Silver Price Today: 4 दिनों में ₹12,500 सस्ती हुई चांदी, आज भी गिरे दाम, जानिए आपके अपने शहर में क्या है भाव

Silver Price Today:  देश में चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। आज 17 जुलाई को  चांदी का सितंबर वायदा भाव आज सुबह 10 बजे 858  रुपये गिरावट के साथ 2,15,335 रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,16,013 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। इसके अलावा लगातार प्रॉफिट-बुकिंग के कारण भी इसकी कीमतें नीचे आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.79 डॉलर प्रति औंस है।

आपके शहर में क्या है कीमते

बुलियन्स के अनुसार चांदी की कीमत घटकर 2,16,040 रुपये प्रति किलो हो गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार शुक्रवार सुबह तक 2,17,434 रुपये किलो हो गया। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,35,000 रुपये प्रति किलो पर है। उधर अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में चांदी टूटकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) के स्तर पर आ गई।

ऐसे में अगर आप चांदी के गहने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर में चल रहे ताजा रेट जरूर चेक कर लें।

 

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2350₹23500₹235000
मुंबई₹2350₹23500₹235000
अहमदाबाद₹2,349₹23,4902,34,900
चेन्नई₹2400₹24000₹240000
पटना₹2350₹23500₹235000
अयोध्या₹2350₹23500₹235000
लखनऊ₹2350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2350₹23500₹235000
गाजियाबाद₹2350₹23500₹235000
नोएडा₹2350₹23500₹235000
गुरुग्राम₹2350₹23500₹235000
चंडीगढ़₹2350₹23500₹235000
जयपुर₹2350₹23500₹235000
लुधियाना₹2350₹23500₹235000
गुवाहाटी₹2350₹23500₹235000
इंदौर₹2350₹23500₹235000

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव

दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को वैश्विक बाजार में सुस्ती के कारण चांदी में 1,500 रुपये की गिरावट आई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार चांदी लगातार चौथे दिन दबाव में रही और 1,500 रुपये टूटकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर आ गई, जो 2 सप्ताह से अधिक का निचला स्तर है।

4 दिन में ₹12,500 टूटी चांदी

पिछले चार दिन में इसमें 12,500 रुपये यानी 5.3 फीसदी की गिरावट आई है। 10 जुलाई को इसका भाव 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। वैश्विक बाजार में, हाजिर चांदी 1.7 प्रतिशत टूटकर 56.79 डॉलर प्रति औंस रह गई। वहीं बुधवार को यह 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। चांदी का भाव आखिरी बार 29 जून को इस स्तर के आसपास था, जब यह 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

गिरावट से खरीदारी का मौका

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की ब्याज दरों में वृद्धि की संभावनाओं को बढ़ा रही है जिसके कारण कमोडिटी बाजार में गिरावट देखी जा रही है। लेकिन आम खरीदारों और रिटेल निवेशकों के लिए यह बेहतर खरीदारी का मौका हो सकता है। परिवारों में शादी ब्याह और ऐसे ही अन्य लोगों के लिए सोना चांदी खरीदा जाता है तो वह इस समय खरीदारी करके पैसा बचा सकते हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: चिप शेयरों में फिर तेज हुई बिकवाली, एशियाई बाजार कमजोर, निक्केई करीब 4% टूटा

Asian Market Today: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे है। निक्केई में 3.93 फीसदी तो ताइवान में 3.77 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। वहीं कॉस्पी में आज CONSTITUTION DAY की छुट्टी है। डाओ फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट से ज्यादा नीचे है। उधर कल अमेरिका में चिप शेयरों में फिर तेज बिकवाली दिखी। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट फिसला है। डाओ और S&P में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.06 फीसदी नीचे था। जबकि टॉपिक्स 1.66 फीसदी गिरा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 0.97 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। शंघाई का बाजार 0.78 फीगसदी गिरा है। दक्षिण कोरिया के बाज़ार छुट्टी के कारण बंद हैं।

गिफ्ट निफ्टी 24,113 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 17 पॉइंट्स का प्रीमियम है, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए एक स्थिर शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

अमेरिकी स्टॉक मार्केट गुरुवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुआ।डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 105.32 पॉइंट्स या 0.20% गिरकर 52,553.32 पर आ गया, जबकि S&P 500 38.63 पॉइंट्स या 0.51% गिरकर 7,533.77 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 387.28 पॉइंट्स या 1.47% गिरकर 25,881.95 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 2.40% गिरा, AMD, ब्रॉडकॉम, इंटेल, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 5% से ज़्यादा गिरे, जबकि सैनडिस्क, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट टेक्नोलॉजी के शेयर 12.6% तक गिर गए। एप्पल का स्टॉक प्राइस 1.76% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट का शेयर प्राइस 1.38% बढ़ा, टेस्ला का स्टॉक प्राइस 0.86% गिरा, और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% गिरे।

US-ईरान युद्ध

अमेरिका ने शुक्रवार सुबह ईरान के खिलाफ अपने एयरस्ट्राइक कैंपेन को और बढ़ाया और पुलों पर तेज़ी से हमला किया। दूसरी तरफ, ईरान ने मिडिल ईस्ट में US के साथी देशों पर नए मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले और बढ़ेंगे।

US रिटेल सेल्स

जून में US रिटेल सेल्स में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। मई में 1.0% की बढ़ोतरी के बाद पिछले महीने रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी हुई। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने मई में पहले बताई गई 0.9% की बढ़त के बाद रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

US बेरोज़गारी क्लेम

पिछले हफ़्ते बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए क्लेम करने वाले अमेरिकियों की संख्या में कमी आई। 11 जुलाई को खत्म हुए हफ़्ते में स्टेट बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए शुरुआती क्लेम 8,000 घटकर सीज़नली एडजस्टेड 208,000 हो गए। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने पिछले हफ़्ते 217,000 क्लेम का अनुमान लगाया था।

कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और अप्रैल के बाद सबसे ज़्यादा बढ़त के लिए तैयार थीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.27% बढ़कर $85.30 प्रति बैरल हो गया, जबकि US WTI क्रूड 1.23% बढ़कर $79.92 प्रति बैरल हो गया। इस हफ़्ते, ब्रेंट और US क्रूड फ्यूचर्स में 11% से ज़्यादा की बढ़त होने की उम्मीद थी।

आज सोने का रेट

US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बढ़ते डर से सोने की कीमतें जून की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ रही थीं। पिछले सेशन में 2% गिरने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $3,980.17 प्रति औंस हो गई। सिल्वर की कीमतें थोड़ी कम होकर $55.50 प्रति औंस पर थीं।

डॉलर

डॉलर स्थिर रहा लेकिन वीकली गिरावट के लिए तैयार था। डॉलर इंडेक्स, जो US करेंसी को छह दूसरी यूनिट्स के मुकाबले मापता है, 100.72 पर था, जिसमें वीकली 0.24% की गिरावट की उम्मीद थी। यूरो $1.1445 पर था, जिसमें इस हफ्ते 0.29% की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टर्लिंग $1.3476 पर पहुंचा, जो इस हफ्ते 0.56% की बढ़त की ओर था। जापानी येन 40 साल के सबसे निचले स्तर के पास था और आखिरी बार 162.38 प्रति डॉलर पर था।

Gold Silver Price Today: चांदी 4 दिन में ₹12500 सस्ती हुई, सोना लगातार दूसरे दिन सपाट

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन स्थिर रही। 24 कैरेट वाला सोना ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता रहा। वहीं, चांदी ₹1,500 टूटकर ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह स्तर दो हफ्ते से ज्यादा समय का निचला स्तर है।

4 दिन में ₹12,500 टूटी चांदी

चांदी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। 10 जुलाई को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी, जो अब घटकर ₹2,24,500 प्रति किलो रह गई है। यानी सिर्फ चार कारोबारी सत्र में चांदी ₹12,500 या 5.3% टूट चुकी है।

सोना सीमित दायरे में क्यों?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे। वहीं, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। इन दोनों वजहों का असर एक-दूसरे को संतुलित करता रहा। इसलिए सोना लगातार दूसरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा।

चांदी पर क्यों बना दबाव?

Augmont की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका बढ़ी है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) के ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना बनी हुई है। इसी कारण चांदी में मुनाफावसूली और कमजोर औद्योगिक मांग का दबाव देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 61 डॉलर यानी 1.68% गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 3% गिरकर 56 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत की संभावना जताए जाने के बाद सोने में गिरावट सीमित रही।

वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि अब निवेशकों की नजर अमेरिका के रिटेल सेल्स और जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और फेड की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

MCX पर गोल्ड का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने की कीमतों पर अभी दबाव बना हुआ है। MCX पर गोल्ड करीब ₹950 गिरकर ₹1,40,900 पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में सोना करीब 60 डॉलर टूटकर 4000 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हाल में अमेरिका के महंगाई के आंकड़े नरम रहे, क्योंकि मई-जून में ऊर्जा की कीमतें कम थीं। लेकिन अगर कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो महंगाई फिर बढ़ सकती है। इसका असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के फैसले पर भी पड़ सकता है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निवेशकों की नजर अब भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। तकनीकी रूप से MCX Gold के ₹1,40,000 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। साथ ही, बाजार में उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है।

Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड और सिल्वर में बड़ी गिरावट दिखी। सोना 4000 डॉलर से नीचे फिसल गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट दिखी। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। इसकी वजह क्रूड में उछाल से दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का डर है। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

भारत में भी गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 1.74 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। चांदी 3.20 फीसदी गिरकर 55.91 डॉलर प्रति औंस चल रही थी। इधर, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स 1.78 फीसदी यानी 3,888 रुपये गिरकर 2,16,836 रुपये प्रति किलोग्राम ग्राम था। गोल्ड फ्यूचर्स 0.80 फीसदी यानी 1139 रुपये गिरकर 1,40,691 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

आगे महंगाई में आ सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

यह भी पढ़ें: Silver Price Today: सस्ती हुई चांदी, क्या और गिरेंगे दाम या आएगा यहां से उछाल, जानें एक्सपर्ट की राय

इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर फ्यूचर्स 1500 रुपये फिसला

सोने और चांदी में 16 जुलाई को देश और विदेश में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.9 फीसदी गिरकर 4,024.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) भी 0.6 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,029.50 डॉलर प्रति औंस था। सिल्वर फ्यूचर्स 1.7 फीसदी गिरकर 56.78 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी।

एमसीएक्स में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में दोपहर 2:30 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 442 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,408 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.71 फीसदी यानी 1,576 रुपये की कमजोरी के साथ 2,19,044 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज सोने और चांदी में कमजोरी की वजह बुलियन की कमजोर डिमांड है।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

अगले महीने इनफ्लेशन में दिख सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी का आया है उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

15 जुलाई को भी सोने और चांदी मे आई थी गिरावट

15 जुलाई को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई थी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। 15 जुलाई को स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है।

IT Sector की रौनक पर Sensex में 300 अंकों की तेजी, 3 वजहों से 24150 के पार Nifty

Share Market Rally: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझान के बीच डॉलर इंडेक्स की नरमी से घरेलू स्टॉक मार्केट में रौनक दिख रही है। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेस सेंसेक्स और निफ्टी 50 उछल पड़े। सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24150 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट को सपोर्ट मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 246.45 प्वाइंट्स यानी 0.32% की बढ़त के साथ 77,431.88 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.27% के उछाल के साथ 24,144.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 328.87 प्वाइंट्स उछलकर 77,514.30 और निफ्टी 88.90 प्वाइंट्स चढ़कर 24,167.40 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: इन वजहों से मिला सपोर्ट

डॉलर इंडेक्स में नरमी

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। अमेरिका महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात की संभावना बढ़ी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स नरम होकर 100.46 पर आ गया। डॉलर की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 1.45% की गिरावट के साथ 13.08 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

IT Stocks से मार्केट को सपोर्ट

आईटी सेक्टर की रौनक से मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के अलावा फिलहाल किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की उठा-पटक नहीं है। आज मार्केट को आईटी सेक्टर ही चला रहा है। बैंकिंग सेक्टर में हल्की बढ़त है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 16 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद नजर आ रही है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,112 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार खत्म हुआ। सुबह हुई अच्छी बढ़त का अधिकांश हिस्सा बाद में कम हो गया,क्योंकि बैंकिंग, कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी ने मेटल,IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी के असर को खत्म कर दिया था। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,078.50 पर सेटल हुआ था।

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी है। इस हमले से ईरान भड़क गया है। उसकी तरफ से कह गया है कि जब तक US हमारी शर्तें नहीं मानेगा तब तक हॉर्मुज बंद रहेगा। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। वेस्ट एशिया टेंशन के बीच क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बरकरार है।

बाजार के लिए मिले-जुले संकेत, गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त

सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 2100 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई है। हालांकि इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs ने 3000 शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए हैं।

एशियाई बाजारों में गिरावट, बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों से संकेत अच्छे नहीं है। इनमें गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई तीन फीसदी तो कॉस्पी 7 फीसदी फिसला है। डाओ फ्यूचर्स भी फ्लैट कारोबार कर रहा है। उधर अमेरिका में चिप शेयरों में फिर बिकवाली दिखी है। हालांकि उतार-चढ़ाव के बीच US INDICES बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 अंक या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया,S&P 500 में 28.83 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,572.42 पर आ गया। नैस्डैक कम्पोजिट 162.22 अंक या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर पहुंच गया।

HDFC लाइफ के नतीजे अच्छे, ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा 46% घटा

पहली तिमाही में HDFC LIFE के नतीजे अच्छे रहे हैं। इसका न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़ा है। वहीं annual premium equivalent यानी APE में करीब 9% की बढ़त देखने को मिली है। VNB Margin हालांकि फ्लैट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ICICI LOMBARD का मुनाफा 46% घटा है। लेकिन Net Premier Earned में 16% की बढ़त रही।

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एंजेल वन के Q1 मुनाफे और मार्जिन पर दबाव, HDB फाइनेंस के मुनाफे में 38% का उछाल

पहली तिमाही में एंजेल वन के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसका मुनाफा 27 परसेंट घटा है। आय पर भी दबाव देखने को मिला है। मार्जिन में 7 परसेंट की कमी आई है। उधर, HDB फाइनेंस का मुनाफा 38 परसेंट बढ़ा है। ब्याज से कमाई भी 20 परसेंट बढ़ी है।

टेक महिंद्रा,विप्रो,जियो फाइनेंस के नतीजे आज, वायदा की तीन कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

निफ्टी की तीन कंपनियां,टेक महिंद्रा,विप्रो और जियो फाइनेंस के रिजल्ट आज आएंगे। टेक महिंद्रा का Constant Currency Revenue एक परसेंट बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार संभव है। वहीं लार्ज कैप IT में विप्रो सबसे कमजोर रिजल्ट पेश कर सकती है। दूसरी ओर वायदा में BHEL,पॉलीकैब और 360 ONE के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटी

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है। डीजल एक्सपोर्ट पर 15.5 रुपए प्रति लीटर तो ATF एक्सपोर्ट पर 14.5 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी। ये दरें पहले के मुकाबले करीब दोगुनी कर दी गई हैं। वहीं पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास दिख रहा है। महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात को बल मिला है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा,जबकि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी का जोखिम भी पैदा हो गया है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.46 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेज़री बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.55% और 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त दिख रही है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है,जिसमें 0.18% की मज़बूती आई है। इसके बाद इंडोनेशियन रुपिया का नंबर है जिसमें 0.13% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी में 0.09% और फिलीपीन पेसो में भी 0.09% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर और जापानी येन में 0.07% की बढ़त हुई है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की मामूली बढ़त नजर आ रही है।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन अपने सबसे कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.06% की गिरावट आई है। जबकि थाई बहत भी पिछले क्लोज़ के मुकाबले 0.03% गिरकर ट्रेड कर रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Gold Silver Price Today: सोना स्थिर, चांदी लगातार तीसरे दिन गिरी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 जुलाई को सोने में स्थिरता रही। चांदी में हल्की गिरावट आई। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरी। इसकी वजह कमजोर लोकल मांग बताई जा रही है। सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर अपरिवर्तित रहा।

गोल्ड और फ्यूचर्स में मामूली नरमी

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 100 रुपये गिरकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। ट्रेडर्स ने बताया कि ज्वेलर्स और इंस्ट्रियल यूजर्स की कमजोर खरीदारी से बुलियन की कीमतें सीमित दायरे में रहीं। इधर, भारत में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.05 फीसदी नीचे चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.35 फीसदी नीचे था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिसला

विदेशी बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका-ईरान के बीच चल रही लड़ाई की वजह से अमेरिका सहित दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा है। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट आती है।

विदेश में चांदी में भी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है। 15 जुलाई को यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

ईंधन महंगा होने से इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान

यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “क्रूड ऑयल, पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से अगले महीने इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। इससे फेडरल रिजर्व की पॉलिसी आक्रामक रहने की उम्मीद है।” दरअसल, इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की डिमांड कम हो जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है। ट्रेडर्स को सितंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की 61 फीसदी उम्मीद है।

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बुलियन पर मध्यपूर्व में तनाव का असर 

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। 2025 में सोने ने 70 फीसदी रिटर्न दिया था। लेकिन, इस साल सोने और चांदी पर दबाव दिख रहा है। मध्यपूर्व में लड़ाई का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

सोना खरीदने वालों के लिए राहत! अब कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी? जानिए 5 बड़े कारण

Gold Price Outlook: सोने में हालिया गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी जरूर आई है। लेकिन 2026 में जनवरी जैसा रिकॉर्ड हाई दोबारा देखने को मिले, इसकी संभावना फिलहाल कम दिख रही है। Fitch Solutions की रिसर्च यूनिट BMI ने 2026 के लिए सोने के औसत भाव का अनुमान 4,600 डॉलर से घटाकर 4,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 4026 डॉलर के आसपास है। इस हिसाब से गोल्ड में करीब ज्यादा से ज्यादा 9% उछाल का अनुमान है। रिपोर्ट का कहना है कि मजबूत डॉलर, कम होते वैश्विक तनाव और बेहतर होती अर्थव्यवस्था की वजह से सोने पर दबाव बना रह सकता है।

मजबूत डॉलर से सोना महंगा पड़ता है

जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग पर असर पड़ता है।

BMI का अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स 98 से 102 के बीच रह सकता है। अगर यह बढ़कर 105 से 110 तक पहुंचा, तो सोने की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।

ब्याज दरें घटने की उम्मीद कम

सोना ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर ज्यादा जाते हैं।

BMI का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve 2026 के बाकी समय में ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। दरें 3.75% पर बनी रह सकती हैं। ऐसे में सोने की मांग पर दबाव रह सकता है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था संभल रही है

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद वैश्विक कारोबार और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है।

जब अर्थव्यवस्था बेहतर होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश छोड़कर शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले एसेट्स की तरफ बढ़ते हैं। BMI ने 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 2.4% रहने का अनुमान लगाया है।

कम होते वैश्विक तनाव का भी असर

पिछले एक साल में सोने की तेजी की बड़ी वजह वैश्विक तनाव रहे थे। लेकिन अब हालात पहले से कुछ शांत दिख रहे हैं।

BMI का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से सोने को मिलने वाला ‘सेफ हेवन’ सपोर्ट भी कमजोर पड़ सकता है। अगर हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य रहती है, तो सोने की मांग और घट सकती है।

महंगाई कम रही, तो मांग भी घट सकती है

महंगाई बढ़ने पर लोग अक्सर सोने में पैसा लगाते हैं। लेकिन अगर महंगाई काबू में रहती है, तो सोने की मांग भी कम हो सकती है।

BMI का कहना है कि ऊर्जा की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव घट रहा है। अगर आगे भी यही स्थिति रही, तो सोने को मिलने वाला एक और बड़ा सहारा कमजोर पड़ सकता है।

क्या फिर भी सोना टूट जाएगा?

BMI ऐसा नहीं मानता। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। इससे कीमतों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

हालांकि, अगर भविष्य में Federal Reserve ब्याज दरें घटाता है या डॉलर कमजोर पड़ता है, तो सोना फिर 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर जा सकता है। वहीं, अगर डॉलर और मजबूत हुआ या बॉन्ड यील्ड बढ़ी, तो कीमतें 3,500 डॉलर प्रति औंस तक भी आ सकती हैं।

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GIFT Nifty Indictor: ग्लोबल बाजारों की तेजी क्या भारतीय बाजार पर दिखाएगी अपना असर या करेगी निराश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indictor: भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के साथ धीमी शुरुआत कर सकते हैं। वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों ने मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंताओं को कम कर दिया।

GIFT निफ्टी सुबह करीब 8:15 बजे 28.50 पॉइंट यानी 0.12 फीसदी की बढ़त के साथ 24,047 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे पता चलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,052.05 के बंद स्तर के पास खुल सकता है।

यह सुस्त संकेत मंगलवार को भारतीय इक्विटी के तेजी से नीचे बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 561.46 पॉइंट या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर आ गया, जबकि निफ्टी 158.95 पॉइंट या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कमजोर ग्लोबल संकेतों से बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, खासकर IT, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में।

कम महंगाई और बैंकों की अच्छी कमाई से वॉल स्ट्रीट में सुधार

महंगाई के अच्छे आंकड़ों और बड़े बैंकों की अच्छी कमाई की वजह से US स्टॉक्स में बढ़त के बाद रातों-रात ग्लोबल सेंटिमेंट में सुधार हुआ। नैस्डैक 0.90 परसेंट बढ़ा, S&P 500 0.38 परसेंट बढ़ा, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.02 परसेंट बढ़ा।

US में उम्मीद से कम महंगाई की रीडिंग से इन्वेस्टर्स सेंटिमेंट को सपोर्ट मिला, जिससे तेज़ मॉनेटरी सख्ती की चिंता कम हुई। CPI रिपोर्ट के बाद, मार्केट में उम्मीद बढ़ गई कि फेडरल रिजर्व जुलाई की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव नहीं करेगा, हालांकि ट्रेडर्स को अभी भी साल खत्म होने से पहले कम से कम एक बार रेट हाइक की उम्मीद है।

बैंक की कमाई से भी सपोर्ट मिला, जबकि सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी आई, जिससे टेक्नोलॉजी-हैवी नैस्डैक को ऊपर उठने में मदद मिली।

एशियाई मार्केट्स में तेजी

बुधवार को एशियाई इक्विटीज ने पॉजिटिव मोमेंटम को बढ़ाया, जिसकी वजह US में कम महंगाई से ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स पर दबाव कम होने के बाद साउथ कोरियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में मजबूत बढ़त रही। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1.7 फीसदी बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI 6 परसेंट और जापान का निक्केई 0.4 परसेंट बढ़ा। शुरुआती एशियाई ट्रेड में US इक्विटी फ्यूचर्स भी थोड़ी ज़्यादा तेज़ी से ट्रेड हुए।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन से एनर्जी की बढ़ती कीमतों को सपोर्ट मिलता रहा, इसलिए मार्केट सतर्क रहे।

मिडिल ईस्ट में टेंशन जारी रहने से तेल $86 से ऊपर चढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच नई मिलिट्री कार्रवाई से होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में हाल की तेज़ी और बढ़ गई।ब्रेंट क्रूड 1.7 परसेंट बढ़कर लगभग $86.20 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $80 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था। इस हफ़्ते तेल अब 12 परसेंट से ज़्यादा बढ़ गया है, और ब्रेंट जून के बीच के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल पर बंद हुआ।

यह बढ़त तब हुई जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और ईरान ने उस इलाके में US इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए, जिससे ग्लोबल तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

जियोपॉलिटिक्स और क्रूड पर शिफ्ट हुआ बाजार का फोकस

मंगलवार को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स नेट सेलर बने रहे, उन्होंने Rs 739 करोड़ के भारतीय इक्विटी बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने सपोर्ट देना जारी रखा, Rs 2,927 करोड़ के इक्विटी खरीदे, जिससे विदेशों में बिकवाली को एब्जॉर्ब करने में मदद मिली।

हालांकि US में महंगाई कम होने और उम्मीद से ज़्यादा बैंक अर्निंग्स के बाद ग्लोबल इक्विटी सेंटिमेंट में सुधार हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय मार्केट के लिए मुख्य शॉर्ट-टर्म रिस्क बनी हुई हैं। एनर्जी की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं, भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ा सकती हैं और अगर जियोपॉलिटिकल हालात और बिगड़ते हैं तो कॉर्पोरेट प्रॉफिट पर असर डाल सकती हैं।

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