AMC का सख्त रुख, EWS और LIG आवास रूप से किराए पर दिया तो 90 दिनों के लिए होगा सील

illegal rent AMC housing: अहमदाबाद नगर निगम (AMC) द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) आवास योजना के मकानों को अवैध रूप से किराए पर देने की बढ़ती शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। नए नियमों के अनुसार, आवंटन के बाद के पहले सात वर्षों के दौरान मकान किराए पर देते पकड़े जाने पर संबंधित मकान को 90 दिनों के लिए सील कर दिया जाएगा और कम से कम ₹50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।

बार-बार नियम उल्लंघन पर 1 लाख तक का जुर्माना और आवंटन रद्द करने का भी प्रावधान

AMC हाउसिंग कमेटी की 27 जुलाई को आयोजित बैठक में यह निर्णय मंजूर किया गया। नए नियमों के मुताबिक, यदि 90 दिनों के बाद दोबारा वही मकान किराए पर दिया हुआ मिलेगा तो मालिक से ₹1 लाख का जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं जब तीसरी बार नियम उल्लंघन सामने आएगा, तब सिटी सिविल कोर्ट में कानूनी कार्रवाई करके मकान के आवंटन दस्तावेज रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

वास्तविक लाभार्थियों के हक की सुरक्षा और अवैध कब्जे पर पहली पुलिस FIR

हाउसिंग कमेटी के चेयरमैन दर्शन शाह ने बताया कि EWS और LIG आवास जरूरतमंद परिवारों के लिए ड्रा पद्धति से आवंटित किए जाते हैं, जिसमें सात साल तक लाभार्थी का स्वयं रहना अनिवार्य है। इसके अलावा, AMC ने अवैध कब्जों पर भी शिकंजा कसा है। 13 जुलाई 2026 को AMC के इतिहास में पहली बार आवंटित आवास में अवैध रूप से कब्जा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सैटेलाइट पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई गई है।

शहर के नागरिकों के लिए 10 हजार से अधिक नए आवास और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट

AMC ने अक्टूबर 2025 में शहर के जरूरतमंद नागरिकों के लिए 10 हजार से अधिक नए आवास विकसित करने की योजना घोषित की थी। योजना के तहत EWS श्रेणी के मकान लगभग ₹7 लाख में और LIG श्रेणी के 2BHK मकान औसतन ₹28 से ₹30 लाख की कीमत में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही शहर के पुराने और जर्जर आवासीय क्षेत्रों में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

 

कौन हैं जंतर-मंतर के वायरल हो रहे मोहम्मद इरफान? क्यों राहुल गांधी पहुंचे उनके घर?

Mohammad Irfan

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान एक चेहरा रातों-रात पूरे देश में छा गया—मोहम्मद इरफान। बिना किसी बड़े राजनीतिक दल या छात्र संगठन के बैनर तले आए इरफान ने अपने बेबाक बयानों, संविधान की समझ और जमीनी अनुभवों से सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

उनकी वायरल लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद दिल्ली की एक पुनर्वास बस्ती में स्थित उनके घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की।

कौन हैं मोहम्मद इरफान?
दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान एक आम दिहाड़ी मजदूर और फेरीवाले हैं। इरफान कभी स्कूल नहीं गए और मोबाइल पर टाइप करना भी नहीं जानते। वे रोज बर्फ बेचकर और मजदूरी करके लगभग 500 रुपये कमाते हैं।

तकनीक से लिया नॉलेज: भले ही उनके पास कोई औपचारिक डिग्री न हो, लेकिन उन्होंने गूगल के वॉयस सर्च, यूट्यूब और इंटरनेट के जरिए लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और मजदूरों के अधिकारों की गहरी समझ हासिल की है।

सामाजिक आंदोलनों से जुड़ाव: इरफान पहले भी कई जन-आंदोलनों में शामिल रहे हैं और 2024 की 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान दिल्ली से कश्मीर तक की पदयात्रा में भी सहभागी बने थे।

जंतर-मंतर पर ऐसा क्या हुआ कि रातों-रात हो गए वायरल?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान जब एक मीडिया चैनल ('द लल्लनटॉप') ने इरफान से बातचीत की, तो उन्होंने जो कहा उसने हर किसी को चौंका दिया:

संविधान की प्रस्तावना और समझ: बिना किसी कागज़ के उन्होंने संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का मर्म समझाया और कहा कि संविधान हर नागरिक की गरिमा की रक्षा करता है।

मजदूरों की बेआवाज़ आवाज़: उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों मजदूर सड़कों पर इसलिए नहीं उतर पाते क्योंकि एक दिन काम न करने का मतलब है घर में चूल्हा न जलना।

लोकतांत्रिक संवाद पर जोर: उन्होंने सरकार और जनता के बीच अहंकार छोड़कर बातचीत के रास्ते खुले रखने की वकालत की। उनका सादा पहनावा, निडर लहजा और ज्ञान देखकर उनका इंटरव्यू सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगा।

राहुल गांधी की मुलाकात: “इरफान जैसे युवा ही भारत की असली उम्मीद”
27 जुलाई को राहुल गांधी खुद सुरक्षा तामझाम के बीच सावदा जेजे कॉलोनी में इरफान के कच्चे/अधूरे मकान में उनसे मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने इरफान के परिवार से हाल-चाल पूछा, चाय पी और फोन पर अपनी बहन व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी से भी इरफान की बात कराई। इसके साथ ही उन्होंने इरफान के पूरे परिवार को संसद आने का न्योता दिया।

राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम और 'X' पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा: “संविधान की उसकी समझ, देश को देखने का उसका नजरिया और सीखने की उसकी ललक बताती है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा हैं। इरफान जैसे जिज्ञासु, संवेदनशील और अपने अधिकारों-कर्तव्यों के प्रति जागरूक युवा ही देश की असली उम्मीद हैं।”

मोहम्मद इरफान की कहानी यह साबित करती है कि लोकतंत्र की ताकत बड़ी-बड़ी डिग्रियों या अमीर घरानों में नहीं, बल्कि देश के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े आम नागरिक की चेतना में बसती है। एक दिहाड़ी मजदूर का बिना स्कूल गए संविधान की आवाज बनना इस दौर की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है।

गुजरात में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम, प्री-स्कूल सर्टिफिकेट के बिना भी बच्चे को कक्षा-1 में मिलेगा प्रवेश

Action taken by Director of Primary Education against arbitrary practices of private schools in Gujarat

गुजरात में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के तहत कक्षा-1 में प्रवेश पाने के लिए बालवाटिका (प्री-स्कूल) पूरी करने का प्रमाण पत्र अनिवार्य होने की गलतफहमी फैल गई थी, जिस पर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी प्राथमिक विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कक्षा-1 में प्रवेश के लिए केवल बच्चे की निर्धारित आयु और जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। बालवाटिका का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की कोई कानूनी बाध्यता या आवश्यकता नहीं है।

 

निजी स्कूलों की मनमानी पर प्राथमिक शिक्षा निदेशक की कार्रवाई

हाल ही में कुछ निजी स्कूलों द्वारा कक्षा-1 में प्रवेश देने के लिए अभिभावकों से बालवाटिका प्रमाण पत्र की अनिवार्य मांग करने की शिकायतें शिक्षा विभाग तक पहुंची थीं। अभिभावकों की इन व्यापक शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय ने एक परिपत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि स्कूलों द्वारा की जा रही ऐसी मांग कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है और पूरी तरह से अनुचित है।

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आयु का प्रमाण और प्रवेश से जुड़े कानूनी नियम

परिपत्र के अनुसार, प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु तय करने हेतु 'जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण अधिनियम' के तहत जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र या अन्य मान्य दस्तावेज आधार माना जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी कारणवश बच्चे के आयु का प्रमाण उपलब्ध न हो, तो भी केवल उस आधार पर किसी भी बच्चे को स्कूल में प्रवेश देने से इंकार नहीं किया जा सकता।

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नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया

शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि कोई स्कूल बालवाटिका प्रमाण पत्र न होने के कारण छात्र को प्रवेश देने से मना करेगा, तो इसे शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम की धारा-14 का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों को अनावश्यक दस्तावेजों के लिए परेशान न करें, जिससे कक्षा-1 में प्रवेश प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।

PM मोदी का फेसबुक वीडियो अचानक भारत में हुआ ब्लॉक, Meta ने मांगी माफी

meta bans narendra modi video

पीएम नरेंद्र मोदी का एक वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक पर भारत में दिखाई देना बंद हो गया। वीडियो खोलने पर कुछ यूजर्स को संदेश दिखा कि यह कंटेंट भारत में उपलब्ध नहीं है। हालांकि कुछ ही समय बाद वीडियो दोबारा बहाल कर दिया गया। मेटा ने इसे तकनीकी खराबी बताते हुए सरकार से माफी मांगी है।

 

मेटा ने इस मामले में आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह कंटेंट गलती से हट गया था और अब इसे फिर से बहाल कर दिया गया है। कंपनी ने साफ किया कि वीडियो हटाना एक तकनीकी या संचालन संबंधी गलती थी और अब यह सामान्य रूप से उपलब्ध है। मेटा ने इस बयान में किसी सरकारी आदेश या कानूनी निर्देश का जिक्र नहीं किया।

 

क्यों खास था यह वीडियो?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर किया था। पीएम मोदी ने सेल्फी मोड में यह वीडियो रिकॉर्ड किया था और उन्होंने युवाओं को संबोधित किया था। करीब 3 मिनट लंबे इस वीडियो में पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने पेपर लीक के मामले को गंभीरता से लिया है और एक्शन भी लिया है।

 

यूजर्स ने जताई आपत्ति

पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक पर कुछ समय के लिए भारत में ब्लॉक दिखाई देने लगा। कई यूजर्स ने इसकी स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए। वीडियो पर यह संदेश दिख रहा था कि इसे भारत में कानूनी अनुरोध के कारण नहीं देखा जा सकता। कई यूजर्स ने मेटा से पारदर्शिता की मांग की और पूछा कि वीडियो कुछ समय के लिए क्यों हटाया गया। हांलाकि कुछ समय बाद वीडियो फिर से दिखाई देने लगा।

 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर ही फॉलोअर्स की संख्या 105 मिलियन के पार पहुंच चुकी है। पीएम मोदी के फेसबुक पर 61 मिलियन और वॉट्सऐप पर 15 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

Weather Update : असम में बाढ़ से हाहाकार, UP-MP समेत कई राज्‍यों में अलर्ट, गुजरात-हिमाचल में बारिश का कहर

Heavy rain alert for several states including Uttar Pradesh and Madhya Pradesh

Weather Update News : बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के कारण देश में एक बार फिर मानसून ने रौद्र रूप ले लिया है। मौसम विभाग, के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। असम में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। नदियां उफान पर हैं। 6 जिलों में सैकड़ों गांव डूब गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में कुल 445495 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम में बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए कुल 90 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की चेतावनी है।

 

असम में नदियां उफान पर, सैकड़ों गांव डूबे

बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के कारण देश में एक बार फिर मानसून ने रौद्र रूप ले लिया है। मौसम विभाग, के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। असम में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। नदियां उफान पर हैं। 6 जिलों में सैकड़ों गांव डूब गए हैं।

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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में कुल 445495 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम में बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए कुल 90 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। 

22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश के 55 जिलों में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश की संभावना जताई है। गुजरात में बाढ़ में फंसे 790 से ज्यादा लोगों को सेना ने रेस्क्यू किया है। IMD ने अगले 8 घंटों के अंदर देश के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने का संभावना जताई है। उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ का खतरा जताया है।

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उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की चेतावनी है। घाघरा और शारदा समेत 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और खराब मौसम के चलते उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। प्रदेश के मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, आगरा, मथुरा, रामपुर, बरेली, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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हिमाचल प्रदेश में अब तक 15 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में बारिश के कहर से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 135 सड़कें बंद हैं। प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। IMD के अनुसार उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट है।

दिल्ली में आज दोपहर के दौरान ज्यादातर जगहों पर एक दो बार बहुत बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के जम्मू, श्रीनगर, पुंछ, राजौरी, बारामूला, अनंतनाग, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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राजस्थान के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के 10 जिलों में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश की संभावना जताई है। राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर, अलवर, बूंदी, झालावाड़, सिरोही, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट है।

CM धामी ने बताया नैनीताल के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर का महत्व, जहां शिव भक्ति के साथ दिखता है हिमालय का अद्भुत नजारा

mukteshwar dham nainital

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की धार्मिक और प्राकृतिक विशेषताओं को साझा किया। जानिए मंदिर का इतिहास, स्थान, दर्शन का समय और आसपास के प्रमुख आकर्षण। 

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, नैनीताल जनपद में स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक शांति का प्रमुख केंद्र है। प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित यह पावन स्थल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। आप भी नैनीताल जनपद आगमन पर इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।

कहां है मुक्तेश्वर महादेव मंदिर?

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। मंदिर के कपाट सभी दिनों में सुबह 5:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक खुले रहते हैं। मंदिर के पास से नंदा देवी, त्रिशूल और नंदकोट जैसी बर्फ से ढकी विशाल हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के सुंदर और स्पष्ट दर्शन होते हैं। मंदिर के ठीक पीछे 'चौली की जाली' नामक एक प्रसिद्ध चट्टान है, जो रॉक क्लाइम्बिंग और रैपलिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए मशहूर हैं।

 

समुद्र तल से लगभग 2,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर नैनीताल शहर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है। सड़क मार्ग से नैनीताल या भवाली से टैक्सी और बस द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान किया था। 

 

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर भी है। आइए, इस दिवस पर हम सभी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, अधिकाधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संकल्प लें।

‘क्या बिहार के छात्र आतंकवादी हैं?’ AK-47 फायरिंग के मुद्दे पर केजरीवाल का BJP पर बड़ा हमला

Arvind Kejriwal on firing on students with AK 47

आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बिहार में छात्रों पर एके 47 से गोलियां चलाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये छात्र आतंकवाद है। ALSO READ: बुरा मत मानिए, आईना हमेशा सुंदर नहीं होता…

 

केजरीवाल ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आखिर BJP को क्या हो गया है? बिहार में हमारे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? मैं मोदी-सम्राट को याद दिलाना चाहता हूं कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती से नारा लगा था – 'सिंहासन खाली करो की जनता आती है।' कृपया छात्रों से पंगा न लें।

 

गौरतलब है कि सिवान में बिहार बंद के दौरान एके-47 से फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को एसपी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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राहुल ने उठाया था मामला

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया था कि रिपोर्टों से पता चलता है कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफलों का इस्तेमाल किया गया था। सैकड़ों को गिरफ्तार कर एफआई दर्ज किया गया था। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

संबित पात्रा ने किया पलटवार

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष के नेता की ओर से दिखाई गई अत्यंत गैरजिम्मेदारी बेहद शर्मनाक है। यह बिल्कुल निंदनीय है कि इस तरह की झूठी बातें भारत में विपक्ष के नेता के पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा फैलाई जा रही हैं।

गुजरात में बनेगा देश का नया शिप बिल्डिंग हब: राज्य सरकार ने लॉन्च की नई ‘शिप बिल्डिंग एंड रिपेयर पॉलिसी’

shipbuilding hub in gujarat

देश में सबसे लंबा 2,340 किलोमीटर का समुद्री तट (कोस्टलाइन) रखने वाला गुजरात अब अत्याधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के दम पर देश का प्रमुख शिप बिल्डिंग और रिपेयर हब बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा लॉन्च की गई यह नई नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत', भारत सरकार की SBFAS-2025 योजना और मैरीटाइम विजन 2047 के लक्ष्यों के अनुकूल है। इस नीति के तहत शिपयार्ड्स के विकास, ग्रीन और स्मार्ट शिपयार्ड्स, क्षमता निर्माण तथा शिपबिल्डिंग क्षेत्र में R&D और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

 

इंटीग्रेटेड मेगा शिपबिल्डिंग पार्क और पोरबंदर क्लस्टर

इस पॉलिसी का मुख्य आकर्षण इंटीग्रेटेड मेगा शिपबिल्डिंग पार्क (IMSP) का विकास है, जो मरीन इक्विपमेंट क्लस्टर्स, लॉजिस्टिक्स, टेस्टिंग फैसिलिटीज और R&D केंद्रों से लैस एक आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पोरबंदर के कुछड़ी में मेगा ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर को मंजूरी दी गई है, जहां 2 से 3 विश्वस्तरीय शिपयार्ड स्थापित किए जाएँगे। इस प्रोजेक्ट से लगभग 23,700 करोड़ का भारी निजी निवेश आकर्षित होने की संभावना है।

 

3,300 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी वित्तीय सहायता

इस विशाल मैरीटाइम इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लगभग 3,300 करोड़ रुपए की लागत से मरीन और जमीन आधारित बुनियादी ढाँचा विकसित किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार की Shipbuilding Development Scheme (SbDS) तथा गुजरात सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इन सुविधाओं में ब्रेकवाटर्स, ड्रेजिंग, फ्लोटिंग क्रेन, नेविगेशन चैनल, सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति जैसी संयुक्त सुविधाएं शामिल हैं, जिससे निवेशकों की लागत घटेगी और काम में तेजी आएगी।

 

निवेशकों के लिए प्रोत्साहन और सिंगल विंडो सिस्टम

निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई नीति के तहत कैपिटल असिस्टेंस (Capital Assistance), ब्याज सहायता, स्टाम्प ड्यूटी रिफंड, ड्रेजिंग सहायता, बिजली और पानी के चार्ज में सब्सिडी तथा MSMEs से खरीदारी पर विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। शुरुआती दौर में काम शुरू करने वाले (Early Bird) निवेशकों के लिए भी विशेष लाभ रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त, त्वरित स्वीकृतियों के लिए 'सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम' और शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी।

 

'विकसित गुजरात-2047' की ओर एक बड़ा कदम

इस पॉलिसी के माध्यम से गुजरात अपनी शिपबिल्डिंग क्षमता को 50 लाख DWT (Dead Weight Tonnage) से अधिक तक पहुँचाएगा, दो मेगा शिपबिल्डिंग पार्क्स स्थापित करेगा और 5 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर रोजगार के योग्य बनाएगा। गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (GMB) द्वारा इस पॉलिसी के दिशानिर्देश भी तैयार कर लिए गए हैं।

असम और बिहार में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी FIR वापस, क्या बोली दिल्ली पुलिस?

cjp jantar mantar protest

असम की हिमंता बिस्वा सरकार और बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मामले वापस लेने का एलान किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया कि जंतर-मंतर पर चले 36 दिन के आंदोलन और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस नहीं होंगी। ALSO READ: बुरा मत मानिए, आईना हमेशा सुंदर नहीं होता…

 

दिल्ली पुलिस का कहना है कि केवल उन ही मामले में एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पुलिस या राज्य की ओर से दर्ज किए गए हैं। निजी शिकायतों के आधार पर दर्ज एफआईआर संबंधी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

 

क्या है बिहार सरकार का फैसला

बिहार सरकार ने कहा है कि 26 जुलाई की शाम छह बजे तक दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे। आंदोलन में नामित लोगों के खिलाफ भविष्य में भी कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी। ALSO READ: CJP के प्रोटेस्ट में घुसे थे हत्या, लूट और रेप के आरोपी, 989 क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले शातिर, 480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल जांच के घेरे में

 

असम में रिहा होंगे प्रदर्शनकारी

असम के राज्य के गृह विभाग ने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। कानून के अनुसार मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा कि गिरफ्तारियों की समीक्षा की जाएगी और हिरासत में लिए गए लोगों को जरूरी प्रक्रियाओं के बाद रिहा कर दिया जाएगा। 26 जुलाई को शाम 6 बजे तक पुलिस ने राज्य में 5 मामले दर्ज कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया था।

 

सीजेपी की चेतावनी

गौरतलब है कि काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज आपराधिक मामलों को वापस नहीं लिए जाने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि मंगलवार तक मांग पूरी न हुई तो फिर से सड़क पर उतरकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। ALSO READ: CJP के आंदोलन की चेतावनी के बीच दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, पार्टी का आरोप- राज्यों में जारी है गिरफ्तारियां, कानूनी सहायता के लिए बनाया फंड
 

सिब्बल ने जताई आशंका

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पुलिस आंदोलनकारी छात्रों को अपना निशाना बना सकती है। जहां-जहां छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज होंगे, वहां-वहां उन्हें कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए उन्होंने अपनी ओर से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की, ताकि कानूनी लड़ाई प्रभावी ढंग से लड़ी जा सके।

LIVE: संसद में आज परीक्षा में सुधारों पर चर्चा, लोकसभा में 6 घंटे समय निर्धारित

paper leak amendment bill in parliament

Latest News Today Live Updates in Hindi : लोकसभा में आज परीक्षा में सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा होगी। इसके लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। पल पल की जानकारी…

संसद में गतिरोध समाप्त होने के बाद लोकसभा में आज परीक्षा में सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा होगी। चर्चा के लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। स्पीकर ओम बिरला ने जरूरत पड़ने पर इससे अधिक समय देने की बात कही है।

विधेयक पर चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज, सायोनी घोष जैसे युवा चेहरे सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार पर हमले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सपा की ओर से अखिलेश यादव, तृणमूल से महुआ मोइत्रा चर्चा में हिस्सा लेंगे। 

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। यह नोटिस 20 जुलाई, 2026 को संसद तक हुए मार्च के दौरान निहत्थे छात्र प्रदर्शनकारियों पर रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर चर्चा के लिए दिया गया है, जिसमें 80 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे।