HDFC Bank News: बैंक के एमडी शशिधर जगदीशन नहीं चाहेंगे पुनर्नियुक्ति, अक्तूबर में होंगे रिटायर

एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशिधर जगदीशन पुनर्नियुक्ति नहीं चाहेंगे। उन्होंने यह फैसला ले लिया है। वह 26 अक्तूबर, 2026 को अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। बैंक ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है। एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है।

HDFC Bank ने कहा है कि शशिधर जगदीशन ने अपने फैसले के बारे में 29 अगस्त को बैंक के बोर्ड को बताया। बैंक ने कहा है कि अनुरोध करने के बावजूद उन्होंने अपनी पुनर्नियुक्ति स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। इस वजह से वह एचडीएफसी बैंक की सेवा से 26 अक्तूबर, 2026 को रिटायर करना चाहेंगे।

एचडीएफसी बैंक ने बैंक की ग्रोथ और स्टैबिलिटी के लिए जगदीशन की प्रतिबद्धता, लीडरशिप के लिए उनकी तारीफ की है। बैंक ने कहा है कि एचडीएफसी बैंक में एचडीएफसी के विलय में भी उनकी अहम भूमिका रही। बैंक के बोर्ड ने बेहतर भविष्य के लिए जगदीशन को शुभकामना दी है।

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जगदीशन के फैसले के बाद बैंक ने कहा कि बैंक ने जल्द उनके उत्तराधिकारी की तलाश की प्रक्रिया तेज करने का फैसला किया है। तय समयसीमा के तहत यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बैंक का शेयर 29 अगस्त को 1.20 फीसदी चढ़कर 719.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 24 फीसदी गिरा है।

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

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HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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HDFC बैंक को गवर्नेंस में बड़े सुधार करने होंगे, तभी बहाल होगा निवेशकों का भरोसा : एक्सपर्ट्स

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक को निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सिर्फ पुराने विवादों को बंद करना काफी नहीं होगा। कॉरपोरेट गवर्नेंस के जानकारों का कहना है कि बैंक को अपनी गवर्नेंस, आंतरिक प्रक्रियाओं और बोर्ड की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि निवेशक अब सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि बैंक के काम करने के तरीके को भी देख रहे हैं।

मामला क्या है?

यह चर्चा MSRDC डिपॉजिट मामले के बाद तेज हुई है। बैंक के बोर्ड ने इस मामले की आंतरिक जांच पूरी की। जांच में CEO शशिधर जगदीशन समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आर्थिक जुर्माना और चेतावनी जारी की गई।

हालांकि, बोर्ड ने यह भी माना कि मामले में किसी तरह की निजी कमाई, गलत मंशा या नियमों के उल्लंघन के सबूत नहीं मिले। इसके बाद बोर्ड ने जगदीशन की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश भी की।

एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

Institutional Investor Advisory Services (IiAS) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित टंडन का कहना है कि किसी एक मामले का निपटारा कर देना ही काफी नहीं है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या बैंक ने हाल के गवर्नेंस विवादों से सबक लिया है। क्या बोर्ड की निगरानी पहले से मजबूत हुई है। क्या आंतरिक कंट्रोल बेहतर हुए हैं। उनके मुताबिक गवर्नेंस में सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि उन तक पहुंचने की प्रक्रिया भी उतनी ही अहम होती है।

पुराने मामलों पर भी उठे सवाल

अमित टंडन का कहना है कि इस मामले को अकेले नहीं देखा जाना चाहिए। इसे पूर्व स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे और हाल के दूसरे गवर्नेंस विवादों के साथ जोड़कर देखना होगा। उनका मानना है कि अब बैंक की सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों को यह भरोसा दिलाना है कि उसकी गवर्नेंस सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।

बोर्ड का संदेश क्या है?

अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख का कहना है कि बोर्ड की स्वतंत्र जांच से साफ हुआ कि यह मामला नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि गवर्नेंस और कारोबारी पहुंच का था। इसलिए बोर्ड ने CEO की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की। हालांकि, अंतिम फैसला RBI को लेना है।

आगे बैंक के लिए क्या चुनौती?

अश्विन पारेख का मानना है कि CEO, CFO और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अपने आप में बड़ा कदम है। इससे बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी।

वहीं, अमित टंडन का कहना है कि अब बहस सजा की मात्रा पर नहीं होनी चाहिए। असली फोकस इस बात पर होना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए बैंक अपनी गवर्नेंस को कितना मजबूत बनाता है।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 0.38% गिरकर 736.75 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.01% गिरा है। वहीं, एक साल में यह 26.64% टूटा है। 5 साल की बात करें, तो निवेशकों को सिर्फ 3.30% रिटर्न मिला है। बैंक का मार्केट कैप 5.64 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank News: CEO समेत तीन बड़े अधिकारियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, बोर्ड ने दी चेतावनी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने बताया कि उसके बोर्ड ने MD और CEO शशिधर जगदीशन, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन और ग्रुप हेड (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। तीनों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।

MSRDC मामले की हुई जांच

यह फैसला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के साथ 2017 और 2021 में हुए डिपॉजिट समझौते की आंतरिक जांच के बाद लिया गया।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि स्वतंत्र निदेशकों की विशेष समिति ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि किसी अधिकारी ने गलत नीयत से काम किया हो या निजी फायदा उठाया हो। हालांकि, बोर्ड का मानना है कि इस मामले में कुछ अधिकारियों ने कारोबार बढ़ाने के चक्कर में तय सीमा से आगे बढ़कर काम किया।

RBI को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट

बैंक ने कहा कि RBI के नियमों से संभावित अंतर को देखते हुए बोर्ड ने तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें चेतावनी पत्र भी दिया गया है। मामले से जुड़े बाकी कर्मचारियों को भी चेतावनी पत्र जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी तय किया है कि पूरे मामले की जानकारी RBI को भेजी जाएगी।

₹45 करोड़ के भुगतान पर उठा था विवाद

मई 2026 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि HDFC Bank ने बड़े डिपॉजिट जुटाने के लिए MSRDC को ₹45 करोड़ का भुगतान किया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस रकम को मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया गया और CEO को इसकी जानकारी थी।

उस समय बैंक ने सभी आरोपों से इनकार किया था। बैंक का कहना था कि उसके यहां मजबूत ऑडिट और निगरानी व्यवस्था है। सभी फैसले तय नियमों के मुताबिक लिए जाते हैं।

पहले भी नहीं मिले थे सबूत

इससे पहले एक स्वतंत्र कानूनी जांच भी हुई थी। उसमें भी पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की ओर से कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिकता को लेकर उठाए गए सवालों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।

HDFC Bank का शेयर NSE पर 0.4% गिरकर ₹740 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में इसमें करीब 7.34% की गिरावट आई है। एक साल में यह 26.29% टूट चुका है।

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Axis, HDFC और Kotak Bank; Q1 रिजल्ट के बाद शेयर धड़ाम, अब ट्रेडिंग के लिए चार्ट पर मार्क करें ये लेवल्स

Banking Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तेज होती आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा और प्रति बैरल यह $90 के पार पहुंच गया। इसके चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। इन पर प्राइवेट सेक्टर के हैवीवेट बैंकिंग स्टॉक्स एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने काफी दबाव डाला और इनके शेयर 5.5% तक फिसल गए। इन बैंकों के मार्जिन पर जून तिमाही में दबाव दिखा था और अब एनालिस्ट्स को इस तिमाही भी दबाव के आसार हैं।

जेफरीज के एनालिस्ट्स प्रखर शर्मा और विनायक अग्रवाल के मुताबिक कॉर्पोरेट लोन की हिस्सेदारी बढ़ने और हाल ही में होलसेल प्राइसिंग में तेजी पर बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर असर पड़ा और अब सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने के आसार हैं। अब जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इन तीन स्टॉक्स की ट्रेडिंग कैसे करनी चाहिए, इसे लेकर बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कुछ टेक्निकल लेवल्स सुझाएं है और चार्ट पर रेजिस्टेंस-सपोर्ट मार्क किया है।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक एक बड़े सिमेट्रिकल ट्राईएंगल पैटर्न के अंदर ट्रेड कर रहा है, जो किसी बड़ी हलचल से पहले कंसोलिडेशन का संकेत है। हाल ही में इसे ₹390–₹397 के आस-पास ऊपरी ट्रेंडलाइन के पास रेसिस्टेंस झेलना पड़ा और प्रॉफिट बुकिंग दिखी तो नीचे की तरफ ₹370–₹375 के आस-पास निचली ट्रेंडलाइन से जरूरी सपोर्ट मिल रहा है। RSI न्यूट्रल 45 लेवल के आस-पास बना हुआ है, जिससे इसमें किसी भी तरफ मजबूत मोमेंटम नहीं होने का संकेत मिल रहा है। अगर यह शेयर ₹397 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह ₹420–435 की तरफ बढ़ सकता है। दूसरी तरफ अगर यह ₹370 के नीचे गिरता है, तो इसमें गिरावट बढ़ सकती है और अगला सपोर्ट ₹350 के आस-पास हो सकता है।

Axis Bank

₹1,300–₹1,320 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिके रहने में नाकामी के बाद एक्सिस बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। यह मुनाफावसूली का संकेत है और अभी भी यह अपने मीडियम-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट यानी ₹1,250–₹1,260 के आस-पास बना हुआ है। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो यह ₹1,220 और ₹1,180 की तरफ फिसल सकता है। RSI के 50 के से नीचे आने से मोमेंटम में कमजोरी दिख रही है और शेयर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। ऊपर की तरफ शेयर के लिए ₹1,305 और ₹1,320 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह ₹1,320 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो नई खरीदारी शुरू हो सकती है और ₹1,380–1,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

HDFC Bank

₹810–815 के रेजिस्टेंस जोन के पास रिजेक्शन झेलने के बाद एचडीएफसी बैंक शॉर्ट-टर्म सेलिंग प्रेशर में है। तेज गिरावट के साथ एक बेयरेश कैंडल बनी। फिलहाल यह शेयर अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है, तो ₹745–750 के पास लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन एक अहम सपोर्ट का काम कर रही है। RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है जो बुलिश मोमेंटम कम होने का संकेत दे रहा है। जब तक यह स्टॉक ₹815 के नीते है, इसके ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित है। नीचे की तरफ बात करें तो इसे ₹775 और फिर ₹750 पर सपोर्ट दिख रहा है तो ऊपर की तरफ ₹815 और फिर ₹850 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर यह ₹815 के ऊपर लगातार बना रहता है तो इसमें बुलिश मोमेंटम फिर से शुरू हो सकता है और शेयर ₹850–870 की तरफ बढ़ सकता है।

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HDFC Bank ने अब तक नहीं किया है सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने अब तक मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, 18 जुलाई को बोर्ड की मीटिंग में जून तमाही के बैंक के नतीजों को मंजूरी मिल गई। लेकिन, एमडी एवं सीईओ पद पर जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति का ऐलान नहीं हुआ।

जगदीशन का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा

HDFC Bank ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है, “शनिवार, 18 जुलाई, 2026 को बोर्ड की मीटिंग 11 बजे शुरू हुई। बोर्ड ने 2 बजे रिजल्ट्स एप्रूव कर दिया। उसके बाद दूसरे मसलों पर विचार के लिए बोर्ड की मीटिंग जारी रही।” शशिधर जगदीशन का कार्यकाल इस साल सितंबर में खत्म हो रहा है।

आरबीआई की मंजूरी से पहले जरूरी है नियुक्ति

मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन कमेटी (GNRC) के बगैर किसी खास विरोध के जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे देने की उम्मीद है। आरबीआई के नियमों के तहत, बैंक का आरबीआई की मंजूरी से पहले नियुक्ति के प्रस्ताव को एप्रूव करना जरूरी है।

बैंक ने कुछ हफ्ते पहले चेयरमैन पद की राजीव कुमार की नियुक्ति

सूत्रों के मुताबिक, GNRC के जगदीशन को फिर तीन साल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश कर देने की उम्मीद है। कुछ हफ्ते पहले एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को पार्ट-टाइम नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया था। वह अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री की जगह लेंगे।

बैंक में गवर्नेंस के मसले को लेकर उठे थे सवाल

पिछले कुछ महीनों में एचडीएफसी बैंक में गवर्नेंस के मसलों को लेकर सवाल उठे हैं। बैंक के पूर्व पार्ट-टाइम चैयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद यह मसला सुर्खियों में आया था। हालांकि, हाल में एक लीगल रिव्यू में बैंक में गवर्नेंस को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं पायी गई।

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एचडीएफसी  बैंक ने 18 जुलाई को किया नतीजों का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने 18 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26 फीसदी रहा। एचडीएफसी बैंक के शेयर पर तिमाही नतीजों का असर 20 जुलाई को दिखेगा। 17 जुलाई को बैंक का शेयर 1.55 फीसदी चढ़कर 820.80 रुपये पर बंद हुआ।

HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को आरबीआई की मंजूरी

आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। एचडीएफसी बैंक ने 15 जुलाई को यह बताया। कुमार का कार्यकाल तीन साल का होगा। एचडीएफसी ने बताया है कि उनकी नियुक्ति 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी।

राजीव कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैं

HDFC Bank ने कहा है कि केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेट डायरेक्टर बने रहेंगे। राजीव कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और फाइनेंस सेक्रेटरी रह चुके हैं। वह 2017-2020 तक डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसे में सेक्रेटरी थे। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों और फाइनेंशियल सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई उपाय किए थे।

बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए उठाए थे कदम

कुमार के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ज्वाइन करने के दो हफ्ते के अंतर करीब 3.38 शेल कंपनियों के अकाउंट्स फ्रिज कर दिए गए थे। इससे ब्लैक मनी पर शिकंजा कसने में मदद मिली थी। बाद में पोंजी स्कीम के खिलाफ भी सख्ती शुरू हुई थी। कुमार ने बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए थे।

बैंक के बोर्ड ने प्रस्ताव को 29 जून को दी थी मंजूरी

HDFC Bank के बोर्ड ने 29 जून को बैंक के अंश-कालिक चेयरमैन एवं अतिरिक्त (स्वतंत्र) डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे ठीक तीन दिन पहले एक एक्सटर्नल लीगल रिव्यू में पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की तरफ से लगाए गए आरोपों से बैंक को बरी कर दिया गया था।

मार्च में अतानु चक्रवर्ती ने एचडीएफसी बैंक से दिया था इस्तीफा

अतानु चक्रवर्ती ने इस साल मार्च में एचडीएफसी बैंक में पार्ट-टाइम चेयरमैन पद से इस्तीफ दे दिया था। उन्होंने बैंक में कामकाज के कुछ तरीकों को अपनी नैतिकता के खिलाफ बताया था। वह एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन बनने वाले पहले पूर्व आईएएस अफसर थे। वह गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अफसर थे, जबकि राजीव कुमार 1984 बैच के झारखंड कैडर के पूर्व आईएएस अफसर हैं।

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एचडीएफसी बैंक का शेयर इस साल 18 फीसदी गिरा

एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इसका शेयर 15 जुलाई को 0.69 फीसदी चढ़कर 815 रुपये पर बंद हुआ। इस साल बैंक का शेयर करीब 18 फीसदी गिरा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में 7.91 फीसदी गिरावट आई है।