लगभग एक साल से लाल निशान में दिख रहे रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में अब हरियाली आती दिख रही है. JIO की शानदार लिस्टिंग और रिलायंस के जानदार तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक में जबरदस्त तेजी है. सोमवार को मार्केट खुलते ही स्टॉक, इंट्राडे में 6% तक चढ़ गया. सबसे बड़ी बात ये है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक को लेकर दिग्गग ब्रोकरेज भी अब बुलिश नजर आ रहे हैं. नोमुरा ने स्टॉक पर Buy रेटिंग बनाए रखते हुए 1,560 रुपये का टारगेट दिया है, जबकि गोल्डमैन सैक्स ने तो 1,840 रुपये तक का बड़ा टारगेट प्राइस रखा है।
बाजार में सबसे आगे दौड़ा रिलायंस
सोमवार की सुबह बाजार में अगर किसी एक शेयर की सबसे ज्यादा चर्चा रही, तो वो रिलायंस था। स्टॉक Nifty 50 का टॉप गेनर बना और इंडेक्स को ऊपर ले जाने में सबसे बड़ा योगदान भी इसी का रहा। NSE और BSE, दोनों एक्सचेंज पर ये सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला शेयर भी बन गया।
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाले इस ग्रुप का मार्केट कैप 16.77 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस की इस तेजी ने पूरे बाजार का मूड बदल दिया। सुबह करीब 9:40 बजे Sensex 966 अंक यानी 1.3% चढ़कर 75,426 पर कारोबार कर रहा था। Nifty भी 255 अंक यानी 1.1% की बढ़त के साथ 23,309 पर था। एक बड़े शेयर में जब ऐसी तेजी आती है तो उसका असर पूरे इंडेक्स पर दिखता है, और सोमवार को यही नजारा देखने को मिला।
नोमुरा का भरोसा, 1,560 रुपये का टारगेट
नोमुरा ने नतीजों के बाद रिलायंस पर अपनी Buy रेटिंग कायम रखी है और 1,560 रुपये का टारगेट दिया है। शुक्रवार के बंद भाव 1,164.90 रुपये से देखें तो ये करीब 33.9% के अपसाइड की ओर इशारा करता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की रिकॉर्ड कमाई के पीछे रिफाइनिंग क्रैक्स का कई दशकों के ऊंचे स्तर पर पहुंचना सबसे बड़ी वजह रही। नोमुरा के मुताबिक कंसोलिडेटेड EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 19% बढ़ा और ये उसके अनुमान से 9% ज्यादा रहा। मतलब कंपनी ने न सिर्फ पिछली तिमाही से बेहतर प्रदर्शन किया, बल्कि ब्रोकरेज की उम्मीदों को भी पीछे छोड़ दिया।
गोल्डमैन सैक्स को दिख रहा 58% का उछाल
गोल्डमैन सैक्स इस मामले में और भी ज्यादा बुलिश है। ब्रोकरेज ने Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,840 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ये शुक्रवार के बंद भाव 1,164.90 रुपये से 58% ऊपर है।
गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक दूसरी तिमाही में रिलायंस का EBITDA उसके अनुमान से 9% ज्यादा रहा, और इसकी अगुवाई O2C कारोबार के मजबूत प्रदर्शन ने की। ब्रोकरेज ने आगे के लिए एक बात पर ध्यान भी दिलाया है। उसका मानना है कि दिसंबर तिमाही में रिफाइनिंग मार्जिन कुछ नरम पड़ सकते हैं। इसकी वजह बहुत बड़े कच्चे तेल जहाजों यानी VLCC का बढ़ा हुआ भाड़ा होगा। इस असर की कुछ भरपाई सस्ते भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने से हो सकती है।
अब तक की सबसे बड़ी तिमाही
जुलाई से सितंबर की तिमाही यानी Q2 FY27 रिलायंस के लिए अब तक की सबसे शानदार तिमाही रही। रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट, तीनों ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन के पीछे ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल कारोबार की ग्रोथ रही।
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 28% बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। EBITDA 24% बढ़कर रिकॉर्ड 62,409 करोड़ रुपये रहा। नेट प्रॉफिट में 34% का उछाल आया और ये 29,550 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ये भी किसी एक तिमाही में कंपनी का सबसे बड़ा मुनाफा है।
O2C कारोबार ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
इस तिमाही का असली हीरो O2C कारोबार रहा। इसने भी अपना अब तक का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया। O2C का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही से 44.2% बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA में तो 67.9% की छलांग लगी और ये 25,203 करोड़ रुपये हो गया।
इस उछाल को समझने के लिए ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक्स पर नजर डालनी होगी। ये रिफाइनिंग मार्जिन का पैमाना है, यानी कच्चे तेल को पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन में बदलकर कंपनी कितना कमा रही है। तिमाही में ये क्रैक्स एक साल पहले के मुकाबले 3 से 3.7 गुना तक बढ़ गए और ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए। रिफाइनरी चलाने वाली कंपनी के लिए इससे अच्छा माहौल शायद ही मिले, और रिलायंस ने इसका पूरा फायदा उठाया।
Jio की कमाई भी बढ़ी
डिजिटल सर्विसेज कारोबार ने भी तिमाही में बढ़त दर्ज की। Jio Platforms का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 11.3% बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA 16.6% बढ़कर 21,879 करोड़ रुपये रहा।
इस ग्रोथ के पीछे तीन चीजों का हाथ रहा। नए सब्सक्राइबर जुड़े, हर यूजर से होने वाली औसत कमाई यानी ARPU बढ़ी और डिजिटल सर्विसेज का दायरा फैला। गोल्डमैन सैक्स और नोमुरा, दोनों ब्रोकरेज ने टेलीकॉम कारोबार में लगातार बनी हुई ग्रोथ को अपनी रिपोर्ट में खास तौर पर रेखांकित किया है।
रिटेल कारोबार बना कमजोर कड़ी
रिकॉर्ड नतीजों के बीच एक हिस्सा ऐसा भी रहा जिसने ब्रोकरेज को थोड़ा खटकाया। दोनों ब्रोकरेज के मुताबिक रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से कमजोर रहा। इसकी दो वजहें बताई गई हैं। पहली, त्योहारी मांग का समय खिसक जाना। दूसरी, डिजिटल कॉमर्स में किया जा रहा निवेश।
इसके बावजूद दोनों ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपना भरोसा कायम रखा है। मजबूत रिफाइनिंग कमाई और टेलीकॉम में स्थिर ग्रोथ के दम पर नोमुरा और गोल्डमैन सैक्स, दोनों ने Buy रेटिंग बनाए रखी है। सोमवार की सुबह शेयर में आई 6% से ज्यादा की तेजी बताती है कि बाजार भी फिलहाल इसी भरोसे के साथ खड़ा है।
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