Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

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देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

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उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

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MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

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मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

कोयला ब्लॉक आवंटन मामला, पूर्व PM मनमोहन सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया केस

SY Quresh on manmohan singh

Coal Block Allocation Case: कोयला ब्लॉक आवंटन (कोलगेट) मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें बतौर आरोपी समन भेजने वाले पुराने आदेशों को भी रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल 'क्लोजर रिपोर्ट' को स्वीकार कर लिया, जिसमें डॉ. मनमोहन सिंह और अन्य को क्लीन चिट दी गई थी।

 

उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं, ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए इसे आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया। जांच एजेंसी सीबीआई ने इस मामले की विस्तृत जांच के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। ALSO READ: 'अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा…' मनमोहन सिंह को लेकर SY कुरैशी की नई किताब में बड़ा खुलासा

मनमोहन के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने स्पष्ट किया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री और कोयला मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र या पद के दुरुपयोग का कोई सबूत नहीं मिला है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई की इस रिपोर्ट को कानून के दायरे में सही मानते हुए स्वीकार कर लिया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

 

शीर्ष अदालत ने विशेष सीबीआई अदालत के उस पुराने आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके तहत पूर्व प्रधानमंत्री को आरोपी के रूप में अदालत में पेश होने का समन जारी किया गया था। पीठ ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में किसी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना उचित नहीं है। इस फैसले के बाद मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रहे इस कानूनी विवाद का स्थायी पटाक्षेप हो गया है।

क्या है यह पूरा मामला?

यह मामला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-1) सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2005 में ओडिशा के 'तालाबीरा II' (Talabira II) कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा हुआ है। उस समय कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के पास ही था। 

 

आरोप लगाया गया था कि नियमों की अनदेखी करते हुए तालाबीरा II कोयला ब्लॉक उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की कंपनी 'हिंडाल्को' (Hindalco) को आवंटित कर दिया गया। सीबीआई ने शुरुआत में इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी, लेकिन बाद में साक्ष्य न मिलने पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।

एक्टिविज्म करना है तो सजा के लिए तैयार रहें, नड्डा का खरगे पर पलटवार

JP Nadda statement Rajya Sabha: संसद के मॉनसून सत्र में नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई और माकपा कार्यालय में पुलिस के प्रवेश को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस पर पलटवार करते हुए राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया और स्पष्ट कहा कि अगर किसी छात्र को एक्टिविज्म करना है, तो उसे इस तरह की कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

 

बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाकर जोरदार हंगामा किया। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने माकपा कार्यालय में दिल्ली पुलिस के दाखिल होने और जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को गिरफ्तार करने के प्रयास का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 2021 के एक मामले में सादे कपड़ों में आई पुलिस टीम ने केवल इसलिए यह कार्रवाई की क्योंकि आइशी घोष ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में भाग लिया था। ALSO READ: संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

खरगे का सरकार पर हमला

कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में घुसकर किसी को गिरफ्तार करने की कोशिश करना बेहद शर्मनाक है। क्या इससे लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ता? खरगे ने पुलिस टीम पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे कदम देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर आघात हैं।

केन्द्रीय मंत्री नड्डा का पलटवार

खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने पुलिस कार्रवाई का मजबूती से समर्थन किया। अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए नड्डा ने कहा कि ये बहुत ही सामान्य स्थिति है। मैं खुद स्टूडेंट एक्टिविस्ट रहा हूं। इमरजेंसी के दौरान मुझे कई बार क्लासरूम से उठाकर ले जाया गया, तब देश में कांग्रेस की सरकार थी। अगर किसी छात्र को एक्टिविज्म करना है तो उसे ये सब झेलना ही पड़ेगा। ALSO READ: Priyanka Gandhi : प्रियंका गांधी के बयान पर संसद में बवाल, प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी से मचा हंगामा, माफी की उठी मांग

 

नड्डा ने आगे कहा कि जब कोई कानून हाथ में लेता है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभानी ही पड़ती है। इसे गैर-जरूरी तरीके से सनसनीखेज बनाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने खुद दो बार गिरफ्तारी झेली है, इसलिए छात्र राजनीति में ऐसी सजाओं के लिए तैयार रहना पड़ता है।

संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

Parliament

लोकसभा में बुधवार सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में 20 मिनट कार्यवाही चली। 12 बजे से सदन दोबारा शुरू होगा। संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने दानपेटी लेकर प्रदर्शन किया और राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर भाजपा पर हमला बोला।

प्रदर्शन में शामिल सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा- जो सरकार दानपेटी की रक्षा नहीं कर सकी, वह युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रख सकती। वहीं संसद परिसर में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर दिए अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा- मैंने सिर्फ सच कहा है और अगर सच बोलने की सजा मिलेगी तो सच बोलूंगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन में अपमानजनक और गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल करते हैं। यह लोकतंत्र और देश, दोनों के लिए ठीक नहीं है।


राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते, जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई'

कांग्रेस बोली, ये कैसी चर्चा है : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है, जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। हमारी मूल मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री जवाब दें, लेकिन वे तो उपस्थित ही नहीं हैं तो जवाब कहां से देंगे? मुझे लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते। जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई।

राज्यसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित : राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सभा में आइशी घोष की गिरफ्तारी के मामले पर कहा कि शर्मनाक है। जो लोग गए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इंदौर में भयानक हत्या, गर्लफ्रेंड का गला घोंटा, फिर पेट्रोल छिड़क कर जलाया

palak keshav

इंदौर में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां एक बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड का गला दबाकर मार डाला। इसके बाद पेट्रोल डालकर जला दिया। घटना इंदौर के तपेश्वरी बाग क्षेत्र में रहने वाली 26 वर्षीय बैंककर्मी पलक केशव के साथ हुआ। हत्या के बाद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने दतिया से आरोपी मयंक शाक्य को पकड़ा है। प्रारंभिक पूछताछ में मयंक ने शादी नहीं करने की बात से नाराज होकर पलक का गला घोंट कर हत्या करने की बात कबूली है।

शनिवार रात हरदा जिले के टिमरनी की रहने वाली पलक का शव उसके किराए के कमरे में मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी मनोज सेंधव की टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कॉल डिटेल्स निकालीं। घटना से एक दिन पहले पलक से मिलने आए युवक की पहचान दतिया निवासी मयंक शाक्य के रूप में हुई।

5 साल से रिलेशन में थे दोनों : मयंक और पलक 5 वर्षों से एक-दूसरे से संपर्क में थे। मयंक उससे शादी करना चाहता था, लेकिन पलक इसके लिए तैयार नहीं थी। शादी से इनकार करने पर नाराज मयंक दतिया से इंदौर पहुंचा। दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने पलक का गला घोंट दिया।

हत्या के बाद आरोपी ने मामले को हादसे की शक्ल देने के लिए कमरे में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया और फरार हो गया। पुलिस को कमरे की जांच के दौरान किचन का गैस बर्नर खुला मिला और सिर पर चोट के निशान भी पाए गए। शव करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस आरोपी मयंक को दतिया से इंदौर लेकर पहुंच चुकी है और उससे पूछताछ की जा रही है। इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवती का घर में दो दिन पुराना जला हुआ शव मिला है। शव पूरी तरह झुलसा हुआ था। आसपास के रहवासियों ने दरवाजा तोड़ा, तब घटना की जानकारी मिली और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, तपेश्वरी बाग निवासी पलक केशव का शव मिला है। वह यहां किराए के कमरे में रहती थी

महबूबा मुफ्ती के पेलेट गन वाले बयान पर बवाल, फिर छिड़ी कश्मीर की पुरानी बहस, जानिए पूरा विवाद

 Debate over pellet guns reignites in Kashmir following Mehbooba Mufti's remarks

Mehbooba Mufti : जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की उन टिप्पणियों ने, जिनमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ परिस्थितियों में कश्मीर में पेलेट-फायरिंग शाटगन के इस्तेमाल का बचाव किया है, पिछले 15 वर्षों में इस क्षेत्र में इस्तेमाल किए गए सबसे विवादास्पद भीड़ नियंत्रण उपायों में से एक पर लंबे समय से चल रही बहस को फिर से हवा दे दी है।

दरअसल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्‍यक्षा महबूबा मुफ्ती उस समय आलोचनाओं के घेरे में आ गईं, जब उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन का कोई स्थान नहीं है, लेकिन कश्मीर में यह समझ में आता है क्योंकि वहां सुरक्षाबलों को आतंकवाद का सामना करना पड़ता है।

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इन टिप्पणियों पर सत्ताधारी नेशनल कॉन्‍फ्रेंस (नेकां) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और माफी की मांग करते हुए कहा कि ये टिप्पणियां उस हथियार को उचित ठहराती प्रतीत होती हैं जिसके कारण हजारों लोग घायल हुए और सैकड़ों लोगों की आंखों में जीवनभर के लिए गंभीर चोटें आईं।

इस विवाद ने एक बार फिर इस बात पर ध्यान केंद्रित किया है कि पेलेट गन क्यों पेश की गईं, कश्मीर में भीड़ नियंत्रण के लिए वे किस प्रकार एक महत्वपूर्ण साधन बन गईं और वे आज भी लोगों की राय को क्यों विभाजित करती हैं? 

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वर्ष 2009-10 की अवधि के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पत्थरबाजी की घटनाओं में सैकड़ों कर्मियों के घायल होने की सूचना दी और इस घटना को आतंकवाद और सीमा पार से आने वाले धन से जुड़ी एक उभरती हुई सुरक्षा चुनौती के रूप में वर्णित किया, इन आरोपों को पाकिस्तान ने नकार दिया है।
 

फिर 2016 के हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन अभूतपूर्व जांच के दायरे में आ गईं, जब महबूबा मुफ्ती पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार की प्रमुख थीं। तब हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की 8 जुलाई 2016 को हुई मौत ने घाटी में महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के बीच झड़पों के दौरान सुरक्षा बलों ने बार-बार पेलेट गन का इस्तेमाल किया।

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संसद और पूर्व जम्मू कश्मीर विधानसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों से पता चला कि 2016 के प्रदर्शनों के दौरान 1200 से अधिक लोग आंखों में चोट लगने से घायल हुए, जबकि कई हजार लोगों के शरीर के अन्य हिस्सों में छर्रे लगने से चोटें आईं।
 

डॉक्टरों ने मरीजों की इस भारी संख्या को आंखों में चोट लगने की अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक घटना बताया, जिसके चलते उन्होंने कई महीनों में सैकड़ों आपातकालीन सर्जरी कीं। मानवाधिकार संगठनों ने एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वाच ने पेलेट गन के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए कहा कि इस हथियार के व्यापक प्रसार के कारण यह स्वाभाविक रूप से अंधाधुंध हमला करने वाला बन जाता है।
 

कश्मीर पर अपनी 2018 की रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने भारत से गंभीर चोटों के कारण छर्रे दागने वाली शाटगनों के उपयोग की समीक्षा करने का आग्रह किया था।

GPSC Exam Date Out: बारिश के कारण स्थगित हुई परीक्षा अब 1 अगस्त को; जानें समय और पूरी जानकारी

gujrat exam

गुजरात पब्लिक सर्विस कमीशन (GPSC) द्वारा अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में हो रही भारी बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 26 तारीख को आयोजित होने वाली परीक्षा को स्थगित (Postpone) करने का निर्णय लिया गया था। उम्मीदवारों की सुरक्षा और जलभराव के कारण बिगड़ी यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। अब GPSC की ओर से परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है।

1 अगस्त को दोपहर 3 बजे आयोजित होगी परीक्षा : GPSC द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, पहले स्थगित की गई यह परीक्षा अब आने वाली 1 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 3:00 बजे रहेगा। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी उम्मीदवारों को नई तिथि और समय सारणी के अनुसार अपनी तैयारियां पूरी रखनी होंगी।

34 कैडर/श्रेणियों की भर्ती और परीक्षा स्थगित होने की वजह : गौरतलब है कि यह परीक्षा GPSC के तहत विभिन्न 34 संवर्गों (कैडर/श्रेणियों) की भर्ती के लिए आयोजित की जानी थी। राज्य के कई हिस्सों में मुसलाधार बारिश के चलते सड़क यातायात प्रभावित हुआ था, जिससे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया था।

उम्मीदवारों को मिला अतिरिक्त समय और जरूरी निर्देश : परीक्षा टलने से अभ्यर्थियों को अपनी अंतिम तैयारियों को धार देने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मिल गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए GPSC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज, प्रवेश पत्र (Admit Card) साथ रखना और समय पर पहुंचना आवश्यक है।  

गिरफ्तार हुआ माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा, 2 करोड़ का इनाम,150 से ज्यादा केस, कौन है बेसरा?

Misir Besra

झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मोछू, सौरभ उर्फ गौरव तथा दो ग्रामीणों को भी गिरिडीह-धनबाद सीमावर्ती इलाके से पकड़ा गया है।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मिसिर बेसरा लंबे समय से झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक माना जाता रहा है। वह कई वर्षों से सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूली, आईईडी विस्फोट और कई अन्य नक्सली वारदातों के दर्जनों मामले दर्ज हैं। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने उसके सिर पर कुल 2 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था।

बताया जाता है कि मिसिर बेसरा का प्रभाव विशेष रूप से कोल्हान, सारंडा और पारसनाथ क्षेत्र में था। संगठन की रणनीति तैयार करने से लेकर विभिन्न राज्यों में माओवादी नेटवर्क के संचालन तक उसकी अहम भूमिका मानी जाती थी। पिछले कुछ महीनों में उसके कई करीबी सहयोगियों के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी के बाद उसका नेटवर्क लगातार कमजोर पड़ रहा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके खिलाफ अभियान और तेज कर दिया था।

गिरफ्तार किए गए मोछू और सौरभ उर्फ गौरव को भी माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। वहीं, उनके साथ पकड़े गए दो ग्रामीणों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनका संगठन से क्या संबंध था और वे माओवादियों को किस प्रकार की मदद पहुंचा रहे थे।

Gen Z को ‘गटर जनरेशन’ कहकर कंगना रनौत ने काटा बवाल, कांग्रेस और सोशल मीडिया ने लिया आड़े हाथ

kangana ranaut

'मैंने अपने जीवन में इतना अटपटा कुछ नहीं देखा, इतना भद्दा कुछ नहीं देखा, इन्हें किसने जन्म दिया, इन्हें कौन पाल-पोस रहा है? ये तो गटर वाली पीढ़ी है। ये लड़कियां तो गृहिणी तक नहीं बन सकती हैं। यह शब्द अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के हैं। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा है। कंगना रनौत के इस बयान के बाद सियासी बवाल हो गया है।

कंगना से तुरंत माफी की मांग : कांग्रेस ने कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंगना के बयान को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। वहीं AIMIM नेता वारिस पठान ने मंडी से बीजेपी सांसद कंगना से तुरंत माफी की मांग की है। दरअसल, कंगना ने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक के बाद एक कई स्टोरी शेयर की थी। जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के दौरान वायरल हुए रील्स और वीडियो की भाषा पर नाराजगी जताई है। कंगना ने लिखा कि इन वीडियो रील्स को देखकर वह खुद की शांति के लिए सोशल मीडिया से दूर रहेंगी।

ऐसा व्यवहार कहां से सीख रहे हैं: कंगना रनौत ने  प्रदर्शनकारियों के पालन-पोषण पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी एक जगह पर इतना अटपटा और इतना भद्दा कुछ नहीं देखा। GEN-Z के विरोध प्रदर्शनों की रील्स देखकर मैं हैरान रह गईं और बहुत बुरा भी लग रहा है। क्योंकि जिस तरह की भाषा का यह इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बहुत ही असभ्य है। इन्हें किसने जन्म दिया और पाल-पोस रहा है? मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की सोच और व्यवहार कहां से सीख रहे हैं, हमारा भारत हमेशा से विविधता, सुंदरता, संस्कृति और शालीनता के लिए जाना जाता है। मगर कोई अपमानजनक नामों से पुकारते हैं और उसी तरह का व्यवहार करता तो यह हमारी संस्कृति की गरिमा से बिल्कुल अलग दिखने लगता है'

अपनी शब्दावली संभाल ले नेता: सौरव : कंगना को जवाब देते हुए सौरव दास ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई भी उनको सीरियसली लेता है या उनकी बात सुनता है। वो नेता बन गई हैं। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। नेताओं को अपनी शब्दावली संभाल लेनी चाहिए। अपने पद की गरिमा को बनाकर रखना चाहिए। आपसे कई गुना ज्यादा जेनजी ने इस देश के लिए किया है और कर रहे हैं। इस देश के लोकतंत्र में फिर से भरोसा जगाने का काम जेनजी ने किया है, आपने नहीं किया है। ये आप जरूर याद रखिए”

बता दें कि जेनजी ने जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान जिस तरह से स्लोगन, गालियों और मीम्स का इस्तेमाल किया, उसे लेकर सोशल मीडिया में बहस चल गई है। इसी बीच कंगना रनौत के इस बयान पर भी बवाल कट गया है। कांग्रेस के साथ ही सोशल मीडिया में कई लोगों ने कंगना को आडे हाथों लेना शुरू कर दिया है।

LIVE: भारत पर फिर खतरा, लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ, बिल पर मुहर, देशभर में बारिश, चारधाम यात्रा पर रोक

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अमेरिका की सीनेट ने एक ऐसे बिल पर चर्चा की मंजूरी दे दी है जिसका भारत पर बड़ा असर हो सकता है। अमेरिकी संसद के इस उच्च सदन ने मंगलवार, 28 जुलाई को रूस की तेल और गैस बेचने से होने वाली कमाई को निशाना बनाने वाले बड़े प्रतिबंध (सैंक्शन) वाले बिल को आगे बढ़ा दिया। बिल पास करने की ओर पहला कदम उठा लिया गया है। अगर अब यह बिल निचले सदन से भी पास हो जाता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पावर मिल जाएगा कि वह रूस से तेल खरीदने वाले भारत जैसे देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकते हैं। जब सीनेट में इस बिल पर वोटिंग हो रही थी तब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की सीनेट गैलरी से देख रहे थे। रूस से जंग के बीच जेलेंस्की वॉशिंगटन पहुंचे थे, उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की है और रूस के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

बारिश का कहर, तीर्थयात्रा पर रोक : इसके असर को देखते हुए IMD ने अगले 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और अगले 5-6 दिनों में पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स भी प्रभावित है। कंपनी के साणंद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट पानी भरने के कारण बंद करानी पड़ीं। इधर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से तीर्थयात्रा के रास्ते बंद हो गए। खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा 2 दिनों के लिए रोक दी गई है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में क्लास 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।