टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले पकड़े गए

मुंबई। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमला करने वाले तीन आरोपी पकड़े गए हैं। तीनों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया। तीनों हमलावरों में से एक बिहार का और दो हरियाणा के रहने वाले हैं। इस बीच टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मुंबई पुलिस ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पुलिस ने बताया कि, जिस तरह से गोलियां चलाईं गईं उससे लगता है कि आरोपी हत्या की योजना से ही आए थे।

पुलिस ने बताया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित ने हमला करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। यह भी बताया गया है कि अनिल ने वीडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली। गौरतलब है कि हमले में टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट आई है। फायरिंग में उनका ड्राइवर भी घायल हुआ है।

बहरहाल, रविवार की शाम को टाइगर पर हमला करने वालों को करीब 15 घंटे में राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। आरोपी जयपुर, दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की तैयारी में थे। मुंबई पुलिस से सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस ने सुबह साढ़े 10 बजे तीनों को रेलवे स्टेशन से पकड़ा। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, तीनों पुणे से जयपुर जाने वाली ट्रेन से जयपुर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि तीनों बिना टिकट ट्रेन में सवार हुए थे। तीनों को जनरल कोच में हिरासत में लिया गया। इनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।

राजस्थान पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए तीनों संदिग्धों में दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। इनमें हरियाणा के सोनीपत का रेहान और बिहार के बेगूसराय का ऋतिक कुमार उर्फ रोशन शामिल हैं। पहले तीसरे आरोपी के नाबालिग होने की बात सामने आई थी। लेकिन बाद में पुलिस ने इससे इनकार किया। मुंबई पुलिस के जानकार सूत्रों के मुताबिक, आरोपी करीब 10 दिनों से टाइगर श्रॉफ पर नजर रख रहे थे।

जयशंकर और रूबियो की मुलाकात आज

नई दिल्ली। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को मुंबई में मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और सामरिक विषयों के साथ साथ सभी दोपक्षीय मसलों पर बातचीत होगी। इस मुलाकात के बाद रूबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां वे रिलायंस समूह की रिफाइनरी का दौरा करेंगे। रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी से भी उनकी मुलाकात होगी।

बहरहाल, रूबियो का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के संबंध बहुत अच्छे नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ लगाने की धमकी और तेल खरीद को नियंत्रित करने के प्रयासों के कारण दोनों देशों में तनाव आया है। दोनों देशों के बीच व्यापार संधि अटकी है। उधर राष्ट्रपति ट्रंप भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा पाना मुश्किल बना रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के शहबाज, मुनीर प्रशासन के साथ भी खूब नजदीकी बढ़ाई है।

बताया जा रहा है कि जयशंकर और रूबियो भारत व अमेरिका के संबंधों में आए तनाव को दूर करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जानकार अधिकारियों का कहना है, ‘बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें दोपक्षीय संबंधों को लेकर ज्यादा फोकस रहेगा’। गौरतलब है कि इस साल रुबियो दूसरी बार भारत आ रहे हैं। उनकी पिछली यात्रा का मुख्य केंद्र क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक थी, जहां भारत के साथ अलग से सीमित चर्चा हुई थी।

इस अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा का एजेंडा साफ तौर पर भारत के साथ दोपक्षीय संबंधों को सुधारने और मजबूत करने पर केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार की मुलाकात पुरानी बैठकों से काफी अलग होगी, क्योंकि इसमें क्वाड जैसे बहुपक्षीय मंच की छाया नहीं रहेगी। यह पूरी तरह दोपक्षीय होगी और दोनों पक्ष खुले मन से मुद्दों पर बात करेंगे। ट्रंप प्रशासन पहले ही बता चुका है कि रुबियो की यात्रा में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग काफी अहम रहने वाला है।

मुंबई की दोपक्षीय वार्ता के के बाद रूबियो जामनगर जाएंगे, जहां रिलायंस समूह के प्रतिनिधियों के साथ उनकी अलग बैठक होगी। इसमें रिलायंस की तरफ से अमेरिका में लगाई जाने वाली रिफाइनरी, वेनेजुएला से उत्पादित क्रूड की खरीद, रिलायंस की रिफाइनरी से डीजल आपूर्ति जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यह पहला मौका है जब कोई अमेरिकी विदेश मंत्री अपनी पूरी आधिकारिक टीम के साथ जामनगर जा रहा है, जहां रिलायंस की रिफाइनरी स्थिति है।

इंस्टाग्राम, फेसबुक कंटेंट पर मेटा को निर्देश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार सोशल मीडिया पर चल रहे सरकारी विरोधी नैरेटिव से परेशान है और उसे रोकना चाहती है। इसके लिए सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को निर्देश दिया है कि वह इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के एल्गोरिदम की समीक्षा करे। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को एकतरफा नैरेटिव वाला कंटेंट मिल रहा है। सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह निर्देश 10 अक्टूबर को जारी किया था लेकिन सोमवार को इसकी जानकारी सामने आई।

मंत्रालय की ओर से भेजे गए निर्देश में मेटा से सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने, हिंसा भड़काने या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री पर ज्यादा निगरानी करने को कहा गया है। गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को ही कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था। उस दिन दिन भर दिल्ली में अफरातफरी का माहौल रहा था और करीब सात हजार लोगों को हिरासत में लिया गया था।

उसी दिन सरकार की ओर से मेटा से यह भी कहा गया कि विरोध, प्रदर्शनों से जुड़े फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स और अन्य कंटेंट के साथ पर्याप्त संदर्भ दिया जाए। कहा गया है कि ऐसे मामलों में संदर्भ देना ज्यादा जरूरी है, जहां यूजर्स कंटेंट की असलियत, तारीख, जगह या परिस्थितियों का आसानी से पता नहीं लगा सकते। मंत्रालय ने उससे यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि यूजर्स को किसी एक या सीमित संख्या वाले नैरेटिव का जरूरत से ज्यादा एक्सपोजर न मिले। यानी एक ही तरह के नैरेटिव सपोर्ट करने वाला कंटेंट ज्यादा न मिले।

मणिपुर में चार लोगों की हत्या

इम्फाल। हिंसा प्रभावित मणिपुर में सोमवार को एक बार फिर कई बड़ी वारदातें हुई हैं। दो अलग अलग घटनाओ में चार लोगों की हत्या कर दी गई है। इन घटनाओं से नाराज स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के सामने शव रख कर प्रदर्शन किया। असल में रविवार की रात को थौबल जिले में दो समुदायों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके अलावा सोमवार की सुबह जंगल से लकड़ी लेने गए तीन लोगों की उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

हिंसा की इन घटनाओं से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने राजधानी इम्फाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। बहरहाल, थौबल के अलावा दूसरी घटना इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर हुई। अधिकारियों के मुताबिक, गोलीबारी में चार लोग घायल हुए हैं और तीन लोग अब भी लापता हैं। घटना कांगपोकपी के खोंगबाल सुनुरोक उयोक में हुई। उग्रवादी की हिंसा में मारे गए तीनों लोगों की पहचान कर ली गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, वे लकड़ी लेने गए समूह में शामिल थे। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। घटना में घायल लोगों में से एक की हालत गंभीर है। घटना से नाराज स्थानीय लोग शवों को राज्य की राजधानी इम्फाल ले आए। उन्होंने बाबूपारा स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य गेट के बाहर शव रख दिए। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह आवास पर मौजूद थे या नहीं, यह तुरंत पता नहीं चल सका। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया।

मस्क एक लाख करोड़ का शेयर बच्चों को देंगे

नई दिल्ली। अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मिड टर्म इलेक्शन से पहले दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि वे अमेरिका के सात करोड़ बच्चों के बीच एक लाख करोड़ रुपए का शेयर बांटेंगे। मस्क ने कहा है कि वे अमेरिकी बच्चों को अपनी सेटेलाइट बनाने वाली अपनी कंपनी स्पेसएक्स का एक एक शेयर देंगे। गौरतलब है कि मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुत करीबी हैं और उनके लिए चुनाव प्रचार भी करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी बच्चों के लिए ‘ट्रंप अकाउंट’ खोल कर उसमें एक एक हजार डॉलर डालने वाले हैं।

बहरहाल, मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के एक शेयर की कीमत अभी 146 डॉलर यानी करीब 14 हजार रुपए के बराबर है। अमेरिका में करीब 7.2 करोड़ बच्चे हैं। ऐसे में बांटे जाने वाले शेयरों की कीमत एक लाख करोड़ रुपए होगी। हालांकि मस्क ने यह नहीं बताया है कि बच्चों तक शेयर कैसे पहुंचेंगे, क्या पैरेंट्स के नाम से शेयर जारी होंगे, क्या पैरेंट्स इनको बेच सकेंगे, सभी बच्चों को शेयर मिलेंगे या उनमें कुछ पैमाना तय होगा?

गौरतलब है कि 30 जून 2026 तक की एक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक स्पेसएक्स में मस्क की कुल हिस्सेदारी 48.4 फीसदी है। इस समय मस्क की हिस्सेदारी की कुल कीमत करीब 860 बिलियन डॉलर यानी करीब 80 लाख करोड़ रुपए है। मस्क ने अपने पोस्ट में कहा कि यह कई योजनाओं में से सिर्फ पहली योजना है। इससे साफ है कि वे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, उनकी बाकी योजनाएं क्या हैं और उनके बारे में वे कब बताएंगे, इसका उन्होंने कोई टाइमटेबल नहीं दिया है।

Jio IPO ने रचा इतिहास! ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, एंकर निवेशकों की डिमांड 30 गुना पार

Jio IPO ने रचा इतिहास! ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, एंकर निवेशकों की डिमांड 30 गुना पार

JIO IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर दिग्गज निवेशकों ने बड़ा दांव खेला है। ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इंस्टीट्यूशनल डिमांड आई। यानी जितने शेयर एंकर निवेशकों के लिए रखे गए थे, उसके मुकाबले मांग 30 गुना से भी ज्यादा रही। भारतीय आईपीओ इतिहास में पहली बार किसी इश्यू की इंस्टीट्यूशनल डिमांड ने ₹2.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया है।

 

इस रिकॉर्ड डिमांड की एक और खास बात है, जियो पर भरोसा जताने वालों की लिस्ट। इनमें वे संस्थान शामिल हैं, जिनके पास आम निवेशक अपनी बचत और निवेश का बड़ा हिस्सा सौंपते हैं। एलआईसी के साथ एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और निप्पॉन म्यूचुअल फंड जैसे बड़े घरेलू नाम एंकर बुक में शामिल हुए। वहीं ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट और एलियांज जैसे ग्लोबल दिग्गजों ने भी भागीदारी की।

 

सिर्फ म्यूचुअल फंड ही नहीं, लंबी अवधि के निवेशक भी जियो के साथ खड़े दिखे। जीआईसी, एडीआईए, क्यूआईए और नॉर्गेस जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट, फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई पेंशन और यूटीआई पेंशन जैसे पेंशन फंड भी एंकर निवेशकों में शामिल रहे।

 

एंकर बुक में 200 से ज्यादा निवेशक संस्थाओं और फंड स्कीमों की भागीदारी रही। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट्स ड्रैगोनियर, जैनस हेंडरसन और नाइंटी वन ने भी हिस्सा लिया। वहीं एनाम, प्रेमजी और एचसीएल जैसे भारतीय फैमिली ऑफिस भी जियो आईपीओ के एंकर निवेशकों में शामिल हुए।

 

आवंटन की बात करें तो एलआईसी को ₹500 करोड़ का सबसे बड़ा एलोकेशन मिला। ब्लैकरॉक, कैपिटल इंटरनेशनल, फिडेलिटी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, जीआईसी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और एसबीआई म्यूचुअल फंड को करीब ₹425-425 करोड़ का आवंटन किया गया। कुल एंकर बुक ₹8,110 करोड़ की रही।

CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, क्राइम ब्रांच को सौंपा गया केस, क्या बोले अभिजीत दिपके

CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, क्राइम ब्रांच को सौंपा गया केस, क्या बोले अभिजीत दिपके

CJP Protest : abhijit dipke, saurab das, ashutosh ranka detained

जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास से संबंधित केस दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। वहीं, दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

 

न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ने पर अभिजीत दिपके का बयान

 

अभिजीत दिपके ने सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं को डराने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। दिपके ने कहा कि दोनों युवा पांच दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बावजूद अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पुलिस कार्रवाई, दिल्ली में लगाए गए बैरिकेड और प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार का जिक्र किया।

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दिपके ने दावा किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने गए थे, लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दोनों की अदालत में सुनवाई बार-बार टाली गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

‘क्या यह अघोषित आपातकाल नहीं?’

दिपके ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को जेल में रखने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई से युवा प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटेगा।

 

उन्होंने सौरव दास की तारीफ करते हुए कहा कि दास ने पहले स्वीकार किया था कि उनके लिए जेल में एक दिन बिताना भी मुश्किल होगा, लेकिन अब वह हिरासत में रहने के बावजूद संयम बनाए हुए हैं। दिपके ने आशुतोष रांका और दोनों प्रदर्शनकारियों के परिवारों की भी सराहना की।

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परिवारों के हौसले का भी किया जिक्र

 

अभिजीत दिपके ने वीडियो में सौरव दास की मां से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, दास की मां ने कहा था कि उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा ठीक रहेगा और इतनी आसानी से हिम्मत नहीं हारेगा। दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार गिरफ्तारी और डराने की कार्रवाई के जरिए असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।

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उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों को चुप नहीं कराया जा सकेगा। फिलहाल, जंतर-मंतर से जुड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और अदालत की कार्यवाही पर नजर रहेगी।

VIDEO : जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर अंडरगारमेंट में ‘सीक्रेट पैकेट’ छिपाकर ले जा रहा था संदिग्ध, CISF जवान ने दौड़कर पकड़ा

VIDEO : जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर अंडरगारमेंट में 'सीक्रेट पैकेट' छिपाकर ले जा रहा था संदिग्ध,  CISF जवान ने दौड़कर पकड़ा

jama masjid

दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को बैगेज स्कैनिंग के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर एक यात्री भागने लगा। हालांकि, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे स्टेशन के एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में छिपाकर रखा गया करीब 155 ग्राम पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी जांच में सोने का पाउडर होने की जानकारी सामने आई।

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बैग स्कैनर में दिखी संदिग्ध वस्तु, भागने लगा यात्री

 

CISF के मुताबिक, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर बैगेज की जांच के दौरान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) की स्क्रीन पर एक घनी और संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। इसके बाद यात्री ने वहां से भागने की कोशिश की। सतर्क जवानों ने तुरंत उसका पीछा किया और निकास द्वार के पास उसे पकड़ लिया।

 

यात्री के बैग और अन्य सामान की जांच करने पर अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात अर्धठोस पदार्थ छिपा मिला। शुरुआती आशंका के आधार पर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई और यात्री को बरामद सामग्री समेत पुलिस के हवाले कर दिया गया।

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पहले नशीले पदार्थ का हुआ संदेह

 

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में बरामद पदार्थ के नशीला या मन:प्रभावी पदार्थ होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद नारकोटिक्स अधिकारियों से संपर्क किया गया। जांच में इस आशंका को खारिज कर दिया गया और आगे की जांच में पदार्थ की पहचान सोने के पाउडर के रूप में हुई।

 

यात्री की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और उसने मलेशिया के कुआलालंपुर का पता भी बताया। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि वह मलेशिया में कपड़ा क्षेत्र में काम करता है और वहां अपनी मलेशियाई पत्नी तथा दो बच्चों के साथ रहता है।

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16 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचा था यात्री

 

पूछताछ के दौरान शोएब ने बताया कि वह 16 अक्टूबर को बरामद पदार्थ के साथ दिल्ली पहुंचा था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा था। अगले दिन वह लाजपत नगर जाने के लिए मेट्रो स्टेशन पहुंचा था। पुलिस ने मामले में सीमा शुल्क विभाग से भी संपर्क किया। हालांकि, अधिकारियों ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए कार्रवाई शुरू नहीं की। पुलिस के अनुसार, शोएब बरामद सामग्री के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सका और न ही उसे ले जाने की संतोषजनक वजह बता पाया।

दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई

 

पुलिस ने बताया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। इस घटना में CISF जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण संदिग्ध यात्री को स्टेशन से बाहर निकलने से पहले ही पकड़ लिया गया।

‘वोट देगा अहीर, लैपटॉप लेगा जहीर’, सुभाष यदुवंश का अखिलेश यादव पर तंज, लैपटॉप वितरण को लेकर उठाए सवाल

'वोट देगा अहीर, लैपटॉप लेगा जहीर', सुभाष यदुवंश का अखिलेश यादव पर तंज, लैपटॉप वितरण को लेकर उठाए सवाल

भाजपा MLC सुभाष यदुवंश ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा लैपटॉप बांटे जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘वोट देगा अहीर और लैपटॉप लेगा जहीर।’ दरअसल, हाल ही में अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में कुछ छात्र-छात्राओं को लैपटॉप बांटे थे, जिसमें अधिकतर मुस्लिम छात्र शामिल थे।

 

अब सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसी तस्वीर को लेकर सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने सपा प्रमुख के इस कदम को यादवों की उपेक्षा से जोड़ा है। सुभाष यदुवंश ने तंज कसा है कि सपा में केवल मुस्लिमों का बोलबाला है, यादवों को सपा केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है जबकि फायदा सिर्फ मुस्लिमों को पहुंचाया जाता है।

 

ये पहला मौका नहीं है जब सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव पर हमला बोला है। इससे पहले भी सुभाष यदुवंश सपा के पीडीए पर निशाना साधते रहे हैं। सुभाष यदुवंश का आरोप है कि अखिलेश का पीडीए केवल ढकोसला है और सपा सिर्फ एक परिवार की हिमायती पार्टी है।

 

अखिलेश यादव की लैपटॉप वितरण योजना पर उठते रहे हैं सवाल

 

लैपटॉप वितरण को लेकर अखिलेश यादव पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भी सपा की लैपटॉप वितरण योजना को लॉलीपॉप योजना बताया था। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव ने सरकार में रहते हुए लैपटॉप वितरण के नाम पर अपनी तिजोरी भरी है। कई नेता आरोप लगाते रहते हैं कि सपा सरकार में छात्रों को खराब क्वालिटी का लैपटॉप दिया गया था। वितरण में भी गड़बड़ी की गई थी।

नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं : CM योगी

नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो समाज जगत जननी मां भगवती का उपासक है, वहां नारी  गरिमा के विपरीत आचरण की कोई जगह नहीं हो सकती। सनातन परंपरा ने सदैव मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च स्थान दिया है। नवरात्रि में कन्याओं का पूजन इसी भाव का प्रतीक है। सरकार ने इस परंपरा को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया है। मिशन शक्ति अभियान इसी संकल्प से प्रेरित है। मुख्यमंत्री सोमवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

मातृशक्ति के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जगत जननी मां भगवती का नवम स्वरूप सभी सिद्धियां प्रदान करने वाला है। महानवमी पर कन्या पूजन के माध्यम से सनातन धर्मावलंबी मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। बासंतिक और शारदीय नवरात्रि की परंपरा नारी के प्रति सर्वोच्च सम्मान का संदेश देती है। गोरखनाथ मंदिर की इस पावन परंपरा से जुड़कर कन्याओं का पूजन और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना उनका सौभाग्य है।

 

उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था है, जहां महिला बीट पुलिस अधिकारी अथवा उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी उनकी समस्याएं सुनती हैं। महिलाओं की सहायता के लिए 1090 हेल्पलाइन भी संचालित है।

महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला कार्मिक थीं। आज यह संख्या बढ़कर करीब 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में बेहतर सुरक्षा का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम, नारी गरिमा तथा स्वावलंबन को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा के लिए विभिन्न चरणों में 25 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पांच लाख से अधिक कन्याओं का सामूहिक विवाह

सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में 54 हजार बीसी सखी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों से भी महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। सरकार बेटियों की शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है।

विंध्यवासिनी धाम में एक दिन में 25 लाख से अधिक श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में प्रदेश के लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविवार को 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

 

उन्होंने बताया कि शक्तिपीठ देवीपाटन, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शासन-प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

विजयादशमी पर सामाजिक बुराइयों के दहन का लें संकल्प

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंगलवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। यह अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का उत्सव है। प्रभु श्रीराम की विजय का यह पर्व समाज को बुराइयों से मुक्त होने का संदेश देता है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों के खात्मे का भी संकल्प लेना चाहिए।

 

उन्होंने समाज की एकता को भंग कर राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों को बेनकाब करने का आह्वान किया। कहा कि विजयादशमी पर रामलीला और पुतला दहन के आयोजनों के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के साथ सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्व उत्साह और उमंग से मनाएं, लेकिन अनुशासन और सुरक्षा की अनदेखी न करें।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई देते हुए मां भगवती से सभी के सुख और समृद्धि की कामना की। विजयादशमी की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से मुक्त करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।