GIFT निफ्टी में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत, कच्चा तेल 97 डॉलर के पार

मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। GIFT निफ्टी फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें $97 प्रति बैरल के पार चली गई हैं और अमेरिका-ईरान के बीच लगातार तनाव का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। एशियाई बाजार बिना किसी साफ दिशा के कारोबार कर रहे हैं,जबकि सोमवार को अमेरिकी बाजार में छुट्टी के कारण वॉल स्ट्रीट से कोई संकेत न मिलने से भी निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,802 पर ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 25 पॉइंट या 0.1 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले सेशन की रिकवरी को बनाए नहीं रख पाए। ज़्यादातर सेक्टर में बिकवाली के दबाव के कारण बेंचमार्क इंडेक्स नीचे आ गए। सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

बेंचमार्क इंजेक्सों में गिरावट के बावजूद,पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो से भारतीय इक्विटी को कुछ सहारा मिला। 7 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 280 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी 566 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए नेट खरीदारी की।

ग्लोबल मार्केट पर एक नजर

निवेशकों की सावधानी के बीच एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुख दिख रहा है। मंगलवार को मिले-जुले आर्थिक आंकड़ो, तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच एशियाई शेयरों में साफ दिशा नहीं है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जबकि जापान का निक्केई 225 उतार-चढ़ाव के बाद लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सोमवार को अमेरिकी बाज़ार बंद थे,इसलिए निवेशकों को वॉल स्ट्रीट से कोई नया संकेत नहीं मिला। मंगलवार को एशियाई कारोबार में S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी मौद्रिक नीति के आउटलुक पर नजर रखे हुए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी के बाद ब्रेंट क्रूड $97 के पार

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त जारी है। मध्य पूर्व में लंबे समय तक संघर्ष चलने का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी नए हमले का जवाब देने की धमकी दी है,जिससे तनाव बढ़ने और तेल की सप्लाई में रुकावट आने की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.35% बढ़कर $97.34 प्रति बैरल हो गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.26% बढ़कर $92.63 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क बने हुए है। ऐसे में निफ़्टी का रुख सतर्क से लेकर मंदी वाला (बेयरिश) बना रहेगा। मोमेंटम वापस लाने के लिए इसे 24,000 के ऊपर टिके रहने की ज़रूरत है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,750-23,700 पर है और उसके बाद 23,600 पर बड़ा सपोर्ट है।

 

Market View : निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, ट्रेडर इस ऑटो शेयर में बना सकते हैं अच्छा पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Experts Views : बाजार के सेंटीमेंट में कमजोरी कायम, 23680 को नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

Experts Views : IT,मेटल,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण पूरे सेशन के दौरान बाजार गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद,US-ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंकाओं के चलते घरेलू निवेशकों ने इक्विटी में अपना निवेश कम कर दिया। US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने एक बार फिर घरेलू इक्विटी से विदेशी फंड की निकासी को बढ़ावा दिया है,जिससे बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है। इसके चलते 7 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर और निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि सोमवार को निफ्टी इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.50% की गिरावट के साथ 23779 के स्तर के पास बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जो बाजार के सेंटीमेंट में लगातार बनी कमजोरी को दर्शाता है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना हुआ है और ये सभी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो शॉर्ट से मीडियम टर्म में नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर बने हुए हैं। डेली RSI और गिरकर 34.72 पर आ गया है और नीचे की ओर ही जा रहा है,जो बढ़ते हुए बेयरिश मोमेंटम को दिखाता है। वहीं, डेली MACD बेयरिश ज़ोन में बना हुआ है और अपनी सिग्नल लाइन और ज़ीरो लाइन,दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। खास बात यह है कि MACD हिस्टोग्राम पिछले 17 ट्रेडिंग सेशन से ज़ीरो लाइन के नीचे बना हुआ है,जो मौजूदा नेगेटिव ट्रेंड को और मज़बूत करता है।

निफ़्टी में शामिल कंपनियों में अपोलो हॉस्पिटल्स और आयशर मोटर्स सबसे ज़्यादा बढ़त बनाने वाली कंपनियां रहीं। जबकि इंफ़ोसिस और SBI लाइफ़ इंश्योरेंस में सबसे ज़्यादा गिरावट नजर आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ़्टी फार्मा और निफ़्टी हेल्थकेयर ने अच्छा प्रदर्शन किया और बढ़त के साथ बंद हुए,वहीं निफ़्टी मीडिया और निफ़्टी IT का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.46% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई और बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही, जिसमें एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो गिरने वाले शेयरों के पक्ष में रहा। निफ्टी 500 यूनिवर्स में 318 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए,जो पूरे मार्केट में व्यापक बिकवाली के दबाव को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि आगे 23720-23680 का ज़ोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि 23070 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट इसी इलाके में है। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से 23680 के नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23550 के अगले अहम सपोर्ट लेवल की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ, 23870-23900 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि सोमवार को बैंक निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुआ और इसने एक’बेयरिश कैंडल’बनाई। हालांकि,पिछले 24 ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी एक दायरे में ही घूमता रहा है और लगभग 1254 अंकों के दायरे में उतार-चढ़ाव दिखाता रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप अभी भी कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहा है और मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर व ऑसिलेटर बाजार के’साइडवेज’ रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। आगे 57500-57600 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। नीचे की तरफ, 56800-56700 का जोन एक अहम सपोर्ट बना हुआ है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में SVP- रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना रहा। जियोपॉलिटिकल चिंताओं और US में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। निफ्टी निचले स्तर पर खुला और पूरे सेशन के दौरान नेगेटिव दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में 0.50% की गिरावट के साथ 23,779 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.50% गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट रही। इस गिरावट की मुख्य वजह कमजोर ग्लोबल संकेत रहो। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा के बाद US में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका ने IT शेयरों और बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। इसके अलावा,US-ईरान के बीच जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $97 के स्तर के आसपास बनी रहीं,जिससे सेंटीमेंट और खराब हुआ।

टेक्निकल तौर पर,निफ्टी 23,800 के इमीडिएट सपोर्ट लेवल से नीचे आ गया है। आज क्लोजिंग से संकेत मिलता है कि जुलाई के स्विंग लो (23,600 के स्तर) का दोबारा टेस्ट हो सकता है,जबकि किसी भी उछाल के दौरान 23,900–24,050 का दायरा एक मज़बूत रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा हालात को देखते हुए,सलाह है कि निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाएं। साथ ही,स्टॉक-स्पेसिफिक मामलों में सावधानी बरतें और बाजार के स्थिर होने तक रिस्क मैनेजमेंट पर सख्ती से फोकस करे।

 

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए बाजार, जानिए 8 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Trend : सेंसेक्स और निफ्टी के लिए GIFT निफ्टी से कमजोर संकेत, तेल की कीमतों में तेजी से ठंडा पड़ा जोश

GIFT Nifty Trend : सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त के बावजूद,कच्चे तेल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट ने इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं। इससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 47 अंक या 0.2 प्रतिशत गिरकर 23,963 पर ट्रेड कर रहा है। उधर शुक्रवार को मेटल,ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया था। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

आज बाजार खुलने से पहले ग्लोबल माहौल मिला-जुला है। अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा के बाद एशियाई शेयरों में जबरदस्त तेज़ी आई है,लेकिन इसी रिपोर्ट ने अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों को भी मज़बूत किया है। रॉयटर्स के मुताबिक बाजार अब 16 सितंबर की बैठक में फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 58 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं,जबकि अक्टूबर तक ऐसा होने की संभावना 70 प्रतिशत है।

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेजी है। मज़बूत अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट को ग्लोबल ग्रोथ के लिए अच्छा माना जा रहा है भले ही इससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। वहीं,खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। तेहरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करेगा। यह कदम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमले और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद उठाया गया है।

जापान के निक्केई में 2 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले हफ़्ते इसमें इतनी ही गिरावट आई थी। वहीं,दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 3 प्रतिशत का उछाल आया है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

अमेरिका के बाजारों में कमजोरी

शुक्रवार को मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51 प्रतिशत गिरकर 53,413.60 पर, S&P 500 0.38 प्रतिशत गिरकर 7,718.41 पर और नैस्डैक कंपोजिट 0.29 प्रतिशत गिरकर 26,506.99 पर बंद हुए। ब्याज दरों बढ़ने की आशंका ने बाजार पर अपना असर दिखाया।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड $96 के पार

सोमवार को खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। पिछले हफ्ते लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4 ​​प्रतिशत बढ़कर 91.85 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है।

ईरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमला करने और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद की गई है।

4 सितंबर को FIIs ने 3112 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

NSE के डेटा के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,111.94 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस ज़ोन बना रहेगा। जबकि 23,800 अहम सपोर्ट लेवल है। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है,तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,23,800 के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

Stock Market LIVE Updates: GIFT निफ्ट से मिल रहे सपाट शुरुआत के संकेत,अमेरिकी बाजार गिरे,एशियाई बाजारों में तेजी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी, जानें आपके शहर में कितना है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 06 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Market Outlook: इस हफ्ते किस ओर मुड़ेगा बाजार; पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमत समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों की चाल भी बाजार की दिशा को प्रभावित करेगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं निफ्टी 277.95 अंक या 1.14 प्रतिशत नीचे आया। शुक्रवार, 4 सितंबर को सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है, ‘‘इस सप्ताह बाजार वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर संवेदनशील रह सकता है। अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की सितंबर में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बदलती उम्मीदों पर रहेगी।’’

घरेलू मोर्चे पर विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर नजर रहेगी। मिश्रा के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे, क्योंकि इनका भारत की महंगाई, बाहरी संतुलन और कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर सीधा असर पड़ सकता है।

बीते सप्ताह 8 प्रतिशत महंगा हुआ ब्रेंट क्रूड

एनरिच मनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पोनमुडी आर का कहना है कि पिछले सप्ताह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में 8 प्रतिशत से अधिक और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत में 9 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिया है। नए हफ्ते में भी तेल की कीमतों पर फोकस रहेगा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार की धारणा पर लगातार दबाव डाल सकती हैं।

बाजार की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर भी होगी। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की पॉलिसी और ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट को लेकर उम्मीदें तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड भी महंगाई के आंकड़ों से प्रभावित होगी।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

FPI फिर बने सेलर

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 2 महीने बायर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से सेलर बन गए। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। FPI ने इससे पहले जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FPI फिर बने सेलर, सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय शेयरों से निकाले ₹7443 करोड़

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 2 महीने बायर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से सेलर बन गए। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। FPI ने इससे पहले जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के पहले सप्ताह में की गई सेलिंग के बाद 2026 में भारतीय शेयर बाजार में FPI की कुल सेलिंग बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गई है। साल 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की थी।

एक्सपर्ट्स की राय

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यस सिक्योरिटीज के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर राजकुमार राठी का कहना है कि हाल में FPI की बिकवाली के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी प्रमुख कारकों में से एक है। इससे भारत में महंगाई और चालू खाते की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और डॉलर सूचकांक के मजबूत बने रहने से उभरते बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा कमजोर हुई है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि आने वाले समय में वैश्विक बॉन्ड यील्ड FPI के रुख को तय करने वाला प्रमुख फैक्टर होगी। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी के मुताबिक, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका-ईरान के बीच बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़े विदेशी निवेशकों के फ्लो को प्रभावित करेंगे। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की सितंबर के मध्य में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगी।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

बॉन्ड मार्केट में भी की सेलिंग

सितंबर के पहले सप्ताह में FPI ने ऋण या बॉन्ड बाजार में भी बिकवाली की है। इस दौरान उन्होंने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत 377 करोड़ रुपये और वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के जरिए 231 करोड़ रुपये निकाले। वहीं, जनरल रूट के तहत 217 करोड़ रुपये का निवेश किया।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के आज के लेटेस्ट रेट जारी, जानें आपके शहर में कितने रुपये लीटर मिल रहा ईंधन

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 06 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले जान लें आज की कीमत, दिल्ली-NCR समेत प्रमुख शहरों के ताजा रेट यहां देखें

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 05 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

GIFT Nifty में 100 अंकों की छलांग! शेयर बाजार में आज हरे निशान पर शुरुआत के संकेत; जानें ग्लोबल मार्केट का हाल

GIFT Nifty: चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर है। एशियाई बाजारों में मजबूती और वॉल स्ट्रीट में आई शानदार तेजी के दम पर आज घरेलू बाजार की शुरुआत हरे निशान में होने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं।

सुबह 8:45 बजे GIFT Nifty लगभग 100 अंक या 0.42% की बढ़त के साथ 24,033 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में एक मजबूत ओपनिंग का इशारा कर रहा है।

क्यों बदला बाजार का मूड? ये हैं 3 बड़े ग्लोबल ट्रिगर

1. अमेरिका में ब्याज दरें न बढ़ने की उम्मीद से वॉल स्ट्रीट में तेजी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महंगाई का दबाव कम होता है, तो वे सितंबर की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरें स्थिर रखने का समर्थन करेंगे।

इसके बाद CME FedWatch Tool के अनुसार, सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 50.4% रह गई (जो बुधवार को 63.2% थी)।

इस बयान के बाद गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर जबरदस्त तेजी देखने को मिली Nasdaq 1.40% उछला, डाउ जोन्स 1.18% और S&P 500 में 1.06% की तेजी दर्ज की गई।

2. एशियाई बाजारों में हरियाली और बॉन्ड यील्ड में गिरावट

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से रिस्क एपेटाइट बढ़ा है। दक्षिण कोरिया के टेक शेयरों की अगुवाई में एशियाई इक्विटीज में तेजी है। हैंगसेंग फ्यूचर्स 1.1% चढ़ा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

3. $96 के करीब पहुंचा कच्चा तेल

शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 0.3% बढ़कर $95.76 प्रति बैरल पर पहुंच गया है और यह जुलाई के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण क्रूड की कीमतों में उबाल आया है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और बाजार के मूड के लिए बड़ी चुनौती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण निवेशक वीकेंड से पहले बड़ी पोजीशन बनाने से बच सकते हैं, जिससे ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: जानिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस का स्तर

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज के कारोबार में निफ्टी के लिए ये लेवल बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे:

इमीडिएट रेजिस्टेंस: 24,000 – 24,200 का दायरा निफ्टी के लिए पहला बड़ा रोड़ा है। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है, तभी टिकाऊ मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।

अहम सपोर्ट: 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 23,600 के स्तर तक फिसल सकता है।

FIIs और DIIs के आंकड़े (3 सितंबर का कारोबार)

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रखा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया:

FIIs (विदेशी निवेशक): नेट सेलर रहे और ₹2,346 करोड़ के शेयर बेचे।

DIIs (घरेलू निवेशक): नेट बायर रहे और ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

आपको बता दें कि गुरुवार को आईटी, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol- Diesel Price Today: 4 सितंबर को कितने बदले पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें अपने शहर का नया रेट

Petrol- Diesel Price Today: भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने या फिर घटने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल की किमतें बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित करते हैं।भारत में हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतें बदलती हैं। देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इन दरों को जारी करती हैं। इन दरों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में होने वाले बदलाव का असर पड़ता है। वहीं पेट्रोल-डीजल के रेट में होने वाला हर छोटे और बड़े बदलाव पर लोगों की नजर होती है

बता दें आज 4 सितंबर के दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दोनों ईंधनों के दाम पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं। आइए जानते हैं आपके शहर में कितने में मिल रहा है पेट्रोल और डीजल

आपके शहर पेट्रोल-डीजल के नए रेट

ये रहे 04 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.31 और डीजल ₹97.97 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.78 और डीजल ₹99.56 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹97.92 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

कैसे तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  • पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
  • भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
  • केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
  • कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
  • बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

SMS से कैसे चेक करें अपने शहर की कीमत?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो इस आसान प्रक्रिया से जान सकते हैं:

  • Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
  • BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
  • HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।