इंदौर में दूषित खाने से 15 छात्राएं बीमार, हॉस्टल मेस के खाने में इल्‍ली और कीड़े निकले, शिकायत के बाद मेस बंद

इंदौर में दूषित खाने से 15 छात्राएं बीमार, हॉस्टल मेस के खाने में इल्‍ली और कीड़े निकले, शिकायत के बाद मेस बंद

hostel

  • शिकायत के बाद मेस बंद, खाद्य विभाग की टीम सक्रिय
  • टीम ने आटा और घी के नमूने जांच के लिए भोपाल लैब भेजे
  • एक हफ्ते में 15 छात्राएं बीमार, उल्‍टी, इंफेक्‍शन और पेट दर्द

इंदौर के साउथ तुकोगंज स्थित मधुर गर्ल्स हॉस्टल में दूषित खाने को लेकर परिजनों ने विरोध जताया है। हॉस्टल में रहने वाली 10 से 15 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद यह खुलासा हुआ है। मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है।

होस्‍टल में रहने वाली एक छात्रा के पिता ने अपना नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर वेबदुनिया को बताया कि उनकी बेटी की भी तबीयत बिगड गई है। उन्‍होंने बताया कि बेटी ने बताया कि पीने के पानी में मकडी के जाले निकल रहे थे, उसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और गले में इंफेक्‍शन हो गया।

खाने में कीड़े-मकोड़े और बाल : होस्‍टल की अन्‍य छात्राओं ने मेस के खाने में कीड़े-मकोड़े और लंबे बाल मिलने के आरोप लगाए हैं। बता दें कि यहां 10, 11 और बारहवीं की छात्राएं रहती हैं, जो अलग अलग कोचिंग संस्‍थानों में परीक्षाओं की तैयारी करती हैं।

शिकायत के बाद मेस बंद : घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिजन हॉस्टल पहुंचे और विरोध जताया। हंगामे के बाद शनिवार को खाद्य विभाग की टीम मेस की जांच के लिए पहुंची। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद मेस को बंद कर दिया गया। जांच में मेस में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही मिलने पर मेस को तत्काल बंद करा दिया गया। टीम ने आटा और घी के नमूने जांच के लिए भोपाल लैब भेजे हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।

एक हफ्ते में 15 बीमार : बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह में कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं हॉस्टल प्रबंधन का दावा है कि बीमार हुई छात्राएं बाहर से खाना मंगाकर खा रही थीं, जबकि हॉस्टल मेस में भोजन करने वाली सभी छात्राएं पूरी तरह स्वस्थ हैं।

चेंबर के पास बनता है खाना : हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि जहां हॉस्टल का खाना बनता है, उसके ठीक पास ही चेंबर (गटर) है। इस भारी गंदगी के बीच ही रसोइया खाना तैयार करता है। छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया, “एक महीने से हम नरक झेल रहे हैं। खाने में से कीड़े निकल रहे हैं। दो-दो बार चावल के अंदर से सिगरेट के टुकड़े (बड्स) निकले हैं। खाने में कंकड़ और बाल मिलना तो रोज की बात है। आरोप हैं कि जब छात्राएं इसकी शिकायत करने गईं तो उसने लाइव सबूत मांगे गए।

लिवर और आंतों का इन्फेक्शन : छात्राओं ने मीडिया को अपनी मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए बताया, गंदे पानी के कारण एक छात्रा को गले में गंभीर इन्फेक्शन हो गया, जिसके बाद उसे गोकुलदास अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अब वह बाहर से कैंपर का पानी मंगाकर पीने को मजबूर है। आरोप है कि कई छात्राओं को पिछले तीन-चार दिनों से लगातार उल्टियां हो रही हैं। हॉस्टल में रह रही कई लड़कियों को लिवर इन्फेक्शन, पेट दर्द और आंतों का इन्फेक्शन हो गया है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

राजनीति का सबसे बड़ा धमाका! संजय राउत ने पीएम मोदी को कहा ‘अघोरी’, भाजपा भड़की

राजनीति का सबसे बड़ा धमाका! संजय राउत ने पीएम मोदी को कहा ‘अघोरी’, भाजपा भड़की

Sanjay Raut on Modi

Sanjay Raut statement on Modi: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयान मर्यादा लांघने लगे हैं। शिवसेना (UBT) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा और विवादित हमला बोला है। उन्होंने मोदी की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करते हुए उन्हें देश की राजनीति का सबसे 'अघोरी और क्रूर' चेहरा बताया है। संजय राउत के इस बयान के सामने आते ही भाजपा ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है और चौतरफा पलटवार शुरू कर दिया है।

राउत ने मोदी को क्यों कहा 'अघोरी'?

पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों और नेताओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस देश की राजनीति में पहले कभी ऐसा 'अघोरी' व्यक्ति पैदा नहीं हुआ। देश के राजनीतिक इतिहास में कभी कोई इतना क्रूर नेता सामने नहीं आया। इस देश की मिट्टी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिम्हा राव, राजीव गांधी, बाबा साहेब आंबेडकर और बालासाहेब ठाकरे जैसे महान नेता दिए हैं। लेकिन जब हम मोदी का पूरा चरित्र (कैरेक्टर) देखते हैं, तो डर लगता है। समझ नहीं आता कि ऐसा व्यक्ति कहां से आ गया? ALSO READ: बिखरे सभी बारी-बारी : शिवसेना की तरह कैसे टूटी ममता की TMC, जानिए अंदर की कहानी

 

शिवसेना यूबीटी नेता ने पीएम मोदी की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा कि वह उसी मिट्टी से आते हैं, जहां औरंगजेब का जन्म हुआ था। औरंगजेब भी तो गुजरात में ही पैदा हुआ था ना? राउत ने दावा किया कि पीएम मोदी का आचरण लोकतांत्रिक नहीं है और उनका स्वभाव विपक्षी नेताओं के प्रति बेहद क्रूरता से भरा हुआ है।

क्या कहा भाजपा ने?

भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राउत और विपक्षी गठबंधन के नेता प्रधानमंत्री को ही गाली नहीं दे रहे, बल्कि अब वे पूरे गुजरात राज्य को 'औरंगजेब की धरती' कहकर वहां के नागरिकों का अपमान कर रहे हैं। इसी मिट्टी ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महापुरुष भी दिए हैं।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी से लेकर संजय राउत तक, पूरा विपक्ष अब तक प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ 150 से अधिक अपशब्दों का इस्तेमाल कर चुका है। यह बदजुबानी उनकी हताशा को दर्शाती है। वे एक ओबीसी परिवार और एक चाय बेचने वाले के बेटे को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। पूनावाला ने कहा कि विपक्ष नफरत की राजनीति कर रहा है और देश की जनता आने वाले समय में इस अभद्र भाषा का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। ALSO READ: LPG को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर चौतरफा हमला, कांग्रेस और शिवसेना UBT ने उठाए सवाल

घमासान के पीछे की असली वजह?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय राउत का यह तीखा बयान अचानक नहीं आया है। महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय पर्दे के पीछे भारी उथल-पुथल चल रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की तेज चर्चा है कि शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद और विधायक महायुति (शिंदे गुट और भाजपा) के संपर्क में हैं। विरोधी खेमे में मची इस संभावित बगावत और तृणमूल कांग्रेस (TMC) जैसे विपक्षी दलों के भीतर हालिया विद्रोह ने उद्धव ठाकरे गुट की चिंताएं बढ़ा दी हैं। राउत जानबूझकर ऐसे कड़े और आक्रामक बयानों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कैडर के बीच यह संदेश जाए कि पार्टी पूरी ताकत से लड़ रही है, जिससे उनके नेताओं में किसी भी तरह के बिखराव को रोका जा सके। हालांकि राउत के बयान के बाद सियासी पारा सातवें आसमान पर है। 

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

उत्तर प्रदेश में गांवों के एक लाख घरों में लगेंगे मिनी बायोगैस प्लांट : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में गांवों के एक लाख घरों में लगेंगे मिनी बायोगैस प्लांट : योगी आदित्यनाथ

Mini biogas plants will be installed in 100000 rural households in Uttar Pradesh

– गो संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता, योगी सरकार का विजन : छोटी लागत में बड़ी बचत कर सकेंगे ग्रामीण

– 25 से 50 हजार रुपए में घरों में लग सकेंगे संयंत्र, गो सेवा आयोग ने तैयार की योजना

– मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में गो सेवा से समृद्धि की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब गो सेवा को ग्रामीण समृद्धि और स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। प्रदेश में गांवों के एक लाख से अधिक घरों में मिनी बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इस पहल का उद्देश्य गो संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी घरेलू बचत बढ़ाना है। 
 

योगी सरकार का विजन है कि ग्रामीण परिवार कम लागत में अपने घरों पर ही मिनी बायोगैस संयंत्र लगाकर रसोई गैस के खर्च में बड़ी कमी ला सकें। गो सेवा आयोग की इस योजना के अनुसार 25 हजार से 50 हजार रुपए की लागत में मिनी बायोगैस प्लांट स्थापित किए जा सकेंगे। इससे गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन तो तैयार होगा ही साथ में किसानों को जैविक खाद भी बड़े पैमाने पर प्राप्त होगी। इसके साथ ग्रामीणों को रसायनमुक्त भोजन मिलेगा। 

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गो संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और गो पालन को एक साथ जोड़ने वाली इस पहल से गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

घरेलू खर्च में होगी बचत

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योजना के लागू होने पर रसोईघरों में एलपीजी की खपत में भी कमी आएगी, जिससे घरेलू खर्च में उल्लेखनीय बचत होगी।
 

उन्होंने बताया कि मिनी बायोगैस प्लांट के माध्यम से किसान बायोगैस तैयार करेंगे और उससे निकलने वाली स्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और अतिरिक्त आय के अवसर भी पैदा होंगे।

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

इस योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार कम खर्च में अपने घरों पर संयंत्र स्थापित कर सकेंगे। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी। साथ ही गो संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर गो पालकों के लिए आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे।

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उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल से उत्तर प्रदेश में ‘गो सेवा से समृद्धि’ का नया मॉडल विकसित हो रहा है, जहां गो संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ेंगे।
Edited By : Chetan Gour

अहमदाबाद में ट्रैफिक समस्या से मुक्ति की नई योजना, 2027 तक 2200 करोड़ की लागत से तैयार होगा आउटर रिंग रोड

अहमदाबाद में ट्रैफिक समस्या से मुक्ति की नई योजना, 2027 तक 2200 करोड़ की लागत से तैयार होगा आउटर रिंग रोड

Ahmedabad Outer Ring Road

Ahmedabad Outer Ring Road: अहमदाबाद शहर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा एक नए भव्य आउटर रिंग रोड के निर्माण का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। औसतन 2200 करोड़ रुए की भारी लागत से बनने वाले इस आधुनिक रिंग रोड का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस नए रोड के कारण अहमदाबाद के आसपास के धाणज, सनावड, चांगोदर, नांदेज, सरगासन, गोधवी, मोरैया, शेरथा और कासिन्द्रा समेत कई ग्रामीण इलाके सीधे कनेक्ट होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर आवागमन काफी आसान हो जाएगा।

औडा (AUDA) का 10 साल का विकास प्लान और 300 फुट का रोड

अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA) द्वारा इस 300 फीट चौड़े आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को अपनी नई 10 साल की विकास योजना (DP) के तहत आधिकारिक प्रस्ताव के रूप में रखा गया है। वर्तमान में औडा के दायरे में आने वाले गांवों के क्षेत्र को ही मुख्य आधार मानकर आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है। यह नया रिंग रोड कुल 9 गांवों से गुजरने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर या एक निश्चित दूरी से गुजरेगा, जो भविष्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

बिना भूमि अधिग्रहण के TP स्कीम के जरिए जमीन मिलने का आयोजन

इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण के लिए प्रशासन को कोई बड़ा भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का खर्च नहीं करना पड़ेगा। नए आउटर रिंग रोड का फाइनल प्लान तैयार होने के बाद संबंधित इलाकों में नई टाउन प्लानिंग (TP) स्कीम लागू की जाएगी। इस टीपी स्कीम के कटौती के नियमों के मुताबिक औडा को सभी जगहों से 40 प्रतिशत जमीन अपने आप मिल जाएगी। नतीजतन, जमीन खरीदने के पीछे होने वाले अरबों रुपये के सरकारी खर्च की बड़ी बचत होगी।

लॉजिस्टिक्स पार्क और ट्रांसपोर्ट जोन को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है, ऐसे में यह नया रिंग रोड लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए वरदान साबित होगा। गोधवी गांव के पास से सौराष्ट्र, उत्तरी गुजरात और मध्य गुजरात की ओर जाने वाली रेल या रोड लाइन अलग होती है। हाल ही में गोधवी और निधराड जैसे आसपास के इलाकों में बड़े लॉजिस्टिक्स जोन तय किए गए हैं। आने वाले समय में इन इलाकों में आवाजाही बढ़ने से बड़े पैमाने पर आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित होने की पूरी संभावना है।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टोल प्लाजा का आयोजन

तीसरे और आखिरी चरण के इस प्रोजेक्ट में रोजाना 1 लाख से अधिक वाहनों के गुजरने के लिए खास आयोजन किया गया है। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ 3 और 4 लेन के विकल्पों के साथ सर्विस रोड बनाया जाएगा। इसके अलावा रोड के बाहरी हिस्से में अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर, बारिश के पानी के निकास की लाइन, फ्लाईओवर, अंडर ब्रिज और फुट ओवर ब्रिज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पूरे रोड पर कुल 7 टोल प्लाजा बनाए जाएंगे, जहां औडा खुद ही टैक्स वसूलेगा और उस कमाई से कॉन्ट्रैक्ट वाली एजेंसियों को तय करार के मुताबिक भुगतान किया जाएगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

माफिया नहीं, अब विकास और बदलाव है आजमगढ़ की पहचान

माफिया नहीं, अब विकास और बदलाव है आजमगढ़ की पहचान

CM Yogi

Yogi Azamgarh Development: विकास को समावेशी तभी बनाया जा सकता है, जब शासन-सत्ता दलगत राजनीति को महत्व न देते हुए सभी के विकास के लिए समान भाव से कार्य करे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ में लगभग एक हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा में मील का नया पत्थर जोड़ दिया है।

पॉटरी उद्योग को मिली संजीवनी

कभी माफिया और अराजकता वाले माहौल के लिए बदनाम रहे इस जिले की सोच में आज शिक्षा, संस्कृति और अपनी विरासतों का गौरव बोध है तो इसलिए कि पिछले नौ सालों में उन्होंने जिले में अनवरत विकास के आयाम देखे, कानून व्यवस्था का शासन देखा और अपनी आर्थिक उन्नति की संभावनाएं भी देखीं। सेना और पुलिस में यहां के लोगों की बड़ी संख्या में भर्ती, लुप्त होने के कगार पर खड़े परंपरागत पॉटरी उद्योग को मिली संजीवनी ने यहां के लोगों की जिंदगी बदली है। विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, एयरपोर्ट, संगीत महाविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अब आजमगढ़ की पहचान हैं। 

 

एक दशक पहले की बात करें तो आजमगढ़ की पहचान तब एक ऐसे जिले के रूप में थी जहां गुंडों, अपराधियों और माफिया का आतंक था। बेटियां दिन में भी घर से निकलते हुए डरतीं थीं। ब्लैक पॉटरी से जुड़े हस्तशिल्पियों का कोई भविष्य नहीं रह गया था और वे अपने परिवार चलाने के लिए मुंबई व अन्य महानगरों की ओर साधारण नौकरी करने जाने को मजबूर थे। इस जिले का विकास तभी संभव था जब कानून व्यवस्था का राज दिखाई दे। माफिया और अपराधियों के खिलाफ उठाए गए सख्त कदमों से अराजक तत्वों में भय उत्पन्न हुआ तो विकास के रास्ते भी दिखाई देने लगे। 

ओडीओपी योजना वरदान साबित हुई

योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के हस्तशिल्पियों के लिए वरदान साबित हुई। यहां के निजामाबाद कस्बे के ब्लैक पॉटरी उद्योग की अब अंतरराष्ट्रीय पहचान है। जिस काली मिट्टी के कलाकारों के लिए जीविका चलाना मुश्किल था, ओडीओपी योजना से उन्हें इतना बड़ा बाजार मिला कि आज डिमांड पूरी नहीं कर पा रहे हैं। सिंगापुर, सऊदी अरब से ब्लैक पॉटरी की डिमांड है और टर्नओवर करोड़ों तक पहुंच गया है। ब्लैक पॉटरी से जुड़े हस्तशिल्पी सोहित कुमार प्रजापति कहते हैं- ‘अब हमारा भविष्य सुरक्षित है। हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है।’ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 4,700 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और सामग्री वितरित किया जाना हमारी कला का सम्मान है।

 

यह विडंबना ही है कि पूर्व की सरकारों ने सत्ता में रहते हुए भी इस जिले को उपेक्षित ही रखा लेकिन योगी सरकार का विश्वास राज्य के समावेशी विकास पर है, इसलिए यहां किन-किन चीजों का अभाव है, उन्हें चिह्नित कर परियोजनाएं बढ़ाई गईं। जिले में सत्ताधारी दल का कोई विधायक और सांसद न होने के बावजूद आजमगढ़ को बराबर का महत्व मिला। पूर्वांचल एक्सप्रेस ने कनेक्टिविटी ही नहीं निश्चित की, बल्कि निवेश का मार्ग भी प्रशस्त किया। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में सवा दो सौ से अधिक निवेश एमओयू यहां हजारों लोगों के लिए रोजगार लाएंगे। इतना बड़ा जिला होने के बावजूद यहां कोई विश्वविद्यालय नहीं था। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता था। 

महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यहां बना महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय 60 एकड़ से ज्यादा की जमीन पर बना है। यहां विश्वस्तरीय क्लास रूम बनाए गए हैं। इसके अलावा जिले को सैनिक स्कूल भी मिला है। हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना कर योगी सरकार ने इस घराने की शास्त्रीय परंपरा को प्रतिष्ठा दी। आजमगढ़ के सपनों को उड़ान अब यहां का एयरपोर्ट दे रहा है। 

 

इसके साथ ही सरकार की कई योजनाएं आजमगढ़ की महिलाओं में आत्मनिर्भरता लेकर आईं हैं। हुस्नआरा खातून जैसी कई मुस्लिम महिलाएं लखपति दीदी बन जिले का मान बढ़ा रहीं हैं। युवा उद्यमियों को भी नई राह मिली है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को मिले ऋण से वे अपने सपनों को मुकाम दे रहे हैं।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

UP में CM योगी के नेतृत्व में पंचायती राज विभाग ने 5 वर्षों में रचा विकास का नया इतिहास

UP में CM योगी के नेतृत्व में पंचायती राज विभाग ने 5 वर्षों में रचा विकास का नया इतिहास

Under leadership of Chief Minister Yogi Panchayati Raj Department in Uttar Pradesh has scripted new history of development over past five years

– 57,694 ग्राम पंचायतों में सचिवालय, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और स्वच्छता अभियान से ग्रामीण विकास को मिली नई गति

– 54,958 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से 49.38 लाख से अधिक सेवाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गईं

– ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल के माध्यम से पंचायतों की आय में भी वृद्धि हुई

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग ने पिछले पांच वर्षों में ग्रामीण विकास, डिजिटल सुशासन, स्वच्छता और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभाग की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रस्तुत किए गए विवरण में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए किए गए कार्यों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। 

   
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 57,694 ग्राम पंचायतें हैं और ग्रामीण आबादी लगभग 15.53 करोड़ है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का 78 प्रतिशत है। बीते वर्षों में सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए हैं तथा 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। पंचायत सचिवालयों में फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

डिजिटल सेवाओं के विस्तार के तहत 54,958 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से 49.38 लाख से अधिक सेवाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गईं। इससे पंचायतों की आय और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि हुई।

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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने सामुदायिक शौचालय निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। राज्य में हजारों गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रे-वाटर मैनेजमेंट और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल के माध्यम से पंचायतों की आय में भी वृद्धि हुई है।

 
विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के क्षमता विकास पर भी विशेष जोर दिया है। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाखों जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत गेटवे पोर्टल और परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण जैसे नवाचार ग्रामीण प्रशासन को आधुनिक स्वरूप प्रदान कर रहे हैं। 

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आगामी वर्षों के लिए विभाग ने मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, डिजिटल लाइब्रेरी विस्तार, पंचायत उत्सव भवन और मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Edited By : Chetan Gour

बीएचयू में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का CM योगी ने किया निरीक्षण

बीएचयू में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का CM योगी ने किया निरीक्षण

BHU National Center for Aging

BHU National Center for Aging: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया। सात मंजिला इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने बीएचयू प्रशासन के अधिकारियों को भी परियोजना की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

देश का तीसरा  सेंटर

बुजुर्गों को समर्पित यह अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ देश का तीसरा तथा उत्तर भारत का प्रमुख जरा (वृद्धावस्था) चिकित्सा केंद्र होगा। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। केंद्र में बुजुर्गों के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक (वृद्धावस्था चिकित्सा) ओपीडी संचालित की जाएगी। इसके अलावा मेमोरी क्लीनिक, गठिया (अर्थराइटिस) क्लीनिक समेत वृद्धावस्था से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 

इस केंद्र में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक रेडियोलॉजी एवं जांच सुविधाएं, पुनर्वास सेवाएं, डे-केयर सेंटर, आईसीयू तथा प्राइवेट वार्ड की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही यह संस्थान जरा चिकित्सा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।

 

शैक्षणिक गतिविधियों के तहत यहां जेरिएट्रिक मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों और नर्सों को बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वरिष्ठ चिकित्सकों एवं सीनियर रेजिडेंट की सीटों में वृद्धि के साथ-साथ एमडी जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। वृद्धावस्था संबंधी रोगों पर अनुसंधान, उपचार पद्धतियों का विकास तथा बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने का कार्य भी इस केंद्र में किया जाएगा। नेशनल सेंटर फॉर एजिंग के शुरू होने के बाद पूर्वांचल सहित उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीजों को एक ही छत के नीचे आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

“आपको ऐसा नहीं कहना चाहिए…” जयशंकर के एक मजाकिया जवाब पर फिनलैंड की विदेश मंत्री भी हंस पड़ीं, वीडियो वायरल

“आपको ऐसा नहीं कहना चाहिए…” जयशंकर के एक मजाकिया जवाब पर फिनलैंड की विदेश मंत्री भी हंस पड़ीं, वीडियो वायरल

elina with jaishankar

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन के बीच बातचीत से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स जयशंकर के मजाकिया अंदाज की जमकर सराहना कर रहे हैं।

 

कार्यक्रम में बातचीत के दौरान, जयशंकर ने बताया कि यहां आने से पहले वो और वाल्टोनेन किसी मुद्दे पर बात कर रहे थे। जैसे ही जयशंकर ने ये बात कही तो वाल्टोनेन ने तुरंत ही कहा, 'हमें कई डील साइन की…'। वाल्टोनेन का यह जवाब सुनकर जयशंकर पहले मुस्कुराए और फिर उन्होंने कहा, 'आपको ऐसा नहीं कहना चाहिए।'

जयशंकर का जवाब सुनकर वाल्टोनेन हैरान रह गईं। उन्होंने चौंकाने वाला मुंह बनाया। इस पर कार्यक्रमस्थल पर ठहाके लगने लगे। साथ ही दोनों नेता भी अपनी हंसी रोक नहीं पाए।

 

इसी कार्यक्रम में जयशंकर ने रूस से तेल खरीद को लेकर पश्चिम देशों की आलोचनाओं पर तीखा जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लागत और उपलब्धता के आधार पर पूरा करता है। इस मामले में पश्चिम देशों का रवैया विरोधाभासी रहा है।

edited by : Nrapendra Gupta

जोरहाट एयरबेस पर बड़ा हादसा: लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ वायुसेना का AN-32 विमान, 5 वायुसैनिकों की मौत

जोरहाट एयरबेस पर बड़ा हादसा: लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ वायुसेना का AN-32 विमान, 5 वायुसैनिकों की मौत

fire in airforce AN 32 aircraft

असम के जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान वायुसेना के AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान क्रैश होने के बाद उसमें आग लग गई। विमान 2 हिस्सों में टूट गया और दूर से ही इसका धुआं दिख रहा है। हादसे में 5 वायुसैनिक शहीद हो गए। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

 

भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान एयरफोर्स स्टेशन के परिसर के भीतर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। क्रैश होने के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई। फायर टेंडर गाड़ियों और एक टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।

 

हादसे के बाद जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के कुछ सीनियर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फिलहाल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

 

भारतीय वायुसेना (IAF) ने इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मौके पर स्थिति का बारीकी से आकलन किया जा रहा है और जैसे ही नए तथ्य सामने आएंगे, आगे की जानकारी प्रदान की जाएगी।

 

indian air force an 32

AN-32 मालवाहक विमान की खासियत

AN-32 एयरक्राफ्ट अत्‍यधिक ऊंचाई और ज्‍यादा तापमान में भी ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है। इस विमान को तत्‍कालीन सोवियत संघ से साल 1984 में पहली बार खरीदा गया था। भारत के पास लगभग 100 AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट्स हैं। यह करीब 4 दशक से इसका उपयोग सैनिकों, सैन्य उपकरणों और राहत सामग्री के परिवहन के लिए किया जा रहा है। 

edited by : Nrapendra Gupta

जबलपुर रॉयल लायंस ने लगातार तीन जीत के साथ MPL T20I सीजन 3 में बनाई अपनी मजबूत पकड़

जबलपुर रॉयल लायंस ने लगातार तीन जीत के साथ MPL T20I सीजन 3 में बनाई अपनी मजबूत पकड़

जबलपुर रॉयल लायंस लगातार तीन जीत के साथ सीजन की बेहतरीन शुरुआत करके एमपीएल (MPL) टी20 में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश में है। टीम के इस शानदार प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए कप्तान राहुल बाथम ने कहा, “यह टीम अब तक की सबसे सर्वश्रेष्ठ टीम है। मुझ जैसे अनुभवी खिलाड़ियों, रितिक और पुनीत के साथ-साथ नए चेहरों के आने से हमें अनुभव और ऊर्जा का सही मिश्रण मिला है। लगातार 3 मैचों में अजेय रहने से हमें यह विश्वास मिला है कि हम एमपीएल के इस सीजन में अपना दबदबा बनाए रखेंगे।”

जबलपुर की टीम टूर्नामेंट में अब तक अपराजित रही है और तीनों मैचों में जेआरएल (JRL) ने अच्छे अंतर से जीत दर्ज की है। पहले मैच में पुनीत दांते और पंकज पटेल ने इंदौर की टीम के टॉप ऑर्डर को पहले दो ओवरों में ही ढेर कर मैच पर पकड़ बना ली थी। बल्लेबाजी में अजय रोहेरा और रितिक टाडा ने शानदार पारियां खेलकर टीम को पहली जीत दिलाई।

वहीं, दूसरे मैच में पुनीत ने उज्जैन के खिलाफ गेंदबाजी में एक बार फिर बेहतरीन शुरुआत की। दूसरी पारी में 211 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जेआरएल ने 98 रनों पर 5 विकेट खो दिए थे। ऐसे में आकर्ष सिंह परिहार ने 21 गेंदों में 40 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संभाला। लेकिन मैच के असली हीरो रितिक टाडा और कप्तान राहुल बाथम साबित हुए, जिन्होंने 114 रनों की नाबाद मैच जिताऊ साझेदारी की। इसमें रितिक ने मात्र 32 गेंदों में 91 रन और राहुल ने 23 गेंदों में 46 रन बनाए।

मालवा स्टालियंस के खिलाफ तीसरे मैच में जबलपुर को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया गया। अच्छी शुरुआती साझेदारी के बाद जबलपुर की टीम संकट में फंस गई जब उन्होंने 10 ओवर में 74 रन पर 4 विकेट खो दिए। लेकिन जेआरएल के 'संकटमोचक' अजय रोहेरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक महत्वपूर्ण शतक जड़ा और संजोग सिंह निज्जर के साथ अहम साझेदारी की। स्कोर बोर्ड पर 205 रन टांगने के बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पुनीत और नयनराज मेवाड़ा ने लगातार विकेट झटके और टीम को 54 रनों से जीत दिलाई।

जबलपुर रॉयल लायंस ने हर मैच में एक संपूर्ण टीम प्रदर्शन दिखाया है और कभी भी वे दबाव में नजर नहीं आए। रितिक टाडा ने आगे कहा, “चाहे हमारे कोच और सहयोगी स्टाफ हो या प्रबंधन, हमें हर किसी से सही समर्थन मिल रहा है और यह प्रदर्शन उसी का परिणाम है।”

उनका अगला मुकाबला 15 जून को इंदौर में भोपाल लेपर्ड्स के खिलाफ होगा, जो प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक मैच होने वाला है।