Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : आज बाजार के लिए ग्बोबल और घरेलू संकेत अच्छे हैं। गिफ्टी निफ्टी करीब 70 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। FIIs ने कैश और वायदा में मिलाकर करीब 4700 करोड़ की खरीदारी की है। इंडेक्स में दो दिनों में करीब 19000 नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए गए हैं। क्रूड में भी नरमी है। यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के बाद भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई तेजी का असर रियल्टी,कैपिटल गुड्स,हेल्थकेयर और कुछ बड़े शेयरों में आई कमजोरी से संतुलित हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन मुख्य इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

विदेशी निवेशकों के रुझान पर एक नजर

30 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,623 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। इससे घरेलू बाजार में उनका भरोसा बना रहने का संकेत मिलता है। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांच सेशन से चली आ रही खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए,क्योंकि उन्होंने ₹1,864 करोड़ के शेयर बेचे।

कमोडिटी न्यूज

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से कुछ जहाज निकलने की खबरों से क्रूड में थोड़ी नरमी आई है। ब्रेंट 89 डॉलर के पास पहुंच गया है। इधर US में दरें ना बढ़ने से सोना 4100 डॉलर के पार चला गया है। चांदी भी 2.5 फीसदी उछली है।

चिप शेयरों में दिखी जोरदार तेजी

अमेरिका में कल चिप शेयरों में जोरदार रिबाउंड दिखा। मैक्रॉन,वेस्टर्न डिजिटल,सैनडिस्क और SK HYNIX ADR में 15 से 26% तक का उछाल आया। वहीं सॉफ्टवेयर कंपनियों पर दबाव दिखा। Accenture और Cognizant पांच से छह परसेंट फिसले। इंफोसिस का ADR भी 5% नीचे आय।

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एशियाई बाजारों में रौनक

चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। निक्केई 5% तो कॉस्पी 16% दौड़ा है। कॉस्पी में सैमसंग 20% तो SK HYNIX 30% तक दौड़े हैं। उधर अमेरिकी बाजारों में भी कल शानदार तेजी दिखी। नैस्डैक करीब तीन परसेंट उछला। वहीं, डाओ जोंस भी तेजी के साथ बंद हुआ।

टाटा स्टील का Q1 मुनाफा 12% बढ़ा, 24% बढ़ा वेदांता का मुनाफा,मार्जिन में सुधार

पहली तिमाही में टाटा स्टील के नतीजे अनुमान के करीब रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 12 परसेंट तो आय में 14 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्जिन में भी एक फीसदी की बढ़त हुई है। करीब 33,900 करोड़ के कैपेक्स को बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। वहीं वेदांता का मुनाफा 24% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

10% बढ़ा LIC हाउसिंग का मुनाफा, टोरेंट फार्मा का मुनाफा बढ़ा

पहली तिमाही में LIC हाउसिंग फाइनेंस का मुनाफा 10% बढ़ा है। हालांकि इसकी ब्याज से होने वाली कमाई करीब एक परसेंट बढ़ी है। दूसरी ओर टोरेंट फार्मा का मुनाफा 3% बढ़ा है। इसके मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

अनुमान से कमजोर रहे स्विगी के नतीजे, फूड डिलिवरी,इंस्टामार्ट ग्रोथ कमजोर

स्विगी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी का घाटा कम हुआ है। इसकी आय में 37 फीसदी का उछाल दिखा है। लेकिन फूड डिलिवरी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू और इंस्टामार्ट का नेट ऑर्डर वैल्यू अनुमान से कम रहा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बेहद अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,ITC, MARUTI,सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के रिजल्ट आएंगे। ITC का मुनाफा 12% घट सकता है ,मार्जिन पर भी दबाव संभव है। सिगरेट की वॉल्यूम ग्रोथ निगेटिव हो सकती है। वहीं डिक्सन,गेल,ABB समेत वायदा की 9 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

Zepto ने फिलहाल आईपीओ का प्लान रोका, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए मौजूदा इनवेस्टर्स से जुटा सकती है 1000 करोड़

जेप्टो ने फिलहाल आईपीओ पेश करने का प्लान रोक दिया है। इसकी जगह कंपनी ने मौजूदा निवेशकों से 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड जुटाने की कोशिश शुरू कर दी है। क्विक कॉमर्स कंपनी यह पैसा प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए जुटाएगी। इस मामले से जुड़े लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया।

कई मौजूदा इनवेस्टर्स प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में ले सकते हैं हिस्सा

जेप्टो के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट राउंड में कई मौजूदा इनवेस्टर्स के हिस्सा लेने की संभावना है। इनमें Glade Brook, General Catalyst, Good Water Capital और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स शामिल हैं। सेबी आईपीओ पेश करने जा रही कंपनियों को प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए प्रस्तावित इश्यू का 20 फीसदी तक फंड जुटाने की इजाजत देता है।

सेबी कंपनी को प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से पैसे जुटाने की इजाजत देता है

सेबी के नियम में कहा गया है कि अगर कोई कंपनी आईपीओ से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए पैसे जुटाती है तो वह पैसा उसके इश्यू में से घटा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि जेप्टो अपने आईपीओ के जरिए सिर्फ बाकी पैसे ही जुटा सकेगी। जेप्टो ने पहले आईपीओ से 8000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। बाद में इसे घटाकर करीब 5000-6000 करोड़ रुपये कर दिया था।

म्यूचुअल फंड्स ने जेप्टो की वैल्यूएशन 2.5-3 अरब डॉलर लगाई थी

मनीकंट्रोल ने पहले अपने खबर में बताया था कि जेप्टो के आईपीओ में निवेश में दिलचस्पी रखने वाले म्यूचुअल फंड्स ने कंपनी की वैल्यूएशन पोस्ट इश्यू 2.5-3 अरब डॉलर (24,000-24,900 करोड़ रुपये) के बीच लगाई थी। यह पहले के 5 अरब डॉलर के अनुमानित वैल्यूएशन से काफी कम था।

जेप्टो को 4-4.2 अरब डॉलर वैल्यूएशन पर पूंजी जुटा लेने की उम्मीद

जेप्टो ने सिर्फ छह महीने पहले इनवेस्टर्स से 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर फंड जुटाए थे। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया, “जेप्टो के 4-4.2 अरब डॉलर वैल्यूएशन पर पूंजी जुटाने की संभावना है। आईपीओ में निवेश के लिए घरेलू म्यूचुअल फंडों की शर्तों से संतुष्ट नहीं होने के बाद जेप्टो ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए पैसे जुटाने का फैसला लिया है। “

इन म्यूचुअल फंडों ने जेप्टो के कैश बर्न पर उठाए थे सवाल 

जेप्टो, ग्लेड ब्रुक, जनरल काटालिस्ट, गुडवाटर कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स ने इस बारे मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए। इससे पहले SBI MF, ICICI Prudential, Kotak और HDFC सहित दूसरे म्यूचुअल फंडों ने कंपनी के भारी खर्च (Cash Burn) पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि लंबे समय तक इस तरह का खर्च नहीं किया जा सकता।

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अगले कुछ महीनों में आईपीओ बाजार में आ सकती है जेप्टो

जेप्टो को उम्मीद है कि वह आने वाले महीनों में मुनाफा बनाने की बेहतर क्षमता के साथ फिर से आईपीओ बाजार में आएगी। उसे अच्छी वैल्यूएशन का भी भरोसा है। कंपनी हर तिमाही करीब 700 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से कंपनी के पास आगे की दो तिमाहियों के लिए पैसे बचे हैं।

Gold Silver Price Today: सोना ₹1000 उछलकर ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹600 सस्ती हुई

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। ज्वेलर्स और रिटेल खरीदारों की ताजा खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक बाजार में मजबूती से सोने को सहारा मिला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले इसका भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

कारोबारियों के मुताबिक, ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट की बढ़ी खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये में मजबूती की वजह से तेजी सीमित रही।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद डॉलर में कमजोरी आई है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र में करीब 1% गिरने के बाद 101 के आसपास कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1% चढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

Kotak Neo की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम्स के डेटा पर है। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि सितंबर में फेड ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कितनी मजबूत होती है। साथ ही, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं।

भारत में घटी सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 139.7 टन थी। मौसमी सुस्ती, ऊंची कस्टम ड्यूटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर मांग पर देखने को मिला।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। यह 1,269 टन रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 1,268.6 टन थी।

MCX गोल्ड प्राइस का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि COMEX Gold 4,030 से 4,080 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं, MCX Gold करीब ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया और इसमें करीब ₹700 की तेजी आई।

आगे कैसी रहेगी चाल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके बयान का रुख अब भी सख्त (Hawkish) रहा। तीन FOMC सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों में बदलाव के समय को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर अमेरिका के Core PCE Price Index पर रहेगी। यह फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक है और इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने की कीमतों में अगली बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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63 वर्ष की हुई मंदाकिनी

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री मंदाकिनी आज 63 वर्ष की हो गयीं।मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को मेरठ में एक एंग्लो-इंडियन परिवार में हुआ था। उनके पिता जोसफ ब्रिटिश नागरिक थे, जबकि उनकी मां मुस्लिम थीं। मंदाकिनी का बचपन का नाम यास्मीन जोसेफ था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में प्रदर्शित बंगाली फिल्म ‘अंतारेर भालोबाशा’ से की थी।

वर्ष 1985 में ही मंदाकिनी ने फिल्म ‘मेरा साथी’ से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसी वर्ष उनकी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ प्रदर्शित हुई, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। राज कपूर निर्मित और निर्देशित इस फिल्म में उनके साथ राजीव कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म की सफलता ने मंदाकिनी को हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान दिलाई।

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फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए मंदाकिनी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। हालांकि, इस फिल्म के लिए राज कपूर की पहली पसंद पद्मिनी कोल्हापुरे थीं, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था।

‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद मंदाकिनी ने ‘जाल’, ‘लोहा’, ‘डांस डांस’, ‘जीते हैं शान से’, ‘कमांडो’, ‘तेजाब’ और ‘जंगबाज’ जैसी कई फिल्मों में काम किया। वर्ष 1996 में प्रदर्शित फिल्म ‘जोरदार’ उनकी अंतिम फिल्म साबित हुई।

अपने फिल्मी करियर के दौरान मंदाकिनी का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ भी जोड़ा गया। उन्हें कई बार क्रिकेट मैदान पर दाऊद के साथ देखा गया था, हालांकि मंदाकिनी ने इन चर्चाओं पर कई बार सफाई दी।

वर्ष 1990 में मंदाकिनी ने बौद्ध धर्मगुरु डॉ. कगयुर टी रिंपोचे ठाकुर से विवाह कर लिया। वर्तमान समय में मंदाकिनी फिल्म इंडस्ट्री से दूर हैं और अपने निजी जीवन में व्यस्त हैं।

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डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

Rupee

डॉलर सूचकांक में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के भारत में निवेश बढ़ाने से गुरुवार को रुपया 26 पैसे मजबूत हुआ और कारोबार की समाप्त पर एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

भारतीय मुद्रा की बढ़त का यह पांचवां दिन था। इन पांच दिनों में यह 123 पैसे मजबूत हो चुकी है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह छह पैसे चढ़कर 95.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।

भारतीय मुद्रा आज 17 पैसे की बढ़त में 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। दोपहर तक यह नीचे 95.75 रुपये प्रति डॉलर तक गयी थी, लेकिन उसके बाद फिर अपनी बढ़त और मजबूत करते हुए 95.50 रुपये प्रति डॉलर तक उतरकर उसी स्तर पर बंद हुई।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को समाप्त दो दिन की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में न तो वृद्धि की और न ही इसके कोई संकेत दिये। इससे निवेशकों ने भारतीय बाजार का रुख किया।

इसके अलावा, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब एक फीसदी की गिरावट देखी गयी। इससे भी रुपये को समर्थन मिला। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार में 57.60 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया।

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रेड सी की सुरक्षा के लिए गठबंधन बना रहा सऊदी:50 देशों को न्योता भेजा; हूती विद्रोहियों के हमलों से जहाजों को बचाना मकसद

सऊदी अरब ने ऐलान किया है कि वह रेड सी (लाल सागर) में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाएगा। इसका मकसद यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों से जहाजों की रक्षा करना है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गठबंधन में शामिल होने के लिए कई देशों को न्योता भेजा गया है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि कौन-कौन से देश इसमें शामिल होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी औपचारिक घोषणा जल्द की जा सकती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सऊदी ने 50 से ज्यादा देशों को गठबंधन में शामिल होने का न्योता भेजा है। हालांकि अभी तक उन देशों की आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है। हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया था। इससे रेड सी के रास्ते भेजे जा रहे तेल की खेप पर असर पड़ा है। गठबंधन में कौन हो सकता है शामिल? मिडिल ईस्ट की न्यूज वेबसाइट अल-मॉनिटर के मुताबिक अमेरिका, पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किये, जिबूती, सोमालिया और सूडान को न्योता भेजा गया है। इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस और इटली समेत कई यूरोपीय देशों को भी निमंत्रण मिला है। इस रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि मिस्र, जिबूती और सूडान गठबंधन में शामिल होने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, सऊदी अरब का करीबी सहयोगी अमेरिका अभी तक आधिकारिक तौर पर गठबंधन में शामिल होने की पुष्टि नहीं कर पाया है, लेकिन उसके इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सऊदी रक्षा मंत्री की अमेरिकी नेताओं से मुलाकात एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ इमरजेंसी बैठक की। बैठक से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रिंस खालिद ने अमेरिका से कहा कि सऊदी अरब, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध को और फैलाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर वह अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 28 फरवरी से अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद, ईरान जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंस खालिद ने जेडी वेंस से यह भी कहा कि सऊदी अरब, यमन के हूती विद्रोहियों से निपटने में सक्षम है और फिलहाल उसे इस मामले में अमेरिका की सैन्य मदद की जरूरत नहीं है। दुनिया के लिए रेड सी इतना अहम क्यों है? रेड सी दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इसके एक तरफ सऊदी अरब और यमन हैं, जबकि दूसरी तरफ मिस्र, सूडान, इरिट्रिया, जिबूती और सोमालिया स्थित हैं। दुनिया के करीब 30% समुद्री व्यापार का आवागमन इसी रास्ते से होता है। रेड सी में आने-जाने के केवल दो रास्ते हैं। पूर्व में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और पश्चिम में स्वेज नहर। इसलिए इनमें से किसी एक रास्ते में रुकावट आने पर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ता है। बाब अल-मंदेब अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 29 किलोमीटर चौड़ा है। इसी वजह से यहां जहाजों के आने और जाने के लिए केवल दो समुद्री लेन हैं। ईरान जंग के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के कारण सऊदी अरब अपना ज्यादातर तेल इसी रास्ते से भेज रहा है। लेकिन अब इस रास्ते में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का असर बढ़ गया है। ईरान जंग से एक चौथाई सप्लाई पर असर पड़ा सामान्य समय में दुनिया के लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। अब होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी, दोनों क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया की करीब 25% ऊर्जा आपूर्ति किसी न किसी रूप में इस संघर्ष से प्रभावित हो रही है। शिपिंग पर टोल लगाने की योजना रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोही शिपिंग पर शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं। यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एर्यानी ने बुधवार को इस खबर की पुष्टि की और आरोप लगाया कि इसमें ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) शामिल है। एर्यानी ने चेतावनी दी कि यह एक खतरनाक कदम है, जिसका उद्देश्य समुद्री गलियारे को मिलिशिया की गतिविधियों के लिए फंडिंग का जरिया बनाना है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत, प्राकृतिक जलडमरूमध्य के किनारे स्थित देशों को टोल वसूलने की अनुमति नहीं है। वैश्विक व्यापार और तेल कीमतों पर असर लाल सागर में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति लाइनों पर बुरा असर पड़ा है। रॉयटर्स के अनुसार, सप्ताहांत में लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर केवल 11 रह गई, जबकि 2023 से पहले प्रतिदिन 70 से अधिक जहाज यहां से गुजरते थे। फरवरी में अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से तेल की कीमतें अस्थिर हैं। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 88.09 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि पिछले हफ्ते कीमतें 100 डॉलर के पार चली गई थीं।

क्रिस वुड ने लॉर्जकैप स्टॉक्स में तेजी की जताई उम्मीद, कहा- यह सोने में फिर से निवेश शुरू करने का सही वक्त

जेफरीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस वुड का मानना है कि लंबी अवधि में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। उनका यह भी कहना है कि लंबे समय तक मिडकैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन के बाद अब लार्जकैप स्टॉक्स की बारी है। मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता को दिए इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कई अहम बातें बताईं।

गोल्ड में निवेश शुरू करने की सलाह

वुड ने कहा कि मिडकैप स्टॉक्स की अर्निंग्स ग्रोथ और रिटर्न स्ट्रॉन्ग रहे हैं। अब ब्लूचिप स्टॉक्स का रफ्तार पकड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने इनवेस्टर्स को हालिया कंसॉलिडेशन (सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव) के बाद सोने में निवेश शुरू करने की भी सलाह दी। गोल्ड की कीमतें इस साल जनवरी की आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई।

मिडकैप की अर्निंग्स ग्रोथ लार्जकैप से ज्यादा

उन्होंने कहा, “रुपये में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए पिछले साल भारतीय शेयर बाजारों का कुल रिटर्न बहुत खराब नहीं रहा। इंडियन मार्केट में मिडकैप स्टॉक्स को लेकर मेरी राय सबसे ज्यादा पॉजिटिव रही है। उनकी अर्निंग्स ग्रोथ ब्लूचिप शेयरों के मुकाबले ज्यादा रही है।”

अब लार्जकैप स्टॉक्स में दिख सकती है तेजी

लंबी अवधि में भारतीय बाजारों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए वुड ने कहा कि मिडकैप शेयरों के शानदार प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि अब लार्जकैप स्टॉक्स में तेजी दिख सकती है। उनका मानना है कि पिछले 18 महीनों में इंडियन मार्केट्स में लार्जकैप शेयरों में स्ट्रॉन्ग थीम का अभाव रहा है। इंडिया में रिवर्स AI ट्रेड देखने को मिला है। इंडिया में एक सेक्टर है, जिसे एआई से बड़ा खतरा है। वह सेक्टर आईटी है।

मध्यपूर्व में लड़ाई से सोने में उछाल नहीं आया

सोने के बारे में वुड ने कहा कि हाल में ऊंचे लेवल से गिरने के बाद सोने की कीमतें अब ऐसे लेवल पर आ गई है, जिस पर इसमें निवेश बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “ईरान वॉर शुरू होने पर गोल्ड की कीमत ने नया हाई नहीं बनाया। यह मेरे लिए एक संकेत था कि गोल्ड की कीमतें फिलहाल अपने पीक पर पहुंच गई हैं और हम कंसॉलिडेशन के दौर में प्रवेश कर चुके हैं।”

डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड की वजह से सोना अट्रैक्टिव

वुड ने कहा, “हम इस ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तर पर हैं। मेरा मानना है कि लोगों को फिर से सोने में निवेश शुरू करना चाहिए। लंबी अवधि में सोने को पसंद करने की वजह यह है कि मैं अब भी डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड पर भरोसा करता हूं। “

(नलिन मेहता मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर और नेटवर्क18 में चीफ एआई ऑफिसर-एडिटोरियल ऑपरेशंस हैं। नलिन ‘द न्यू बीजेपी: मोदी एंड द मेकिंग ऑफ द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पॉलिटिकल पार्टी’ किताब के लेखक हैं।)

US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Rate Today: देश में सोना हुआ और सस्ता, फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद विदेश में कीमत बढ़ी; चेक करें नए रेट

देश में सोने की कीमत और नीचे आ गई है। 30 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव और कम हो गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 143650 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। भारतीय रुपये की मजबूती से देश के अंदर कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। रुपया मजबूत होने पर विदेशी मुद्रा में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इससे सर्राफा कारोबारियों के लिए लागत कम रहती है। लिहाजा भारत में सोने के खुदरा भाव में कमी दिखने लगती है।

रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के भाव में तेजी है। यह बढ़कर 4,080.38 डॉलर प्रति औंस हो गया है। अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स भी बढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी जुलाई की मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के 3.50%-3.75% पर ही छोड़ दिया है। ब्याज दरों में कमी या इसे स्थिर रखा जाना, सोने और चांदी जैसे एसेट्स के लिए पॉजिटिव ट्रिगर का काम करता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132990143650
मुंबई131540143500
अहमदाबाद131590143550
चेन्नई131540143500
कोलकाता131540143500
हैदराबाद131540143500
जयपुर131690143650
भोपाल131590143550
लखनऊ131690143650
चंडीगढ़131690143650

चांदी का भाव

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी देश के अंदर गिरावट है। 30 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत बढ़कर 58.20 डॉलर प्रति औंस हो गई है।

अमेरिका ने ईरान पर फिर हमले शुरू किए:जॉर्डन में US बेस पर अटैक के बाद कार्रवाई; ट्रम्प बोले- अब हमारी बारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई जॉर्डन में उसके सैन्य ठिकानों और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। सेंटकॉम ने इसे ‘शक्तिशाली प्रतिक्रिया’ बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में कहा, “अब हमारी बारी है।” उन्होंने दावा किया कि ईरान को हमले की जानकारी थी और उसने अमेरिका से ऐसा न करने की अपील भी की थी। इससे एक दिन पहले अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए थे। वहीं मिस्र के दमिएटा बंदरगाह पर अमेरिकी स्वामित्व वाले गैस टैंकर ‘एनर्गोस विंटर’ पर भी ड्रोन हमला हुआ। बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.3% बढ़कर 88 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प ने ईरान को फिर दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर हालात बिगड़े तो अमेरिका ईरान पर “बहुत जोरदार हमला” करेगा। हालांकि उन्होंने भविष्य में समझौते की संभावना से भी इनकार नहीं किया। 2. अमेरिका-सऊदी के संयुक्त हमले, इराक में 20 PMF लड़ाके मारे गए: अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित PMF के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। PMF के मुताबिक, हमलों में कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हुए। 3. मिस्र के बंदरगाह पर अमेरिकी गैस टैंकर पर ड्रोन हमला: मिस्र के दमियत्ता पोर्ट पर अमेरिकी गैस स्टोरेज टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले के बाद आग लग गई, लेकिन प्रशासन ने हालात पर जल्द काबू पा लिया। 4. कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर के करीब, 100 डॉलर तक जाने की आशंका: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालात और बिगड़े तो कीमत 100 डॉलर तक जा सकती है। 5. ईरान बोला- हमारी इजाजत के बिना होर्मुज से कोई जहाज नहीं गुजरेगा: ईरानी नौसेना ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्र पर उसका पूरा नियंत्रण है। उसने कहा कि उसकी अनुमति के बिना किसी जहाज की आवाजाही नहीं हो सकती। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…