47 करोड़ का रिसॉर्ट, 1,400 मेहमान और चार्टर प्लेन…वियतनाम में होगी भारतीय अरबपति परिवार की ‘सुपर वेडिंग’

भारत का एक अरबपति परिवार वियतनाम के न्हा ट्रांग में बेहद भव्य शादी करने जा रहा है। उद्योगपति परिवार ने वियतनाम में शादी करने के लिए करीब 47 करोड़ रुपये में रिसॉर्ट बुक किया है। अरबपति परिवारों का एक भारतीय जोड़ा दिसंबर महीने में वियतनाम के न्हा ट्रांग में शादी करेगा। इस शादी पर 130 अरब वियतनामी डोंग से ज्यादा, यानी करीब 47.36 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

Vietnam.vn की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह शादी दिसंबर में होगी। इसमें 1,400 से ज्यादा मेहमान शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि मेहमानों को चार्टर विमानों के जरिए न्हा ट्रांग लाया जाएगा।8 अगस्त को खान होआ प्रांत के संस्कृति, खेल और पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी इस शादी की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय अरबपति परिवार की इस ‘सुपर वेडिंग’ को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों, संस्थाओं और कारोबारियों के साथ मिलकर तैयारी की जा रही है। इस शादी को लेकर वियतनाम में भी काफी चर्चा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर होने वाला यह आयोजन न्हा ट्रांग के पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए भी खास माना जा रहा है।

वियतनाम में होने वाली भारतीय शादी होगी अब तक की सबसे बड़ी

ब्लू लेमन वियतनाम कंपनी लिमिटेड के जनरल डायरेक्टर फान क्वांग दाई इस भव्य शादी के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शादी में शामिल होने वाले मेहमान सीधे भारत से खान होआ के कैम रान एयरपोर्ट पहुंचेंगे। फान क्वांग दाई के मुताबिक, मेहमान शादी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्हा ट्रांग के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चार रातें रुकेंगे।

उन्होंने बताया कि यह शादी वियतनाम में अब तक होने वाली सबसे बड़ी भारतीय शादियों में से एक हो सकती है। इसमें मेहमानों की संख्या पहले दा नांग में हुई भारतीय शादियों से काफी ज्यादा होगी। दा नांग में हुई पिछली भारतीय शादियों में करीब 300 से 500 मेहमान शामिल हुए थे। इस बार 1,400 से ज्यादा मेहमानों के आने की उम्मीद है। ऐसे में इस शादी का आयोजन और तैयारियां भी बड़े स्तर पर की जा रही हैं।

भारत से खास शेफ की टीम बुलाई जाएगी

इस भव्य शादी में मेहमानों के लिए खाना भारत से बुलाई गई खास टीम तैयार करेगी। अरबपति परिवार अपने मेहमानों के लिए भोजन बनाने के लिए भारत से शेफ की पूरी टीम साथ लेकर आएगा। आयोजक शादी के सभी कार्यक्रमों को बिना किसी परेशानी के पूरा कराने के लिए वियतनाम की कई सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस आयोजन में खान होआ प्रांत का संस्कृति, खेल और पर्यटन विभाग, प्रांतीय पीपल्स कमेटी, कस्टम्स, इमिग्रेशन और प्रांतीय पुलिस सहयोग कर रहे हैं। सभी विभाग मिलकर मेहमानों के आने-जाने, सुरक्षा और दूसरे जरूरी इंतजामों को संभालेंगे।

न्हा ट्रांग भारतीय शादियों के लिए क्यों बन रहा है पसंदीदा जगह?

खान होआ प्रांत का निवेश, व्यापार और पर्यटन संवर्धन केंद्र भारत को पर्यटन के लिए एक बड़ा और संभावनाओं वाला बाजार मानता है। भारत की आबादी 1.4 अरब से ज्यादा है, ऐसे में यहां से बड़ी संख्या में पर्यटकों के वियतनाम आने की उम्मीद रहती है। भारतीय पर्यटकों की पसंद और खर्च करने का तरीका भी अलग-अलग होता है। इनमें कम बजट में यात्रा करने वाले लोगों से लेकर महंगे और लग्जरी पर्यटन पर ज्यादा खर्च करने वाले पर्यटक भी शामिल हैं।

भारत में शादी के लिए विदेश जाने का चलन यानी वेडिंग टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान के मुताबिक, 2024-25 के शादी के सीजन में भारत में करीब 48 लाख शादियां होने की उम्मीद थी। इन शादियों से लगभग 68 अरब डॉलर का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया था। यही वजह है कि न्हा ट्रांग जैसे पर्यटन स्थल भारतीय परिवारों को अपनी भव्य शादियों के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। शानदार रिसॉर्ट, समुद्र तट और विदेशी माहौल जैसी सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए खास विकल्प बनाती हैं।

खान होआ की नजर लग्जरी वेडिंग टूरिज्म पर

खान होआ अपने प्राकृतिक नजारों, आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और शानदार रिसॉर्ट्स की वजह से भारतीय परिवारों के लिए शादी के एक खास डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। यहां मौजूद वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं को देखते हुए माना जा रहा है कि यह जगह भारत के लग्जरी वेडिंग मार्केट में अपनी जगह बना सकती है। न्हा ट्रांग में होने वाली आगामी शादी इसका बड़ा उदाहरण है। इस शादी में 1,400 से ज्यादा मेहमान शामिल होंगे, जो एक लग्जरी रिसॉर्ट में चार रातों तक ठहरेंगे। आयोजकों के मुताबिक, यह शादी वियतनाम में अब तक होने वाली सबसे बड़ी भारतीय शादियों में से एक हो सकती है। इससे न्हा ट्रांग को भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए एक प्रमुख जगह के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।

Hariyali Teej: हरियाली तीज की थाली में जरूर रखें ये 5 मिठाइयां, घरवालों से लेकर मेहमान तक पूछेंगे रेसिपी

सावन की फुहारों के बीच आने वाला हरियाली तीज का त्योहार भारतीय परंपरा, आस्था और उत्साह का खूबसूरत संगम माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस पर्व पर महिलाएं सजने-संवरने के साथ व्रत, पूजा और कई पारंपरिक रस्मों में शामिल होती हैं। हरी साड़ी, चूड़ियों की खनक, हाथों में रची मेहंदी और झूलों की मस्ती इस दिन के माहौल को और खास बना देती है। परिवार और सहेलियों के साथ मिलकर त्योहार मनाने की खुशी के बीच खानपान का भी अपना अलग महत्व रहता है। खासकर घर में तैयार की गई पारंपरिक मिठाइयां तीज की थाली को पूरा करती हैं और उत्सव में मिठास घोलती हैं।

अगर आप इस बार हरियाली तीज पर कुछ स्वादिष्ट और पारंपरिक बनाना चाहती हैं, तो कुछ ऐसी मिठाइयां हैं जिन्हें आसानी से सेलिब्रेशन का हिस्सा बनाया जा सकता है। ये विकल्प त्योहार के स्वाद के साथ देसी परंपरा का अहसास भी कराएंगे।

घर की बनी मिठाइयों से बढ़ाएं त्योहार की खुशी

हरियाली तीज पर गुड़, नारियल, मावा और सूजी जैसी चीजों से तैयार होने वाली देसी मिठाइयों का खास महत्व है। घर पर तैयार की गई मिठाई में स्वाद के साथ शुद्धता का भरोसा भी रहता है। यही वजह है कि आज भी कई घरों में तीज के मौके पर पारंपरिक मिठाइयां जरूर बनाई जाती हैं।

ओट्स बर्फी

अगर आप पारंपरिक मिठाई में थोड़ा मॉडर्न टच देना चाहती हैं, तो ओट्स बर्फी ट्राई कर सकती हैं। ओट्स, दूध पाउडर, देसी घी, गुड़, दूध, इलायची, काजू, बादाम और नारियल के बुरादे से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ अलग विकल्प भी है। तीज पर परिवार वालों का मुंह मीठा कराने के लिए इसे बनाया जा सकता है।

नारियल लड्डू

हरियाली तीज के लिए नारियल के लड्डू भी बढ़िया विकल्प हैं। इन्हें बनाने में ज्यादा झंझट नहीं होती और स्वाद भी हल्का व स्वादिष्ट रहता है। अगर आप रिफाइंड चीनी से बचना चाहती हैं, तो लड्डुओं में गुड़ का इस्तेमाल कर सकती हैं। त्योहार के लिए यह झटपट तैयार होने वाली मिठाई है।

घेवर

हरियाली तीज और घेवर का रिश्ता काफी पुराना है। सावन आते ही बाजारों में घेवर की मांग बढ़ जाती है। कुरकुरा घेवर, ऊपर से मलाई या रबड़ी और ड्राई फ्रूट्स—त्योहार के मौके पर यह कॉम्बिनेशन मिठास को और खास बना देता है। हालांकि इसे घर पर बनाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन तीज की थाली में घेवर हो तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है।

रबड़ी

सावन में रबड़ी का स्वाद भला कौन भूल सकता है। गाढ़े दूध से तैयार होने वाली यह पारंपरिक मिठाई खास मौकों पर खूब पसंद की जाती है। व्रत रखने वाली महिलाएं भी अपनी पसंद और व्रत के नियमों के अनुसार इसका सेवन कर सकती हैं। इसे तैयार करने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन इसका स्वाद मेहनत की पूरी भरपाई कर देता है।

मालपुआ

मालपुआ भी ऐसी पारंपरिक मिठाई है, जिसे कई जगह शुभ अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। आटे या मैदे के घोल से तैयार होकर घी में सिकने वाला मालपुआ ऊपर से चाशनी या रबड़ी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और बढ़ जाता है। हरियाली तीज पर घरवालों के लिए इसे बनाकर त्योहार की मिठास बढ़ाई जा सकती है।

इस तीज पर थाली में परोसें परंपरा और स्वाद

हरियाली तीज सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने का अवसर भी है। ऐसे में घर पर तैयार की गई पारंपरिक मिठाइयां त्योहार के स्वाद को खास बना सकती हैं। चाहे आप ओट्स बर्फी जैसे नए विकल्प को चुनें या घेवर, रबड़ी और मालपुआ जैसी सदाबहार मिठाइयों को हर विकल्प तीज के जश्न में अपनी अलग मिठास घोल सकता है।

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6 विकेट झटककर राशिद ने अफगानिस्तान को ODI विश्वकप क्वालिफायर खेलने से बचाया

AFGvsIRE इब्राहिम जदरान (84) रन की अर्धशतकीय पारी के बाद राशिद खान (छह विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बारिश बाधित दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को 92 रनों से हराया। इसी के साथ उसने तीन मैचों की सरीज में बढ़त बना ली है। ब्रेडी क्रिकेट क्लब में शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में अफ़गानिस्तान ने 92 रनों से शानदार जीत हासिल की।

बारिश की वजह से पहला वनडे बिना टॉस के ही रद्द हो गया था, और इस मैच की शुरुआत भी खराब मौसम के कारण देर से हुई, जिससे इसे घटाकर 47 ओवर का कर दिया गया। इब्राहिम जदरान की कप्तानी में अफगानिस्तान ने आठ विकेट पर 299 रन बनाए, जिसके बाद राशिद खान ने 6 विकेट लेकर आयरलैंड की टीम को 33.4 ओवर में 207 रनों पर समेट दिया।इसी के साथ अफगानिस्तान ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप में सीधा प्रवेश पा लिया और अब उसको क्वालिफायर्स में खेलेने की जरुरत नहीं है।

बादल छाए होने के कारण पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद, आयरलैंड के गेंदबाजों को नई गेंद से अच्छी मूवमेंट मिली। मार्क अडेयर ने मेडन ओवर के साथ शुरुआत की और उसके बाद तीन रन वाला ओवर डाला, लेकिन उनके साथी जय मूंड्रा को रहमानुल्लाह गुरबाज ने शुरुआत में ही निशाने पर ले लिया। यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज महंगा साबित हुआ। उसने अपने शुरुआती दो ओवरों में दो बार नो-बॉल की और चार बाउंड्री दीं। उसका तीसरा ओवर भी खराब रहा, जिसमें गुरबाज ने उस पर एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा, लेकिन आख़िरकार मूंड्रा को सफलता मिली जब गुरबाज़ एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में दो गेंद बाद कैच आउट हो गए।

मूंड्रा के शुरुआती स्पेल में महंगे साबित होने के बीच सेदिकुल्लाह अटल ने टीम की गति बनाए रखी। पावरप्ले के अंत तक अफगानिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 65 रन था। हालांकि उसके बाद स्कोरिंग रेट थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन इब्राहिम और अटल के बीच 116 रनों की साझेदारी ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। धीमी शुरुआत करने वाले इब्राहिम ने पावरप्ले के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 19वें ओवर में 52 गेंदों पर अपनी फ़िफ्टी पूरी की। यह साझेदारी 25वें ओवर में टूटी, जब अटल हैरी टेक्टर का शिकार बने।

आयरलैंड ने कुछ कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन कप्तान रहमत शाह और इब्राहिम के बीच 43 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद दो ओवरों के अंतराल में दोनों आउट हो गए – इब्राहिम 34वें ओवर में कर्टिस कैम्फर पर हमला करने की कोशिश में और रहमत 36वें ओवर में गैविन होए के हाथों कैच आउट हुए – लेकिन अजमतुल्लाह ओमरजई और दरविश रसूली के बीच 43 रनों की तेज साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम जीत की राह पर बनी रहे।

मैच के आखिर में आयरलैंड ने कुछ विकेट लेकर वापसी की, क्योंकि अफगानिस्तान ने 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। फिर भी, हशमतुल्लाह शाहिदी की आक्रामक लेकिन सधी हुई 21 गेंदों में 36 रनों की पारी (जिसमें आखिरी दो ओवरों में चार बाउंड्री शामिल थीं) ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम मजबूत स्थिति में रहे। जवाब में, पॉल स्टर्लिंग का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत की और अफगानिस्तान के पावरप्ले स्कोर (1 विकेट पर 65 रन) की बराबरी की। एंडी बालबर्नी क्रीज़ पर सहज दिखे और खराब लाइन-लेंथ वाली गेंदों पर तेज़ी से रन बटोरे।

अपना केवल चौथा वनडे खेल रहे केड कारमाइकल ने 14वें ओवर में सलीम साफ़ी के खिलाफ़ 21 रन बनाकर अफगानिस्तान पर दबाव बनाया। यह आयरलैंड के लिए मोमेंटम हासिल करने वाला टर्निंग पॉइंट साबित नहीं हुआ, क्योंकि राशिद खान ने जल्दी-जल्दी बालबर्नी और टेक्टर के विकेट चटका दिए। लोर्कन टकर और कारमाइकल ने पारी को संभालने की कोशिश की और कारमाइकल ने 44 गेंदों में अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया। 38 रनों की इस साझेदारी का अंत टकर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। पगबाधा की अपील के दौरान गेंद पर नजर न रहने के कारण वह रन-आउट हो गए। इसके ठीक अगले ओवर में कारमाइकल भी आउट हो गए, जिससे आयरलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 152 रन हो गया।

इसके बाद बेन कैलिट्ज और कर्टिस कैम्फर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और अगले तीन ओवरों में 41 रन (पांच चौके और दो छक्के) बनाए, लेकिन राशिद ने कैलिट्ज़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को खत्म कर दिया। उस विकेट के बाद आयरलैंड की पारी लड़खड़ा गई और टीम ने चार ओवरों में सिर्फ़ नौ रन पर अपने आखिरी चार विकेट गंवा दिए। राशिद ने उन चार में से तीन विकेट लिए और 6-34 के शानदार आंकड़े के साथ मैच खत्म किया, जिससे अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली। अगला एकदिवसीय मैच सोमवार को बेलफ़ास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा।

‘मैं आपके साथ हूं’, TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से बोले PM मोदी

संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली में शुक्रवार की सुबह विपक्ष से अलग होकर NDA के साथ आए सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सांसदों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दौरान बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष छोड़कर एनडीए में आए नेताओं के स्वागत के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा, “आपके बारे में कौन क्या कह रहा है, इसकी चिंता मत कीजिए। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं।”

पीएम मोदी की बैठक में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नाश्ता बैठक में करीब 45 सांसद शामिल हुए। इनमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसद, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के सात पूर्व सांसद (जिनमें से छह अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 20 सांसद और अजित पवार गुट की एनसीपी के दो सांसद मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से कहा कि वे लोगों के बीच अपनी मौजूदगी और संपर्क को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए पश्चिम बंगाल का विकास भी बहुत जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हर सांसद को उनके सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ाव से जुड़ी जानकारी का एक प्रिंटआउट दिया गया। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें और अपनी पहुंच बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “जब पश्चिम बंगाल आगे बढ़ता है, तो पूरा भारत आगे बढ़ता है।” उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य में विकास के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए बेहतर सड़क, रेल और अन्य सुविधाओं के साथ तेज़ विकास पर काम करना होगा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों को हर साल अपनी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े काम करने हैं, इसलिए सभी का स्वस्थ और फिट रहना बहुत जरूरी है।

बैठक के दौरान चाय पर कुछ हल्के-फुल्के और मजेदार पल भी देखने को मिले। जब मेहमानों को माचा चाय परोसी गई, तो बीजेपी सांसद शताब्दी रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके बारे में बताया और कहा कि यह चाय पश्चिम बंगाल में भी मिलती है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने फिर कहा कि पश्चिम बंगाल को एक बार फिर देश के विकास की ताकत बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पहले बंगाल तरक्की करता था, तब पूरे देश को उसका फायदा मिलता था।

बातचीत के बीच माहौल उस समय और हल्का हो गया, जब वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मजाक करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आसपास कई ऐसे नेता हैं, जो पहले फिल्म और टीवी की दुनिया में काम करते थे और अब राजनीति में हैं। इनमें शताब्दी रॉय, सयोनी घोष, जून मालिया और रचना बनर्जी के नाम शामिल हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इन सभी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रधानमंत्री को भी पूरी तरह फिट रहना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के पूर्व सांसदों से मराठी में बातचीत की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर आए नेताओं से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाकात की। इससे इन नेताओं की अयोग्यता की आशंका और अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की नाराज़गी जैसी चिंताएं काफी हद तक कम होती दिखीं। बैठक में इन नेताओं को खास महत्व भी दिया गया। एनसीपीआई की अध्यक्ष और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी रही हैं, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सबसे आगे की पंक्ति में बैठने की जगह दी गई।

संसद में संख्या बढ़ाने पर बीजेपी का जोर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसद में अपने गठबंधन की ताकत बढ़ाने में जुटी है, ताकि उसे दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिल सके। यह बहुमत बड़े संवैधानिक संशोधन पास करने के लिए जरूरी माना जाता है। इनमें परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने जैसे अहम विधेयक भी शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष छोड़कर आए ज्यादातर सांसद इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद क्षेत्र से एनसीपीआई के तीन सांसद—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—एनडीए की बड़ी बैठक में नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नाराज़गी और राजनीतिक माहौल को देखते हुए दूरी बनाए रखी। हालांकि, इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर अलग से चर्चा की।

घसियाली पिच पर अभ्यास मैच खिलाने पर भारतीय टीम हुई श्रीलंका पर नाराज (Video)

INDvsSL टेस्ट सीरीज से पहले अमूमन मेजबान टीमें मेहमान टीमों को अभ्यास मैच में वह स्थिति या पिच नहीं देती है जो मुख्य मैच में होती है। यह किसी भी मेजबान टीम की रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि पिच मुख्य मैच से थोड़ी बहुत मिलती जुलती है।

लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने मुख्य मैच से इतर स्पिन मुफीद पिच ना देकर अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ घसियाली पिच देकर एक नया विवाद खड़ा कर लिया है। भारतीय टीम श्रीलंका आते साथ ही इस बात पर नाराज हो गई है। इस विवाद पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सफाई दी है कि पिच पर भले ही घास हो लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है।

हाल के दिनों में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने उजागर हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होंगी।श्रीलंका के पास विशेष रूप से घरेलू परिस्थितियों में प्रभावी स्पिन आक्रमण है। ऐसे में 15 अगस्त से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट से पहले यह अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में जब टीम को अभ्यास मैच में अलग और पहले टेस्ट मैच में अगल पिच मिलेगी तो टीम के लिए अभ्यास ना के बराबर होगा।कप्तान शुभमन गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख बल्लेबाज श्रीलंका रवाना होने से पहले अपने-अपने घरेलू अभ्यास केंद्रों पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कर चुके हैं, लेकिन श्रीलंकाई पिचों पर मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उससे कहीं अधिक उपयोगी होगा।इस कारण पिच का बर्ताव महत्वपूर्ण हो जाता है।

गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने पिछले महीने गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ी इस अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहेंगे।

सिर्फ पिच ही नहीं बल्कि मौसम भी भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मौसम  भारत की तैयारियों में बाधा बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन


Taslima Nasreen: ‘मैं बंगाल का हिस्सा बनकर आई हूं’ 19 साल बाद कोलकाता लौटने पर बोलीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन

Taslima Nasreen: बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता लौटी हैं। नसरीन रवींद्र सदन में एक साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होंगी, जहां उनकी आत्मकथा का विमोचन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की उम्मीद है।

बता दें कि तसलीमा नसरीन साल 2007 के बाद पहली बार कोलकाता लौटी हैं। उस समय उन्हें अपने उपन्यास ‘द्विखंडित’ (Dwikhondito) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शहर छोड़ना पड़ा था। जानकारी के अनुसार, यह किताब उनकी आत्मकथा पर आधारित थी, जिसने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के कारण उन्हें उस शहर को छोड़ना पड़ा, जिसे उन्होंने बांग्लादेश छोड़ने के करीब 10 साल बाद अपना घर बना लिया था।

कोलकाता के अखबार ‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहर पहुंचने से पहले नसरीन ने उम्मीद जताई थी कि यह दौरा अभिव्यक्ति की आजादी और अलग राय रखने वाली आवाजों की सुरक्षा के महत्व को फिर से स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि शहर लौटना “अपने ही देश” में लौटने जैसा महसूस हुआ।

वह क्यों चली गई थीं?

2003 में, जब उनकी आत्मकथा ‘द्विखंडितो’ (Dwikhondito) प्रकाशित हुई, तो इस लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया, क्योंकि आरोप था कि इससे मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई थीं। किताब के प्रकाशित होने के बाद शहर भर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

वहीं, बढ़ते दबाव के कारण सरकार ने पश्चिम बंगाल में किताब के वितरण पर रोक लगा दी। जिसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया।

इसके बाद 2005 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया, जिससे किताब फिर से बाजार में उपलब्ध होने लगी। इसी दौरान कोलकाता में कुछ कट्टरपंथी समूहों ने कथित तौर पर तसलीमा नसरीन और उनकी किताब के खिलाफ विरोध तेज करना शुरू कर दिया।

2007 में, उनकी एक और किताब ‘शोध’ (Shodh) का तेलुगु में अनुवाद किया गया। जिसके बाद हैदराबाद में इसके लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानीय कट्टरपंथियों ने तसलीमा नसरीन पर हमला कर दिया।

इस हिंसक घटना के बाद, कोलकाता में धार्मिक समूहों ने इस माहौल का फायदा उठाने की कोशिश की और उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया। कुछ संगठनों ने तो उन्हें देश से बाहर निकालने की मांग के लिए भी लामबंदी की।

नवंबर 2007 में हालात तब चरम पर पहुंच गए जब कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए और आगजनी व तोड़-फोड़ हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि व्यवस्था बहाल करने के लिए भारतीय सेना को बुलाना पड़ा।

निर्वासन खत्म

PTI से बात करते हुए नसरीन ने कहा कि कोलकाता से दूर बिताए सालों का उस जुड़ाव पर कोई असर नहीं पड़ा जो वह इस शहर और पश्चिम बंगाल के साथ महसूस करती थीं। उन्होंने कहा कि कोलकाता सिर्फ एक ऐसा शहर नहीं था जहां वह रहती थीं, बल्कि इसने उन्हें अपनापन भी दिया है।

उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश लौट रही हूं। मेरे दिल में बंगाल कभी भी किसी बॉर्डर या कंटीले तारों की बाड़ से बंटा नहीं रहा। बंगाल के पूर्वी हिस्से का दरवाजा मेरे लिए बंद है, इसलिए अभी के लिए, बंगाल का यही हिस्सा मेरा घर है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं खुशी के साथ-साथ दर्द के साथ भी लौट रही हूं। कोलकाता सिर्फ वह शहर नहीं था जहां मैं रहती थी, बल्कि वहां मेरा घर, दोस्त, पाठक और अपनापन महसूस करने का एहसास था। मेरे जीवन के लगभग उन्नीस साल मुझसे छीन लिए गए, और घर वापसी उन खोए हुए सालों को वापस नहीं ला सकती। मैं किसी अजनबी या मेहमान की तरह नहीं लौट रही हूं। मैं एक ऐसी व्यक्ति के तौर पर लौट रही हूं जिसने हमेशा खुद को बंगाल का हिस्सा माना है।”

तसलीमा नसरीन ने कार्यक्रम के आयोजकों का उन्हें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया और अपनी यात्रा को संभव बनाने में सहयोग देने के लिए सरकार का भी आभार जताया।

उन्होंने कहा कि शहर की यह यात्रा “उस आवाज की वापसी का प्रतीक है जिसे कट्टरपंथियों ने कभी दबाने की कोशिश की थी।”

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The Traitors 2: ‘द ट्रेटर्स 2’ के 21 सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट के नाम आए सामने, प्राइम वीडियो ने शेयर की फोटोज

The Traitors 2: प्राइम वीडियो ने ‘द ट्रेटर्स’ के दूसरे सीजन के लिए एक खास डाइनिंग थिएटर ऑफ ट्रेचरी इवेंट का आयोजन किया, जहां इस रोमांचक शो के सीजन 2 के सभी 21 सेलिब्रिटी खिलाड़ियों से पर्दा उठाया गया। ऊंचे-ऊंचे खास आर्च, दमदार लाइटिंग और हर कोने में छिपे धोखे के साथ इस शाम ने मेहमानों को एक ऐसा अनुभव दिया, जिसमें शक, चालाकी और विश्वासघात से भरे नए सीजन की पहली झलक देखने को मिली।

चार कोर्स वाले इस डाइनिंग एक्सपीरियंस के दौरान छह अलग-अलग थिएट्रिकल अंदाज में खिलाड़ियों का परिचय कराया गया, जहां हर चीज वैसी नहीं थी जैसी दिख रही थी। वेलकम ड्रिंक अचानक लाल रंग में बदल गया, मीठा दिखने वाला डेजर्ट नमकीन निकला और खंजर, स्क्रॉल, ताबूत और लालटेन जैसी चीजों ने महल के अलग-अलग हिस्सों को जीवंत बना दिया।

हर कोर्स के साथ दो नए आर्च खोले गए और नए खिलाड़ियों से पर्दा उठता गया। आखिर में सभी 21 खिलाड़ियों का खुलासा किया गया और शाम का समापन सोने की ईंट के आकार वाले शानदार केक और खास गोल्ड बार डेजर्ट के साथ हुआ।

द ट्रेटर्स सीजन 2 के होस्ट और प्रोड्यूसर करण जौहर के साथ धर्माटिक एंटरटेनमेंट के सीईओ अपूर्व मेहता, प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर और हेड ऑफ ओरिजिनल्स निखिल माधोक, इंटरनेशनल ओरिजिनल्स, प्राइम वीडियो इंडिया की डायरेक्टर और हेड ऑफ प्रोडक्शन एंड पोस्ट स्तुति रामचंद्र और प्राइम वीडियो इंडिया की हेड ऑफ अनस्क्रिप्टेड ओरिजिनल्स आकृति मेहता भी मौजूद रहे।

IDTV के BAFTA और एमी अवॉर्ड् जीत चुके ग्लोबल फॉर्मेट के भारतीय संस्करण को धर्माटिक एंटरटेनमेंट ने All3Media इंटरनेशनल के साथ मिलकर बनाया है। द ट्रेटर्स सीजन 2 का प्रीमियर 13 अगस्त को सिर्फ प्राइम वीडियो पर होगा और इसके नए एपिसोड हर गुरुवार रिलीज किए जाएंगे।

आदित्य कुलश्रेष्ठ उर्फ कुल्लू, अभिषेक मल्हान उर्फ फुकरा इंसान, अंश चोपड़ा, दलीप ताहिल, हरमन सिंघा, इक्का सिंह, करण सिंह मैजिक, क्रिस्टल डिसूजा, मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी, पारुल गुलाटी, प्रिश, रणवीर बरार, रिया चक्रवर्ती, रिदा थराना, साहिल सलाथिया, शहनील गिल, शालिनी पासी, श्वेता तिवारी, साउंडूस मौफाकिर और तान्या पुरी।

Hina Khan-Rubina Dilaik: हमारे समाज में अच्छा नहीं…, आमिर खान की तीसरी शादी पर रुबीना दिलैक-हिना खान ने की बात

Hina Khan-Rubina Dilaik: सुपरस्टार आमिर खान हाल के हफ़्तों में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी को लेकर चर्चा में रहे हैं। एक्टर की पर्सनल लाइफ़ ‘द पॉइंट ऑफ़ व्यू’ पर रुबीना दिलैक और हिना खान के बीच ज़बरदस्त बहस का विषय बन गई, जहां दोनों एक्ट्रेस ने उनकी तीसरी शादी पर अलग-अलग राय रखी।

जहां हिना का कहना था कि समाज में कई लोग आज भी एक से ज़्यादा शादियों को अच्छी नज़र से नहीं देखते, वहीं रुबीना का मानना ​​था कि किसी सुपरस्टार की पर्सनल लाइफ़ कभी-कभी लोगों की सोच और कई बार उनके प्रोफ़ेशनल सफ़र पर भी असर डालती है।

रुबीना के टॉक शो ‘द पॉइंट ऑफ़ व्यू’ के हालिया एपिसोड में हिना और रुबीना ने आमिर की पर्सनल लाइफ़ पर बात की। अपने-अपने पतियों, रॉकी जायसवाल और अभिनव शुक्ला के साथ मिलकर, इस बात पर चर्चा की कि क्या किसी सुपरस्टार की पर्सनल लाइफ़ का उनकी प्रोफ़ेशनल सफलता पर कोई असर पड़ता है।

चर्चा के दौरान, रॉकी ने आमिर की तीसरी शादी को लेकर हो रही आलोचना का ज़िक्र किया और उनकी राय पूछी। जहां रुबीना का कहना था कि सुपरस्टार की पर्सनल लाइफ़ उनकी फ़िल्मों और करियर पर असर डाल सकती है, वहीं हिना का मानना ​​था कि किसी एक्टर की पर्सनल पसंद का उनकी प्रोफ़ेशनल सफलता पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

हिना ने सवाल किया, “उस हिसाब से तो आमिर खान की कोई फिल्म ही नहीं चलनी चाहिए थी।”इस पर रुबीना ने तर्क दिया कि आमिर का जीवन कभी किसी बड़े विवाद से घिरा नहीं रहा। इस पर हिना असहमत हुईं और बोलीं, “ये क्या कोई कम विवाद है?” उनका इशारा गौरी स्प्रैट से उनकी तीसरी शादी की ओर था।

अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए हिना ने कहा, “आम आदमी तो यही सोचेगा ना कि क्या यार फिर से शादी कर रहा है? इसे भी छोड़ दिया?”रुबीना ने बीच में टोकते हुए कहा, “हम क्यों फैसला सुना रहे हैं?”

हिना ने बताया कि आमिर खान ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, इसके बावजूद सार्वजनिक चर्चाएं अक्सर उनकी फिल्मी उपलब्धियों के बजाय उनकी शादियों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। उन्होंने और रॉकी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अभिनेता के निजी जीवन या उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।

हालांकि, हिना ने समझाया, “मैं उनकी दोबारा शादी करने पर कोई आपत्ति नहीं जता रही… लेकिन हमारे समाज में ये बहुत अच्छा नहीं माना जाता है रुबीना, शादी पर शादी पर शादी।” इस पर रॉकी ने कहा, “शादी छोड़ो, तलाक ही अच्छा नहीं माना जाता है।”हिना ने आमिर की उनकी पूर्व पत्नियों रीना दत्ता और किरण राव के साथ दोस्ती की भी सराहना की।

हिना ने माना कि हालांकि समाज समय के साथ बदल गया है, फिर भी कई समुदाय तलाक और कई शादियों को गलत नजर से देखते हैं। अपने अलग-अलग विचारों के बावजूद, हिना और रुबीना इस निष्कर्ष पर पहुंचीं कि आमिर एक “अच्छे इंसान” हैं और इस बात से सहमत थीं कि तीसरी बार शादी करने के बावजूद लोग उन्हें प्यार और सम्मान देते हैं।

आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को मुंबई में एक निजी समारोह में शादी की। इस जोड़े ने अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की कसमें खाईं। इस निजी समारोह में लगभग 150 मेहमान शामिल हुए। आमिर के बच्चे, जुनैद खान और इरा खान, और इरा के पति नूपुर शिखरे भी इस समारोह में शामिल हुए।

आमिर और गौरी की कहानी लगभग 25 साल पुरानी है। दोनों पहली बार बेंगलुरु में मिले थे, लेकिन बाद में वे अलग हो गए और उनका संपर्क टूट गया। सालों बाद, 2023 में, आमिर की कज़िन नुज़हत खान ने शहर की एक और यात्रा के दौरान उन्हें फिर से मिलाने में मदद की, जिससे उनकी दोस्ती को एक और मौका मिला। शादी करने से पहले वे दो साल से ज़्यादा समय तक एक-दूसरे को डेट करते रहे।

गौरी स्प्रैट मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं और उनकी पिछली शादी से एक बेटा है। उन्होंने पहले हेयरकेयर इंडस्ट्री में काम किया है और अब वे मुंबई में आमिर खान प्रोडक्शंस से जुड़ी हुई हैं।

Market Mantra : 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना रहेगा अच्छा, US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

Market Mantra : बाजार के सामने संकट के बादल फिर खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान फिर लड़ पड़े हैं तो वहीं क्रूड की बिगड़ी चाल ने बाजार में फिर डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा भी बाजार के सामने कई और बड़ी चुनौतियां अब भी खड़ी हैं। कमजोर मॉनसून और पहली तिमाही के नतीजों पर बाजार नजर बनाए बैठा है। इन सभी मुद्दों से अब आगे बाजार की दिशा तय होनी है। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं खास मेहमान LIC म्यूचुअल फंड (LIC Mutual Fund) के CIO इक्विटी सुधांशु अस्थाना।

US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

बाजार की चाल पर बात करते हुए सुधांशु अस्थाना ने कहा कि US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है। US-ईरान फिर शांति की तरफ बढ़ेंगे। सरकार के कदमों से इकोनॉमी में डिमांड बढ़ी है। प्राइवेट कैपेक्स और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिल रहा है। कॉर्पोरेट क्रेडिट ग्रोथ में 15% का उछाल आया है। देश में डॉलर का फ्लो आगे सुधरेगा। US-ईरान युद्ध आगे बढ़ा तो FY28 नतीजों पर असर दिखेगा। कच्चा तेल 85-90 डॉलर प्रति बैरल पर रहे तो इकोनॉमी पर असर नहीं होगा।

3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा

उन्होंने आगे कहा कि 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा रहेगा। कंपनियों के मुताबिक युद्ध का असर अभी डिमांड पर नहीं दिखा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है। अगले साल से 8वें वेतन आयोग का पैसा भी आने लगेगा। 8वें वेतन आयोग के पैसे से डिमांड को बूस्ट मिलेगा। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का असर Q1 नतीजों पर दिखेगा।नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री और आउटलुक पर बाजार की नजर रहेगी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ा

सुधांशु अस्थाना ने बताया कि उन्होंनें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ाया है। प्राइवेट बैंक,NBFC और कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस बढ़ा है। हेल्थकेयर शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। प्रीसिजन इंजीनियरिंग और डाटा सेंटर पर भी फोकस बढ़ा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है।

कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में डालें पैसा

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में पैसा डालें। फ्लैक्सीकैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप आगे अच्छा कर सकते हैं।

 

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के CEO हेमंत रुस्तगी से जाने बाजार में निवेश के मंत्र, क्या हैं स्टेप-अप SIP के फायदे

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Video: 10 फीट लंबे कोबरा को आराम से गले में डाल बिहार में घूम रही इस महिला ने सबको हैरत में डाला! कौन है ये?

बिहार के पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर इलाके में एक खौफनाक नजारा देखने को मिला, जब एक घर में अचानक विशालकाय किंग कोबरा पहुंच गया। करीब 10 फीट लंबे इस जहरीले सांप को देखते ही परिवार में दहशत फैल गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग मौके पर जुटने लगे। मुन्नी लाल के घर में घुसे इस खतरनाक मेहमान ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में सनसनी पैदा कर दी।

हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई और स्थिति को संभाल लिया गया। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

‘स्नेक लेडी’ ने खतरनाक सांप का किया रेस्क्यू

किंग कोबरा की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर की मशहूर स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। इलाके में ‘स्नेक लेडी’ के नाम से पहचानी जाने वाली जानकी देवी ने बिना घबराए पूरी सावधानी और अनुभव के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने करीब 10 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू से परिवार और गांव के लोगों की जान बच गई।

बरसात में क्यों गांवों की ओर आते हैं जहरीले सांप?

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के दिनों में सांप अक्सर अपने पुराने ठिकानों से निकलकर सुरक्षित जगह की तलाश करते हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बसे गांवों में ऐसे मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर घर या आसपास कोई जहरीला सांप नजर आए तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी जानकारी दें।

दुनिया के सबसे खतरनाक सांप

किंग कोबरा दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में शामिल है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र पर तेजी से असर डाल सकता है। इसके काटने की स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

12 साल की उम्र से शुरू किया था सांपों को बचाने का मिशन

जानकी देवी की पहचान सिर्फ एक रेस्क्यूअर के तौर पर नहीं, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित योद्धा के रूप में भी है। उन्होंने महज 12 साल की उम्र से सांपों को बचाने का काम शुरू किया था। अब तक वह हजारों जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुकी हैं।

रेस्क्यू के दौरान कई बार खुद सांप के काटने का सामना करने के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। आज वह इंसानों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित संतुलन बनाने की मुहिम में लगातार जुटी हुई हैं।

सांप दुश्मन नहीं, प्रकृति का हिस्सा हैं

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सही जानकारी और प्रशिक्षित लोगों की मदद से इंसान और खतरनाक वन्यजीवों के बीच टकराव को टाला जा सकता है। डर के बजाय सतर्कता और समझदारी ही ऐसे हालात में सबसे बड़ा हथियार है।