Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में तेजी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : सोमवार, 17 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कम होने से सोने-चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। हांलांकि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरेध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण महंगाई का डर बना हुआ है, जिससे सोने की कीमतों में होने वाली बढ़त सीमित रही है।

11.40 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्टूबर वायदा 685 रुपए यानी 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 155,191 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सिल्वर का सितंबर वायदा 2,692 रुपए यानी 1.14 फीसदी की तेजी के साथ 238,616 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए $4,400 और $4,364 पर सपोर्ट है, जबकि $4,470 और $4,500 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए $63.40 और $62.60 पर सपोर्ट है, जबकि $65.80 और $67 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

उन्होंने आगे कहा कि MCX गोल्ड के लिए 1,53,650 -1,52,800 रुपए पर सपोर्ट और 1,55,500-1,56,100 रुपए पर रेजिस्टेंस है। जबकि सिल्वर के लिए 2,34,000 -2,31,600 रुपए पर सपोर्ट और 2,38,000- 2,41,000 पर रेजिस्टेंस है।

1,53,000 और 1,52,500 के आस-पास गिरावट पर सोने में खरीदारी की सलाह होगी। जिसमें 1,51,800 रुपए से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 1,55,500 और 1,56,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है। साथ ही, 2,33,300 और 2,32,000 रुपए के आस-पास चांदी में खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 2,29,800 से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 2,38,000 और 2,40,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 17.80 रुपए यानी 1.30 फीसदी की बढ़त के साथ 1,396.30 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, क्रूड ऑयल का सितंबर वायदा 36.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,771 रुपए पर दिख रहा था। वहीं, नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 9.30 रुपए यानी 3.53 फीसदी की गिरावट के साथ 254.50 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, ELECDMBL का अगस्त वायदा 18.00 रुपए यानी 0.39 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,581 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज जिंक और नैचुरल गैस में कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स जिंक अगस्त वायदा में इनकी 398.5 रुपए के आसपास, 396.0 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 403 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, एमसीएक्स नैचुरल गैस वायदा में इनकी 264 रुपए के आसपास, 268 रुपए के स्टॉप लॉस के के साथ 256 रुपए के टारेगट के लिए खरीदने की सलाह है।

 

 

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नितिन नबीन आज कर सकते हैं नई टीम का ऐलान, अनुराग ठाकुर-स्मृति ईरानी की वापसी के संकेत

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। ऐसे में सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में एक बार फिर अहम भूमिका में वापसी हो सकती है।

काफी समय से इंतजार किए जा रहे इस संगठनात्मक बदलाव में अनुभवी नेताओं के साथ नई पीढ़ी के चेहरों को भी जगह मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, नई टीम की औसत उम्र करीब 50 साल रह सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि पार्टी की नई टीम में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों को संतुलित रखने पर भी खास ध्यान दिया जा सकता है।

बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नबीन के पहले बड़े संगठनात्मक फेरबदल में अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की संभावित वापसी सबसे अहम बातों में से एक होगी।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की भूमिका

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर पहले सूचना और प्रसारण तथा युवा मामले और खेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों का विभाग भी संभाला है।

वहीं, स्मृति ईरानी बीजेपी की प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वह केंद्र में मंत्री रह चुकी हैं और 2019 से 2024 तक अमेठी से लोकसभा सांसद भी रहीं। पार्टी संगठन में भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी को नई टीम में शामिल किए जाने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब बीजेपी अपने संगठन में युवा चेहरों को ज्यादा जगह देने की तैयारी कर रही है। नितिन नबीन के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद से ही संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही थी। 45 साल की उम्र में नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। उनके अध्यक्ष बनने को पार्टी में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और नेतृत्व में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था।

वहीं, बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को सिर्फ रूटीन फेरबदल से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है। पार्टी अपने राष्ट्रीय संगठन को आने वाले चुनावों, खासकर कई अहम राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों के हिसाब से तैयार करना चाहती है।

बता दें कि नबीन ने अगले चुनावी दौर की तैयारियों के तहत जमीनी स्तर पर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने उत्तर प्रदेश के करीब 20 बीजेपी सांसदों के साथ आमने-सामने की बैठकें भी कीं, जिनमें जातिगत समीकरण और कार्यकर्ताओं का मनोबल मुख्य मुद्दे बनकर उभरे।

इसके अलावा, संगठन में बदलाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और माना जा रहा है कि बीजेपी जल्द ही अपनी नई टीम का ऐलान कर सकती है। पार्टी के भीतर इस फेरबदल को अगले चुनावी चक्र से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

नितिन नबीन का युवाओं और महिलाओं पर फोकस

साथ ही, युवाओं और महिलाओं पर ध्यान देना इसलिए भी खास है क्योंकि नबीन BJP के राष्ट्रीय संगठन पर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। बीजेपी ने पहले भी संकेत दिए थे कि नबीन के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में युवा नेतृत्व को ज्यादा जगह दी जाएगी। और शायद इसी वजह से ठाकुर और ईरानी जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी से नई टीम को राजनीतिक अनुभव और देशभर में पहचाने जाने वाले चेहरे मिलेंगे। इससे नबीन के सामने संगठन में पुराने अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने का मौका होगा।

इसलिए बीजेपी के नए संगठन पर सभी की नजरें रहेंगी। नई टीम से पार्टी का राजनीतिक संदेश भी साफ होगा—युवा नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी, अलग-अलग क्षेत्रों और महिलाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व और कुछ बड़े नेताओं की वापसी। माना जा रहा है कि ये नेता आगे पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।

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ट्रम्प बोले- लेविट को मुझसे ज्यादा अपने बच्चे पसंद:व्हाइट हाउस में उनकी जगह लेना मुश्किल; लेविट का प्रेस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक किया। उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि कैरोलिन लेविट मुझे पसंद करने से ज्यादा अपने बच्चों को पसंद करती हैं। मैं इसे लेकर बहुत चिंतित हूं।” ट्रम्प ने साथ ही कहा कि लेविट की जगह लेना आसान नहीं होगा। लेविट अगस्त के आखिर में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी की नौकरी छोड़ेंगी। उन्होंने अपने दो छोटे बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए यह फैसला लिया है। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज रिपोर्टर से पूछा- आप उनकी जगह लेंगी? लेविट के जाने के बाद अगली प्रेस सेक्रेटरी कौन होगी, इसका अभी ऐलान नहीं हुआ है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्टर एलेक्सिस मैकएडम्स ने ट्रम्प से इसी बारे में सवाल किया। ट्रम्प ने मैकएडम्स की ओर देखकर कहा, “आप?” फिर उन्होंने पूछा, “आप उनकी जगह क्यों नहीं लेतीं?” ट्रम्प ने मैकएडम्स की तारीफ करते हुए कहा कि वह यह काम अच्छी तरह कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह वास्तव में उन्हें अगली प्रेस सेक्रेटरी बनाने पर विचार कर रहे हैं या यह सिर्फ मजाक था। लेविट ने क्यों छोड़ी नौकरी? लेविट ने इसी हफ्ते पद छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और दो छोटे बच्चों को ज्यादा समय देना चाहती हैं। उन्होंने 1 मई 2026 को अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद वह मातृत्व अवकाश पर गई थीं और 16 जुलाई को प्रेस ब्रीफिंग में वापस लौटी थीं। ट्रम्प ने उनके फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी टीम से जुड़ी रहेंगी और बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करेंगी। लेविट की जगह लेना क्यों मुश्किल होगा? लेविट करीब 20 महीने तक ट्रम्प प्रशासन का मीडिया के सामने प्रमुख चेहरा रहीं। प्रेस ब्रीफिंग में वह ट्रम्प की नीतियों और फैसलों का बचाव करती थीं और मुश्किल सवालों पर प्रशासन का पक्ष रखती थीं। उनके जाने के बाद व्हाइट हाउस को ऐसा चेहरा तलाशना होगा, जो रोजाना पत्रकारों के सवालों का जवाब दे सके और ट्रम्प प्रशासन की नीतियों को मजबूती से सामने रख सके। फिलहाल उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं हुआ है। इस्तीफे को लेकर अटकलें भी सामने आईं लेविट के पद छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके फैसले को जुलाई में तुर्किये की राजधानी अंकारा में ट्रम्प से जुड़े एक सुरक्षा मामले से जोड़ने की कोशिश की। दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने दावा किया था कि सुरक्षा खतरे के कारण ट्रम्प को एक विमान से दूसरे विमान में भेजा गया और लेविट पीछे रह गईं। व्हाइट हाउस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि लेविट उस विमान में थीं ही नहीं। ट्रम्प ने भी कहा था कि सुरक्षा अधिकारियों ने ईरान से जुड़े संभावित खतरे के कारण विमान बदलने की सलाह दी थी। लेविट ने कहा है कि उनके पद छोड़ने की वजह उनका परिवार है। व्हाइट हाउस ने अभी तक उनकी जगह लेने वाले नए प्रेस सेक्रेटरी का नाम घोषित नहीं किया है।

ट्रम्प बोले- लेविट को मुझसे ज्यादा अपने बच्चे पसंद:व्हाइट हाउस में उनकी जगह लेना मुश्किल; लेविट का प्रेस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक किया। उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि कैरोलिन लेविट मुझे पसंद करने से ज्यादा अपने बच्चों को पसंद करती हैं। मैं इसे लेकर बहुत चिंतित हूं।” ट्रम्प ने साथ ही कहा कि लेविट की जगह लेना आसान नहीं होगा। लेविट अगस्त के आखिर में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी की नौकरी छोड़ेंगी। उन्होंने अपने दो छोटे बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए यह फैसला लिया है। लेविट ने क्यों छोड़ी नौकरी? लेविट ने इसी हफ्ते पद छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और दो छोटे बच्चों को ज्यादा समय देना चाहती हैं। उन्होंने 1 मई 2026 को अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद वह मातृत्व अवकाश पर गई थीं और 16 जुलाई को प्रेस ब्रीफिंग में वापस लौटी थीं। ट्रम्प ने उनके फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी टीम से जुड़ी रहेंगी और बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करेंगी। 26 साल की उम्र में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी बनीं कैरोलिन लेविट का जन्म 24 अगस्त 1997 को न्यू हैम्पशायर के एटकिंसन में हुआ। उनका परिवार राजनीति के बजाय छोटे कारोबार से जुड़ा था। पिता यूज्ड ट्रक का कारोबार करते थे और परिवार आइसक्रीम स्टैंड चलाता था। लेविट ने स्कूल-कॉलेज में सॉफ्टबॉल खेला और कम्युनिकेशन व पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान फॉक्स न्यूज में इंटर्नशिप की। इसके बाद ट्रम्प के पहले कार्यकाल में व्हाइट हाउस में काम किया और रिपब्लिकन सांसद एलिस स्टेफनिक की कम्युनिकेशन डायरेक्टर बनीं। 2022 में न्यू हैम्पशायर से कांग्रेस चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2024 में ट्रम्प के चुनाव अभियान की प्रेस सेक्रेटरी बनीं। जनवरी 2025 में 26 साल की उम्र में व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी बनकर इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनीं। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज रिपोर्टर से पूछा- आप उनकी जगह लेंगी? लेविट के जाने के बाद अगली प्रेस सेक्रेटरी कौन होगी, इसका अभी ऐलान नहीं हुआ है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्टर एलेक्सिस मैकएडम्स ने ट्रम्प से इसी बारे में सवाल किया। ट्रम्प ने मैकएडम्स की ओर देखकर कहा, “आप?” फिर उन्होंने पूछा, “आप उनकी जगह क्यों नहीं लेतीं?” ट्रम्प ने मैकएडम्स की तारीफ करते हुए कहा कि वह यह काम अच्छी तरह कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह वास्तव में उन्हें अगली प्रेस सेक्रेटरी बनाने पर विचार कर रहे हैं या यह सिर्फ मजाक था। लेविट को इस्तीफे को लेकर अटकलें भी सामने आईं लेविट के पद छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके फैसले को जुलाई में तुर्किये की राजधानी अंकारा में ट्रम्प से जुड़े एक सुरक्षा मामले से जोड़ने की कोशिश की। दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने दावा किया था कि सुरक्षा खतरे के कारण ट्रम्प को एक विमान से दूसरे विमान में भेजा गया और लेविट पीछे रह गईं। व्हाइट हाउस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि लेविट उस विमान में थीं ही नहीं। ट्रम्प ने भी कहा था कि सुरक्षा अधिकारियों ने ईरान से जुड़े संभावित खतरे के कारण विमान बदलने की सलाह दी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Market Trend: निफ्टी में बेस के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market Trend : हॉर्मुज को लेकर घमासान से कच्चा तेल 88 डॉलर के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल में तेजी के बीच भारतीय बाजार के लिए नरम संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में गिरावट है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी रही, लेकिन वायदा में बिकवाली देखने को मिली है। वहीं एशिया में भी हल्का दबाव है। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी हल्की गिरावट देखने को मिली थी। सोने और चांदी के दाम में तेजी का सिलसिला कायम है। सोना 4400 डॉलर के ऊपर निकल गया है। चांदी भी 66 डॉलर के पार दिख रही है। डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे है। वहीं US बॉन्ड यील्ड 4.7 के नीचे टिकी हुई है।

US-ईरान वॉर को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि हॉर्मुज पर US जल्द कब्जा करेगा। अमेरिका की ईरान पर अब तक सबसे बड़े इकोनॉमिक प्रतिबंध की भी धमकी आई है। इधर लेबनान में इजरायल का भीषण हमला हुआ है। नेतन्याहू ने कहा है कि अगर US कहे तो ईरान पर अटैक को तैयार हैं।

सोने और चांदी के दाम में तेजी का सिलसिला कायम है। सोना 4400 डॉलर के ऊपर निकल गया है। चांदी भी 66 डॉलर के पार दिख रही है। डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे है। वहीं US बॉन्ड यील्ड 4.7 के नीचे टिकी है।

आज बाजार में क्या हो रणनीति?

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24452-24483/24519 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24536-24577 पर है। इसके लिए पहला बेस 24266-24309 पर और बड़ा बेस 24188-24231 पर है। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 1.76 लाख पर रहा है। 8700 शॉर्ट्स और जुड़े हैं। 24400-24500-24600 पर भारी कॉल राइटिंग हुई है। 24400-24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। निफ्टी 10/20 DEMA के आसपास है और 200 DEMA के ऊपर है। 24309-24266 शुरुआती बेस है। 100-50 DEMA (बेस-2) अहम वीकली सपोर्ट है। शुरुआती रेंज 24450-24500 से 24309-24280 है। बेस के पास BUY ON DIPS की रणनीति रखें। ऊपरी रेंज में मुनाफावसूली करें। 24500-24550 बड़ी बाधा है। इसके ऊपर ही ब्रेकआउट संभव है। 24231-24188 (बेस-1) के नीचे गिरावट में बड़ा ब्रेकडाउन संभव है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 300 अंक नीचे, निफ्टी 24300 के नीचे, Sun Pharma में बढ़त, Zaggle Prepaid 14% गिरा

निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी बैंक के लिए पहला रजिस्टेंस 57810-58033 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58188-58267 पर है। इसके लिए पहला बेस 57221-57333 पर और बड़ा बेस 56910-57060 पर है। यह अभी भी रेंज में है। शुक्रवार को रेंज के निचले हिस्से तक फिसला। कच्चे तेल से अभी राहत नहीं है। 57500-58000-58200 पर भारी कॉल राइटिंग हुई है। 57200-56500 के बीच 50/100/200 DEMA है। 57000 पर मेगा पुट राइटिंग हुई है।

अभी भी 58000-58200 से 57400-57200 के बीच रेंज संभव है। निफ्टी बैंक में साइडवेज मूव संभव है। बेस-1 के ऊपर ही पुलबैक की संभावना है। बेस-1 से रजिस्टेंस-1 के बीच रेंज संभव है। बेस-1 के नीचे रिवर्सल की कोशिश न करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 के टूटने का खतरा है,सावधानी जरूरी है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी KFINTECH में 924 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 970 रुपए के टारगेट के लिए और HAVELLS में 1279 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1340 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price: सोने -चांदी में तेजी कायम, जानिए आखिर क्यों अहम हैं ग्लोबल संकेत?

Gold Silver Price:  हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। निवेशक ब्याज दरों की उम्मीदों, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और चल रहे जियोपॉलिटिकल जोखिमों पर नजर रखे हुए थे। COMEX पर सोना $4,451.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव $4,440 प्रति औंस से $14 या 0.32% ज़्यादा था। इस मेटल ने दिन के दौरान $4,473.20 प्रति औंस का उच्चतम और $4,422.30 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

चांदी में ज़्यादा तेजी देखी गई। COMEX पर चांदी $65.845 प्रति औंस पर थी, जो पिछले बंद भाव $65.060 प्रति औंस से $0.737 या 1.13% ज़्यादा थी। सेशन के दौरान इसकी कीमत $64.850 और $66.395 प्रति औंस के बीच रही।

क्यों हो रहा है सोने की कीमतों में बदलाव ?

हाल के हफ़्तों में कमजोर अमेरिकी आर्थिक डेटा और कम बॉन्ड यील्ड से सोने को सहारा मिला है। बाजार अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों, डॉलर में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों पर भी नज़र रखे हुए है।

ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई में रुकावट के कारण महंगाई का जोखिम बना हुआ है। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ाकर सेंट्रल बैंकों के लिए हालात मुश्किल बना सकती हैं।मार्केट अपडेट के अनुसार, पिछले हफ़्ते सोने में 0.8% की बढ़त भी हुई थी।

टाटा म्यूचुअल फंड ने सोने पर अपने अगस्त 2026 के ‘हाउस व्यू’ में कहा कि ब्याज दरों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड का आकलन करने के कारण निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फंड ने सोने पर मध्यम से लंबी अवधि का सकारात्मक नज़रिया बनाए रखा और सेंट्रल बैंक की खरीदारी, निवेश की मांग और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन को इसके लिए संरचनात्मक आधार बताया।

चांदी की कीमतों में तेज़ी की वजह क्या?

कीमती धातुओं में आई आम तेजी से चांदी को भी फ़ायदा हुआ है, लेकिन औद्योगिक इस्तेमाल के कारण इसकी मांग का पैटर्न सोने से अलग है।

टाटा म्यूचुअल फंड ने कहा कि चांदी के लिए निकट भविष्य का नजरिया वैश्विक आर्थिक स्थितियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगा। फंड ने कहा कि सोलर इंस्टॉलेशन में कमी और सप्लाई की तंगी में ढील से कीमतों में ठहराव और ज़्यादा उतार-चढ़ाव का दौर आ सकता है। साथ ही, फंड हाउस को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, AI-संबंधित हार्डवेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और सोलर पावर में इस्तेमाल से लंबी अवधि की मांग को फ़ायदा होगा। निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

सोने के लिए, मुख्य बातें हैं – US में ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और जियोपॉलिटिकल जोखिम। डॉलर का कमजोर होना और यील्ड का कम होना आम तौर पर सोने के लिए अच्छा होता है क्योंकि इससे यह मेटल निवेशकों के लिए ज़्यादा आकर्षक बन जाता है।

चांदी की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है क्योंकि इसकी कीमत तय करने में इंडस्ट्रियल डिमांड की बड़ी भूमिका होती है।

टाटा म्यूचुअल फंड ने मध्यम से लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों को धीरे-धीरे निवेश करने (स्टैगर्ड इन्वेस्टमेंट) का तरीका अपनाने का सुझाव दिया है। अलग-अलग कीमती मेटल्स में निवेश के लिए, यह सोने में ज़्यादा निवेश करने को प्राथमिकता देता है क्योंकि इसमें सुरक्षात्मक गुण होते हैं, साथ ही चांदी में लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना भी होती है।

फंड हाउस ने 70:30 के गोल्ड-टू-सिल्वर एलोकेशन को एक बड़े रणनीतिक ढांचे के तौर पर बताया है, न कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कॉल के तौर पर। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कीमती मेटल्स की ग्लोबल कीमतें घरेलू कीमतों से अलग हो सकती हैं क्योंकि भारतीय कीमतें करेंसी में उतार-चढ़ाव, इंपोर्ट से जुड़ी लागत, टैक्स और स्थानीय बाज़ार की स्थितियों से प्रभावित होती हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bihar Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़! 7 लोगों की मौत, बिजली का तार गिरने से एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायल

Bihar Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर 17 अगस्त की सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ‘न्यूज 18’ के मुताबिक, इस हादसे में एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में सभी महिलाएं होने की जानकारी सामने आई है।

हादसे के वक्त मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 50 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में मौजूद थे।  बताया जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया। इससे लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

लखीसराय के DM शैलेंद्र कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। सुबह करीब 6.30-6.45 बजे दो ट्रेनें आईं, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हमने भीड़ का अंदाजा लगाते हुए इंतजाम किए थे। फिर हमें पता चला कि भीड़ की वजह से एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। हमने तुरंत 10-15 लोगों को यहां भेजा।”

7 लोगों की मौत की पुष्टि

मंदिर में हुए हादसे पर SDPO शिवम कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, “सात लोगों की मौत की खबर है। बताया जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया और लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हम पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही सही वजह बता पाएंगे।” घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। उनका इलाज जारी है।

बिजली के खंभे की अफवाह से मची भगदड़?

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा अशोक धाम रेलवे स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर हुआ। बताया जा रहा है कि रात के दौरान इस रास्ते पर एक बिजली का खंभा गिर गया था। सोमवार सुबह भीड़ के बीच अचानक यह अफवाह फैल गई कि गिरे हुए बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा है।

इस खबर से श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग अचानक इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते रास्ते पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़ में कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और दूसरे श्रद्धालुओं ने भीड़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने और घायलों की मदद करने की कोशिश की।

सभी घायल महिलाएं, कई की हालत गंभीर

हादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के महिला होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और चिकित्सा व्यवस्था में जुट गईं।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग और राहत-बचाव दलों को भी घटनास्थल पर लगाया गया है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़

सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी होने के कारण अशोक धाम मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से लोग आए थे। भारी भीड़ के बीच बिजली के खंभे को लेकर फैली अफवाह ने अचानक लोगों में डर पैदा कर दिया। इस दौरान देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। बिहार प्रशासन की ओर से फिलहाल घटना की डिटेल्स जांच की जा रही है। हादसे के सही कारण और मृतकों एवं घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

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Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया, महिलाओं को देगा दोगुनी रकम

Iran-US War News Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपने वाले व्यक्ति को 30 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 25 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है। खास बात यह है कि अगर यह कार्रवाई किसी ईरानी महिला द्वारा की जाती है, तो उसे इनाम की रकम दोगुनी दी जाएगी।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातमी ने इस इनाम की घोषणा की है। हातमी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह की कार्रवाई में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कार्रवाई कहां और कब की जानी है।

अमेरिकी सैनिक को पकड़ने पर भी मिलेगा इनाम

हातमी ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी आक्रमणकारी अमेरिकी सैन्यकर्मी को मारता है या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपता है, उसे 30 हजार डॉलर या 5 अरब तोमान का इनाम दिया जाएगा। ईरान में तोमान एक अनौपचारिक करेंसी है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर रियाल के साथ किया जाता है। ईरानी सेना प्रमुख ने इसके साथ ही महिलाओं के लिए अलग घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई बहादुर ईरानी महिला ऐसी कार्रवाई करती है, तो उसे दोगुना इनाम दिया जाएगा।

अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी

इनाम की घोषणा के साथ ही हातमी ने अमेरिका को क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं को अब फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंट्री करने की अनुमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य एवं राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, संघर्ष के दौरान ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की तैनाती नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में एक बड़े बचाव अभियान के दौरान करीब 200 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 170 से अधिक विमान शामिल हुए थे। इस अभियान का उद्देश्य हादसे का शिकार हुए F-15 के वेपन सिस्टम ऑफिसर को सुरक्षित निकालना था। इसके अलावा ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इनाम की घोषणा का ऐलान खास तौर पर तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

कैसे शुरू हुआ अमेरिका-ईरान संघर्ष?

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के खिलाफ हमले किए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी रही। बाद में अप्रैल में संघर्ष विराम हुआ। इसके बाद जून में शांति वार्ता के लिए एक संभावित ढांचा तैयार करने की कोशिश की गई। लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और प्रयास विफल हो गया।

इसके बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच छिटपुट सैन्य हमले जारी रहे हैं। खासकर दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव देखने को मिला है। हालांकि मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क जारी रहने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान सामने नहीं आया है।

संघर्ष में 17 अमेरिकी जवानों की मौत

US मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। इनमें सबसे हालिया मौतों की जानकारी जुलाई में सामने आई थी। बड़ी बात यह है कि इन सभी अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत ईरान के बाहर हुई। इनमें जॉर्डन और इराक में मारे गए अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं।

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ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर इनाम की घोषणा ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ राजनयिक स्तर पर भी गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में इस ऐलान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, ईरान के इस घोषणा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पलटवार का इंतजार है।

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया। ट्रम्प ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिश में मदद करने से इनकार कर दिया था। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की धमकी दी थी। उसने सैन्य अभ्यासों को आक्रामक युद्ध की तैयारी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ट्रम्प ने अभ्यास को महंगा और अनुचित बताया ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से इस कोशिश में अमेरिका का साथ देने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को गलत संदेश देते हैं। दक्षिण कोरिया के 18 हजार सैनिकों वाले 11 दिन के ये सैन्य अभ्यास इसी हफ्ते शुरू होने थे। ट्रम्प ने कहा कि अब इन्हें पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को अभ्यासों में काफी कटौती करने का आदेश दिया है। अभ्यास से क्षेत्रीय शांति में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं को साथ मिलकर अलग-अलग परिस्थितियों में सैन्य अभियान का अभ्यास करना था। इसमें लाइव-फायर, पानी से भरे इलाके को पार करना और सैन्य उपकरण पहुंचाना शामिल था। अमेरिकी सेना ने कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी। ट्रम्प और किम तीन बार मिल चुके हैं ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरियाई के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन से तीन बार मिले थे। इन बैठकों में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई थी और दोनों की आखिरी मुलाकात 2019 में हुई थी। अभ्यास घटाने की उनकी घोषणा से एक दिन पहले उन्होंने किम के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की थी। ट्रम्प ने फोटो के साथ लिखा था कि दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस फोटो में चेहरा दोस्ताना नहीं दिख रहा है। पहले भी सैन्य अभ्यास रोकने की घोषणा कर चुके हैं ट्रम्प यह पहली बार नहीं है, जब ट्रम्प ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास खत्म करने की कोशिश की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने अचानक घोषणा कर इन युद्ध अभ्यासों को उकसाने वाला बताया था। 2018 में सिंगापुर में किम जोंग-उन से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा था, हम युद्ध अभ्यास रोकेंगे, जिससे हमारे बहुत पैसे बचेंगे। यह तब तक रहेगा, जब तक हमें यह नहीं लगता कि भविष्य की बातचीत सही दिशा में नहीं जा रही है।

अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर मिलेगा ₹25 लाख:ईरानी सेना का ऐलान; महिला को दोगुना इनाम, मारने वाला हथियार भी खरीदा जाएगा

ईरान की सेना ने किसी अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने वाले व्यक्ति को 25 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है। अगर यह काम कोई महिला करती है तो इनाम की रकम दोगुनी कर दी जाएगी। ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ अमीर हातमी ने कहा कि यह योजना उन लोगों की कई मांगों के बाद बनाई गई है। उन लोगों के लिए जो फाइनेंशियल जिहाद के जरिए देश के युद्ध प्रयासों में आर्थिक रूप से मदद करना चाहते हैं। हातमी ने तेहरान में एक भाषण के दौरान यह बात कही। हातमी ने ट्रम्प पर साधा निशाना हातमी ने कहा कि इस संघर्ष ने अमेरिका के सैन्य दबदबे को कमजोर कर दिया है और कई देशों को अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पर मजबूर किया है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने ईरान की हार के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। द जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक, हातमी ने दावा किया कि अमेरिकी सेना को प्रभावी रूप से पीछे हटने पर मजबूर किया गया है और अब उसे फारस की खाड़ी, ओमान सागर या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश की अनुमति नहीं है। 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई प्रभावित रही 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। ———- ये खबर भी पढ़ें… ईरान से समझौते को लेकर खाड़ी देश ट्रम्प से नाराज:बातचीत का नतीजा नहीं निकलने से सहयोगी देशों की बेचैनी बढ़ी ईरान के साथ समझौते की अमेरिकी कोशिशों से उसके कुछ खाड़ी सहयोगी निराश हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन देशों को लग रहा है कि लंबे समय से बातचीत चलने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो पाया है। पूरी खबर पढ़ें…