Lenskart Block Deal: एक झटके में बिके 4.5 करोड़ शेयर, कीमत फिसली

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में ब्लॉक डील के तहत 4.5 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ है। ये शेयर कंपनी की 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। लेंसकार्ट का शेयर सुबह के कारोबार में पहले पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 2 प्रतिशत तक उछलकर BSE पर 673.35 रुपये के हाई तक गया। फिर यह लाल निशान में आया और 1.2 प्रतिशत तक टूटकर 653.20 रुपये के लो तक गया। शेयरों को किसने बेचा और किसने खरीदा, इसके बारे में अभी तक आधिकारिक रूप से डिटेल सामने नहीं आई है।

हालांकि शनिवार को CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब केमैन 2.6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री कर सकती है। ट्रांजेक्शन के लिए फ्लोर प्राइस 635 रुपये प्रति शेयर रह सकता है। इस आधार पर लगभग 30 करोड़ डॉलर के शेयर बिक सकते हैं। शेयर बेचने वाले के लिए बाकी हिस्सेदारी बेचने को लेकर 45 दिन का लॉक-अप पीरियड होगा।

लेंसकार्ट में जून 2026 तिमाही के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 17.53 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 82.05 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, इसमें से SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd के पास 9.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Lenskart का शेयर इस साल अब तक 50 प्रतिशत चढ़ा

लेंसकार्ट का मार्केट कैप 1.14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO 7278.02 करोड़ रुपये का था। शेयर साल 2026 में अब तक 50 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 28 प्रतिशत उछली है। हाल ही में MSCI इंडिया इंडेक्स में लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस के साथ-साथ लॉरस लैब्स, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स की एंट्री हुई है।

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स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

लेंसकार्ट के शेयर को कवर कर रहे 21 एनालिस्ट्स में से 17 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 3 ने ‘होल्ड’ और एक ने ‘सेल’ की सलाह दी है। जेफरीज ने स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि मांग के बजाय आपूर्ति कंपनी के लिए प्रमुख बाधा बनी हुई है। सिटी ने 650 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि लेंसकार्ट के मार्जिन को हायर एवरेज सेलिंग प्राइस, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज से लाभ होता है।

सिटी को उम्मीद है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार अच्छी बनी रहेगी। इसे स्टोर्स में बढ़ोतरी और कस्टमर एक्वीजीशन का सपोर्ट मिलेगा। HSBC ने स्टॉक के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और ​2028 के लिए EBITDA अनुमानों को क्रमशः 6 प्रतिशत और 5 प्रतिशत बढ़ाया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल; कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया के हालात समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

नए शुरू हो रहे सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमत और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों जैसे प्रमुख फैक्टर्स से तय होगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 468.42 अंकों की गिरावट रही। निफ्टी 114 अंक फिसला। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंड (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशक जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर करीबी नजर रखेंगे, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियों पर। इससे बेंचमार्क ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।

आगे कहा कि अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान, ड्यूरेबल गुड्स के ऑर्डर और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस से भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। भारत को लेकर बात करें तो निवेशकों की नजर रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर रहेगी।

छाए रहेंगे 3 प्रमुख मुद्दे

ऑनलाइन ट्रेडिंग एंड वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि वैश्विक बाजारों में इस सप्ताह 3 प्रमुख मुद्दे छाए रहेंगे। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की दिशा, एनवीडिया के तिमाही नतीजे और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव शामिल हैं। लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड के प्रमुख केविन वॉर्श के संबोधन पर करीबी नजर रहेगी। सितंबर में होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पहले निवेशक संकेत तलाशेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक लगातार बनी हुई महंगाई के जोखिमों और श्रम बाजार के नरम पड़ने के संकेतों को कैसे तौल रहा है।

पोनमुडी ने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें भी एक बड़ा बाहरी जोखिम बनी हुई हैं। उनके मुताबिक, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का समझौता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गया है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर जारी तनाव का केंद्र बन गया है और क्षेत्र में ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति प्रभावित हुई है।’’

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FPI की गतिविधियां

नए सप्ताह में निवेशक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के रुख पर भी नजर रखेंगे। इन निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजार में अपनी खरीद तेज की है। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिरता और बाजार की बेहतर संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। FPI ने अगस्त में अब तक भारतीय शेयर बाजार में 23,544 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका का मानना है कि निफ्टी में बीते लगातार दो सप्ताह गिरावट रही। अब भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कुछ स्थिरता आ सकती है और निकट अवधि में मामूली रिकवरी की उम्मीद है। बाजार की निगाह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी, जो 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा वैश्विक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Lenskart Block Deal: पीयूष बंसल की कंपनी में SVF II Lightbulb बेच सकती है ₹2871 करोड़ के शेयर

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में ब्लॉक डील के तहत लगभग 30 करोड़ डॉलर के शेयर बिक सकते हैं। CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब केमैन 2.6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री कर सकती है। ट्रांजेक्शन के लिए फ्लोर प्राइस 635 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। शेयर बेचने वाले के लिए बाकी हिस्सेदारी बेचने को लेकर 45 दिन का लॉक-अप पीरियड होगा।

लेंसकार्ट में जून 2026 तिमाही के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 17.53 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 82.05 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, इसमें से SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd के पास 9.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अगर ट्रांजेक्शन हुआ तो सोमवार, 24 अगस्त को लेंसकार्ट के शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 661.55 रुपये है।

कंपनी का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये है। लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO 7278.02 करोड़ रुपये का था। शेयर साल 2026 में अब तक 50 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 32 प्रतिशत उछली है। हाल ही में MSCI इंडिया इंडेक्स में लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस के साथ-साथ लॉरस लैब्स, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स की एंट्री हुई है।

जून तिमाही में Lenskart का मुनाफा 269 प्रतिशत बढ़ा

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 269.24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद 221.84 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3 प्रतिशत बढ़कर 2,714.18 करोड़ रुपये हो गया। भारत से रेवेन्यू 30.7 प्रतिशत बढ़कर 1,531 करोड़ रुपये रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 1,203 करोड़ रुपये हो गया।

लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने जून 2026 तिमाही के दौरान 132 नए स्टोर खोले। इसके बाद इसके एक्टिव स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 3,459 हो गई है। कुल खर्च 2483.52 करोड़ रुपये के दर्ज किए गए, जो जून 2025 तिमाही में 1836.58 करोड़ रुपये के थे।

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स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

लेंसकार्ट के शेयर को कवर कर रहे 21 एनालिस्ट्स में से 17 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 3 ने ‘होल्ड’ और एक ने ‘सेल’ की सलाह दी है। जेफरीज ने स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि मांग के बजाय आपूर्ति कंपनी के लिए प्रमुख बाधा बनी हुई है। सिटी ने 650 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि लेंसकार्ट के मार्जिन को हायर एवरेज सेलिंग प्राइस, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज से लाभ होता है।

सिटी को उम्मीद है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार अच्छी बनी रहेगी। इसे स्टोर्स में बढ़ोतरी और कस्टमर एक्वीजीशन का सपोर्ट मिलेगा। HSBC ने स्टॉक के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और ​2028 के लिए EBITDA अनुमानों को क्रमशः 6 प्रतिशत और 5 प्रतिशत बढ़ाया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gujarat Cotex: खाने के तेल और रियल एस्टेट में एंट्री की तैयारी, बोर्ड के सामने रखे जाएंगे दो नए बिजनेस प्रस्ताव

Gujarat Cotex: मल्टी-बिजनेस कंपनी गुजरात कॉटेक्स लिमिटेड खाने के तेल, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एंट्री की तैयारी कर रही है। कंपनी ने दो नए बिजनेस वर्टिकल ‘प्रभात ऑयल्स’ और ‘प्रभात इंफ्राटेक’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इन दोनों प्रस्तावों पर कंपनी के बोर्ड की अगली बैठक में फैसला होगा। मंजूरी मिलने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

‘प्रभात ऑयल्स’ से खाने के तेल कारोबार पर फोकस

Gujarat Cotex खाने वाले और रिफाइंड तेल के कारोबार में नए मौके तलाशना चाहती है। इसके लिए ‘प्रभात ऑयल्स’ नाम से अलग बिजनेस डिवीजन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

यह डिवीजन ट्रेडिंग, प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग, जॉब वर्क और इससे जुड़े दूसरे काम कर सकेगा। कंपनी का कहना है कि इस कारोबार में ‘प्रभात’ ब्रांड की पहचान और प्रमोटर ग्रुप के अनुभव का फायदा मिलेगा। इसका मकसद खाने के तेल के बाजार में मजबूत मौजूदगी बनाना और लंबे समय की ग्रोथ का आधार तैयार करना है।

‘प्रभात इंफ्राटेक’ से रियल एस्टेट में कदम

Gujarat Cotex रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी नए अवसर तलाशना चाहती है। इसके लिए ‘प्रभात इंफ्राटेक’ नाम से नया वर्टिकल शुरू करने का प्रस्ताव है।

यह डिवीजन सूरत और आसपास के इलाकों में रिहायशी, कमर्शियल और अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकता है। इसके अलावा धोलेरा स्मार्ट सिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भी संभावनाएं तलाशने की योजना है। कंपनी का कहना है कि हर प्रोजेक्ट का आकलन कमर्शियल पहलू, रणनीतिक जरूरत और लंबे समय में वैल्यू बनाने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

नए रेवेन्यू स्रोत बनाने की कोशिश

गुजरात कॉटेक्स का मानना है कि इन दोनों वर्टिकल से नए रेवेन्यू के मौके बन सकते हैं। साथ ही ‘प्रभात’ ब्रांड की पहचान और प्रमोटर ग्रुप के तजुर्बे का भी फायदा मिलेगा। कंपनी इन कारोबारों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम करेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Gujarat Cotex के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेशकुमार जयंतकुमार पारेख ने कहा कि ‘प्रभात ऑयल्स’ और ‘प्रभात इंफ्राटेक’ कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, खाने के तेल के कारोबार में ट्रेडिंग से लेकर रिफाइनिंग तक विस्तार की अच्छी संभावना है। वहीं, रियल एस्टेट में कंपनी ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनना चाहती है, जहां लंबे समय तक वैल्यू क्रिएशन की गुंजाइश हो।

कंपनी ने साफ किया है कि दोनों प्रस्ताव बोर्ड की मंजूरी और जरूरी कानूनी व रेगुलेटरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही लागू होंगे। मंजूरी मिलने पर इन बिजनेस वर्टिकल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।