Viral Video: ‘वह बहुत केयरिंग हैं…’ केतन अग्रवाल की सगाई का पुराना वीडियो वायरल, सिया का बयान बना चर्चा का विषय

Viral Video: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इसी बीच केतन की सगाई का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में उनकी मंगेतर सिया गोयल, केतन की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद ख्याल रखने वाला और अच्छा इंसान बताती नजर आती हैं। घटना के बाद यह वीडियो दोबारा वायरल होने से लोगों के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

बता दें 18 जून को केतन अग्रवाल की पुणे के लोहगढ़ किले में मौत हो गई थी। वहीं केतन की हत्या का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन पर है। आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

वायरल हो रहा वीडियो

वायरल हो रहे इस पुराने वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल अपनी सगाई के समारोह में मंच पर साथ नजर आते हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर दोनों से बातचीत करती है और सिया से पूछती है कि उन्हें केतन की कौन-सी बात सबसे ज्यादा पसंद है और आखिर वह उनके लिए इतने खास क्यों हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने सिया से पूछा, “एक होने वाले पति के तौर पर केतन की ऐसी कौन-सी बात है, जिसकी वजह से वह आपके लिए ‘हीरो नंबर 1’ हैं?”

इस पर सिया ने बिना झिझक मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “वह बहुत केयरिंग और दयालु हैं।” सिया की यह बात सुनकर केतन भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद होस्ट ने इसे “ओह मोमेंट” बताया, जिस पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर दोनों का अभिवादन किया।

लोगों ने किया कमेंट

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा, “और बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जाता है… सिया गोयल को। क्या एक्सप्रेशन्स, क्या मुस्कान। इस वीडियो को देखकर कोई यकीन नहीं करेगा कि वह केतन अग्रवाल से सगाई या शादी नहीं करना चाहती थीं। केतन और उनके परिवार के लिए दुख है।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “इसने तो एक्टिंग के मामले में बॉलीवुड की अभिनेत्रियों को भी पीछे छोड़ दिया।” एक और यूजर ने लिखा, “मुझे लगता है कि सब कुछ पहले से इस तरह प्लान किया गया था कि केतन की मौत एक हादसा लगे और किसी को शक न हो।” लोगों ने इस वीडियो पर अपने रिएक्शन दे रहे हैं।

पथराव और तोड़फोड़…CJP प्रोटेस्ट में पांच IPS अधिकारी समेत 50 जवान घायल, पुलिस दर्ज करेगी FIR

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खूब गहमा-गहमी देखने को मिली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को संसद चलो मार्च का आयोजन किया। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। वहीं प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पांच से अधिक आईपीएस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, इस हिंसा में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं, अब तक 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने दर्ज किया FIR

पुलिस ने बताया कि अलग-अलग जगहों से मिली शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से बने वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर से किसी भी प्रदर्शनकारी को नहीं हटाया गया। कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई, जिन्होंने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की और पुलिस पर हमला किया।

पुलिस के अनुसार, कई तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है। अधिकारियों का दावा है कि पुलिस ने लंबे समय तक संयम बनाए रखा। पुलिस ने यह भी कहा कि नई दिल्ली में जब हिंसक भीड़ ने दुकानों को निशाना बनाने और लगातार पत्थरबाजी करने की कोशिश की, तब स्थिति को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि जेपी नड्‌डा से मिले। इनका दावा है कि नड्डा ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास अब कोई कार्रवाई नहीं होगी।

CJP protest Photos : CJP के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की 10 तस्वीरें, देखें पूरे दिन क्या हुआ

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को CJP के प्रदर्शन के दौरान दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सुबह शुरू हुआ आंदोलन दोपहर तक टकराव में बदल गया, जब कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की स्थिति बनी। CJP की ओर से अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया था, जिसे बाद में पुलिस और संगठन दोनों ने खारिज कर दिया। सुबह से देर शाम तक चले घटनाक्रम की पूरी झलक इन 10 तस्वीरों में देखें।

cjp protest

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया, मंच खाली कराया गया और टेंट भी हटाए गए। इसके बाद कनॉट प्लेस इलाके से भी प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प, सुरक्षा इंतजाम और हंगामे की तस्वीरें सामने आईं।

cjp protest

जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में जुटे आंदोलनकारी, सुबह से जारी रहा विरोध प्रदर्शन।

cjp protest

प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई, सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी रहा आंदोलन।

cjp protest

बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी, पुलिस ने रोका रास्ता।

cjp protest

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प,  कई प्रदर्शनकारी बैरिकैट्‍स पर भी गिर पड़े।

cjp protest

CJP प्रदर्शन  से दिनभर तनाव का माहौल रहा।

cjp protest

संसद की सुरक्षा बढ़ाई गई, प्रदर्शन के बाद इलाके में तैनात किए गए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी

cjp protest

बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी

cjp protest

सुबह से संसद की अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ाई गई थी 

cjp protest

प्रदर्शनकारियों ने नारे भी लगाए

पाकिस्तानी हैंडल्स फैलाने लगे दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर झूठा प्रॉपेगेंडा, इंडियन आर्मी फैक्ट चेक ने तुरंत खारिज किए ये दावे

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर दिल्ली में लगातार गहमागहमी जारी है। वहींदिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर फेक खबरें भी तेजी से फैलाया जा  रही हैं। पाकिस्तान से संचालित कुछ प्रोपेगैंडा सोशल मीडिया हैंडल यह झूठ फैला रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली में भारतीय सेना तैनात की गई है। इतना ही नहीं, इन पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि सेना ने प्रदर्शनकारियों पर हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

फैलाई गई फेक खबरें 

हालांकि, यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। सच्चाई यह है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स, जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान संभाल रहे हैं। इस पूरे मामले में भारतीय सेना की कोई तैनाती नहीं की गई है।फर्जी खबर फैलाने वाले लोग आम प्रदर्शन का वीडियो दिखाकर उसके साथ सेना की तैनाती और हथियारों के इस्तेमाल जैसी झूठी बातें जोड़ रहे हैं। इसका मकसद लोगों में डर और भ्रम फैलाना तथा भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

जंतर-मंतर से हटाया गया प्रदर्शन स्थल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। इससे कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और लाठीचार्ज कर उन्हें रोक दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गए। आंदोलन के एक नेता ने कहा कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक वहीं डटे रहेंगे।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

पुलिस ने वह मंच भी हटा दिया, जहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी। इसके साथ ही वहां रखे ट्रैम्पोलिन, कालीन, गद्दे और अन्य सामान भी हटा दिए गए। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बाद उनकी एक प्रमुख मांग मान ली गई है। हालांकि, उनका कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।

सीजेपी ने सबसे पहले 6 जून को जंतर-मंतर पर एक दिन का विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद आंदोलन लगातार बढ़ता गया और कई लोगों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिससे यह लंबा धरना बन गया। सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास जुटे। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद की ओर मार्च निकाला। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

तिरंगे की एतिहासिक जीत, संग्राम सिंह बने एशिया के पहले चैंपियन

Sangram Singh

भारतीय खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकेंड में 'सबमिशन' (पटखनी देकर आत्मसमर्पण करवाने) के जरिए हराकर एशियन एमएमए (MMA) चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। वे यह मुकाम हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।कुश्ती से मिक्सड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कदम रखने के बाद संग्राम की यह लगातार चौथी जीत है और वे अब तक अजेय हैं। पाकिस्तानी फाइटर पर यह उनकी दूसरी जीत है, जिसने कॉम्बैट स्पोर्ट्स में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत कर दिया है।

​ *स्टेडियम में गूंजा “भारत माता की जय”*

​मलेशिया के एरिना में जैसे ही संग्राम सिंह का हाथ जीत के लिए हवा में उठा, माहौल में एक अलग ही जोश भर गया। दर्शक खुशी से झूम उठे और पूरा स्टेडियम “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। संग्राम ने इस ऐतिहासिक खिताब को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि जब भी वे रिंग या केज (रिंग का दायरा) में उतरते हैं, उनका एकमात्र मकसद विश्व स्तर पर भारत का तिरंगा शान से फहराना होता है।

​इस मुकाबले से पहले वजन घटाने (वेट-कट) के ड्रामा और प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद आबिद अली की ओर से दिए गए भड़काऊ बयानों की वजह से मैच को लेकर काफी माहौल बना हुआ था। हालांकि, जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, संग्राम ने केज के अंदर पूरी तरह दबदबा बनाकर इन बातों का करारा जवाब दिया।

 *​ऐसे मिली शानदार जीत*

​संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि आबिद के पास खतरनाक पंच मारने की काबिलियत के साथ-साथ लंबाई और रीच (पहुंच) का भी फायदा था। फाइट की शुरुआत में ही संग्राम की आंख के पास एक पंच लगा भी, लेकिन भारतीय चैंपियन ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने बेवजह के पंचिंग एक्सचेंज से खुद को बचाया और अपनी सबसे बड़ी ताकत—विश्वस्तरीय कुश्ती (ग्रैपलिंग) का इस्तेमाल किया।

​सटीक दांव: मैच शुरू होने के सिर्फ 30 सेकेंड बाद, संग्राम ने सही समय पर पैर पर अटैक किया, आबिद के टखने (Ankle) को कसकर पकड़ा और उन्हें भागने का मौका नहीं दिया।

​शानदार फिनिश: संग्राम उन्हें खींचकर केज के बीच में ले आए और तुरंत 'चोक सबमिशन' (गर्दन दबोचने वाले दांव) में बदल दिया। पाकिस्तानी फाइटर के पास हार मानने (टैप आउट करने) के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
​कोच भूपेश कुमार ने बताया कि संग्राम ने अर्जेंटीना में हुई अपनी पिछली MMA फाइट में भी इसी तरह का लेग-अटैक दांव इस्तेमाल किया था, जिससे एक बार फिर उनकी बेहतरीन ग्रैपलिंग स्किल्स साबित हुई हैं।

​ *अजेय सफर जारी*

​अपने MMA करियर में इससे पहले संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर को हराकर अपना ऑल-विन (अजेय) रिकॉर्ड बनाए रखा है।

​जीत के बाद संग्राम सिंह ने कहा:

​”मेरी हर फाइट मेरे देश के लिए होती है। मेरा सपना हमेशा भारतीय तिरंगे को ऊंचा लहराते देखना है। पहला भारतीय एशियन MMA चैंपियन बनना एक गर्व का क्षण है, जिसे मैं हर भारतीय को समर्पित करता हूँ।”
​इस बड़ी जीत के साथ संग्राम सिंह ने न केवल अपना नाम भारत के खेल इतिहास में दर्ज करा लिया है, बल्कि भारतीय MMA को एक नए दौर में पहुंचा दिया है—यह साबित करते हुए कि भारत की कुश्ती का हुनर दुनिया के सबसे बड़े मंचों को भी फतेह कर सकता है।

FIFA World Cup Final में जबरन स्टेज पर खड़े रहे डोनाल्ड ट्रंप, हूटिंग का VIDEO हुआ वायरल

FIFA World Cup 2026 का फाइनल Spain की ऐतिहासिक जीत के साथ खत्म हुआ, लेकिन मैच के बाद Trophy Ceremony में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। Spain ने Extra Time में Argentina को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, लेकिन विजेता टीम के जश्न के बीच US President Donald Trump की मौजूदगी सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गई। स्टेडियम में उनके लिए हूटिंग हुई और ट्रॉफी सौंपने के बाद उनका मंच पर रुकना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

New York New Jersey Stadium में खेले गए रोमांचक फाइनल में दोनों टीमें 90 मिनट तक गोल नहीं कर सकीं। मुकाबले का इकलौता गोल Ferran Torres ने Extra Time के 106वें मिनट में दागा, जिसने Spain को 1-0 की यादगार जीत दिलाई।

 

Argentina के लिए मैच और मुश्किल तब हो गया जब Enzo Fernandez को दूसरे येलो कार्ड के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। अंतिम क्षणों में तनाव इतना बढ़ गया कि खिलाड़ियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। इसके साथ ही Lionel Messi का लगातार दूसरा World Cup जीतने का सपना भी टूट गया।

Donald Trump की एंट्री पर स्टेडियम में गूंजी हूटिंग

 

फाइनल देखने पहुंचे Donald Trump ने FIFA President Gianni Infantino के साथ मिलकर खिलाड़ियों को मेडल और विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपी। जैसे ही Trump मैदान पर पहुंचे, स्टेडियम के कई हिस्सों से तेज हूटिंग और सीटी की आवाजें सुनाई दीं।

 

हालांकि समारोह आगे बढ़ता रहा और Trump ने Spain के कप्तान Rodri को World Cup Trophy सौंपी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वही पूरी रात की सबसे चर्चित घटना बन गया।

ALSO READ: जिसे Messi ने गोद में नहलाया, अब उसी से होगी FIFA World Cup Final की जंग! जानिए 19 साल पुरानी तस्वीर की कहानी


Trophy देने के बाद स्टेज पर ही खड़े रहे Trump

 

ट्रॉफी सौंपने के बाद जहां Gianni Infantino मंच से हट गए, वहीं Donald Trump विजेता खिलाड़ियों के बीच ही खड़े रहे। Spain के खिलाड़ी Trophy Lift की तैयारी कर रहे थे, लेकिन Trump कुछ देर तक वहीं मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों से हाथ मिलाते और तालियां बजाते नजर आए।

 

बताया जाता है कि इसके बाद Gianni Infantino दोबारा उनके पास पहुंचे और उन्हें धीरे से मंच से हटने का इशारा किया। कुछ क्षण बाद Trump मंच के किनारे चले गए, जिसके बाद Rodri ने अपने साथियों के साथ World Cup Trophy उठाई और Spain का ऐतिहासिक जश्न शुरू हुआ।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

 

पूरी Trophy Ceremony के वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। एक वीडियो में Trump की एंट्री के दौरान हुई हूटिंग चर्चा का विषय बनी, जबकि दूसरे वीडियो में उनके Trophy Lift के दौरान मंच पर खड़े रहने को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

 

कई यूजर्स ने इसे पिछले साल हुए FIFA Club World Cup से भी जोड़कर देखा, जब Chelsea की जीत के बाद भी Donald Trump खिलाड़ियों के साथ मंच पर कुछ देर तक मौजूद रहे थे। इस बार हालांकि Trophy Lift से पहले उन्हें मंच से हटते हुए देखा गया।

 

पहले भी विवादों में रह चुके हैं Donald Trump

 

World Cup 2026 के दौरान Donald Trump पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने एक बयान में दावा किया था कि उन्होंने Gianni Infantino से बात कर USA के खिलाड़ी Folarin Balogun का Red Card हटाने की मांग की थी। इस बयान के बाद भी काफी विवाद हुआ था।

 

अब World Cup Final की Trophy Ceremony ने Donald Trump को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। Spain की ऐतिहासिक जीत के साथ-साथ Trophy Presentation का यह पल भी लंबे समय तक फुटबॉल प्रशंसकों के बीच याद किया जाएगा। 

 

संग्राम सिंह ने सिर्फ 80 सेकेंड में धराशाही किया पाकिस्तानी फाइटर को

भारतीय कुश्ती आइकन और अपराजित मिश्रित मार्शल आर्ट (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने प्रतिष्ठित स्ट्राइक एशिया चैम्पियनशिप खिताब पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को केवल 1 मिनट और 20 सेकंड में हराकर इतिहास रच दिया।बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मुकाबला अपनी उम्मीदों पर खरा उतरा – लेकिन केवल थोड़े समय के लिए – क्योंकि शुरुआती घंटी से ही संग्राम ने मुकाबले पर अपना दबदबा बना लिया।

असाधारण शक्ति, सटीकता, तकनीक और संयम का प्रदर्शन करते हुए, भारतीय स्टार ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ दिया और पहले दौर में सनसनीखेज नॉकआउट हासिल किया, जिससे पिंजरे के अंदर उनकी श्रेष्ठता के बारे में कोई संदेह नहीं रह गया।

इस जीत के साथ, संग्राम सिंह ने अपने अजेय पेशेवर एमएमए रिकॉर्ड को बढ़ाया और अपने शानदार खेल करियर में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर जोड़ा। इस जीत ने चैम्पियनशिप कुश्ती से मिश्रित मार्शल आर्ट में उनके उल्लेखनीय परिवर्तन को उजागर किया, जिससे भारत के अग्रणी लड़ाकू खेल एथलीटों में से एक के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई।

जीत के बाद, संग्राम सिंह ने यह खिताब भारत के लोगों को समर्पित किया और शांति और समावेशिता का संदेश साझा किया। संग्राम सिंह ने कहा, “मैं इस जीत को भारत के लोगों को समर्पित करता हूं। मैं इस दुनिया के हर नागरिक से प्यार करता हूं। खेल में सीमाओं, धर्मों और संस्कृतियों से परे लोगों को एकजुट करने की शक्ति है। मेरा संदेश शांति, मानवता और पारस्परिक सम्मान में से एक है।”

प्रतियोगिता से पहले, मोहम्मद आबिद अली ने मुसलमानों के प्रति अपना प्यार और समर्थन व्यक्त किया था। इसके विपरीत, संग्राम सिंह ने सार्वभौमिक भाईचारे के व्यापक संदेश पर जोर देते हुए कहा कि उनका प्यार और सम्मान दुनिया के प्रत्येक नागरिक तक है।

पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हकीम ट्रैबेल्सी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर पर जीत के बाद, यह जीत संग्राम सिंह की अंतरराष्ट्रीय एमएमए यात्रा में एक और यादगार अध्याय है।भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भारी वैश्विक दिलचस्पी के बावजूद, अत्यधिक भारी ऑनलाइन ट्रैफ़िक के कारण इवेंट की लाइव स्ट्रीम में तकनीकी व्यवधान आया, जिससे कई प्रशंसक मुकाबला लाइव नहीं देख पाए। फिर भी, संग्राम के शानदार 80 सेकंड के नॉकआउट की खबर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में तेजी से फैल गई, जिससे यह लड़ाकू खेलों में सबसे चर्चित क्षणों में से एक बन गया।

इस बहुप्रतीक्षित सीमा पार प्रतियोगिता में संग्राम सिंह की जोरदार जीत को भारतीय एमएमए में निर्णायक क्षणों में से एक के रूप में याद किए जाने की उम्मीद है। स्ट्राइक एशिया चैंपियन बनकर, उन्होंने एकता, शांति और खेल भावना का एक शक्तिशाली संदेश देते हुए एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगे को फहराया।

India’s Got Latent 2 कंटेस्टेंट साक्षी झा बनीं इंटरनेट का निशाना, समय रैना ने ट्रोलर्स को दी नसीहत

कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। इस बार मामला उनके किसी कॉमेडी एक्ट का नहीं, बल्कि India’s Got Latent की कंटेस्टेंट साक्षी झा को लेकर दिए गए उनके रिएक्शन से जुड़ा है। सक्शी के एक बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भारी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स ने उनके विचारों पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने ऑनलाइन कमेंट्स की भाषा और बढ़ती नफरत को लेकर चिंता जताई।

इसी बीच समय रैना ने सामने आकर लोगों से अपील की कि मजाक और मीम्स तक बात ठीक है, लेकिन किसी व्यक्ति को लगातार निशाना बनाना सही नहीं है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है, जहां लोग आलोचना, अभिव्यक्ति की आजादी और ऑनलाइन व्यवहार की सीमाओं पर अपनी राय रख रहे हैं।

मीम बनाइए, लेकिन हद पार मत कीजिए

समय रैना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए लोगों से कहा कि किसी भी वायरल कंटेंट के पीछे एक इंसान होता है। उन्होंने यूजर्स से अपील की कि मीम्स और मजाक तक बात ठीक है, लेकिन किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि स्टेज पर आकर अपनी बात रखना आसान नहीं होता और लोगों को यह समझना चाहिए कि सामने वाला भी भावनाओं वाला इंसान है।

साक्षी झा के बयान पर हुआ था विवाद

दरअसल, India’s Got Latent के एक एपिसोड में साक्षी झा के कुछ कमेंट्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। उनके विचारों को लेकर कई यूजर्स ने आलोचना की और कुछ लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल भी किया। जहां कुछ लोगों ने उनके बयान को गलत बताया, वहीं कई यूजर्स ने ऑनलाइन ट्रोलिंग और व्यक्तिगत हमलों की सीमा पर सवाल उठाए।

समय की अपील पर बंटी सोशल मीडिया की राय

समय रैना के बयान के बाद इंटरनेट पर एक नई बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके संवेदनशील रवैये की तारीफ की और कहा कि किसी भी व्यक्ति को लगातार नफरत का सामना नहीं करना चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स का मानना था कि सार्वजनिक मंच पर कही गई बातों की आलोचना होना भी जरूरी है और इसे सिर्फ ट्रोलिंग नहीं कहा जा सकता।

आलोचना और नफरत में फर्क होना चाहिए

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि किसी के विचारों से असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अपमान से बचना चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने यह भी तर्क दिया कि अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर बयान देता है तो उसे उसकी प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए।

विवाद के बीच छिड़ी बड़ी बहस

साक्षी झा और समय रैना से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की आजादी, आलोचना और ऑनलाइन व्यवहार की सीमाओं को लेकर बहस का मुद्दा बन गया है।

Video: 500 रुपये के नोट ने मचाया बवाल! सरकारी स्कूल की टीचर पर छात्राओं के कपड़े उतरवाने का आरोप, वायरल हुआ वीडियो

भारी बारिश से जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़े, रोकी गई अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा

जम्मू-कश्मीर में मौसम तेजी से खराब हो रहा है। बीते 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश की वजह से यहां बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राजौरी, अनंतनाग, उधमपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी है। वहीं कई इलाकों में शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाना है। उन्होंने बताया कि वह रविवार सुबह से ही हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, खासकर राजौरी शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में, जहां भारी बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि वह स्थानीय विधायकों के लगातार संपर्क में हैं और प्रशासन पूरी तरह से राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार की हरसंभव मदद करेगी। जिन लोगों के घरों और संपत्ति को भारी बारिश या अचानक आई बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें भी हर जरूरी सहायता दी जाएगी।

महिला लापता, घरों और दुकानों को भारी नुकसान

जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले में तेज़ बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस हादसे में एक महिला लापता हो गई है, जबकि कई घरों, गाड़ियों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश से रिहायशी और निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज़ बहाव की वजह से कई मकानों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और लापता महिला की तलाश में जुटे हुए हैं।

रोकी गई अमरनाथ यात्रा

खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 19 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कश्मीर के कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि 19 जुलाई से बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला इन दोनों बेस कैंपों में मौजूद सभी श्रद्धालुओं पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए यात्रा मार्गों की सुरक्षा का दोबारा आकलन किया जा रहा है। मौसम में सुधार और रास्तों को सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। अंशुल गर्ग ने कहा कि प्रशासन लगातार मौसम और यात्रा मार्गों पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे और सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी, अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू करने की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी।

वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर चुके हैं। वहीं, खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा भी फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और यात्रा मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही दोनों यात्राएं दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी ताजा जानकारी और निर्देशों का पालन करें।

सपनों को मिले पंख, अमरोहा में CM योगी ने बांटी खुशियों की चाबी

CM Yogi Amroha visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अमरोहा दौरा जिले के विकास को एक नई रफ्तार देने के साथ-साथ आम जनमानस के जीवन में खुशियों का नया सवेरा लाया। शनिवार को श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने 207 करोड़ रुपए रुपए से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के 10 लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। किसी को पक्के मकान की चाबी मिली तो किसी को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण का चेक और किसी को डिजिटल शिक्षा के लिए लैपटॉप मिला। इन सरकारी प्रयासों से युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का बड़ा अवसर मिला है।

महिलाओं को मिला अपना घर और स्वावलंबन का आधार

जनसभा में महिलाओं के आर्थिक व सामाजिक सशक्तीकरण की स्पष्ट झलक देखने को मिली। विकास खण्ड गजरौला के ग्राम कांकाठेर निवासी संगीता को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्मित पक्के आवास की चाबी सौंपकर उनका अपने घर का सपना पूरा किया गया। वहीं, स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ग्राम जब्दा की रहने वाली कंचन को सीएम युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत व्यापार के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का ऋण उपलब्ध कराते हुए ट्रैक्टर की चाबी दी गई। महिलाओं को संगठित कर मजबूत बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत जाजरू की बेबी को 144 महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए 1.5 लाख रुपए प्रति समूह की दर से कुल 2 करोड़ 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया।

युवा उद्यमी और स्वरोजगार की नई उड़ान

युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के मुख्यमंत्री के विजन के तहत कई युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। ग्राम बस्तापुर (अमरोहा) निवासी रिकू चिकारा को मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत दुग्ध व्यापार को गति देने के लिए 10 लाख रुपए का ऋण उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इसी योजना के अंतर्गत हसनपुर के ग्राम चौकनी निवासी दीपक कुमार को मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए के ऋण का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत माकनपुर शुमाली के सत्यम गोला को प्रिंटिंग मशीन के व्यापार के लिए 10 लाख रुपए और नरैना कला के सचिन चौधरी को रेस्टोरेंट खोलने के लिए 5 लाख रुपए के ऋण का चेक मुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किया गया।

कृषि, पशुपालन और डिजिटल शिक्षा से संवरता भविष्य

किसानों व छात्रों को आधुनिकता से जोड़ने के लिए भी विशेष लाभ दिए गए। ग्राम करनपुर माफी, हसनपुर के राजपाल सिंह को पशुपालन को बढ़ावा देने वाली मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (23.62 लाख रुपए की कुल लागत) में 11.80 लाख रुपए का अनुदान उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं, प्रगतिशील किसान उत्पादक संगठन के डायरेक्टर प्रेम सिंह आर्य को आधुनिक कृषि तकनीक के तहत 'किसान ड्रोन' के लिए 4.75 लाख रुपए का अनुदान प्रमाण पत्र सौंपा गया। शिक्षा को डिजिटल रूप देने की मुहिम के तहत मौहल्ला गढी, धनौरा की मेधावी छात्रा जीविका अग्रवाल को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लैपटॉप प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।