ISRO EOS-05 Launch: अंतरिक्ष में भारत की नई छलांग, जानिए EOS-05 में क्या है खास

ISRO EOS-05 Launch: अंतरिक्ष में भारत की नई छलांग, जानिए EOS-05 में क्या है खास

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए EOS-05 उपग्रह का प्रक्षेपण किया गया। यह मिशन इसलिए खास है क्योंकि EOS-05 भारत का पहला ऐसा अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग के लिए विकसित किया गया है। 

क्या है EOS-05?

EOS-05 एक अत्याधुनिक Earth Observation Satellite है। इसका मुख्य काम अंतरिक्ष से पृथ्वी की सतह की निगरानी और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें उपलब्ध कराना है। ISRO के मुताबिक, यह भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है जो जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी का अवलोकन करेगा।

 

आमतौर पर पृथ्वी अवलोकन के लिए इस्तेमाल होने वाले कई उपग्रह लोअर ऑर्बिट में चक्कर लगाते हैं। EOS-05 का जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग करना भारत की सैटेलाइट इमेजिंग क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम माना जा रहा है।

 

GSLV-F17 ने दिया मिशन को अंजाम

EOS-05 को अंतरिक्ष में पहुंचाने के लिए ISRO ने अपने Geosynchronous Satellite Launch Vehicle यानी GSLV-F17 का इस्तेमाल किया। यह GSLV की 19वीं उड़ान है। रॉकेट ने EOS-05 को निर्धारित सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित किया।

 

क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन?

 

EOS-05 भारत की पृथ्वी अवलोकन क्षमता को एक नई दिशा देता है। अंतरिक्ष से मिलने वाली तस्वीरों और आंकड़ों का इस्तेमाल पृथ्वी की सतह और बदलती परिस्थितियों की निगरानी जैसे कार्यों में किया जा सकता है। जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग की क्षमता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस तरह की कक्षा में उपग्रह पृथ्वी के एक बड़े क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखने में उपयोगी हो सकता है। इससे बड़े इलाके की निगरानी और समय-समय पर होने वाले बदलावों का अध्ययन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

 

isro eos-05

भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता

EOS-05 मिशन भारत के बढ़ते Earth Observation और अंतरिक्ष-आधारित निगरानी ढांचे का एक और अहम हिस्सा है। इससे पहले भी ISRO ने EOS सीरीज के कई उपग्रहों के जरिए पृथ्वी के संसाधनों, मौसम, पर्यावरण और अन्य गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जुटाने की क्षमता विकसित की है। EOS-05 की खास ऑर्बिटल इमेजिंग क्षमता इस दिशा में एक नई तकनीकी उपलब्धि है। ISRO के लिए यह मिशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग के क्षेत्र में भारत की पहली उपलब्धि है।

 

इस मिशन के साथ ISRO ने पृथ्वी अवलोकन के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं का विस्तार किया है। खास तौर पर जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग की क्षमता EOS-05 को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि बनाती है।

Top News 4 September: देशभर में जन्माष्टमी की धूम, ISRO का EOS-05 लॉन्च, क्रूड 100 डॉलर के करीब

Top News 4 September: देशभर में जन्माष्टमी की धूम, ISRO का EOS-05 लॉन्च, क्रूड 100 डॉलर के करीब

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Top News 4 September : देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, इसरों ने अंतरिक्ष में ईओएस-05 उपग्रह प्रक्षेपित किया। इंडियन बास्केट में क्रूड फिर 100 डॉलर के करीब पहुंचा। नेपाल भीषण बाढ़ के बाद भूकंप से थर्राया। अभिजीत दीपके की पीएम मोदी को अनोख चुनौती। 4 सितंबर की बड़ी खबरें :   

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम 

देशभर में जन्माष्‍टमी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन समेत देशभर के कृष्ण मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़। शुक्रवार मध्यरात्रि 12 बजे होने वाले कृष्ण जन्मोत्सव की सभी तैयारियां हो चुकी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी। ALSO READ: कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

 

इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा ईओएस-05 उपग्रह

इसरो ने ईओएस-05 उपग्रह का आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण किया। जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित उपग्रह भारत का पहला अत्याधुनिक भू-तुल्यकालिक इमेजिंग सैटेलाइट है।

 

क्रूड फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब

अमेरिका और ईरान के बीच जंग से तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचती नजर आ रही है। इंडियन बास्केट में आज कच्चे तेल के दाम 99.35 डॉलर प्रति बैरल हो गए। ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 91.92 डॉलर प्रति बैरल है। 

 

नेपाल में भूकंप

नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर आपदा के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

अभिजीत दीपके की पीएम मोदी को चुनौती

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अनोखी चुनौती दी है। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई के रिकॉर्ड पर हाल ही में शुरू हुए विवाद के बाद दीपके ने पीएम मोदी से कहा कि चलिए दोनों अपनी-अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं। ALSO READ: अमेरिका में पढ़ाई पर घिरे अभिजीत दीपके ने PM मोदी को दी चुनौती, जानिए क्या कहा…

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, अब सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, अब सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

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श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हालिया चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में संचालन व्यवस्था को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।

 

​लड़ाकू विमान के पायलट के रूप में वायुसेना में 39 वर्षों की बेदाग सेवा देने वाले जितेंद्र मिश्रा 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वेस्टर्न कमांड के चीफ रहे हैं और कारगिल युद्ध में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वायुसेना में विषम परिस्थितियों का मुकाबला करने के बाद अब अयोध्या में उनकी दूसरी पारी शुरू हो रही है, जहाँ उनके सामने चुनौतियों का नया मैदान तैयार है।

 

​प्रमुख चुनौतियाँ और नया प्रशासनिक खाका

 

​वित्तीय पारदर्शिता व सुरक्षा : मई माह में सामने आए दान और चढ़ावे में हेराफेरी के मामले के बाद ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। नए CEO का पहला ध्येय मंदिर के आर्थिक लेखा-जोखा को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना होगा।

 

​जनता और श्रद्धालुओं का विश्वास: हालिया विवाद से ट्रस्ट की साख पर पड़े प्रभाव को मिटाना और देश-विदेश के रामभक्तों के बीच पारदर्शिता का भरोसा बहाल करना सबसे प्राथमिक कार्य है।

 

​भीड़, सुरक्षा व वीआईपी प्रबंधन: अयोध्या में हर दिन उमड़ते लाखों श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल के बीच तालमेल बिठाना एक बड़ी प्रशासनिक परीक्षा होगी।

 

​प्रशासनिक अनुशासन व जवाबदेही : अब तक राम मंदिर से जुड़े फैसले ट्रस्टियों के स्तर पर लिए जाते थे। सीईओ की नियुक्ति से दैनिक प्रबंधन, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और विभागीय समन्वय में सीधी जवाबदेही तय होगी।

 

​रामलला के दर्शन और ट्रस्ट सदस्यों के साथ पहली औपचारिक मुलाकात के बाद जितेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वे पहले पूरी कार्यप्रणाली और व्यवस्था की बारीकियों को गहराई से समझेंगे, जिसके बाद प्रशासनिक कमान पूर्ण रूप से संभालेंगे। सैन्य अनुशासन और दूरदर्शिता के बल पर राम मंदिर के इस नए प्रशासनिक अध्याय से व्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। जेलेंस्की ने युद्ध समाप्त कराने की भारत की कोशिशों के लिए आभार जताते हुए कहा कि 'शांति की जरूरत है' और यह भारत की स्पष्ट स्थिति है।

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जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “हम भारत के उस प्रयास के लिए आभारी हैं, जिसके जरिए वह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस अन्यायपूर्ण युद्ध को समाप्त करना चाहता है।”

 

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह समय युद्ध का नहीं होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया के अन्य मजबूत देश भी स्पष्ट रुख अपनाएंगे कि यह युद्ध समाप्त होना चाहिए और एक भरोसेमंद एवं स्थायी शांति जरूरी है।

 

काला सागर और नागरिक जहाजों की सुरक्षा पर चर्चा

 

जेलेंस्की के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच काला सागर और वहां नागरिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों तक खाद्य आपूर्ति को रोकना स्वीकार्य नहीं है, जहां लोग समुद्री मार्गों पर निर्भर हैं। उन्होंने रूस पर यूक्रेन के बंदरगाहों, अनाज गलियारे और आपूर्ति को बाधित करने का आरोप लगाया। जेलेंस्की के अनुसार, ऐसी कार्रवाइयों से वैश्विक संबंधों में भी बड़ी अस्थिरता पैदा हो रही है।

 

जयशंकर ने कहा- युद्ध खत्म करने में भारत मदद के लिए तैयार

 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कहा कि उनकी जेलेंस्की के साथ बातचीत का केंद्र चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के तरीकों पर रहा।

 

इससे पहले कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ पत्रकारों से बातचीत में जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरीके से मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “अगर भारत किसी भी तरह मदद कर सकता है, तो हम वहां हैं।”

 

जयशंकर इस समय यूक्रेन के आधिकारिक दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान वह अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रadoslaw Sikorski के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

 

जेलेंस्की ने रूस के ड्रोन हमलों का भी किया जिक्र

 

जेलेंस्की ने कहा कि जयशंकर की यात्रा के दौरान भी रूस ने ‘शाहेद’ ड्रोन से हमले किए। उन्होंने दावा किया कि इन ड्रोनों के निर्माण में ईरान की सहायता का इस्तेमाल हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यूक्रेन की लड़ाकू विमानन क्षमता के कारण भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा। भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन युद्ध को बातचीत और कूटनीति के जरिए समाप्त करने तथा क्षेत्र में शांति कायम करने की वकालत करता रहा है।

 

 

'भारत एक वैश्विक महाशक्ति', यूक्रेन ने PM मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे 

यूक्रेन ने भारत को ‘वैश्विक महाशक्ति’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध को खत्म कर शांति की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी। कीव में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भारत की भूमिका की सराहना की।

 

जयशंकर की कीव यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत के किसी विदेश मंत्री ने यूक्रेन की ऐसी समर्पित द्विपक्षीय यात्रा की है। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ यूक्रेन युद्ध और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

 

यूक्रेन ने भारत को बताया वैश्विक महाशक्ति

 

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बैठक के बाद भारत की भूमिका की तारीफ करते हुए कहा कि भारत एक वैश्विक शक्ति है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का भी स्वागत किया, जिसमें युद्ध को अनिश्चितकाल तक जारी रखने के बजाय इसे समाप्त करने और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई गई थी।

 

सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच बातचीत में काला सागर में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की जरूरत पर भी चर्चा हुई।

 

रूसी हमलों के बीच जयशंकर का कीव दौरा

 

जयशंकर की यूक्रेन यात्रा ऐसे समय हुई है जब यूक्रेन के शहरों, बंदरगाहों और वाणिज्यिक समुद्री परिवहन मार्गों पर रूसी मिसाइल हमले लगातार जारी हैं।

 

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने जयशंकर की यात्रा को बहादुरी भरा कदम बताते हुए कहा कि यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में हमले बढ़ रहे हैं।

 

बैठक में दोनों देशों ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति के अलावा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की।

 

Infrastructure से लेकर Pharma और Technology तक सहयोग

 

भारत और यूक्रेन ने अपने द्विपक्षीय सहयोग के कई क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मास्युटिकल सेक्टर, तकनीकी नवाचार और डिजिटलाइजेशन प्रमुख हैं।

 

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करते हुए पारस्परिक लाभ वाली नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। दोनों पक्षों ने अगली Intergovernmental Commission Meeting आयोजित करने पर भी काम करने की सहमति जताई है, ताकि संभावनाओं को ठोस और दोनों देशों के लिए लाभकारी परियोजनाओं में बदला जा सके।

PM मोदी ने पुतिन से क्या कहा था?

 

इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया था।

 

पीएम मोदी ने कहा था कि भारत शांति हासिल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि युद्ध में बीतने वाला हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद और उत्साह पैदा करता है।

 

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि 'हमें अंतहीन युद्ध से निकलकर युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा।' उनके मुताबिक मानवता के कल्याण के लिए ऐसा करना जरूरी है।

 

यूक्रेन के लिए भारत की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण?

 

भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की वकालत करता रहा है। नई दिल्ली ने लगातार यह संदेश दिया है कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और शांति के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत जरूरी है।

ऐसे में यूक्रेन की ओर से भारत को 'वैश्विक महाशक्ति' बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के शांति संबंधी संदेश का स्वागत किया जाना भारत की कूटनीतिक भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयशंकर की कीव यात्रा से भारत-यूक्रेन संबंधों में व्यापार, तकनीक, फार्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

‘योगी बाबा आयो है, 1051 करोड़ लायो है’, श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य; बोले- जहां कीचड़ था, वहां बनी सड़कें

'योगी बाबा आयो है, 1051 करोड़ लायो है', श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य; बोले- जहां कीचड़ था, वहां बनी सड़कें

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गुरुवार को विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत और अभिनंदन करते हुए 2017 के बाद ब्रज में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ब्रज के अंदाज में करते हुए कहा कि योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं। 

 

मथुरा-वृंदावन में पुल और सड़कों का जिक्र

 

भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ब्रज ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में यमुना और गंगा की तरह विकास का प्रवाह लगातार तेज गति से जारी है। वर्ष 2017 से पहले ब्रज की हालत बहुत खराब थी। जहां घुटनों तक कीचड़ होता था, वहां अब खड़ंजा बन गया है। जहां गड्ढे होते थे, वहां इंटरलॉकिंग हो गई है और जहां सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे थे, वहां मजबूत सड़कें बन गई हैं। पहले यमुना पार जाने के लिए ब्रजवासियों के पास एक ही पुल था, लेकिन अब तीन पुल उपलब्ध हैं। मथुरा में लक्ष्मी नगर के पास पुल और वृंदावन में दो पुल बनाए गए हैं।  

 

भाजपा विधायक ने कहा कि पहले मथुरा से वृंदावन जब शाम को आते थे तो 9 बजे के बाद दूधियों से दूध की कैन और साइकिल तक छीन ली जाती थी। अब मथुरा के भूतेश्वर से रंगजी मंदिर तक चौड़ी सड़क बन गई है और रात में दूधिया रोशनी से पूरा मार्ग जगमगाता है। उन्होंने भूतेश्वर से गोवर्धन चौराहा और गोवर्धन होते हुए डींग बॉर्डर तक सड़क निर्माण का भी जिक्र किया। कहा कि 2017 से पहले इन मार्गों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे थे और मोटरसाइकिल-साइकिल सवार गिर जाते थे। आज बेहतर सड़कों के कारण आवागमन सुगम हुआ है।

 

यमुना में गिर रहे 36 नालों में से 32 टैप किए जा चुके

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले मथुरा-वृंदावन के 36 नाले सीधे यमुना में गिरते थे, लेकिन अब इनमें से 32 नाले बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल चार नाले यमुना में गिर रहे हैं और ये चारों भी अक्टूबर तक पूरी तरह टैप कर दिए जाएंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 सालों में कुछ नहीं किया, जबकि 2017 से 2022 के बीच 36 में से 32 नालों को बंद किया गया।

 

भाजपा विधायक ने जवाहर बाग का जिक्र करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जवाहर बाग पर कब्जे को लेकर हुई घटना कलंक है, जिसे लोगों को समय-समय पर याद दिलाते रहना चाहिए। आज जवाहर बाग को देखकर लोग खुद इसकी बदली तस्वीर देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे ब्रज 84 कोस क्षेत्र में यात्रा के पड़ाव स्थलों को विकसित करने का काम भी किया है।

गोरखपुर में शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे CM योगी, देखें पूरी डिटेल

गोरखपुर में शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे CM योगी, देखें पूरी डिटेल

CM Yogi Adityanath

शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में भविष्य की पीढ़ियों को आकार देने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों की भूमिका शिक्षक दिवस पर स्वर्णिम अध्याय में दर्ज हो जाएगी। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विद्यालयों का उचित प्रबंधन, नवाचार और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करने वाले प्रदेश के कुल 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025 से सम्मानित करेंगे।

5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने का भव्य समारोह गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। पुरस्कार के लिए चयनित प्रदेशभर के शिक्षकों को विशिष्ट अतिथि की तरह ससम्मान ठहराने की व्यवस्था होटलों में की गई है। 

 

समाज के प्रति शिक्षक के समर्पण को प्रतिष्ठित करने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें कुल मिलाकर 33 शिक्षिकाएं (31 बेसिक और 2 माध्यमिक विद्यालयों की) शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिन शिक्षकों को चयनित किया गया है उनमें से 5 को ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को अच्छे शिक्षण कार्य के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही बेहतर ढंग से समाज में शिक्षा की अलख जगाने के उनके प्रयासों को और प्रभावी बनाना है।

 

पुरस्कार राशि के रूप में मिलेंगे 25 हजार रुपये

योगी सरकार, राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ ही पुरस्कार राशि के रूप में 25 हजार रुपये भी भेंट करेगी। इसके अलावा सम्मानित शिक्षकों को आजीवन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष 4000 किलोमीटर की निशुल्क यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की सीमा भी दो वर्ष बढ़ जाएगी। 

 

 

बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों को दिया जाएगा राज्य अध्यापक पुरस्कार

1. संगीता शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय धनौली, अकोला, आगरा)

2. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौबारा, गजरौला, अमरोहा)

3. प्रीति मिश्रा (सहायक अध्यापक, पीएम श्री उच्च विद्यालय बेलवा, पयागपुर, बहराइच)

4. सलमा खान (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय आदर्श, नगर क्षेत्र, बलरामपुर)

5. उर्मिला देवी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खेमईपुर, भदोही)

6. रचना कपूर (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोइया, हल्दौर, बिजनौर)

7. किरन देवी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अंबियापुर, बदायूं)

8. जूही मलिक (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय स्याना, बुलंदशहर)

9. उषा सिंह (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर, शहबादगंज, चंदौली)

10. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अमानाबाद, फर्रुखाबाद)

11. अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर, गौतमबुद्धनगर)

12. ज्योत्स्ना गोस्वामी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी, राजापुर, गाजियाबाद)

13. शुचि त्यागी (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पिपलैडा, दहौलाना, हापुड़)

14. विजया अवस्थी (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय मंसूरनगर, पिहानी, हरदोई)

15. पल्लवी चतुर्वेदी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सासनी, हाथरस)

16. प्रीति श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पठाकरका, बंगरा, झांसी)

17. डॉ. सुमनलता यादव (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी, छिबरामऊ, कन्नौज)

18. डॉ. कामायनी शर्मा (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय औरोताहरपुर, ककवन, कानपुर नगर)

19. सुमन कुशवाहा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर, नेवादा, कौशाम्बी)

20. प्रीति गुप्ता (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौकी बस स्टैंड, बिरधा, ललितपुर)

21. विनीता (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू, गोसाईगंज, लखनऊ)

22. सीमा कुमारी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय महटौली, घिरोर, मैनपुरी)

23. प्रतिभा रानी भारती (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, हर्रा, सरूरपुर, मेरठ)

24. सुनीता रानी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां, भगतपुर, मुरादाबाद)

25. आरती शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़, मुज्जफरनगर)

26. वैलेंटिना विक्टर (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अहमदनगर, नगर क्षेत्र, रामपुर)

27. अमिता टंडन (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय राजपुर रानी, श्रावस्ती)

28. मीरा सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह, चोपन, सोनभद्र)

29. प्रीति भारती (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवलगंज, हसनगंज, उन्नाव)

30. नीलम राय (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मंडुआडीह, वाराणसी)

31. सय्यदा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु, मरौरी, पीलीभीत)

32. सुनीत मित्र पांडेय (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गोकुला, नवाबगंज, गोंडा)

33. अमर सिंह (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बहरावद, अतरौली, अलीगढ़)

34. राम मिलन गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च विद्यालय, नसीरपुर छितौना, जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर)

35. पंकज कुमार द्विवेदी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, ठेउंगा, सोहावल, अयोध्या)

36. प्रदीप कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरवपुर, कोयलसा, आजमगढ़)

37. अजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इब्राहिमाबाद, मुरली छपरा, बलिया)

38. राहुल कुमार शुक्ल (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बहुता, त्रिवेदीगंज, बाराबंकी)

39. हरिशंकर त्रिपाठी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़चपा, मानिकपुर, चित्रकूट)

40. ओमवीर सिंह (प्रधानाध्यापक, पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय पिदौरा, मरेहरा, एटा)

41. वीरेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय ताखा, इटावा)

42. आनंद कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर, ऐरायां, फतेहपुर)

43. संतोष कुशवाहा (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय मनिहारी, गाजीपुर)

44. नीतिराज सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, चुनकी का डेरा, सुमेरपुर, हमीरपुर)

45. राजेश कुमार उपाध्याय (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारीगांव, घुघली, महराजगंज)

46. संजय कुमार मिश्र (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियांव, मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर)

47. विनीत कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अन्ता, रसूलाबाद, कानपुर देहात)

48. धनंजय प्रताप सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर लाला, कासगंज)

49. प्रमोद कुमार (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रतासिया, बेहजम, लखीमपुर खीरी)

50. नवीन कुमार त्रिपाठी (सहायक अध्यापक, पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय उनवल प्रथम, बांसगांव, गोरखपुर)

51. ओमप्रकाश तिवारी (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलखी, कबरई, महोबा)

52. अनिल कुमार मौर्य (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर, रानीपुर, मऊ)

53. दयानंद मिश्रा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सिद्धि, पहारी, मिर्जापुर)

54. डॉ. देवेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय बरना, प्रतापगढ़)

55. रामलखन मौर्या (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिरसा, प्रतापपुर, प्रयागराज)

56. बृजकिशोर (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय रसूलपुर, गुन्नौर, सम्भल)

57. अरुण कुमार गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय धनौरा, ददरौल, शाहजहांपुर)

58. दिनकर चौहान (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गंगेरू प्रथम, कांधला, शामली)

59. महेश कुमार (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बूड़ा, बर्डपुर, सिद्धार्थनगर)

60. अतुल शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अडावेनिया ग्रांट, एलिया, सीतापुर)

61. सत्येंद्र कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय साढापुर, प्रतापपुर कमैचा, सुल्तानपुर)

 

माध्यमिक विद्यालयों के इन शिक्षकों को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार

1. रेनू तोमर (प्रधानाचार्य, जवाहर लाल मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, गाजियाबाद)

2. डॉ. रमेश प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, उदय प्रताप इंटर कॉलेज, वाराणसी)

3. गिरिजेश कुमार मल्ल (भाषा अध्यापक, श्री गांधी विद्यालय इंटर कालेज, बछरावां, रायबरेली)

4. डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल (भाषा अध्यापक, राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर, कांठ, मुरादाबाद)

5. महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी (भाषा अध्यापक एलपीके इंटर कॉलेज, बसडीला, सरदार नगर, गोरखपुर)

6. अरुण कुमार ओझा (गणित अध्यापक, हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, संतकबीरनगर)

7. डॉ. गौरव वार्ष्णेय (विज्ञान अध्यापक, जैन इंटर कॉलेज, रामपुर)

8. डॉ. अभिषेक कुमार सिंह (विज्ञान अध्यापक, हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, संतकबीरनगर)

9. अमित कुमार शर्मा (विज्ञान अध्यापक, राजकीय इंटर कॉलेज, अनूपपुर, डिबाई, हापुड़)

10. डॉ० हरिश्चन्द्र यादव (मानविकी अध्यापक, विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, ज्ञानपुर, भदोही)

11. अश्वनी कुमार जैन (मानविकी अध्यापक, श्री महावीर दिगम्बर जैन इंटर कॉलेज, फिरोजाबाद)

12. राजपाल (मानविकी अध्यापक, दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज, रिठौरा, बरेली)

13. डॉ. संजय कुमार सिंह (वाणिज्य अध्यापक, श्री गुलाबराय इंटर कॉलेज, बरेली)

14. गुणधर लाल जैन (वाणिज्य अध्यापक, एमडी जैन इंटर कॉलेज, आगरा)

15. प्रकाश नारायण सिंह (कला अध्यापक, बंगाली टोला इंटर कॉलेज, वाराणसी)

 

माध्यमिक विद्यालयों के इन शिक्षकों को मिलेगा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार

1. डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लखीमपुर खीरी)

2. विक्रम बहादुर सिंह परिहार (प्रधानाचार्य, ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, प्रयागराज)

3. कल्पना सिंह (प्रधानाचार्य, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, झांसी)

4. डॉ. आनन्द कुमार (मानविकी अध्यापक, महर्षि दयानन्द विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज, गोविंदपुरम, गाजियाबाद)

5. विजय पाल (कला अध्यापक, जयनारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बरेली)

Chat GPT हुआ डाउन, दुनियाभर के यूजर्स परेशान

Chat GPT हुआ डाउन, दुनियाभर के यूजर्स परेशान

chat GPT

क्या चैट GPT अभी डाउन है? क्या चैटGPT डाउन है? यह सवाल इसका उपयोग करने वालों के बीच गूंजता रहा। चैट GPT आउटेज से यूजर्स पर असर पड़ रहा है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार ओपन AI गुरुवार सुबह आउटेज से डील कर रहा है। रात करीब 8.30 बजे भी डाउन का मैसेज सामने आया।

डाउनडिटेक्टर के मुताबिक यूजर्स को गुरुवार को ओपन AI इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है।  सुबह 11 बजे से ठीक पहले 12,000 से ज़्यादा रिपोर्ट आईं।  ओपन AI की ज़्यादातर शिकायतें चैटGPT से जुड़ी थीं। यहां लगभग 85 प्रतिशत दिक्कतें रिपोर्ट की गईं। दिक्कतें कब तक ठीक होंगी, इसका कोई टाइमटेबल नहीं है।  खबरों के मुताबिक जेमिनी एआई में भी यूजर्स को परेशानी आई।

बाढ़ की समस्या का कराएंगे स्थायी समाधान : सीएम योगी

बाढ़ की समस्या का कराएंगे स्थायी समाधान : सीएम योगी

CM Yogi flood problem

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ का स्थायी समाधान कराने के लिए आश्वस्त करते हुए कहा कि मां गंगा के उफान से पानी का फैलाव हो रहा है। इससे फसल का काफी नुकसान हुआ। सरकार ने 9 वर्ष में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज करना होगा। सिल्ट को बाहर तटबंध के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह परियोजना यहां की आवश्यकता है। नदी के चैनलाइज होने से फसल बचेगी और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। 

 

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हवाई सर्वेक्षण कर फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज व अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ के हालात देखे। इसके पश्चात पुलिस लाइन में 1000 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कई परिवारों को राहत सामग्री, आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी। उन्होंने पीड़ित परिवारों से संवाद कर उनका दुख साझा किया और विश्वास दिलाया कि सरकार हर दुख-दर्द में आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पीडब्ल्यू समेत संबंधित विभागों को बाढ़ का पानी उतरते ही टूटी सड़कों का तत्काल निर्माण शुरू करने का निर्देश भी दिया। 

बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का मांगा साथ

सीएम ने कहा कि प्रशासन ड्रेजिंग का कार्य शुरू करने की तैयारी करें। बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का सहयोग मांगते हुए सीएम ने कहा कि इसमें यदि आपकी जमीन आएगी तो उचित मुआवजा मिलेगा। हम फर्रुखाबाद को बाढ़ से मुक्त कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने बाढ़ से फसल को हुए नुकसान का सर्वे करने का निर्देश दिया और कहा कि यह रिपोर्ट आते ही किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता धनराशि भेज दी जाएगी।

अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज व अन्य दवाएं उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में सांप, बिच्छू व अन्य विषैले कीड़ों का भय रहता है। सरकार ने पहले ही सीएचसी, जिला अस्पतालों आदि में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज व पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था की है। जिन क्षेत्रों में पानी घुस गया है, वहां पशुओं के चारे, वैक्सीन, दवा आदि की भी व्यवस्था है। जनप्रतिनिधि व फील्ड में तैनात टीम लगातार जनसेवा कर रही है।

50 किलो राहत सामग्री किट दे रही सरकार

सीएम ने बताया कि पिछले दिनों लखनऊ में फर्रुखाबाद के विधायकों व जिलाध्यक्ष के साथ बैठक में मैंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की चर्चा की थी। प्रभारी मंत्री को भेजकर राहत कार्यों की निगरानी, समीक्षा व ठोस रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था। हमारी पूरी संवेदना पीड़ितों के प्रति है। राहत कार्यों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां व राहत शिविर चल रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, वहां प्रभावित परिवारों के लिए शासन ने रहने, भोजन आदि की व्यवस्था कराई है। जो लोग घर में सुरक्षित रह सकते हैं, उन तक 50 किलो राहत सामग्री की किट पहुंचाई जा रही है, जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाला, बाल्टी, बरसाती, डिग्निटी किट समेत 50 आइटम शामिल हैं। 15 दिनों से तीनों विधायक सभी पीड़ितों तक पहुंचकर स्थानीय प्रशासन की मदद से राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं। 

CM Yogi flood problem

हर दुख-दुर्द में साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका से जूझ रही 102 गांवों की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार हर दुःख-दर्द में साथ खड़ी है। जरूरत के मुताबिक हर मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को पढ़ाने के लिए पहली बार शिक्षक शिविरों व गांवों में जाकर कक्षाएं ले रहे हैं। स्वास्थ्य शिविर, राहत सामग्री समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

अब बदल चुका है फर्रुखाबाद

सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद बदल चुका है। यहां गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे आ रहा है और यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ेगा। अब फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक्सप्रेसवे होगा। सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज तथा गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। सड़कें अच्छी होने से बाढ़ के बावजूद कनेक्टिविटी बनी हुई है। 

किसानों के साथ है सरकार

सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद खेती किसानी की बेल्ट है। यहां आलू किसानों की काफी संख्या है। जिन किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज में है, उनके लिए प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। डबल इंजन सरकार किसानों के साथ है। 2017 में 275 से 300 रुपये के बीच प्रति क्विंटल गन्ना का दाम मिलता था। आज यह राशि 400 रुपये क्विंटल है। हमने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पर्ची, घटतौली आदि से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने, फसलों की खरीद के साथ ही मक्का के लिए भी क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। पेरू की मदद से आगरा में आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र काम कर रहा है। दुनिया के बाजार की मांग के अनुरूप आलू उपलब्ध करवाना और किसानों को वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ कर उनकी आमदनी कई गुना बढ़ाई गई है।

अब युवाओं की नौकरी से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता

सीएम ने कहा कि पहली बार बिना भेदभाव हर जनपद के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है। फर्रुखाबाद के साथ कोई भेदभाव, अन्याय नहीं कर सकता। अब सरकारी नौकरी, ओडीओपी आदि के माध्यम से रोजगार के नए अवसर आ रहे हैं। सुरक्षा के बेहतरीन माहौल के कारण यूपी को सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव (50 लाख करोड़) प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से युवाओं को रोजगार व सम्मान मिलेगा। 2017 के पहले सैफई सिंडिकेट नौकरी पर हावी था, नौजवान नौकरी से वंचित रहता था। अब युवाओं की नौकरी से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। किसी ने कोशिश की तो उसे जेल भेजेंगे और संपत्ति भी जब्त करेंगे। 

बेटियों के पढ़ने से स्वावलंबी होता है समाज

सीएम ने कहा कि उद्योग लगाने वाले युवाओं के लिए सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग, गरीब व निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय के साथ ही हर विकास खंड में कस्तूरबा गांधी विद्यालय हैं, जो अब 12वीं तक चल रहे हैं। बेटी जब पढ़ती है तो सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि समाज भी स्वावलंबी होता है। अब सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत हो रहे हैं। पहली से 12वीं क्लास तक इंटीग्रेटेड कैंपस में बच्चों के लिए शिक्षा व स्किलिंग की सुविधा है। उनके एंप्लॉयमेंट की व्यवस्था भी होगी। हर जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल स्किलिंग एंड एंप्लॉयमेंट जोन बनाने की कार्रवाई बढ़ी है। 60 वर्ष से अधिक आयु की सभी माताएं परिवहन निगम की बसों में लोकमाता अहिल्याबाई निशुल्क यात्रा की सुविधा प्राप्त कर रही हैं। स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत जल्द ही स्कूटी दी जाएंगी। 

गरीबों के हक पर डकैती डलवाता था सैफई सिंडिकेट

सीएम ने 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों के साथ होने वाले भेदभाव का जिक्र करते हुए नवगठित उप्र आउटसोर्स सेवा निगम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब कोई भेदभाव, लूट नहीं चलेगी। पहले की सरकार में ज्यादातर आउटसोर्सिंग एजेंसियां सैफई सिंडिकेट की थीं। वे गरीबों के हक पर डकैती डलवाते थे। हमारी सरकार ने कल उस पर ताला लगवा दिया। यह निगम हर कर्मचारी को न्यूनतम मानदेय भी दिलाएगा। जो कर्मचारी पहले 11,000 के बजाय 6 हजार ही पाता था, अब वह भेदभाव का शिकार नहीं होगा। अब न्यूनतम 20,000 मानदेय होगा और यह पैसा सीधे अकाउंट में जाएगा। स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, घटना-दुर्घटना, बेटी की शादी, बच्चों की उच्च शिक्षा में भी सुरक्षा कवर मिलेगा। शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों आदि को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

अब जिम्मेदारी लेने वाली सरकार 

सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं समेत सभी वर्ग के लिए कार्य करती है। अब बाढ़ पीड़ित परिवारों को जमीन का पट्टा, आवास आदि भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले गरीब का घर आग से जलने पर उसे 4 हजार रुपये देकर कहा जाता था कि जाओ, जो करना है, करो। सरकार के इस लापरवाह व्यवहार का दंश गरीब को झेलना पड़ता था। अब डबल इंजन सरकार पूरी जिम्मेदारी लेते हुए गरीब के साथ खड़ी है। 

 

इस अवसर पर सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुनील कुमार शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, डॉ. सुरभि, विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, प्रदेश महामंत्री शंकरलाल लोधी, जिलाध्यक्ष फतेह चंद वर्मा आदि उपस्थित रहे। 

सीएम ने आश्रयहीन परिवारों को दिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा राहत राशि के चेक 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी। मुख्यमंत्री के हाथों सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल व अरुणेश को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र व 1.20 लाख की राहत राशि मिली।

जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’

जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’

Yogi in Mathura

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले विकास परियोजनाओं के उपहारों के माखन से ब्रजवासियों की ‘मटकी’ भर दी, जो स्थानीय नागरिकों के जीवन में खुशियों की बहार लेकर आई। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां संतों को सम्मानित भी किया। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया।

 

मुख्यमंत्री ने आयोजन से पहले एक लाभार्थी को ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने वाले सपेरा संवर्ग के लाभार्थियों समेत जनप्रतिनिधियों, संतों, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं आदि ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने 1980 बैच की आईएएस (सेवानिवृत्त) आराधना जौहरी की पुस्तक का विमोचन किया। सीएम ने उन्हें भी बधाई दी।  

 

मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को गोद में लेकर दुलारा-पुचकारा। चंदन लगाया, गुड़िया व खिलौने दिए। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन करते हुए उन्हें खीर भी खिलाई। सीएम ने मातृशक्ति को उपहार व फलों की टोकरी भी दी।  

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद/फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी आदि ने फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान प्रेक्षागृह के निर्माण, विकास से जुड़ी लघु फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले उन्होंने मंत्रोच्चार करने वाले बटुकों से भी परिचय प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने संतों को माल्यार्पण, फल, अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित भी किया। 

भगवान के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत 

मंच पर हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय, वृंदावन की छात्राओं ने राष्ट्रगीत भी प्रस्तुत किया। 51 कलाकारों ने शिवोअहं प्रोडक्शन की ओर से भारत के विभिन्न राज्यों की नृत्य शैली के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को प्रस्तुत किया। इसकी कोरियोग्राफर बीएचयू वाराणसी की कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा थीं। 

सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन 

मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। योजनाओं की प्रगति के साथ ही महिलाओं समेत विभिन्न सामग्रियों, वस्त्रों, उत्पादों को तैयार करने वालों से कार्यों आदि के बारे में जानकारी ली। महिला स्वयंसेवी समूहों की महिलाओं ने भी अपने कार्यों से सीएम को अवगत कराया। 

सीएम ने दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी/चेक 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) व मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7240 लाभार्थियों में सहायता राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, चेक-चाबी आदि प्रदान किया। 

सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

  • मनोज कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
  • अर्चना- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी ट्रेड का टूल किट
  • तोरन सिंह- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना क तहत 3.20 लाख का स्वीकृति पत्र 
  • शैलेंद्र सिंह- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11.80 लाख का स्वीकृति प्रमाण पत्र 
  • पुष्पेंद्र सिंह- मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत 80 हजार का स्वीकृति प्रमाण पत्र 
  • डॉ. प्रिंसेज चक्रवर्ती- नियुक्ति पत्र 
  • डॉ. रजत द्विवेदी- नियुक्ति पत्र 
  • मुरारी लाल- कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 65 हजार का चेक 
  • राजवीर सिंह- दुग्ध प्रसंस्करण के लिए 8.75 लाख का चेक 
  • सौरभ कुमार वर्मा- मसाला प्रसंस्करण के लिए 4.12 लाख से अधिक का चेक 
  • अजय- डिजिटल लाइब्रेरी व पुलिस विभाग में उप निरीक्षक पद पर चयनित होने के लिए प्रशस्ति पत्र  
  • पायल- लाड़ली वन व वृहद पौधरोपण के लिए प्रशस्ति पत्र 
  • श्यामवती- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी 
  • ममता- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी
  • सुखदेई- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक।

योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी के 6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता

योगी सरकार का बड़ा कदम,  यूपी के 6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता

किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल सिंचाई संसाधनों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध व्यवस्था को आधुनिक, सुचारु और अधिक उपयोगी बनाना भी है। इसी क्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत और जोखिम कम करने में भी मदद मिल रही है।

 

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

 

इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई, जबकि 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। यानी नलकूपों के आधुनिकीकरण का असर केवल सरकारी परिसंपत्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा फायदा खेत और किसान तक पहुंचा है। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ।

 

5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

योगी सरकार ने आने वाले समय के लिए भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।