राहुल ने लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार के जमुई में 10वीं की छात्रा के साथ हुई बदसलूकी की घटना को लेकर बिहार सरकार से लड़कियों की सुरक्षा पर जवाब मांगा है।

श्री गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि जमुई में इस लड़की के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो बेहद विचलित करने वाला है।

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जिसमें 10वीं कक्षा के छात्र-छात्रा को सड़क पर रोककर प्रताड़ित और अपमानित किया गया तथा छात्रा के साथ अभद्रता की गयी। उन्होंने कहा कि छात्रा हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाती रही लेकिन उसके साथ गलत व्यवहार करते हुए उसे खींचकर ले जाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि वीडियो में नजर आ रहे प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर पॉक्सो के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए और शीघ्र न्याय मिलना चाहिए। श्री गांधी ने सवाल किया कि यदि घटना 19 सितंबर की है तो आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किए गए और बिहार में शाम के समय भी लड़कियां सुरक्षित क्यों नहीं हैं।

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नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने 2007 के नंदीग्राम हिंसा से जुड़े पांच और मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। श्री प्रधान फिलहाल जेल में बंद हैं।

प्रधान के अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने सोमवार सुबह न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में मामले का उल्लेख किया। दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने अधिवक्ता को याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी। मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी।

श्री मिलन प्रधान को शुक्रवार को पूर्वी मेदिनीपुर के चंडीपुर से 2007 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनमें मुवक्किल को पहले ही एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्हें पांच अन्य मामलों में भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने इन मामलों में गिरफ्तारी से सुरक्षा देने की मांग की।

श्री प्रधान छह अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।

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पुलिस के अनुसार, श्री प्रधान के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या के कथित इरादे से अपहरण, साक्ष्य नष्ट करने, अनधिकृत प्रवेश और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराधों से संबंधित मामले दर्ज हैं। ये मामले 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए थे।

पुलिस ने बताया कि श्री प्रधान के खिलाफ हत्या के चार मामले दर्ज हैं। इनमें तीन प्राथमिकी नंदीग्राम थाने और एक खेजुरी थाने में दर्ज की गयी थी। इन मामलों में श्री प्रधान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबे समय से लंबित थे। चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत लंबे समय से लंबित गैर-जमानती वारंट की तामील के लिए उनकी गिरफ्तारी की गयी।

हल्दिया अनुमंडलीय अदालत ने शनिवार को प्रधान को तीन अक्टूबर तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

पुलिस के मुताबिक रविवार को उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया, जिससे उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या पांच हो गयी है। श्री प्रधान की गिरफ्तारी के कुछ घंटे पहले ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करेगी। यह घोषणा सुश्री बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल खेमे की उम्मीदवार संचित प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद की गयी।

नंदीग्राम उपचुनाव में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कई घटनाक्रम सामने आए हैं। इनमें सुश्री बनर्जी और रितब्रत बनर्जी खेमों के बीच तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद भी शामिल है।

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केरल में भारी बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ से छह लोगों की मौत, चार लापता

केरल में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लापता हो गए। राज्य के कई हिस्सों, खासकर इडुक्की, कोट्टायम और मलप्पुरम जिलों के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हुई।

इडुक्की जिले के वट्टावडा में भूस्खलन से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मलप्पुरम में टीके कॉलोनी के पास कोट्टाप्पुझा में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से दो अन्य लोगों की जान चली गई। कल रात कोट्टायम जिले में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो और लोगों की मौत हो गई।

कोट्टाप्पुझा में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन पर्यटकों और एक स्थानीय महिला समेत चार लोग लापता हो गए हैं; बचाव दल उन्हें खोजने की कोशिशें तेज कर रहे हैं। यह घटना तब हुई जब घने जंगलों वाले इलाकों में भारी बारिश के कारण पानी का स्तर अचानक बढ़ गया।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले कुछ घंटों में पथानामथिट्टा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और कोझिकोड ज़िलों में मध्यम बारिश और 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं का अनुमान लगाया है।

बारिश तेज़ होने के बाद, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हर घंटे स्थिति का जायज़ा लेने का निर्देश दिया। आपदा प्रबंधन आयुक्त की अध्यक्षता में इडुक्की और कोट्टायम ज़िला कलेक्टरों के साथ हुई एक आपातकालीन बैठक में स्थिति और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के उपायों की समीक्षा की गई।

जोखिम वाले इलाकों में एसएमएस के ज़रिए अलर्ट और निर्देश भी जारी किए गए हैं। मलप्पुरम के अमरमबलम में टीके कॉलोनी इलाके में कुछ लोगों के लापता होने की ख़बरों के बाद वहाँ एक विशेष आपदा-प्रतिक्रिया टीम तैनात की गई है।

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वोट के लालच में गिरगिट की तरह रंग बदल रही है सपा: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को तंज कसते हुये कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रचारित ‘पीडीए रथ’ में अपने लाल रंग का कम और आरएसएस/भाजपा के ‘भगवा’ रंग का ज्यादा इस्तेमाल किया है।

सुश्री मायावती ने एक्स पर लिखा यूपी के आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी के लिये सपा प्रमुख का प्रचारित ‘पीडीए रथ’ में लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के भगवा रंग का (भगवाकरण) ज्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है।

उन्होने कहा वैसे भी यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से एहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी यूपी व केन्द्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाये और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बसपा के पक्ष में बदल रहे हैं।

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सुश्री मायावती ने कहा क्योंकि बसपा यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहाँ कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है और जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख्त जरूरत भी है।

बसपा सुप्रीमो ने कहा इसके साथ ही सपा को यह भी जनता को जरूर बता देना चाहिये कि अब इनके ‘पीडीए’ की असली वास्तविकता क्या है क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी ‘पीडी’ को ‘पिछड़ा, दलित’ बताया तो कभी ‘पीडी’ को ‘पण्डित’ बताया है।

उन्होंने कहा कभी अपने आपको ‘अम्बेडकरवादी’ दर्शाने के चक्कर में बसपा का ‘नीला’ रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है, किन्तु इसको लोगों ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया। बसपा सर्वसमाज हेतु ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा सभी को रोटी-रोजगार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है। इसीलिये सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है।

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ट्रंप ने ईरान को लेकर विकल्पों पर विचार किया, पूछा, ‘पूरे देश को कब तबाह कर दूं?’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें ईरान पर बड़े हमले का विकल्प भी शामिल है। उन्होंने सवाल किया, “मैं पूरे देश को कब तबाह कर दूं?”

ईरान को एक नई चेतावनी देते हुए श्री ट्रंप ने कहा कि वह ईरान युद्ध को लेकर “फैसला लेने की स्थिति” में हैं और निकट भविष्य में “बहुत बड़ी घटनाएं” होने वाली हैं। श्री ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान के उस बयान के बाद आई है जिसमें उसने कहा था कि उसने मध्यस्थों के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। इस बीच अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

श्री ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि वह “फैसला लेने की स्थिति” में हैं और निकट भविष्य में “बहुत बड़ी घटनाएं होने वाली हैं।” उन्होंने अपने सामने मौजूद विकल्पों में “ईरान का सफाया करना, उसे आर्थिक रूप से बर्बाद होने देना या कूटनीतिक समझौता करना” बताया है।

उन्होंने कहा, “मेरा सवाल है कि अगर और कब मैं पूरे देश को तबाह कर दूं? उन्हें बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें।”

श्री ट्रंप ने गुरुवार को भी कहा था कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि “ईरान में जाकर उसे पूरी तरह तबाह कर दूं या नहीं।” उन्होंने कहा था कि उनके साथ “कुछ भी हो सकता है।

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श्री ट्रंप की ताजा टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचने की उम्मीद है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी भी उनके साथ आ सकते हैं।

ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरानी अधिकारियों के एक “मुख्य प्रतिनिधिमंडल” को महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। श्री ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान श्री पेजेश्कियन से मुलाकात के लिए तैयार हो सकते हैं।

‘तस्नीम’ के अनुसार, श्री पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र की बैठक से इतर कई देशों के नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि ईरान को अपने विरोधियों का मुकाबला करने के लिए लड़ाई और बातचीत दोनों जारी रखनी चाहिए तथा जब युद्ध के मैदान में स्थिति उसके पक्ष में हो तो कूटनीति का इस्तेमाल करना चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक स्तर पर जारी लड़ाई कई महीनों से रुकी हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अब भी काफी अधिक है। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुआ 60 दिनों का समझौता पिछले महीने समाप्त हो गया। इसके बाद विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमले बढ़े हैं, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर रखा है। अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी भी जारी रखी है।

ईरान की शर्तों में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, ईरान के रोके हुए धन को जारी करना, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना, ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप रोकना और ईरानी क्षेत्र पर सभी अमेरिकी हमले रोकना शामिल हैं।

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कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

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78 वर्ष के हुये महेश भट्ट

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्मकार महेश भट्ट आज 78 वर्ष के हो गये।महेश भट्ट का जन्म 20 सितंबर 1948 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता नानाभाई भट्ट फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने फिल्मकार थे। घर में फिल्मी माहौल के कारण उनका रुझान भी फिल्मों की ओर हो गया और वह निर्देशक बनने का सपना देखने लगे। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह निर्माता- निर्देशक राज खोसला के सहायक के तौर पर काम करने लगे।महेश भट्ट ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1970 में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘संकट’ से की। इसके बाद उन्होंने बतौर निर्देशक ‘मंजिले और भी हैं’, ‘विश्वासघात’, ‘लहू के दो रंग’, ‘नया दौर’ और ‘अभिमन्यु’ जैसी कई फिल्में निर्देशित की लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कोई खास फायदा नहीं पहुंचा।

वर्ष 1982 में महेश भट्ट को फिल्म ‘अर्थ’ निर्देशित करने का अवसर मिला। फिल्म में स्मिता पाटिल, शबाना आजमी और कुलभूषण खरबंदा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। माना जाता है कि इस फिल्म के जरिये महेश भट्ट ने अभिनेत्री परवीन बॉबी के साथ अपने रिश्ते को दर्शाया था। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। वर्ष 1984 में प्रदर्शित फिल्म ‘सारांश’ महेश भट्ट के निर्देशन में बनी सुपरहिट फिल्म साबित हुई। फिल्म में अनुपम खेर और रोहिणी हथगड़ी और सोनी राजदान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में अपनी बेहतरीन पटकथा के लिए महेश भट्ट मॉस्को फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार से सम्मानित भी किये गए।

वर्ष 1986 में प्रदर्शित फिल्म ‘नाम’ महेश भट्ट निर्देशित अहम फिल्मों में शुमार की जाती है। राजेन्द्र कुमार निर्मित इस फिल्म में संजय दत्त और कुमार गौरव ने अहम भूमिका निभाई थी। यूं तो इस फिल्म के लगभग सभी गीत सुपरहिट साबित हुए लेकिन पंकज उधास की मखमली आवाज में ‘चिट्ठी आई है वतन से चिट्ठी आई है’ गीत आज भी श्रोताओं की आंखों को नम कर देता है।वर्ष 1986 से वर्ष 1989 महेश भट्ट के सिने करियर का बुरा वक्त साबित हुआ। इस दौरान उनकी ‘आज’, ‘काश’, ‘ठिकाना’, ‘कब्जा’ जैसी फिल्में प्रदर्शित हुईं लेकिन ये सभी फिल्में टिकट खिड़की पर बुरी तरह से नकार दी गयी। वर्ष 1989 में महेश भट्ट ने अपने भाई मुकेश भट्ट के साथ मिलकर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया और विशेष फिल्मस के बैनर तले ‘डैडी’ का निर्माण किया।

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वर्ष 1991 में ही महेश भट्ट निर्देशित एक और सुपरहिट फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ प्रदर्शित हुई। आमिर खान और पूजा भट्ट की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म की कहानी हॉलीवुड फिल्म ‘इट हैपेंड वन नाईट’ पर आधारित थी। फिल्म में पूजा भट्ट और आमिर खान ने अपने चुलबुले अंदाज से दर्शकों का दिल जीतकर फिल्म को सुपरहिट बना दिया। वर्ष 1993 में महेश भट्ट को एक बार फिर से अभिनेता आमिर खान के साथ फिल्म ‘हम है राही प्यार के’ में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में आमिर खान और जूही चावला की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसदं किया था।

वर्ष 1995 में महेश भट्ट ने छोटे पर्दे की ओर भी रुख कर लिया और शोभा डे की कहानी ‘स्वाभिमान’ को निर्देशित किया। यह धारावाहिक दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। वर्ष 1998 में प्रदर्शित फिल्म ‘तमन्ना’ महेश भट्ट के निर्देशन में बनी महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। वर्ष 1998 में महेश भट्ट की एक और सुपरहिट फिल्म ‘जख्म’ प्रदर्शित हुई। इस फिल्म के जरिये महेश भट्ट ने अयोध्या में हुए बावरी मस्जिद विध्वंस के बाद मुंबई में हुए दंगे में एक परिवार को त्रास्दी को रूपहले पर्दे पर पेश किया था। फिल्म में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए अजय देवगन जहां सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया वहीं महेश भट्ट को सर्वश्रेष्ठ कहानी के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार का सम्मान प्राप्त हुआ।

वर्ष 1999 में प्रदर्शित फिल्म ‘कारतूस’ की टिकट खिड़की की असफलता के बाद महेश भट्ट ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र से किनारा कर लिया। हालांकि उन्होंने फिल्मों की कहानी और स्क्रीनप्ले लिखना जारी रखा।महेश भट्ट अपने सिने करियर में तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किये गए। उन्होंने अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 50 फिल्मों का निर्देशन किया है।

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जेलर 2 में विद्या बालन का कांता के रूप में दमदार अवतार

सन पिक्चर्स ने ‘जेलर 2’ की एक झलक जारी की है , जिसमें अभिनेत्री विद्या बालन कांता के किरदार में दमदार अंदाज में नजर आ रही हैं। नीली साड़ी और हाथ में सिगरेट लिए विद्या का यह नया अवतार चर्चा में है।

अनिरुद्ध रविचंदर के बैकग्राउंड स्कोर के बीच झलक में कांता सीढ़ियों से नीचे उतरती दिखाई देती हैं। साड़ी का पल्लू संभालने का अंदाज और सिगरेट के कश लेते हुए उनका बेबाक तेवर किरदार के प्रभावशाली व्यक्तित्व की झलक देता है।

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नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बन रही ‘जेलर 2’ में रजनीकांत एक बार फिर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में राम्या कृष्णन और योगी बाबू के अलावा सूरज वेंजारामूडु, एस.जे. सूर्या और विद्या बालन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

सन पिक्चर्स निर्मित ‘जेलर 2’ दुनियाभर में 15 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी। फिल्म में विद्या बालन के कांता के रूप में परिचय ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

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10 मीटर एयर राइफल में हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक जीता, रुद्राक्ष पाटिल ने जीता कांस्य

भारत के हिमांशु ढिल्लों ने सोमवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि रुद्राक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीतकर पोडियम पर उनके साथ जगह बनाई।

इससे पहले आज यहां दिन में, हिमांशु और रुद्राक्ष ने पार्थ माने के साथ मिलकर आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में भी रजत पदक जीता था। आज मिले इस तीन पदकों के साथ, एशियाई खेल 2026 में निशानेबाजी में भारत के कुल पदक की संख्या बढ़कर पांच हो गई।

निशानेबाजी प्रतियोगिता के पहले दिन एलावेनिल वलारिवन और भारतीय महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने रजत पदक जीते थे। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत फ़ाइनल में, हिमांशु ने एक कड़े मुकाबले में रुद्राक्ष को 0.1 पॉइंट से पीछे छोड़ दिया। हिमांशु ने 252.4 का स्कोर किया, जबकि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन और दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी, चीन के शेंग लिहाओ ने 233.0 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता और सफलतापूर्वक अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा।

व्यक्तिगत फ़ाइनल में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। रुद्राक्ष शुरुआत में आगे चल रहे थे और 14 शॉट्स के बाद 148.2 के स्कोर के साथ बढ़त बनाए हुए थे, जबकि शेंग लिहाओ 147.7 और हिमांशु 147.4 के स्कोर के साथ उनके ठीक पीछे थे। इसके बाद हिमांशु ढिल्लों ने 10.9 का स्कोर करके रुद्राक्ष पाटिल से अंतर को 0.1 पॉइंट तक कम कर दिया, लेकिन 16 शॉट्स के बाद शेंग लिहाओ आगे निकल गए।

तीनों निशानेबाज धीरे-धीरे बाकी प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल गए और 20 शॉट्स के बाद शेंग लिहाओ 211.6 के स्कोर के साथ सबसे आगे थे। रुद्राक्ष पाटिल 210.6 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर थे, जबकि हिमांशु ढिल्लों उनसे 0.6 पॉइंट पीछे थे।

रुद्राक्ष के 21वें प्रयास में 9.7 का स्कोर महंगा साबित हुआ और इससे रैंकिंग बदल गई, जिससे हिमांशु दूसरे स्थान पर आ गए। आखिरकार रुद्राक्ष 230.9 के स्कोर के साथ बाहर हो गए, जो उनके साथी खिलाड़ी के स्कोर से सिर्फ़ 0.1 पॉइंट कम था। इसके बाद हिमांशु ढिल्लों ने आखिरी शॉट्स में शेंग लिहाओ को पीछे छोड़ने की कोशिश की, लेकिन चीनी शूटर ने अपनी बढ़त बनाए रखी और भारतीय खिलाड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

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यह नतीजा हिमांशु के लिए एक शानदार साल का समापन था, जिन्होंने 2026 की शुरुआत में नई दिल्ली में जूनियर पुरुष 10 मीटर एयर राइफल एशियन खिताब जीता था। वहीं, रुद्राक्ष ने उसी चैंपियनशिप में सीनियर कॉन्टिनेंटल खिताब जीता।

रुद्राक्ष पूर्व वर्ल्ड चैंपियन भी हैं। उन्होंने काहिरा में 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों का 10 मीटर एयर राइफल खिताब जीता था। वह हांगझोऊ 2023 में भारत की स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, जब उस तिकड़ी ने 1893.7 का तत्कालीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

दिन की शुरुआत में, हिमांशु, रुद्राक्ष और पार्थ ने कुल 1890.1 का स्कोर करके पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में रजत पदक जीता। हिमांशु 630.0 के स्कोर के साथ सोमवार के फाइनल के लिए सातवें स्थान पर क्वालीफाई हुए थे, जबकि रुद्राक्ष 631.8 के स्कोर के साथ तीसरे सबसे अच्छे क्वालीफायर के तौर पर फाइनल में पहुंचे थे। पार्थ 628.3 के स्कोर के साथ 11वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।

चीन ने 1899.0 के वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ टीम स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया ने 1884.2 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

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भारत की सुचिका तरियाल ने एमएमए में जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक

भारत की सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की पारंपरिक 60 किलोग्राम भार वर्ग की मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। इस के साथ वही इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली भारतीय बन गई। आज यहां 36 साल की भारतीय फाइटर को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में हुए कड़े सेमी-फ़ाइनल मुकाबले में सिंगापुर की टेओ हुई हून से 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले का फैसला करने के लिए एक अतिरिक्त मिनट का समय लेना पड़ा था।

एमएमए में सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को पदक मिलता है, क्योंकि एशियाई खेलों में कांस्य पदक के लिए अलग से कोई प्लेऑफ नहीं होता है।

सुचिका तरियाल ने रविवार को क्वार्टर-फ़ाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर अपना पदक पक्का कर लिया था।

हरियाणा के रोहतक की रहने वाली अनुभवी कॉम्बैट-स्पोर्ट एथलीट सुचिका ने जू-जित्सु और एमएमए में आने से पहले जूडो में अपनी पहचान बनाई थी। वह आठ बार की नेशनल जूडो चैंपियन हैं और उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। सुचिका ने बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में महिलाओं के 57किग्रा जूडो प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। सुचिका ने 2017 में एमएमए में पर्दापण किया था, जिसके बाद उन्होंने इस खेल से सात साल का ब्रेक लिया, लेकिन जूडो और जू-जित्सु में हिस्सा लेती रहीं और 2024 में प्रोफेशनल एमएमए में वापसी की।

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वह इस साल की शुरुआत में एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एशियन गेम्स में पहुंची थीं।

आइची-नागोया 2026 में एमएमए में भारत के दो खिलाड़ी शामिल थे।

पुरुषों की पारंपरिक 77 किग्रा स्पर्धा में शामिल वरुण सान्याल को क्वार्टर-फ़ाइनल मुकाबले से पहले मेडिकली अनफ़िट घोषित कर दिया गया, जिससे बिना खेले ही उनका सफर खत्म हो गया। वज़न कम करने की कोशिश के दौरान सान्याल को चक्कर आना, सिर घूमना, मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वज़न कम करने की कोशिश के तहत खाना-पीना कम करने के दौरान, सॉना लेने के लगभग 30 मिनट बाद उन्हें ये लक्षण महसूस हुए। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें अनफिट घोषित कर दिया और वे अपनी तय फाइट में हिस्सा नहीं ले पाए।

Pic Credit : UNI