नदी साफ करते-करते Bittu Tabahi पर पड़ी बड़ी विदेशी CEO की नजर, मिला बड़ा जॉब ऑफर [VIDEO]

नदी साफ करते-करते Bittu Tabahi पर पड़ी बड़ी विदेशी CEO की नजर, मिला बड़ा जॉब ऑफर [VIDEO]

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मध्य प्रदेश के Biaora के रहने वाले 20 वर्षीय Surendra Singh Choudhary, जिन्हें सोशल मीडिया पर Bittu Tabahi के नाम से जाना जाता है, इन दिनों अपने अनोखे काम को लेकर चर्चा में हैं। महीनों से प्रदूषित Ajnar River की सफाई में जुटे बिट्टू के प्रयासों ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। नदी से प्लास्टिक, कचरा, जलकुंभी और जमा गंदगी हटाने वाले Bittu की मेहनत से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसी के बाद The Ocean Cleanup के Founder और CEO Boyan Slat की नजर भी उनके काम पर पड़ी।

 

 सोशल मीडिया पोस्ट पर आया चौंकाने वाला जवाब

 

Bittu के नदी सफाई अभियान से जुड़ी एक पोस्ट X पर शेयर की गई थी। पोस्ट में बताया गया था कि 20 वर्षीय युवक कई महीनों से खुद ही प्रदूषित नदी की सफाई कर रहा है। साथ ही नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें भी साझा की गई थीं।

 

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए Boyan Slat ने सिर्फ तीन शब्द लिखे- “Come work for us.”

 

उनका यह छोटा-सा जवाब देखते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। कई यूजर्स ने इसे Bittu के लिए शानदार और संभावित रूप से जीवन बदल देने वाला मौका बताया।

 

 जनवरी से अकेले जुटे हैं नदी की सफाई में

 

Surendra Singh Choudhary मध्य प्रदेश के Rajgarh जिले के Biaora से आते हैं। वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सफाई अभियान से जुड़े वीडियो शेयर करते रहे हैं, जिनमें उन्हें नदी से प्लास्टिक और दूसरी गंदगी निकालते हुए देखा जा सकता है।

 

बताया गया है कि उन्होंने इस अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। इसके बाद कई महीनों तक वह लगातार नदी की सफाई में जुटे रहे। उनकी मेहनत का असर नदी के उन हिस्सों में साफ दिखाई देने लगा, जहां पहले बड़ी मात्रा में कचरा जमा था।

खबरों के मुताबिक, Bittu अब तक इस सफाई अभियान पर करीब 30 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं।

 

पहले Anand Mahindra भी कर चुके हैं तारीफ

 

Bittu की मेहनत को इससे पहले भारत में भी सराहना मिल चुकी है। मार्च में उद्योगपति Anand Mahindra ने सोशल मीडिया पर उनके काम की तारीफ की थी।

 

दरअसल, कुछ लोगों ने Bittu के नदी सफाई अभियान को सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश बताया था। इसके जवाब में Anand Mahindra ने उनके प्रयासों को सकारात्मक नजरिए से देखने की बात कही और Bittu को अपना #MondayMotivation बताया।

 

उनकी इस तारीफ के बाद Bittu के काम को और ज्यादा लोगों तक पहुंच मिली।

 

 कौन हैं Boyan Slat और The Ocean Cleanup?

 

Boyan Slat नीदरलैंड्स के inventor और entrepreneur हैं। वह The Ocean Cleanup के Founder और CEO हैं। यह संगठन समुद्रों और नदियों में मौजूद प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में काम करता है।

 

संगठन का दीर्घकालिक लक्ष्य समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का बड़ा हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी से प्लास्टिक और कचरा हटाने के लिए Bittu Tabahi की जमीनी मेहनत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नोटिस किया जाना खास माना जा रहा है।

 

 Bittu Tabahi के लिए क्यों खास है यह मौका?

 

एक छोटे शहर से निकलकर बिना किसी बड़ी टीम या संसाधन के नदी की सफाई शुरू करने वाले Bittu अब दुनिया के एक बड़े environmental organisation की नजर में आ चुके हैं। Boyan Slat का “Come work for us” कहना उनकी महीनों की मेहनत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

 

अब सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Bittu Tabahi इस ऑफर को स्वीकार करेंगे?

सितंबर के पहले हफ्ते में निवेशक निराश, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल

सितंबर के पहले हफ्ते में निवेशक निराश, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल

market ki baat

Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए सितंबर का पहला हफ्ता कुछ खास नहीं रहा। सेंसेक्स में 748 अंकों की गिरावट दर्ज की गई तो निफ्टी भी 278 अंकों की गिरा। 4 दिन बाजार लाल निशान में तो 1 दिन हरे निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा सितंबर का पहला सप्ताह। ALSO READ: 7.8% की शानदार विकास दर के बीच पीएम मोदी ने क्यों की सोना नहीं खरीदने की अपील?

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स सेंसेक्स 307 अंकों की गिरावट के साथ 76957 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 13 अंकों की गिरावट के साथ 76944 पर बंद हुआ तो निफ्टी 25 अंक गिरकर 24056 पर जा पहुंचा।

 

बुधवार को सेंसेक्स 374 अंकों की गिरावट के साथ 76570 पर और निफ्टी 141 अंक गिरकर 23914 पर बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स 417 अंक गिरकर 76153 पर बंद हुआ। निफ्टी 41 अंकों की गिरावट के साथ 23873 पर जा पहुंचा। सेंसेक्स 363 अंकों की तेजी के साथ 76515 पर बंद हुआ। निफ्टी 24 अंकों की बढ़त के साथ 23898 पर पहुंच गया। ALSO READ: मानसूनी बारिश के अनियमित होने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री में उछाल, अगस्त में 9.1% बढ़ी मांग

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

क्रूड की कीमतों में तेजी, रुपए की चाल, अमेरिकी फेड के ब्याज दर संकेत, ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट और IT तथा बैंकिंग सेक्टरों के शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार की चाल तय की। FII की गतिविधियां बाजार के लिए दबाव का कारण बनी रहीं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मजबूत लिवाली करके बाजार को जरूरी सपोर्ट प्रदान किया और निचले स्तरों पर बड़ी गिरावट को रोका। बाजार में किसी बड़े ट्रिगर के अभाव में निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में ही ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बहरहाल सितंबर का दूसरा हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा और सीमित दायरे में कारोबार वाला हो सकता है। किसी भी बड़े ट्रेड से पहले निवेशकों को तकनीकी स्तरों और ग्लोबल संकेतों पर करीबी नजर रखनी चाहिए।

 

बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा कि पिछला हफ्ता भारतीय शेयर बाजारों के लिए नकारात्मक रहा। अमेरिका और ईरान में युद्ध तेज होने की वजह से क्रूड के दाम बढ़े और इस वजह से दुनिया भर के बाजारों में गिरावट हुई। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे। बाजार फिलहाल पॉजिटिव खबर का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि निफ्टी में 23800 का स्तर महत्वपूर्ण है। अगर बाजार इससे नीचे बंद होता है तो आने वाले दिनों में बाजार में और गिरावट आ सकती है। 24,100 से 24,200 का स्तर पार करने पर बाजार में तेजी लौटने की संभावना है। हालांकि निवेशकों को उम्मीद है कि बाजार रेंज बाउंड ही रहेगा।  

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

स्वतंत्र भारद्वाज की बढ़ी मुश्किल, 1 दिन की पुलिस कस्टडी, निशु आजाद केस में गंभीर धाराएं लगाईं

स्वतंत्र भारद्वाज की बढ़ी मुश्किल, 1 दिन की पुलिस कस्टडी, निशु आजाद केस में गंभीर धाराएं लगाईं

swatantra bhardwaj and nishu azad

Delhi police custody swatantra bhardwaj: जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट करने के आरोपी 'इन्फ्लुएंसर' स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा बुलंदशहर से गिरफ्तार किए जाने के बाद शनिवार को आरोपी को कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में जज के आवास पर पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। स्वतंत्र भारद्वाज के एक विवादित पॉडकास्ट के बाद भड़के जनआक्रोश और सीजेपी कार्यकर्ताओं के उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह बड़ा एक्शन लिया है।

पॉडकास्ट में किया था सिर फोड़ने का दावा

यह पूरा मामला जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई मारपीट से जुड़ा है। मामला उस समय गरमा गया जब हाल ही में स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि उसने प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ दिया था, जिसके बाद उन्हें 60 टांके आए थे और गंभीर हालत में अस्पताल ले जाना पड़ा था। उसने यह भी दावा किया था कि इस घटना के बावजूद पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस बयान का वीडियो वायरल होते ही विवाद गहरा गया। ALSO READ: निशु आजाद मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, क्या है पूरा मामला

थाने पर प्रदर्शन और सांसद चंद्रशेखर की एंट्री

पॉडकास्ट में सामने आए इस दावे के बाद सीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव कर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए थे। चौतरफा दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया।

SC-ST एक्ट और POCSO समेत लगीं गंभीर धाराएं

पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और सीजेपी की मांग को देखते हुए दर्ज एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC-ST Act) और आपराधिक धमकी की धाराएं जोड़ दी हैं। इसके अलावा, एक नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट, ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न से जुड़ी धाराओं के तहत एक नई एफआईआर भी दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। ALSO READ: ‘कॉकरोच’ कहने पर हिला दी सरकार! पढ़िए CJP आंदोलन से अभिजीत दीपके को मिले 3 सबसे बड़े सबक

थाने के बाहर सुरक्षा कड़ी, हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन

शनिवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में जज के सामने पेशी के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को 1 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं, आरोपी के समर्थन में कुछ हिंदूवादी संगठनों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संसद मार्ग थाने के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एहतियात के तौर पर जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं और भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।

बिहार में बाढ़ और एमपी-राजस्थान समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, जानें देशभर के मौसम का हाल

बिहार में बाढ़ और एमपी-राजस्थान समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, जानें देशभर के मौसम का हाल

weather update 5 september

Weather Update : बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है और सड़कें पानी से लबालब है। ALSO READ: नेपाल में चौलानी नदी में भूस्खलन से बना मलबे का बांध, तबाही और फ्लैश फ्लड की आशंका से अलर्ट पर निचले इलाके

 

बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का कहर

पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बाढ़ से 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। ALSO READ: बिहार में बाढ़ से हाहाकार; गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 18 जिलों के 6.65 लाख लोग प्रभावित

 

मध्यप्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्यप्रदेश में पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद सक्रिय हुआ मौसमी तंत्र अब ग्वालियर-चंबल की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है। इंदौर, रतलाम, देवास, धार समेत कई जिलों औसत से कम बारिश हुई है।

राजस्थान में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

राजस्थान में मानसून ने शुक्रवार को रफ्तार पकड़ी और जयपुर समेत कई जिलों को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी जयपुर, सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते कई स्कूलों में बच्चों की छुट्टियां भी कर दी गई। ALSO READ: 9 दिन तक अंधेरी सुरंग में फंसे रहे संजय साह, 'हरे कृष्णा' के जाप ने बचाई जान, जन्माष्टमी पर मिला नया जीवन
 

प्रायद्वीपीय भारत कम बारिश

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने निम्न दाब क्षेत्र के असर से आज पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अगले 6-7 दिनों तक प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है।

पेशाब से पिघल रहा है एवरेस्ट का ग्लेशियर, आ सकती है भयंकर तबाही

पेशाब से पिघल रहा है एवरेस्ट का ग्लेशियर, आ सकती है भयंकर तबाही

everest urine glacier impact

everest urine glacier impact: संसार की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) को छूने का सपना हर साल हज़ारों पर्वतारोहियों को नेपाल खींच लाता है। लेकिन इस साहसिक सपने का एक स्याह और खौफनाक पहलू सामने आया है। एक अंतरराष्ट्रीय शोध के अनुसार, एवरेस्ट बेस कैंप पर एकत्रित होने वाले पर्वतारोहियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन की गर्मी और सीधे ग्लेशियर पर किया जाने वाला पेशाब हर साल 2500 टन से अधिक बर्फ और हिम को पिघला रहा है।

 

वैज्ञानिक पत्रिका ‘रीजनल एनवायरनमेंटल चेंज’ (Regional Environmental Change) में प्रकाशित इस अध्ययन ने खुंबू ग्लेशियर (Khumbu Glacier) पर मानव गतिविधियों के विनाशकारी प्रभावों का खुलासा किया है।

everest urine glacier impact

 

इस ईंधन के जलने से उत्पन्न ऊर्जा और इंसानी पेशाब से निकलने वाली गर्मी को मिलाकर कुल 8,49,174 मेगाजूल थर्मल एनर्जी पैदा हुई। यह ऊर्जा 2,492 टन (लगभग 2,500 टन) बर्फ पिघलाने के लिए काफी है।

 

तबाही का अंदाजा : पिघली हुई यह बर्फ एक ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल, 83 बड़े टैंकर ट्रकों या लगभग 16,700 मानक बाथटबों को पानी से भरने के लिए पर्याप्त है।

everest urine glacier impact

 

दोगुने तापमान से उबल रहा है बेस कैंप

1991 से 2023 तक के लैंडसैट (Landsat) सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया कि पूरे खुंबू ग्लेशियर की तुलना में बेस कैंप वाले स्थान का तापमान बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

  • तापमान वृद्धि दर : बेस कैंप की सतह का तापमान 0.28°C प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहा है। यह दर आसपास के अन्य ग्लेशियर क्षेत्रों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
  • लक्जरी का बोझ : वसंत के समय यह कैंप किसी हाई-टेक गांव की तरह दिखता है— जहां एस्प्रेसो कैफे, बड़ी स्क्रीन वाले टीवी, हाई-स्पीड इंटरनेट, हॉट शावर और गर्म फर्श जैसी सुविधाएं मौजूद होती हैं। इन सुविधाओं से निकलने वाली गर्मी पर्यावरण पर सीधा प्रहार कर रही है।

वास्तविक पैमाना इससे भी कहीं अधिक खौफनाक!

नेपाल के भूमि प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ सर्वेक्षक किम लाल गौतम सहित शोध दल ने स्पष्ट किया कि मानव प्रभाव का वास्तविक पैमाना इस आंकड़े से कहीं ज्यादा हो सकता है।

 

इस अध्ययन में हेलीकॉप्टर उड़ानों से उत्पन्न गर्मी, हजारों पर्वतारोहियों और पोर्टरों के शरीर की गर्मी और सामान ढोने वाले याक (Yaks) से निकलने वाली ऊर्जा शामिल नहीं है।

क्या है समाधान? (वैज्ञानिकों की चेतावनी)

यद्यपि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन (Global Warming) एवरेस्ट के ग्लेशियरों के पिघलने का मुख्य कारण है, लेकिन हर साल एक ही नाजुक बिंदु (Micro-environment) पर हजारों लोगों को केंद्रित करना अब टिकाऊ (Sustainable) नहीं रह गया है।

 

शोधकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने नेपाल सरकार को सुझाव दिया है कि:

  • बेस कैंप का स्थानांतरण : दीर्घकालिक रूप से बेस कैंप को खुंबू ग्लेशियर से हटाकर पास के किसी सुरक्षित और स्थिर गैर-ग्लेशियल क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए।
  • सख्त अपशिष्ट प्रबंधन : ग्लेशियर पर किसी भी तरह के तरल अपशिष्ट या पेशाब के सीधे विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और इसे भी नीचे लाने की तकनीकी व्यवस्था की जाए।

नेपाल में चौलानी नदी में भूस्खलन से बना मलबे का बांध, तबाही और फ्लैश फ्लड की आशंका से अलर्ट पर निचले इलाके

नेपाल में चौलानी नदी में भूस्खलन से बना मलबे का बांध, तबाही और फ्लैश फ्लड की आशंका से अलर्ट पर निचले इलाके

Nepal darchula landslide: नेपाल में जारी मूसलाधार बारिश के बीच एक नए और भयंकर प्राकृतिक संकट ने दस्तक दे दी है। सुदूर पश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले में एक विशालकाय पहाड़ टूटने से चौलानी नदी का बहाव बाधित हो गया है। नदी में गिरी विशाल मलबे की चट्टानों ने पानी का रास्ता बेहद संकरा कर दिया है। अगर पहाड़ी का एक और हिस्सा टूटकर गिरता है तो कृत्रिम झील का पानी तबाही बनकर निचले इलाकों में बह निकलेगा। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षाबलों को मुस्तैद कर दिया है।

पहाड़ खिसकने से नदी में जमा हुआ भारी मलबा

नेपाल के दार्चुला जिले में स्थित 'अपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका' के भट्टर इलाके में कुदरत का खौफनाक मंजर देखने को मिला। यहां अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया, जो सीधे चौलानी नदी के ठीक बीच में जा समाया। मलबे का ढेर लगने के कारण नदी का सामान्य प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि नदी पूरी तरह से नहीं थमी है, लेकिन इसका बहाव बेहद संकरा हो जाने से पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

अचानक आ सकती है विनाशकारी बाढ़

सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार, फिलहाल नदी में जलस्तर सामान्य बना हुआ है, लेकिन असली खतरा पहाड़ी के भू-भाग के अस्थिर होने से है। यदि दोबारा भूस्खलन हुआ और नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, तो ऊपर की तरफ भारी मात्रा में पानी जमा होकर झील का रूप ले लेगा। यह पानी जब मलबे के प्राकृतिक बांध को तोड़ेगा, तो बिना किसी चेतावनी के निचले इलाकों में 'फ्लैश फ्लड' का तांडव देखने को मिल सकता है। ALSO READ: नेपाल बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर: एक घर के मलबे से मिले 23 शव, 4000 से ज्यादा लोग अब भी लापता

निचले इलाकों में अलर्ट, नदी किनारे न जाने की हिदायत

दार्चुला जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चौलानी नदी के निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रहने या किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे नदी के किनारों के पास न जाएं। आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय सुरक्षा बलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अनहोनी पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

प्रशासन ने जारी किए इमरजेंसी नंबर

मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। प्रशासन ने आम नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ में 1300 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। वह स्थान दार्चुला से लगभग 500 किलोमीटर की हवाई दूरी पर है, लेकिन उस त्रासदी की भयावहता को देखते हुए इस बार प्रशासन कोई भी लापरवाही नहीं बरत रहा है।

सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर गरमाई सियासत, क्या बोले इकरा हसन और इमरान मसूद?

सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर गरमाई सियासत, क्या बोले इकरा हसन और इमरान मसूद?

Saharanpur Mosque Demolition

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। ALSO READ: सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

 

इकरा हसन ने आरोप लगाया कि मस्जिद के मामले में सभी संबंधित लोगों को दरकिनार करते हुए बुलडोजर की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद वर्ष 1947 से पहले से बनी हुई थी और इतने पुराने धार्मिक स्थल को बिना सभी पक्षों की बात सुने ढहा दिया गया। 

 

सांसद ने कहा हमें तानाशाही के तहत हाउस अरेस्ट किया गया है। हमारे संविधान का गला घोंटा जा रहा है। इस मामले में कोई मोहलत नहीं दी गई, जबकि टेररिस्ट को मोहलत दी जा रही है।

 

उन्होंने आगे कहा कि देश में नियम-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इकरा हसन ने कहा, संविधान का गला घोंटा जा रहा है और नियम-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस मामले को लेकर हम लोग कोर्ट जाएंगे।

 

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, वह गाटा संख्या 539 है और यह जमीन वालिद खां तथा याकूब खां के नाम पर थी। उनके मुताबिक, इन लोगों ने यह जमीन कलेक्ट्रेट, कोषागार और तहसील के निर्माण के लिए दान की थी।

 

इमरान मसूद ने यह भी दावा किया कि जमीन से संबंधित वर्ष 1911 का बिजली का बिल अदालत में साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है, जिसे पोर्टल से प्राप्त किया गया था। उनका कहना है कि इसी जमीन पर एक मंदिर भी मौजूद है।

 

मस्जिद ध्वस्तीकरण पर Aimim के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने मीडिया से कहा कि इकरा हसन रील मास्टर है, यदि वह सही मायने में सहारनपुर जा रही थी और उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया है तो अखिलेश यादव अपने विधायकों के साथ वहां आयें।

 

कलेक्ट्रेट परिसर में चला बुलडोजर

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बताते हुए इसे हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। मामले में न्यायालय में भी कानूनी लड़ाई चली।

 

मिली जानकारी के मुताबिक जिला अदालत ने 4 सितंबर को मस्जिद प्रबंधन की अपील खारिज कर दी और इससे पहले जारी हटाने के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

 

प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है और विवादित निर्माण सरकारी भूमि पर था। वहीं, सांसद इकरा हसन सहित विरोध करने वाले पक्ष का आरोप है कि मामले में पर्याप्त मोहलत और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।

 

कार्रवाई के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान

मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इकरा हसन ने इसे महज एक निर्माण हटाने की कार्रवाई न मानते हुए संविधान और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल बताया है। उन्होंने साफ किया है कि वह इस मामले को न्यायालय में उठाएंगी।

 

अब इस पूरे विवाद की अगली कड़ी अदालत में देखने को मिलेगी। एक तरफ प्रशासन न्यायालय के आदेश के अनुपालन की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर सांसद इकरा हसन कार्रवाई को चुनौती देने की तैयारी में हैं। ऐसे में सहारनपुर का यह मस्जिद विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाएंगे चिराग पासवान, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत?

निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाएंगे चिराग पासवान, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत?

swatantra bhardwaj and chirag paswan

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लेते हुए दिल्ली पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज से किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार करते हुए उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। ALSO READ: निशु आजाद मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, क्या है पूरा मामला

 

पासवान ने कहा कि दिल्ली के छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली पुलिस के सामने इस मामले को मजबूती से उठाएंगे और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।

 

स्वतंत्र भारद्वाज से संबंधों पर क्या बोले चिराग पासवान?

मोदी सरकार में मंत्री पासवान ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। भारद्वाज से संबंधों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पासवान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई लोग उनसे मिलने आते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति खुद को उनका निजी परिचित बताकर उनके नाम का इस्तेमाल करे। उन्होंने ऐसे दावे को अपने और पार्टी के नाम का गलत इस्तेमाल बताया।

 

चिराग पासवान ने कहा कि हमलावर ने यह धारणा बनाने की कोशिश की कि उसके खिलाफ उनके या उनकी पार्टी की वजह से कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनके नाम का इस्तेमाल करके किसी मामले में बचने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। ALSO READ: स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

 

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने अनुसार, जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर में चोट लग गई थी। RML अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि चोट मामूली है। यह चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि कड़े से लगी थी। इस बीच स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था और राजनीतिक रसूख के चलते वह बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।

 

निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि वायरल वीडियो में उसने खुद कबूल किया उसी ने मेरे पापा का सर फोड़ा था। हमने इस घटना के समय ही उसके खिलाफ FIR दर्ज करवाया था, लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है। दिल्ली पुलिस से हमारा विश्वास उठ चुका है। अब मुझे उम्मीद सिर्फ राहुल गांधी से हैं। प्लीज आप मुझे न्याय दिलाइए। इस पर राहुल ने कहा कि निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं।

 

अगले ही दिन सीजेपी कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने का घेराव पर स्वतंत्र भारद्वाज पर सख्‍त कार्रवाई की मांगी की। दिल्ली पुलिस ने भी मामले पर तुरंत एक्शन लेते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी पर पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं।

बिहार में बाढ़ से हाहाकार; गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 18 जिलों के 6.65 लाख लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ से हाहाकार; गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 18 जिलों के 6.65 लाख लोग प्रभावित

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Bihar Flood : पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बाढ़ से 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने आगामी 9 सितंबर तक राज्य में मौसम खराब रहने और कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Nepal flash floods : नेपाल-तिब्बत सीमा पर तबाही के बीच कितने भारतीय अभी भी हैं लापता, MEA ने बताया आंकड़ा

 

बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

बाढ़ की इस विभीषिका ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। लोगों के घर डूब चुके हैं और उन्हें सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन करना पड़ रहा है। इस विकट परिस्थिति में प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित निकालने और उन तक मदद पहुंचाने के लिए कुल 36 विशेष टीमों को तैनात किया गया है।

 

क्या है प्रशासन की प्राथमिकता?

प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही खाने-पीने की जरूरी सामग्री और मेडिकल सहायता भी लगातार मुहैया कराई जा रही है। मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग की टीमें लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। ALSO READ: Weather Update: दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके क्षेत्र में कैसा रहेगा मौसम

 

हवाई सर्वेक्षण करेंगे CM चौधरी

गंगा के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण मुंगेर, बेगूसराय, सुल्तानगंज, भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र में उत्पन्न हुई भयावह स्थिति को देखते हुए शनिवार, 5 सितंबर 2026 को सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

बाढ़ पर क्या बोले नितिन नवीन?

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पर कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार मुख्यमंत्री खुद निगरानी कर रहे हैं। सरकार का पूरा ध्यान है। हम सभी का प्रयास है कि लोगों को इस आपदा के समय में भी कम से कम समस्या हो। केंद्र सरकार से भी प्रधानमंत्री हमेशा संज्ञान लेते हैं और लगातार इन विषयों को, खासकर आपदा के विषय पर हमारी चिंता ये रहती है कि सरकार पूरी तरह से जनता के लिए खड़ी रहे। नेपाल में जो आपदा आई, उसके बाद से ये स्थितियां हैं, बरसात के बाद भी कुछ स्थितियां बनी हैं लेकिन सरकार का पूरा ध्यान इस ओर है, हम पूरा प्रयास कर रहे हैं।

 

सवाल यह है कि आखिर कब थमेगा कुदरत का यह तांडव और कब इन इलाकों के लोगों को राहत मिलेगी? हमारी आपसे अपील है कि सतर्क रहें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सुरक्षा के मद्देनजर कलक्ट्रेट के सभी 5 गेट सील कर दिए गए हैं और बाहरी लोगों की एंट्री रोक दी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल और आरएएफ तैनात है। कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट किया गया। ALSO READ: केरल में दिल दहला देने वाला हादसा: खड़ी लॉरी से टकराई तेज रफ्तार कार, इंजीनियरिंग के 8 छात्रों की मौत

 

2 सितंबर को जिला जज की अदालत द्वारा प्रशासन के पक्ष में फैसला बरकरार रखने के बाद आज सुबह प्रशासन एक्शन में नजर आया। जेसीबी और डंपर मौके पर पहुंचाए गए और मस्जिद को गिराने की कार्रवाई शुरू की।

 

DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद थी, जिसको सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध पाया गया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी फर्स्ट अपील में गई थी, उनकी अपील खारिज हो गई है। इस अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। ALSO READ: Champat Rai : राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय की वापसी के दरवाजे बंद? नए महासचिव गोविंद देव गिरि का बड़ा खुलासा

 

सपा सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किया गया। उनके घर के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात है। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है और अगर कोई किसी तरह की अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।