क्या कोई प्राइवेट कंपनी आपके ITR और EPFO डेटा को एक्सेस कर सकती है? जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है

क्या प्राइवेट कंपनियां आपका इनकम टैक्स रिटर्न या प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड एक्सेस कर सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से उन आरोपों की जांच करने को कहा है जिनमें यह कहा गया है कि प्राइवेट वेरिफिकेशन कंपनियां लोगों के एंप्लॉयमेंट और फाइनेंशियल जानकारियां एक्सेस कर रही हैं और उनका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रही हैं।

आईटीआर और ईपीएफओ को डेटा को संवेदनशील माना जाता है

सरकार ने एक जनहित याचिका पर यह निर्देश जारी किया है। इस याचिका में कहा गया है कि एक ऐसा कमर्शियल ईकोसिस्टम बना है, जिसमें EPFO/UAN Records और PAN से जुड़े फाइनेंशियल डेटा को प्राइवेट कंपनियां एक्सेस कर रही हैं। ऐसे डेटा को काफी संवेदनशील माना जाता है।

याचिकाकर्ता ने प्राइवेट कंपनियों के डेटा के एक्सेस पर सवाल उठाए हैं

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि किसी कंपनी को ऐसी जानकारियां गैरकानूनी तरीके से एक्सेस करते नहीं पाया है। उसने यह भी नहीं कहा है कि प्राइवेट कंपनियों के पास लोगों के आईटीआर और ईपीएफओ रिकॉर्ड के इस्तेमाल की आजादी है। लेकिन, इस याचिका से एक बड़ा मसले को लेकर सवाल उठे हैं, जो करोड़ों भारतीयों से जुड़ा है।

डेटा एक्सेस के मसले से जुड़े तीन अहम सवाल सामने आए हैं

इस मसले से जुड़े कई सवाल हैं। पहला, सरकारी एजेंसियों के पास लोगों की जो व्यक्तिगत जानकारियां हैं, उनमें से किन जानकारियों का इस्तेमाल प्राइवेट कंपनियां कर सकती हैं? दूसरा, उनके इस्तेमाल का तरीका क्या होगा? तीसरा, क्या वे व्यक्ति विशेष से उसकी इन जानकारियों के इस्तेमाल की इजाजत लेती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत जानकारियों के इस्तेमाल पर चिंता जताई है

सुप्रीम कोर्ट ने लोगों की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियों के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। उसने सरकार से इस मामले की जांच करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि सरकार इस समस्या पर लगाम लगाने के तरीके पर विचार कर सकती है। वह इस फील्ड के एक्सपर्ट्स की मदद ले सकती है।

याचिकाकर्ता ने कुछ प्राइवेट सर्विसेज के एडवर्टाइजमेंट पर सवाल उठाए हैं

याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में उन प्राइवेट सर्विसेज का जिक्र किया है, जो कथित रूप से ‘ईपीएफओ पासबुक एपीआई’, ‘फॉर्म26 एपीआई’ और ‘इनकम टैक्स रिटर्न एपीआई’ जैसे प्रो़क्ट्स का विज्ञापन देती हैं। उन्होंने कहा है कि इससे यह सवाल उठता है कि ऐसी संवेदनशील जानकारियां कैसे हासिल या वेरिफाय की जा रही हैं।

Income Tax Refund: अभी तक इनकम टैक्स रिफंड नहीं आया? ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

Income Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद ज्यादातर टैक्सपेयर्स को रिफंड का इंतजार रहता है। कई लोगों के खाते में रिफंड जल्दी आ जाता है। हालांकि, कुछ लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अगर आपने भी रिटर्न भर दिया है, लेकिन अभी तक रिफंड नहीं मिला, तो इसकी कई वजहें हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि रिफंड किन कारणों से अटक सकता है।

1. ITR अभी प्रोसेस नहीं हुआ

रिटर्न फाइल करने के बाद इनकम टैक्स विभाग उसकी जांच करता है। जब तक ITR प्रोसेस नहीं होगा, तब तक रिफंड जारी नहीं किया जाएगा। अगर पोर्टल पर ‘Return Under Processing’ दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि विभाग अभी आपके रिटर्न की जांच कर रहा है।

2. बैंक अकाउंट में दिक्कत

रिफंड सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। अगर आपका बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट नहीं है, PAN से लिंक नहीं है या बैंक की जानकारी गलत है, तो रिफंड अटक सकता है। इसलिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर बैंक अकाउंट का स्टेटस एक बार जरूर जांच लें।

3. ITR में कोई गलती

अगर रिटर्न में बैंक अकाउंट नंबर, IFSC, आय, TDS या दूसरी जानकारी गलत भर दी गई है, तो रिफंड में देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में जरूरत पड़ने पर संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल करना पड़ सकता है।

4. TDS और AIS में अंतर

अगर आपके ITR में दी गई TDS की जानकारी, Form 26AS या AIS से मेल नहीं खाती, तो इनकम टैक्स विभाग अतिरिक्त जांच कर सकता है। इससे रिफंड आने में ज्यादा समय लग सकता है।

5. रिटर्न जांच के लिए चुना गया

कुछ ITR को विभाग स्क्रूटनी या अतिरिक्त वेरिफिकेशन के लिए चुनता है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने के बाद ही रिफंड जारी किया जाता है। अगर विभाग की तरफ से कोई नोटिस आया है, तो उसका जवाब समय पर देना जरूरी है।

रिफंड का स्टेटस कैसे चेक करें?

  • इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें।
  • e-File मेन्यू में जाकर Income Tax Returns पर क्लिक करें।
  • View Filed Returns विकल्प चुनें।
  • संबंधित असेसमेंट ईयर (Assessment Year) का ITR चुनें।
  • यहां आपको रिटर्न और रिफंड का मौजूदा स्टेटस दिख जाएगा।
  • अगर रिफंड जारी हो चुका है, तो उसका ट्रांजैक्शन रेफरेंस और भुगतान की जानकारी भी यहीं मिल जाएगी।

RBI का बड़ा फैसला: लोन की EMI चूकने पर नियम बदले, जानिए बैंक क्या कर सकते हैं और क्या नहीं

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

ITR: 31 जुलाई तक फाइल किए गए करीब 6 करोड़ रिटर्न, इनकम के ट्रेंड में दिखा दिलचस्प बदलाव

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख तक कुल 5.9 लाख रिटर्न फाइल हुए। आईटीआर फॉर्म-1 और आईटीआर फॉर्म-2 से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। फाइल कुल रिटर्न की संख्या की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अगस्त को दी है।

आईटीआर-3 और ITR-4 फॉर्म वाले टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की 31 जुलाई की अंतिम तारीख उन टैक्सपेयर्स के लिए थी, जिनके अकाउंट्स का ऑडिट जरूरी नहीं है। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी बिजनेस और प्रोफेशनल इनकम है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त है। आईटीआर-1 का इस्तेमाल ऐसे रेजिडेंट इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स करते हैं, जिनकी कुल सालाना इनकम 50 लाख रुपये तक होती है। उनकी इनकम में सैलरी, एक घर से इनकम और 5,000 रुपये तक की एग्रीकल्चर इनकम शामिल हो सकती है।

अब ज्यादातर टैक्सपेयर्स की इनकम का स्रोत सिर्फ सैलरी नहीं

ITR फॉर्म 2 उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई इनकम नहीं है, लेकिन कैपिटल गेंस से इनकम है। टैक्स फाइलिंग प्लेटफॉर्म क्लियरटैक्स के डेटा के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में टैक्स फाइलिंग का पैटर्न बदला है। अब ज्यादा टैक्सपेयर्स सैलरी के अलावा इनकम के दूसरे स्रोतों की भी रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

कैपिटल गेंस दिखाने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या भी बढ़ी

इस साल रिटर्न फाइल कर चुके टैक्सपेयर्स में से सिर्फ 42 फीसदी ने सैलरी को इनकम का मुख्य स्रोत दिखाया है। AY2022-23 में यह संख्या 82 फीसदी थी। टैक्सपेयर्स के इनकम में कैपिटल गेंस बड़ा स्रोत के रूप में सामने आया है। कैपिटल गेंस से इनकम वाले टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी इस साल 39 फीसदी पहुंच गई। AY2022-23 में यह सिर्फ 9 फीसदी थी।

बिजनेस इनकम रिपोर्ट करने वाले टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी बढ़कर 26 फीसदी

बिजनेस इनकम रिपोर्ट करने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या भी बढ़कर 26 फीसदी पहुंच गई है। AY2022-23 में यह सिर्फ 4 फीसदी थी। इससे यह संकेत मिलता है कि सेल्फ-एंप्लॉयमेंट वाले लोग अब पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न फाइल कर रहे हैं। यह ट्रेंड हर उम्र वर्ग के टैक्सपेयर्स में देखने को मिला है। सीनियर सिटीजंस में ऑनलाइन रिटर्न फाइल करे वाले लोगों की संख्या बढ़कर 53 फीसदी हो गई है।

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होम लोन, कार लोन सहित दूसरी जरूरतों की वजह से ज्यादा लोग फाइल कर रहे रिटर्न

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसलिए भी अब पहले के मुकाबले ज्यादा लोग रिटर्न फाइल कर रहे हैं, क्योंकि अब होम लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड और रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न मांगा जा रहा है। अब रिटर्न फाइल करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रह गया है। टैक्सपेयर्स इसे गंभीरता से ले रहे हैं। सरकार ने रिटर्न फाइल प्रोसेस को पहले के मुकाबले काफी आसान बना दिया है। इसका फायदा भी मिल रहा है।

Income Tax Return: 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने का मौका चूक गए? जानिए अब आपके लिए क्या हैं विकल्प

अगस्त का महीना शुरू हो गया है। रुपये-पैसे से जुड़े कई नियम आज से बदल गए हैं। आज से आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फॉर्म से रिटर्न भरने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही आईटीआर-3 और आईटीआर-4 फॉर्म से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त को खत्म हो जाएगी। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर तक फाइल किया जा सकता है

ITR-1 और ITR-2 फॉर्म से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। अगर किसी वजह से आप डेडलाइन तक रिटर्न फाइल करने से चूक गए हैं तो आप इस साल 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके लिए आपको पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट देना होगा। ऐसे टैक्सपेयर्स का रिफंड आने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए पेनाल्टी चुकानी होगी

ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए 5000 रुपये पेनाल्टी चुकानी होगी। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये तक है उन्हें 1000 रुपये पेनाल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234ए के तहत बकाया टैक्स पर इंटरेस्ट चुकाना होगा।

ये टैक्सपेयर्स बगैर पेनाल्टी 31 अगस्त तक फाइल कर सकते हैं रिटर्न

ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके लिए आईटीआर-3 या आईटीआर-4 का इस्तेमाल करना जरूरी है और जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। इस कैटेगरी में सेल्फ-एंप्लॉयड प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, छोटे कारोबारी जैसे टैक्सपेयर्स आते हैं। इसके अलावा ऐसे टैक्सपेयर्स भी इस कैटेगरी में आते हैं, जिन्होंने सेक्शन 44 एडी और 44एडीए के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम को सेलेक्ट किया है।

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इस महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की भी होगी बैठक

इस महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक होगी। 3 अगस्त को यह बैठक शुरू होगी, जिसके नतीजे 5 अगस्त को आएंगे। अगर इस मीटिंग में आरबीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान करता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो जाएंगे। साथ ही जिन लोगों ने पहले से लोन लिए हैं, उनकी EMI बढ़ जाएगी। हालांकि, अगस्त की बैठक में आरबीआईआ के रेपो रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। रेपो रेट बढ़ने से बैंक लोन का इंटरेस्ट रेट बढ़ा देते हैं।

ITR: बगैर पेनाल्टी आज इनकम टैक्स रिटर्न भरने का आखिरी मौका, आपको होंगे ये फायदे

ITR: इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1 और फॉर्म 2 से रिटर्न फाइल करने का आज आखिरी मौका है। आज के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी लगेगी और टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना पड़ेगा। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को आज रिटर्न फाइल करने की कोशिश करनी चाहिए। आज रिटर्न फाइल करने के कई फायदे हैं।

इनकम का एक सोर्स होने पर 30 मिनट में फाइल होगा रिटर्न

सैलरीड टैक्सपेयर्स जिनकी इनकम का एक सोर्स है, वे बगैर किसी दिक्कत करीब 30 मिनट में रिटर्न फाइल कर सकते हैं। टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26एएस, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जैसे डॉक्युमेंट्स तैयार रखने होंगे। इसके अलावा बैंक अकाउंट डिटेल, इंटरेस्ट से हुई इनकम और कैपिटल गेंस का कैलकुलेशन भी तैयार रखना होगा।

सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स रिटर्न फाइल करने से पहले जुटा लें

चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रेया गुप्ता गोयल ने कहा कि 30 मिनट में रिटर्न तभी फाइल किया जा सकता है, जब टैक्सपेयर्स ने सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स पहले से जुटा लिया हो। उन्होंने कहा, “प्री-फिल्ड डेटा की वजह से खुद डेटा डालने में लगने वाला समय बच रहा है। लेकिन, टैक्सपेयर्स के लिए डेटा को एक बार चेक कर लेना जरूरी है।”

आईटीआर फॉर्म में भरे गए हर डेटा के लिए टैक्सपेयर जिम्मेदार

रिटर्न में भरे हर डेटा के लिए टैक्सपेयर जिम्मेदार होता है। इसलिए रिटर्न फाइल करते वक्त प्री-फिल्ड डेटा को भी वेरिफाय कर लेना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को प्री-फिल्ड डेटा फॉर्म 16, AIS और 26AS से मैच करा लेना चाहिए। सेविंग्स अकाउंट से इंटरेस्ट, फिक्स्ड डिपॉजिट से इंटरेस्ट और कैपिटल गेंस की रिपोर्टिंग अलग से होती है।

31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी और इंटरेस्ट चुकाना होगा

31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना होगा। सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर पेनाल्टी 5000 रुपये है। 5 लाख रुपये से कम सालाना इनकम पर पेनाल्टी 1000 रुपये है।

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31 जुलाई तक आईटीआर फाइल करने के ये हैं फायदे

दूसरा, फायदा यह है कि आप लॉस को कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे। 31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर लॉस कैरी फॉरवर्ड की सुविधा नहीं मिलती है। तीसरा, रिफंड का पैसा भी जल्द अकाउंट में आ जाएगा। चौथा, 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने पर टैक्सपेयर्स के सामने इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम के इस्तेमाल का विकल्प खुला है। 31 के बाद सिर्फ इन रीजीम में रिटर्न फाइल करना होगा।

Top News 31 July: ITR भरने की आखिरी तारीख आज, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भिवंडी हादसा समेत 5 बड़ी खबरें

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Top News 31 July : आज इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है। मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी। संसद में एंटी पेपर लिक बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर जारी किया वीडियो मैसेज। प्रियंका गांधी की  IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई टिप्पणी पर बवाल। 31 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

ITR भरने की आज आखिरी तारीख

आईटीआर भरने की आज आखिरी तारीख है। अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो जल्द कर लें। समय पर आईटीआर भरने से आपका टैक्स रिकॉर्ड सही रहता है, ज्यादा कटा हुआ टैक्स वापस (रिफंड) मिल सकता है और बाद में जुर्माने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

IMD का 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

 

भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी

महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात एक निर्माणाधिन 4 मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। NDRF समेत कई टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी।

 

एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर क्या बोले पीएम मोदी?

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। ALSO READ: Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

 

प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर बवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई कथित ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 214 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर वाले एक खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद के प्रति अनुचित बताया गया है। ALSO READ: Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र एक्सपर्ट' टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज

ITR Filing Deadline: क्या 31 जुलाई के बाद बढ़ेगी आईटीआर की डेडलाइन? जानिए क्या है इनकम टैक्स विभाग का अपडेट

Income Tax Return Deadline Extension: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना किसी लेट फीस के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आज 31 जुलाई 2026 आखिरी तारीख है। हर साल की तरह इस बार भी सोशल मीडिया और करदाताओं के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या सरकार या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस डेडलाइन को आगे बढ़ाएगा?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक, इस बार ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ने की संभावना बेहद कम है। करदाताओं को किसी भी तरह की राहत या तारीख बढ़ाए जाने का इंतजार किए बिना आज ही अपना आईटीआर दाखिल कर देना चाहिए।

क्या बढ़ेगी ITR फाइल करने की आखिरी तारीख?

इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के अनुसार, सरकार की तरफ से 31 जुलाई की डेडलाइन बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे की वजह ये है कि, इस बार इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) काफी सुचारू रूप से काम कर रहा है और भारी ट्रैफिक के बावजूद कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं देखी गई है।

अब तक पांच करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना आईटीआर फाइल कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि करदाताओं को पर्याप्त समय दिया गया था, इसलिए डेडलाइन बढ़ाने का कोई ठोस कारण नहीं है।

अगर आज 31 जुलाई तक ITR फाइल नहीं किया तो क्या होगा?

अगर आप 31 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने में चूक जाते हैं, तो आपको ये नुकसान और पेनाल्टी झेलनी पड़ेगी:

लेट फीस (Section 234F): अगर आपकी कुल सालाना कमाई ₹5 लाख से अधिक है, तो आपको ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी। वहीं अगर आपकी कुल कमाई ₹5 लाख तक है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी।

ब्याज का बोझ (Section 234A): अगर आपका कोई टैक्स बकाया निकलता है, तो 1 अगस्त से आपको बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से साधारण ब्याज देना होगा।

घाटे को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना: अगर आप शेयर बाजार, F&O या प्रॉपर्टी से हुए नुकसान को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं, तो 31 जुलाई के बाद बिलेटेड रिटर्न में यह सुविधा नहीं मिलेगी।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका

जो लोग 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे, वे 31 दिसंबर 2026 तक अपना बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) जमा कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पेनल्टी और ब्याज चुकाना पड़ेगा।

टैक्सपेयर्स के लिए काम की सलाह

इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही डेडलाइन एक्सटेंशन की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। आखिरी समय के रश और सर्वर पर दबाव से बचने के लिए आज ही तुरंत अपना ITR-1 या संबंधित फॉर्म भरकर प्रोसेस पूरा करें और रिटर्न को e-Verify करना न भूलें।

ITR Deadline Alert: 31 जुलाई के बाद ITR भरा तो लगेगा जुर्माना! जानिए लेट रिटर्न दाखिल करने पर कितना होगा नुकसान

ITR Filing Deadline AY 2026-27: एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख में सिर्फ 4 दिन बचे हैं। करदाताओं के लिए 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन बेहद करीब है। टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि आखिरी वक्त के रश और ई-फाइलिंग पोर्टल के संभावित सर्वर डाउन या तकनीकी खराबी से बचने के लिए तुरंत अपना रिटर्न दाखिल कर दें।

आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 तक 4.10 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें से 3.85 करोड़ का ई-वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। आइए आपको बताते हैं 31 जुलाई की डेडलाइन मिस करने पर आपको किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं।

क्या 31 जुलाई के बाद भी भरा जा सकता है ITR?

हां, अगर आप 31 जुलाई की डेडलाइन मिस कर देते हैं, तो भी आप अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसे बिलेटेड आईटीआर कहा जाता है। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम सीमा 31 दिसंबर 2026 तक है। हालांकि, 31 जुलाई के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आपको भारी जुर्माना, ब्याज और कई टैक्स लाभों से हाथ धोना पड़ सकता है।

लेट ITR फाइल करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

आयकर अधिनियम की सेक्शन 234F के तहत समय सीमा खत्म होने के बाद रिटर्न भरने पर लेट फीस वसूल की जाती है:

₹5 लाख से अधिक आय पर: अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से अधिक है, तो आपको ₹5,000 का जुर्माना देना होगा।

₹5 लाख तक की आय पर: अगर कुल आय ₹5 लाख तक है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी।

बेसिक छूट सीमा से कम आय पर: अगर आपकी आय टैक्स फ्री लिमिट से कम है और रिटर्न भरना अनिवार्य नहीं था, तो कोई लेट फीस नहीं लगेगी।

बकाया टैक्स पर लगेगा भारी ब्याज

31 जुलाई तक अगर आपका कोई टैक्स बकाया रह जाता है, तो धारा 234A के तहत हर महीने या महीने के हिस्से पर 1% की दर से ब्याज वसूला जाएगा। यह ब्याज तब तक जुड़ता रहेगा जब तक आप अपना रिटर्न और बकाया टैक्स जमा नहीं कर देते।

घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का अधिकार खत्म

31 जुलाई की डेडलाइन मिस करने का सबसे बड़ा नुकसान उन टैक्सपेयर्स को होता है जिन्हें कैपिटल गेन या बिजनेस में नुकसान हुआ है। समय पर ITR फाइल न करने पर आप इस नुकसान को भविष्य के सालों में अपने मुनाफे से सेट-ऑफ करने के लिए आगे नहीं ले जा सकते।

टैक्स रिफंड मिलने में होगी देरी

अगर आपका टीडीएस अधिक कट गया है और आप टैक्स रिफंड के हकदार हैं, तो देरी से रिटर्न भरने पर रिफंड की प्रक्रिया और भुगतान में काफी वक्त लग सकता है। जितना जल्दी रिटर्न फाइल और वेरिफाई होगा, रिफंड उतनी ही तेजी से आपके बैंक खाते में आएगा।

किसके लिए कौन-सी डेडलाइन है लागू?

  • 31 जुलाई 2026: वेतनभोगी कर्मचारियों, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स तथा ₹1.25 लाख तक के LTCG वाले व्यक्तियों के लिए।
  • 31 अगस्त 2026: ऐसे कारोबारी और पेशेवर जिनकी खातों की टैक्स ऑडिट की आवश्यकता नहीं होती (ITR-3 / ITR-4)।
  • 30 सितंबर 2026: टैक्स ऑडिट कराने की अंतिम तिथि।
  • 31 अक्टूबर 2026: ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके खातों का ऑडिट होना अनिवार्य है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Income Tax Return: खुद रिटर्न फाइल करें या टैक्स एक्सपर्ट की मदद लें? जानिए क्या हैं एक्सपर्ट्स के जवाब

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ गई है। कई टैक्सपेयर्स इस उलझन में हैं कि खुद रिटर्न फाइल करें या टैक्स एक्सपर्ट की मदद लें। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने टैक्स फाइलिंग पोर्टल को काफी टैक्स फ्रेंडली बना दिया है। इस पर टैक्सपेयर्स को प्री-फिल्ड डेटा यानी पहले से भरे गए डेटा दिखते हैं। एआई पावर्ड टूल्स भी उपलब्ध हैं। सवाल है कि आपको खुद रिटर्न फाइल करना चाहिए या टैक्स एक्सपर्ट के पास जाना चाहिए?

इनकम के एक से ज्यादा स्रोत होने पर खुद फाइल करने में आ सकती है मुश्किल

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी टैक्सपेयर के इनकम के कई स्रोत हैं और कैपिटल गेंस जैसी चीजें हैं तो खुद रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ सकती है। अगर कोई सैलरीड टैक्सपेयर है और उसकी सिर्फ एक इनकम है तो वह खुद रिटर्न फाइल कर सकता है। डेरिवेटिव ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी से प्रॉफिट, फॉरेन एसेट या फॉरेन इनकम वाले टैक्सपेयर्स को खुद रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ सकती है।

अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है

एसबीएचएस एंड एसोसिएट्स के पार्टनर हिमांग सिंगला ने कहा, “अब यह धारणा टूट रही है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना सिर्फ एक औपचारिकता है।” उन्होंने कहा कि आज टैक्सपेयर्स कई तरह के एसेट्स में इनवेस्ट करते हैं। इनमें शेयर, म्यूचुअल फंड्स, REITs, InvITs, बिजनेस ट्रस्ट्स, फॉरेन एसेट्स और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स शामिल हैं।

अलग-अलग एसेट के लिए इनकम टैक्स के अलग-अलग नियम हैं

इनकम टैक्स के नियमों में अलग-अलग एसेट क्लास के लिए अलग-अलग नियम हैं। सिंगला ने कहा कि अगर इनकम टैक्स के पोर्टल पर रिटर्न फाइल कर दिया जाता है और उसमें कोई गलती होती है या पूरा डिसक्लोजर नहीं होता है या गलत आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल किया गया होता है तो टैक्सपेयर्स को नोटिस आ सकता है। इसका मतलब है कि टैक्स चुकाने के बावजूद छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत पैदा कर सकती है।

एआईएस और फॉर्म 26एएस को टैक्सपेयर्स को खुद चेक कर लेना जरूरी है

King Stubb & Kasiva में पार्टनर आदित्य भट्टाचार्य ने कहा कि इनकम के कई स्रोत, बिजनेस इनकम, फॉरेन एसेट्स या कॉम्प्लेक्स डिडक्शंस वाले टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्स एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए। हालांकि, एक्सपर्ट भी रिटर्न फाइल करने से पहले टैक्सपेयर को आईटीआर को रिव्यू करने को कहते हैं। इसके अलावा फॉर्म 26एएस, एआईएस और TIS जैसे डॉक्युमेंट्स के डेटा को चेक करने की जिम्मेदारी टैक्सपेयर की होती है।

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रिटर्न फाइल करने के लिए अंतिम तारीख का नहीं करें इंतजार 

अब रिटर्न फाइल करने के लिए एक हफ्ते से कम का समय बचा है। अगर आपने अब तक फाइल नहीं किया है तो आपको जल्द रिटर्न फाइल कर देना चाहिए। आपको अगर खुद फाइल करने में दिक्कत आ रही है तो आप टैक्स एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं। इससे आपको बाद में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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ITR Filing Rules Below Exemption Limit: एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिना लेट फीस इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है जो बेहद करीब है। आयकर विभाग के अनुसार, अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना ITR फाइल कर चुके हैं।

आमतौर पर माना जाता है कि नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹4 लाख और पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत ₹2.5 लाख से अधिक की सालाना कमाई पर ही आईटीआर भरना अनिवार्य होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सालाना कमाई इस बेसिक छूट सीमा से कम होने के बावजूद भी आपको जेल या पेनल्टी से बचने के लिए ITR दाखिल करना पड़ सकता है?

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत ऐसे 6 विशेष नियम तय किए गए हैं, जिनके दायरे में आने पर आईटीआर भरना अनिवार्य हो जाता है। आइए इन्हें आसान भाषा में समझते हैं।

इन 6 स्थितियों में कम कमाई पर भी अनिवार्य है ITR भरना

अगर आपकी सालाना आय बेसिक छूट सीमा से कम है, फिर भी इनमें से कोई एक शर्त पूरी होने पर आपको ITR दाखिल करना ही होगा:

1- करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ से ज्यादा का डिपॉजिट: अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान अपने एक या एक से अधिक चालू खातों में ₹1 करोड़ या उससे अधिक की नकदी जमा की है।

2- विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से अधिक का खर्च: अगर आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति के फॉरेन ट्रैवल जैसे- हवाई टिकट, टूर पैकेज आदि पर ₹2 लाख से ज्यादा खर्च किए हैं।

3- ₹1 लाख से ज्यादा का बिजली बिल: अगर पूरे साल में आपका बिजली बिल कुल मिलाकर ₹1 लाख से अधिक आया है।

4- TDS या TCS की सीमा पार होना: अगर वित्त वर्ष के दौरान आपका कुल TDS/TCS कटान ₹25,000 या उससे अधिक है (60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए)। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे ऊपर) के लिए यह सीमा ₹50,000 रखी गई है।

5- सेविंग्स अकाउंट में ₹50 लाख या उससे अधिक जमा: अगर वित्त वर्ष में आपके एक या एक से अधिक बचत खातों में कुल ₹50 लाख या उससे ज्यादा जमा हुए हैं।

6- विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी: अगर आप भारत के निवासी हैं और विदेश में कोई संपत्ति, फाइनेंशियल शेयर या किसी विदेशी बैंक खाते का साइनिंग राइट रखते हैं।

कम कमाई के बावजूद ITR फाइल करने के 4 बड़े फायदे

भले ही कानूनन आपके लिए आईटीआर भरना अनिवार्य न हो, फिर भी वॉलंटरी रिटर्न दाखिल करने के कई बड़े फायदे मिलते हैं:

लोन मिलने में आसानी: होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के आवेदन के दौरान ITR सबसे मजबूत ‘इनकम प्रूफ’ का काम करता है।

वीजा प्रोसेसिंग: कई देशों जैसे- अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपियन देश का वीजा हासिल करने के लिए पिछले 2-3 सालों का ITR जमा करना अनिवार्य होता है।

TDS रिफंड का दावा: अगर आपका टीडीएस कटा है, तो उसे वापस पाने के लिए रिटर्न भरना ही एकमात्र तरीका है।

नुकसान को आगे ले जाना: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बिजनेस में हुए नुकसान को भविष्य के मुनाफे से सेट-ऑफ करने के लिए समय पर ITR फाइल करना जरूरी होता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।