Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के दौरान बंद रहेंगे ‘नमो भारत’ के ये 17 स्टेशन, इन राज्यों में स्कूल भी बंद, जानिए रूट समेत सभी बड़ी बातें

Kanwar Yatra 2026: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने बताया है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच 17 ‘नमो भारत’ स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट चार से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इन स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा भी सीमित रहेगी। NCRTC ने बताया कि वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक निर्देशों के तहत ये अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं।

निगम के अनुसार, प्रभावित स्टेशनों में मोदीनगर, मेरठ नॉर्थ, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दी नगर, रिठानी, परतापुर, मेरठ साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और गाजियाबाद शामिल हैं। NCRTC ने बताया कि अधिकतर स्टेशनों पर इस अवधि के दौरान गेट संख्या-2 बंद रहेगा। बयान के मुताबिक, बेगमपुल स्टेशन पर गेट संख्या-2 और 3, जबकि दुहाई स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 4 बंद रहेंगे। गाजियाबाद स्टेशन पर गेट संख्या-3 और 5 बंद रहेंगे।

पार्किंग भी बंद

इन स्टेशनों के प्रभावित हिस्से की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। एनसीआरटीसी ने यात्रियों को नमो भारत सेवाओं का उपयोग करने के लिए संबंधित स्टेशनों पर उपलब्ध वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वारों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। निगम ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया।

निगम ने कहा कि सरायकाले खां-मोदीनगर कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। बयान के मुताबिक, 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ट्रेनें आठ मिनट के अंतराल पर चलेंगी। इस साल कांवड़ यात्रा पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से शुरू हुई है और 11 अगस्त को समाप्त होगी।

स्कूल-कॉलेज 12 अगस्त तक बंद रहेंगे

श्रावण मास की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद जिलों में शिक्षण संस्थान 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। मेरठ में जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह के आदेश के अनुसार यह अवकाश 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इसके अनुसार सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान बंद कर दिए गए।

प्रशासन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुगम बनाने के लिए लिया गया है, क्योंकि श्रावण शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए जिले से गुजरते हैं। मेरठ प्रशासन के आदेश के अनुसार, कक्षा एक से 12 तक के सभी शिक्षण संस्थान, जिनमें बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से जुड़े संस्थान शामिल हैं, 12 अगस्त तक बंद रहेंगे।

इसके अनुसार सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को भी इस दौरान क्लास बंद रखने का निर्देश दिया गया है। गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को चार अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया।

इस बीच, बागपत प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए तीन अगस्त से 12 अगस्त तक कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है। प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर जाते हुए बागपत से गुज़र रहे हैं। जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘जलाभिषेक’ के लिए जिले के प्रमुख शिवमंदिरों में भी जा रहे हैं, जिससे कांवड़ रूट और आस-पास के इलाकों में भारी ट्रैफिक हो रहा है।

कब शुरू हुई कांवड़ यात्रा?

भगवान शिव के पवित्र माह सावन के आगमन के साथ ही कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। यह यात्रा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन अपने चरम पर पहुंचेगी। इसी दिन श्रद्धालु शिव मंदिरों में गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इसी के साथ मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

कहां से लाया जाता है गंगाजल?

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री गंगाजल लेने के प्रमुख केंद्र होते हैं। यहां से भोलेनाथ के श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर अपने मंजिल की ओर रवाना होते हैं। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख शिवधामों में भी दर्शन-पूजन करते हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव

यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों ने व्यापक ट्रैफिक में बदलाव किया है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रा के चरम दिनों में कई रूट केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे। जबकि अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे यात्रा रूट को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया है। हजारों CCTV कैमरों, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष गश्ती दलों की तैनाती की गई है।

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह अस्थायी मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके अलावा, बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कांवड़ और डीजे सिस्टम की ऊंचाई को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने की अपील की है।

क्यों मनाया जाता है विश्व आदिवासी दिवस? जानिए इतिहास और इसका महत्व

Why is World Tribal Day celebrated

World Indigenous Day 2026 : जल, जंगल और जमीन के सच्चे संरक्षक और प्रकृति के सबसे करीबी आदिवासी समाज की संस्कृति, उनके अधिकारों और योगदान को सम्मानित करने के लिए हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस (World Indigenous Day) मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1994 में इसे मनाने की घोषणा की थी। साल 1982 में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की आदिवासी आबादी पर कार्य समूह की पहली बैठक हुई थी, जिसकी याद में यह दिन तय किया गया।

 

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य और महत्व

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य आदिवासी लोगों के मानवाधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और जमीन की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आदिवासी समाजों की अनूठी भाषा, परंपराओं और कला को बचाए रखना है। यह दिन न केवल उनकी समृद्ध परंपराओं को याद करने का अवसर है। 

 

यह दिवस समाज की मुख्यधारा से दूर रह रहे इन समुदायों की चुनौतियों पर विचार करने का भी एक माध्यम है। आदिवासी समाज दुनिया की कुल आबादी का एक छोटा हिस्सा होने के बावजूद जैव विविधता (Biodiversity) को बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।

 

विश्व आदिवासी दिवस का इतिहास

आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं की ओर दुनिया का ध्यान खींचने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र के मंच से हुई। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मानव अधिकार आयोग ने 'आदिवासी आबादी पर कार्य समूह' (Working Group on Indigenous Populations) की पहली बैठक आयोजित की।

 

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1994 में इसे मनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र ने 'इंडिजिनस पीपुल्स के अधिकारों पर घोषणा पत्र' (UNDRIP) अपनाया, जो उनके आत्मनिर्णय, भूमि और सांस्कृतिक अधिकारों का आधार बना। 1857 की क्रांति से ठीक एक साल पहले बिहार और झारखंड के 'दामिन-इ-कोह' क्षेत्र में संथाल आदिवासियों ने ब्रिटिश हुकूमत और महाजनों के अत्याचारों के खिलाफ बिगुल फूंका था।

 

संथाल परगना के महान क्रांतिकारी तिलका मांझी (जबा पहाड़िया) को देश के पहले आदिवासी स्वाधीनता सेनानियों में गिना जाता है। विश्व आदिवासी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि जब तक हम अपने मूल संरक्षकों के अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा नहीं करेंगे, तब तक प्रकृति का संतुलन बनाए रखना असंभव है।

अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर बड़ा आयोजन, नेमरा में 14 फीट प्रतिमा का अनावरण करेंगे हेमंत सोरेन

Jharkhand CM hemant soren

दिशोम गुरु व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्मभूषण स्व. शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर रामगढ़ के नेमरा-लुकैयाटांड़ में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिशोम गुरु की 14 फुट ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे। ALSO READ: CM हेमंत सोरेन की पहल रंग लाई, ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर सुरक्षित घर लौटी

 

कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि अधिकारी और शिबू सोरेन के हजारों समर्थन शामिल होंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। साफ सफाई और अन्य व्यवस्था भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि को लेकर गोला से नेमरा तक पूरा इलाका श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से सराबोर है। सड़क किनारे आकर्षक पोस्टर, होर्डिंग और कलात्मक प्रदर्शनी लगाई गई है। यह उनके जीवन के संघर्ष, जनआंदोलन, सामाजिक सरोकार और झारखंड आंदोलन की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत कर रहे हैं। ALSO READ: CM हेमंत सोरेन का PM मोदी को पत्र, कहा- मांग के अनुरूप नहीं मिल रही छात्रवृत्ति राशि

 

नेमरा में श्रद्धांजलि सभा के साथ विकास मेले का भी आयोजन किया गया है। इसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच करोड़ों रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा।

पूर्वोत्तर में भूस्खलन का खतरा, उत्तर भारत में भी भारी बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

rain alert 4 august

Weather Alert 4 August:  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में सक्रिय मानसून को देखते हुए 4 अगस्त के लिए ताजा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ ही भूस्खलन होने की आशंका है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। ALSO READ: Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

 

जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटे

जम्मू-कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार मच गया। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे 4 युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका

आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।

 

 पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। 

 

वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। ALSO READ: उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

 

राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बदलाव

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

 

दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

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IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए 4 अगस्त के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों—विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटों में सबसे ज्यादा सतर्कता की आवश्यकता है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मिला-जुला रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी। कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

राजस्थान में कैसा रहेगा मॉनसून?

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र के अनुसार, मॉनसून के ट्रफ लाइन के खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

दक्षिण भारत का हाल

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

4 अगस्त का मौसम: बंगाल समेत 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी तक धुआंधार बारिश, इन 21 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजातरीन वेदर बुलेटिन में 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में मुसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कुल 21 राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर और बंगाल में भारी बारिश की आशंका: 3 राज्यों के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 4 अगस्त को पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की जा सकती है। असम और मेघालय इन दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी 4 अगस्त को एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर लाल चेतावनी दी गई है।

बिहार और पूर्वोत्तर के इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों और पूर्वी भारत में भी बादलों का आक्रामक रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी व मध्य भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

पश्चिम व दक्षिण भारत: मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

Weather Today: आज बिहार में बारिश का तांडव, IMD ने दिल्ली समेत 23 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, यहां दिखेगा मौसम का विकराल रूप

Weather Today: देशभर में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के कई हिस्सों में बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज देश के कई राज्यों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

बिहार और पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अगस्त को बिहार समेत तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली, यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक: इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के बड़े भू-भाग में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का जोर बना रहेगा।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखी जा सकती है।

तटीय इलाकों में चलेंगी तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

3 अगस्त का मौसम: बिहार समेत इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने दिल्ली से यूपी तक दिया ये अलर्ट

Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली

मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।