Delhi AQI Today: दिवाली से पहले दिल्ली की हवा में घुलने लगा जहर! पारा गिरा तो प्रदूषण ने दी टेंशन, AQI 349 तक पहुंचा

Delhi AQI Today: दिवाली का त्योहार करीब आते ही देश की राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली होने लगी है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार (2 नवंबर) सुबह दिल्ली के ITO इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवाओं से लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन अब यह राहत खत्म होती दिखाई दे रही है। दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का बढ़ना राजधानी के लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

कितना बिगड़ा हवा का हाल?

CPCB के मुताबिक, सोमवार सुबह ITO में AQI 349 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक के मानकों के अनुसार, 301 से 400 के बीच AQI को ‘बेहद खराब’ (very poor) कैटेगरी में रखा जाता है। वहीं, 201 से 300 के बीच का AQI ‘खराब’ कैटेगरी में आता है। रविवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 261 दर्ज किया गया था। हालांकि, शाम होते-होते प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया।

रविवार शाम 6 बजे AQI 272, रात 10 बजे 287 और रात 11 बजे तक 290 पहुंच गया था। रविवार का औसत AQI 17 अप्रैल के बाद सबसे अधिक रहा। इससे पहले 17 अप्रैल को दिल्ली में AQI 263 दर्ज किया गया था। शुक्रवार को बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली की हवा में काफी सुधार हुआ था और AQI गिरकर 60 पर पहुंच गया था। यह ‘संतोषजनक’ कैटेगरी में आता है। लेकिन महज दो दिनों में हालात फिर बिगड़ गए।

दिल्ली के इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण

रविवार को दिल्ली के 59 में से 57 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों से आंकड़े उपलब्ध हुए। इनमें से 22 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में दर्ज की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ चुका है।

प्रमुख प्रदूषित इलाकों का AQI इस प्रकार रहा:-

इलाका                                                                                                                                         AQI

जहांगीरपुरी                                                                                                                                   378

रोहिणी                                                                                                                                           352

पंजाबी बाग                                                                                                                                     351

मुंडका                                                                                                                                            337

आरके पुरम                                                                                                                                    335

चांदनी चौक                                                                                                                                    328

PM2.5 बना प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह

दिल्ली के अधिकांश निगरानी केंद्रों पर PM2.5 प्रमुख प्रदूषण के रूप में सामने आया। कुल 57 केंद्रों में से 50 पर PM2.5 का स्तर सबसे अधिक प्रभावी रहा। जबकि बाकी सात केंद्रों पर PM10 प्रमुख प्रदूषक था। PM2.5 बेहद सूक्ष्म कण होते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। इनका लंबे समय तक संपर्क स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

क्या दिवाली तक और बिगड़ेगी दिल्ली की हवा?

केंद्र सरकार के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के पूर्वानुमान ने भी चिंता बढ़ा दी है। इसके मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को दिल्ली की हवा ‘खराब’ कैटेगरी में रह सकती है। जबकि बुधवार तक इसके ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में पहुंचने की आशंका जताई गई है। अगले छह दिनों के पूर्वानुमान में भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ कैटेगरी के बीच रहने की आशंका जताई गई है। ऐसे में दिवाली से पहले राजधानी के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।

पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण का योगदान

दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान भी बढ़ा है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान बढ़कर 18.57 प्रतिशत हो गया। इससे एक दिन पहले शनिवार को यह आंकड़ा महज 5.33 प्रतिशत था। यानी एक ही दिन में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का योगदान काफी बढ़ गया।

मौसम भी बन रहा प्रदूषण बढ़ने की वजह

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम में बदलाव भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। तापमान में गिरावट, हवा की स्पीड कम होना और कोहरे जैसी परिस्थितियां प्रदूषक कणों को वातावरण में निचली सतह के करीब रोक सकती हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम था। कम तापमान और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व आसानी से वातावरण से बाहर नहीं निकल पाते। यही वजह है कि दिल्ली में सुबह और रात के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस हो सकता है।

दिल्ली-NCR के लोगों के लिए बढ़ी चिंता

दिवाली से पहले दिल्ली की हवा का लगातार खराब होना स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता बढ़ा रहा है। अगर प्रदूषण का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में लोगों को और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच दिल्ली प्रशासन ने ‘विंटर एक्शन प्लान’ के पहले दिन 68.4 लाख रुपये का जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया। इस दौरान लगभग 15,000 गाड़ियों की जांच की गई। इनमें से सीमावर्ती इलाकों से 1,539 वाहनों को वापस लौटा दिया गया और पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) के नियमों का उल्लंघन करने पर 566 वाहनों का चालान काटा गया।

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