिनिशेज शामिल हैं। कंपनी का शेयर 5 अगस्त को 1.54 फीसदी चढ़कर 542 रुपये पर बंद हुआ। एक हफ्ते में यह करीब 5 फीसदी चढ़ा है।

Nykaa Share Price: मजबूत तिमाही नतीजो के बाद शेयर 3% से ज्यादा टूटा, ब्रोकरेज फर्म बुलिश

Nykaa Share Price Today: Nykaa की पेरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures Ltd. के शेयरों में बुधवार, 5 अगस्त को 3% से ज्यादा गिरा। कंपनी ने एक और मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस दिखाई थी , जिसमें जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी और मुनाफे में तीन गुना से ज़्यादा उछाल शामिल था। जून तिमाही (Q1FY27) के लिए, Nykaa ने रेवेन्यू में साल-दर-साल 29.1% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹2,782 करोड़ हो गया। EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹24.5 करोड़ से तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर ₹80 करोड़ हो गया। कंपनी के 13 अपने कंज्यूमर ब्रांड्स के पोर्टफोलियो ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और साल-दर-साल 43% की ग्रोथ दर्ज की।

अपने मुख्य ब्यूटी बिज़नेस में, ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) 28% बढ़कर ₹4,105 करोड़ हो गई, जबकि फ़ैशन सेगमेंट ने भी मज़बूत रफ़्तार बनाए रखी। Nykaa ने अपने ऑफलाइन नेटवर्क का भी विस्तार किया, तिमाही के दौरान 11 नए स्टोर खोले, जिससे 100 से ज़्यादा शहरों में कुल स्टोर की संख्या 324 हो गई।

तिमाही के दौरान, Nykaa ने प्रीमियम ब्यूटी और स्किनकेयर ब्रांड Aminu Wellness में ₹32 करोड़ में 51% हिस्सेदारी खरीदी। Aminu ने FY26 में ₹19.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

नतीजों के बाद क्या है ब्रोकरेज की राय

HSBC ने ₹380 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। इसके पीछे ब्यूटी और फ़ैशन दोनों में मजबूत GMV ग्रोथ, ‘हाउस ऑफ़ ब्रांड्स’ पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार और लगातार ऑपरेटिंग लेवरेज जैसे कारण बताए गए।तिमाही नतीजों के उम्मीद से बेहतर रहने के बाद ब्रोकरेज ने FY27 के EBITDA अनुमानों को 3% बढ़ा दिया।

CLSA ने ₹376 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Outperform’ रेटिंग की राय दी है और कहा कि रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA उम्मीद से बेहतर रहे। ब्रोकरेज ने मजबूत ब्रांड पार्टनरशिप की मदद से फैशन ग्रोथ में तेजी को रेखांकित किया, जबकि मार्जिन बढ़ाने वाले अपने ब्रांड्स ने ब्यूटी सेगमेंट में मुनाफा बढ़ाना जारी रखा।

नोमुरा ने नायका के लिए अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी है और कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जताते हुए ₹411 का सबसे ऊंचा टारगेट दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि प्रीमियम बनने की ओर झुकाव, ब्रांड पार्टनरशिप का विस्तार, अपने ब्रांड्स का दायरा बढ़ाना और टियर-2 और टियर-3 शहरों में फिजिकल विस्तार से रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जेफरीज ने भी ₹400 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘buy’ रेटिंग दोहराई है और इस तिमाही के नतीजों को अहम पैमानों पर उम्मीद से बेहतर बताया है। ब्रोकरेज ने ब्यूटी सेगमेंट में अच्छी यूजर ग्रोथ, प्रीमियम बनने के ट्रेंड, फैशन में 50% से ज़्यादा की ग्रोथ, नायका के अपने ब्रांड्स (हाउस ऑफ ब्रांड्स) का दायरा बढ़ने और क्विक-कॉमर्स सर्विस की बढ़ती पहुंच पर ज़ोर दिया है।

नायका को ट्रैक करने वाले 26 एनालिस्ट में से 14 ने ‘buy’ रेटिंग दी है, जबकि 6-6 एनालिस्ट ने स्टॉक पर ‘hold’ और ‘Sell’ की सलाह दी है।

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BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज BSE ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही में यह ₹797 करोड़ था।

जून तिमाही में BSE का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह 0.2% बढ़कर ₹1,566 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, कुल आय 5% बढ़कर ₹1,707 करोड़ हो गई। इसकी बड़ी वजह निवेश से होने वाली आय में तेज उछाल रही।

निवेश से कमाई दोगुनी से ज्यादा

BSE की सबसे बड़ी कमाई ट्रांजैक्शन चार्ज से होती है। यह तिमाही आधार पर 1% बढ़कर ₹1,328 करोड़ हो गया। अन्य ऑपरेटिंग आय में भी 5% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, लिस्टिंग सर्विसेज से होने वाली आय 15% घटकर ₹101 करोड़ रह गई। इसकी वजह IPO बाजार में सुस्ती रही। दूसरी ओर, निवेश से होने वाली आय ₹62 करोड़ से बढ़कर ₹135 करोड़ हो गई।

मुनाफा मार्जिन 51% रहा

BSE का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,187 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 51% दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹7,547 करोड़ पहुंच गई। प्रति शेयर आय (EPS) ₹21.22 रही।

कैश मार्केट में BSE का औसत दैनिक कारोबार बढ़कर ₹9,955 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹7,180 करोड़ था। इक्विटी डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर ₹1,155 करोड़ पहुंच गया।

बुलियन कारोबार में बढ़ाएगी हिस्सेदारी

BSE के बोर्ड ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20% करने को मंजूरी दी है। अभी कंपनी की इसमें 10% हिस्सेदारी है। यह निवेश GIFT City के बुलियन मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। BSE अब इक्विटी ट्रेडिंग के अलावा दूसरे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE का शेयर मंगलवार को 0.64% बढ़कर 3,597.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.22% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.69% का रिटर्न दिया है। बीते 5 साल में स्टॉक ने 2,559.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.47 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Marico Q1 Results: प्रॉफिट 25% बढ़कर 630 करोड़, रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़ा

Marico Q1 Results: मैरिको ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफि साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 630 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में प्रॉफिट 504 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 25 जून को बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया।

भारत में बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी

जून तिमाही में Marico के अच्छे प्रदर्शन में स्ट्रॉन्ग डिमांड, कोपरा की कीमतों में नरमी और नए बिजनेसेज की अच्छी ग्रोथ का हाथ है। भारत में कंपनी के बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी रही। यह बीती 18 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 5 अगस्त को बाजार खुलने पर दिखेगा।

मानसून की स्थिति और इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर

कंपनी ने बयान में कहा, “जून तिमाही में डिमांड ट्रेंड में स्थिरता दिखी, जिसे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का सपोर्ट मिला। कंपनी कंजम्प्शन ट्रेंड को लेकर पाॉजिटिव है, लेकिन इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अल नीनो के असर के पूर्वानुमान के बीच मानसून के प्रोग्रेस पर भी नजर रहेगी।”

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड एबिड्टा मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 20.7 फीसदी रहा। EBITDA का मतलब इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की अर्निंग्स है।

स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2794 करोड़ रुपये

स्टैंडएलोन बेसिस पर कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 40 फीसदी गिरकर 460 करोड़ रुपये रहा। इसकी वजह कंपनी के खर्च में इजाफा है। स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2,794 करोड़ रुपये रहा। इंडियन बिजनेस का रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़कर 3,003 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा है कि उसका 96 फीसदी मार्केट पोर्टफोलियो जून तिमाही में बढ़ा या मार्केट शेयर मौजूदा लेवल पर बनाए रखा।

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बीते एक साल में करीब 23 फीसदी चढ़ा है शेयर 

कंपनी के प्रोडक्ट्स में कई लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें Parachute, Saffola, Hair and Care, Nihar Naturals, Beardo, Just Herbs, True Elements, Plix, Cosmix और 4700BC शामिल हैं। कंपनी के शेयर 4 अगस्त को 0.68 फीसदी गिरकर 875 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर 22.73 फीसदी चढ़ा है।

HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MTAR Tech Share Price: लगातार चौथे दिन शेयर में अपर सर्किट, एक साल में पैसा तीन गुना किया

MTAR Tech Share Price: एमटीएआर के शेयरों में 4 अगस्त को लगातार चौथे दिन अपर सर्किट लगा। करीब एक हफ्ते में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में कंपनी का अच्छा प्रदर्शन है। इसके अलावा अमेरिका में कंपनी के मुख्य क्लाइंट को लेकर इनवेस्टर सेंटीमेंट पॉजिटिव है। मंगलवार को बाजार खुलते ही शेयर 5 फीसदी के उछाल से 6,312 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी न्यूक्लियर, स्पेस, डिफेंस और क्लीन एनर्जी सेक्टर्स के लिए प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाती है।

शेयर ने एक साल में पैसा तीन गुना किया

एनालिस्ट्स का कहना है कि MTAR Technologies का प्रदर्शन जून तिमाही में शानदार रहा। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग रही और एग्जिक्यूशन भी बेहतर रहा। यह शेयर 30 जुलाई से लगातार चढ़ रहा है। इस दौरान यह करीब 22 फीसदी उछला है। बीते एक साल में यह शेयर 335.39 फीसदी चढ़ा है। इस साल शेयर में 163.5 फीसदी उछाल आ चुका है।

ऑपरेशन से जुड़े रिस्क में आई है कमी 

शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे में मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि कंपनी के ऑपरेशन से जुड़ा रिस्क घटा है। इससे शेयरों पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जून तिमाही में कंपनी का नेट वर्किंग कैपिटल डेज घटकर 59 पर आ गया है। मार्च तिमाही में यह 172 था। वर्किंग कैपिटल डेज से कंपनी की ऑपरेशनल एफिशियंसी और शॉर्ट टर्म लिक्विडिटी का पता चलता है।

कुल ऑर्डरबुक बढ़कर 5000 करोड़ रुपये के पार

उन्होंने कहा कि कंपनी की ग्रोथ में उसकी रिकॉर्ड ऑर्डरबुक का हाथ है। उन्होंने कहा, “जून तिमाही में कंपनी को 2,895 रुपये के ऑर्डर मिले। यह किसी एक तिमाही में मिला सबसे ज्यादा ऑर्डर (वैल्यू में) हैं। इससे कंपनी के कुल ऑर्डर FY26 से ज्यादा हो गए हैं। इससे 30 जून को कंपनी की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 5,143 करोड़ रुपये की हो गई।”

रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 130 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 130.4 फीसदी बढ़कर 360.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 199.7 फीसदी बढ़कर 85.1 करोड़ रुपये हो गया। टैक्स के बाद कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 364.5 फीसदी बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 50.2 करोड़ रुपये रहा।

क्या अभी निवेश करने का सही टाइम है?

ब्लूम एनर्जी से रिश्तों ने एमटीएआर को मजबूती दी है। ब्लूम एनरजी AI डेटा सेंटर्स के लिए फ्यूल सेल सॉल्यूशंस सप्लाई करती है। व्योमिंग (Wyoming) में प्रस्तावित 1.8 GW के डेटा सेंटर में ब्लूम एनर्जी के फ्यूल सेल्स के इस्तेमाल की संभावना है। एक्सपर्ट का कहना है कि नए निवेशक इस शेयर में निवेश के लिए सही मौके का इंतजार कर सकते हैं।

Muthoot Finance Q1 Results: प्रॉफिट 43 फीसदी बढ़ा, गोल्ड लोन एयूएम 2 लाख करोड़ रुपये के करीब

Muthoot Finance Q1 Results: मुथूट फाइनेंस ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 43 फीसदी बढ़ा है। इसमें गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट (पीएटी) जून तिमाही में 2,825 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,974 करोड़ रुपये था।

कंसॉलिडेटेड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट 2 लाख करोड़ के करीब

Muthoot Finance का कंसॉलिडेटेड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 43 फीसदी बढ़कर 1,91,531 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,33,938 करोड़ रुपये था। कंपनी का कंसॉलिडेटेड PAT तिमाही दर तिमाही आधार पर 17 फीसदी गिरा। मार्च तिमाही में 3,397 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर एयूएम फीसदी बढ़ा।

कोर गोल्ड लोन  बना बिजनेस का ग्रोथ इंजन

कंपनी को कोर गोल्ड लोन बिजनेस से ग्रोथ को सबसे ज्यादा सपोर्ट मिला। कंसॉलिडेटेजड गोल्ड लोन एयूएम साल दर साल आधार पर 48 फीसदी बढ़कर 1,75,527 करोड़ रुपये हो गया। एक साल में यह 56,767 करोड़ रुपये का इजाफा है। कंपनी ने 1 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 3 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर दिखेगा।

स्टैंडएलोन टैक्स बाद मुनाफा 2550 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्टैंडएलोन आधार पर कंपनी का टैक्स बाद मुनाफा (PAT) साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 2,550 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन लोन एयूएम 43 फीसदी बढ़कर 1,72,053 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन गोल्ड लोन एयूएम साल तर साल आधार पर 44 फीसदी बढ़कर 1,63स298 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि जून के अंत में ब्रांच नेटवर्क बढ़कर 7,654 हो गया। एक साल पहले यह 7,413 था।

FY27 की शुरुआत कंपनी के लिए अच्छी रही

मुथूट फाइनेंस के चेयरमैन जॉर्ज जेकब मुथूट ने कहा कि कंपनी के लिए FY27 की शुरुआत स्ट्रॉन्ग रही। कंसॉलिडेटेड एयूएम अब तक के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसमें कोर गोल्ड लोन बिजनेस के लगातार बेहतर प्रदर्शन का हाथ रहा। उन्होंने कहा कि जून तिमाही के प्रदर्शन से स्ट्रॉन्ग कस्टमर डिमांड का संकेत मिलता है।

31 जुलाई को शेयरों में अच्छी तेजी

मुथूट फाइनेंस का शेयर 31 जुलाई को 3.98 फीसदी चढ़कर 3,128 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 31 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स भी हरे निशान में बंद हुए। इस हफ्ते बीते चार महीनों में शेयर बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई।