Jio के 10 साल पूरे, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में 5.09 करोड़ ग्राहक, 58.4% बाजार हिस्सेदारी के साथ डिजिटल क्रांति को नई रफ्तार

Jio के 10 साल पूरे, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में 5.09 करोड़ ग्राहक, 58.4% बाजार हिस्सेदारी के साथ डिजिटल क्रांति को नई रफ्तार

jio pc

दस साल पहले मोबाइल हाथ में था, लेकिन इंटरनेट की रफ्तार और पहुंच आज जैसी नहीं थी। महंगा डेटा और सीमित कनेक्टिविटी डिजिटल दुनिया की राह में बड़ी बाधा थे। फिर आया 2016, और रिलायंस जियो के आगमन ने भारत के टेलीकॉम परिदृश्य को बदल दिया। मोबाइल इंटरनेट सुविधा से आगे बढ़कर रोजमर्रा की जरूरत बन गया। 

 

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी इस बदलाव की तस्वीर साफ दिखाई देती है। सितंबर 2016 में सेवा शुरू होने के समय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो के महज 8.9 लाख ग्राहक थे। जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 5.09 करोड़ हो गई। यानी करीब एक दशक में ग्राहक आधार 56.6 गुना बढ़ा। 

 

जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में कुल 8.71 करोड़ मोबाइल कनेक्शन में जियो की हिस्सेदारी 58.4% पहुंच चुकी है। अगस्त 2018 में एयरटेल और अक्टूबर 2019 में वोडाफोन आइडिया को पीछे छोड़कर नंबर-1 बनने के बाद जियो ने यह स्थान लगातार बनाए रखा है। 

 

आंकड़ों से बड़ी कहानी

इन आंकड़ों के पीछे बदलता मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ दिखाई देता है। मोबाइल इंटरनेट ने गांव के छात्र को ऑनलाइन कक्षा, किसान को बाजार की जानकारी, छोटे दुकानदार को डिजिटल भुगतान और परिवारों को वीडियो कॉल से जोड़ा। मोबाइल अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, कारोबार, बैंकिंग, मनोरंजन, जानकारी और सेवाओं की जेब में रखी दुनिया बन गया है। 

 

4G से True 5G और JioPC तक

जियो का सफर 4G से True 5G तक पहुंच चुका है और अब अगली मंजिल AI, क्लाउड और डिजिटल कंप्यूटिंग की है। इसी दिशा में JioPC जैसी पहल कंप्यूटिंग को भी अधिक सुलभ बनाने की कोशिश है। पुराने कंप्यूटर या लैपटॉप को बदले बिना क्लाउड आधारित तकनीक के जरिए उसे आधुनिक कंप्यूटिंग अनुभव से जोड़ा जा सकता है। इससे बिना नया हार्डवेयर खरीदे AI और अन्य भारी एप्लिकेशन चलाने की संभावनाएं बनती हैं।तेज कनेक्टिविटी और क्लाउड तकनीक का यह मेल एग्रीटेक, हेल्थटेक, शिक्षा, उद्योग, IoT और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में डिजिटल बदलाव की नई संभावनाएं खोल रहा है। 

 

मोबाइल से घर तक डिजिटल दुनिया

JioFiber और JioAirFiber के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो का ब्रॉडबैंड ग्राहक आधार 21 लाख के पार पहुंच चुका है। घर से काम, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और छोटे कारोबार के लिए इंटरनेट अब घर की मूलभूत जरूरत बन चुका है। 8.9 लाख से 5.09 करोड़ तक का सफर सिर्फ ग्राहकों की संख्या नहीं है। यह बदलते मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की कहानी है—जहां कनेक्टिविटी ने दूरी घटाई, डिजिटल सेवाओं ने अवसर बढ़ाए और अब AI व क्लाउड नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहे हैं।
 

दस साल बेमिसाल—सफर अभी जारी है।

कौन हैं IAS मेधा रूपम, जिन पर हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख का जुर्माना, CEC से भी है कनेक्शन

कौन हैं IAS मेधा रूपम, जिन पर हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख का जुर्माना, CEC से भी है कनेक्शन

Medha_Roopam

Who is IAS Medha Rupam: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की हिरासत रद्द करते हुए गौतम बुद्धनगर (नोएडा) की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आईएएस मेधा यूपी कैडर की 2014 बैच की वरिष्ठ अधिकारी हैं। मेधा भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं, जो कि 1988 बैच के केरल कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं।

 

दरअसल, हाईकोर्ट की अतुल श्रीधरन और अचल सचदेव की बेंच ने कृति चौधरी की हिरासत को रद्द करते हुए नोएडा की डीएम मेधा रूपम को पीड़िता को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। हालांकि मेधा हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं।

क्या है पूरा मामला? 

यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए एक ऐतिहासिक और सख्त फैसले से जुड़ा है। दरअसल, इसी साल अप्रैल में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में वेतन बढ़ाने के मांग को लेकर मजदूरों ने आंदोलन किया था। इस दौरान नोएडा में 13 अप्रैल को हिंसा फैल गई थी। हिंसा के आरोप में आकृति समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। आकृति को उस समय हिंसा फैलाने के आरोप में एनएसए लगाकर जेल में डाल दिया गया था। इसके बाद आकृति को 5 महीने जेल में रहना पड़ा था। 

 

सरकार ने इस मामले में सबूत होने की बात कही थी, लेकिन आकृति के खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं किए जा सके। आकृति के वकील ने बताया कि 13 अप्रैल की हिंसा से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस और प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह मनगढ़ंत, दुर्भावनापूर्ण और अधिकारों का दुरुपयोग थी।

वेतन से कटेगी जुर्माने की राशि

कोर्ट ने आकृति को तत्काल रिहा करने का आदेश जारी करने के साथ ही 5 महीने जेल में रखने के एवज में उन्हें 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। रिपोर्ट्‍स के मुताबिक मुआवजे की यह राशि डीएम मेधा रूपम के वेतन से काटकर आकृति को प्रदान की जाएगी। आकृति चौधरी एक एक्टिविस्ट हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसी मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा पर भी NSA लगाया गया था।

 

 

iPhone 18 Pro Max लॉन्च से पहले सस्ता हुआ iPhone 17 Pro Max, मिल रहा है धमाकेदार डिस्काउंट

iPhone 18 Pro Max लॉन्च से पहले सस्ता हुआ iPhone 17 Pro Max, मिल रहा है धमाकेदार डिस्काउंट

Apple के नए iPhone 18 Pro Max के लॉन्च का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 18 Pro Max को 9 सितंबर 2026 को लॉन्च किया जा सकता है। नए आईफोन की एंट्री से पहले Amazon और Flipkart ने पुराने iPhone 17 Pro Max के स्टॉक को क्लियर करने के लिए इसकी कीमत में कटौती शुरू कर दी है।

ALSO READ: Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

अगर आप नया iPhone खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा ऑफर्स आपके लिए खास हो सकते हैं। Amazon और Flipkart दोनों पर iPhone 17 Pro Max के 256GB मॉडल की कीमत कम हुई है। हालांकि, Apple की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी कीमत में कोई कटौती नहीं की गई है।

 

Amazon पर iPhone 17 Pro Max की कीमत

Amazon पर iPhone 17 Pro Max 256GB की कीमत घटकर 1,43,990 रुपये हो गई है। इसकी मूल कीमत 1,49,900 रुपये थी। यानी फोन पर सीधे करीब 4 प्रतिशत की छूट मिल रही है। यह मॉडल Deep Blue कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। इसके अलावा चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर 4,000 रुपये तक की अतिरिक्त बचत की जा सकती है। इनमें SBI, ICICI और Axis Bank समेत कुछ अन्य बैंक के कार्ड शामिल हैं। पुराना स्मार्टफोन एक्सचेंज करने पर डील और भी आकर्षक हो सकती है। एक्सचेंज ऑफर के तहत फोन की स्थिति और मॉडल के आधार पर 27,000 रुपये तक की अतिरिक्त कीमत मिल सकती है।

 

Flipkart पर भी घटे iPhone 17 Pro Max के दाम

Flipkart पर भी iPhone 17 Pro Max 256GB की कीमत कम की गई है। यहां फोन 1,49,900 रुपये से घटकर 1,44,900 रुपये में मिल रहा है। यानी सीधे तौर पर करीब 3 प्रतिशत की कीमत कटौती हुई है।

 

हालांकि, Flipkart पर बैंक ऑफर्स के जरिए ज्यादा बचत की जा सकती है। Flipkart Axis Bank Credit Card से भुगतान करने पर कुल 9,000 रुपये तक का लाभ मिलने की बात कही गई है। इसमें 4,000 रुपये का कैशबैक और 5,000 रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट शामिल है। इसके अलावा SBI, ICICI और Axis Bank के चुनिंदा कार्ड से 6,000 रुपये तक की अतिरिक्त छूट मिलने की जानकारी दी गई है। अन्य ऑफर्स भी उपलब्ध हो सकते हैं।

 

Apple की वेबसाइट पर अभी भी पूरी कीमत

 

Amazon और Flipkart पर कीमतों में कटौती के बावजूद Apple की आधिकारिक वेबसाइट पर iPhone 17 Pro Max 256GB की कीमत 1,49,900 रुपये ही बनी हुई है। इसका मतलब है कि फिलहाल सीधे Apple से खरीदने के बजाय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध बैंक और एक्सचेंज ऑफर्स के जरिए ज्यादा बचत की जा सकती है।

 

iPhone 17 Pro Max में क्या मिलता है?

 

iPhone 17 Pro Max में हीट-फोर्ज्ड एल्युमिनियम यूनिबॉडी डिजाइन दिया गया है। फोन के फ्रंट पर Ceramic Shield 2 मिलता है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह पिछली पीढ़ी की तुलना में स्क्रैच से तीन गुना बेहतर सुरक्षा देता है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें 48MP कैमरा सिस्टम दिया गया है। फोन में 8x तक ऑप्टिकल-क्वालिटी जूम मिलता है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP Center Stage फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो ग्रुप सेल्फी और Dual Capture वीडियो जैसे फीचर्स को सपोर्ट करता है।

 

A19 Pro चिप से लैस है फोन

 

परफॉर्मेंस के लिए iPhone 17 Pro Max में A19 Pro चिप दी गई है। फोन में वेपर-कूलिंग सिस्टम भी मिलता है, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान बेहतर परफॉर्मेंस बनाए रखने में मदद मिलती है। बैटरी की बात करें तो फोन में 37 घंटे तक वीडियो प्लेबैक का दावा किया गया है। फास्ट चार्जिंग के जरिए करीब 20 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी के लिए फोन में Wi-Fi 7, 5G और Bluetooth 6 जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

खरीदने से पहले ध्यान दें

Amazon और Flipkart पर दिखाई जा रही कीमतें बैंक ऑफर, एक्सचेंज वैल्यू और उपलब्धता के आधार पर बदल सकती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अंतिम भुगतान राशि और ऑफर की शर्तें जरूर जांच लें। वहीं, iPhone 18 Pro Max के लॉन्च के बाद iPhone 17 Pro Max की कीमत में आगे भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

swatantra-bhardwaj

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया गया है। स्वतंत्र की गिरफ्तारी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर किया था। शुक्रवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल थे। 

ALSO READ: BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान, बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

क्या था पूरा मामला

खुद को 'हिन्दुत्व एक्टिविस्ट' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। वायरल वीडियो क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते नजर आए कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की 'खोपड़ी फोड़ दी थी' और कथित घटना की गंभीरता के बावजूद जेल जाने से बच गए। CJP ने उस प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसके दौरान कथित मारपीट की घटना हुई थी। संगठन लगातार स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। CJP का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली पुलिस ने खोपड़ी में फ्रैक्चर के दावे को नकारा

विवाद उस समय और बढ़ गया जब गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा कि 38 वर्षीय संजय कुमार को झड़प के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी। पुलिस ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि संजय कुमार की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है।  पुलिस के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल पर हिरासत में लिया गया था। दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस भी जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले में जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

 

 

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन पर जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया जब भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

 

हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी थी। भारद्वाज के मुताबिक, उन्हें करीब 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि उनके साथ मारपीट या उनकी हत्या तक की जा सकती है। उन्होंने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को भी कथित तौर पर गलत तरीके से पेश किए जाने का दावा किया और कहा कि उनकी राजनीतिक संबद्धता को लेकर लोगों ने उस क्लिप को मजाक या व्यंग्य के तौर पर बनाया था।

ALSO READ: Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

निशु आजाद ने क्या आरोप लगाए?

निशु आजाद ने भारद्वाज के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी और उसके समर्थकों ने उन्हें परेशान किया और दुष्कर्म की धमकियां भी दीं। निशु के अनुसार, इन धमकियों को लेकर उन्होंने अलग से FIR भी दर्ज कराई है। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय के साथ गंभीर मारपीट हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी अब तक बाहर क्यों है और पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर संजय की खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की बात को लेकर गलत सूचना फैलाई गई थी। पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है और आरोपी से पूछताछ भी की गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को अभी कुछ नोटिस दिए जाने बाकी हैं।  जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करने समेत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले को मिला राजनीतिक रंग

निशु आजाद के मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने निशु के प्रति समर्थन जताया है। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना और स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।

अमेरिकी नौसैनिकों के लिए पटाया की मशहूर ‘सोई 6’ गली क्यों है बैन? जानें बड़ी वजह

अमेरिकी नौसैनिकों के लिए पटाया की मशहूर 'सोई 6' गली क्यों है बैन? जानें बड़ी वजह

US Navy Pattaya Ban

US Navy Pattaya Ban: थाईलैंड का खूबसूरत शहर पटाया अपनी रंगीन नाइटलाइफ और एडल्ट एंटरटेनमेंट के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन अमेरिका की नौसेना (US Navy) ने अपने अधिकारियों और सैनिकों के पटाया की सबसे प्रसिद्ध रेड-लाइट गली 'सोई 6' (Soi 6) में जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यूएस नेवी कमान द्वारा लागू किया गया यह नियम काफी सख्त है और नियम तोड़ने वाले नौसैनिकों के खिलाफ कड़ा अनुशासनत्मक एक्शन लेने की बात भी कही गई है। 

'सोई 6' गली को क्यों घोषित किया 'Off-Limits'?

पटाया की 'सोई 6' (Soi 6) बीच रोड और सेकेंड रोड के बीच स्थित एक बेहद व्यस्त और चर्चित एडल्ट-नाइटलाइफ़ स्ट्रीट है। यहां दर्जनों ओपन-फ्रंट बार, बियर बार और होस्टेस बार मौजूद हैं। अमेरिकी नौसेना कमान द्वारा अपने सैनिकों के लिए इस इलाके को 'Off-Limits' (प्रतिबंधित) घोषित करने के पीछे मुख्य रूप से सुरक्षा, अनुशासन और नौसेना की छवि से जुड़े कई बड़े कारण हैं:

 

झड़प, चोरी और धोखाधड़ी का खतरा : सोई 6 अपनी अत्यधिक भीड़-भाड़, शराब के बेहिसाब उपभोग और एडल्ट एंटरटेनमेंट के लिए जानी जाती है। ऐसे माहौल में अक्सर पर्यटकों के साथ झड़प, सामान या पैसे चोरी होने, स्कैम (धोखाधड़ी) और स्थानीय पुलिस में केस दर्ज होने का बड़ा जोखिम रहता है। ALSO READ: क्या होती है टेस्टोस्टेरोन जांच? अमेरिका में सैनिकों के लिए इसे क्यों किया गया अनिवार्य

 

कानूनी पचड़ों और मेडिकल रिस्क से बचाव : किसी विदेशी धरती पर अमेरिकी सैनिक यदि किसी आपराधिक या कानूनी पचड़े में फंसते हैं, तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जटिलताएं पैदा होती हैं। इसके अलावा, ऐसे इलाकों में स्वास्थ्य और मेडिकल से जुड़े खतरे (Medical Risks) भी अधिक होते हैं, जिनसे जवानों को बचाना कमान की प्राथमिकता है।

 

नौसेना की छवि और अनुशासन : अमेरिकी नौसेना की दुनिया भर में एक सख्त अनुशासित बल के रूप में पहचान है। किसी विवाद या पब-लाइफ के झगड़े में सैनिकों का नाम आने से मीडिया में अमेरिकी नौसेना और देश की छवि खराब होने का खतरा रहता है।

कैसे लागू होता है यह नियम और क्या है सजा?

शोर गश्त (Shore Patrol) की तैनाती : जब भी अमेरिकी नौसेना का कोई बड़ा युद्धपोत या बेड़ा (Fleet) थाईलैंड के लाएम चाबांग (Laem Chabang) या सत्थाहिप (Sattahip) बंदरगाह पर रुकता है, तो तट पर तैनात 'US Navy Shore Patrol' की टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है।

 

सख्त निगरानी : नेवी की Shore Patrol टीम शहर के इन प्रतिबंधित इलाकों (जैसे सोई 6 और बैंकॉक के कुछ खास संवेदनशील क्षेत्रों) में गश्त करती है।
 

पकड़े जाने पर तुरंत कार्रवाई : यदि कोई भी अमेरिकी सैनिक नियमों की अनदेखी कर 'सोई 6' में घूमता या बार में समय बिताता पाया जाता है, तो Shore Patrol उसे मौके पर ही हिरासत में लेकर सीधे युद्धपोत पर वापस भेज देती है।
 

अनुशासनात्मक कार्रवाई : जहाज पर लौटने के बाद उस सैनिक या अधिकारी के खिलाफ सैन्य अदालत/नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए ‘लाला’ के दर्शन

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए ‘लाला’ के दर्शन

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान व आस्था के साथ मुख्य गर्भगृह में विराजमान 'लाला' (बाल कृष्ण) के दर्शन और विशेष पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह उनका 20वां दर्शन रहा। मंदिर परिसर में आगमन पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

चांदी से सजे गर्भगृह की अद्भुत छटा निहारते रहे सीएम

जन्माष्टमी के इस विशेष और दिव्य पर्व पर जन्मभूमि के मुख्य गर्भगृह की दीवारों को चांदी की परत लगाकर बेहद अलौकिक रूप से सजाया गया था। मुख्यमंत्री योगी काफी देर तक चांदी से सजे गर्भगृह की इस अद्भुत छटा और लाला के मनमोहक स्वरूप को भक्तिभाव से निहारते रहे। मुख्य गर्भगृह में दर्शन-पूजन के बाद सीएम ने परिसर में ही स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी जाकर दर्शन-पूजन किया और देश-प्रदेश की सुख-शांति व समृद्धि की मंगल कामना की।

गोपूजन कर श्रद्धालुओं पर की पुष्प वर्षा

मंदिर में पूजन-अर्चन से पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में गोमाता का विधिवत पूजन किया। इस पावन पर्व पर जन्मभूमि परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए सीएम योगी ने उन पर देर तक पुष्प वर्षा की और सभी देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने जन्मभूमि परिसर में अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे उज्जैन से आए कलाकारों के मध्य पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया और साथ में फोटो भी खिंचवाईं। सीएम योगी करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर में रहे।

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ दो हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में कुल 25 सैन्यकर्मी मारे गए और तीन सैन्य वाहन नष्ट किए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

जियारत क्रॉस पर सैन्य काफिले को बनाया निशाना

 

BLA के प्रवक्ता के हवाले से बताया गया है कि उसके लड़ाकों ने जियारत क्रॉस के पास पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हमला किया। संगठन का दावा है कि इस हमले में दो सैन्य वाहन नष्ट कर दिए गए, जिनमें एक सैन्य ट्रक भी शामिल था। BLA के अनुसार, शुरुआती तौर पर हमले में 18 सैन्यकर्मियों के मारे जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई।

 

संगठन ने दावा किया कि हमले के दौरान सैन्य वाहनों में आग लगा दी गई और मारे गए जवानों के हथियार भी कब्जे में लिए गए।

हमले का वीडियो ट्रेलर जारी

 

BLA ने अपने आधिकारिक मीडिया चैनल Hakkal के जरिए जियारत क्रॉस हमले का करीब 1 मिनट 11 सेकंड का वीडियो ट्रेलर भी जारी किया है। संगठन का कहना है कि इसमें हमले से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं।

 

वीडियो में कथित तौर पर हथियारबंद लड़ाके जलते हुए पाकिस्तानी सैन्य वाहनों के पास दिखाई दे रहे हैं। घटनास्थल पर शव और हथियार भी नजर आने का दावा किया गया है। BLA ने कहा है कि हमले का पूरा वीडियो बाद में जारी किया जाएगा।

 

सुराब के हजीका इलाके में दूसरा हमला

BLA ने बलूचिस्तान के सुराब जिले के हजीका इलाके में एक अलग हमले का भी दावा किया है। संगठन के मुताबिक, उसके Special Tactical Operations Squad (STOS) ने विस्फोटकों से लदे वाहन को रिमोट के जरिए विस्फोट कर पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया। BLA का दावा है कि इस हमले में 7 सैन्यकर्मी मारे गए और सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया।

 

बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रहा संघर्ष

 

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलोच अलगाववादी संगठनों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। BLA समेत कई बलोच समूह पाकिस्तान से स्वतंत्रता की मांग करते रहे हैं। हाल के वर्षों में इन संगठनों ने पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और अन्य सरकारी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज किए हैं। जियारत क्रॉस और सुराब में हुए ताजा हमले भी इसी जारी विद्रोह की कड़ी माने जा रहे हैं।

 

हालांकि, 25 सैन्यकर्मियों की मौत समेत BLA के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने जियारत क्रॉस और सुराब हमलों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

‘पूरा देश और पीएम मोदी आपके साथ हैं’: निशु आजाद के मामले में भाजपा नेता का बड़ा बयान, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

'पूरा देश और पीएम मोदी आपके साथ हैं': निशु आजाद के मामले में भाजपा नेता का बड़ा बयान, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

kedarnath gupta and nishu azad

छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता केदारनाथ गुप्ता ने निशु आजाद का समर्थन करते हुए कहा कि निशु पूरा देश आपके साथ हैं। हम भी आपके साथ हैं, भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता आपके साथ है, पीएम मोदी आपके साथ हैं। बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है, देश आपका है। ALSO READ: स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

 

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी घटना पर समुदाय के नाम पर लोगों को बांटना उचित नहीं है और देशहित की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया से बचने की अपील की। 

 

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने अनुसार, 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर में चोट लग गई थी। RML अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि चोट मामूली है। यह चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि कड़े से लगी थी। इस बीच स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था और राजनीतिक रसूख के चलते वह बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।

 

निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि वायरल वीडियो में उसने खुद कबूल किया उसी ने मेरे पापा का सर फोड़ा था। हमने इस घटना के समय ही उसके खिलाफ FIR दर्ज करवाया था, लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है। दिल्ली पुलिस से हमारा विश्वास उठ चुका है। अब मुझे उम्मीद सिर्फ राहुल गांधी से हैं। प्लीज आप मुझे न्याय दिलाइए।

 

इस पर राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं। साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक की आवाज उठाती हो। उन्होंने कहा कि अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है। 

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी – ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। ALSO READ: 'डरो मत, मैं साथ हूं': पिता पर हमले के बाद निशु आजाद के समर्थन में आए राहुल गांधी

 

पुलिस ने क्यों मांगे 72 घंटे? 

संजय आजाद के समर्थन में सीजेपी नेताओं ने संसद मार्ग थाने का घेराव किया। पप्पू यादव, चंद्रशेखर आजाद समेत कई नेता उनके समर्थन में थाने पहुंच गए। पुलिस ने FIR में कानूनी धाराओं को शामिल करने की मांग मान ली है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का समय मांगा।

CJP का 72 घंटे का अल्टीमेटम, निशू आजाद के पिता पर हमले के आरोपी पर दर्ज हो हत्या के प्रयास का मुकदमा

CJP का 72 घंटे का अल्टीमेटम, निशू आजाद के पिता पर हमले के आरोपी पर दर्ज हो हत्या के प्रयास का मुकदमा

Nishu Azad Father Attack: निशू आजाद के पिता संजय पर हमले का मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर एससी-एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए। इस बीच, CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशू और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग करने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे।

 

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर जब हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था तो यहां पर हिंसा हुई। ये अपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से भी हिंसा करती आ रही है। ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है। ALSO READ: स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए। ALSO READ: ‘कॉकरोच’ कहने पर हिला दी सरकार! पढ़िए CJP आंदोलन से अभिजीत दीपके को मिले 3 सबसे बड़े सबक

हम लोग छात्रों के साथ खड़े हैं 

दास ने कहा कि आज हम इसलिए आए हैं क्योंकि तब से लेकर अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पहले दिन से हम लोग सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि आरोपी डरा रहे हैं। निशू के पिता सिर में चोट आई है। गुंडे खुलेआम कबूल कर रहे हैं। संजय आजाद को जान से मारने की कोशिश हुई है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। साथ ही उसकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। सीजेपी ने इसके लिए दिल्ली पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 

जानिए कौन हैं MP के 20 साल के ‘बिट्टू तबाही’ और क्यों हो रही है इनकी तारीफ!

जानिए कौन हैं MP के 20 साल के ‘बिट्टू तबाही’ और क्यों हो रही है इनकी तारीफ!

Bittu Tabahi News

Bittoo Tabahi Inspiration Youth: कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों, तो एक अकेला इंसान भी पहाड़ चीर सकता है या फिर सूखती और नाले में बदल चुकी नदी को दोबारा जिंदा कर सकता है। मध्यप्रदेश से सामने आई एक ऐसी ही मिसाल इस वक्त सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है।

 

जहां आज के समय में अधिकांश युवा रील्स और लाइक्स के चक्कर में समय बिताते हैं, वहीं 20 साल के ‘बिट्टू तबाही’ ने अपनी जिद और अकेले दम पर एक पूरी नदी को कचरे के ढेर से निकालकर फिर से नया जीवन दे दिया है।

गंदगी और कचरे से नाला बन चुकी थी 'अजनार नदी'

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र से गुजरने वाली अजनार नदी कभी आसपास के लोगों के लिए जीवनदायिनी हुआ करती थी। लेकिन वर्षों की उपेक्षा, पॉलीथिन, कचरा फेंकने और गंदगी के कारण यह नदी एक बदबूदार नाले के रूप में तब्दील हो चुकी थी।

  • पानी से ज्यादा कचरा : नदी में पानी दिखना बंद हो गया था और चारों तरफ जलकुंभी, गाद और प्लास्टिक की परत जमा हो गई थी।
  • उम्मीदें टूट चुकी थीं : स्थानीय लोगों ने भी मान लिया था कि अब यह नदी कभी साफ नहीं हो सकती।

बिना किसी टीम या सरकारी मदद के शुरू किया अकेला सफर

जब अजनार नदी का अस्तित्व खतरे में था, तब 20 साल के बिट्टू (जिन्हें लोग 'बिट्टू तबाही' के नाम से जानते हैं) ने इस बदहाली को बदलने की ठानी।

  • हंसी उड़ाते थे लोग : जब बिट्टू ने अकेले फावड़ा, तगाड़ी और दस्ताने लेकर नदी में उतरकर कचरा निकालना शुरू किया, तो शुरुआत में लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। 
  • अटूट संघर्ष : बिना किसी सरकारी सहायता, एनजीओ या बड़ी टीम के, बिट्टू ने हर दिन घंटों नदी से जलकुंभी, प्लास्टिक और गाद हटाने का काम जारी रखा।
  • 24 महीने की मेहनत का नतीजा : लगभग 2 साल की निरंतर मेहनत के बाद अजनार नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। नदी की तलहटी साफ हुई और उसमें एक बार फिर से पानी का प्रवाह शुरू हो गया।

वीडियो वायरल : जो कल हंसते थे, आज वही कर रहे हैं सलाम

हाल ही में अजनार नदी के 'बिफोर और आफ्टर' (सफाई से पहले और बाद) के विजुअल्स सोशल मीडिया पर सामने आए, जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गए।

  • लाखों लोगों का दिल जीता : वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे एक तरफ जहां कचरे की काली परत थी, वहां अब साफ पानी बह रहा है।
  • सलाम कर रहे हैं लोग : सोशल मीडिया पर नेटिजन्स, पर्यावरणविद और स्थानीय प्रशासन बिट्टू के इस प्रयास की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जिन लोगों ने शुरुआत में उनका मजाक उड़ाया था, वे आज उनकी इस निष्ठा के कायल हैं।

Gen-Z के लिए बने प्रेरणा के स्रोत

बिट्टू तबाही की यह पहल इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी भीड़ या भारी फंड की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक मजबूत इच्छाशक्ति ही काफी होती है।

 

मुख्य संदेश :

  • पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है : नागरिक के तौर पर भी हम अपने आसपास के जल स्रोतों को बचा सकते हैं।
  • दृढ़ संकल्प का फल : अगर लक्ष्य में सच्चाई हो, तो अकेले शुरू किया गया सफर भी एक बड़ा आंदोलन बन सकता है।

मध्यप्रदेश के इस युवा का काम न केवल अजनार नदी को नया जीवन दे चुका है, बल्कि देश भर के युवाओं को प्रकृति और नदियों को बचाने की एक नई सीख भी दे रहा है।