Blinkit के आइसक्रीम फ्रीजर में चूहा दिखने का दावा, FDA के एक्शन के बीच वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो!

Blinkit ice cream: क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित कल्याण के गोदरेज हिल इलाके में मौजूद ब्लिंकिट के एक आउटलेट में कथित तौर पर आइसक्रीम फ्रीजर के अंदर एक चूहा घूमता हुआ देखा गया। न्यूज एजेंसी ANI और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आइसक्रीम खरीदने दुकान पर गए युवाओं के एक समूह ने पैकेज्ड फूड आइटम्स के पास चूहे को देखा और अपने फोन में इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

यह वीडियो वायरल होने के बाद लोकल लोगों में फूड सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई है और महाराष्ट्र एफडीए से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना ऑनलाइन फूड स्टोरेज, बिक्री और डिलीवरी की जांच के लिए एफडीए द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के ठीक बाद सामने आई है।

महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई: Blinkit, Zepto और Instamart पर चला डंडा

आपको बता दें कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरे राज्य में इस तरह के 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। पीटीआई के मुताबिक इस जांच अभियान के दौरान ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफार्म्स में फूड सेफ्टी और हाइजीन से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं।

एफडीए ने कुल 14 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें 5 लाइसेंस ब्लिंकिट के, 5 जेप्टो के, 2 इंस्टामार्ट के और 1-1 लाइसेंस भगवती स्टोर्स और स्विंस्टा एंट प्राइवेट लिमिटेड का था। विभाग ने अलग अलग आउटलेट्स को 60 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए। एक फैसिलिटी को अस्थायी रूप से अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया। हालांकि इस दौरान किसी भी प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।

जांच के दौरान एफडीए को मिलीं ये गंभीर कमियां

एफडीए अधिकारियों ने आउटलेट्स में स्टोरेज, टेंप्रेचर कंट्रोल, सफाई, पेस्ट कंट्रोल, कर्मचारियों की स्वच्छता, एफआईएफओ/एफईएफओप्रथाओं, सुरक्षा रिकॉर्ड और लाइसेंस प्रदर्शन जैसे मापदंडों की जांच की। मालाड (पश्चिम) मुंबई ब्लिंकिट आउटलेट में चिलर का तापमान 6°C दर्ज किया गया। ये निर्धारित स्तर से अधिक था। लगभग 40 कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ था और उनके रिकॉर्ड भी गायब थे। कर्मचारी बिना हेडगियर, एप्रन और ग्लव्स के काम कर रहे थे। शाकाहारी, मांसाहारी, पके हुए और डेयरी उत्पादों को सही तरीके से अलग नहीं रखा गया था।

घाटकोपर ब्लिंकिट आउटलेट में ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजनेंट के उपाय ठीक नहीं थे। टेंप्रेचर कंट्रोल सिस्टम में खामिया मिलीं। स्टोरेज में खुली लाइटिंग थी और सफाई बेहद खराब थी। इस फैसिलिटी को 74 में से केवल 34 अंक (46%) मिले और इसे नॉन-कंप्लाइंट श्रेणी में रखा गया। पुणे लोहेगांव जेप्टो आउटलेट में यूज बाय डेट पार कर चुके एक्सपायर्ड उत्पाद पाए गए।

इसके साथ ही पेस्ट कंट्रोल और वर्कर हाइजीन में भी खामियां मिलीं। पुणे स्विंस्टा एंट आउटलेट में कॉकरोच पाए गए। साथ ही कोल्ड-चैन मेंटेनेंस और टेम्परेचर कंट्रोल की गंभीर कमियां थीं। मुंबई के अंधेरी में इंस्टामार्ट फैसिलिटी के फर्श पर ही पैकेट रखे हुए पाए गए। तंग स्टोरेज, कम जगह में सामान की ठूंस-ठूंस कर पैकिंग, रोशनी और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां दर्ज की गईं।

डिलीवरी ऑपरेशन्स की भी हुई जांच, Satara में राइडर्स पर एक्शन

निरीक्षण के दौरान डिलीवरी ऑपरेशन्स को भी जांच के दायरे में लिया गया। सतारा जिले के कराड में स्थित एक ब्लिंकिट स्टोर पर 125 टू-व्हीलर डिलीवरी राइडर्स की जांच की गई। जांच में कोई भी राइडर पहचान पत्र या मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ नहीं पाया गया। इसके अलावा डिलीवरी कार्ट, बैग या बॉक्स पर मुख्य खाद्य व्यवसाय का एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस गायब था। इसके बाद कंपनी को निर्देश दिया गया कि जब तक सभी कमियों को दूर नहीं कर लिया जाता, तब तक वे दोपहिया वाहनों से डिलीवरी ऑपरेशन्स पूरी तरह बंद रखें।

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FDA ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत की गई है। नियामक ने सभी ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स को निर्धारित सुरक्षा, स्वच्छता और भंडारण नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

‘मच्छर को तलवार से मारने की कोशिश’… Amazon के वेयरहाउस पर कार्रवाई को लेकर हाई कोर्ट ने FDA को फटकारा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को अमेजन रिटेल इंडिया के एक वेयरहाउस के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि नियम लागू करने के नाम पर एजेंसी “मच्छर को तलवार से मारने” जैसा कदम उठा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए एफडीए की तारीफ की। हालांकि, कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि क्या ऐसे मामलों में किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को पूरी तरह बंद करना सही तरीका है। कोर्ट ने कहा कि नियमों का पालन कराना जरूरी है, लेकिन कार्रवाई मामले की गंभीरता के हिसाब से होनी चाहिए।

हाई कोर्ट ने एफडीए से कही ये बात

कोर्ट ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को कार्रवाई करते समय ज्यादा व्यवस्थित और संतुलित तरीका अपनाने की सलाह दी। मई में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे के एफडीए कमिश्नर बनने के बाद से यह विभाग लगातार चर्चा में है। उनके कार्यभार संभालने के बाद विभाग ने कई खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है, जिनमें कई मशहूर रेस्टोरेंट भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान बेंच ने एफडीए की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा, “नीति को सख्ती से लागू करने के चक्कर में आप मच्छर को तलवार से मारने की कोशिश कर रहे हैं।”

यह मामला अमेजन रिटेल इंडिया की याचिका के बाद कोर्ट पहुंचा। एफडीए ने भिवंडी में अमेजन के वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई की थी। एजेंसी का आरोप था कि जिन खाद्य उत्पादों की एक्सपायरी हो चुकी थी और जिन्हें नष्ट किया जाना था, उन्हें दोबारा बाजार में भेजा जा रहा था। अमेजन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वेंकटेश धोंड ने कोर्ट को बताया कि एफडीए के अधिकारियों ने 24 जून को वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। इसके अगले ही दिन अधिकारियों ने बिना कोई ‘सुधार नोटिस’ जारी किए वेयरहाउस का लाइसेंस निलंबित कर दिया।

अपील के दौरान लाइसेंस रद्द करने पर कोर्ट ने उठाए सवाल

अमेजन के वकील वेंकटेश धोंड ने आगे बताया कि कंपनी ने वेयरहाउस का लाइसेंस निलंबित किए जाने के खिलाफ अपील दायर की थी। लेकिन अपील पर सुनवाई चल ही रही थी कि एफडीए ने 1 जुलाई को अमेजन को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद एजेंसी ने वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया। हाई कोर्ट ने एफडीए की इस कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाया। जजों ने कहा, “जब मामला अपील में चल रहा था, तब लाइसेंस रद्द करने का आदेश कैसे दिया जा सकता है? कानून साफ है कि अपील की अवधि के दौरान इस तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती।” रिपोर्ट के मुताबिक, बेंच ने एफडीए को यह भी याद दिलाया कि नियमों को लागू करते समय तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ कानूनी नियमों और प्रक्रिया का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

हाई कोर्ट ने कहा- नियमों का पालन करें 

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने एफडीए की कार्रवाई पर फिर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा, “अपनी नीति को सख्ती से लागू करने के चक्कर में आप मच्छर को तलवार से मारने की कोशिश कर रहे हैं। तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।” एफडीए की ओर से सरकारी वकील नेहा भिड़े ने कोर्ट से अपना पक्ष रखने के लिए हलफनामा दाखिल करने का समय मांगा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को करेगा।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; दो लिस्टिंग और PB Fintech-Biocon समेत इन स्टॉक्स पर रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 52.00 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 24,686.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 05 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

हीरो मोटोकॉर्प, एलआईसी, ल्यूपिन, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, अपोलो टायर्स, ब्लू स्टार, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज, ईआईएच, एमक्योर फार्मा, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, मुथूट माइक्रोफिन, एनसीसी, प्रीमियर एनर्जीज, साई लाइफ साइंसेज, ट्रेंट, विजया डायग्नोस्टिक सेंटर और विक्रम सोलर आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के नतीजे पेश

Aurobindo Pharma Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर अरबिंदो फार्मा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.2% बढ़कर ₹1,032.6 करोड़ और रेवेन्यू 16.3% उछलकर ₹9,150.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cummins India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कमिंस इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 0.9% बढ़कर ₹609.3 करोड़ और रेवेन्यू 17.9% उछलकर ₹3,426 करोड़ पर पहुंच गया।

PB Fintech Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीबी फिनटेक का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 92.6% बढ़कर ₹162.9 करोड़ और रेवेन्यू 40.1% उछलकर ₹1,888.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Biocon Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बायोकॉन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 349.4% बढ़कर ₹141.1 करोड़ और रेवेन्यू 10% उछलकर ₹4,336 करोड़ पर पहुंच गया।

Godrej Agrovet Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर गोदरेज एग्रोवेट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13.8% गिरकर ₹128.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 9.2% उछलकर ₹2,855.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Aster DM Quality Care Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एस्टर डीएम क्वालिटी केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 81.2% घटकर ₹16.06 करोड़ रह गया लेकिन रेवेन्यू 21.6% उछलकर ₹1,310.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का एक्सपेश्नल लॉस ₹4.4 करोड़ से ₹114.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Navin Fluorine International Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 107.7% बढ़कर ₹243.3 करोड़ और रेवेन्यू 44.1% उछलकर ₹1,045.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोहेंस लाइफसाइंसेज ₹48.9 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹24.12 करोड़ के घाटे में आ गई तो रेवेन्यू भी 23.1% घटकर ₹422.3 करोड़ रह गया।

GMM Pfaudler Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीएमएम फॉडलर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 114.3% बढ़कर ₹23.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.4% उछलकर ₹924.8 करोड़ पर पहुंच गया।

JK Lakshmi Cement Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेके लक्ष्मी सीमेंट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 28.1% बढ़कर ₹108 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,904.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Neuland Laboratories Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नियूलैंड लैब का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 10 गुना बढ़कर ₹13.9 करोड़ से ₹147.7 करोड़ और रेवेन्यू 119.2% उछलकर ₹641.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Meenakshi India Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मीनाक्षी इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 15.4% बढ़कर ₹321.6 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 4.2% फिसलकर ₹1,835 करोड़ पर आ गया।

SIS Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसआईएस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.4% बढ़कर ₹101.7 करोड़ और रेवेन्यू 29.7% उछलकर ₹4,603.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Automotive Axles Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऑटोमोटिव एक्सल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.6% बढ़कर ₹45.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% उछलकर ₹516.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 जुलाई से 5 अगस्त, 2026 के बीच हैदराबाद के पशामिलाराम में कोहेंस लाइफसाइंसेज की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कंपनी को पांच ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 मिला।

RMC Switchgears

आरएमसी स्विचगियर्स को कुल ₹344.10 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ऑर्डर पश्चिम गुजरात विज कंपनी (PGVCL) से मिले 12 LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) हैं, जिनकी वैल्यू ₹333.80 करोड़ है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Meenakshi India

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट की एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड-सीरीज 3 ने ₹4.56 करोड़ में मीनाक्षी इंडिया के 1.15 लाख शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹396.65 के भाव पर खरीदे।

Sapphire Foods India

रैम्स इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड ने हर शेयर ₹200.6 के भाव पर सफायर फूड्स के 17.7 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) ₹35.41 करोड़ में खरीदे। वहीं पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ V एलएलपी ने ₹33.16 करोड़ के 16.57 लाख शेयर ₹200.10 के भाव पर तो पायनियर इन्वेस्टमेंट फंड स्कीम II ने ₹34 करोड़ के 17 लाख शेयर ₹200 के भाव पर बेचे। प्रेमजी इन्वेस्ट की इन दोनों एंटिटीज ने मिलकर कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी बेची।

Apollo Pipes

प्रमोटर ध्रुव गुप्ता ने हर शेयर ₹536.20 के भाव पह ₹12.6 करोड़ में अपोलो पाइप्स के 2.35 लाख अतिरिक्त शेयर (0.53% हिस्सेदारी) खरीदे।

Prataap Snacks

ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने हर शेयर ₹1,169.99 के भाव पर प्रताप स्नैक्स के 2.17 लाख शेयर (0.91% हिस्सेदारी) ₹ 25.45 करोड़ में खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स में अपनी बाकी बची 2% हिस्सेदारी (4.8 लाख शेयर) ₹1.57 करोड़ में हर शेयर पर ₹32.80 के भाव पर बेच दिए। इससे पिछले सेशन में फंड ने 3.75% हिस्सेदारी बेची थी। ये शेयर रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने खरीदे, जिन्होंने ₹1.55 करोड़ की डील में 4.74 लाख शेयर खरीदे।

Silky Overseas, Invicta Diagnostic

पाइन ओक ग्लोबल फंड ने सिल्की ओवरसीज में अपनी पूरी 2.61% हिस्सेदारी (1.66 लाख शेयर) ₹1.2 करोड़ में ₹72.26 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर बर्चवुड मल्टी स्ट्रेटेजी फंड ओपन एंडेड पीसीसी लिमिटेड-बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने खरीदे।

इसके अलावा बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने पाइन ओक ग्लोबल फंड से इनविक्टा डायग्नोस्टिक में 1.54% हिस्सेदारी (1.93 लाख शेयर) ₹1.42 करोड़ में ₹73.79 के भाव पर हासिल की।

IndiGrid Infrastructure Trust

सिंगापुर सरकार ने इंडिग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट में अपनी 2.93% हिस्सेदारी ₹486.14 करोड़ में प्रति यूनिट ₹174 के भाव में बेच दी। जून 2026 तिमाही तक सिंगापुर सरकार के पास इंडिग्रिड में 7.36% हिस्सेदारी थी और वह ट्रस्ट की सबसे बड़ी यूनिट-होल्डर थी। सिंगापुर सरकार से ये यूनिट्स नियो ग्रुप, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, अस्क्वा इनकम अपॉर्चुनिटीज AIF, IEX, अल्फा अल्टरनेटिव्स एमएसएआई, केआरबीएल, भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस जैसे घरेलू इंस्टीट्यूशंस और एसेट मैनेजर्स ने खरीदे।

लिस्टिंग

आज जुनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो वनइंडिग टेक और धवल पैकेजिंग के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डिविडेंड

आज बेमको हाइड्रोलिक्स, भारत गियर्स, ब्लैक रोज इंडस्ट्रीज, हरक्यूलिस इन्वेस्टमेंट्स, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज, इन्वेस्टमेंट एंड प्रिसिजन कास्टिंग्स, लिंडे इंडिया, लुमैक्स इंडस्ट्रीज, लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, माइंडटेक (इंडिया), प्राज इंडस्ट्रीज, राणे होल्डिंग्स, और टेस्टी बाइट ईटेबल्स के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो जेनेसिस इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन के राइट्स और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मुफ्त योजनाओं से दूरी, विकास पर जोर! चुनाव से पहले योगी सरकार ने खोला 59 हजार करोड़ का खजाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया है। इस बजट में योगी सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा करने के बजाय सड़क, उद्योग, बिजली और गांवों के विकास पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए इस बजट में अतिरिक्त राशि का बड़ा हिस्सा सड़क निर्माण, ग्रामीण संपर्क मार्ग, औद्योगिक ढांचे और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रखा गया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार चुनाव से पहले विकास कार्यों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में जनता के सामने रखना चाहती है।

 महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों का खास ख्याल 

यूपी सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट में महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के लिए पहले से चल रही कई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान किया गया है। लेकिन इस बजट में बुजुर्गों, विधवाओं और निराश्रित लोगों की पेंशन बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया गया है। इसके अलावा, किसी नई नकद सहायता योजना या लड़कियों को मुफ्त स्कूटी देने जैसी नई योजना की भी घोषणा नहीं की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा

इस सप्लीमेंट्री बजट का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण विकास क्षेत्र को मिलेगा। सरकार ने गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए 16,432.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। यह पूरे सप्लीमेंट्री बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 15,750.01 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसका उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क संपर्क देना और दूर-दराज के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

कनेक्टिविटी पर ज्यादा जोर

सरकार का यह बजट साफ दिखाता है कि वह विकास के लिए सड़क, एक्सप्रेसवे, उद्योग और बेहतर कनेक्टिविटी पर लगातार जोर दे रही है। नए एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ढांचे के विकास के लिए भी अच्छी-खासी रकम रखी गई है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

एयरपोर्ट पर भी फोकस 

सरकार ने कई बड़े विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। इनमें जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, हरदोई और फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली सड़क, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार और सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया जाएगा। उद्योग क्षेत्र को भी इस बजट में अच्छी-खासी राशि दी गई है। इसके लिए 2,220.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। विदेशी निवेश (एफडीआई) और बड़ी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की नीति के तहत 1,302.61 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

वहीं, अटल औद्योगिक आधारभूत ढांचा मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना के तहत नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, प्रस्तावित आईटी सदन, स्टेट डेटा सेंटर 2.0 और केंद्र सरकार की ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना के तहत सात औद्योगिक आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धन दिया गया है।

इस सप्लीमेंट्री बजट में बिजली क्षेत्र पर भी खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने इसके लिए 7,358 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इसमें से 6,958 करोड़ रुपये संशोधित बिजली वितरण योजना के तहत बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को पूरा करने के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रयागराज के मेजा-द्वितीय ताप बिजली परियोजना (मेजा-II थर्मल पावर प्रोजेक्ट) के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाना, लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति देना और बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। हालांकि, चुनावी साल में पेश होने वाले कई बजटों की तरह इस बार कोई बड़ी लोकलुभावन घोषणा नहीं की गई है। इस अनुपूरक बजट में नई मुफ्त योजनाओं या बड़े कल्याणकारी ऐलानों के बजाय विकास कार्यों और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर ज्यादा जोर दिया गया है।

यूपी के 59,020 करोड़ रुपये के सप्लीमेंट्री बजट की बड़ी बातें

  • 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट: योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया है। इसमें सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्यों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।
  • गांवों के विकास के लिए सबसे ज्यादा राशि: ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 16,432.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे गांवों में सड़क, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
  • सड़क और परिवहन पर बड़ा निवेश: सड़क, पुल और परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 15,750.01 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस राशि से नए एक्सप्रेसवे और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्ग विकसित किए जाएंगे।
  • कई नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी: बजट में विंध्य एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क, आगरा-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली परियोजना तथा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए धन रखा गया है।
  • उद्योग क्षेत्र को 2,220.89 करोड़ रुपये: उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 2,220.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे विदेशी निवेश, बड़े उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, आईटी सदन, स्टेट डेटा सेंटर 2.0 और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को मदद मिलेगी।
  • बिजली क्षेत्र के लिए 7,358 करोड़ रुपये: बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 7,358 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को पूरा करने के लिए 6,958 करोड़ रुपये और प्रयागराज की मेजा-द्वितीय ताप बिजली परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये शामिल हैं।
  • पुरानी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन: सरकार ने महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों से जुड़ी पहले से चल रही योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि दी है। हालांकि, पेंशन या अन्य लाभ की राशि बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया गया है।
  • किसानों और बुनकरों को भी राहत: कृषि क्षेत्र के लिए 254.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे आलू भंडारण पर सब्सिडी, मूल्य स्थिरीकरण कोष और बागवानी को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, हथकरघा और बुनकरों के लिए 140.03 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिनका उपयोग बुनकर कल्याण योजनाओं और संत कबीर टेक्सटाइल एवं परिधान पार्क के विकास में किया जाएगा।

FD से कमाना चाहते है अच्छा रिटर्न, ये बैंक दे रहे हैं 8.1% तक ब्याज, चेक करें लिस्ट

Invest in FD : अगर आप भी उन इन्वेस्टर्स में से एक जो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (FD)में निवेश करना चाहते है तो आप आसानी से इन बैंकों से 8.1 फीसदी तक का इंटरेस्ट कमा सकते हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे ज़्यादा FD रेट के साथ सबसे आगे हैं, वहीं प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के लेंडर भी अलग-अलग समय में अच्छा रिटर्न दे रहे हैं।

FD इंटरेस्ट रेट में थोड़ा सा भी अंतर लंबे समय में रिटर्न को काफी बढ़ा सकता है, खासकर बड़ी रकम इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजन के लिए। FD बुक करने से पहले अलग-अलग बैंकों के रेट की तुलना करने से बिना ज़्यादा रिस्क लिए इंटरेस्ट इनकम को ज़्यादा से ज़्यादा करने में मदद मिल सकती है। निवेश से पहले यहां देखें उन बैंकों के लिस्ट जो दे रहे है सबसे ज्यादा रिटर्न।

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  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.10 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.10 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • जन स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.80 प्रतिशत तक की फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें दे रहा है।

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  • DCB बैंक 7.50 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • बंधन बैंक 7.45 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • CSB बैंक 7.35 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • IDFC FIRST बैंक 7.35 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • SBM बैंक इंडिया 7.35 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • सिटी यूनियन बैंक 7.25 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।

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  • बैंक ऑफ़ इंडिया 6.85 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक 6.85 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • इंडियन बैंक 6.80 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • बैक ऑफ़ बड़ौदा 6.75 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया 6.70 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र 6.65 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।Image
  • ड्यूश बैंक 7.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 6.60 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • HSBC बैंक 5.50 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।

एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि 5 लाख रुपये के इंश्योरेंस कवर में रहने के लिए कई बैंकों में डिपॉजिट बांट लें, ज़्यादा रिटर्न के लिए छोटे फाइनेंस बैंकों का चुनिंदा इस्तेमाल करें, और लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से डिपॉजिट की अवधि तय करें। डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रोटेक्शन और स्थिर रिटर्न के साथ, FD रिटायर लोगों के लिए एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट का तरीका बना हुआ है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।