L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

L&T Q1 Results: देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने जून 2026 तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14% बढ़कर 4,123 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,617 करोड़ रुपये था। यह बाजार के अनुमान से भी बेहतर रहा। वहीं, कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6.7% बढ़कर 67,942 करोड़ रुपये पहुंच गई।

L&T की ऑर्डर बुक

इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कंपनी L&T को जून तिमाही में 1,08,014 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। यह पिछले साल के मुकाबले 14% ज्यादा है। कंपनी को रिहायशी और कमर्शियल बिल्डिंग, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑफशोर विंड, हेवी इंजीनियरिंग और मेटल सेक्टर से बड़े ऑर्डर मिले।

कंपनी की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 7,78,954 करोड़ रुपये हो गई। इसमें अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर की हिस्सेदारी 52% है। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल रेवेन्यू में 51% योगदान विदेशी कारोबार का रहा।

मार्जिन पर दबाव

तिमाही में L&T का EBITDA 3.2% घटकर 6,116 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 9.9% से घटकर 9% पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बेहतर रहा।

ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग से मजबूती

L&T के ग्रीन एनर्जी बिजनेस को तिमाही में 33,042 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। यह पिछले साल से 58% ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट रहे। हालांकि, सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते इस सेगमेंट की रेवेन्यू 11% घट गई।

वहीं, मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रोडक्ट्स कारोबार में ऑर्डर इनफ्लो 74% बढ़कर 5,535 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिफाइनरी इक्विपमेंट से जुड़े बड़े ऑर्डर मिलने का फायदा कंपनी को मिला।

टेक और फाइनेंस ने भी दिखाया दम

L&T के टेक्नोलॉजी, प्लेटफॉर्म्स एंड सर्विसेज कारोबार की रेवेन्यू 15% बढ़कर 14,627 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस की ऑपरेशनल इनकम 27% बढ़कर 5,042 करोड़ रुपये रही। इस दौरान कंपनी का कुल लोन बुक 1,29,634 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

रियल्टी कारोबार में भी तेजी

L&T के रियल्टी बिजनेस में नए प्रोजेक्ट्स की अच्छी बुकिंग हुई। ऑर्डर इनफ्लो 32% बढ़कर 1,299 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1,009 करोड़ रुपये पहुंच गई।

चेयरमैन ने क्या कहा?

L&T के चेयरमैन और MD एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अलग-अलग सेक्टर और बाजारों पर फोकस बनाए रखा। उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस तिमाही में Nabha Power की हिस्सेदारी बेचने का काम पूरा किया है। साथ ही, Hyderabad Metro में अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने के लिए भी समझौता किया है। इससे कंपनी अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

L&T के शेयर

L&T के शेयर मंगलवार को 0.63% की बढ़त के साथ 3,830 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 11.92% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल में इससे निवेशकों को 139.16% का मुनाफा हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 5.27 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aurionpro Solutions Share Price: अपने पीक से 62% नीचे ये स्टॉक आज 12% गिरा, तिमाही नतीजों का दिखा असर

Aurionpro Solutions Share Price: सॉफ्टवेयर एंड आईटी सर्विसेस सेक्टर की कंपनी Aurionpro Solutions के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर आज 12.10% गिरकर ₹735.40 प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर में यह गिरावट कंपनी के जून तिमाही के बाद आई। शेयर 11 जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा।

जून तिमाही के लिए, Aurionpro ने ₹358 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹337 करोड़ से 6.3% और पिछली तिमाही के ₹346 करोड़ से 3.6% अधिक है। हालांकि, EBITDA सालाना आधार पर 9.1% घटकर ₹61 करोड़ रह गया, जबकि EBITDA मार्जिन 300 बेसिस पॉइंट्स घटकर 17.2% हो गया। नेट प्रॉफिट (PAT) सालाना आधार पर 12.6% घटकर ₹45 करोड़ रह गया (जो पहले ₹51 करोड़ था), और PAT मार्जिन भी एक साल पहले के 15.3% से घटकर 12.6% हो गया।

मार्जिन पर दबाव के बावजूद, कंपनी ने तिमाही के दौरान 23 नए कस्टमर जोड़े। रेवेन्यू में बढ़ोतरी को बैंकिंग और फिनटेक बिजनेस से सहारा मिला, जो सालाना आधार पर 4.7% बढ़कर ₹201 करोड़ हो गया, जबकि टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रुप ने 8.4% की बढ़ोतरी के साथ ₹157 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

तिमाही के दौरान, कंपनी ने बताया कि उसे अमेरिका से अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है। उसने एक प्रमुख डिजिटल इंश्योरेंस पेमेंट प्लेटफॉर्म के साथ 33 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। Aurionpro ने Ujjivan Small Finance Bank से अपने प्रमुख iCashpro+ इंटीग्रेटेड ट्रांजैक्शन बैंकिंग प्लेटफॉर्म को लागू करने के लिए 6 साल का कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया।

मल्टीबैगर रिटर्न के बावजूद स्टॉक अपने पीक से 62% नीचे

शेयर पर सितंबर 2024 से लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और इस दौरान इनकी वैल्यू में 55% से ज़्यादा की गिरावट आई है। मार्च 2023 और सितंबर 2024 के बीच आई जबरदस्त तेज़ी के बाद, जब स्टॉक ₹1,975 प्रति शेयर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था, इसकी रफ्तार कम हो गई और उसके बाद के ज़्यादातर महीनों में स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुआ।

शेयर अपने पीक से स्टॉक में 62% की गिरावट आई है। कैलेंडर ईयर के हिसाब से देखें तो 2025 में इसमें 40% की गिरावट आई और 2026 में अब तक यह 29% और गिर चुका है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Suzlon Q1 Results: सुजलॉन एनर्जी का मुनाफा गिरा, मार्जिन भी घटा; 7% टूटा स्टॉक

Suzlon Q1 Results: विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के जून तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 6% घटकर ₹305 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹324 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹3,829 करोड़ पहुंच गया।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन कैसा रहा?

सुजलॉन का EBITDA ₹595 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹599 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 19% से घटकर 15.5% पर आ गया। यानी कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई पर दबाव दिखा।

किस कारोबार से कितनी कमाई

रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस कारोबार का रेवेन्यू ₹2,494 करोड़ से बढ़कर ₹3,174 करोड़ हो गया। रिन्यूएबल एनर्जी एसेट मैनेजमेंट सर्विसेज का रेवेन्यू ₹632 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹584 करोड़ था। हालांकि, फाउंड्री और फोर्जिंग कारोबार का रेवेन्यू ₹146 करोड़ से घटकर ₹126 करोड़ रह गया।

ऑर्डर बुक और डिलीवरी

जून तिमाही में सुजलॉन ने 506 मेगावाट की डिलीवरी की। यह पिछले साल से 14% ज्यादा है। वहीं, 269 मेगावाट की कमिशनिंग हुई, जो सालाना आधार पर दोगुने से भी ज्यादा है। तिमाही के अंत तक कंपनी की ऑर्डर बुक 6.1 गीगावाट (GW) रही। इसमें 84% ऑर्डर सरकारी कंपनियों और कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) सेक्टर से मिले हैं।

सुजलॉन के शेयरों का हाल

कमजोर नतीजों के बाद मंगलवार को सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 7% गिरकर 50 रुपये से नीचे आ गया। दोपहर 2.16 बजे तक सुजलॉन का स्टॉक 49.69 % गिरकर 49.69 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस गिरावट के साथ 2026 में अब तक स्टॉक का रिटर्न भी निगेटिव हो गया है। पिछले 1 साल में स्टॉक में 17.81% की गिरावट आई है।

सुजलॉन का बिजनेस क्या है

सुजलॉन एनर्जी विंड एनर्जी सेक्टर की कंपनी है। यह विंड टरबाइन बनाती है और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सप्लाई, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस की सेवाएं देती है। कंपनी EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन), रिन्यूएबल एनर्जी एसेट मैनेजमेंट और फाउंड्री-फोर्जिंग कारोबार में भी मौजूद है। इसका कारोबार भारत के साथ कई विदेशी बाजारों में भी फैला हुआ है।

Coforge Share Price: कोफोर्ज का शेयर बना रॉकेट, जून तिमाही के नतीजों का असर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coforge Share Price: कोफोर्ज का शेयर बना रॉकेट, जून तिमाही के नतीजों का असर

कोफोर्ज का शेयर 28 जुलाई को रॉकेट बन गया। सुबह में शेयर मजबूत खुले। कुछ ही देर बाद शेयर में जबर्दस्त उछाल दिखा। 1:18 बजे शेयर का प्राइस 10.15 फीसदी के उछाल के साथ 1,683.90 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के जून तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी ने 27 जुलाई की देर रात नतीजों का ऐलान किया। इसका असर 28 जुलाई को शेयरों पर दिखा।

Coforge के जून तिमाही के नतीजों में पहली बार Encore Holdings का भी प्रदर्शन शामिल रहा। इसलिए यह ध्यान में रखना जरूरी है कि जून तिमाही के नतीजों की तुलना मार्च तिमाही के नतीजों और एक साल पहले के जून तिमाही के नतीजों से नहीं की जा सकती। कोफोर्ज आईटी सॉल्यूशंस ऑफर करती है।

जून तिमाही में कोफोर्ज का रेवेन्यू डॉलर में 21.1 फीसदी बढ़कर 59.2 करोड़ डॉलर रहा। मार्च तिमाही में रेवेन्यू 48.91 करोड़ डॉलर था। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 15.3 फीसदी गिरकर 518.6 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर कुछ खास खर्चों का असर पड़ा। इसमें Encora के अधिग्रहण और इंटिग्रेशन पर 61.3 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है। कंपनी का लीगल खर्च 5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कस्टमर रिसीवएबल्स के लिए 10.8 करोड़ का प्रोविजन किया। इन वजहों से 22.1 करोड़ रुपये के फॉरेंस गेंस का फायदा नहीं मिला।

जून तिमाही में रुपये में कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही के मुकाबले 24.2 फीसदी बढ़कर 5,527.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का मार्जिन 16 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 16.5 फीसदी था। अगर अधिग्रहण पर हुआ खर्च हटा दिया जाए तो कंपनी की ऑर्गेनिक कॉन्स्टैंट करेंसी ग्रोथ 1.1 फीसदी रही। एग्जिटेड बिजनेसेज को छोड़ दिया जाए तो यह 5.2 फीसदी रहता।

कोफोर्ज ने नतीजों के बाद अपनी रिलीज में बताया कि कम मार्जिन वाले 1.5 करोड़ डॉलर के इंडियन गवर्नमेंट पोर्टफोलियो का एग्जिट प्लान के मुताबिक था। इसके अलावा जून तिमाही के प्रदर्शन पर डेटा सेंटर के 40 लाख डॉलर के डिसइनवेस्टमेंट का असर पड़ा। कंबाइंड EBIT मार्जिन 16 फीसदी रहा, जो कंपनी के 15.5 फीसदी के पूरे साल के गाइडेंस से ज्यादा है।

कोफोर्ज ने जून तिमाही में 69.1 करोड़ डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए। इससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 222.8 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। इसकी रिकॉर्ड डेट 2 अगस्त होगी। इस साल कोफोर्ज का शेयर 3 फीसदी गिरा है। यह 52 हफ्तों के अपने 1,938 रुपये के हाई से करीब 20 फीसदी नीचे है।

Stocks to Watch: 28 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 28 जुलाई को कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने तिमाही नतीजे जारी किए हैं। कुछ ने बड़े ऑर्डर, मैनेजमेंट में बदलाव और फंड जुटाने जैसे अहम ऐलान किए हैं। वहीं, कुछ कंपनियां कल अपने जून तिमाही के नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन 15 शेयरों में कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिल सकती है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में निवेशक Elevation Capital करीब ₹1,200 करोड़ का ब्लॉक डील कर अपनी हिस्सेदारी बेच सकता है। सूत्रों के मुताबिक फर्म के पास जून 2026 तक कंपनी में 12.04% हिस्सेदारी थी। इस डील के जरिए वह अपने निवेश का एक हिस्सा भुनाने की तैयारी में है।

Coal India

महारत्न सरकारी कंपनी कोल इंडिया का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA और मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने ₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

IndiGo

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। कंपनी ने गौरव नेगी को 27 जुलाई 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर का सलाहकार नियुक्त किया है। वहीं, किरण थदिमरी 28 जुलाई 2026 से कंपनी के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे।

TVS Motor

दोपहिया और तिपहिया गाड़ी बनाने वाली कंपनी TVS मोटर ने अपनी सब्सिडियरी TVS Credit Services में 4.4% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने यह सौदा ₹711 करोड़ में किया है। इस निवेश के बाद TVS Credit Services में उसकी हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी।

Vodafone Idea

टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) छह टेलीकॉम सर्किलों में खत्म हो रही स्पेक्ट्रम वैधता का नवीनीकरण नहीं करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इन सर्किलों में स्पेक्ट्रम की वैधता 5 दिसंबर 2026 को खत्म होगी। फिलहाल कंपनी का इन लाइसेंसों को रिन्यू कराने का इरादा नहीं है।

Tata Chemicals

केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स को जून तिमाही में घाटा हुआ है। कंपनी को ₹17 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में ₹252 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने बताया कि कम कीमत मिलने, दूसरे स्रोतों से कम आय और जॉइंट वेंचर से कम कमाई की वजह से उसके नतीजों पर दबाव पड़ा।

Godfrey Phillips

सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही में कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों पिछले साल की तुलना में घटे हैं। कंपनी के मार्जिन पर जनवरी में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी का असर देखने को मिला।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार की मजबूत ग्रोथ ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया। हालांकि मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Tata Motors

ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने कहा है कि गुजरात में आई भारी बाढ़ की वजह से उसके सानंद प्लांट और सप्लायर यूनिट्स का कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। इसका असर कंपनी की कई प्रमुख पैसेंजर व्हीकल्स के प्रोडक्शन पर पड़ा है।

HDFC Bank

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) डिपॉजिट मामले की आंतरिक जांच पूरी कर ली है। बैंक के बोर्ड ने कहा कि इसमें शामिल कर्मचारियों का मामला कारोबारी सीमा से आगे बढ़ने का था। हालांकि, किसी तरह की गलत मंशा, निजी फायदा या अनुचित इरादे के सबूत नहीं मिले।

Northern Arc Capital

एनबीएफसी कंपनी नॉर्दर्न आर्क कैपिटल का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 17.6% बढ़कर ₹121.8 करोड़ रहा। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 44.2% बढ़ी, जबकि कुल रेवेन्यू 30% बढ़कर ₹767.5 करोड़ पहुंच गया।

Gravita India

रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रेविटा इंडिया का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 14.1% बढ़कर ₹106.4 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹93.3 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी ने लगातार मुनाफे की ग्रोथ बनाए रखी है।

Bharat Electronics

सरकारी रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) ने जून तिमाही में बाजार के अनुमान के मुतबाकि नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन उम्मीद से कमजोर रहा। कंपनी ने अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

Welspun Corp

स्टील पाइप बनाने वाली कंपनी वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका से करीब ₹960 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। इसके बाद कंपनी की ग्लोबल ऑर्डर बुक ₹25,750 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह ऑर्डर अमेरिका के लिटिल रॉक प्लांट से पूरा किया जाएगा।

Adani Energy Solutions

बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी की QIP समिति ने इश्यू खोलने के साथ ₹1,698.15 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह कीमत SEBI के नियमों के तहत तय किए गए प्राइसिंग फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित की गई है।

तिमाही नतीजे जारी करेंगी ये कंपनियां

कई कंपनियां मंगलवार को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Ambuja Cements, Cholamandalam Investment and Finance Company, City Union Bank समेत कई कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों के साथ-साथ कंपनियों के मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर भी रहेगी।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही के कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.3% घटकर ₹189.39 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹356.31 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18.9% घटकर ₹1,205.5 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹1,486.2 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर

जून तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दबाव दिखा। EBITDA 46.3% घटकर ₹181.44 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹337.6 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन 22.7% से घटकर 15.1% पर आ गया। इससे साफ है कि कंपनी की प्रॉफिटबिलिटी पर दबाव बढ़ा है।

एक्साइज ड्यूटी खर्च आठ गुना बढ़ा

गॉडफ्रे फिलिप्स भारत में Philip Morris International के लाइसेंस के तहत Marlboro सिगरेट बनाती और बेचती है। जून तिमाही में एक्साइज ड्यूटी से जुड़े खर्च करीब आठ गुना बढ़कर ₹3,600 करोड़ हो गए।

हालांकि, कंपनी के सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹3,780 करोड़ पहुंच गया। यही कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार है और कुल रेवेन्यू में इसकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है।

सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू की थी। सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इस टैक्स बढ़ोतरी के बाद देश के करीब 10 करोड़ धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए सिगरेट महंगी हो गई।

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय

गॉडफ्रे फिलिप्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के लिए 11 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।

इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें फाइनल डिविडेंड का लाभ मिलेगा।

गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर

कमजोर नतीजों से पहले सोमवार को गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ ₹2,215.40 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर में ₹85.80 की तेजी दर्ज की गई।

गॉडफ्रे फिलिप्स का बिजनेस

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। कंपनी Four Square, Red & White, Cavanders और Stellar जैसे सिगरेट ब्रांड बेचती है। इसके अलावा, यह पान मसाला, कन्फेक्शनरी और रिटेल कारोबार में भी मौजूद है। भारत के तंबाकू उद्योग की प्रमुख कंपनियों में इसका नाम शामिल है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Coal India Q1 Results: महारत्न कंपनी कोल इंडिया ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹8,797 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹46,254.80 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹42,919.20 करोड़ था। हालांकि, EBITDA 4.1% घटकर ₹12,069 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹12,588 करोड़ था। इसी वजह से EBITDA मार्जिन 29.3% से घटकर 26.1% पर आ गया।

खर्च बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

जून तिमाही में कोल इंडिया का कुल खर्च 11.9% बढ़कर ₹36,816.23 करोड़ हो गया। हालांकि, बिक्री बढ़ने से रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) ₹11,719 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11,776 करोड़ था।

अगर मार्च तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा 18.9% घटा है। वहीं, रेवेन्यू में 0.5% की हल्की गिरावट आई। हालांकि, तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन 25.9% से बढ़कर 26.1% हो गया।

₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹5.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

कंपनी ने 31 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। जिन निवेशकों के नाम इस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। इसका भुगतान 25 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

सहायक कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। CMPDI ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹481.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 62% बढ़कर ₹145.5 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 54% बढ़कर ₹116.3 करोड़ हो गया।

दूसरी ओर, BCCL का प्रदर्शन कमजोर रहा। कम बिक्री और बढ़ती लागत की वजह से कंपनी का रेवेन्यू 4% घटकर ₹3,587 करोड़ रह गया। पिछले साल कंपनी को ₹177 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार उसे ₹68 करोड़ का घाटा हुआ।

कोल इंडिया के शेयर

कोल इंडिया का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 0.09% की बढ़त के साथ ₹427 पर बंद हुआ।

लंबी अवधि में शेयर ने अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में 12.26%, तीन साल में 86.64% और 2026 में अब तक 7.14% का रिटर्न मिला है। हालांकि, हाल के महीनों में शेयर पर दबाव दिखा है। पिछले तीन महीने में 5.52%, एक महीने में 1.81% और एक हफ्ते में 0.44% की गिरावट आई है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Tata Power Q1 Results: टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। CNBC-TV18 के पोल में इसका अनुमान ₹1,185 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹19,051 करोड़ पहुंच गया। यह भी अनुमान ₹18,657 करोड़ से ज्यादा रहा।

कंपनी का EBITDA ₹4,013 करोड़ रहा। यह भी अनुमान से बेहतर है। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 23% से घटकर 21.07% रह गया।

रिन्यूएबल एनर्जी सबसे बड़ा सहारा

टाटा पावर ने कहा कि इस तिमाही में उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार रहे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल नई क्षमता में 86% हिस्सेदारी क्लीन एनर्जी की रही। इसी दौरान देश में बिजली की मांग भी सालाना आधार पर 8.5% बढ़ी।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹5,375 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capex) किया। यह अब तक का उसका सबसे बड़ा तिमाही निवेश है।

रूफटॉप सोलर में शानदार प्रदर्शन

रूफटॉप सोलर कारोबार ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने तिमाही के दौरान 371 MWp रूफटॉप सोलर इंस्टॉल किए। यह पिछले साल से 37% ज्यादा है। वहीं, सार्वजनिक और बस ईवी चार्जिंग नेटवर्क बढ़कर 7,200 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट तक पहुंच गया।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार भी दमदार रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड 1,001 MW सोलर मॉड्यूल और 862 MW सोलर सेल का उत्पादन किया।

इस कारोबार का रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹2,462 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 113% उछलकर ₹626 करोड़ रहा। वहीं, PAT 287% बढ़कर ₹371 करोड़ हो गया। कंपनी ने बताया कि लागत कम होने और बिक्री के बेहतर मिश्रण से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी हुई।

दूसरे कारोबारों से भी मिला सहारा

जनरेशन और कोल कारोबार को मुंबई प्लांट के बेहतर प्रदर्शन, मुंद्रा पावर से अतिरिक्त आय और हल्दिया प्लांट में बेहतर मार्जिन का फायदा मिला। इस क्लस्टर का मुनाफा 27% बढ़ा।

ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में भी बेहतर रिटर्न और नई परियोजनाओं से आय बढ़ी। हालांकि, राजस्थान और गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन पर कुछ असर पड़ा। इसके बावजूद रूफटॉप सोलर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार ने इसकी भरपाई कर दी।

टाटा पावर का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 1.23% चढ़कर ₹379 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 8.99% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।