₹99,999 में लॉन्च Ather का नया स्कूटर, Konark की मार्केट में इनसे होगी भिड़ंत

Ather Energy New Launch: दिग्गज दोपहिया इलेक्ट्रिक कंपनी एथर एनर्जी ने आज 29 अगस्त को अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कोणार्क (Konark) लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत कंपनी ने ₹99,99 रखी है। इसके जरिए कंपनी ने मास-मार्केट सेगमेंट में एंट्री की है। इससे पहले एथर की पहचान मुख्य रूप से प्रीमियम/स्पोर्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से थी लेकिन अब कोणार्क के साथ इसने पहली बार बड़े मास-मार्केट सेगमेंट में गंभीरता से प्रवेश किया है। कंपनी ने इसे अपने सालाना कम्युनिटी डे प्रोग्राम में लॉन्च किया है।

Ather Energy के Konark की खास बातें

एथर एनर्जी ने कोणार्क की शुरुआती कीमत ₹99,999 रखी है।

यह स्कूटर कई अलग-अलग रेंज कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होगा। इस लाइनअप में 100 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹99,999 और 125 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹1,21,999 है। दोनों की बिक्री सितंबर 2026 में शुरू होने वाली है।

161 किमी रेंज वाला एक और वैरिएंट आने वाला है जिसकी कीमत ₹1,44,999 रखी गई है तो 200 किमी रेंज वाले कोणार्क को भी Q3 2027 में लाने की योजना है। एथर के प्रोडक्ट रोडमैप में कोणार्क जेड भी है, जिसके 125 किमी और 161 किमी रेंज वाला वेरिएंट Q2 2027 में आ सकता है।

यह एथर के न्यू-जेनेरेशन ईएल प्लेटफॉर्म पर बनाया जाने वाला पहला प्रोडक्शन स्कूटर है।

कोणार्क के साथ एथर अपने पोर्टफोलियो को 450 और रिट्जा की रेंज से आगे बढ़ाया है।

कोणार्क के दाम एथर की ही रिट्जा से कम रखे गए हैं और मार्केट में इसकी सीधे टीवीएस और बजाज से भिड़ंत होगी। ₹99,999 की कीमत पर इसका एंट्री-लेवल वेरिएंट टीवीएस आईक्यूब (TVS iQube) और बजाज चेतक सी2501 (Bajaj Chetak C2501) की कीमत के लगभग बराबर है। वहीं ₹1,21,999 वाला 125 किलोमीटर रेंज का कोणार्क की भिड़ंत एथर के ही एंट्री-लेवल रिट्जा एस (Rizta S) के मुकाबले में आ जाता है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,21,499 है।

कीमत के मुकाबले रेंज की बात करें तो कोणार्क का 100 किलोमीटर वाला वेरिएंट चेतक सी2501 की 113 किलोमीटर और एंट्री-लेवल आईक्यूब की 114 किलोमीटर रेंज के मुकाबले अधिक स्पष्ट फायदा नहीं देता है। हालांकि 144 किलोमीटर वाला वेरिएंट अधिक क्षमता वाले iQube और Chetak वेरिएंट के करीब पहुंचता है, तो यह एथर की अधिक प्रीमियम 450 रेंज से नीचे रहता है।

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Ather Konarc: एथर ने लॉन्च किया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर Konarc, कीमत ₹99999 से शुरू, जानिए इसके फीचर्स और पूरी रेंज

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी एथर एनर्जी ने भारतीय बाजार में अपने पहले मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर एथर कोनार्क लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने 29 अगस्त को आयोजित अपने सालाना एथर कम्युनिटी डे के मौके पर इस नए स्कूटर के लॉन्चिंग का ऐलान किया है. एथर कोनार्क की शुरुआती कीमत ₹99999 तय की गई है. इसके जरिए कंपनी की नजर अब प्रीमियम सेगमेंट से आगे बढ़कर भारत के विशाल आम उपभोक्ता वर्ग को साधने पर है. 1 लाख रुपये से लेकर 1.44 लाख रुपये तक के बजट सेगमेंट में उतारे गए इस स्कूटर को एथर की मौजूदा 450 सीरीज की तुलना में अधिक पारिवारिक और व्यावहारिक लुक में डिजाइन किया गया है.

100 किमी से लेकर 200 किमी तक की रेंज, जानिए सभी वेरिएंट्स की कीमतें

एथर ने कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर को ग्राहकों की जरूरत और बजट के अनुसार कई रेंज विकल्पों और वेरिएंट्स के साथ पेश किया है. 100 किमी रेंज वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹99999 रखी गई है.125 किमी रेंज वेरिएंट की कीमत ₹121999 रखी गई है. ये दोनों शुरुआती वेरिएंट्स सितंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. इसके अलावा कंपनी भविष्य के लिए भी अपना मजबूत रोडमैप लेकर आई है.

कंपनी ₹144999 की कीमत पर अधिक रेंज देने वाले 161 किमी रेंज वेरिएंट को उतारने की योजना बना रही है. लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए 200 किमी की रेंज वाला कोनार्क वेरिएंट 2027 की तीसरी तिमाही में लॉन्च किया जाएगा. कंपनी अपने रोडमैप के तहत 125 किमी और 161 किमी रेंज विकल्पों के साथ कोनार्क Z को 2027 की दूसरी तिमाही में पेश करेगी.

नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर

एथर कोनार्क कंपनी के नए-जनरेशन EL प्लेटफॉर्म पर आधारित पहला प्रॉडक्शन स्कूटर है. इस प्लेटफॉर्म को एथर ने विशेष रूप से वर्सेटिलिटी, स्केलेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में सुधार के लिए तैयार किया है. एथर की 450 सीरीज वाले प्लेटफॉर्म के बाद यह कंपनी का पहला पूरी तरह से नया व्हीकल आर्किटेक्चर है. ईएल प्लेटफॉर्म को सबसे पहले एथर कम्युनिटी डे 2025 के दौरान पेश किया गया था, जहां कंपनी ने रिड्यूक्स (Redux) कॉन्सेप्ट व्हीकल, नेक्स्ट-जनरेशन फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी और AtherStack 7.0 को शोकेस किया था.

एथर को उम्मीद है कि यह नया प्लेटफॉर्म उसके कंज्यूमर सपोर्ट का दायरा बढ़ाएगा और मास-मार्केट सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार देगा. भविष्य में कंपनी के कई अन्य प्रोडक्ट्स भी इसी ईएल प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे.

बाजार में किससे होगी सीधी टक्कर?

एथर कोनार्क बाजार में उतरते ही टीवीएस और बजाज के स्थापित फैमिली स्कूटर्स को सीधी चुनौती देता है. ₹99999 की शुरुआती कीमत पर कोनार्क का एंट्री-लेवल वेरिएंट सीधे TVS iQube और Bajaj Chetak C2501 के समान प्राइस ब्रैकेट में आता है.

हालांकि, चेतक C2501 (113 किमी) और एंट्री iQube (114 किमी) की तुलना में कोनार्क के 100 किमी वाले बेस वेरिएंट में रेंज का कोई बड़ा फर्क नहीं है, लेकिन इसका 161 किमी वाला वेरिएंट चेतक व आईक्यूब के टॉप-एंड वेरिएंट्स को कड़ी टक्कर देता है.

₹121999 की कीमत वाला 125 किमी रेंज का कोनार्क, एथर के ही अपने मौजूदा रिज्टा एस के करीब है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹121499 है.

मास-मार्केट की जरूरतों को पूरा करने का सही समय: तरुण मेहता

लॉन्च के मौके पर एथर के सीईओ और को फाउंडर तरुण मेहता ने कहा कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट अब शुरुआती खरीदारों से आगे बढ़कर मेनस्ट्रीम कस्टमर्स की ओर बढ़ रहा है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हम वर्षों से एक अच्छे स्कूटर को बनाने के लिए जरूरी आर्किटेक्चर और तकनीकों में निवेश कर रहे हैं. उन्होंने आगे लिखा कि अब ईवी को एक कस्टमर के लिए रीसेल वैल्यू, सर्विसिंग में लगने वाला समय, खराब सड़कों पर राइडिंग कंफर्ट से लेकर आसान और सुपर-फास्ट चार्जिंग जैसी सारी जरूरतों को पूरा करना है.

तरुण मेहता ने आगे कहा कि आज के समय में बेहतर विजिबल सेफ्टी, आसान चार्जिंग सुविधाएं और सॉफ्टवेयर-लेड सेफ्टी कस्टमर्स के ओनरशिप एक्सपीरियंस का सबसे अहम हिस्सा बन चुके हैं.

अपने पोर्टफोलियो को 450 सीरीज और रिज्टा से आगे बढ़ाते हुए, एथर कोनार्क के जरिए आम उपभोक्ताओं की हर जरूरत को पूरा करने का दावा कर रहा है.

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

TVS Motor Company ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए TVS iQube MillionR Edition लॉन्च किया है। यह खास एडिशन iQube के 10 लाख यूनिट प्रोडक्शन का आंकड़ा पार करने की उपलब्धि के मौके पर पेश किया गया है। इस स्पेशल एडिशन की प्रभावी एक्स-शोरूम कीमत कर्नाटक में ₹1,40,138 बताई गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में सब्सिडी, टैक्स और अन्य शुल्क के कारण कीमत में बदलाव हो सकता है।

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145 किमी की रेंज और 82 किमी/घंटा टॉप स्पीड

TVS iQube MillionR Edition मौजूदा 3.5 kWh iQube वेरिएंट पर आधारित है। इसका मतलब है कि इसके मैकेनिकल सेटअप और परफॉर्मेंस में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। कंपनी ने इसमें मुख्य रूप से नया डिजाइन, अतिरिक्त स्टोरेज और कुछ उपयोगी फीचर्स जोड़े हैं। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 3.5 kWh बैटरी दी गई है, जो 145 किमी IDC रेंज देने का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 82 किमी/घंटा है।

 

Aurora Green कलर में आया स्पेशल एडिशन

 

MillionR Edition को खास Aurora Green Dual-Tone कलर में पेश किया गया है। इसमें स्पेशल ग्राफिक्स और MillionR ब्रांडिंग दी गई है, जिससे इसे रेगुलर iQube से अलग पहचान मिलती है। इसके अलावा सीट अपहोल्स्ट्री को भी ज्यादा प्रीमियम लुक दिया गया है।

 

बढ़ा स्टोरेज, मिला Type-C चार्जिंग पोर्ट

 

TVS ने इस स्पेशल एडिशन में रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए कई उपयोगी बदलाव किए हैं। इसमें नया फ्रंट यूटिलिटी कंपार्टमेंट दिया गया है। साथ ही स्मार्टफोन और दूसरे डिवाइस चार्ज करने के लिए USB Type-C चार्जिंग पोर्ट भी मिलता है।

 

इन बदलावों के बाद स्कूटर का कुल स्टोरेज 32 लीटर से बढ़कर 35.5 लीटर हो गया है।

 

  • TVS iQube MillionR Edition के प्रमुख स्पेसिफिकेशन
  • फीचर TVS iQube MillionR Edition
  • बैटरी क्षमता 3.5 kWh
  • IDC रेंज 145 किमी
  • टॉप स्पीड 82 किमी/घंटा
  • डिस्प्ले 12.7 सेमी TFT
  • 0-80% चार्जिंग करीब 4.5 घंटे
  • कुल स्टोरेज 35.5 लीटर
  • कलर Aurora Green Dual Tone

 

कंपनी के अनुसार, iQube MillionR Edition में 12.7 सेमी TFT इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले दिया गया है। इसकी 145 किमी IDC रेंज और 82 किमी/घंटा की टॉप स्पीड रेगुलर 3.5 kWh iQube के समान है। यानी यह मॉडल परफॉर्मेंस अपग्रेड के बजाय डिजाइन और सुविधा से जुड़े बदलावों पर ज्यादा केंद्रित है।

 

118 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स

 

3.5 kWh iQube प्लेटफॉर्म में 118 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स मिलते हैं। इनमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, Distance-to-Empty जानकारी और रिमोट चार्ज स्टेटस मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा Q-Park Assist भी मिलता है, जो कम स्पीड पर स्कूटर को पार्क करने या रिवर्स करने में मदद करता है।

 

TVS iQube ने हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा

 

MillionR Edition TVS की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के मौके पर लॉन्च किया गया है। 25 जून 2026 को TVS Motor ने घोषणा की थी कि कंपनी के होसुर प्लांट से 10 लाखवां iQube रोलआउट हुआ। यह उपलब्धि भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती लोकप्रियता और TVS के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कारोबार के विस्तार को दर्शाती है।

 

जुलाई में iQube की बिक्री में 158% की बढ़ोतरी

 

TVS iQube की बिक्री में भी हाल के महीनों में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। जुलाई 2026 में iQube की 59,386 यूनिट्स बिकीं, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 23,029 यूनिट था। इस तरह सालाना आधार पर बिक्री में करीब 158 फीसदी की वृद्धि हुई। जून 2026 में iQube की 47,331 यूनिट्स बिकी थीं। ऐसे में जुलाई की बिक्री में महीने-दर-महीने भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

 

कई बैटरी विकल्पों में उपलब्ध है iQube

 

TVS अब iQube को अलग-अलग बैटरी क्षमता और रेंज के साथ पेश कर रही है। पोर्टफोलियो में एंट्री-लेवल 2.3 kWh iQube शामिल है, जिसकी IDC रेंज 114 किमी तक है। वहीं, बड़े 5.3 kWh iQube ST की IDC रेंज 212 किमी तक बताई गई है। इन दोनों के बीच 3.5 kWh iQube MillionR Edition आता है, जो 145 किमी की दावा की गई रेंज और 82 किमी/घंटा की टॉप स्पीड के साथ पेश किया गया है।

TVS iQube का नया अवतार लॉन्च! 1.40 लाख में मिलेगा 145km रेंज, ज्यादा स्टोरेज और Type-C पोर्ट

अगर आप रोजाना यूज के लिए स्कूटर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। दरअसल, TVS ने iQube MillionR स्पेशल एडिशन को ₹1.40 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दिया है। यह स्टैंडर्ड 3.5kWh वेरिएंट से सिर्फ 3,551 रुपये महंगा है। इसके बदले इसमें 3.5 लीटर ज्यादा स्टोरेज और USB Type-C पोर्ट मिलता है। यानी जो ग्राहक ज्यादा सुविधा चाहते हैं, उनके लिए यह एक छोटा सा अतिरिक्त खर्च है।

यह स्पेशल एडिशन iQube के 10 लाख ग्राहक पूरे होने के मौके पर लॉन्च किया गया है। TVS ने इस उपलब्धि को उसी तरह सेलिब्रेट किया है, जैसे उसने 2016 में Jupiter के 10 लाख ग्राहक पूरे होने पर MillionR बैज दिया था।

दिल्ली में सब्सिडी से पहले iQube MillionR की एक्स-शोरूम कीमत GST और चार्जर समेत करीब 1.48 लाख रुपये बैठती है। इसके अलावा बैटरी, मोटर और परफॉर्मेंस के आंकड़े स्टैंडर्ड मॉडल जैसे ही हैं। उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या नया है: स्टोरेज, कलर और Type-C पोर्ट

iQube MillionR एडिशन मौजूदा iQube 3.5kWh वेरिएंट पर आधारित है। इसे खास दिखाने के लिए इसमें Aurora Green डुअल-टोन पेंट स्कीम, नए ग्राफिक्स, प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री और MillionR की बैजिंग दी गई है। एक ज्यादा काम का बदलाव है नया फ्रंट यूटिलिटी कम्पार्टमेंट, जिससे कुल स्टोरेज 32 लीटर से बढ़कर 35.5 लीटर हो गया है। यह उन लोगों के लिए बहुत काम का है जिन्हें स्टैंडर्ड iQube की सीट के नीचे बैग या एक्स्ट्रा हेलमेट रखने में दिक्कत होती थी।

इसमें एक USB Type-C चार्जिंग पोर्ट भी जोड़ा गया है, जिससे राइडर्स चलते-फिरते अपना फोन चार्ज कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा बेस वेरिएंट में नहीं मिलती है।

बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं

TVS ने स्कूटर के मैकेनिकल हिस्से में कोई बदलाव नहीं किया है। MillionR में रेगुलर 3.5kWh iQube वाला ही 3.5kWh बैटरी पैक लगा है, जिसकी IDC-सर्टिफाइड रेंज 145 km और टॉप स्पीड 82 km/h है। स्टैंडर्ड चार्जर से 0 से 80% चार्ज होने में कुल 4 घंटे 30 मिनट लगते हैं।

गाड़ी की जानकारी और कनेक्टेड फीचर्स के लिए 5-इंच का TFT डिस्प्ले दिया गया है। TVS का दावा है कि iQube रेंज में ऐसे 118 से ज्यादा फीचर्स उपलब्ध हैं। जो खरीदार इस एडिशन से ज्यादा रेंज या तेजी से चार्जिंग की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें यह यहां नहीं मिलेगा। इसमें किए गए बदलाव पूरी तरह से कॉस्मेटिक और स्टोरेज से जुड़े हैं।

TVS ने इसे लॉन्च करने के लिए यही समय क्यों चुना?

इस स्पेशल एडिशन की लॉन्चिंग का समय TVS के लिए काफी अहम है, क्योंकि हाल के महीनों में iQube की बिक्री काफी मजबूत रही है। जुलाई 2026 में TVS ने iQube की 59,386 यूनिट्स बेचीं, जो अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है। जून के मुकाबले बिक्री में 25.47% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल की तुलना में यह आंकड़ा 157% से ज्यादा बढ़ा है।

बिक्री के मामले में iQube जुलाई में भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर रहा।

खरीदारों के लिए देखें तो MillionR Edition में मौजूदा 3.5kWh वेरिएंट के साथ नया लुक और ज्यादा उपयोगी स्टोरेज दिया गया है। इसकी कीमत में भी ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में डीलरशिप पर स्टॉक आसानी से उपलब्ध होने के बाद इसके स्टैंडर्ड वेरिएंट से ज्यादा बिकने की संभावना है।

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Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: कीमत, माइलेज और फीचर्स में कौन है बेस्ट?

Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: भारत के 125cc स्कूटर सेगमेंट में Honda Activa 125 और TVS Jupiter 125 सबसे ज्यादा तुलना किए जाने वाले दो नाम हैं, लेकिन कीमत और फ्यूल एफिशिएंसी के मामले में दोनों का तरीका काफी अलग है। जो खरीदार इन दोनों के बीच फैसला कर रहे हैं, उनके लिए यह बात अहम है क्योंकि Jupiter 125 की शुरुआती कीमत काफी कम है और कागजों पर इसका माइलेज भी बेहतर बताया गया है, जबकि Activa 125 ज्यादा भरोसेमंद स्मार्ट-की सिस्टम पर आधारित है। आइए जानते हैं कि कीमत, माइलेज और फीचर्स के मामले में ये दोनों असल में कैसे एक-दूसरे से अलग हैं।

Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: कीमत और माइलेज

Honda Activa 125 की कीमत दिल्ली में DLX वेरिएंट के लिए 91,178 रुपये से शुरू होती है और इसके टॉप मॉडल H-Smart की कीमत 95,622 रुपये (एक्स-शोरूम) है। वहीं, TVS Jupiter 125 की शुरुआती कीमत काफी कम है। इसका Drum Alloy वेरिएंट 81,700 रुपये से शुरू होता है, जबकि इसके टॉप SmartXonnect वेरिएंट की कीमत 89,935 रुपये (एक्स-शोरूम) है। ये कीमतें TVS की आधिकारिक प्राइसिंग के मुताबिक हैं।

माइलेज की बात करें तो, Activa 125 के सभी वेरिएंट्स के लिए ARAI-क्लेम्ड माइलेज 47 kmpl है, जबकि Jupiter 125 का क्लेम्ड माइलेज 50 kmpl से 57.27 kmpl के बीच बताया गया है।

दोनों स्कूटर में लगभग एक ही साइज के इंजन का इस्तेमाल किया गया है – Activa में 123.92cc और Jupiter में 124.8cc का इंजन है, और दोनों का टॉर्क आउटपुट भी लगभग एक जैसा (10.5 Nm) है।

Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: तुलना करने लायक फीचर्स

Activa के टॉप वेरिएंट में H-Smart टेक्नोलॉजी वाली Honda Smart Key मिलती है, जिससे राइडर अपनी जेब से चाबी निकाले बिना ही स्कूटर को अनलॉक कर सकते हैं, सीट खोल सकते हैं और स्टार्ट कर सकते हैं। साथ ही, इसमें TFT डिस्प्ले और ब्लूटूथ नेविगेशन व कॉल अलर्ट के लिए Honda RoadSync भी दिया गया है।

इसके जवाब में Jupiter 125 में सेगमेंट का पहला ‘ऑल-इन-वन लॉक’ दिया गया है, जो एक ही मैकेनिज्म से फ्यूल कैप, सीट, हैंडलबार लॉक और इग्निशन को ऑपरेट करता है। साथ ही, इसमें असल ड्राइविंग में बेहतर माइलेज के लिए TVS IntelliGo ऑटो स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी भी मिलती है।

दोनों स्कूटर में फ्रंट डिस्क ब्रेक का ऑप्शन, ट्यूबलेस टायर, USB चार्जिंग पोर्ट और टेलीस्कोपिक फ्रंट सस्पेंशन मिलता है, यानी राइड का अनुभव लगभग एक जैसा ही है। मुख्य अंतर मैकेनिकल हार्डवेयर के बजाय सुविधा देने वाले फीचर्स में है।

अब अगर आपकी प्राथमिकता कम कीमत और बेहतर माइलेज है, तो TVS Jupiter 125 आपके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आप Honda की स्मार्ट-की जैसी सुविधाएं और लंबे समय से मौजूद सर्विस नेटवर्क चाहते हैं, तो Activa 125 की ज्यादा कीमत भी आपको सही लग सकती है।

कुल मिलाकर, दोनों स्कूटर के इंजन और मैकेनिकल सेटअप में ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है। इसलिए खरीदारी का फैसला इस बात पर ज्यादा निर्भर करता है कि रोजाना इस्तेमाल में आपके लिए कौन से फीचर्स ज्यादा जरूरी हैं।

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BMW X1 LWB कल होगी लॉन्च, मिलेगा 108mm लंबा व्हीलबेस, जानें फीचर्स और अनुमानित कीमत

यह लॉन्च BMW की X1 रेंज को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है, जो उन खरीदारों के लिए है जिन्हें बड़ी SUV में अपग्रेड किए बिना ज्यादा जगह चाहिए। X1 LWB में BMW का जाना-पहचाना डिजाइन ही है, लेकिन इसकी लंबी बॉडी की वजह से दूसरी लाइन में ज्यादा जगह मिलती है। उम्मीद है कि लॉन्च के समय BMW इसकी फाइनल कीमत, वैरिएंट्स और भारत-स्पेसिफिक फीचर्स के बारे में जानकारी देगी।

अगर आप नई लग्जरी और प्रीमियम कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आर्टिकल आपको जरूरी पढ़नी चाहिए। दरअसल, BMW X1 LWB कल भारत में लॉन्च होने वाली है। इसमें ग्राहक को 108mm ज्यादा लंबा व्हीलबेस मिलेगा, जो स्टैंडर्ड SUV के मुकाबले पिछली सीट पर ज़्यादा स्पेस देता है। फिलहाल, कंपनी ने बुकिंग शुरू कर दी है और लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन को भारत में ही असेंबल किया जाएगा। बता दें कि यह लॉन्च BMW की X1 रेंज को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है, जो उन खरीदारों के लिए है जिन्हें बड़ी SUV में अपग्रेड किए बिना ज्यादा जगह चाहिए।

X1 LWB में BMW का जाना-पहचाना डिजाइन ही है, लेकिन इसकी लंबी बॉडी की वजह से दूसरी लाइन में ज्यादा जगह मिलती है। उम्मीद है कि लॉन्च के समय BMW इसकी फाइनल कीमत, वेरिएंट्स और भारत-स्पेसिफिक फीचर्स के बारे में जानकारी देगी।

X1 LWB में क्या बदलाव हैं?

BMW X1 LWB में सबसे बड़ा बदलाव इसके व्हीलबेस को लेकर किया गया है। नए मॉडल का व्हीलबेस 2,800mm है, जबकि स्टैंडर्ड X1 में यह 2,692mm है। यानी दोनों पहियों के बीच की दूरी 108mm बढ़ाई गई है। इस अतिरिक्त लंबाई का सबसे बड़ा फायदा पीछे बैठने वाले यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि दूसरी रो में पहले के मुकाबले ज्यादा जगह मिलेगी।

डिजाइन की बात करें तो BMW ने X1 LWB को पूरी तरह से नया लुक नहीं दिया है। इसका बेसिक डिजाइन स्टैंडर्ड X1 जैसा ही रखा गया है, हालांकि लंबी बॉडी की वजह से इसका लुक थोड़ा अलग हो गया है। अगर आप कार में अक्सर पीछे की सीट पर परिवार के बड़े सदस्यों या तीन लोगों को बैठाते हैं, तो X1 LWB में बढ़ा हुआ व्हीलबेस और ज्यादा स्पेस आपके लिए सिर्फ डिजाइन में बदलाव से कहीं ज्यादा काम का साबित हो सकता है।

इस SUV को पूरी तरह बनी-बनाई यूनिट के तौर पर भारत लाने के बजाय BMW ग्रुप के चेन्नई प्लांट में असेंबल किया जाएगा। BMW ने कल होने वाले लॉन्च से पहले ही इसकी बुकिंग शुरू कर दी है।

उम्मीद किए जा रहे फीचर्स और केबिन

X1 LWB का केबिन और इक्विपमेंट काफी हद तक स्टैंडर्ड X1 जैसे ही हैं। इसमें BMW का कर्व्ड डिस्प्ले, वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और पार्किंग असिस्टेंस जैसे फीचर्स शामिल हैं। साथ ही, इसमें हरमन कार्डन ऑडियो सिस्टम और पैनोरमिक ग्लास रूफ भी दी गई है।

रोजाना इस्तेमाल के लिहाज से इसका ज्यादा लंबा व्हीलबेस सबसे अहम है। नई स्क्रीन या ट्रिम ऑप्शन के उलट, पीछे की सीट पर बैठने वालों को मिलने वाला ज्यादा लेगरूम ऐसी चीज है, जिसे पैसेंजर्स हर सफर में महसूस करेंगे।

इंजन और अनुमानित कीमत

X1 LWB में स्टैंडर्ड X1 वाला 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जिसके साथ 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स होगा। भारत में अभी बिक रही X1 का पेट्रोल इंजन 134 bhp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देता है।

BMW इंडिया 21 अगस्त को X1 LWB की भारत में कीमत का खुलासा करेगी। खरीदारों के लिए मुख्य सवाल यह होगा कि क्या पिछली सीट पर ज्यादा जगह और उम्मीद के मुताबिक फीचर्स की वजह से स्टैंडर्ड X1 के बजाय LWB वर्शन को चुनना सही रहेगा।

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PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

electric scooter

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली PM E-DRIVE Scheme की अवधि दो साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही योजना का कुल बजट भी 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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सरकार ने इस योजना को सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया था। उस समय योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक तय की गई थी। अब इसे दो साल और बढ़ाने से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा।

 

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर खास फोकस

 

नई अधिसूचना में Electric Two-Wheelers (e-2Ws) के लिए प्रोत्साहन की अवधि को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है। पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए यह सहायता 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। हालांकि, सब्सिडी पाने के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कीमत और प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा तय की गई है।

1.5 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत जरूरी

 

संशोधित PM E-DRIVE योजना के तहत केवल वे पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, जिनकी अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये है। यानी इससे अधिक एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया इस प्रोत्साहन के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 45,79,120 पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को सहायता देने का लक्ष्य रखा है।

 

प्रति kWh 2,500 रुपये का इंसेंटिव

 

योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 2,500 रुपये प्रति kWh की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा। हालांकि, प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन यहां एक और महत्वपूर्ण सीमा लागू होगी। मिलने वाला इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। उदाहरण के तौर पर, अगर बैटरी क्षमता के हिसाब से किसी वाहन का इंसेंटिव 5,000 रुपये बनता है, लेकिन वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15 फीसदी इससे कम है, तो कम राशि ही इंसेंटिव के रूप में मिलेगी।

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हर इलेक्ट्रिक स्कूटर को 5,000 रुपये की सब्सिडी नहीं

 

इसका मतलब यह है कि पात्र इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने पर हर ग्राहक को अपने आप 5,000 रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। वास्तविक प्रोत्साहन राशि बैटरी की क्षमता और वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत, दोनों के आधार पर तय होगी। इस तरह PM E-DRIVE योजना के संशोधित नियमों के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को राहत मिलती रहेगी, लेकिन इंसेंटिव पाने के लिए वाहन को तय कीमत सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

EPFO Higher Pension : ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन किया है तो जानिए अब क्या करेगा EPFO, सरकार ने बताए 4 बड़े कदम

EPFO Higher Pension : ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन किया है तो जानिए अब क्या करेगा EPFO, सरकार ने बताए 4 बड़े कदम

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EPFO Higher Pension: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत ज्यादा पेंशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सरकार ने अहम जानकारी दी है। लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि EPS के तहत उच्च पेंशन (Higher Pension) के आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने के लिए EPFO चार प्रमुख कदम उठा रहा है। हालांकि, सरकार ने सभी लंबित मामलों के निपटारे या बकाया राशि (Arrears) के भुगतान के लिए कोई नई अंतिम समयसीमा घोषित नहीं की है।

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यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के फैसले के बाद शुरू हुई थी। इस फैसले में पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को निर्धारित शर्तों के अधीन वास्तविक उच्च वेतन के आधार पर पेंशन में योगदान का विकल्प दिया गया था।

 

EPFO क्या कर रहा है? जानिए 4 बड़े कदम

1. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

 

EPFO ने पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए Joint Option के Validation हेतु ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की थी। इसका उद्देश्य उच्च वेतन पर पेंशन के विकल्प की प्रक्रिया को आसान बनाना था।

 

हालांकि, केवल ऑनलाइन आवेदन कर देने का मतलब यह नहीं है कि उच्च पेंशन मंजूर हो गई है। EPFO आवेदन की जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि आवेदक निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करता है या नहीं।

 

2. आवेदन और रिकॉर्ड की जांच

 

EPFO आवेदनों की जांच लागू नियमों के अनुसार कर रहा है। इसमें कर्मचारी के वेतन, PF योगदान और पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर नियोक्ता से अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

 

अगर वेतन या योगदान के रिकॉर्ड में कोई अंतर है अथवा जानकारी अधूरी है, तो आवेदन के निपटारे में अतिरिक्त समय लग सकता है।

 

3. क्षेत्रीय कार्यालयों को समय पर निपटारे के निर्देश

 

सरकार के मुताबिक, EPFO ने अपने Regional Offices को उच्च वेतन पर पेंशन से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।

 

इसका मतलब है कि लंबित आवेदनों को निपटाने की जिम्मेदारी सिर्फ EPFO मुख्यालय की नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कार्यालयों की भी है। इन कार्यालयों में ही आवेदनों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की काफी जांच होती है।

 

4. वीडियो कॉन्फ्रेंस से लगातार निगरानी

 

EPFO उच्च पेंशन के मामलों की प्रगति की Zonal और Regional Offices के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा भी कर रहा है।

 

इसका उद्देश्य लंबित मामलों की स्थिति जानना, रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना और जिन आवेदनों में देरी हो रही है, उन्हें जल्द निपटाना है।

 

99.2 फीसदी से ज्यादा आवेदन हो चुके हैं निपटाए

 

सरकार के मार्च 2026 में लोकसभा में दिए जवाब के मुताबिक, 31 जनवरी 2025 तक करीब 15.24 लाख Joint Options के आवेदन नियोक्ताओं की ओर से EPFO को भेजे गए थे। वहीं, 9 मार्च 2026 तक EPFO को प्राप्त 99.2 फीसदी से ज्यादा आवेदनों का निपटारा किया जा चुका था। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। आवेदन का 'Disposed' होना और वास्तव में बढ़ी हुई पेंशन मिलना एक ही बात नहीं है।

 

आवेदन निपटने के बाद क्या होता है?

 

पात्र आवेदकों को EPFO की ओर से Demand Letter जारी किया जा सकता है। इसके बाद रिटायर्ड आवेदकों को निर्धारित राशि जमा करने और Form 10D सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद पात्रता पूरी होने पर Pension Payment Order (PPO) जारी किया जा सकता है। वहीं, जो सदस्य अभी नौकरी में हैं, उन्हें निर्धारित आयु पर पेंशन का दावा करने और जरूरी फॉर्म जमा करने के बाद PPO मिलेगा।

 

क्या सरकार ने नई डेडलाइन घोषित की है?

 

नहीं।

 

उच्च पेंशन के लिए लंबित सभी मामलों को निपटाने या बकाया पेंशन का भुगतान करने के लिए सरकार ने फिलहाल कोई नई देशव्यापी अंतिम समयसीमा घोषित नहीं की है। सरकार का कहना है कि EPFO सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू कर रहा है और मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है।

 

पेंशन का इंतजार कर रहे लोगों को क्या करना चाहिए?

 

अगर आपने Higher Pension के लिए आवेदन किया है तो सिर्फ आवेदन जमा होने के आधार पर यह न मानें कि ज्यादा पेंशन मंजूर हो गई है। आपको अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति, EPFO की ओर से जारी Demand Letter, आवश्यक अतिरिक्त योगदान और Form 10D जैसी औपचारिकताओं की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।

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उत्तरी भारत से लेकर एशिया के बड़े हिस्से तक बादलों का एक विशाल पट्टा सैटेलाइट तस्वीरों में साफ नजर आया है। करीब 5,000 किलोमीटर लंबा यह मॉनसून क्लाउड बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। मौसम की यह सक्रिय स्थिति आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश करा सकती है।

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सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा विशाल बादलों का घेरा

 

सैटेलाइट इमेज में नजर आ रहा यह पूरा क्षेत्र किसी एक विशाल तूफानी बादल का हिस्सा नहीं है। इसके बजाय यह मॉनसून सर्कुलेशन से जुड़ा गहरे संवहन (Deep Convection) और घने बादलों का लंबा क्षेत्र है। इसके भीतर कई गरज-चमक वाले बादलों और बारिश वाले सिस्टम के क्लस्टर मौजूद हैं। यह बादलों का विशाल बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होकर चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। इसकी लंबाई 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है।

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सक्रिय मॉनसून से बढ़ी बारिश की गतिविधियां

 

मॉनसून के इस सक्रिय चरण के कारण कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर बने थंडरस्टॉर्म क्लस्टर बारिश को बढ़ा सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का पूर्वानुमान जताया है। उत्तरी भारत के कई इलाकों में भी मॉनसून की सक्रियता के चलते बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास?

मॉनसून के दौरान इस तरह के लंबे बादल क्षेत्र बड़े पैमाने पर नमी और संवहन वाली गतिविधियों का संकेत देते हैं। हालांकि, पूरे बादल क्षेत्र को एक ही तूफानी सिस्टम मानना सही नहीं है। इसके भीतर अलग-अलग बारिश और गरज-चमक वाले सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित करते हैं। आने वाले दिनों में मॉनसून की यह सक्रियता उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में बारिश का दौर बढ़ा सकती है।