Ramlila Maidan Rally: ‘AI फोटो भी ठीक से नहीं बनी’; रामलीला मैदान की रैली में भीड़ की तस्वीर पर सियासी घमासान! किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला

Ramlila Maidan Rally: चुनाव आयोग (ECI) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली के बाद अब भीड़ को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाया है। रिजिजू ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी को रामलीला मैदान को समर्थकों से भरा हुआ दिखाना ही था, तो कम से कम AI से बनाई गई तस्वीर को ठीक से तैयार करना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस पर फर्जी नैरेटिव फैलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।

किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए किरेन रिजिजू ने कांग्रेस की ओर से शेयर की गई कथित AI तस्वीर पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि रामलीला मैदान में बड़ी भीड़ दिखाने के लिए कांग्रेस को कम से कम AI से तैयार तस्वीर को सही तरीके से बनवाना चाहिए था। रिजिजू ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की फर्जी नैरेटिव टीम मैदान को भरा हुआ दिखाने के लिए बनाई गई AI तस्वीर भी ठीक से तैयार नहीं कर पाई।

उन्होंने X पर लिखा, “रामलीला मैदान में भारी भीड़ दिखाने के लिए, कांग्रेस पार्टी को कम से कम AI से बनी तस्वीर तो ठीक से तैयार करनी चाहिए थी।” उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, तस्वीर के AI से बनाए जाने और उसमें कथित गड़बड़ियों को लेकर रिजिजू ने आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने साझा की थी भारी भीड़ की तस्वीर

दरअसल, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली आयोजित की गई थी। इस रैली की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई, जिसमें मैदान समर्थकों की भारी भीड़ से भरा हुआ दिखाई दे रहा था। कांग्रेस सांसद वामसी गड्डम समेत पार्टी के कई नेताओं ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच रैली में जुटी भीड़ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। किरेन रिजिजू समेत कई बीजेपी नेताओं ने इसी तस्वीर को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने AI से तैयार तस्वीर के जरिए रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाने की कोशिश की।

किस मुद्दे पर आयोजित हुई थी INDIA गठबंधन की रैली?

रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली का मुख्य मुद्दा वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज कराना था। INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनावी सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए और इस प्रक्रिया पर अपनी आपत्ति जाहिर की। रैली के बाद अब राजनीतिक दलों के बीच मुद्दे से ज्यादा भीड़ और सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों को लेकर बयानबाजी देखने को मिल रही है।

बीजेपी-कांग्रेस के बीच बढ़ा सियासी टकराव

रामलीला मैदान की रैली को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ कांग्रेस नेताओं ने रैली की तस्वीरें शेयर कर समर्थकों की मौजूदगी दिखाई, तो दूसरी तरफ किरेन रिजिजू ने तस्वीर की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की रैली के मद्देनजर कुछ सड़कों को बंद किए जाने के कारण रविवार शाम आईटीओ समेत मध्य दिल्ली के कई प्रमुख रूट्स पर भारी जाम लग गया। कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके चलते इलाके में वाहनों की आवाजाही बढ़ गई और कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू कर दिए गए।

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Delhi AQI Today: दिवाली से पहले दिल्ली की हवा में घुलने लगा जहर! पारा गिरा तो प्रदूषण ने दी टेंशन, AQI 349 तक पहुंचा

Delhi AQI Today: दिवाली का त्योहार करीब आते ही देश की राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली होने लगी है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार (2 नवंबर) सुबह दिल्ली के ITO इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवाओं से लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन अब यह राहत खत्म होती दिखाई दे रही है। दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का बढ़ना राजधानी के लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

कितना बिगड़ा हवा का हाल?

CPCB के मुताबिक, सोमवार सुबह ITO में AQI 349 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक के मानकों के अनुसार, 301 से 400 के बीच AQI को ‘बेहद खराब’ (very poor) कैटेगरी में रखा जाता है। वहीं, 201 से 300 के बीच का AQI ‘खराब’ कैटेगरी में आता है। रविवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 261 दर्ज किया गया था। हालांकि, शाम होते-होते प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया।

रविवार शाम 6 बजे AQI 272, रात 10 बजे 287 और रात 11 बजे तक 290 पहुंच गया था। रविवार का औसत AQI 17 अप्रैल के बाद सबसे अधिक रहा। इससे पहले 17 अप्रैल को दिल्ली में AQI 263 दर्ज किया गया था। शुक्रवार को बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली की हवा में काफी सुधार हुआ था और AQI गिरकर 60 पर पहुंच गया था। यह ‘संतोषजनक’ कैटेगरी में आता है। लेकिन महज दो दिनों में हालात फिर बिगड़ गए।

दिल्ली के इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण

रविवार को दिल्ली के 59 में से 57 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों से आंकड़े उपलब्ध हुए। इनमें से 22 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में दर्ज की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ चुका है।

प्रमुख प्रदूषित इलाकों का AQI इस प्रकार रहा:-

इलाका                                                                                                                                         AQI

जहांगीरपुरी                                                                                                                                   378

रोहिणी                                                                                                                                           352

पंजाबी बाग                                                                                                                                     351

मुंडका                                                                                                                                            337

आरके पुरम                                                                                                                                    335

चांदनी चौक                                                                                                                                    328

PM2.5 बना प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह

दिल्ली के अधिकांश निगरानी केंद्रों पर PM2.5 प्रमुख प्रदूषण के रूप में सामने आया। कुल 57 केंद्रों में से 50 पर PM2.5 का स्तर सबसे अधिक प्रभावी रहा। जबकि बाकी सात केंद्रों पर PM10 प्रमुख प्रदूषक था। PM2.5 बेहद सूक्ष्म कण होते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। इनका लंबे समय तक संपर्क स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

क्या दिवाली तक और बिगड़ेगी दिल्ली की हवा?

केंद्र सरकार के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के पूर्वानुमान ने भी चिंता बढ़ा दी है। इसके मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को दिल्ली की हवा ‘खराब’ कैटेगरी में रह सकती है। जबकि बुधवार तक इसके ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में पहुंचने की आशंका जताई गई है। अगले छह दिनों के पूर्वानुमान में भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ कैटेगरी के बीच रहने की आशंका जताई गई है। ऐसे में दिवाली से पहले राजधानी के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।

पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण का योगदान

दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान भी बढ़ा है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान बढ़कर 18.57 प्रतिशत हो गया। इससे एक दिन पहले शनिवार को यह आंकड़ा महज 5.33 प्रतिशत था। यानी एक ही दिन में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का योगदान काफी बढ़ गया।

मौसम भी बन रहा प्रदूषण बढ़ने की वजह

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम में बदलाव भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। तापमान में गिरावट, हवा की स्पीड कम होना और कोहरे जैसी परिस्थितियां प्रदूषक कणों को वातावरण में निचली सतह के करीब रोक सकती हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम था। कम तापमान और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व आसानी से वातावरण से बाहर नहीं निकल पाते। यही वजह है कि दिल्ली में सुबह और रात के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस हो सकता है।

दिल्ली-NCR के लोगों के लिए बढ़ी चिंता

दिवाली से पहले दिल्ली की हवा का लगातार खराब होना स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता बढ़ा रहा है। अगर प्रदूषण का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में लोगों को और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच दिल्ली प्रशासन ने ‘विंटर एक्शन प्लान’ के पहले दिन 68.4 लाख रुपये का जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया। इस दौरान लगभग 15,000 गाड़ियों की जांच की गई। इनमें से सीमावर्ती इलाकों से 1,539 वाहनों को वापस लौटा दिया गया और पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) के नियमों का उल्लंघन करने पर 566 वाहनों का चालान काटा गया।

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Anant Ashray: नीता अंबानी का बड़ा ऐलान! अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगा अपना घर, 100 एकड़ में बनेगा ‘अनंत आश्रय’

Nita Ambani Anant Ashray Project: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। इस पहल का नाम ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय (Nita Mukesh Ambani Anant Ashray)’ रखा गया है। महाराष्ट्र के कर्जत में करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह परिसर 5,000 से अधिक अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को घर-परिवार जैसा माहौल और देखभाल उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को स्थायी घर, सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है, जिन्हें जीवन में परिवार के सहारे की कमी महसूस होती है।

इस परियोजना का भूमिपूजन और शिलान्यास रविवार 1 नवंबर को मुंबई के पास महाराष्ट्र के कर्जत में रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने किया। इस परियोजना को ऐसे आवासीय परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां अलग-अलग उम्र और जरूरतों वाले लोगों को एक सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण मिल सके।

यहां बच्चों को शिक्षा, बुजुर्गों को देखभाल और साथ मिलेगा। जबकि दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी जरूरत के अनुसार इलाज, पुनर्वास और विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भूमिपूजन के अवसर पर नीता अंबानी ने कहा कि अनंत आश्रय उनके और उनके परिवार के दिल के बेहद करीब है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां हर उम्र के व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने और हर नए दिन की ओर उम्मीद से देखने का अवसर मिलेगा।

‘हर बच्चे को प्यार और सुरक्षा मिलनी चाहिए’

इस पहल के पीछे की सोच बताते हुए नीता अंबानी ने कहा कि हर बच्चे को प्यार, सुरक्षा और देखभाल पाने का अधिकार है, भले ही उसके माता-पिता उसके साथ न हों। उन्होंने कहा, “मैं एक मां हूं और जानती हूं कि एक मां के लिए सबसे बड़ी खुशी अपने बच्चों को खुश, सुरक्षित और स्वस्थ देखना है। हर बच्चा उस प्यार और सुरक्षा का हकदार है, भले ही उसके पास माता-पिता न हों..। ‘अनंत आश्रय’ उन सवालों का जवाब देने और उन लोगों के लिए एक परिवार बनाने की हमारी विनम्र कोशिश है, जिन्होंने अपना परिवार खो दिया है या कभी परिवार का स्नेह महसूस ही नहीं किया।”

नीता अंबानी ने कहा कि इस केंद्र में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने, सुरक्षित माहौल में बड़े होने और अपने सपनों को पूरा करने के अवसर मिलेंगे। वहीं बुजुर्गों को सम्मान, साथ और उनकी जरूरतों के मुताबिक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “एक मां के तौर पर मेरी सबसे बड़ी उम्मीद है कि जिन माता-पिता को जीवनभर यह चिंता रही है कि उनके न रहने पर बच्चों की देखभाल कौन करेगा, उन्हें यह भरोसा मिल सके कि उनके बच्चे का हमेशा अपना घर और परिवार होगा।”

100 एकड़ में विकसित होगा ‘अनंत आश्रय’, बनेंगे 8 आवासीय गांव

‘अनंत आश्रय’ परियोजना करीब 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसकी खास बात यह होगी कि इसमें आठ आवासीय गांव बनाए जाएंगे। इन सभी गांवों के नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखे जाएंगे। यहां रहने वाले लोगों को बड़े संस्थागत भवनों के बजाय छोटे-छोटे घरों में रखा जाएगा। प्रत्येक आवासीय क्षेत्र में उनकी देखभाल के लिए समर्पित केयरगिवर्स और हाउस पैरेंट्स नियुक्त किए जाएंगे, ताकि हर व्यक्ति को व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग और पारिवारिक माहौल मिल सके। प्रोजेक्ट में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग देखभाल योजना तैयार की जाएगी। इसमें उनकी स्वास्थ्य स्थिति, शिक्षा की जरूरत और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा।

अस्पताल से लेकर पुनर्वास केंद्र तक, एक ही जगह मिलेंगी सभी हाईटेक सुविधाएं

‘अनंत आश्रय’ को केवल रहने की जगह के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी सुविधाओं वाले एक संपूर्ण परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।

इसमें कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रस्तावित हैं:-

  • विशेष अस्पताल: स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए विशेष इलाज की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • पुनर्वास केंद्र: दिव्यांग व्यक्तियों और विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए रिहैबिलिटेशन की सुविधा होगी।
  • समावेशी स्कूल: बच्चों को शिक्षा के अवसर दिए जाएंगे।
  • खेल सुविधाएं: शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल परिसर बनाए जाएंगे।
  • गार्डन और हरियाली: प्राकृतिक वातावरण के बीच रहने की व्यवस्था होगी।
  • वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर: लोगों को हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने के अवसर मिलेंगे।
  • बेकरी और कैफे: परिसर में रोजगार और गतिविधियों से जुड़े स्थान विकसित किए जाएंगे।
  • क्राफ्ट स्टूडियो: कला और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • एनिमल कंपैनियनशिप फार्म: लोगों को जानवरों के साथ समय बिताने और भावनात्मक जुड़ाव का अवसर मिलेगा।
  • हॉस्पिस विंग: विशेष देखभाल की जरूरत वाले लोगों के लिए सुविधा प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा परिसर में डॉक्टर, नर्स और थेरेपिस्ट की टीम भी होगी, जो जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएगी।

ऑटिज्म और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित लोगों को भी मिलेगी विशेष देखभाल

इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उन लोगों की सहायता करना भी है, जिन्हें लंबे समय तक चिकित्सा और विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसमें ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मिर्गी और अन्य विकास संबंधी दिव्यांगताओं से प्रभावित लोगों को भी शामिल किया जाएगा। ऐसे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति और व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी देखभाल की योजना बनाई जाएगी। अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, डॉक्टरों, नर्सों और थेरेपिस्ट की मदद से उन्हें नियमित मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

आसपास के गांवों के 1,000 लोगों को भी मिलेगा फायदा

‘अनंत आश्रय’ का लाभ सिर्फ परिसर में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इस पहल के तहत आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को भी सहायता देने की योजना बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र के करीब 1,000 लोगों को थेरेपी, एजुकेशन और रोजगार के अवसरों के माध्यम से लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आसपास के गांवों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं और आउटरीच कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी परियोजना

‘अनंत आश्रय’ प्रोजेक्ट को जरूरी सरकारी और अन्य अनुमतियां मिलने के अधीन चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसे एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में संचालित करने की परिकल्पना की गई है। इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग आयु वर्ग और अलग-अलग जरूरतों वाले लोगों को ऐसा स्थान देना है, जहां वे सम्मान, देखभाल, सुरक्षा और अपनेपन के साथ जीवन बिता सकें। नीता अंबानी की यह पहल अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा सुरक्षित आवासीय वातावरण तैयार करने की दिशा में है, जहां उन्हें सिर्फ रहने की जगह ही नहीं। बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और पारिवारिक माहौल भी मिल सके।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)