HDFC Bank के सीईओ की बैसिक सैलरी ₹3.31 करोड़, बैठक में शामिल होने पर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को ₹1.20 करोड़

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक की एनुअल रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि बैंक के एमडी और सीईओ समेत इसके एगीक्यूटिव्स और नॉन-एग्जीक्यूटिव्स डायरेक्टर्स की वित्त वर्ष 2026 में कितनी कमाई हुई। इसमें सैलरी, एलाउंसेज, परफॉरमेंस बोनस, रिटायरमेंट बेनेफिट्स, स्टॉक ऑप्शंस और सिटिंग फीस शामिल हैं। स्टॉक ऑप्शंस एंप्लॉयीज को दिया जाने वाला एक्स्ट्रा बेनेफिट है जिसके तहत एंप्लॉयी को कंपनी के शेयर भविष्य में एक तय कीमत यानी एक्सरसाइज प्राइस पर खरीदने का हक मिलता है।

HDFC Bank के टॉप एग्जीक्यूटिव्स की FY26 में कितनी कमाई

पहले बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन की बात करें तो उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.31 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹3.63 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाओं के रूप में, ₹39.70 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹49.64 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स के रूप में मिले। इसके अलावा उन्हें ₹7.29 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला और वित्त वर्ष 2026 के दौरान 4,28,405 स्टॉक ऑप्शंस भी एलॉट हुए।

एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा को ₹3.60 करोड़ की बेसिक सैलरी और ₹4 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलीं। उन्हें ₹43.16 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹53.95 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स भी मिला तो उनका परफॉरमेंस बोनस ₹8.57 करोड़ रहा। कैजाद भरूचा को 6,23,651 स्टॉक ऑप्शंस मिले, जो बैंक के सभी पूर्णकालिक डायरेक्टर्स में सबसे अधिक था।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वी श्रीनिवास रंगन को ₹4.03 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.98 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹48.32 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹60.40 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिले। इसके अलावा उन्हें ₹3.18 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला तथा वित्त वर्ष 2026 में 2,93,538 स्टॉक ऑप्शंस एलॉट हुए।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी का कार्यकाल 18 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुका है। उन्हें वित्त वर्ष 2026 में ₹2.02 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.53 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹24.26 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹30.33 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिला। उन्हें ₹2.02 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस भी मिला और 1,38,542 स्टॉक ऑप्शंस मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक परफॉरमेंस बोनस में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप हेड के रूप में उनके परफॉरमेंस के लिए नकद बोनस भी शामिल था।

नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स में सबसे अधिक संदीप पारेख को ₹1.20 करोड़ की सिटिंग फीस मिली। इसके बाद एमडी रंगनाथ को ₹96 लाख, रेणु कर्नाड को ₹83 लाख, हर्ष कुमार भनवाला ₹79 लाख, लिली वडेरा को ₹69 लाख, अतनु चक्रवर्ती को ₹59 लाख, सुनीता महेश्वरी को ₹45 लाख, संतोष केशवन को ₹40 लाख और अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री को ₹35 लाख की सिटिंग फीस मिली। सिटिंग फीस के अलावा पार्ट-टाइम चेयरमैन को छोड़कर सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को आरबीआई के कॉरपोरेट गवर्नेंस फ्रेमवर्क के हिसाब से ₹30 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक भी मिला।

पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को ₹30 लाख की बजाय ₹48.25 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के हिसाब से आरबीआई ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए उन्हें ₹50 लाख के फिक्स्ड पारिश्रमिक को मंजूरी दी थी लेकिन चूंकि चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उन्हें प्रो-राटा बेसिस यानी अनुपातिक आधार पर ₹48.25 लाख का पेमेंट मिला। बोर्ड और कमेटी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मिले ₹59 लाख के सिटिंग फीस को जोड़कर वित्त वर्ष 2026 में उन्हें ₹1.07 करोड़ मिले। इसके अलावा इस्तीफे की तारीख तक उन्हें आधिकारिक और व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए एक कार भी दी गई थी।

सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 30 मार्च 2026 को फिर से स्वतंत्र निदेशक के तौर पर चुनी गईं सुनीता माहेश्वरी को वित्त वर्ष 2026 के दौरान आनुपातिक आधार पर निश्चित पारिश्रमिक मिला। बैंक के अनुसार उनके कार्यकाल के बाकी अवधि का पारिश्रमिक शेयरहोल्डर्स और आरबीआई की मंजूरी के हिसाब से अगले वित्तीय वर्ष यानी FY2027 में दिया जाएगा।

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HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

HDFC बैंक ने सोमवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने 1 सितंबर,2026 से पुनीत शर्मा को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेजिग्नेट (CFO-डेजिग्नेट) के तौर पर नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है। वह 1 दिसंबर,2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे। शर्मा के पास बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विसेज़ और स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 26 साल से ज़्यादा का अनुभव है।

अभी तक वे एक्सिस बैंक में ग्रुप एग्जीक्यूटिव और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। यहां उन्होंने बैंक के फाइनेंस कामकाज के साथ-साथ इन्वेस्टर रिलेशंस,लीगल,सेक्रेटेरियल और दूसरे अहम कॉर्पोरेट कामों की जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

एक्सिस बैंक से पहले,पुनीत शर्मा टाटा कैपिटल में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर थे। वहां उन्होंने फाइनेंस से जुड़े कामकाज को मजबूत करने,रणनीतिक पहल को आगे बढ़ाने,बोर्ड और रेगुलेटरी मामलों को संभालने और कंपनी के विकास व बदलाव के एजेंडे में सहयोग देने में अहम भूमिका निभाई।

 सिटीबैंक और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में भी किया काम

अपने करियर की शुरुआत में,उन्होंने सिटीबैंक और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में लीडरशिप के पदों पर काम किया। इस दौरान उन्होंनें बैंकिंग,ट्रेज़री,स्ट्रैटेजी,फाइनेंशियल मैनेजमेंट और बिज़नेस ऑपरेशन्स में व्यापक अनुभव हासिल किया।

HDFC बैंक का बयान

HDFC बैंक के बयान में कहा गया है कि पुनीत शर्मा फाइनेंशियल प्लानिंग,कैपिटल मैनेजमेंट,फाइनेंशियल रिपोर्टिंग,इन्वेस्टर रिलेशंस,गवर्नेंस और रेगुलेटरी मामलों में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। बैंक ने यह भी कहा कि उन्हें बोर्ड,रेगुलेटर,इन्वेस्टर और दूसरे अहम स्टेकहोल्डर्स के साथ काम करने का काफी अनुभव है।

फिलहाल अभी पुनीत शर्मा एक्सिस बैंक में फाइनेंस,लीगल और इन्वेस्टर रिलेशंस से जुड़े कामकाज देखते हैं और वे 31 अगस्त तक इस पद पर बने रहेंगे।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त

बताते चले की HDFC Bank ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। हालांकि,उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी। बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल RBI की मंजूरी मिलने की तारीख से शुरू होगा। HDFC Bank ने बताया है कि यह नियुक्ति बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर की गई है

HDFC Bank ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को बनाया नया पार्ट-टाइम चेयरमैन, 3 साल रहेगा कार्यकाल

HDFC Bank ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी।

बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल RBI की मंजूरी मिलने की तारीख से शुरू होगा।

स्वतंत्र निदेशक भी बनाए गए

बोर्ड ने राजीव कुमार को 30 जून 2026 से चार साल के लिए अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

HDFC Bank ने बताया कि यह नियुक्ति बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर की गई है।

AGM के नोटिस में किया बदलाव

राजीव कुमार की नियुक्ति के बाद HDFC Bank ने अपनी 32वीं AGM के नोटिस में संशोधन किया है। इसमें उनकी नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं।

बैंक ने यह भी कहा कि SEBI या किसी अन्य नियामक संस्था ने राजीव कुमार पर किसी कंपनी में निदेशक बनने पर कोई रोक नहीं लगाई है।

चार दशक का प्रशासनिक अनुभव

राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी हैं। उनके पास 40 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने सार्वजनिक नीति, वित्तीय क्षेत्र में सुधार और संस्थागत विकास से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है।

बैंकिंग सुधारों में निभाई बड़ी भूमिका

HDFC Bank के मुताबिक, राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग के सचिव रहे। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों में पूंजी डालकर उन्हें मजबूत करने (रीकैपिटलाइजेशन), बैंकों के मर्जर, बैंकिंग गवर्नेंस में सुधार और नियामकीय ढांचे को मजबूत बनाने जैसे बड़े सुधारों में अहम भूमिका निभाई।

विजया बैंक और देना बैंक का मर्जर

विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कराने में राजीव कुमार की अहम भूमिका रही। उन्होंने बैंकिंग टेक्नोलॉजी में भी कई सुधार किए। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने पर काम किया। डिपॉजिट प्रोटेक्शन को मजबूत बनाया। साथ ही वित्तीय स्थिरता से जुड़े कई अहम सुधारों की अगुआई की।

Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

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Axis Bank के CFO पुनीत शर्मा ने दिया इस्तीफा, HDFC Bank के बन सकते हैं नए CFO

Axis Bank ने सोमवार को बताया कि उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने कहा कि वह अपने प्रोफेशनल करियर के अगले चरण में आगे बढ़ना चाहते हैं। फिलहाल बैंक ने उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।

पुनीत शर्मा ने 28 जून 2026 को इस्तीफा दिया था। वह 31 अगस्त 2026 को कारोबार खत्म होने के बाद बैंक छोड़ देंगे। पुनीत शर्मा 6 मार्च 2020 से Axis Bank के CFO हैं। उनके पास बैंकिंग, वित्तीय संस्थानों और कंसल्टिंग सेक्टर में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है।

HDFC Bank जा सकते हैं पुनीत

HDFC Bank अपने अगले चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर पुनीत की नियुक्ति कर सकता है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगर नियुक्ति होती है तो यह इस साल निजी बैंकिंग सेक्टर के बड़े लीडरशिप बदलावों में से एक होगा।

पुनीत शर्मा मौजूदा CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह ले सकते हैं। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा हो रहा है। CNBC-TV18 के मुताबिक, HDFC Bank की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी सोमवार को बैठक करेगी, जिसमें इस नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है।

HDFC Bank में पहले भी हुआ बड़ा बदलाव

अगर पुनीत शर्मा की नियुक्ति होती है, तो वह ऐसे समय में HDFC Bank की फाइनेंस टीम की कमान संभालेंगे, जब बैंक लीडरशिप बदलाव की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में भाविन लखपतवाला भी HDFC Bank छोड़कर RBL Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO बने हैं। उन्हें HDFC Bank में CFO पद का संभावित आंतरिक दावेदार माना जा रहा था।

Axis Bank में 6 साल का अनुभव

पुनीत शर्मा मार्च 2020 से Axis Bank में ग्रुप हेड और CFO हैं। फाइनेंस के अलावा वे लीगल, सेक्रेटेरियल, इन्वेस्टर रिलेशंस और प्रोक्योरमेंट की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। वह Axis Finance और Axis Securities के बोर्ड में भी नॉमिनी डायरेक्टर हैं।

उनके कार्यकाल में Axis Bank ने Citibank India के कंज्यूमर बिजनेस का अधिग्रहण और इंटीग्रेशन पूरा किया। बैंक ने सफलतापूर्वक पूंजी जुटाई और टेक्नोलॉजी-डिजिटल बैंकिंग में निवेश भी बढ़ाया।

Tata Capital में भी अहम भूमिका

Axis Bank से पहले पुनीत शर्मा 12 साल से ज्यादा समय तक Tata Capital में रहे। वहां वह ग्रुप CFO बने और फाइनेंस, ट्रेजरी, टैक्सेशन, इन्वेस्टर रिलेशंस और कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी संभाली।

अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने Citibank, Boston Consulting Group और Lovelock & Lewes (अब PwC India का हिस्सा) में भी काम किया। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं।

इस मामले पर पूछे गए सवालों पर पुनीत शर्मा ने कोई टिप्पणी नहीं की है। HDFC Bank और Axis Bank की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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10 दिनों में हो जाएगा HDFC Bank के नए चेयरमैन का ऐलान! ये है प्रोसेस

HDFC Bank New Chairman: प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज लेंडर एचडीएफसी बैंक अगले 7-10 दिनों में नए चेयरमैन की नियुक्ति कर लेगा। सीएनबीसी-टीवी18 को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रिम्यूनेरेशन) कमेटी चेयरमैन पद के लिए प्राथमिकता क्रम में तीन नाम बोर्ड को भेजेगी और अंतिम फैसला बैंक के बोर्ड का होगा। सूत्रों के मुताबिक बैंक फिलहाल पांच कैंडिडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है- आरबीआई के हाल ही में रिटायर्ड डिप्टी गवर्नर, एक पीएसयू बैंक के सीनियर अधिकारी, एक पूर्व ब्यूरोक्रेट, एक एमएनसी के पूर्व इंडिया हेड और एक टेक सेक्टर के अनुभवी शख्स। सूत्रों के मुताबिक NRC अभी इनसे अनौपचारिक तौर पर मुलाकात कर रही है। इसके बाद तीन नामों की सूची तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी।

अभी कौन है HDFC Bank का चेयरमैन?

बैंक के बोर्ड के प्रमुख अभी एक अंतरिम चेयरमैन हैं- फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुभवी केकी मिस्त्री। पिछले हफ्ते ही उनका कार्यकाल बढ़ाया गया और अब वह अगले तीन महीनों के लिए यानी 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने, जो भी पहले हो, तक इस पद पर रहेंगे। बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक मूल्यों और एथिक्स का हवाला देते हुए 19 मई 2026 को तत्काल प्रभाव से पार्ट-टाइम चेयरमेन के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक विलय के पहले एचडीएफसी के आखिरी सीईओ केकी मिस्त्री को अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

मौजूदा CEO को बढ़ सकता है कार्यकाल

एचडीएफसी बैंक के मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन का भी कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक शशिधर को दोबारा सीईओ बनाया जा सकता है और इस बारे में ऐलान जुलाई के पहले दो हफ्तों में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक लॉ फर्मों ने पहले ही क्लीन चिट दे दी है। अब बोर्ड को सीईओ की फिर से नियुक्ति के लिए नए चेयरमैन को शामिल करेगा। आरबीआई के नियमों के मुताबिक बैंक को मौजूदा सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से कम से कम 6 महीने पहले या तो मौजूदा सीईओ को दोबारा नियुक्त करना होता है या फिर नया सीईओ नियुक्त करना होता है। मौजूदा हालात के मुताबिक शशिधर जगदीशन का कार्यकाल चार महीने से भी कम समय में 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है।

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RBI ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन केकी मिस्त्री का कार्यकाल 18 सितंबर तक बढ़ाया

आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाने की इजाजत दे दी है। एचडीएफसी बैंक ने 18 जून को यह जानकारी दी। मिस्त्री इस साल 18 सितंबर या तब तक अपने पद पर रहेंगे जब तक बैंक में रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति नहीं हो जाती। इनमें से जो पहले होगा, वह लागू माना जाएगा।

5 अगस्त को बैंक की एजीएम होगी

मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल 90 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है। एचडीएफसी बैंक ने एक्सचेंजों को बताया था कि उसकी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) इस साल 5 अगस्त को होगी। बैंक ने कहा था कि डिविडेंड का पेमेंट 6 अगस्त या उसके बाद कर दिया जाएगा।

नए चेयरमैन की तलाश हो रही है

HDFC Bank में नए नॉन-एग्जिक्यूटिव पार्ट-टाइम चेयरमैन की तलाश चल रही है। मनीकंट्रोल ने यह खबर भी दी थी कि आरबीआई ने बैंक को केकी मिस्त्री का कार्यकाल खत्म होने से पहले नए चेयरमैन की तलाश का काम तेज करने को कहा है। मिस्त्री का कार्यकाल 18 जून को खत्म हो रहा है।

चेयरमैन का पद खाली होने से काम पर असर

मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि आरबीआई को उम्मीद है कि नए चेयरमैन की तलाश का काम जून खत्म होने से पहले पूरा हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि आरबीआई का मानना है कि चेयरमैन का पद खाली होने से बैंक से से जुड़े अहम फैसलों में देरी हो सकती है।

आरबीआई बैंक के निरंतर संपर्क में है

केंद्रीय बैंक नए चेयरमैन की तलाश के काम की प्रगति पर नजर रखने के लिए निरंतर एचडीएफसी बैंक के बोर्ड के संपर्क में बना हुआ है। 18 मार्च को मिस्त्री को तब बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया था, जब अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि पिछले दो सालों में बैंक में कामकाज के कुछ तरीकों से वह सहमत नहीं हैं।

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शेयर तेजी के साथ बंद 

एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इसका शेयर 18 जून को 1.49 फीसदी उछाल के साथ 798.55 रुपये पर बंद हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

RBI ने एचडीएफसी बैंक को नया चेयरमैन जल्द नियुक्त करने को कहा

अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड से नॉन-एग्जिक्यूटिव पार्ट-टाइम चैयरमैन की तलाश में तेजी लाने को कहा है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि आरबीआई की मानना है कि चेयरमैन की जगह खाली होने से बड़े फैसलों में देरी हो सकती है।

नए चेयरमैन की नियुक्ति तक मिस्त्री अपने पोजीशन पर बने रह सकते हैं

सूत्र ने बताया, “मिस्री की पोजीशन अंतरिम है और कुछ ऐसे मसले हैं जिनमें फैसले लेने के लिए उनके पास सीमित गुजाइश है। बैंक के लिए एक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति करना जरूरी है।” सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अनुमान है कि जब तक बैंक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति नहीं कर देता है, मिस्त्री अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं। लेकिन, इस बारे में आरबीआई से औपचारिक कम्युनिकेशन का इंतजार है।

आरबीआई नए चेयरमैन की नियुक्ति के बारे में जानने के लिए बैंक के संपर्क में रहा है

माना जाता है कि आरबीआई इस जानकारी के लिए एचडीएफसी बैंक के बोर्ड के निरंतर संपर्क है कि चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है। इस बारे में एचडीएफसी बैंक को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) ने चेयरमैन पोजीशन के लिए बोर्ड को कुछ नाम बताए हैं।

आरबीआई का नियम कहता है चेयरमैन नॉन-एग्जिक्यूटिव और इंडिपेंडेंट होना चाहिए

कुछ सीनियर अधिकारियों और पूर्व बैंकर्स के साथ कुछ बातचीत हुई है। लेकिन, अब तक किसी नाम पर सहमति नहीं बनी है। आरबीआई का नियम कहता है कि बैंक के बोर्ड का चेयरमैन पक्के तौर पर एक नॉन-एग्जिक्यूटिव, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना चाहिए।

अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए बढ़ सकता है

अनुमान है कि एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू करने में कुछ देर हुई थी। सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से अप्रैल के आखिर में शुरू हुई। तब 17 मार्च, 2026 के अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के एक महीने पूरे हो गए थे। इसकी वजह यह है कि आरबीआई का यह रुख रहा है कि अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा उनका कार्यकाल तीन महीने यानी सितंबर के मध्य तक बढ़ाया जा सकता है या तब तक बढ़ाया जा सकता है जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है।

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केकी मिस्त्री बैंक और उसकी सब्सिडियरीज से लंबे समय से जुड़े रहे हैं

चूंकि मिस्त्री लंबे समय से एचडीएफसी बैंक और इसकी सब्सिडियरीज कंपनियों से जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें चेयरमैन पोजीशन के लिए इंडिपेंडेंट नहीं माना गया। इसलिए वह तब तक अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं, जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है। इस बीच, आबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड को नए चेयरमैन की तलाश का काम तेज करने को कहा है।